Drishyam 3 Box Office Collection Day 17: अजय देवगन स्टारर की कमाई में बढ़त दर्ज, 17वें दिन कमाए 6.15 करोड़

Drishyam 3 Box Office Collection Day 17: अजय देवगन अभिनीत ‘दृश्यम 3 द कन्क्लूजन’ ने अपने तीसरे रविवार को भी सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन जारी रखा। फिल्म ने 17वें दिन भारत में लगभग 6.15 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की, जिससे इसकी कुल घरेलू नेट कमाई 347.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। अभिषेक पाठक द्वारा निर्देशित इस क्राइम थ्रिलर ने दुनिया भर में 538.15 करोड़ रुपये की कमाई की है। अब यह 550 करोड़ रुपये के वैश्विक आंकड़े के करीब पहुंच गई है।

17वें दिन की कमाई और बॉक्स ऑफिस के आंकड़े

शुक्रवार को 3.10 करोड़ रुपये और शनिवार को 5 करोड़ रुपये की कमाई के बाद रविवार 18 अक्टूबर 2026 को फिल्म ने भारत में 6.15 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। तीसरे वीकेंड के इस प्रदर्शन ने फिल्म की स्थिति को और मजबूत कर दिया है, क्योंकि अब यह घरेलू स्तर पर 350 करोड़ रुपये (नेट) के आंकड़े के करीब पहुंच रही है।

रिपोर्ट के अनुसार फिल्म का भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन 416.15 करोड़ रुपये है, जबकि दुनिया भर में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 538.15 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें से लगभग 122 करोड़ रुपये की कमाई विदेशों से हुई है।

हफ्ते-दर-हफ्ते बॉक्स ऑफिस और विदेशी प्रदर्शन

इस थ्रिलर फिल्म की शुरुआत शानदार रही और इसने अपने पहले हफ्ते में 245.50 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। दूसरे हफ्ते में इसने 87.50 करोड़ रुपये और जोड़े, जिससे 14वें दिन के अंत तक भारत में इसकी कुल नेट कमाई 333 करोड़ रुपये हो गई।

इसके बाद, फिल्म ने 15वें दिन 3.10 करोड़ रुपये और 16वें दिन 5 करोड़ रुपये की कमाई की। वहीं, तीसरे रविवार को फिल्म ने 6.15 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। वीकेंड पर कमाई में आया यह उछाल दिखाता है कि दर्शकों की दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है। हालांकि, वीकडे (सप्ताह के दिनों) की कमाई से ही यह तय होगा कि फिल्म कितनी जल्दी अपने अगले घरेलू माइलस्टोन तक पहुंचती है।

फिल्म के कुल बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन में अंतरराष्ट्रीय बाजारों का बड़ा योगदान रहा है। रिपोर्ट के अनुसार फिल्म ने पहले हफ्ते में विदेशों से 89 करोड़ रुपये और दूसरे हफ्ते में 27 करोड़ रुपये की कमाई की। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म की कुल विदेशी कमाई लगभग 122 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। दुनिया भर में कुल 538.15 करोड़ रुपये की कमाई के साथ, अब यह फिल्म 550 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचने के करीब है।

कलाकार और कहानी

फिल्म में अजय देवगन विजय सलगांवकर के रूप में और तब्बू मीरा देशमुख के रूप में नज़र आएंगी। इनके साथ ही श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव और रजत कपूर भी वापसी कर रहे हैं, और साथ में जयदीप अहलावत और प्रकाश राज भी शामिल हैं। यह क्राइम थ्रिलर विजय के उस संघर्ष को आगे बढ़ाती है, जिसमें वह अपने परिवार को बचाने की कोशिश करता है, जबकि उनके इर्द-गिर्द जांच का दायरा और तेज हो जाता है।

Nayyi Navelli Review: सुपरनैचुरल पावर के साथ यामी गौतम ने मचाया गदर, जानें कैसी है ‘नई नवेली’

फिल्म- नई नवेली

निर्देशक- बालाजी मोहन

कलाकार- यामी गौतम, आदिनाथ एम कोठारे, अनुराग ठाकुर, मीता वशिष्ठ, सुनीता राजवर आदि

रेटिंग- 3.5/5

Nayyi Navelli Review: क्या एक नई नवेली दुल्हन सिर्फ अपने परिवार की खुशियों के लिए घर में आती है? या उसके आने के पीछे कोई ऐसा मकसद भी हो सकता है, जो पूरे परिवार की दुनिया बदल दे? निर्देशक बालाजी मोहन की नई नवेली इसी सवाल को दिलचस्प अंदाज में पेश करती है। यामी गौतम और आदिनाथ एम. कोठारे की यह फिल्म प्यार, रहस्य, कॉमेडी और जादुई शक्तियों के जरिए भारतीय लोककथाओं की दुनिया में ले जाती है। फिल्म का अंदाज थोड़ा अलग है और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत भी है।

फिल्म की कहानी

कहानी मोहनी (यामी गौतम) और राजा अवस्थी (आदिनाथ एम. कोठारे) के प्यार से शुरू होती है। दोनों की शादी जल्दबाजी में हो जाती है, लेकिन इस फैसले के पीछे एक खास वजह छिपी है। कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, अवस्थी परिवार की जिंदगी में कई ऐसे मोड़ आते हैं, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करते हैं।

राजा का भाई बंटू अवस्थी (अनुराग ठाकुर) अपनी भाभी मोहनी पर शक करने लगता है। उसे लगता है कि मोहनी कोई साधारण महिला नहीं, बल्कि एक डायन है। लेकिन फिल्म का असली खेल यहीं शुरू होता है। मोहनी के पास जादुई शक्तियां तो हैं, मगर उसके रहस्य को सिर्फ डायन होने के शक तक सीमित नहीं किया जा सकता। आखिर वह इस परिवार से क्यों जुड़ी है और उसका असली मकसद क्या है? इन सवालों के जवाब ही एक्साइटमेंट पैदा करते हैं।

फिल्म की कहानी में भारतीय लोककथाओं और धार्मिक कहानियों के संदर्भ भी शामिल हैं। रामायण से जुड़ने वाली इसकी कड़ियां कहानी को एक सांस्कृतिक आयाम देती हैं। हालांकि फिल्म इन पहलुओं को किस तरह अपनी कहानी का हिस्सा बनाती है, यही इसका दिलचस्प पक्ष है।

यामी गौतम का चला जादू

मोहनी के किरदार में यामी गौतम पूरी फिल्म पर अपनी छाप छोड़ती हैं। उनके अभिनय में सहजता है और चेहरे के हाव-भाव कई बार बिना ज्यादा संवादों के भी किरदार की भावनाएं जाहिर कर देते हैं। उनका खूबसूरत लुक मोहिनी का राज है, जिसे वो और आकर्षक बनाता है। यामी इस किरदार में सिर्फ ग्लैमर नहीं बल्कि गंभीरता और आत्मविश्वास भी लेकर आती हैं।

आदिनाथ एम. कोठारे राजा के रूप में उनका अच्छा साथ देते हैं। वहीं अनुराग ठाकुर बंटू के किरदार में कहानी के शक और कॉमेडी वाले पहलू को आगे बढ़ाते हैं। सुनीता राजवर, आदित्य कुलश्रेष्ठ, मीता वशिष्ठ, सुष्मिता मुखर्जी, प्रतीक पचौरी, सोनल झा और सुनील सिन्हा सहित बाकी कलाकार भी अपने हिस्से के सीन में प्रभाव छोड़ते हैं। फिल्म में डराने वाले पलों से लेकर हंसाने वाले सीन्स तक, कलाकारों का प्रदर्शन इसकी ताकत है।

डायलॉग और तकनीकी मजबूती

फिल्म की सबसे अच्छी बात इसका देसी अंदाज है। डायलॉग में देसीपन, जो कहानी को आम दर्शकों के करीब लाता है। कई सीन्स में कॉमेडी नैचुलर लगती है और कुछ पल ऐसे हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर मीम्स के रूप में भी पसंद किया जा सकता है।

तकनीकी पक्ष की बात करें तो फिल्म का वीएफएक्स इसके बजट के हिसाब से अच्छा है। सिनेमैटोग्राफी में कुछ खूबसूरत शॉट्स देखने को मिलते हैं। खास बात यह है कि फिल्म का बड़ा हिस्सा एक ही लोकेशन पर शूट होने के बावजूद प्रस्तुति में यूनिकनेस बनाए रखने की कोशिश की गई है। निर्देशक बालाजी मोहन इस सीमित सेटिंग को कहानी के अनुरूप इस्तेमाल करते हैं। हालांकि फिल्म की रफ्तार कुछ जगहों पर बेहतर हो सकती थी। एडिटिंग में थोड़ी और कसावट इसे ज्यादा इंप्रेसिव बना सकती थी। वहीं म्यूजिक जुबान पर चढ़ने वाला नहीं है।

क्या ये है फैमली फिल्म?

नई नवेली में मनोरंजन के साथ सामाजिक कुरीतियों पर तंज कसने वाले डायलॉग भी हैं। फिल्म कुछ जगहों पर मैसेज देने की कोशिश करती है, जबकि लोककथाओं और रामायण से जुड़े संदर्भ इसकी कहानी को भारतीय सांस्कृतिक बैकग्राउंड से जोड़ते हैं। यही पहलू इसे सिर्फ एक सामान्य कॉमेडी या फैंटेसी फिल्म से थोड़ा अलग बनाता है। अगर आप परिवार के साथ कुछ अलग देखना चाहते हैं तो यह फिल्म एक ऑप्शन हो सकती है।

देखें या नहीं

नई नवेली की सबसे बड़ी जीत इसका अनोखा विचार और यामी गौतम का काम है। देसी डायलॉग, को स्टार्स की मौजूदगी और भारतीय लोककथाओं से जुड़ाव इसे मनोरंजक बनाते हैं। वहीं एडिटिंग और म्यूजिक बेहतर हो सकता था। कुल मिलाकर बालाजी मोहन की यह फिल्म कुछ कमियों के बावजूद एक अलग तरह का सिनेमाई अनुभव देने की कोशिश करती है। अगर आपको कॉमेडी और सुपरनैचुलर पावर वाली फिल्म देखना का मन है तो नई नवेली आपके लिए ट्रीट बन सकती है।

Jailer 2 Movie Review: रजनीकांत का ‘वन मैन शो’,विद्या बालन ने दमदार एक्टिंग से किया इंप्रेस

कलाकार- रजनीकांत, विद्या बालन, एस. जे. सूर्या, मिथुन चक्रवर्ती और सूरज वेंजारामूडु

निर्देशक- नेल्सन दिलीपकुमार

निर्माता- सन पिक्चर्स

रेटिंग- 3/5

Jailer 2 Movie Review: रजनीकांत की ‘जेलर 2’ आज रिलीज हो गई है और यह दर्शकों की उम्मीदों और चर्चाओं पर पूरी तरह खरी उतरती है। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है। यहां फिल्म का रिव्यू दिया गया है।

फिल्म की कहानी

टाइगर मुथुवेल पांडियन और उनका परिवार…. बेटे की मौत के बाद तमिलनाडु के एक छोटे से गांव में जाकर बस जाता है। अपने बेटे को खोने के गम से उबरने की कोशिश के बीच टाइगर इस बात का पता लगाने में जुट जाते हैं कि देवी-देवताओं की मूर्तियों की तस्करी के पीछे कौन सा मास्टरमाइंड है। अपने बेटे की मौत के बाद भी टाइगर ने अपनी जांच नहीं रोकी और वे इस पूरी तस्करी के असली कारण तक पहुंचने की कोशिश करते रहे। इस जांच के दौरान उनका सामना कई अपराधियों से होता है। वे किस तरह तस्करी के इस पूरे सिस्टम को खत्म करते हैं, इसी के ईर्दगिर्द कहानी घूमती है।

कलाकार और अभिनय

रजनीकांत के अलावा फिल्म में शिव राजकुमार, मोहनलाल और जैकी श्रॉफ भी हैं, जो अपने परिवार को बचाने के मिशन में मुथु का साथ देते हैं। सूरज वेंजारामूडु, विद्या बालन, एसजे सूर्या, मिथुन चक्रवर्ती और अन्य कलाकारों के कैमियो किरदार बहुत अच्छे से लिखे गए हैं और उन्होंने फिल्म में बेहतरीन काम किया है। ऋतिक रोशन का एक खास कैमियो भी है, जिसका फैंस को बेसब्री से इंतजार था। सिनेमाघरों में दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया।

सभी कलाकारों ने अपने किरदारों में बहुत अच्छा काम किया है और जिन सीन्स में वे शामिल थे, उनकी अहमियत और बढ़ा दी है। किसी भी किरदार को कमतर नहीं दिखाया गया और सभी को बहुत अच्छे से लिखा गया है। रजनीकांत की पत्नी और बहू का किरदार निभाने वालीं राम्या कृष्णन और मिर्ना मेनन के पास इस सीक्वल में करने के लिए बहुत कुछ नहीं है, लेकिन सच तो यह है कि मुथुवेल पांडियन का पूरा मिशन ही अपने परिवार को बचाना है।

यह फिल्म पूरी तरह से रजनीकांत की है। जब भी वे स्क्रीन पर आते हैं तो दर्शकों के लिए वह एक शानदार पल होता है। ऋतिक रोशन का कैमियो दर्शकों के लिए एक बहुत ही रोमांचक पल था। उन्होंने ‘रॉडी’ नाम का किरदार निभाया है, जो जेलर को एक ऐसी स्थिति में बचाने आते हैं जब वह खतरे में होते हैं। वे यह भी कहते हैं, “20 साल पहले आपने मेरी जो मदद की थी, उसे मैं नहीं भूला हूं, भले ही आप भूल गए हों।”

कांथा के रोल में विद्या बालन स्क्रीन पर छा जाती हैं। ‘जेलर 2’ की कहानी में कुछ खास नहीं है। मुथुवेल बस वर्मा के पीछे के मास्टरमाइंड को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ वह मास्टरमाइंड भी उस आदमी को ढूंढने में लगा है, जिसने वर्मा को मारा था। फिल्म में कुछ नए किरदार भी जोड़े गए हैं, जो कहानी को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, ताकि मुथु सही मंजिल तक पहुंच सकें। इस मजेदार फिल्म को इतना शानदार बनाने का श्रेय डायरेक्टर नेल्सन दिलीपकुमार को जाता है।

क्या अच्छा है और क्या नहीं

अनिरुद्ध रविचंदर का बैकग्राउंड म्यूजिक (BGM) और संगीत हर बार जब आप रजनीकांत को स्क्रीन पर देखते हैं तो आपको एक अलग ही जोश से भर देता है। कैमरा वर्क तारीफ के काबिल है। फिल्म में कुछ ऐसे सीन हैं, जो यकीनन दर्शकों को सीट से उठकर सीटी बजाने पर मजबूर कर देंगे, लेकिन ऐसा ज्यादातर पहले हाफ में ही होता है। दूसरे हाफ में कहानी पूरी तरह से एक अलग मोड़ ले लेती है और आपको एक इमोशनल सफर पर ले जाती है।

शिव राजकुमार और मोहनलाल ने पिछले पार्ट की तरह ही शानदार काम किया है। फिल्म में जैकी श्रॉफ के किरदार को न रखा जाता तो भी चलता। फिल्म में कुछ कॉमेडी सीन हैं जो कहानी के प्रवाह में फिट नहीं बैठते। नोरा फतेही के आइटम सॉन्ग की तो कोई जरूरत ही नहीं थी। ‘जेलर 2’ की पूरी कहानी और मुथु के किरदार को और बेहतर तरीके से लिखा जा सकता था, ताकि दर्शक कहानी से पूरी तरह जुड़े रहें।

देखें या नहीं

‘जेलर 2’ एक बेहतरीन कमर्शियल ड्रामा है और रजनीकांत के फैंस के लिए किसी दावत से कम नहीं है। यह एक बहुत ही बढ़िया तरीके से तैयार की गई साउथ इंडियन डिश है, जिसे फेस्टिव सीजन में बहुत अच्छे से परोसा गया है। फिल्म का सिनेमाघरों में जाकर लुत्फ उठाना चाहिए।

कियारा-सिद्धार्थ के घर फिर गूंजेगी किलकारी! नन्ही सारायाह ने दिया खास हिंट

बॉलीवुड की चर्चित जोड़ी Kiara Advani और Sidharth Malhotra ने फैंस के साथ एक बड़ी खुशखबरी शेयर की है। दोनों एक बार फिर माता-पिता बनने की तैयारी में हैं। जुलाई 2025 में बेटी के जन्म के बाद अब कपल ने अपने दूसरे बच्चे के आने की जानकारी दी है। सोशल मीडिया पर सामने आई इस खबर के बाद फैंस से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया है। कपल की इस अनाउंसमेंट ने देखते ही देखते लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

नन्ही बेटी की तस्वीर ने जीता दिल

कियारा ने सोशल मीडिया पर एक बेहद प्यारी तस्वीर साझा की। फोटो में उनकी बेटी सारायाह के नन्हे हाथ में सफेद रंग का एक छोटा सा मोजा दिखाई दे रहा है। बच्ची का हाथ कियारा और सिद्धार्थ ने थाम रखा है। इस तस्वीर के साथ कियारा ने लिखा कि वे एक बार फिर जिंदगी के सबसे बड़े तोहफे से धन्य महसूस कर रहे हैं और उनके दिल प्यार व आभार से भरे हुए हैं। तस्वीर सामने आते ही फैंस ने कमेंट्स में कपल को शुभकामनाएं देनी शुरू कर दीं।

मां बनने के बाद खुद को बदला हुआ महसूस करती हैं कियारा

कियारा इससे पहले कई मौकों पर मां बनने के अनुभव को लेकर खुलकर बात कर चुकी हैं। राज शमानी के पॉडकास्ट में उन्होंने बताया था कि मातृत्व ने उनके व्यक्तित्व को काफी बदल दिया है और अब वह खुद को पहले से बिल्कुल अलग इंसान मानती हैं।

काम पर वापसी को लेकर बातचीत में अभिनेत्री ने यह भी कहा था कि मां बनने के बाद उनके अंदर एक अलग तरह की मजबूती आई है। उन्होंने खुद को पहले से ज्यादा मजबूत और आत्मविश्वासी महसूस करने की बात कही थी।

‘शेरशाह’ के सेट से शुरू हुई थी प्रेम कहानी

कियारा और सिद्धार्थ की प्रेम कहानी की शुरुआत फिल्म ‘शेरशाह’ के दौरान हुई बताई जाती है। दोनों ने अपने रिश्ते को लंबे समय तक निजी रखा, लेकिन समय के साथ उनकी नजदीकियों की चर्चा तेज होती गई।

7 फरवरी 2023 को दोनों ने राजस्थान के जैसलमेर स्थित सूर्यगढ़ पैलेस में करीबी लोगों की मौजूदगी में शादी की। इसके बाद जुलाई 2025 में उनके घर बेटी ने जन्म लिया।

‘शेरशाह’ में सिद्धार्थ ने कैप्टन विक्रम बत्रा का किरदार निभाया था, जबकि कियारा डिंपल चीमा के रोल में नजर आई थीं। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी और इसी फिल्म के दौरान दोनों के रिश्ते ने एक नया मोड़ लिया।

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एक अजगर के पेट में मिले 3 हिरणों के अवशेष, वैज्ञानिक भी रह गए हैरान

फ्लोरिडा के एवरग्लेड्स में शोधकर्ताओं को एक ऐसा मामला मिला, जिसने जंगल में छिपे शिकारियों की दुनिया को समझने का नया रास्ता खोल दिया। एक बर्मीज अजगर के पाचन तंत्र की जांच के दौरान वैज्ञानिकों को सफेद पूंछ वाले हिरण के अवशेष मिले। हैरानी की बात यह थी कि ये अवशेष एक नहीं, बल्कि तीन हिरणों के थे। इनमें दो छोटे हिरण यानी फॉन और एक वयस्क हिरण शामिल था। शोधकर्ताओं के अनुमान के मुताबिक, अजगर ने तीनों को 90 दिनों से भी कम समय में खाया था।

30 फीट का शिकारी नहीं

बर्मीज अजगर अपने शिकार का पीछा करने के बजाय छिपकर हमला करने के लिए जाने जाते हैं। ये लंबे समय तक एक जगह शांत रह सकते हैं और जैसे ही कोई जानवर करीब आता है, अचानक उस पर झपट पड़ते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि हिरण पानी पीते समय या पानी के आसपास घूमते हुए अजगर के निशाने पर आए होंगे। पानी के भीतर या उसके किनारे छिपा अजगर इतने करीब आने तक दिखाई भी नहीं देता होगा।

पेट के अंदर मिले हड्डियों और खुरों ने खोली पूरी कहानी

इस अजगर को पकड़े जाने के बाद उसकी जांच की गई। वैज्ञानिकों को उसके पाचन तंत्र में हड्डियां और हिरणों के खुर मिले। इन्हीं अवशेषों की मदद से उन्होंने शिकार की उम्र और आकार का अनुमान लगाया। शोधकर्ताओं ने हिरणों के प्रजनन चक्र से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के साथ इन अवशेषों का मिलान किया। इससे उन्हें अंदाजा हुआ कि तीनों हिरणों को अलग-अलग समय पर खाया गया था।

असली चिंता तीन हिरण नहीं, बल्कि अनदेखे शिकार हैं

इस खोज ने वैज्ञानिकों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अगर एक अजगर कुछ ही महीनों में तीन हिरणों को अपना शिकार बना सकता है, तो जंगल में ऐसे कितने शिकार हो रहे होंगे जिनका कभी पता ही नहीं चलता? शोधकर्ता स्कॉट बोबैक का सवाल भी इसी ओर इशारा करता है कि अगर अजगर इतने बड़े शिकार कर सकते हैं, तो वे और क्या-क्या खा रहे हैं, जिसका इंसानों को पता नहीं चलता।

एवरग्लेड्स के लिए क्यों बढ़ रही है चिंता?

बर्मीज अजगर फ्लोरिडा में एक आक्रामक प्रजाति है और दक्षिणी फ्लोरिडा में इनके फैलाव को कई स्थानीय स्तनधारी प्रजातियों में गिरावट से जोड़ा गया है। हालांकि, एक घटना से यह साबित नहीं होता कि हर अजगर इसी तरह शिकार करता है।

फिर भी यह खोज महत्वपूर्ण है, क्योंकि जंगल में ऐसे शिकारी को देखना और उनकी वास्तविक संख्या का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। एक शांत दिखने वाला अजगर अपने आसपास के वन्यजीवों पर कितना बड़ा असर डाल रहा है, इस एक घटना ने वैज्ञानिकों को उसकी नई झलक जरूर दिखा दी है।

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अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश में एक लाख करोड़ रुपये निवेश का ऐलान किया

रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने 2 अक्तूबर यानी शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आरआईएल आंध्र प्रदेश में कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट्स लगाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये इनवेस्ट करेगी। इससे 3 लाख से ज्यादा नौकरियों के मौके पैदा होंगे। इससे राज्य को करीब 60,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलेगा।

रिलायंस आईसीए के साथ मिलकर काम करेगी

मदनापल्ले में रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के शिलान्यास कार्यक्रम में अंबानी ने कहा कि रिलायंस नए इंस्टीट्यूशन को सपोर्ट करने के लिए सरकार और किसानों के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने कहा, “आज 40,000 करोड़ के सपोर्ट से रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब से भारत की ग्रोथ स्टोरी में नया मील का पत्थर जुड़ गया है।”

आईसीए का फोकस किसानों की समृद्धि पर होगा

अंबानी ने इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर को एक ऐसा नया संस्थान बताया, जिसका फोकस टेक्नोलॉजी और किसानों की समृद्धि पर होगा। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबु नायडू को संबोधित करते हुए कहा, “25 साल पहले आपने हैदराबाद में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस शुरू किया था। आज आप भारीतय किसानों को अपना आईएसबी देने जा रहे हैं।”

आईसीए किसानों को अपने खेता का सीईओ बनाएगा

उन्होंने कहा, “भारत ने दुनिया को की सीईओ दिए हैं। अब आईएसए भारत के किसानों को अपने खेत का सीईओ बनाएगा।” अंबानी ने कहा कि यह स्कूल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ट्रेडिशनल फार्मिंग नॉलेज को एक साथ लाएगा। इनका इस्तेमाल पेस्ट अलर्ट, क्रॉप हेल्थ-मैपिंग में ड्रोन के इस्तेमाल, रोबोटिक्स, मार्केट इंटेलिजेंस और ग्रीन हाउस टेक्नोलॉजी में होगा।

किसान देश की ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे

उन्होंने कहा, “रिलायंस के ग्रीन एनर्जी बिजनेसेज के जरिए मैं हमारे अन्नदाताओं को ऊर्जदाता बनाने में मदद करना चाहता हूं। हमारे किसान दो देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं अब देश की ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे। भारत ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनेगा।”

किसानों को ट्रेनिंग मॉड्यूल से जोड़ने का प्लान 

अंबानी ने उन चार क्षेत्रों के बारे में बताया, जिसमें रिलायंस स्कूल के साथ मिलकर काम करेगा। गावों में वर्चुअल क्लासरूम्स के जरिए किसानों को ट्रेनिंग मॉड्यूल से जोड़ा जाएगा। जियो कृषि के जरिए टेक्नोलॉजी साझा होगी। युवाओं के लिए बतौर प्रोफेशन हाई-टेक एनिमल हस्बेंड्री को विकसित किया जाएगा।

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युवाओं को स्किल और टेक्नोलॉजी उपलब्ध करानी होगी

उन्होंने कहा, “हमें उन्हें अपने गांवों में ही सफल भविष्य बनाने के लिए स्किल, टेक्नोलॉजी और उद्यम देना होगा।” उन्होंने कहा कि रिलायंस इस इंस्टीट्यूशन को स्ट्रेटेजिक इनवेस्टमेंट, डिजिटल कपैबिलिटीज, टेक्निकल एक्सपर्टाइज और इंडस्ट्री पार्टनरशिप के जरिए मदद करेगी।

किसानों की बेहतर जिंदगी की बुनियाद से शुरुआत

अंबानी ने नायडू को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे आंध्र का बेटा समझिए और मुझे बताइए कि मैं आपके सुंदर राज्य के लिए क्या कर सकता हूं।” उन्होंने कहा कि आज हम सिर्फ शिलान्यास नहीं कर रहे हैं बल्कि हम रूरल एंटरप्राइज, समृद्ध गांव और सस्टेनेबल इंडिया और सबसे जरूरी किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए बुनियाद रख रहे हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसका एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Drishyam The Conclusion Movie Review: और बेहतरीन हो सकता था विजय सलगांवकर फेयरवेल…..

फिल्म- दृश्यम द कन्क्लूजन

निर्देशक- अभिषेक पाठक

कलाकार- अजय देवगन, श्रिया सरन, तब्बू, प्रकाश राज, रजत कपूर, जयदीप अहलावत

रेटिंग-3/5

Drishyam The Conclusion Movie Review: फाइनली लंबे इंतजार के बाद अजय देवगन की पॉपुलर फ्रैंचाइजी का आखिरी पार्ट ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ रिलीज हो गया है। फिल्म ने रिलीज के पहले से काफी बज बनाया हुआ है। वहीं एंडवांस बुकिंग में भी अच्छा कलेक्शन किया हुआ है। लेकिन क्या वाकई फिल्म उम्मीदों पर खरी उतरी है, चलिए आपको बताते हैं।

फिल्म की कहानी

पार्ट वन से शुरू हुआ विजय सलगांवकर और पुलिस के बीच का खेल पार्ट 2 में बेहद इंट्रेस्टिंग हो जाता है। दूसरे पार्ट की कहानी ऐसे मोड़ पर खत्म होती है, जहां से दर्शकों का पार्ट 3 के लिए इंतजार चरम पर होता है। हर कोई जानने को बेताब था कि आखिरकार विजय का राज पुलिस के सामने खुल पाता है या फिर से वह बच जाएगा। वहीं विजय इस बार खुद नियति के भरोसे होता है। आर या पार…..। स्टोरी ‘दृश्यम 2’ की कहानी को आगे बढ़ाती हैं। ‘दृश्यम 3’ देखने से पहले पिछली फिल्मों की कहानी पता होना बेहद जरूरी है, वरना ये सिर के ऊपर जाएगी।

कहानी बेटे समीर को खोने और उसके कातिल को सजा न दिला पाने वाली पूर्व आईजी मीरा देशमुख यानी तब्बू के खुदखुशी करने से शुरू होती है। अपनी पत्नी को बुरे हाल में देखकर उसके पति महेश देशमुख यानी रजत कपूर बेटे के केस को री-ओपन करने की रिक्वेस्ट करता हैं। केस खुलने के बाद कहानी में एंट्री होती हैं क्राइम ब्रांच के एसपी राजवीर सिंह तोमर यानी जयदीप अहलावत की।

तोमर अपने आप को ‘शनि’ बताता है। राजवीर की पैनी नजरें विजय सलगांवकर और उसके परिवार पर गड़ी हैं। विजय का पूरा परिवार फिर से पुलिस, केस, कोर्ट के चक्कर में फंसने लगते हैं। पुलिस के पास विजय के झूठ का पर्दाफाश करने के लिए नए सबूत के साथ ही गवाह भी हैं। वहीं एक भी केस न हारने वाला वकील इंद्रजीत शेट्टी यानी प्रकाश राज का साथ भी है। अब ‘2 अक्टूबर को क्या हुआ था?’ के साथ-साथ ’23 जुलाई को किस जुर्म को अंजाम दिया गया?’ और विजय सलगांवकर इस बच पाता है या नहीं इन सब सवालों के जवाब के लिए आपको फिल्म को देखना होगा।

भागती हुई फिल्म की कहानी

इस बार कहानी कहने में अभिषेक पाठक ने थोड़ी जल्दबाजी कर दी है। अपने अंत तक पहुंचने में विजय काफी भागता हुआ नजर आता है। फिल्म ने ‘फैमिली मैन’ विजय को लगभग पूरी तरह से साइड कर दिया है। फिल्म के पहले हिस्से में श्रिया सरन और विजय की दोनों बेटियों (इशिता दत्ता और मृणाल जाधव) को बेहद कम स्क्रीन स्पेस और डायलॉग मिले हैं। यही बात कहानी को कमजोर करती है। ओरिजिनल ‘दृश्यम’ को इतना असरदार उसके परिवार ने बनाया था। विजय सिर्फ पुलिस को चकमा देने वाला आदमी नहीं था, वह एक ऐसा पति और पिता भी था जो अपने परिवार की हर तरह से सुरक्षा करता है। उसकी आम और प्यारी छोटी सी दुनिया ने ही उसके असाधारण कामों को और भी ज्यादा दिलचस्प बना दिया था। इस बार फिल्म सिर्फ विजय पर फोकस करती है। कहीं न कही जितनी जरूरत नहीं थी उससे ज्यादा तनाव के माहौल को क्रिएट किया गया है। मोटामोटी कहें तो फिल्म इससे बेहतरीन फेयलवेल डिजर्व करती थी।

कैसा है क्लाइमेक्स?

इस बार में सस्पेंस उम्मीद से कम है और ड्रामेबाजी ज्यादा है। क्लाइमेक्स आपको बहुत ज्यादा इंप्रेस नहीं कर पाता है। जैसे-जैसे फिल्म अपने क्लाइमेक्स की ओर जाती है, इसमें जबरदस्ती वाला ड्रामा देखने को मिलता है, जो आपको बड़े खुलासे के लिए थोड़ा उत्सुक बनाता है। लेकिन जब यह समझ आता है कि विजय जैसा स्कूल ड्रॉपआउट अपनी चालाकी को कैसे अंजाम देता है, तो फिल्म पूरी तरह से बेहद आम सी हो जाती है। वह शानदार प्लानिंग जिसने कभी हमें विजय के दिमाग़ की तारीफ करने पर मजबूर किया था, वह यहां आकर न के बराबर हो जाती है।

कलाकार

काम के मामले में अजय देवगन शानदार हैं इसमे कतई शक नहीं किया जा सकता है। अपनी आंखों से एक्टिंग करने के लिए मशहूर उन्होंने फिल्म में भी इसका जादू दिखाया हैं। नंदिनी के रोल में श्रिया सरन को अपनी छाप छोड़ने के लिए बस एक ही सीन मिला है। जयदीप अहलावत राजवीर के रोल में शानदार हैं। टॉप लॉयर इंद्रजीत शेट्टी के रोल में प्रकाश राज ठीक हैं। अमर मोहिले का बैकग्राउंड स्कोर ने फिल्म की शान को बरकरार रखा है।

फिल्म देखें या नहीं

‘दृश्यम: द कंक्लूजन’ में दर्शकों के लिए एक फिल्म कम और यादों का खजाना ज्यादा है। फ्रैंचाइजी को लोगों ने बहुत प्यार दिया। फिल्म बढ़िया है, लेकिन थोड़ा और शानदार तरीके से पेश की जा सकती थी। फिल्म को सिनेमाघरों में एक बार देखने जाना चाहिए। आखिर विजय के साथ क्या होता आपको भी तो जानना है।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो: 5 एकड़ के पॉलीहाउस से ₹29 लाख की कमाई! जानिए मेरठ के किसान रवींद्र की कामयाबी की कहानी

इंडिया एक्सपो मार्ट में इस समय उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो चल रहा है। इस ट्रेड शो में मेरठ के किसान किसान रवींद्र कुमार चर्चा में हैं। रवींद्र का खेती और उससे जुड़े नए कारोबारी प्रयोग लोगों को काफी पसंद आ रहा हैं। ट्रेड शो में पॉलीहाउस तकनीक से तैयार की गई ताजी सब्जियां, रंग-बिरंगे फूल और शहद खास तौर पर लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। इन उत्पादों को देखने और खरीदने में देश-विदेश से आए कारोबारी और दर्शक भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। ट्रेड शो में किसानों की आधुनिक खेती और उससे होने वाले कारोबार को भी दिखाया गया है। आइए जानते हैं क्या है रवींद्र की कहानी

बयान के मुताबिक, इंडिया एक्सपो मार्ट में हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट के आउटलेट पर मेरठ के किसान और एग्री-एंटरप्रेन्योर अपने अलग-अलग कृषि उत्पादों को प्रदर्शित कर रहे हैं। इनमें जरबेरा और गुलाब के फूल, कमल का तना, शिमला मिर्च, बैंगन और शहद जैसे उत्पाद शामिल हैं।

शिमला मिर्च की करते हैं खेती

मेरठ के सरधना क्षेत्र के खेड़ा गांव के किसान रवींद्र कुमार ने बागवानी विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाया है। उन्होंने करीब पांच एकड़ जमीन में पॉलीहाउस लगाकर खेती शुरू की। रवींद्र कुमार अपने पॉलीहाउस में अलग-अलग रंगों की शिमला मिर्च उगा रहे हैं, जिनका वजन करीब 300 से 400 ग्राम तक होता है। उनकी पीली, हरी और लाल शिमला मिर्च की दिल्ली की आजादपुर मंडी में अच्छी मांग है। रवींद्र कुमार के मुताबिक, इस खेती से उनका सालाना कारोबार 29 लाख रुपये से अधिक तक पहुंच गया है।

बढ़ गई फूलों की मांग

कुमार इससे पहले भी ट्रेड शो में हिस्सा ले चुके हैं और उनका मुताबिक कि ऐसे आयोजनों से उनके उत्पादों को नए खरीदार मिले और बाजार में उनकी पहचान बढ़ी। इस साल रवींद्र कुमार के जरबेरा और गुलाब के फूलों की मांग बढ़ी है। कई इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां फूल खरीदने के लिए उनसे संपर्क कर रही हैं, वहीं कुछ कंपनियों के साथ कारोबार को लेकर समझौता करने की बातचीत भी चल रही है। कुमार के मुताबिक, सरकारी योजनाओं की मदद से किसानों को खेती के नए तरीके अपनाने और बाजार की जरूरत के हिसाब से फसल तैयार करने का मौका मिल रहा है, जिससे उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिल रही है।

शहद भी बना आकर्षण का केंद्र

उत्तर प्रदेश के बागवानी राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने ट्रेड शो में विभाग के स्टॉल का दौरा कर किसानों के उत्पादों की जानकारी ली और उनका उत्साह बढ़ाया। वहीं, मेरठ की रैंट्रोव नेचुरल कंपनी का शहद भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कंपनी चलाने वाले युवा भाई-बहन राखी अघेरा और भरत अघेरा ने बताया कि पिछले साल उनकी कंपनी को इंडोनेशिया, मलेशिया और वियतनाम से कुल 46 टन शहद का ऑर्डर मिला था।

Video: 5,700 पौधों से भर दिया पूरा घर, इस पाकिस्तानी शख्स ने आखिर क्यों उठाया ये कदम?

पाकिस्तान के पंजाब स्थित पट्टोकी में एक ऐसा घर है, जो अपनी अनोखी हरियाली के कारण लोगों का ध्यान खींच रहा है। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य मकान जैसा लगता है, लेकिन अंदर कदम रखते ही चारों तरफ पेड़-पौधे नजर आते हैं। घर की दीवारों, दरवाजों और आसपास की जगहों को इस तरह पौधों से सजाया गया है कि पूरा मकान किसी छोटे जंगल जैसा दिखाई देता है। इस हरे-भरे घर के पीछे Mian Asghar Ali की सालों की मेहनत और अपनी मां के लिए पूरा किया गया एक सपना है।

दरअसल, उनकी मां चाहती थीं कि घर में एक खूबसूरत बगीचा हो। Asghar ने इस छोटी-सी इच्छा को गंभीरता से लिया और 2016 में कुछ पौधों के साथ शुरुआत की। धीरे-धीरे उनका यह शौक जुनून में बदल गया और आज घर में हजारों पेड़-पौधे मौजूद हैं। अब यह मकान स्थानीय लोगों के साथ सोशल मीडिया यूजर्स के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

50 पौधों से शुरू हुई थी कहानी

साल 2016 में Asghar ने करीब 50 पौधे खरीदकर इस सपने की शुरुआत की। उन्होंने 10 पौधे घर के अंदर लगाए, जबकि करीब 40 पौधे बाहरी दीवार के आसपास लगाए गए। शुरुआत में उन्हें खुद भी लगता था कि इतने छोटे घर में ज्यादा पौधों के लिए जगह कहां होगी। लेकिन मां के चेहरे की निराशा देखकर उन्होंने अपना इरादा बदल लिया और धीरे-धीरे घर में पौधों की संख्या बढ़ाते चले गए।

लोगों ने कहा ‘पागल’, फिर बदल गई सोच

जैसे-जैसे पौधे बढ़ते गए, Asghar ने उन्हें दरवाजों, दीवारों और घर के अलग-अलग हिस्सों में जगह देना शुरू किया। उनका यह तरीका लोगों को अजीब लगा और कई लोग उन्हें पागल तक कहने लगे। लेकिन वक्त के साथ तस्वीर बदल गई। जब लोगों ने घर को हरियाली से भरा खूबसूरत ठिकाना बनते देखा तो आलोचना की जगह तारीफ शुरू हो गई।

रोज सुबह पौधों के साथ बीतते हैं घंटे

Asghar की दिनचर्या भी इस हरियाली से जुड़ी हुई है। फज्र की नमाज के बाद वह रोज करीब दो से तीन घंटे पौधों को पानी देने और उनकी देखभाल में लगाते हैं।इस पूरे प्रोजेक्ट पर अब तक वह 40 लाख पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा खर्च कर चुके हैं। पौधों की देखभाल पर हर महीने करीब 30 हजार पाकिस्तानी रुपये खर्च होते हैं, जिसमें नए पौधे, मिट्टी, गार्डनिंग टूल्स और रखरखाव शामिल है।

5,700 से ज्यादा पेड़-पौधों का घर

कुछ पौधों से शुरू हुआ यह जुनून अब करीब 5,700 पेड़-पौधों तक पहुंच चुका है। Asghar ने ऐसे पौधों की किस्मों को चुना है जो तेज धूप और कड़ाके की सर्दी को सह सकें। इससे उन्हें हर मौसम में पौधों को ढकने जैसी अतिरिक्त परेशानी नहीं होती।

वायरल हुआ तो दूर-दूर से आने लगे लोग

जब इस अनोखे घर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई। अब दूर-दराज से लोग इस घर को देखने पहुंचते हैं। Asghar बताते हैं कि पहले घर में पर्याप्त रोशनी नहीं थी, लेकिन लोगों के आने के बाद उन्होंने पूरे घर में लाइट्स लगवा दीं, जिससे रात में भी यह जगह रोशनी और हरियाली से जगमगाती नजर आती है।

अब 10 हजार पौधों का लक्ष्य

5,700 से ज्यादा पौधों के बाद भी Asghar रुकना नहीं चाहते। उनका अगला लक्ष्य घर में 10,000 पौधे लगाना है। इसके साथ ही वह Guinness World Records में नाम दर्ज कराने की कोशिश करने की योजना भी बना रहे हैं।

मां की खुशी से शुरू हुआ जुनून

Asghar की कहानी सिर्फ एक असामान्य बगीचा बनाने की नहीं है। इसकी शुरुआत अपनी मां के चेहरे पर खुशी देखने की इच्छा से हुई थी। कुछ पौधों से शुरू हुआ यह प्रयास आज हजारों पेड़-पौधों वाले ऐसे घर में बदल चुका है, जिसे देखने लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।

सोशल मीडिया पर भी इस घर को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। किसी ने इसे धरती के लिए खूबसूरत तोहफा बताया, तो किसी ने इतने पेड़-पौधों के भार को लेकर घर की संरचना और नींव की मजबूती पर सवाल उठाए।

Video: 81 साल की उम्र में पत्नी के लिए 14 घंटे उठाता रहा भारी सामान, कहानी सामने आते ही लोगों ने जुटाए ₹2 करोड़

दो दोस्तों ने अचार बेच खड़ा किया 80 करोड़ का कारोबार! जानें कैसे बदली किस्मत

मेरिका में दो दोस्तों का अचार से जुड़े वीडियो बनाने का शौक करोड़ों के बिजनेस में बदल गया। दोनों पहले सोशल मीडिया पर अचार के वीडियो बनाकर शेयर करते थे। लोगों को उनके वीडियो पसंद आने लगे और धीरे-धीरे उनकी पहचान बढ़ गई। इसके बाद दोनों ने नौकरी छोड़कर अपना फूड स्टार्टअप शुरू किया। आज उनका अचार ब्रांड बड़े रिटेल स्टोर्स तक पहुंच चुका है और कंपनी अब अचार से आगे नए फूड प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी में है। आज उनका यह कारोबार 80 करोड़ रुपये से ज्यादा का बन चुका है।

लीह मार्कस और यासमन बख्तियार ने 2023 में TikTok पर अचार से जुड़े वीडियो शेयर करना शुरू किया। लोगों की बढ़ती दिलचस्पी देखकर दोनों ने नौकरी छोड़कर अपना फूड ब्रांड शुरू करने का फैसला किया। आइए जानते हैं क्या है पूरी कहानी

कैसे शुरू किया अचार बिजनेस

लीह मार्कस और यासमन बख्तियार के स्टार्टअप ‘गुड गर्ल स्नैक्स’ ने फरवरी 2024 में ‘हॉट गर्ल पिकल्स’ नाम से अपना अचार ब्रांड शुरू किया। ‘हॉट गर्ल पिकल्स’ को फरवरी 2024 में बाजार में उतारा गया था। शुरुआत में कंपनी ने अपनी वेबसाइट के जरिए सीधे ग्राहकों तक अचार पहुंचाया। ब्रांड का नाम और उसकी पहचान बनाने में सोशल मीडिया पर चलने वाले ट्रेंड्स का भी असर रहा। सीधे ग्राहकों को ऑनलाइन अचार बेचने से फाउंडर्स को यह समझने का मौका मिला कि उनके प्रोडक्ट को लोग कितना पसंद कर रहे हैं। उनके पोडक्ट पर किस तरह का रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस अनुभव के बाद कंपनी ने बड़े रिटेल स्टोर्स में विस्तार किया।

बड़े स्टोर तक पहुंच रहा कारोबार

लॉस एंजिल्स की यह कंपनी ऑनलाइन बिक्री से शुरू होकर अब बड़े स्टोर्स तक पहुंच गई है। कंपनी के कारोबार ने अब बड़ा विस्तार कर लिया है। ‘हॉट गर्ल पिकल्स’ की बिक्री वेबसाइट के अलावा होल फूड्स मार्केट और इरेवन जैसे स्टोर्स में भी होने लगी है। ग्राहकों की सुविधा के लिए कंपनी ने छोटे ग्रैब-एंड-गो पैक भी बाजार में उतारे हैं। अब लोग पारंपरिक जार के साथ इन छोटे पैकेट्स में भी अचार खरीद सकते हैं। कंपनी युवाओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग फ्लेवर और आकर्षक पैकेजिंग पर फोकस कर रही है। CNBC Make It की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने 30 लाख डॉलर की सीड फंडिंग जुटाई है और हाल ही में इसकी अनुमानित वैल्यू 85 लाख डॉलर यानी करीब 81.4 करोड़ रुपये आंकी गई।

लोगों से ली मदद

अचार के कारोबार को शुरू करने के लिए लीह मार्कस और यासमन बख्तियार ने कई लोगों से मदद और सलाह ली। उन्होंने USC के कुछ दोस्तों से बिजनेस के बारे में सीखा और LinkedIn के जरिए इंडस्ट्री के लोगों से फंडिंग, कामकाज और सामान की सप्लाई की जानकारी जुटाई। शुरुआत में दोनों ने दोस्तों और परिवार की मदद से कंपनी के लिए पैसे जुटाए। लीह मार्कस और यासमन बख्तियार ने अपने परिवार और संस्कृति से जुड़े स्वाद को अचार में शामिल किया है। दोनों के परिवारों पर पर्शियन, इजिप्शियन और ट्यूनीशियाई खाने का असर रहा है। अब वे अचार के अलावा नए स्नैक्स और दूसरे फूड प्रोडक्ट्स भी लॉन्च करना चाहते हैं, जिन्हें युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।