Jio IPO: ‘कमाई बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर फोकस’, आकाश अंबानी ने कहा- सिर्फ टैरिफ बढ़ाने पर नहीं रहेगा जोर

Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी कमाई बढ़ाने के लिए सिर्फ मोबाइल रिचार्ज महंगे करने पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी अब डेटा की बढ़ती खपत, प्रीमियम डिजिटल सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड और कॉरपोरेट सेवाओं से कमाई बढ़ाने की तैयारी में है। Jio का लक्ष्य अपने 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों से ज्यादा रेवेन्यू हासिल करना है।

Jio Platforms के चेयरमैन आकाश अंबानी ने Moneycontrol को बताया कि कंपनी हर GB डेटा के लिए ज्यादा पैसे वसूलने को ही कमाई बढ़ाने का एकमात्र तरीका नहीं मानती। उनके मुताबिक, टैरिफ कारोबार का एक हिस्सा है। लेकिन कमाई बढ़ाने के दूसरे रास्ते भी हैं।

Jio ग्राहकों को देगी प्रीमियम सेवाएं

Jio अपनी डिजिटल सेवाओं को और बेहतर बनाने पर काम कर रही है। कंपनी चाहती है कि ग्राहक प्रीमियम सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करें। इसके अलावा, होम ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस इंटरनेट का विस्तार भी किया जाएगा।

कंपनी कॉरपोरेट ग्राहकों के साथ अपना कारोबार बढ़ाना चाहती है। साथ ही, इंटरनेट कनेक्शन के साथ दूसरी सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी। इनमें OTT वीडियो, म्यूजिक, क्लाउड स्टोरेज और AI आधारित सेवाएं शामिल हैं।

आकाश अंबानी के मुताबिक, ग्राहक इन सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे, तो कमाई बढ़ाने के नए मौके मिलेंगे। प्रीमियम इंटरनेट कनेक्टिविटी और AI सेवाएं भी इसमें अहम भूमिका निभा सकती हैं।

Airtel से पीछे है Jio की प्रति ग्राहक कमाई

वित्त वर्ष 2026 में Jio की औसत प्रति यूजर कमाई यानी ARPU 214 रुपये प्रति माह रही। वहीं, Bharti Airtel की ARPU 257 रुपये थी।

एनालिस्ट्स का मानना है कि Jio के पास कमाई बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। कंपनी के पास ग्राहकों की संख्या ज्यादा है। उसके नेटवर्क पर डेटा का इस्तेमाल भी काफी होता है। ऐसे में प्रीमियम सेवाओं और डेटा की बढ़ती खपत से कंपनी को फायदा मिल सकता है।

हालांकि, आकाश अंबानी ने यह नहीं बताया कि अगली बार मोबाइल टैरिफ कब बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि आने वाले समय में कीमतें किस स्तर पर स्थिर हो सकती हैं। उनके मुताबिक, टैरिफ का फैसला ग्राहकों की जरूरत, बाजार में प्रतिस्पर्धा, महंगाई और नेटवर्क पर होने वाले निवेश को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO

Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO 21 अक्टूबर को खुला है और 23 अक्टूबर को बंद होगा। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। इसके लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है।

इस IPO में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं है। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये है। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर होनी है।

₹27,500 करोड़ से चुकाया जाएगा कर्ज

वित्त वर्ष 2026 में Jio Platforms का रेवेन्यू 1.47 लाख करोड़ रुपये रहा। कंपनी को 30,049 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ। वहीं, EBITDA 76,255 करोड़ रुपये रहा।

IPO से मिलने वाली रकम में से 27,500 करोड़ रुपये Reliance Jio Infocomm का कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। यह Jio Platforms की सब्सिडियरी कंपनी है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Jio Platforms IPO: एंकर बुक 30 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब, ब्लैकरॉक और जेपी मॉर्गन जैसे बड़े नामों ने दिखाई दिलचस्पी

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की Jio Platforms के IPO को लेकर बड़े निवेशकों में जबरदस्त उत्साह है। कंपनी के ₹8,110 करोड़ के एंकर बुक के मुकाबले 30 गुना से ज्यादा मांग आई है। संस्थागत निवेशकों की कुल बोलियां करीब ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई हैं। इस मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, भारतीय IPO बाजार में इतनी बड़ी मांग पहली बार देखने को मिली है।

इस इश्यू में दुनिया की कई बड़ी निवेश कंपनियों और सरकारी निवेश फंड ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें BlackRock, Fidelity Investments, JPMorgan Asset Management, Franklin Templeton, Invesco और Capital Group जैसे नाम शामिल हैं।

दुनिया के बड़े निवेशक लगा रहे दांव

Jio Platforms के IPO में सिंगापुर के GIC, नॉर्वे के Norges Bank Investment Management, Abu Dhabi Investment Authority और Qatar Investment Authority जैसे बड़े सरकारी निवेश फंड भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

विदेशी निवेशकों के अलावा भारतीय म्यूचुअल फंड कंपनियां भी पीछे नहीं हैं। देश के टॉप 10 म्यूचुअल फंड हाउस ने इस इश्यू में दिलचस्पी दिखाई है। इनमें SBI Mutual Fund, HDFC Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund, Nippon India Mutual Fund और Kotak Mahindra Mutual Fund शामिल हैं।

LIC और बड़ी बीमा कंपनियां भी कतार में

इस IPO में देश की बड़ी बीमा और पेंशन कंपनियां भी निवेश करना चाहती हैं। इनमें LIC, HDFC Life, SBI Life, SBI Pension, HDFC Pension और ICICI Prudential के नाम शामिल हैं।

मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, इस इश्यू के लिए कई अरब डॉलर की बोलियां मिली हैं। विदेशी लॉन्ग-टर्म निवेशकों, सरकारी निवेश फंड और पेंशन फंड से बड़ी मांग आई है। टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले वैश्विक फंड और बड़े फैमिली ऑफिस भी इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

सिर्फ टेलीकॉम कंपनी नहीं है Jio

Jio का कारोबार अब मोबाइल कनेक्टिविटी से आगे बढ़ चुका है। कंपनी ब्रॉडबैंड, क्लाउड, एंटरटेनमेंट और एंटरप्राइज सर्विसेज में भी काम कर रही है।

IPO के बाद निवेशकों को Jio Platforms में सीधे निवेश करने का मौका मिलेगा। अभी यह Reliance Industries की सब्सिडियरी है। करीब ₹2.5 लाख करोड़ की मांग और बड़े निवेशकों की दिलचस्पी से बाजार में उतरने से पहले कंपनी को लेकर मजबूत उत्साह दिख रहा है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

4 reasons to buy the Tesla Model Y L and 3 reasons not to

4 reasons to buy the Tesla Model Y L and 3 reasons not to
Tesla Model Y L front quarter

The Model Y L is the long-wheelbase, 6-seat version of Tesla‘s Model Y SUV. Priced at Rs 61.99 lakh (ex-showroom), it costs Rs 11.10 lakh more than the rear-wheel-drive Model Y. It is also pricier than rivals such as the BMW iX1 LWB and BYD Sealion 7. But does the Y L justify that premium? Here’s how it stacks up.

Reasons to buy the Tesla Model Y L

Spacious and quiet

Extra length frees up more room, while its cabin is remarkably hushed

Tesla Model Y L second row

With a 3,040mm wheelbase, the Model Y L is 150mm longer between the axles than the standard Model Y. It’s also 40mm taller, freeing up noticeably more space on the inside. The Y L is a 6-seater with front seats that are comfy and get extended under-thigh support. The individual captain’s chairs in the middle row are very comfortable and feature powered armrests, plus heating and cooling functions. Passengers seated here won’t complain about legroom or headroom.

Tesla Model Y L rear screen

Adding to their convenience is an 8-inch touchscreen capable of playing videos, plus cupholders and charging ports. Unlike many three-row offerings, the third row of the Model Y L has enough space for adults to sit in reasonable comfort. The inclusion of dedicated AC vents, cupholders and Type-C ports comes in handy as well.

Tesla Model Y L boot

Another pro here is the Model Y L’s boot, which is rated at 420 litres with all seats up – this grows to a capacious 1,076 litres with the third row folded. Then there’s some more space under the boot floor, and a 117-litre frunk, should you need even more luggage space. Refinement is another strong point of this cabin. It’s remarkably quiet, thanks to the double-glazed windows that shut out most of the wind, tyre and road noise.

Loaded with tech

Long list of features will keep tech-savvy folks entertained

Tesla Model Y L touchscreen

Taking centre stage on the otherwise minimalistic dashboard is the massive 16-inch touchscreen, which is easily among the sharpest and most responsive units around. Its integrated Grok AI assistant is capable of handling tasks such as setting the climate control, along with plotting routes on the navigation system and of course, finding suitable chargers. The assistant understands multiple languages and also learns the user’s preferences over time.

Tesla Model Y L centre console

The Tesla Model Y L’s feature highlights include an 18-speaker audio system with a subwoofer, dual wireless chargers, multi-colour ambient lighting and a panoramic glass roof. The front and middle-row seats are heated, ventilated and powered, while the third-row seats get a heated function too. Safety kit includes 9 airbags, lane-keeping assist, blind-spot monitoring, and high-definition surround-view cameras. As with every Tesla, the Model Y L can also receive over-the-air (OTA) updates.

Brisk performance, composed ride

Dual-motor Model Y L is seriously quick for a family car

Tesla Model Y L rear quarter tracking

Where the standard Model Y is rear-wheel drive only, the Y L uses two motors and all-wheel drive (AWD). While Tesla hasn’t released official power figures, it’s estimated to output 514hp and 590Nm of torque. Tesla also claims a 0-100kph time of 4.5 seconds, which is quick for a two-tonne SUV. The Model Y L doesn’t feel intimidating to drive, with power building smoothly and the AWD system providing plenty of grip. In addition to the ‘Chill’ drive mode, the Y L also gets a ‘Sport’ mode.

Tesla Model Y L handling

There are no issues overtaking slower-moving traffic, as the Model Y L gets past them effortlessly. The regenerative braking is smooth as well. When you’re ambling around town, the ‘Standard’ regen setting is more than adequate and progressive, so you can drive without stepping on the brake pedal most of the time. The revised suspension of the Model Y L also gets adaptive dampers for better control over body movements and a more composed ride over the standard model.

Long range

Y L has the legs over the standard Model Y

Tesla Model Y L charging

The Model Y L uses an NMC battery pack estimated to be rated at 88kWh, as Tesla doesn’t usually publish the official battery capacity. The American brand does claim a WLTP range of 681km for the Model Y L, which is more than that of the rear-wheel-drive Model Y. DC fast charging of up to 250kW is supported, while AC charging is rated at 11kW. Plug it into a Tesla Supercharger, and the Model Y L can gain up to 288km of range in 15 minutes.

Reasons not to buy the Tesla Model Y L

Big footprint, low clearance

Large dimensions and low ground clearance call for extra care in town

Tesla Model Y L side

The Model Y L’s large dimensions make driving it in tight spaces a bit of a chore. Despite the light steering, its large turning circle makes parking this Tesla quite a tricky affair. Another issue is the ground clearance, or lack thereof. At just 166mm (unladen), large speed breakers need to be tackled carefully to avoid scraping the underbody.

Over-reliance on the touchscreen

Even basic functions are buried in menus

Tesla Model Y L touchscreen menus

Unless you’re tech-savvy, the lack of physical buttons or shortcuts will get on your nerves. Almost every function on the Model Y L is controlled through the touchscreen. Simple tasks like changing the climate settings, adjusting the mirrors or opening the frunk all require you to dig through menus. Getting used to this setup will take time, and it can easily become distracting while driving.

Hot cabin, awkward third-row access

Large glass area and third-row access come with their own cons

Tesla Model Y L glass roof

The Tesla Model Y L doesn’t get any blinds for its windows or a cover for its massive glass roof – instead making do with a tint. Considering the expansive glass area, this cabin heats up quickly on sunny days. The rear windscreen does without any tints, which only adds to the problem for third-row passengers.

Tesla Model Y L third row

Getting to this last row is a cumbersome task, requiring you to squeeze in between the narrow gap of the middle-row seats. The seats are also slow to fold out of the way. Once you’re sat in the third row, you’ll have to assume a knees-up position.

Jio IPO: ‘जियो ने फाइल किए 7220 पेटेंट एप्लिकेशन’, आकाश अंबानी ने कहा- ग्लोबल टॉप 20 में शामिल इकलौती भारतीय कंपनी

Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन आकाश अंबानी का कहना है कि ने 7,220 पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं। ये दुनिया की उन टॉप 20 कंपनियों में शामिल इकलौती भारतीय कंपनी है, जिन्होंने वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन (WIPO) की पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी रैंकिंग में जगह बनाई है।

Jio Platforms की ओर से IPO के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल करने के एक दिन बाद आकाश अंबानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। उन्होंने बताया कि कंपनी की टेक्नोलॉजी को डेवलप करने में 12,000 से ज्यादा इंजीनियरों की टीम लगी हुई है।

अपनी टेक्नोलॉजी पर जोर दे रही है Jio

आकाश अंबानी ने कहा कि Jio ने अपनी टेक्नोलॉजी खुद डेवलप करने पर जोर दिया है। इससे कंपनी को बाहरी टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता।

उन्होंने कहा, ;हमने अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए अपना टेक्नोलॉजी स्टैक बनाया है।’ टेक्नोलॉजी स्टैक का मतलब उन तकनीकों, सॉफ्टवेयर और सिस्टम से है, जिनकी मदद से कंपनी अपनी सेवाएं चलाती है।

इन कारोबारों पर रहेगा कंपनी का फोकस

आकाश अंबानी के मुताबिक, आने वाले समय में कंपनी का जोर मोबाइल सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार पर रहेगा।

उन्होंने बताया कि Jio फिलहाल भारत के कुल डेटा ट्रैफिक का करीब 60% हिस्सा संभालती है। इससे देश में कंपनी के टेलीकॉम कारोबार के बड़े पैमाने का अंदाजा लगाया जा सकता है।

दुनिया में सबसे बड़ा 5G सब्सक्राइबर बेस

आकाश अंबानी ने कहा कि Jio ने करीब तीन साल पहले 5G नेटवर्क का विस्तार शुरू किया था। अब चीन को छोड़कर दुनिया में उसके पास सबसे बड़ा 5G सब्सक्राइबर बेस है।

कंपनी के ग्राहकों में डेटा की खपत भी तेजी से बढ़ी है। आकाश अंबानी के मुताबिक, Jio का हर ग्राहक औसतन हर महीने 43.7 GB डेटा इस्तेमाल कर रहा है।

उन्होंने बताया कि डेटा की कीमत भी काफी कम हुई है। पहले एक GB डेटा के लिए करीब 228 रुपये खर्च करने पड़ते थे। वित्त वर्ष 2026 तक यह कीमत घटकर 7.5 रुपये प्रति GB रह गई।

21 अक्टूबर को खुलेगा Jio Platforms IPO

यह जानकारी ऐसे समय आई है, जब रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है।

कंपनी ने 14 अक्टूबर को IPO के लिए RHP दाखिल किया था। इसके तहत शेयर का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये तय किया गया है। IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा।

इस इश्यू में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी इस IPO के जरिए अधिकतम 30,213 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।

Reliance Jio Origin Story: ईशा अंबानी ने सुनाया जियो की शुरुआत का दिलचस्प किस्सा, वो घटना जिसने भारत में ला दी डिजिटल क्रांति

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Stock Market Outlook: ‘शेयर बाजार में निवेश का सही मौका’, राजेश कोठारी ने कहा- 3 साल में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न

Stock Market Outlook: AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले 3 से 5 साल में अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसके पीछे कंपनियों की कमाई में सुधार, अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयरों की वाजिब वैल्यूएशन जैसे कारण हैं।

CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा कि अब इक्विटी में निवेश बढ़ाने का समय है। निवेशकों को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, तीनों तरह के शेयरों में मौके तलाशने चाहिए। पिछले दो साल में बाजार से खास रिटर्न नहीं मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है।

अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा

कोठारी के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल और ऊंची ब्याज दरों की चिंताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 17-18%, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 20% और पर्सनल लोन में 16% की बढ़ोतरी इसका संकेत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।

खपत, सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर और निर्यात में सुधार भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। कंपनियों की कमाई में भी सुधार दिख रहा है। साथ ही, बाजार की वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत P/E रेशियो से नीचे है।

FII की बिकवाली हर कंपनी के लिए खतरे का संकेत नहीं

कोठारी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को सिर्फ भारत से उनकी नाराजगी के तौर पर नहीं देखना चाहिए। निवेशकों को नेट खरीद-बिक्री के बजाय कुल खरीद और बिक्री पर भी नजर डालनी चाहिए।

उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक उन कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसलिए बिकवाली का कारण कई बार देश के बजाय किसी खास कंपनी का कमजोर प्रदर्शन होता है।

इन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौके

कोठारी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), एयरोस्पेस, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में संभावनाएं दिख रही हैं। EMS सेक्टर को सरकार की PLI स्कीम और भारतीय कंपनियों की बढ़ती उत्पादन क्षमता से मदद मिल रही है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज भी उनकी पसंद में शामिल हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और नियंत्रित क्रेडिट लागत से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है। उन्हें स्पेशियलिटी केमिकल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ट्रैवल, मीडिया व डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म कारोबार में भी अवसर दिखते हैं।

हर शेयर में तेजी की उम्मीद न करें

कोठारी ने स्टॉक चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, पिछले पांच साल में कोई भी लार्जकैप कंपनी हर साल 20% की ग्रोथ दर्ज नहीं कर पाई। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी करीब 8% ही लगातार इतनी ग्रोथ हासिल कर पाईं।

उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियां अब कर्ज-मुक्त हो चुकी हैं। इससे कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

Reliance Jio Origin Story: ईशा अंबानी ने सुनाया जियो की शुरुआत का दिलचस्प किस्सा, वो घटना जिसने भारत में ला दी डिजिटल क्रांति

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Reliance Jio Origin Story: ईशा अंबानी ने सुनाया जियो की शुरुआत का दिलचस्प किस्सा, वो घटना जिसने भारत में ला दी डिजिटल क्रांति

Reliance Jio Origin Story: रिलायंस जियो के मेगा IPO के ऐतिहासिक ऐलान के बीच, ईशा अंबानी ने वह दिलचस्प किस्सा शेयर किया है कि कैसे एक छोटी सी इंटरनेट समस्या ने भारत के सबसे बड़े डिजिटल नेटवर्क ‘रिलायंस जियो’ को जन्म दिया। इसके साथ ही उन्होंने रिलायंस ग्रुप के बिजनेस फिलॉसफी, नेट-डेट फ्री बनने के सफर और अपने दादा धीरूभाई अंबानी के 50 साल पुराने सपने को याद किया।

2009 की वो एक घटना… और हुआ Reliance Jio का जन्म

ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे एक असाइनमेंट सबमिट न हो पाने की वजह से देश में डिजिटल क्रांति का विचार उपजा। उन्होंने बताया, ‘बात 2009-2010 की है। आकाश और मैं अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे और छुट्टियों में बॉम्बे वाले घर आए हुए थे। मुझे अपना एक कॉलेज असाइनमेंट ऑनलाइन सबमिट करना था, लेकिन इंटरनेट न चलने की वजह से मैं उसे जमा नहीं कर सकी।’

उन्होंने बताया कि, इसके बाद घर में इस बात पर लंबी चर्चा हुई कि आखिर भारत कनेक्टिविटी के मामले में पश्चिम के देशों से भारत क्यों पीछे है?

आकाश अंबानी का मानना था कि इसका एकमात्र समाधान भारत में एक मजबूत ‘डिजिटल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म कंपनी’ तैयार करना है। इसी सोच के साथ 2016 में जियो की नींव रखी गई, जो आज 2026 में देश का सबसे बड़ा डिजिटल नेटवर्क बन चुका है।

रिलायंस की सफलता के 3 मूल मंत्र: लॉन्ग-टर्म विजन, स्केल और एग्जीक्यूशन

ईशा अंबानी ने बताया कि रिलायंस में बिजनेस बनाने की फिलॉसफी तीन मुख्य स्तंभों पर टिकी है:

लॉन्ग-टर्म पर्सपेक्टिव: रिलायंस केवल आज या कल के लिए नहीं सोचता, बल्कि आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर दांव लगाता है।

स्केल: कंपनी हमेशा उस स्तर का स्केल हासिल करने का लक्ष्य रखती है जो उस पूरे उद्योग की इकोनॉमिक्स को बुनियादी तौर पर बदल दे।

एग्जीक्यूशन: रिलायंस एक गहराई से तकनीकी कंपनी है। किसी भी प्रोजेक्ट को तय समय और सटीकता से पूरा करना कंपनी की आदत में शामिल है।

‘फाइनेंशियल प्रूडेंस’ और वादे पर खरे उतरने की मिसाल

अपने बयान में ईशा अंबानी ने रिलायंस की वित्तीय अनुशासन और शेयरधारकों के प्रति प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया, साल 2019 में मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को 2021 तक ‘नेट-डेट फ्री’ बनाने का वादा किया था। 2020 में कोरोना महामारी और वैश्विक मंदी आने के बावजूद, कंपनी ने समय सीमा से 9 महीने पहले ही रिलायंस को कर्जमुक्त बना दिया’।

धीरूभाई अंबानी का 50 साल पुराना सपना और 29% एनुअलाइज्ड रिटर्न

रिलायंस इंडस्ट्रीज की ऐतिहासिक यात्रा को याद करते हुए ईशा अंबानी ने अपने दादा धीरूभाई अंबानी को नमन किया। 1977 में धीरूभाई अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज का आईपीओ (IPO) लेकर आए थे, जिसे लगभग 50 साल पूरे हो चुके हैं। इन 50 वर्षों में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने शेयरधारकों को 29% का सालाना रिटर्न दिया है।

उन्होंने कहा, ‘मेरे दादाजी के लिए रिलायंस सिर्फ एक कंपनी नहीं थी। रिलायंस एक वादा है कि हर भारतीय को भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनने, इसकी समृद्धि को साझा करने और एक बेहतर भविष्य पर विश्वास करने का अवसर मिलना चाहिए।’

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; IDBI Bank, HDB Financial और OM Power समेत 15 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 10.50 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 22,612.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 14 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 251.89 प्वाइंट्स यानी 0.34% की गिरावट के साथ 72,781.89 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.25 प्वाइंट्स यानी 0.44% की फिसलन के साथ 22,622.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

ICICI Lombard General Insurance Company Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईसीआईसीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी का मुनाफा 15.47% बढ़कर ₹946.4 करोड़, प्रीमियम से नेट कमाई 17.7% उछलकर ₹6,651.87 करोड़ और टोटल इनकम 19.2% बढ़कर ₹7,843.7 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान बीमा कंपनी का अंडरराइटिंग लॉस भी ₹178.36 करोड़ से ₹318.38 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने हर शेयर पर ₹7 के अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है।

HDB Financial Services Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का मुनाफा 34.2% बढ़कर ₹780.2 करोड़ और प्रीमियम से नेट कमाई 15.6% उछलकर ₹2,533.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Bajaj Consumer Care Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बजाज कंज्यूमर केयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 65.9% बढ़कर ₹70.2 करोड़ और रेवेन्यू 25.5% उछलकर ₹332.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Technologies Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा टेक्नोलॉजीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3.6% बढ़कर ₹171.44 करोड़ और रेवेन्यू 28.4% उछलकर ₹1698.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Ceat Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सिएट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 39.8% फिसलकर ₹112 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 26.2% उछलकर ₹4,762 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी जीरो से ₹13 करोड़ के एक्सपेश्नल लॉस में आ गई, जो कि वालंटरी रिटायरमेंट स्कीम से जुड़ा है।

Mangalore Refinery and Petrochemicals Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 203% बढ़कर ₹1900.8 करोड़ और रेवेन्यू (एक्साइज ड्यूटी छोड़कर) 43.6% उछलकर ₹32,516.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Hathway Cable and Datacom Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हाथवे केबल एंड डेटाकॉम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 44.3% बढ़कर ₹10.16 करोड़ और रेवेन्यू 5.7% उछलकर ₹567.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,187.6 करोड़ का आईपीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड प्रति शेयक ₹1,065–₹1,119 फिक्स किया है। इस इश्यू के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। इसमें ₹500 करोड़ के शेयर तो जियो प्लेटफॉर्म्स के एलिजिबल एंप्लॉयीज और ₹2500 करोड़ के शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज के एलिजिबल शेयरहोल्डर्स के लिए आरक्षित हैं।

IDBI Bank

फेयरफैक्स फाइेंशियल होल्डिंग्स की कनाडा इंक को आईडीबीआई बैंक खरीदने की मंजूरी मिल गई है। सरकार और एलआईसी इसमें कुल मिलाकर 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में बेच रही है। सरकार बैंक में अपनी 30.48% और एलआईसी 30.24% हिस्सेदारी बेच रही है। कनाडा इंक इसे प्रति शेयर ₹81 के भाव पर खरीद रही है। सौदे के बाद सरकार की बैंक में 15% और एलआईसी के पास 19% हिस्सेदारी रह जाएगी।

Dr Reddy’s Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में डॉ रेड्डीज की एफटीओ-9 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की PAI (प्री-अप्रूवल इंस्पेक्शन) पूरी कर ली है। 8-9 अक्टूबर की जां के बाद तीन ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी हुआ है।

Enviro Infra Engineers

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स की सब्सिडियरी सुयोग ऊर्जा को एरी एनर्जी एलएलपी से ₹228 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है। इस प्रोजेक्ट में महाराष्ट्र के लातूर में 100 MW के अजनी विंड पावर प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) टर्न्की काम शामिल हैं।

Om Power Transmission

ओम पावर ट्रांसमिशन को उत्तर गुजरात विज कंपनी से ₹101.56 करोड़ के टर्न्की कॉन्ट्रैक्ट के लिए LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट में अंबाजी में मौजूदा इलेक्ट्रिकल लाइन नेटवर्क को अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क में बदलने और उससे जुड़े अन्य काम हैं।

AceVector

ICICI सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलरशिप ने ऐसवेक्टर के 32.91 लाख शेयर (0.6% हिस्सेदारी) ₹8.6 करोड़ में प्रति शेयर ₹26.27 के भाव पर बेच दिए।

Devson Catalyst

इंडिया मैक्स इन्वेस्टमेंट फंड ने डेवसन कैटलिस्ट के 72,000 इक्विटी शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹2.75 करोड़ में प्रति शेयर ₹382.50 के भाव पर बेच दिए। 15 जुलाई, 2026 तक डेवसन कैटलिस्ट में इंडिया मैक्स इन्वेस्टमेंट फंड की 2.41% हिस्सेदारी (3.27 लाख शेयर) थी।

Fine Line Circuits

वॉलफोर्ट फाइनेंशियल सर्विसेज ने फाइन लाइन सर्किट्स के 25,000 शेयर (0.52% हिस्सेदारी) ₹20.71 लाख में प्रति शेयर ₹82.87 के भाव पर खरीदे।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 15 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, राजेश एक्सपोर्ट्स से टाटा टेक्नोलॉजीज तक शामिल

Stocks to Watch: 15 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों से जुड़ी अहम खबरों के चलते निवेशकों की नजर कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर रहेगी। कहीं तिमाही नतीजों में मुनाफे की तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है, तो कहीं कमाई पर दबाव दिखा है। कुछ कंपनियों को नए ऑर्डर मिले हैं, जबकि कुछ में बड़े कारोबारी फैसले हुए हैं। इन खबरों का असर गुरुवार को शेयरों की चाल पर पड़ सकता है।

HDB Financial Services

NBFC कंपनी HDB Financial Services का मुनाफा वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 34% बढ़कर 780 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 581 करोड़ रुपये था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 15.5% बढ़कर 2,534 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी के बोर्ड ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 2 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

CEAT

टायर कंपनी CEAT का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 39.8% घटकर 112 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 26.2% बढ़कर 4,762 करोड़ रुपये पहुंच गया। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से मुनाफे पर दबाव पड़ा। EBITDA 9.1% गिरकर 457 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 13.3% से घटकर 9.6% पर आ गया।

IDBI Bank

सरकारी बैंक IDBI Bank के रणनीतिक पुनर्गठन को कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने मंजूरी दे दी है। बैंक में हिस्सेदारी बेचने के लिए Fairfax Financials को सफल बोलीदाता चुना गया है। पुनर्गठन के बाद सरकार और LIC की संयुक्त हिस्सेदारी 34% रहेगी। शेयर के लिए 75.99 रुपये का बेंचमार्क प्राइस तय किया गया था, जबकि 81 रुपये की सबसे ऊंची बोली स्वीकार की गई।

CSB Bank

निजी क्षेत्र के CSB Bank के सामने अब मर्जर या हिस्सेदारी बेचने का विकल्प हो सकता है। RBI के नियमों के मुताबिक, कोई प्रमोटर एक से ज्यादा बैंकों में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी नहीं रख सकता। IDBI Bank के पुनर्गठन की मंजूरी के बाद Fairfax को CSB Bank का मर्जर IDBI Bank में करना पड़ सकता है या अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ सकती है। प्रस्तावित ढांचे में दो साल के भीतर मर्जर का रास्ता शामिल है।

Rajesh Exports

SEBI ने Rajesh Exports और इसके चेयरमैन राजेश मेहता पर लगी अंतरिम पाबंदियां जारी रखने का फैसला किया है। कंपनी के वित्तीय खुलासों में गड़बड़ियों को लेकर रेगुलेटर की चिंताएं दूर नहीं हुई हैं। राजेश मेहता अगले आदेश तक कंपनी के शेयर खरीदने, बेचने या किसी भी तरह का कारोबार करने से प्रतिबंधित रहेंगे।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी सब्सिडियरी Jio Platforms के IPO के लिए अहम दस्तावेज यानी रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) जमा कर दिया है। IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अक्टूबर को लगेगी। IPO में पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित होंगे।

Tata Technologies

टाटा ग्रुप की इंजीनियरिंग कंपनी Tata Technologies का मुनाफा सालाना आधार पर 5% घटकर 171.4 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 181 करोड़ रुपये था। हालांकि, डॉलर में रेवेन्यू कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर 22% बढ़ा। सर्विसेज सेगमेंट का रेवेन्यू भी 26% बढ़ा। कंपनी को पूरे वित्त वर्ष में दोहरे अंकों की ग्रोथ की उम्मीद है।

MRPL

ONGC की सब्सिडियरी तेल कंपनी MRPL का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट करीब 195% बढ़कर 1,881 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 639 करोड़ रुपये था। कंपनी का रेवेन्यू 37.1% बढ़कर 35,590 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर 3,210 करोड़ रुपये हो गया, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स 2,519 करोड़ रुपये रहा।

Enviro Infra

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Enviro Infra को Arie Energy से महाराष्ट्र में 100 मेगावाट के अजनी विंड पावर प्रोजेक्ट के विकास के लिए 228 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। यह ऑर्डर कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार को बढ़ाने से जुड़ा है।

Aeroflex Industries

औद्योगिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी Aeroflex Industries मार्च 2028 तक 202 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस रकम से स्टेनलेस स्टील होज, होज असेंबली और लिक्विड कूलिंग सिस्टम बनाने की क्षमता बढ़ाई जाएगी। कंपनी को डेटा सेंटर और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ती मांग का फायदा मिलने की उम्मीद है।

Bajaj Consumer Care

FMCG कंपनी Bajaj Consumer Care का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 67.1% बढ़कर 70.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 42 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। रेवेन्यू 25.7% बढ़कर 333 करोड़ रुपये पहुंच गया।

Cemindia Projects

अदाणी ग्रुप की कंपनी Cemindia Projects ने संस्थागत निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए QIP लॉन्च किया है। कंपनी 90.3 लाख तक शेयर जारी करेगी। इश्यू का फ्लोर प्राइस 1,158.58 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। संकेतात्मक इश्यू प्राइस 1,108 रुपये है, जो बुधवार के 1,153.50 रुपये के बंद भाव से करीब 4% डिस्काउंट पर है।

Jio Platforms IPO: जियो आईपीओ का प्राइस बैंड तय, 21 अक्टूबर से लगा सकेंगे पैसा; जानिए 8 बड़ी बातें

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

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Jio Platforms IPO: 21 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ, जानें प्राइस बैंड से लेकर कारोबारी सेहत तक 8 बड़ी बातें

Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी Jio Platforms ने IPO के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। कंपनी का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इस इश्यू में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बुधवार, 14 अक्टूबर को अहमदाबाद स्थित गुजरात के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास RHP दाखिल किया। इसमें आईपीओ की पूरी रूपरेखा, जुटाई गई रकम के इस्तेमाल और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों की जानकारी दी गई है। आइए, आईपीओ से जुड़ी 8 बड़ी बातें जानते हैं।

1. 21 अक्टूबर को खुलेगा IPO

Jio Platforms का आईपीओ बुधवार, 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। निवेशक शुक्रवार, 23 अक्टूबर तक इसमें बोली लगा सकेंगे। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तारीख 19 अक्टूबर तय की गई है।

2. 27 करोड़ तक नए शेयर जारी होंगे

इस आईपीओ में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। यानी पुराने निवेशक अपने शेयर नहीं बेचेंगे, बल्कि कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा जुटाएगी। हालांकि, कुल कितनी रकम जुटाई जाएगी, यह अंतिम इश्यू शर्तों पर निर्भर करेगा।

3. जुटाए गए पैसे से चुकाया जाएगा कर्ज

Jio Platforms आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपनी टेलीकॉम सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm Ltd (RJIL) का कर्ज चुकाने में करेगी। इसके अलावा, कुछ रकम सामान्य कारोबारी जरूरतों पर खर्च की जाएगी। इससे RJIL पर कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।

4. रिलायंस के शेयरधारकों के लिए ₹2500 करोड़ के शेयर

आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। इसमें तय शर्तों को पूरा करने वाले व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) शामिल हो सकते हैं, जिनके पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर हैं।

5. कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ तक के शेयर

Jio Platforms ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे हैं। कर्मचारी आईपीओ की शर्तों के मुताबिक इन शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह हिस्सा दूसरे निवेशक वर्गों के लिए उपलब्ध शेयरों से अलग होगा।

6. पहली तिमाही में रेवेन्यू 11.8% बढ़ा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में Jio Platforms का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.8% बढ़कर 39,173 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 35,032 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA भी 15.1% बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 18,141 करोड़ रुपये था।

इस दौरान EBITDA मार्जिन 51.78% से बढ़कर 53.26% हो गया। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 7,110 करोड़ रुपये था।

7. 1,065 से 1,119 रुपये प्राइस बैंड

Jio Platforms ने आईपीओ के लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। लॉट साइज 13 शेयरों का रहेगा। रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम एक लॉट के लिए बोली लगानी है। इसके लिए ₹14,534 लगेंगे। लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर होने वाली है।

8. जियो 53.33 करोड़ ग्राहक

जियो के पास पहली तिमाही के अंत में 53.33 करोड़ ग्राहक थे। तिमाही के दौरान कंपनी ने 89 लाख नए ग्राहक जोड़े। वहीं, प्रति यूजर औसत मासिक रेवेन्यू (ARPU) 215.6 रुपये रहा।

Q2 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 67% बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल; फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।