शिक्षक दिवस पर सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि: जानिए क्यों देश भर में 5 सितंबर को ही मनाया जाता है यह खास दिन

शिक्षक दिवस पर सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि: जानिए क्यों देश भर में 5 सितंबर को ही मनाया जाता है यह खास दिन

cm dhami pays tribute to dr radhakrishnan

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने शासकीय आवास पर पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सीएम धामी ने भारतीय शिक्षा और संस्कृति को दिशा देने में उनके योगदान को याद किया और उनके जीवन मूल्यों को सभी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। ALSO READ: उत्तराखंड: सीएम धामी ने 9.91 लाख से अधिक पेंशनर्स के खातों में ट्रांसफर किए 147 करोड़, 5,605 नए लाभार्थी भी जुड़े

 

सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर शासकीय आवास पर महान शिक्षाविद्, पूर्व राष्ट्रपति, ‘भारत रत्न’ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

 

उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन जी ने अपने ज्ञान, विचारों और जीवन मूल्यों से भारतीय शिक्षा एवं संस्कृति को नई दिशा प्रदान की। उनका समर्पित जीवन और शिक्षा के प्रति उनका दृष्टिकोण आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। ALSO READ: द्वाराहाट का मां दूनागिरी मंदिर: 8,000 फीट की ऊंचाई पर विराजमान शक्तिपीठ

5 सितंबर को क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस?

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, जो भारत के दूसरे राष्ट्रपति (1962-1967) और एक महान दार्शनिक, शिक्षक और विचारक भी थे। जब डॉ. राधाकृष्णन भारत के राष्ट्रपति बने, तो उनके छात्रों और दोस्तों ने उनका जन्मदिन, 5 सितंबर, एक विशेष दिन के रूप में मनाने का अनुरोध किया।

 

डॉ. राधाकृष्णन ने इसका उत्तर देते हुए कहा, 'मेरे जन्मदिन को अलग से मनाने के बजाय, अगर इसी दिन को शिक्षक के रूप में मेरे योगदान को याद करते हुए 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाए, तो यह मेरे लिए गर्व की बात होगी।' 

 

अर्थात् डॉ. राधाकृष्णन का यह विचार दर्शाता है कि वे शिक्षा और शिक्षकों को कितना महत्व देते थे। वे मानते थे कि एक समाज की नींव उसके शिक्षक होते हैं, और अगर देश को प्रगति करनी है, तो शिक्षकों को सम्मान देना जरूरी है। उनकी इसी भावना के चलते 5 सितंबर को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाने लगा, ताकि समाज में शिक्षकों के योगदान को सम्मानित किया जा सके। तब से हर साल यह दिन पूरे भारत में शिक्षकों के सम्मान में मनाया जाता है।