Stocks to Watch: Tata Motors, RVNL और Goodluck समेत इन स्टॉक्स पर फोकस; हफ्ते के पहले कारोबारी दिन कमाई का मौका

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में तेजी के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 68.50 प्वाइंट्स यानी 0.28% की बढ़त के साथ 24,117.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 19 जून को सेंसेक्स (Sensex) 607.08 प्वाइंट्स यानी 0.78% की गिरावट के साथ 76,802.90 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 154.90 प्वाइंट्स यानी 0.64% की फिसलन के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स ने सेबी के पास आईपीओ का ड्राफ्ट दाखिल किया है। इस आईपीओ के तहत 27 करोड़ नए इक्विटी शेयरों जारी करने की योजना है। आईपीओ से मिलने वाले ₹27,500 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज हल्का करने और आम कॉर्रपोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा।

Tata Motors Commercial Vehicle (Tata Motors CV)

टाटा मोटर्स कमर्शियल वेईकल को अलग-अलग सेगमेंट में 3,400 से ज़्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इनमें लगभग 2,000 SCV और पिक-अप, लगभग 900 ट्रक और लगभग 500 बसों के ऑर्डर शामिल हैं।

Rail Vikas Nigam Ltd (RVNL)

रेल विकास निगम को एनएमडीसी से ₹2,977 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट का लेटर ऑफ़ अवार्ड (LoA) मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट आंध्र प्रदेश के विजग में 10 MTPA की हैंडलिंग क्षमता वाले बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड बनाने के लिए है।

Power Mech Projects

पावर मेक प्रोजेक्ट्स को जेएसडब्ल्यू थर्मल एनर्जी से पश्चिम बंगाल के सालबोनी में 2×800 MW के थर्मल पावर प्रोजेक्ट के बीटीजी एरिया में सिविल और स्ट्रक्चरल काम के लिए ₹1,008.9 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Sun Pharmaceutical Industries

सन फार्मा ने ₹271.2 करोड़ में इनोवकेयर लाइफसाइंसेज के 100% आउटस्टैंडिंग शेयर खरीदने का फैसला किया है। इनोवकेयर लाइफसाइंसेज फार्मास्युटिकल दवाओं, न्यूट्रास्युटिकल्स और कॉस्मेस्युटिकल प्रोडक्ट्स की देश में मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री के बिजनेस में है।

Deep Industries

दीप इंडस्ट्रीज को ओएनजीसी से असम एसेट के लखमानी GGS-5 में गैस कम्प्रेशन चार्टर हायरिंग सर्विस के लिए तीन साल का ‘लेटर ऑफ अवार्ड’ मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल अनुमानित वैल्यू लगभग ₹83.81 करोड़ है।

Bharat Forge

भारत फोर्ज ने रक्षा मंत्रालय के साथ ₹425 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। इसके तहत कोलकाता-क्लास के जहाजों पर ऑनबोर्ड बिजली बनाने के लिए भारतीय नौसेना को गैस टरबाइन जनरेटर सप्लाई किया जाएहा। इस कॉन्ट्रैक्ट पर पांच साल में काम पूरा करना है।

Kirloskar Oil Engines

किर्लोस्कर ऑयल इंजिन्स को डिजिटल इंफ्रा कंपनी हाइपरनेक्स्ट (HyperNext) से एक बड़ा ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर में किर्लोस्कर ऑयल इंजिन्स के 2,500 kVA ऑप्टिप्राइम डुअल कोर पावर सिस्टम की 96 यूनिट्स (कुल 192 MW क्षमता) शामिल हैं।

Goodluck India

गुडलक इंडिया की सब्सिडियरी गुडलक डिफेंस एंड एयरोस्पेस को एक कंपनी से ₹255 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर रेडी-टू-फिल कंडीशन में 155 एमएम लॉन्ग-रेंज एंपटी शेल्स की सप्लाई के लिए है।

Knowledge Marine & Engineering Works

नॉलेज मरीन एंड इंजीनियरिंग वर्क्स (KMEW) को अपनी सब्सिडियरी नॉलेज शिपयार्ड के साथ मिलकर इनलैंड वॉटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IWAI) से ₹66.11 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक पैसेंजर फेरी के डिजाइन, निर्माण, सप्लाई, टेस्टिंग और कमीशनिंग के लिए है। हर फेरी की क्षमता 20 यात्रियों की होगी और कंपनी को इसके मेंटनेंस और सपोर्ट का काम भी संभालना है।

Garden Reach Shipbuilders & Engineers

पब्लिक एंटरप्राइजेज विभाग ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स को ‘नवरत्न’ का दर्जा दिया है।

Patanjali Foods

पतंजलि फूड्स को कन्नूर जिले में ज्वार के आटे के एक बैच की बिक्री पर रोक का आदेश मिला है। यह रोक इसलिए लगाई गई है क्योंकि इसमें क्लोरपायरीफॉस (Chlorpyriphos) कीटनाशक के अवशेष एक लिमिट से अधिक पाए गए थे।

Aavas Financiers

घनश्याम रावत ने आवास फाइनेंसर्स के प्रेसिडेंट और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के पदों से इस्तीफा दे दिया है, जबकि आशुतोष अत्रे ने प्रेसिडेंट और चीफ रिस्क ऑफिसर के पदों से इस्तीफा दिया है। इनका इस्तीफा 21 सितंबर, 2026 से प्रभावी होगा। बोर्ड ने घनश्याम गुप्ता को कंपनी का अंतरिम चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और पुनीत पुरुषोत्तम अग्रवाल को अंतरिम चीफ रिस्क ऑफिसर नियुक्त किया है। इनकी नियुक्तियां आज 22 जून से प्रभावी होंगी।

UCO Bank

सरकार ने यूको बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेंद्र कुमार साबू को मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। उनके पास इसका अतिरिक्त प्रभार 31 अगस्त, 2026 तक या इस पद पर किसी की नियुक्ति होने तक (जो भी पहले हो) रहेगा।

Nestle India

नेस्ले इंडिया के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 3 जुलाई को होनी है, जिसमें स्पेशल डिविडेंड और फाइनल डिविडेंड के प्रस्ताव पर विचार होगा। इसकी रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई फिक्स हो चुकी है।

Himadri Speciality Chemical

हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल ने इंटरनेशनल बैटरी कंपनी (IBC) के साथ अपनी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत किया है। आईबीसी अमेरिका की टेक्नोलॉजी डेवलपर और केमिस्ट्री-एग्नोस्टिक प्रिजमैटिक लिथियम-आयन सेल्स मैन्युफैक्चरर है। हिमाद्री ने इसमें $6.6 लाख का अतिरिक्त निवेश करके इसमें अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20.47% कर ली है। इस निवेश से पहले हिमाद्री ने इंटरनेशनल बैटरी कंपनी में $54.3 लाख का निवेश किया था और पूरी तरह से डाइल्यूटेड आधार पर इसकी 17.29% हिस्सेदारी थी।

General Insurance Corporation of India

वित्त मंत्रालय ने डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज के एडिशनल सेक्रेटरी देबाशीष प्रुस्टी (Debasish Prusty) को तत्काल प्रभाव से जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर नॉमिनेट किया है।

एक्स-डेट

आज डीएमआर इंजीनियरिंग, पैनासोनिक कॉर्बन इंडिया कंपनी और संगम इंडिया के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अनंत अंबानी ने कहा-रिलायंस जामनगर को दुनिया की पहली ऑटोनोमस रिफाइनरी बना रही

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 19 जून को गुजरात के जामनगर स्थितअपनी रिफाइनरी के लिए बड़े प्लान का ऐलान किया। आरआईएल की 49वीं एजीएम में कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस जामनगर की रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी बनाने की तरफ बढ़ रही है।

एफिशियंसी बढ़ाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

अनंत ने शेयरहोल्डर्स को बताया कि रिलायंस अपने ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस की ऑपरेशनल एफिशियंसी बढ़ाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन, इन-हाउस डिजटिल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म्स और स्मॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स पर है।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स से स्पीड और एक्युरेसी बढ़ी है

उन्होंने कहा, “हमारा प्रॉपरायटरी एआई-आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन टूल अब हमें सबसे एफिशियंट क्रूड ब्लेंड का चुनाव करने में मदद करता है।” उन्होंने कहा कि रिलायंस का डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म सप्लाई चेन ऑपरेशन में मदद कर रहा है, जबकि स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स से कस्टमर ट्रांजेक्शन में स्पीड और एक्युरेसी बढ़ाने में मदद मिली है।

ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू 6,62,401 करोड़ रुपये

उन्होंने कहा कि इन डिजिटल फाउंडेशंस के आधार पर हम जामगर रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी के रूप में ऑपरेट करने की तरफ बढ़ रहे हैं। रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू FY26 में 6,62,401 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 5.7 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इस बिजनेस का EBITDA 10.1 फीसदी बढ़कर 60,546 करोड़ रुपये रहा।

चुनौतियों के बीच भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा 

अनंत अंबानी ने कहा कि यह प्रदर्शन ऐसे साल में रहा है, जब क्रूड और प्रोडक्ट मार्केट्स को होर्मुज बंद होने की वजह से काफी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। लेकिन, रिलायंस की डायवर्सिफायड सोर्सिंग और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स से चौथी तिमाही में ऑपरेशन को जारी रखने में मदद मिली। हालांकि, मध्यपूर्व में तनाव का असर मार्जिन पर पड़ा, क्योंकि फ्रेट कॉस्ट और इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ गई।

कंपनी ने एलपीजी की सप्लाई बढ़ाकर चार गुना किया

उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व में तनाव की वजह से सप्लाई में बाधा आने पर रिलायंस ने एलपीजी की सप्लाई बढ़ाकर चार गुना कर दिया। इससे रिलायंस के इंटिग्रेटेड और फ्लेक्सिबल रिफाइनिंग एंड केमिकल कॉम्पलेक्स के फायदों का पता चलता है।

अनंत अंबानी ने कहा-रिलायंस जामनगर को दुनिया की पहली ऑटोनोमस रिफाइनरी बना रही

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 19 जून को गुजरात के जामनगर स्थितअपनी रिफाइनरी के लिए बड़े प्लान का ऐलान किया। आरआईएल की 49वीं एजीएम में कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस जामनगर की रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी बनाने की तरफ बढ़ रही है।

एफिशियंसी बढ़ाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

अनंत ने शेयरहोल्डर्स को बताया कि रिलायंस अपने ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस की ऑपरेशनल एफिशियंसी बढ़ाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन, इन-हाउस डिजटिल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म्स और स्मॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स पर है।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स से स्पीड और एक्युरेसी बढ़ी है

उन्होंने कहा, “हमारा प्रॉपरायटरी एआई-आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन टूल अब हमें सबसे एफिशियंट क्रूड ब्लेंड का चुनाव करने में मदद करता है।” उन्होंने कहा कि रिलायंस का डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म सप्लाई चेन ऑपरेशन में मदद कर रहा है, जबकि स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स से कस्टमर ट्रांजेक्शन में स्पीड और एक्युरेसी बढ़ाने में मदद मिली है।

ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू 6,62,401 करोड़ रुपये

उन्होंने कहा कि इन डिजिटल फाउंडेशंस के आधार पर हम जामगर रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी के रूप में ऑपरेट करने की तरफ बढ़ रहे हैं। रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू FY26 में 6,62,401 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 5.7 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इस बिजनेस का EBITDA 10.1 फीसदी बढ़कर 60,546 करोड़ रुपये रहा।

चुनौतियों के बीच भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा 

अनंत अंबानी ने कहा कि यह प्रदर्शन ऐसे साल में रहा है, जब क्रूड और प्रोडक्ट मार्केट्स को होर्मुज बंद होने की वजह से काफी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। लेकिन, रिलायंस की डायवर्सिफायड सोर्सिंग और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स से चौथी तिमाही में ऑपरेशन को जारी रखने में मदद मिली। हालांकि, मध्यपूर्व में तनाव का असर मार्जिन पर पड़ा, क्योंकि फ्रेट कॉस्ट और इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ गई।

कंपनी ने एलपीजी की सप्लाई बढ़ाकर चार गुना किया

उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व में तनाव की वजह से सप्लाई में बाधा आने पर रिलायंस ने एलपीजी की सप्लाई बढ़ाकर चार गुना कर दिया। इससे रिलायंस के इंटिग्रेटेड और फ्लेक्सिबल रिफाइनिंग एंड केमिकल कॉम्पलेक्स के फायदों का पता चलता है।

आकाश अंबानी ने रखा Jio का AI रोडमैप : कॉल, कारोबार और खेती तक पहुंचेगा एआई

Akash Ambani outlines Jio's AI roadmap

– जियोभारतआईक्यू, एआई व्यापार, जियोहेल्थआईक्यू, जियोलर्नआईक्यू औरजियोकृषिआईक्यू जैसी सेवाएं 

– भारतीय भाषाओं में नेटिव एआई बना रहा जियो, 22 भारतीय भाषाओं में सेवाओं की तैयारी

– रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का सॉवरेन एआई बैकबोन बना रहा है

जियो (Jio) की अगली बड़ी छलांग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि भारत को बाहर बने एआई (AI) का केवल उपभोक्ता नहीं बने रहना चाहिए। भारत को एआई का निर्माता और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए।

 

मुकेश अंबानी ने कहा कि इसी सोच के साथ रिलायंस इंटेलिजेंस (Reliance Intelligence) को कंपनी के नए ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिलायंस इंटेलिजेंस का उद्देश्य उपभोक्ताओं, उद्यमों और सरकारों के लिए बड़े पैमाने पर एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्लेटफॉर्म और सेवाओं का लाभकारी बिजनेस तैयार करना है।

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जियो के चेयरमैन आकाश एम. अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस की सेवाओं और एआई उत्पादों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का सॉवरेन एआई बैकबोन बना रहा है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर रिलायंस की अपनी सौर ऊर्जा से संचालित होगा। इसकी पहली 120 मेगावाट क्षमता 2026 के अंत तक शुरू करने की योजना है। पूरी तरह चालू होने पर यह क्षमता दो लाख से अधिक एच100-इक्विवेलेंट जीपीयू तक बढ़ सकती है।

 

आकाश अंबानी ने कहा, “दुनिया के एआई प्लेटफॉर्म पहले अंग्रेजी में बनते हैं और बाद में उनका अनुवाद किया जाता है। इसके विपरीत, जियो भारतीय भाषाओं में नेटिव एआई बना रहा है। भारत का एआई भारतीय भाषा में बोलेगा। भारत के दिलों को जोड़ेगा। भारत की तस्वीर और तकदीर बदलेगा।”

 

रिलायंस इंटेलिजेंस 22 भारतीय भाषाओं में भरोसेमंद, किफायती और बहुभाषी एआई सेवाएं देने की तैयारी कर रहा है। इनमें जियोभारतआईक्यू, एआई व्यापार, जियोहेल्थआईक्यू, जियोलर्नआईक्यू और जियोकृषिआईक्यू जैसी सेवाएं शामिल होंगी। इन सेवाओं का उद्देश्य किसानों, छात्रों, दुकानदारों, परिवारों और छोटे कारोबारियों तक एआई की उपयोगिता पहुंचाना है।

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जियो अपने नेटवर्क में भी एआई को सीधे जोड़ रहा है। कंपनी जियो कॉल एजेंट पर काम कर रही है। इसके जरिए हर जियो कॉल में, ग्राहक की अनुमति से, एआई एजेंट जुड़ सकेगा। यह कॉल को ट्रांसक्राइब कर सकेगा, उसका सार बना सकेगा और जरूरत पड़ने पर खाना ऑर्डर करने, कैब बुक करने, टेबल रिजर्व करने या मीटिंग तय करने जैसे काम भी कर सकेगा।

 

आकाश अंबानी ने जियो की पांचवीं प्रतिबद्धता को भारत की तकनीक को दुनिया तक ले जाने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि 5जी, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस और एआई सेवाओं के लिए जियो में बनाया गया अपना डीप-टेक स्टैक अब चुनिंदा देशों में अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ इस्तेमाल के लिए तैयार है।

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रिलायंस ने गूगल, मेटा और एनवीडिया के साथ साझेदारियों का भी उल्लेख किया। कंपनी का कहना है कि इन साझेदारियों के जरिए वैश्विक तकनीक को भारतीय क्रियान्वयन, भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और भारत-प्रथम गवर्नेंस के साथ जोड़ा जाएगा।

 

जियो ने जिस तरह डेटा को हर भारतीय के लिए किफायती बनाया था, रिलायंस इंटेलिजेंस अब एआई को आसान, भरोसेमंद और किफायती बनाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी का दावा है कि जब एआई सुलभ होगा, तब भारत केवल एआई युग में भागीदार नहीं रहेगा, बल्कि उसका नेतृत्व करेगा।

आकाश अंबानी ने रखा Jio का AI रोडमैप : कॉल, कारोबार और खेती तक पहुंचेगा एआई

Akash Ambani outlines Jio's AI roadmap

– जियोभारतआईक्यू, एआई व्यापार, जियोहेल्थआईक्यू, जियोलर्नआईक्यू औरजियोकृषिआईक्यू जैसी सेवाएं 

– भारतीय भाषाओं में नेटिव एआई बना रहा जियो, 22 भारतीय भाषाओं में सेवाओं की तैयारी

– रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का सॉवरेन एआई बैकबोन बना रहा है

जियो (Jio) की अगली बड़ी छलांग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि भारत को बाहर बने एआई (AI) का केवल उपभोक्ता नहीं बने रहना चाहिए। भारत को एआई का निर्माता और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए।

 

मुकेश अंबानी ने कहा कि इसी सोच के साथ रिलायंस इंटेलिजेंस (Reliance Intelligence) को कंपनी के नए ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिलायंस इंटेलिजेंस का उद्देश्य उपभोक्ताओं, उद्यमों और सरकारों के लिए बड़े पैमाने पर एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्लेटफॉर्म और सेवाओं का लाभकारी बिजनेस तैयार करना है।

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जियो के चेयरमैन आकाश एम. अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस की सेवाओं और एआई उत्पादों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का सॉवरेन एआई बैकबोन बना रहा है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर रिलायंस की अपनी सौर ऊर्जा से संचालित होगा। इसकी पहली 120 मेगावाट क्षमता 2026 के अंत तक शुरू करने की योजना है। पूरी तरह चालू होने पर यह क्षमता दो लाख से अधिक एच100-इक्विवेलेंट जीपीयू तक बढ़ सकती है।

 

आकाश अंबानी ने कहा, “दुनिया के एआई प्लेटफॉर्म पहले अंग्रेजी में बनते हैं और बाद में उनका अनुवाद किया जाता है। इसके विपरीत, जियो भारतीय भाषाओं में नेटिव एआई बना रहा है। भारत का एआई भारतीय भाषा में बोलेगा। भारत के दिलों को जोड़ेगा। भारत की तस्वीर और तकदीर बदलेगा।”

 

रिलायंस इंटेलिजेंस 22 भारतीय भाषाओं में भरोसेमंद, किफायती और बहुभाषी एआई सेवाएं देने की तैयारी कर रहा है। इनमें जियोभारतआईक्यू, एआई व्यापार, जियोहेल्थआईक्यू, जियोलर्नआईक्यू और जियोकृषिआईक्यू जैसी सेवाएं शामिल होंगी। इन सेवाओं का उद्देश्य किसानों, छात्रों, दुकानदारों, परिवारों और छोटे कारोबारियों तक एआई की उपयोगिता पहुंचाना है।

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जियो अपने नेटवर्क में भी एआई को सीधे जोड़ रहा है। कंपनी जियो कॉल एजेंट पर काम कर रही है। इसके जरिए हर जियो कॉल में, ग्राहक की अनुमति से, एआई एजेंट जुड़ सकेगा। यह कॉल को ट्रांसक्राइब कर सकेगा, उसका सार बना सकेगा और जरूरत पड़ने पर खाना ऑर्डर करने, कैब बुक करने, टेबल रिजर्व करने या मीटिंग तय करने जैसे काम भी कर सकेगा।

 

आकाश अंबानी ने जियो की पांचवीं प्रतिबद्धता को भारत की तकनीक को दुनिया तक ले जाने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि 5जी, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस और एआई सेवाओं के लिए जियो में बनाया गया अपना डीप-टेक स्टैक अब चुनिंदा देशों में अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ इस्तेमाल के लिए तैयार है।

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रिलायंस ने गूगल, मेटा और एनवीडिया के साथ साझेदारियों का भी उल्लेख किया। कंपनी का कहना है कि इन साझेदारियों के जरिए वैश्विक तकनीक को भारतीय क्रियान्वयन, भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और भारत-प्रथम गवर्नेंस के साथ जोड़ा जाएगा।

 

जियो ने जिस तरह डेटा को हर भारतीय के लिए किफायती बनाया था, रिलायंस इंटेलिजेंस अब एआई को आसान, भरोसेमंद और किफायती बनाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी का दावा है कि जब एआई सुलभ होगा, तब भारत केवल एआई युग में भागीदार नहीं रहेगा, बल्कि उसका नेतृत्व करेगा।

Reliance AGM 2026 Live Updates: मुकेश अंबानी ने RIL AGM को किया संबोधित, सभी की निगाहें Jio IPO, AI प्लान्स पर

Reliance AGM 2026 live: रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) जल्द ही होने वाली है, जिसमें इन्वेस्टर कंपनी के कुछ खास ग्रोथ बिज़नेस के अपडेट्स पर करीब से नज़र रखेंगे।उम्मीद है कि इसका फोकस Jio IPO, नए एनर्जी सेगमेंट में प्रोग्रेस और कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एम्बिशन पर रहेगा।

मार्केट रिलायंस की AI स्ट्रैटेजी पर भी करीब से नज़र रखेगा। कंपनी डेटा सेंटर इन्वेस्टमेंट और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के ज़रिए अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फुटप्रिंट को बढ़ा रही है, जिसमें हाल ही में मेटा के साथ जामनगर में घोषित 168 MW का AI-इनेबल्ड डेटा सेंटर प्रोजेक्ट भी शामिल है।

एक और जिस एरिया पर करीब से नज़र रखी जाएगी, वह है रिलायंस का नया एनर्जी बिज़नेस। इन्वेस्टर कंपनी के सोलर मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइज़र प्रोडक्शन के प्लान्स के साथ-साथ उसके कच्छ एनर्जी कॉम्प्लेक्स में डेवलपमेंट्स पर अपडेट्स मांगेंगे।

FY26 में देखे गए मार्जिन प्रेशर के बीच ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और ऑयल एंड गैस बिज़नेस पर मैनेजमेंट कमेंट्री भी फोकस में रहेगी। इसके अलावा, मार्केट डिविडेंड, टेलीकॉम टैरिफ और ग्रुप की बैलेंस शीट पर किसी भी कमेंट पर नज़र रखेगा क्योंकि रिलायंस अपने कंज्यूमर और टेक्नोलॉजी-लेड बिजनेस को बढ़ाना जारी रखे हुए है।

आखिर में, इन्वेस्टर संभावित रिलायंस रिटेल IPO पर सिग्नल देखेंगे। रिटेल ब्रांच कंपनी के लिए एक बड़े ग्रोथ इंजन के तौर पर उभरी है, और लिस्टिंग प्लान या लॉन्ग-टर्म ग्रोथ टारगेट पर किसी भी कमेंट पर स्ट्रीट की करीबी नज़र रहेगी।

आकाश अंबानी का बड़ा बयान, AI युग का डिजिटल गेटवे बनेगा JiO

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ताज़ा नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि कंपनी अब अपने अगले बड़े ग्रोथ फेज की ओर बढ़ रही है, जहां जियो सिर्फ टेलीकॉम नहीं बल्कि भारत का डिजिटल और AI गेटवे बनने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, जियो अब उस चरण में पहुंच चुका है जहां उसकी मजबूत कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में AI आधारित सेवाओं के विस्तार की नींव तैयार कर रही है।

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रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा, “जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब 52 करोड़ 40 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ यह ‘इंटेलिजेंस एरा’ का डिजिटल गेटवे बनने की स्थिति में है। जियो की एडवांस कनेक्टिविटी और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए AI सेवाएं देश के उपभोक्ताओं, घरों और व्यवसायों तक पहुंचेंगी।” 

 

देश का सबसे बड़ा यूजर बेस और तेजी से बढ़ते 5G नेटवर्क के साथ, जियो का फोकस अब कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और गहराई तक ले जाने पर है। जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर को केवल ब्रॉडबैंड सेवा नहीं, बल्कि एक ऐसे कनेक्टिविटी टूल के रूप में देखा जा रहा है, जो घरों और छोटे व्यवसायों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाकर डिजिटल और AI सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ाएगा।

 

मार्च 2026 तक जियो का फिक्स्ड ब्रॉडबैंड यूजर बेस 2 करोड़ 71 लाख तक पहुंच गया है और इसका मार्केट शेयर करीब 43% हो चुका है। जियोएयरफाइबर का सब्सक्राइबर बेस 1 करोड़ 30 लाख है, जो इस विस्तार का बड़ा आधार बनकर उभरा है।

 

डेटा खपत में तेज बढ़ोतरी भी इस बदलाव की अहम कड़ी है। जियो नेटवर्क पर कुल डेटा ट्रैफिक में करीब 35% की सालाना बढ़त दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति डेटा खपत 42.3 GB प्रति माह तक पहुंच गई है। यह बढ़ता डेटा उपयोग आने वाले समय में AI आधारित सेवाओं के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार करेगा। 

 

फाइनेंशियल प्रदर्शन भी इस ट्रेंड को सपोर्ट करता है। Q4 FY26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू  44,928 करोड़ रुपय रहा, जो 12.7% बढ़ा, जबकि EBITDA 20,060 करोड़ रुपय रहा और मार्जिन 52% से ऊपर पहुंच गया। पूरे साल में भी डिजिटल सर्विसेज कंपनी की ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनी रहीं। 

 

इस तरह जियो का मॉडल मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड विस्तार और बढ़ती डेटा खपत मिलकर एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में AI इकोनॉमी के लिए बुनियादी ढांचा बन सकता है।

ईशा अंबानी Isha Ambani

AI और प्राइसिंग पर फोकस, स्केल को वैल्यू में बदलेगा रिलायंस रिटेल : ईशा अंबानी

 

रिलायंस रिटेल अब अपने अगले ग्रोथ फेज में AI आधारित मर्चेंडाइजिंग और बेहतर प्राइसिंग पर फोकस रखेगा, ताकि अपने बड़े नेटवर्क से ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाया जा सके। कंपनी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “FY27 में हमारा ध्यान इस बड़े नेटवर्क के ज़रिए ग्राहकों को ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा पहुंचाने पर रहेगा – AI आधारित मर्चेंडाइजिंग, बेहतर प्राइसिंग और मजबूत निष्पादन के जरिए हम ये करने की कोशिश करेंगे।”

 

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹3.70 लाख करोड़ के पार रहा और EBITDA ₹27,000 करोड़ से अधिक रहा। रिलायंस रिटेल ने 38.7 करोड़ ग्राहकों को 193 करोड़ ट्रांजैक्शंस के जरिए सेवा दी। कंपनी का स्टोर नेटवर्क 20,000 के पार पहुंच गया है, जबकि जियोमार्ट जैसे प्लेटफॉर्म इस नेटवर्क को डिजिटल और हाइपरलोकल डिलीवरी से जोड़ रहे हैं।

 

जियोमार्ट के हाइपरलोकल कॉमर्स में तेज बढ़त दर्ज की गई है। चौथी तिमाही में जियोमार्ट के औसत दैनिक ऑर्डर तिमाही आधार पर 29% और सालाना आधार पर 300% से ज्यादा बढ़े। जियोमार्ट अब 5,100+ पिन कोड और 1,200+ शहरों में सेवाएं दे रहा है, जिसे 3,100 से ज्यादा स्टोर्स का नेटवर्क सपोर्ट कर रहा है। Edited by: Sudhir Sharma