ESDS Software Solution: लिस्टिंग के दिन डबल से भी ज्यादा हुआ IPO निवेशकों का पैसा, अब क्या स्ट्रैटेजी- बाय, सेल या होल्ड?

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के IPO में शेयर पाने वाले निवेशक इस वक्त सातवें आसमान पर हैं। कारण है कि लिस्टिंग के दिन ही उनका पैसा डबल से भी ज्यादा हो गया है। 4 सितंबर को कंपनी का शेयर BSE पर करीब 74 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 746.30 रुपये और NSE पर 76.4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 757 रुपये पर लिस्ट हुआ। इसके बाद इसमें 20 प्रतिशत का उछाल आया और BSE पर 895.55 रुपये व NSE पर 908.40 रुपये पर अपर सर्किट लगा। इस तरह शेयर फाइनल इश्यू प्राइस 429 रुपये प्रति शेयर से 111.75 प्रतिशत तक ऊपर पहुंच गया है।

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का 720 करोड़ रुपये का IPO 1 सितंबर को बंद हुआ था। इसे कुल 142.88 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 274.97 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.87 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 41.68 गुना भरा था।

कंपनी AI-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर-एज-अ-सर्विस (IaaS), मैनेज्ड सर्विसेज और सॉफ्टवेयर-एज-अ-सर्विस (SaaS) जैसी एंड-टू-एंड सर्विसेज देती है।

ESDS Software Solution पर ब्रोकरेज की राय

स्वास्तिका इन्वेस्टस्मार्ट में वेल्थ हेड शिवानी न्याति का कहना है, ‘हमारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर-सिक्योरिटी और डिजिटलाइजेशन की मांग बढ़ रही है। यह ESDS के लिए लंबे समय में ग्रोथ का एक अच्छा मौका दे रही है। इसके चलते लिस्टिंग के बाद भी मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए सकारात्मक नजरिया बना हुआ है।’

आगे कहा, “लिस्टिंग के दिन हुए गेन को देखते हुए कुछ समय के लिए मुनाफावसूली हो सकती है क्योंकि वैल्यूएशन, फंडामेंटल से आगे निकल गए हैं। जिन्हें शेयर अलॉट हुए हुए हैं, वे मौजूदा स्तरों पर कुछ हद तक मुनाफा बुक करने और बाकी होल्डिंग पर ₹650–680 के आसपास स्टॉप लॉस लगाने पर विचार कर सकते हैं। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिले हैं, उनके लिए बेहतर होगा कि वे फ्रेश एंट्री के बारे में सोचने से पहले ₹600–650 की ओर गिरावट का इंतजार करें।”

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफ़िसर डॉ. रवि सिंह का कहना है कि लंबे समय के लिए निवेश करने वालों को कंपनी का बिजनेस अभी भी काम का लग सकता है। इसकी वजह है कि आने वाले सालों में क्लाउड, डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग से कंपनी की ग्रोथ को बढ़ावा मिल सकता है। जिन निवेशकों को शेयर मिले हैं, वे थोड़ा मुनाफा बुक कर सकते हैं और बाकी शेयर लंबे समय के लिए होल्ड कर सकते हैं। वहीं जिन्हें IPO में शेयर नहीं मिले, वे कीमत कम होने पर इन्हें खरीद सकते हैं।

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Dividend Stocks: TCS से ONGC तक… ये 10 स्टॉक्स देते हैं तगड़ा डिविडेंड, क्या आप लगाएंगे दांव?

Dividend Stocks: अगर आप शेयर बाजार से डिविडेंड की कमाई भी चाहते हैं, तो 10 शेयरों पर नजर रख सकते हैं। Religare Broking की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, इन शेयरों में 3.3% से लेकर 9.7% तक डिविडेंड यील्ड है। PTC India इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। वहीं Coal India, REC, ONGC, TCS और HCLTech जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।

  1. PTC India

पावर ट्रेडिंग कंपनी PTC India इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। इसका डिविडेंड यील्ड 9.7% है। शेयर का P/E 8.7 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹14.70 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में यह ₹7.80 था।

2. Coal India

सरकारी कोयला कंपनी Coal India का डिविडेंड यील्ड 6.6% है। शेयर का P/E 7.9 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹26.40 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में यह ₹25.50 था। कंपनी ने FY26 के लिए ₹5.25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है।

3. REC

सरकारी पावर फाइनेंस कंपनी REC का डिविडेंड यील्ड 6.2% है। शेयर का P/E 5.3 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹19.60 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में कंपनी ने ₹20.40 प्रति शेयर डिविडेंड दिया था।

4. ONGC

सरकारी तेल और गैस कंपनी ONGC का डिविडेंड यील्ड 5.8% है। शेयर का P/E 6.7 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹13.50 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में यह ₹12.30 प्रति शेयर था।

5. Gujarat Pipavav Port

पोर्ट ऑपरेटर कंपनी Gujarat Pipavav Port का डिविडेंड यील्ड 5.7% है। शेयर का P/E 14.9 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹9.60 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में यह ₹7.70 प्रति शेयर था।

6. Power Finance Corporation

सरकारी पावर फाइनेंस कंपनी Power Finance Corporation का डिविडेंड यील्ड 5% है। शेयर का P/E 4.9 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹16.70 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में यह ₹13.50 प्रति शेयर था।

7. TCS

आईटी कंपनी TCS का डिविडेंड यील्ड 4.5% है। शेयर का P/E 16.2 गुना है। FY26 में कंपनी ने कुल ₹109 प्रति शेयर डिविडेंड दिया।

8. HCLTech

आईटी कंपनी HCLTech का डिविडेंड यील्ड 4.1% है। शेयर का P/E 19.6 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹54 प्रति शेयर डिविडेंड दिया।

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9. GAIL

सरकारी गैस कंपनी GAIL का डिविडेंड यील्ड 3.5% है। शेयर का P/E 11.8 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में यह ₹6.50 प्रति शेयर था।

10. Petronet LNG

गैस इंपोर्ट और री-गैसिफिकेशन कंपनी Petronet LNG का डिविडेंड यील्ड 3.3% है। शेयर का P/E 10.7 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹10 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में भी कंपनी ने इतना ही डिविडेंड दिया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ESDS Software Solution IPO का अलॉटमेंट आज, 2 सितंबर को; 143 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद अब अच्छी लिस्टिंग की उम्मीद

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का ₹720 करोड़ का IPO 1 सितंबर को बंद हो चुका है। इसे कुल 142.88 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। अब आज, 2 सितंबर को इसका अलॉटमेंट फाइनल हो रहा है। इसके बाद शेयरों की लिस्टिंग 4 सितंबर को NSE और BSE पर होने वाली है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 58.74 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

जिन लोगों ने ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से ESDS Software Solution IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से कैसे करें चेक

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में ESDS Software Solution सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

इस IPO के लिए प्राइस बैंड ₹408-₹429 प्रति शेयर था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 274.97 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.87 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 41.68 गुना भरा। कंपनी AI-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर-एज-अ-सर्विस (IaaS), मैनेज्ड सर्विसेज और सॉफ्टवेयर-एज-अ-सर्विस (SaaS) जैसी एंड-टू-एंड सर्विसेज देती है।

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ESDS Software Solution की वित्तीय सेहत

कंपनी ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹216 करोड़ जुटाए। कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 28 प्रतिशत बढ़कर 480.65 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 117 प्रतिशत की बढ़त के साथ 120.82 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 42.92 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 376.64 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 55.61 करोड़ रुपये था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ESDS Software IPO: 28 गुना से ज्यादा भरा, GMP देखकर गदगद हुए निवेशक! आज है बोली लगाने का आखिरी मौका

ESDS Software Solutions IPO: क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के आईपीओ को बोली लगाने के आखिरी दिन, 1 सितंबर को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पांस मिला है।

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, 1 सितंबर सुबह 10:30 बजे तक यह पब्लिक इश्यू 28.31 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। शेयर बाजार में चल रही भारी मांग को देखते हुए ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ का प्रीमियम (GMP) लगातार ऊंचाई छू रहा है।

आइए आपको बताते हैं ESDS Software IPO का सब्सक्रिप्शन स्टेटस, जीएमपी, कंपनी का बिजनेस और लिस्टिंग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी।

सब्सक्रिप्शन स्टेटस: NII और रिटेल कैटेगरी में बंपर मांग

कंपनी का ₹720 करोड़ का यह आईपीओ ऑफर पर रखे गए 1,23,52,942 शेयरों के मुकाबले 34,97,62,658 शेयरों के लिए बोलियां हासिल कर चुका है:

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs): एनआईआई हिस्से में सबसे ज्यादा आक्रामक खरीदारी देखी गई और यह कोटा 81.74 गुना भर चुका है।

रिटेल निवेशक: खुदरा निवेशकों का कोटा भी 21.17 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

इश्यू से जुड़ी सभी जरूरी बातें

  • आईपीओ साइज: ₹720 करोड़
  • प्राइस बैंड: ₹408 – ₹429 प्रति शेयर
  • ओपनिंग और क्लोजिंग डेट: 28 अगस्त से 1 सितंबर 2026
  • एंकर इन्वेस्टर्स जुटाए: ₹216 करोड़
  • लिस्टिंग डेट: 4 सितंबर 2026 (BSE और NSE पर)

ESDS Software Solutions इस पब्लिक इश्यू से मिलने वाली कुल रकम में से ₹576 करोड़ का इस्तेमाल अपने डेटा सेंटर्स के लिए AI-बेस्ड क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर खरीदने और इंस्टॉल करने के लिए करेगी। बाकी बची राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

कंपनी का बिजनेस और फाइनेंशियल हेल्थ

2005 में स्थापित ESDS Software Solutions AI-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रदान करती है। FY26 में कंपनी ने ऑपरेशन्स से ₹472.21 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि इसका शुद्ध मुनाफा ₹120.82 करोड़ रहा। कंपनी बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा (BFSI), पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और कॉरपोरेट समेत 2,500 से अधिक सक्रिय ग्राहकों को सेवाएं दे रही है।

58% तक लिस्टिंग गेन का इशारा

ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘इन्वेस्टरगेन’ के मुताबिक, ESDS Software का शेयर ₹250 के तगड़े ग्रे मार्केट प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी के ₹408 से ₹429 प्रति शेयर के प्राइस बैंड के आधार पर, इसके ₹429 के अपर प्राइस बैंड में ₹250 का प्रीमियम जोड़कर इसकी संभावित लिस्टिंग ₹679 प्रति शेयर पर हो सकती है। इसका सीधा मतलब है कि यह आईपीओ लिस्टिंग वाले दिन निवेशकों को करीब 58.28% का शानदार मुनाफा दे सकता है।

बोली लगाए या नहीं? जानें ब्रोकरेज की राय

आनंद राठी के अनुसार, प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का वैल्यूएशन वित्तीय वर्ष 2026 के अनुमानित P/E का 41.6 गुना है, जो इश्यू के बाद ₹50,284 मिलियन का मार्केट कैपिटलाइजेशन दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत के क्लाउड और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट की मजबूत ग्रोथ संभावनाओं, कंपनी की इंटीग्रेटेड सेवाओं और बेहतर होती प्रोफिटबिलिटी को देखते हुए यह प्रीमियम वैल्यूएशन काफी हद तक वाजिब है। इसी के आधार पर ब्रोकरेज ने इस आईपीओ को ‘Subscribe – Long Term’ यानी लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming IPO: 31 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में 7 नए IPO खुलेंगे, 15 कंपनियों की लिस्टिंग होगी

Upcoming IPO: 31 अगस्त से शुरू होने वाला नया हफ्ता IPO बाजार के लिए काफी व्यस्त रहेगा। शेयर बाजार में पिछले करीब एक महीने से सुस्ती है। इसके बावजूद IPO मार्केट में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। अगले हफ्ते 7 कंपनियों के IPO खुलेंगे। इनके जरिए ₹1,415 करोड़ जुटाने की योजना है। साथ ही 15 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी।

₹1,265 करोड़ के 3 मेनबोर्ड IPO

अगले हफ्ते 3 मेनबोर्ड IPO खुलेंगे। इनका कुल साइज ₹1,265 करोड़ है। सबसे पहले Purple Style Labs का IPO आएगा। कंपनी Pernia’s Pop-Up Shop ब्रांड चलाती है।

कंपनी का ₹680 करोड़ का IPO 31 अगस्त को खुलेगा। इसमें 2 सितंबर तक पैसा लगाया जा सकेगा। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। प्राइस बैंड ₹546 से ₹575 प्रति शेयर है।

1 सितंबर को खुलेंगे दो IPO

Rays of Belief और Deepa Jewellers के IPO 1 सितंबर को खुलेंगे। दोनों में 3 सितंबर तक निवेश किया जा सकेगा। MOM’s Belief की पैरेंट कंपनी Rays of Belief ₹125 करोड़ जुटाना चाहती है। इसका प्राइस बैंड ₹227 से ₹239 प्रति शेयर है। यह भी पूरी तरह फ्रेश इश्यू है।

Deepa Jewellers ₹459.71 करोड़ जुटाएगी। इसमें ₹250 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। बाकी ₹209.71 करोड़ OFS के जरिए जुटाए जाएंगे। प्रमोटर अपने शेयर बेचेंगे। प्राइस बैंड ₹168 से ₹177 प्रति शेयर है।

4 SME IPO भी आएंगे

अगले हफ्ते 4 SME IPO भी खुलेंगे। इनका कुल साइज ₹150.17 करोड़ है। Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics और Phychem Technologies के IPO 31 अगस्त को खुलेंगे। Farm Peace का IPO 1 सितंबर को आएगा।

विजय केडिया के निवेश वाली Ashutosh Fibre ₹56.34 करोड़ जुटाना चाहती है। इसका प्राइस बैंड ₹87 से ₹92 प्रति शेयर है। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। कंपनी ने IPO खुलने से पहले एंकर निवेशकों से ₹16.04 करोड़ जुटा लिए हैं। इसमें 5 निवेशकों ने हिस्सा लिया है।

Shanti Inorganics ₹47.23 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। कंपनी सल्फर बेस्ड इनऑर्गेनिक केमिकल बनाती है। इसका प्राइस बैंड ₹79 से ₹83 प्रति शेयर है।

Phychem Technologies ₹14.58 करोड़ जुटाएगी। कंपनी रोटेशनल मोल्डिंग कंपाउंड बनाती है। इसका इस्तेमाल खोखले प्लास्टिक प्रोडक्ट बनाने में होता है। प्राइस बैंड ₹51 से ₹54 प्रति शेयर है।

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कंपनी Farm Peace ₹32 करोड़ जुटाएगी। इसका IPO 1 सितंबर को खुलेगा। प्रति शेयर कीमत ₹59 तय की गई है।

अगस्त में ₹23,679 करोड़ के IPO

अगस्त में IPO बाजार में काफी हलचल रही। मेनबोर्ड और SME सेगमेंट में कुल 46 IPO आए। इनके जरिए ₹23,679 करोड़ जुटाए गए। इस साल अगस्त तक IPO के जरिए ₹79,829 करोड़ की फंडिंग हो चुकी है।

इन IPO में निवेश का आखिरी मौका

Lumino Industries का ₹700 करोड़ का IPO 31 अगस्त को बंद होगा। कंपनी पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर समेत कई प्रोडक्ट बनाती है। अब तक इस IPO को 4.87 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है।

ESDS Software Solution का ₹720 करोड़ का IPO 1 सितंबर तक खुला रहेगा। कंपनी AI, क्लाउड और डेटा सेंटर सर्विसेज देती है। Priority Jewels का ₹91.5 करोड़ का IPO भी 1 सितंबर को बंद होगा। ESDS के IPO को अब तक 2.1 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। Priority Jewels का IPO 1.93 गुना भर चुका है।

SME सेगमेंट में Kwick Forensic Solutions का IPO 31 अगस्त को बंद होगा। Complete Sports & Management India और Paluck Technologies के IPO 1 सितंबर तक खुले रहेंगे।

अगले हफ्ते 15 कंपनियों की लिस्टिंग

अगले हफ्ते 15 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी। इनमें 8 मेनबोर्ड और 7 SME कंपनियां शामिल हैं।

Augmont Enterprises 31 अगस्त को डेब्यू करेगी। इसके बाद Hy-Tech Engineers, Skyways Air Services और Symbiotec Pharmalab 1 सितंबर को लिस्ट होंगी।

Annu Projects 2 सितंबर को लिस्ट होगी। Lumino Industries की लिस्टिंग 3 सितंबर को होगी। ESDS Software Solution और Priority Jewels के शेयरों में 4 सितंबर से ट्रेडिंग शुरू होगी।

SME सेगमेंट में Madhur Knit Crafts और ABH Healthcare 1 सितंबर को NSE Emerge पर लिस्ट होंगी। Sumax Engineering की लिस्टिंग 2 सितंबर को होगी।

Kwick Forensic Solutions 3 सितंबर को BSE SME पर डेब्यू करेगी। Complete Sports & Management India और Paluck Technologies की लिस्टिंग 4 सितंबर को होगी।

Augmont Enterprises की तगड़ी होगी लिस्टिंग या फुस्स, ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक्स 55% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने खरीदने की सलाह दी

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ब्रोकरेज फर्मों ने 5 कंपनियों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनमें पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, रिटेल और क्विक कॉमर्स जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टर शामिल हैं। ब्रोकरेज के हिसाब से इन शेयरों में 55% तक रिटर्न मिल सकता है। आइए जानते हैं इन 5 स्टॉक्स में ब्रोकरेज को क्या संभावनाएं दिख रही हैं।

  1. Cummins India

ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने Cummins India पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने ₹6,150 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा स्तर से इसमें करीब 18.43% का रिटर्न मिल सकता है।

पावर जनरेशन कंपनी के लिए बड़ा बिजनेस बना हुआ है। डेटा सेंटर की बढ़ती मांग भी कंपनी की ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रही है। साथ ही CPCB IV+ इंजन वारंटी अवधि से बाहर आने पर आफ्टरमार्केट बिजनेस से अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद है।

2. Adani Enterprises

मोतीलाल ओसवाल ने अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी Adani Enterprises पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹3,880 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, इसमें करीब 25% तक का उछाल देखने को मिल सकता है।

कंपनी एयरपोर्ट, सड़क, रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर, कॉपर और स्ट्रैटेजिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे कारोबार में मौजूद है। ब्रोकरेज को इन लॉन्ग टर्म बिजनेस से ग्रोथ की उम्मीद है।

3. NTPC

Bernstein ने सरकारी पावर कंपनी NTPC पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹450 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक शेयर में करीब 32% तक बढ़ोतरी की गुंजाइश है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, भारत में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की भूमिका उम्मीद से बड़ी हो सकती है। रिन्यूएबल एनर्जी के साथ स्टोरेज बिजनेस NTPC के लिए बड़ा अवसर बन सकता है।

4. Avenue Supermarts

CLSA ने Avenue Supermarts पर ‘हाई-कन्विक्शन आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹5,723 का टारगेट प्राइस रखा है। इससे शेयर में करीब 49% का रिटर्न मिलने की संभावना है।

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का कम ऑपरेटिंग कॉस्ट मॉडल और कम कीमत पर सामान बेचने की रणनीति इसकी बड़ी ताकत है। प्राइवेट लेबल कारोबार और नए स्टोर्स का विस्तार भी ग्रोथ को सहारा दे सकता है।

5. Eternal 327

CLSA ने जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी Eternal को खरीदने की सलाह के साथ ₹506 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक इसमें करीब 55% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

Blinkit का विस्तार इस निवेश की बड़ी वजहों में शामिल है। कंपनी नए शहरों में पहुंच बढ़ा रही है और डार्क स्टोर्स की संख्या भी बढ़ा रही है। Zomato Gold के जरिए ऑर्डर की बढ़ती संख्या और फूड डिलीवरी बिजनेस में सुधार से भी ग्रोथ की उम्मीद है।

Stocks to Watch: 31 अगस्त को ये 14 स्टॉक्स फोकस में रहेंगे, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत, ऑटो और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में भी है दम

भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 24100 के आसपास अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। फिलहाल सेंसेक्स 105.25 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,038.84 पर और निफ्टी 3.15 अंक या 0.01 प्रतिशत गिरकर 24,087.70 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में TCS, HCL Tech, Infosys, Tech Mahindra और Wipro शामिल हैं।

टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए JM Financial Services के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि आईटी शेयरों में पिछले कुछ दिनों में एक अच्छी रैली देखने को नजर आई है। खासतौर पर ब्लूमबर्ग एआई वैल्यू चेन इंडेक्स में, जो सारे एआई डेटा सेंटर स्टोरी का कॉम्बीनेशन है, में करेक्शन के दौरान हमें आईटी में रिकवरी देखने को मिली है। एआई से हुए स्विच ट्रेड के चलते हमें आईटी में स्ट्रेंथ देखने को नजर आ रही है। डॉलर के मुकाबले रुपए में भी स्टेबिलिटी देखने को नजर आ रही है। ऐसे में लगता है कि मिड टियर आईटी कंपनीज में और ग्रोथ आएगी। यहां पर हमारी टॉप पिक कोफर्ज और परसिस्टेंस हैं। इनमें आगे हमें 23 से 24% की ग्रोथ देखने को नजर आ सकती है।

खासतौर पर कोफोर्स- एनकोरा की डील के बाद हमें एनकोरा में अच्छा टर्म एराउंड देखने को मिल सकता है। इसका बेनिफिट कोफोर्ट के मार्जिन के साथ ही साथ इसके ओवरऑल ग्रोथ में देखने को नजर आएगी। इस समय मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। लार्ज कैप आईटी में इस समय भी अंडरवेट पोजीशन है। हालांकि बड़ी आईटी कंपनियों में यहां से किसी बड़े डाउन साइड का डर नहीं है। लेकिन इनमें रिकवरी आने में शायद थोड़ा समय लगे। इनमें कंसोलिडेशन फेज देखने को नजर आ सकता है।

ऑटो और ऑटो एंजिलरी स्पेस पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि एथर एनर्जी और TVS Motors ये दो ऐसे स्टॉक है जो उनको बहुत ज्यादा पसंद है। इन दोनों कंपनियों ने ईवी के अंदर में अपना अच्छा पेनिट्रेशन किया है। TVS Motors ने बहुत ही अच्छी बढ़त बनाए रखी है और अपना मार्केट शेयर लगातार बढ़ाया है। इसकी वजह से लगता है ये कंपनी आने वाले समय में भी बहुत अच्छी ग्रोथ दिखाएगी। इनका ईवी सेगमेंट भी काफी अच्छा ग्रोथ कर रहा है। एथर इंडस्ट्रीज में अभी एक टर्न अराउंड दिखना शुरू हो गया है। डिमांड साइड पर काफी बड़ी ग्रोथ देखने को नजर आई है। कंपनी अपनी क्षमता में बहुत बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की करंट कैपेसिटी पर इसकी आर्डर बुक पोजीशन काफी अच्छी बनी हुई है। कंपनी बड़ी तेजी से टर्न अराउंड हो रही है। कंपनी जल्द ही मुनाफे में आ सकती है। इसके चलते आगे एथर एनर्जी में बढ़िया रीटिंग देखने को नजर आ सकती है।

आशीष चतुरमोहता ने कहा कि ऑटो एंसिलरी कंपनियों में वे उन कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं जो ऑटो के साथ साथ डिफेंस या एरोस्पेस इंडस्ट्री के अंदर में भी अपनी जगह बना रही हैं। इस तरह की पहली कंपनी सनसेरा इंजीनियरिंग है जिसकी टॉप लाइन आज 30 से 35%। एडीएस सेगमेंट से भी योगदान आना शुरू हो गया है। एरोस्पेस डिफेंस और सेमीकंडक्टर में भी कंपनी के लिए मौके बन रहे हैं। इसके चलते आगे कंपनी के मार्जिन और एबिटा में भी काफी अच्छा ग्रोथ होता हुआ नजर आएगा।

सोना बीएलडबल्यू भी काफी अच्छी लग रही है। जापानी कंपनी के साथ अब इनस दो जेबी हो चुके है। फ्यूचर ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए यह कंपनी लॉन्ग टर्म नजरिए से काफी पसंद आ रही है।

आज लिस्ट हुए टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (Tempsens) के शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उन्होंने इसके आईपीओ में अप्लाई तो नहीं किया था लेकिन यह शेयर काफी अच्छा लग रहा है। आने वाले पांच साल में जो कंपनी की टॉप लाइन ग्रोथ ऑलमोस्ट 30% सालाना की दर से ग्रो कर सकती है। इसकी मार्जिन भी 24% पर जाती हुई नजर आएगी जिसके चलते एबिटा ग्रोथ 35% की देखने को नजर आएगी। अगर से हम मल्टीपल देखें तो उसको देखते हुए लगता है कि करंट करंट लेवल से भी शायद आपको इसमें 20 से 25% की अपसाइड देखने को नजर आ सकती है। यह बहुत ही इंटरेस्टिंग कंपनी है। यहां पर करंट लेवल से भी इसमें काफी तेजी देखने को मिल सकती है।

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टेक दिग्गज अब ‘किसान’ बने; अमेरिका में कृषिभूमि की होड़:गेट्स-बेजोस 7 लाख एकड़ जमीन पर आलू-गाजर उगा रहे, जुकरबर्ग पाल रहे मवेशी

दुनिया के सबसे अमीर और टेक दिग्गजों में अब पशु-पालन और खेती का शौक बढ़ रहा है। अमेरिका में खेती की जमीन अब सिर्फ किसान की जरूरत नहीं, अरबपतियों के लिए बड़ा निवेश और शौक बन चुकी है। कोई यहां मवेशी पाल रहा है, तो कोई जमीन खरीदकर भविष्य ज्यादा सुरक्षित कर रहा है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग हवाई के काउआई द्वीप पर करीब 2,871 करोड़ रु. के 4,000 एकड़ कोउलाउ रेंच पर वाग्यू और एंगस नस्ल के मवेशी पाल रहे हैं। वहीं, रेडिट के सह-संस्थापक एलेक्सिस ओहानियन फ्लोरिडा में अपने फार्म पर केले के बाग और मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। हालांकि, इन दिग्गजों के खेती-बारी का नया शौक अमेरिका में कृषि जमीनों को एक बेहद महंगे ‘एसेट क्लास’ में बदल दिया है। ‘ द लैंड रिपोर्ट’ के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स के पास 2.75 लाख एकड़ कृषि भूमि है, जिससे वे अमेरिका के 44वें सबसे बड़े भूस्वामी बन गए हैं। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस 4.62 लाख एकड़ और वॉलमार्ट घराने से जुड़े स्टेन क्रोनके 27 लाख एकड़ जमीन के मालिक हैं। क्रोनके ने 2025 में न्यू मैक्सिको में 9.38 लाख एकड़ जमीन खरीदी, जिसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी रैंच बिक्री बताया गया। अलग-अलग राज्यों में इन जमीनों पर आलू, गाजर, प्याज, सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी फसलें उगाई जाती हैं। कुछ किसानों को लीज पर भी दी जाती है। पीपुल्स कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में कृषि भूमि 411 लाख करोड़ की परिसंपत्ति बन चुकी है। अमेरिकी कृषि विभाग के मुताबिक, बीते वर्ष खेतों के मूल्य में 4.3% की बढ़ोतरी हुई। नेशनल यंग फार्मर्स कोएलिशन की पॉलिसी निदेशक एरिन फॉस्टर के अनुसार, जमीन की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि पहली बार खेती में उतरने वाले युवा या छोटे किसान प्रतिस्पर्धा से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। जमीन में निवेश क्यों? महंगाई के साथ बढ़ती है कीमत महंगाई से सुरक्षित बचाव – सीमित प्राकृतिक संसाधन होने के कारण जमीन की कीमतें हमेशा महंगाई के साथ बढ़ती हैं। एआई और डेटा सेंटर्स की मांग – टेक कंपनियों (एआई हाइपरस्केलर्स) को विशाल डेटा सेंटर बनाने के लिए बड़े भूभाग की जरूरत होती है। लाइफस्टाइल और नॉन-फाइनेंशियल फायदे – कोरोना महामारी के बाद बड़े परिसरों में शिकार, मछली पकड़ने और खुद का ऑर्गेनिक अन्न उगाने का रुझान बढ़ा है।

HDFC Bank में CEO पद को लेकर हलचल बढ़ी, RBI गवर्नर से मिले चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank CEO Appointment: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। अब इसमें दो महीने से थोड़ा ज्यादा समय बचा है। इसी बीच बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने पिछले हफ्ते RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की है।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सबसे अहम बात जगदीशन के अगले कार्यकाल को लेकर हुई। RBI यह समझना चाहता है कि बैंक बोर्ड जगदीशन को दोबारा एमडी और सीईओ बनाने के पक्ष में है या नहीं।

बोर्ड में जगदीशन के नाम पर कितनी सहमति?

RBI यह भी जानना चाहता था कि राजीव कुमार के चेयरमैन बनने के बाद बोर्ड में किसी दूसरे नाम पर भी चर्चा हुई है या नहीं। एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि अभी तक HDFC Bank बोर्ड ने एमडी और सीईओ की नियुक्ति को लेकर RBI को कोई सिफारिश नहीं भेजी है।

RBI अब जल्द फैसला चाहता है

राजीव कुमार 30 जून 2026 को HDFC Bank के बोर्ड में शामिल हुए थे। इसके बाद से RBI अधिकारियों के साथ उनकी यह चौथी औपचारिक बातचीत बताई जा रही है।

शुरुआत में RBI ने बोर्ड को कुछ समय दिया। इसकी वजह यह थी कि राजीव कुमार ने 15 जुलाई को औपचारिक रूप से चेयरमैन का पद संभाला था। अब उन्हें पद संभाले करीब एक महीना हो चुका है। ऐसे में RBI चाहता है कि बैंक के नेतृत्व को लेकर तस्वीर जल्द साफ हो।

आमतौर पर छह महीने पहले शुरू हो जाती है प्रक्रिया

बैंकों में आम तौर पर एमडी और सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से करीब छह महीने पहले दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बोर्ड अपनी सिफारिश RBI को भेजता है।

अगर नया सीईओ चुनना हो, तो पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम आम तौर पर कार्यकाल खत्म होने से कम से कम चार महीने पहले RBI को भेजे जाते हैं।

HDFC Bank का मामला इसलिए अलग दिख रहा है। जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने में अब करीब दो महीने बचे हैं। लेकिन बोर्ड ने अभी तक RBI को कोई नाम नहीं भेजा है।

जगदीशन के सामने क्या संभावनाएं?

पहले की रिपोर्टों के मुताबिक, इस पद को लेकर चार संभावनाएं हैं। जगदीशन को फिर से तीन साल का कार्यकाल मिल सकता है। उन्हें इससे छोटा कार्यकाल भी दिया जा सकता है। बैंक बोर्ड किसी दूसरे आंतरिक उम्मीदवार का नाम भी भेज सकता है।

इसके अलावा किसी बाहरी उम्मीदवार के नाम पर भी विचार हो सकता है। यानी फिलहाल यह तय नहीं है कि अक्टूबर के बाद HDFC Bank की कमान किसके हाथ में होगी।

AT-1 बॉन्ड मामले पर भी बात

RBI गवर्नर और राजीव कुमार की बातचीत सिर्फ सीईओ की नियुक्ति तक सीमित नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, AT-1 बॉन्ड की मिस-सेलिंग से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई।

कुछ नाराज बॉन्डधारक इस मामले को लेकर बहरीन में कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। RBI इस मामले को लेकर भी बैंक की स्थिति समझना चाहता है।

कुछ महीनों में बदला बैंक का नेतृत्व

HDFC Bank में पिछले कुछ महीनों में नेतृत्व स्तर पर काफी बदलाव हुए हैं। पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक बोर्ड छोड़ दिया था।

इसके बाद नॉन-एग्जीक्यूटिव बोर्ड सदस्य केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया। करीब तीन महीने की तलाश के बाद राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन चुना गया। उन्हें पहले अतिरिक्त निदेशक बनाया गया था। RBI की मंजूरी के बाद 15 जुलाई को उन्होंने चेयरमैन का पद संभाला।

HDFC Bank का शेयर बुधवार को 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 727.35 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 1 साल में यह 25.28% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।