Jio Platforms IPO: एंकर बुक 30 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब, ब्लैकरॉक और जेपी मॉर्गन जैसे बड़े नामों ने दिखाई दिलचस्पी

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की Jio Platforms के IPO को लेकर बड़े निवेशकों में जबरदस्त उत्साह है। कंपनी के ₹8,110 करोड़ के एंकर बुक के मुकाबले 30 गुना से ज्यादा मांग आई है। संस्थागत निवेशकों की कुल बोलियां करीब ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई हैं। इस मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, भारतीय IPO बाजार में इतनी बड़ी मांग पहली बार देखने को मिली है।

इस इश्यू में दुनिया की कई बड़ी निवेश कंपनियों और सरकारी निवेश फंड ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें BlackRock, Fidelity Investments, JPMorgan Asset Management, Franklin Templeton, Invesco और Capital Group जैसे नाम शामिल हैं।

दुनिया के बड़े निवेशक लगा रहे दांव

Jio Platforms के IPO में सिंगापुर के GIC, नॉर्वे के Norges Bank Investment Management, Abu Dhabi Investment Authority और Qatar Investment Authority जैसे बड़े सरकारी निवेश फंड भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

विदेशी निवेशकों के अलावा भारतीय म्यूचुअल फंड कंपनियां भी पीछे नहीं हैं। देश के टॉप 10 म्यूचुअल फंड हाउस ने इस इश्यू में दिलचस्पी दिखाई है। इनमें SBI Mutual Fund, HDFC Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund, Nippon India Mutual Fund और Kotak Mahindra Mutual Fund शामिल हैं।

LIC और बड़ी बीमा कंपनियां भी कतार में

इस IPO में देश की बड़ी बीमा और पेंशन कंपनियां भी निवेश करना चाहती हैं। इनमें LIC, HDFC Life, SBI Life, SBI Pension, HDFC Pension और ICICI Prudential के नाम शामिल हैं।

मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, इस इश्यू के लिए कई अरब डॉलर की बोलियां मिली हैं। विदेशी लॉन्ग-टर्म निवेशकों, सरकारी निवेश फंड और पेंशन फंड से बड़ी मांग आई है। टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले वैश्विक फंड और बड़े फैमिली ऑफिस भी इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

सिर्फ टेलीकॉम कंपनी नहीं है Jio

Jio का कारोबार अब मोबाइल कनेक्टिविटी से आगे बढ़ चुका है। कंपनी ब्रॉडबैंड, क्लाउड, एंटरटेनमेंट और एंटरप्राइज सर्विसेज में भी काम कर रही है।

IPO के बाद निवेशकों को Jio Platforms में सीधे निवेश करने का मौका मिलेगा। अभी यह Reliance Industries की सब्सिडियरी है। करीब ₹2.5 लाख करोड़ की मांग और बड़े निवेशकों की दिलचस्पी से बाजार में उतरने से पहले कंपनी को लेकर मजबूत उत्साह दिख रहा है।

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जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से पहले आकाश अंबानी ने कहा-जियो का प्रति GB प्राइस दुनिया में सबसे कम

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज इकाई जियो ने बड़ा प्लान बनाया है। कंपनी का टारगेट वित्त वर्ष 2031 तक भारत की अनुमानित 1.4 लाख करोड़ डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी का बड़ा हिस्सा हासिल करना है। इसके लिए कंपनी अपने बड़े सब्सक्राइबर बेस, 5जी एक्सपैंशन और 5जी क्षमता का इस्तेमाल करेगी। जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने कंपनी के मेगा आईपीओ से पहले इस बारे में बताया।

जियो का प्रति GB प्राइस दुनिया में सबसे कम

अंबानी ने कहा कि जियो का प्रति GB प्राइस दुनिया में सबसे कम है। उन्होंने बताया कि 2016 में कंपनी की टेलीकॉम मार्केट में एंट्री के बाद देश में डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आया है। अभी इंडिया के वायरलेस डेटा ट्रैफिक का 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा जियो के पास है। इस साल जून के अंत में कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या 53.33 करोड़ थी। इसमें 5जी के 28.5 करोड़ यूजर्स शामिल हैं।

प्रति यूजर एवरेज मंथली डेटा कंजम्प्शन 43.7 जीबी

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का प्रति यूजर एवरेज मंथली डेटा कंजम्प्शन 43.7 जीबी था। अंबानी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि FY31 तक भारत की डिजिटल इकोनॉमी 1.4 लाख करोड़ डॉलर की होगी। इसका बड़ा हिस्सा हमारे पास होगा।” उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़े मौके हैं।

आईपीओ से पहले कंपनी का अच्छा प्रदर्शन 

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ इस महीने आ रहा है। इससे पहले कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। FY26 में कंपनी का EBITDA 76,225 करोड़ रुपये रहा। FY24 और FY26 के बीच एबिड्टा की सीएजीआर 17.8 फीसदी रही। कंपनी का एबिड्टा मार्जिन इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 53.3 फीसदी रहा।

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जियो की स्ट्रेटेजी टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित

अंबानी ने कहा कि जियो की स्ट्रेटेजी टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है। मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और इंटरनेशनल सर्विसेज कंपनी के लिए तीन प्रमुख ग्रोथ इंजन हैं। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम मार्केट में जियो की एंट्री के बाद देश में इंटरनेट की स्पीड में बड़ा बदलाव आया है।

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Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; IDBI Bank, HDB Financial और OM Power समेत 15 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 10.50 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 22,612.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 14 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 251.89 प्वाइंट्स यानी 0.34% की गिरावट के साथ 72,781.89 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.25 प्वाइंट्स यानी 0.44% की फिसलन के साथ 22,622.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

ICICI Lombard General Insurance Company Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईसीआईसीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी का मुनाफा 15.47% बढ़कर ₹946.4 करोड़, प्रीमियम से नेट कमाई 17.7% उछलकर ₹6,651.87 करोड़ और टोटल इनकम 19.2% बढ़कर ₹7,843.7 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान बीमा कंपनी का अंडरराइटिंग लॉस भी ₹178.36 करोड़ से ₹318.38 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने हर शेयर पर ₹7 के अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है।

HDB Financial Services Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का मुनाफा 34.2% बढ़कर ₹780.2 करोड़ और प्रीमियम से नेट कमाई 15.6% उछलकर ₹2,533.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Bajaj Consumer Care Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बजाज कंज्यूमर केयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 65.9% बढ़कर ₹70.2 करोड़ और रेवेन्यू 25.5% उछलकर ₹332.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Technologies Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा टेक्नोलॉजीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3.6% बढ़कर ₹171.44 करोड़ और रेवेन्यू 28.4% उछलकर ₹1698.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Ceat Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सिएट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 39.8% फिसलकर ₹112 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 26.2% उछलकर ₹4,762 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी जीरो से ₹13 करोड़ के एक्सपेश्नल लॉस में आ गई, जो कि वालंटरी रिटायरमेंट स्कीम से जुड़ा है।

Mangalore Refinery and Petrochemicals Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 203% बढ़कर ₹1900.8 करोड़ और रेवेन्यू (एक्साइज ड्यूटी छोड़कर) 43.6% उछलकर ₹32,516.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Hathway Cable and Datacom Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हाथवे केबल एंड डेटाकॉम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 44.3% बढ़कर ₹10.16 करोड़ और रेवेन्यू 5.7% उछलकर ₹567.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,187.6 करोड़ का आईपीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड प्रति शेयक ₹1,065–₹1,119 फिक्स किया है। इस इश्यू के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। इसमें ₹500 करोड़ के शेयर तो जियो प्लेटफॉर्म्स के एलिजिबल एंप्लॉयीज और ₹2500 करोड़ के शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज के एलिजिबल शेयरहोल्डर्स के लिए आरक्षित हैं।

IDBI Bank

फेयरफैक्स फाइेंशियल होल्डिंग्स की कनाडा इंक को आईडीबीआई बैंक खरीदने की मंजूरी मिल गई है। सरकार और एलआईसी इसमें कुल मिलाकर 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में बेच रही है। सरकार बैंक में अपनी 30.48% और एलआईसी 30.24% हिस्सेदारी बेच रही है। कनाडा इंक इसे प्रति शेयर ₹81 के भाव पर खरीद रही है। सौदे के बाद सरकार की बैंक में 15% और एलआईसी के पास 19% हिस्सेदारी रह जाएगी।

Dr Reddy’s Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में डॉ रेड्डीज की एफटीओ-9 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की PAI (प्री-अप्रूवल इंस्पेक्शन) पूरी कर ली है। 8-9 अक्टूबर की जां के बाद तीन ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी हुआ है।

Enviro Infra Engineers

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स की सब्सिडियरी सुयोग ऊर्जा को एरी एनर्जी एलएलपी से ₹228 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है। इस प्रोजेक्ट में महाराष्ट्र के लातूर में 100 MW के अजनी विंड पावर प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) टर्न्की काम शामिल हैं।

Om Power Transmission

ओम पावर ट्रांसमिशन को उत्तर गुजरात विज कंपनी से ₹101.56 करोड़ के टर्न्की कॉन्ट्रैक्ट के लिए LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट में अंबाजी में मौजूदा इलेक्ट्रिकल लाइन नेटवर्क को अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क में बदलने और उससे जुड़े अन्य काम हैं।

AceVector

ICICI सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलरशिप ने ऐसवेक्टर के 32.91 लाख शेयर (0.6% हिस्सेदारी) ₹8.6 करोड़ में प्रति शेयर ₹26.27 के भाव पर बेच दिए।

Devson Catalyst

इंडिया मैक्स इन्वेस्टमेंट फंड ने डेवसन कैटलिस्ट के 72,000 इक्विटी शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹2.75 करोड़ में प्रति शेयर ₹382.50 के भाव पर बेच दिए। 15 जुलाई, 2026 तक डेवसन कैटलिस्ट में इंडिया मैक्स इन्वेस्टमेंट फंड की 2.41% हिस्सेदारी (3.27 लाख शेयर) थी।

Fine Line Circuits

वॉलफोर्ट फाइनेंशियल सर्विसेज ने फाइन लाइन सर्किट्स के 25,000 शेयर (0.52% हिस्सेदारी) ₹20.71 लाख में प्रति शेयर ₹82.87 के भाव पर खरीदे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio IPO: कम हो रहा कर्ज का बोझ, आईपीओ से पहले तेजी से हो रहा कैश जेनेरेट

Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी है। उससे पहले कंपनी की सेहत काफी मजबूत हुई है और यह अधिक नगदी जेनेरेट कर रही है तो कर्ज पर इसकी अपनी निर्भरता भी कम हो रही है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का नेट लेवरेज रेश्यो वित्त वर्ष 2024 में 0.88 गुना से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 0.36 गुना रह गया। इससे कंपनी को वित्तीय फैसले लेने में अधिक सहूलियत मिली है। जियो का लक्ष्य अपनी मुनाफे वाली ग्रोथ को आगे बढ़ाने का है। आईपीओ के तहत नए शेयर जारी करके जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम का कर्ज हल्का करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ ऐसे समय में आ रहा है, जब इसका फोकस नेटवर्क का विस्तार करने और नए ग्राहक जोड़ने से हटकर पिछले एक दशक में बनाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर से अधिक कमाई करने पर है। इसका मतलब हुआ कि कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों से कमाई बढ़ाने के साथ-साथ मोबाइल कनेक्टिविटी के अलावा दूसरे कारोबारों को भी डेवलप करने पर फोकस कर रही है।

एंबिट कैपिटल रिसर्च के एनालिस्ट विवेकानंद एस का कहना है कि आईपीओ से जियो की वित्तीय सेहत मजबूत होने की उम्मीद है क्योंकि इसके कैपिटल स्ट्रक्चर अधिक कंजर्वेटिव हो जाएगा। उनका कहना है कि अब अगले चरण की ग्रोथ में कंपनी का फोकस कमाई बढ़ाने पर होगा तो कैपिटल एक्सपेंडिचर पर अधिक कंट्रोल दिख सकता है।

कैसी है Jio Platforms की सेहत

जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबारी सेहत की बात करें तो ऑपरेशंस से इसका रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 में ₹1.10 लाख करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में ₹1.47 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी ₹21,423 करोड़ से बढ़कर ₹30,049 करोड़ हो गया। साथ ही अहम बात ये है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर के बाद कंपनी की नगदी वित्त वर्ष 2024 में ₹1,449 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹42,071 करोड़ हो गई, जिससे इसके सामने भविष्य में निवेश करने और कर्ज हल्का करने की गुंजाइश बढ़ी है।

इस दौरान कंपनी का ARPU यानी प्रति यूजर औसतन मंथली रेवेन्यू ₹181.7 से ₹214 पर पहुंच गया तो प्रति यूजर मासिक डेटा खपत 28.7 GB से बढ़कर 42.3 GB हो गई। विवेकानंद का कहना है कि ग्राहक अनलिमिटेड डेटा और सस्ती सेवाओं का भरपूर फायदा उठा रहे हैं, जिससे कंपनी को कस्टमर सरप्लस के रूप में काफी फायदा मिल रहा है।

जियो ने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश और आक्रामक प्राइसिंग के जरिए देश के मोबाइल मार्केट को बदल दिया, जिससे कॉम्पिटिटर्स को भी ऐसा ही करना पड़ा। हालांकि अब टेलीकॉम इंडस्ट्री को अपनी सर्विस से ज्यादा रेवेन्यू कमाने की जरूरत है। कंपनी ने मोबाइल सर्विस के अलावा एक एंड-टू-एंड 5जी स्टैक डेवलप किया है जिसमें कोर नेटवर्क टेक्नोलॉजी, रेडियो इक्विपमेंट और नेटवर्क सॉफ्टवेयर शामिल हैं। मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स और उसकी यूनिट्स ने 6,817 पेटेंट एप्लीकेशन फाइल किए थे, जिनमें से 1,009 को वैश्विक मंजूरी मिल चुकी थी। जियो ने अपना प्री-6G स्टैक और Giga MIMO रेडियो भी डेवलप किया है, जिसे कंपनी ने पिछले हफ्ते नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस में दिखाया था।

जियो अपने होम ब्रॉडबैंड बिजनेस का भी विस्तार कर रही है। आईपीओ के ड्राफ्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 के आखिरी तक उसके पास 2.71 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कस्टमर थे, जिससे उसका मार्केट शेयर 42.6% हो गया।

कंपनी की योजना पार्टनरशिप और मैनेज्ड-सर्विस अरेंजमेंट के जरिए अपनी खास नेटवर्क टेक्नोलॉजी को विदेशी टेलीकॉम ऑपरेटर्स तक पहुंचाने की भी है। इसके सफल होने पर भारतीय ऑपरेशन्स के अलावा कंपनी के लिए रेवेन्यू का एक और जरिया बन सकता है।

How to read stock chart: चार्ट पढ़ने का सही तरीका, धड़ाधड़ बनेगा शेयर मार्केट से पैसा

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio Platforms ने आईपीओ का प्राइस बैंड तय किया, जानिए इश्यू के बारे में सबसे जरूरी बातें

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बारे में बड़ा अपडेट है। कंपनी का आईपीओ के लिए 1,065-1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय करने का प्लान है। इस आईपीओ के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने यह बताया। कंपनी का टारगेट 10.3 लाख करोड़ रुपये की (107 अरब डॉलर) वैल्यूएशन का है। सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर इस बारे में जानकारी दी।

आईपीओ से 30200 करोड़ जुटा सकती है कंपनी 

ब्लूमबर्ग के कैलकुलेशंस के मुताबिक, प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी आईपीओ से करीब 30200 करोड़ रुपये जुटाएगी। इससे यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज इकाई है। कंपनी का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा। खुलने के दो दिन बाद यह बंद हो जाएगा। सूत्र ने यह जानकारी दी।

एंकर इनवेस्टर्स के लिए 19 अक्टूबर को खुलेगा IPO

एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह आईपीओ 19 अक्टूबर को खुल जाएगा। स्टॉक एक्सचेंजों में शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि प्राइस रेंज, वैल्यूएशन और टाइमिंग के बारे में बातचीत चल रही है। इनमें बदलाव हो सकता है। इस बारे में रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि ने तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा

आईपीओ के लिए कंपनी की वैल्यूएशन पहले की उम्मीद से कम है। इसके बावजूद यह आईपीओ ह्युंडई के आईपीओ से बड़ा होगा। अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई के नाम है। कंपनी ने अक्टूबर 2024 में 27,800 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। जियो ने सेबी के पास जून में आईपीओ के लिए पेपर्स फाइल किया था।

कंपनी ने इन मर्चेंट बैंकर्स को किया है नियुक्त

जून में ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने जियो की वैल्यूएशन 115 से 118 अरब डॉलर रहने का अनुमान जताया था। जियो ने आईपीओ के लिए 19 मर्चेंट बैंकर्स की नियुक्ति की है। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली, बैंक ऑफ अमेरिका कॉर्प, एक्सिस कैपिटल, बीएनपी पारिबा एसए और सिटीग्रुप शामिल हैं।

सितंबर में आया था एनएसई का मेगा आईपीओ 

पिछले महीने एनएसई का आईपीओ आया था। इस इश्यू को अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। लेकिन, शेयर की लिस्टिंग इनवेस्टर्स की उम्मीद से कमजोर रही थी। लिस्टिंग के बाद से एनएसई के शेयरों पर दबाव देखने को मिला है। इसकी वजह शेयर बाजारों का कमजोरी सेंटीमेंट हो सकता है। इस हफ्ते 8 अक्टूबर को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई थी। 9 अक्टूबर को बाजार में रिकवरी दिखी।

अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश में एक लाख करोड़ रुपये निवेश का ऐलान किया

रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने 2 अक्तूबर यानी शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आरआईएल आंध्र प्रदेश में कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट्स लगाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये इनवेस्ट करेगी। इससे 3 लाख से ज्यादा नौकरियों के मौके पैदा होंगे। इससे राज्य को करीब 60,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलेगा।

रिलायंस आईसीए के साथ मिलकर काम करेगी

मदनापल्ले में रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के शिलान्यास कार्यक्रम में अंबानी ने कहा कि रिलायंस नए इंस्टीट्यूशन को सपोर्ट करने के लिए सरकार और किसानों के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने कहा, “आज 40,000 करोड़ के सपोर्ट से रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब से भारत की ग्रोथ स्टोरी में नया मील का पत्थर जुड़ गया है।”

आईसीए का फोकस किसानों की समृद्धि पर होगा

अंबानी ने इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर को एक ऐसा नया संस्थान बताया, जिसका फोकस टेक्नोलॉजी और किसानों की समृद्धि पर होगा। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबु नायडू को संबोधित करते हुए कहा, “25 साल पहले आपने हैदराबाद में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस शुरू किया था। आज आप भारीतय किसानों को अपना आईएसबी देने जा रहे हैं।”

आईसीए किसानों को अपने खेता का सीईओ बनाएगा

उन्होंने कहा, “भारत ने दुनिया को की सीईओ दिए हैं। अब आईएसए भारत के किसानों को अपने खेत का सीईओ बनाएगा।” अंबानी ने कहा कि यह स्कूल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ट्रेडिशनल फार्मिंग नॉलेज को एक साथ लाएगा। इनका इस्तेमाल पेस्ट अलर्ट, क्रॉप हेल्थ-मैपिंग में ड्रोन के इस्तेमाल, रोबोटिक्स, मार्केट इंटेलिजेंस और ग्रीन हाउस टेक्नोलॉजी में होगा।

किसान देश की ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे

उन्होंने कहा, “रिलायंस के ग्रीन एनर्जी बिजनेसेज के जरिए मैं हमारे अन्नदाताओं को ऊर्जदाता बनाने में मदद करना चाहता हूं। हमारे किसान दो देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं अब देश की ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे। भारत ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनेगा।”

किसानों को ट्रेनिंग मॉड्यूल से जोड़ने का प्लान 

अंबानी ने उन चार क्षेत्रों के बारे में बताया, जिसमें रिलायंस स्कूल के साथ मिलकर काम करेगा। गावों में वर्चुअल क्लासरूम्स के जरिए किसानों को ट्रेनिंग मॉड्यूल से जोड़ा जाएगा। जियो कृषि के जरिए टेक्नोलॉजी साझा होगी। युवाओं के लिए बतौर प्रोफेशन हाई-टेक एनिमल हस्बेंड्री को विकसित किया जाएगा।

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युवाओं को स्किल और टेक्नोलॉजी उपलब्ध करानी होगी

उन्होंने कहा, “हमें उन्हें अपने गांवों में ही सफल भविष्य बनाने के लिए स्किल, टेक्नोलॉजी और उद्यम देना होगा।” उन्होंने कहा कि रिलायंस इस इंस्टीट्यूशन को स्ट्रेटेजिक इनवेस्टमेंट, डिजिटल कपैबिलिटीज, टेक्निकल एक्सपर्टाइज और इंडस्ट्री पार्टनरशिप के जरिए मदद करेगी।

किसानों की बेहतर जिंदगी की बुनियाद से शुरुआत

अंबानी ने नायडू को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे आंध्र का बेटा समझिए और मुझे बताइए कि मैं आपके सुंदर राज्य के लिए क्या कर सकता हूं।” उन्होंने कहा कि आज हम सिर्फ शिलान्यास नहीं कर रहे हैं बल्कि हम रूरल एंटरप्राइज, समृद्ध गांव और सस्टेनेबल इंडिया और सबसे जरूरी किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए बुनियाद रख रहे हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसका एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Jio IPO: अगले हफ्ते शुरू हो सकती है निवेशकों से बातचीत, नवंबर में IPO लाने की तैयारी

Jio IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की Jio Platforms IPO लाने की तैयारी में तेजी ला रही है। कंपनी अगले हफ्ते से निवेशकों से औपचारिक बातचीत शुरू कर सकती है। अगर प्लान के मुताबिक सब हुआ तो नवंबर में IPO आ सकता है। यह भारत के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है।

ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया कि Jio Platforms अमेरिका, सिंगापुर, हांगकांग, लंदन और मिडिल ईस्ट में निवेशकों के साथ बैठकें करेगी। ये बैठकें अगले हफ्ते से शुरू हो सकती हैं।

नवंबर में IPO लाने का लक्ष्य

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, Jio Platforms की अपने बैंकर्स के साथ IPO को लेकर बातचीत चल रही है। इसमें नवंबर में IPO लाने का लक्ष्य रखा गया है।

हालांकि, अभी कुछ भी फाइनल नहीं है। IPO का आकार, कंपनी की वैल्यूएशन और टाइमिंग आगे बदल सकती है। Jio Platforms की ओर से इस मामले पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे

Jio Platforms ने 19 जून को IPO के लिए ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट दाखिल किए थे। 28 अगस्त को SEBI से मंजूरी भी मिल गई।

IPO में 27 करोड़ तक नए शेयर जारी किए जाएंगे। ब्लूमबर्ग न्यूज की कैलकुलेशन के मुताबिक, इससे कंपनी की इक्विटी में करीब 2.9% हिस्सेदारी डायल्यूट होगी। कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी।

4 अरब डॉलर तक जुटा सकती है कंपनी

मामले से जुड़े लोगों ने पहले ब्लूमबर्ग को बताया था कि Jio Platforms IPO से 4 अरब डॉलर तक जुटा सकती है।

अगर ऐसा होता है तो यह भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल होगा। Jio Platforms, Reliance Industries के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार का हिस्सा है। इसके पास भारत की सबसे बड़ी वायरलेस कंपनी भी है।

NSE का IPO भी कतार में

भारत का IPO बाजार इस समय काफी सक्रिय है। कई बड़े इश्यू आने की तैयारी में हैं। NSE को भी इस महीने SEBI से IPO की मंजूरी मिल चुकी है। NSE का IPO सितंबर में आने की उम्मीद है। इससे करीब 3 अरब डॉलर जुटाए जाने की संभावना है।

ऐसे में NSE के बाद Jio Platforms का IPO भी बाजार के लिए बड़ा इवेंट हो सकता है।

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Stocks to Watch: 2 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: बुधवार 2 सितंबर को कई बड़ी कंपनियों के शेयरों पर नजर रहेगी। अगस्त की सेल्स, नए ऑर्डर और बड़े बिजनेस अपडेट सामने आए हैं। रिन्यूएबल एनर्जी, FMCG, IT और मेटल सेक्टर की कंपनियां फोकस में रहेंगी। यहां 13 ऐसे स्टॉक्स हैं, जिनमें बुधवार को हलचल देखने को मिल सकती है।

Hero MotoCorp

देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी Hero MotoCorp की घरेलू बिक्री अगस्त में 4.5% बढ़कर 5.42 लाख यूनिट रही। स्कूटर की बिक्री बढ़ने से मोटरसाइकिल की बिक्री में आई गिरावट का असर कम हुआ। कुल बिक्री और एक्सपोर्ट मिलाकर डिस्पैच 2.6% बढ़कर 5.68 लाख यूनिट रहे।

Coal India

सरकारी कोयला कंपनी Coal India ने अगस्त के ई-ऑक्शन में 210.66 लाख टन कोयला ऑफर किया। इसमें से 82.76 लाख टन की एलोकेशन हुई। यानी करीब 39% कोयला बिका। खास बात यह रही कि औसत कीमत नोटिफाइड प्राइस से 59% ज्यादा रही।

NMDC

सरकारी खनन कंपनी NMDC ने अगस्त में उत्पादन बढ़ने की जानकारी दी है। कंपनी का कुल उत्पादन बढ़कर 40.7 लाख टन हो गया। एक साल पहले अगस्त में यह 33.7 लाख टन था। वहीं, बिक्री 35.8 लाख टन रही, जो पिछले साल 33.9 लाख टन थी।

Ujjivan Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंक Ujjivan Small Finance Bank ने बताया कि RBI ने कैरल फर्टाडो को अंतरिम CEO बनाने की मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। वह तीन महीने तक इस पद पर रहेंगी।

Gland Pharma

फार्मा कंपनी Gland Pharma की विशाखापट्टनम स्थित API फैसिलिटी में US FDA ने 24 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच GMP इंस्पेक्शन किया। कंपनी के मुताबिक, इस इंस्पेक्शन के बाद फैसलिटी को US FDA से कोई आपत्ति नहीं मिली है। इसे कंपनी के लिए बड़ा पॉजिटिव अपडेट माना जा रहा है।

Adani Green Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Adani Green Energy की सब्सिडियरी ने गुजरात के खावड़ा में 139 MW का सोलर प्रोजेक्ट चालू कर दिया है। इसके बाद कंपनी की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी बढ़कर 20,280.8 MW हो गई है।

Reliance Industries

तेल से रिटेल तक कारोबार करने वाली Reliance Industries की सब्सिडियरी RCPL ने आइसक्रीम बाजार में एंट्री कर ली है। कंपनी ने ‘Bombay Creamery’ नाम से नया ब्रांड लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹10 रखी गई है। आइसक्रीम को रियल डेयरी क्रीम से तैयार किया जाएगा।

ARSS Infrastructure Projects

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ARSS Infrastructure Projects को ईस्ट कोस्ट रेलवे से करीब ₹104.06 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर हावड़ा-विशाखापट्टनम मुख्य रेल लाइन पर दो रोड ओवर ब्रिज बनाने से जुड़ा है।

Ashiana Housing

रियल एस्टेट कंपनी Ashiana Housing ने अगस्त 2026 में 1.67 लाख वर्ग फुट एरिया की बुकिंग की। इसकी वैल्यू ₹165.93 करोड़ रही। अगस्त तक कंपनी की YTD बुकिंग 11.30 लाख वर्ग फुट तक पहुंच गई, जिसकी कुल वैल्यू ₹1,025.34 करोड़ है।

L&T Finance

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी L&T Finance को IRDAI से कॉरपोरेट एजेंट के तौर पर Perpetual Registration मिल गया है। कंपनी का नया सर्टिफिकेट 31 अगस्त 2026 से लागू हो गया है। इससे कंपनी को इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े कारोबार को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

ITC

FMCG कंपनी ITC की सब्सिडियरी ITC Infotech के साथ Blazeclan Technologies और Cloudlytics Technologies के मर्जर को NCLT की कोलकाता और मुंबई बेंच से मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी ITC Infotech के डिजिटल और क्लाउड कारोबार को मजबूत कर सकती है।

Wipro

IT कंपनी Wipro ने ABB के साथ अपने ग्लोबल डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज एंगेजमेंट को आगे बढ़ाया है। इस समझौते के तहत डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज को बेहतर बनाने और उन्हें आगे डेवलप करने पर काम होगा।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

रिलायंस कंज्यूमर की आइसक्रीम मार्केट में एंट्री; Bombay Creamery ब्रांड लॉन्च, ₹10 शुरुआती दाम

रिलायंस इंडस्ट्रीज की FMCG कंपनी Reliance Consumer Products Limited यानी RCPL ने मंगलवार से देश के आइसक्रीम मार्केट में एंट्री कर ली। कंपनी ने Bombay Creamery नाम से नया आइसक्रीम ब्रांड लॉन्च किया है।

RCPL का कहना है कि वह लंबे समय तक इस बाजार में काम करने के इरादे से उतरी है। कंपनी अपने बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, रिटेल नेटवर्क और कंज्यूमर इनसाइट्स के जरिए इस ब्रांड को आगे बढ़ाएगी।

असली डेयरी क्रीम से बनेगी आइसक्रीम

Bombay Creamery को एक ऐसे प्रीमियम डेयरी ब्रांड के तौर पर पेश किया जा रहा है, जो आम लोगों की पहुंच में हो। कंपनी का फोकस असली डेयरी सामग्री और बेहतर क्वालिटी पर रहेगा।

RCPL के मुताबिक, Bombay Creamery की आइसक्रीम असली डेयरी क्रीम से बनाई जाएगी। कंपनी का दावा है कि वह लोगों को किफायती कीमत पर अच्छी क्वालिटी का प्रोडक्ट देना चाहती है।

₹10 से शुरू होगी कीमत

Bombay Creamery की आइसक्रीम कई फॉर्मेट में मिलेगी। इसमें कोन, कप, टब, बार और स्टिक शामिल हैं। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत ₹10 रखी है।

RCPL के डायरेक्टर टी. कृष्णकुमार ने कहा कि ब्रांड को असली डेयरी सामग्री के इस्तेमाल के विचार के साथ तैयार किया गया है। उनका कहना है कि कंपनी सिर्फ आइसक्रीम कैटेगरी में एंट्री नहीं कर रही, बल्कि लंबे समय तक इस बाजार में बने रहने की तैयारी कर रही है।

पहले पश्चिमी भारत में बिक्री

कंपनी शुरुआत में Bombay Creamery को पश्चिमी भारत के बाजारों में उपलब्ध कराएगी। इसके बाद धीरे-धीरे इसे देश के दूसरे हिस्सों में लॉन्च किया जाएगा। आगे चलकर कंपनी की योजना इसे पूरे भारत में पहुंचाने की है।

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