Qualcomm layoffs: स्नैपड्रैगन चिप बनाने वाली कंपनी में छंटनी की तैयारी, स्मार्टफोन की घटती बिक्री से बढ़ी परेशानी

Qualcomm layoffs: दुनिया की बड़ी चिप निर्माता कंपनियों में शामिल क्वालकॉम (Qualcomm) दुनियाभर में कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। कंपनी के CEO क्रिस्टियानो एमोन ने सोमवार को कर्मचारियों को भेजे एक मेमो में इसकी जानकारी दी। Reuters के मुताबिक, कर्मचारियों को नवंबर से छंटनी के नोटिस मिलने शुरू हो सकते हैं।

एमोन ने कहा कि कंपनी का मकसद बेहतर परफॉर्मेंस वाली वर्क कल्चर तैयार करना है। इसके तहत उन कर्मचारियों पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिनका प्रदर्शन लगातार उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि छंटनी से कितने कर्मचारी प्रभावित होंगे। पिछले साल सितंबर तक कंपनी में दुनियाभर में करीब 52,000 कर्मचारी थे। इनमें ज्यादातर फुल-टाइम कर्मचारी थे।

स्मार्टफोन बाजार में सुस्ती से बढ़ी चुनौती

क्वालकॉम को इस साल कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कमजोर बिक्री से दबाव का सामना करना पड़ रहा है। मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों ने भी प्रमुख बाजारों में मांग को प्रभावित किया है। क्वालकॉम खासकर स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले Snapdragon प्रोसेसर और चिपसेट बनाती है।

ये चिप फोन की प्रोसेसिंग, गेमिंग, कैमरा और AI जैसे काम संभालती हैं। कंपनी 5G और 4G नेटवर्क के लिए मॉडेम, Wi-Fi और ब्लूटूथ चिप भी बनाती है। अब कंपनी ऑटोमोबाइल, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और AI डेटा सेंटर से जुड़े चिप कारोबार में भी विस्तार कर रही है।

AI डेटा सेंटर कारोबार पर कंपनी की नजर

जुलाई के आखिर में जारी नतीजों के दौरान Qualcomm ने अनुमान जताया था कि उसका तिमाही मुनाफा बाजार की उम्मीदों से कम रह सकता है। कंपनी ने यह भी कहा था कि Apple से जुड़े प्रोडक्ट्स से होने वाला रेवेन्यू उम्मीद से ज्यादा तेजी से घटेगा।

हालांकि, Qualcomm को उम्मीद है कि डेटा सेंटर और स्मार्टफोन से इतर दूसरे कारोबारों में बढ़ोतरी से इस नुकसान की भरपाई हो सकती है। कंपनी वित्त वर्ष 2027 तक AI डेटा सेंटर बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। उसका अनुमान है कि उस साल चिप बिक्री का बड़ा हिस्सा स्मार्टफोन के अलावा दूसरे कारोबारों से आएगा। Qualcomm के शेयर पिछले 1 महीने में 11.32% टूटे हैं।

Jio Platforms IPO GMP: आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले पहले भागा जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम

Powerica Share Price: ₹700 तक जा सकता है ₹565 का शेयर, इस कारण नुवामा हुआ बुलिश

Powerica  Share Price: नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Nuvama Institutional Equities) पावरिका लिमिटेड (Powerica Ltd) के शेयरों को लेकर बुलिश नजर आ रहा है। ब्रोकरेज फ्रर्म ने स्टॉक पर Buy रेटिंग दी है और इसके लिए 700 रुपये का टारगेट प्राइस दिया। जो मौजूदा लेवल से 20 फीसदी की तेजी दिखा रहा है । बता दें कि Powerica के शेयर अपने आईपीओ प्राइस ₹395 से लगभग 48% की तेजी आई है। सोमवार को ये 564.45 रुपये पर बंद हुआ। 2 अप्रैल 2026 को BSE और NSE पर लिस्ट होने के बाद, पिछले 6 महीनों में इस स्टॉक में 34.51% की बढ़त दर्ज की गई है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि नुवामा का यह सकारात्मक नजरिया तीन मुख्य ग्रोथ ड्राइव पर टिका है। कंपनी के डीजल जनरेटर (DG) बिजनेस में सुधार, विंड इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) पोर्टफोलियो का विस्तार, और रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइसेस (RECDs) के क्षेत्र में लंबे समय के अवसर।

स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेज की राय

पावरिका का पावर-सॉल्यूशन पोर्टफोलियो काफी विविध है, जिसमें DG सेट, विंड पावर जनरेशन और RECDs शामिल हैं। नुवामा को उम्मीद है कि FY26 से FY29 के दौरान इन व्यवसायों से अच्छी कमाई होगी। इसके पीछे डेटा सेंटरों की बढ़ती मांग, अधिक कुशल विंड टर्बाइन और एमिशन-कंट्रोल तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाना जैसे कारण हैं।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच, DG बिजनेस के टैक्स के बाद मुनाफे (PAT) में लगभग 21% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखने को मिलेगी। वहीं, विंड IPP के EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में 44% और RECD के PAT में 27% की CAGR रहने की उम्मीद है।

पावरिका का DG बिजनेस लगातार कैश जनरेट करने का एक मजबूत आधार है। भारत में कमिंस (Cummins) के लिए केवल तीन जनरेटर ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (GOEMs) में से एक होने के नाते, कंपनी को एक खास फायदा मिलता है।

भारत में डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है, खासकर दक्षिण और पश्चिमी भारत में, जिसका फायदा पावरिका को मिल सकता है। नुवामा ने बताया कि पावरिका के पास डेटा सेंटर से जुड़े लगभग ₹1,100 करोड़ के ऑर्डर हैं। इसकी तुलना में, FY26 में डेटा सेंटर से बिक्री लगभग ₹340 करोड़ रही थी, जो भविष्य में कंपनी की ग्रोथ की अच्छी संभावनाओं को दर्शाती है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मार्जिन में सुधार आएगा, क्योंकि कंपनी कमिंस (Cummins) द्वारा बढ़ाई गई कीमतों का बोझ ग्राहकों पर डाल देगी। औद्योगिक पूंजीगत व्यय (industrial capital expenditure) में तेजी आने से इसे और बढ़ावा मिल सकता है।

हालांकि, यह सुधार इस बात पर निर्भर करता है कि पॉवरिका (Powerica) बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर कितनी अच्छी तरह डाल पाती है। नुवामा (Nuvama) ने चेतावनी दी है कि अगर कंपनी बढ़ती कमोडिटी लागत के बीच कीमतों में हुई बढ़ोतरी को खुद सहने या ग्राहकों पर डालने में विफल रहती है, तो इससे DG मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।

पॉवरिका का विंड पावर (पवन ऊर्जा) कारोबार, नुवामा की निवेश थीसिस का एक और मुख्य आधार है। कंपनी की विंड कैपेसिटी, मिले हुए ‘लेटर ऑफ अवार्ड’ (LOAs) के सहारे, वित्त वर्ष 2029 तक लगभग 330 MW से बढ़कर 631 MW होने की उम्मीद है।

कंपनी का पोर्टफोलियो भी नए और अधिक कुशल टर्बाइनों की ओर बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2029 तक इनका हिस्सा 65% से बढ़कर लगभग 82% होने का अनुमान है। ये नई संपत्तियां 30% से अधिक का प्लांट लोड फैक्टर (PLF) और लगभग 80% का EBITDA मार्जिन दे सकती हैं, जिससे पूरे पोर्टफोलियो की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

नुवामा को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2029 तक ब्लेंडेड PLF लगभग 29.4% और विंड बिजनेस का EBITDA मार्जिन लगभग 77% तक पहुंच जाएगा। इसी के आधार पर, वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2029 के बीच विंड IPP कारोबार के लिए 44% EBITDA CAGR (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) का अनुमान लगाया गया है।

पॉवरिका का RECD कारोबार अभी काफी छोटा है, लेकिन जैसे-जैसे उत्सर्जन नियंत्रण (emission-control) की जरूरतें बढ़ेंगी, यह विकास का एक महत्वपूर्ण जरिया बन सकता है। नुवामा के अनुसार, इसका संभावित बाजार लगभग 60,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें केवल पांच से छह प्रमाणित प्रतिस्पर्धी ही मौजूद हैं।

ब्रोकरेज ने बताया कि इस कारोबार में इक्विटी पर लगभग 47% रिटर्न मिलने की संभावना है। साथ ही, विभिन्न राज्यों में RECD से जुड़े नियमों का लागू होना और कंपनी की नए ऑर्डर हासिल करने की क्षमता, इसके लिए महत्वपूर्ण कारक होंगे।

नुवामा का मानना ​​है कि पॉवरिका की रिपोर्ट की गई कमाई, उसकी नकदी पैदा करने की वास्तविक क्षमता को पूरी तरह से नहीं दर्शाती है। FY26 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो PAT का लगभग 170% रहा, जबकि इसके विंड एसेट्स इक्विटी पर लगभग 15–17% का कैश रिटर्न देते हैं।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंसोलिडेटेड रिटर्न ऑन इक्विटी FY27 के लगभग 12% से बढ़कर FY30 तक 14.4% हो जाएगा, क्योंकि नई विंड परियोजनाओं के लिए लगभग 70:30 के डेट-टू-इक्विटी अनुपात के साथ फंडिंग की जाएगी। नुवामा (Nuvama) के अनुसार वैल्यूएशन आकर्षक हैं। इसमें विंड बिजनेस के लिए FY29 में अनुमानित एंटरप्राइज वैल्यू-टू-EBITDA लगभग 6.8 गुना है, और DG सेट के लिए प्राइस-टू-अर्निंग मल्टीपल लगभग 21 गुना है।

Silver Price Today:दशहरे के दिन क्या है चांदी का रेट? दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु समेत इन शहरों की कीमतें देखें

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

भारत पर 100% टैरिफ का फैसला 10 दिन में संभव:अमेरिकी राजदूत बोले- रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगाएं या नहीं, ट्रम्प तय करेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर करीब 10 दिन में फैसला ले सकते हैं। यह बात अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कही। गोर ने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, यह भी ट्रम्प ही तय करेंगे। अमेरिकी संसद ने 18 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का बिल पास किया था। ट्रम्प ने भी इस कानून को मंजूरी दे दी है, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। हालांकि कानून पारित होने के 30 दिनों के भीतर फैसला लेना जरूरी है। गोर ने कहा कि इस कानून का मकसद किसी देश को सजा देना नहीं, बल्कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। अमेरिका दूसरे देशों के साथ मिलकर रूस को युद्ध के लिए मिलने वाले पैसे को धीरे-धीरे कम करना चाहता है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि संसद ने प्रतिबंधों के तीन विकल्प दिए हैं। इनमें तेल, गैस और प्रतिबंधों से बचने में मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा, “इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश पर नहीं है। कांग्रेस ने तीन अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। पहली तेल, दूसरी गैस और तीसरी प्रतिबंधों से बचने में मदद करना है।” गोर ने कहा कि इन श्रेणियों में शामिल लोगों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। उन्होंने कहा कि भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। ट्रम्प अब खुद रूस से डीजल खरीद रहे ट्रम्प अब खुद रूस से डीजल खरीदने जा रहे हैं। उन्होंने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक 7 अप्रैल 2027 तक हटा दी है। अमेरिका में ईरान जंग के बाद डीजल की कीमतें बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन हो गई हैं। माना जा रहा है कि कीमतें कम करने के लिए ट्रम्प ने यह फैसला लिया है। अमेरिका में जंग से पहले डीजल करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन बिक रहा था। अब इसकी कीमत 6.28 डॉलर हो गई है। 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रम्प प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। ट्रम्प के मुताबिक, रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर यह मात्रा 30 लाख टन तक पहुंच सकती है। भारत से ट्रेड डील पर भी बातचीत जारी गोर ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच करीब डेढ़ साल से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ डिफेंस, आईटी, डेटा सेंटर और चिप मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को AI डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र बनने के लिए उपयुक्त बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों की साझेदारी से दोनों देशों को फायदा होगा।

Stocks to Watch: 15 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, राजेश एक्सपोर्ट्स से टाटा टेक्नोलॉजीज तक शामिल

Stocks to Watch: 15 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों से जुड़ी अहम खबरों के चलते निवेशकों की नजर कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर रहेगी। कहीं तिमाही नतीजों में मुनाफे की तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है, तो कहीं कमाई पर दबाव दिखा है। कुछ कंपनियों को नए ऑर्डर मिले हैं, जबकि कुछ में बड़े कारोबारी फैसले हुए हैं। इन खबरों का असर गुरुवार को शेयरों की चाल पर पड़ सकता है।

HDB Financial Services

NBFC कंपनी HDB Financial Services का मुनाफा वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 34% बढ़कर 780 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 581 करोड़ रुपये था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 15.5% बढ़कर 2,534 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी के बोर्ड ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 2 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

CEAT

टायर कंपनी CEAT का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 39.8% घटकर 112 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 26.2% बढ़कर 4,762 करोड़ रुपये पहुंच गया। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से मुनाफे पर दबाव पड़ा। EBITDA 9.1% गिरकर 457 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 13.3% से घटकर 9.6% पर आ गया।

IDBI Bank

सरकारी बैंक IDBI Bank के रणनीतिक पुनर्गठन को कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने मंजूरी दे दी है। बैंक में हिस्सेदारी बेचने के लिए Fairfax Financials को सफल बोलीदाता चुना गया है। पुनर्गठन के बाद सरकार और LIC की संयुक्त हिस्सेदारी 34% रहेगी। शेयर के लिए 75.99 रुपये का बेंचमार्क प्राइस तय किया गया था, जबकि 81 रुपये की सबसे ऊंची बोली स्वीकार की गई।

CSB Bank

निजी क्षेत्र के CSB Bank के सामने अब मर्जर या हिस्सेदारी बेचने का विकल्प हो सकता है। RBI के नियमों के मुताबिक, कोई प्रमोटर एक से ज्यादा बैंकों में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी नहीं रख सकता। IDBI Bank के पुनर्गठन की मंजूरी के बाद Fairfax को CSB Bank का मर्जर IDBI Bank में करना पड़ सकता है या अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ सकती है। प्रस्तावित ढांचे में दो साल के भीतर मर्जर का रास्ता शामिल है।

Rajesh Exports

SEBI ने Rajesh Exports और इसके चेयरमैन राजेश मेहता पर लगी अंतरिम पाबंदियां जारी रखने का फैसला किया है। कंपनी के वित्तीय खुलासों में गड़बड़ियों को लेकर रेगुलेटर की चिंताएं दूर नहीं हुई हैं। राजेश मेहता अगले आदेश तक कंपनी के शेयर खरीदने, बेचने या किसी भी तरह का कारोबार करने से प्रतिबंधित रहेंगे।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी सब्सिडियरी Jio Platforms के IPO के लिए अहम दस्तावेज यानी रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) जमा कर दिया है। IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अक्टूबर को लगेगी। IPO में पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित होंगे।

Tata Technologies

टाटा ग्रुप की इंजीनियरिंग कंपनी Tata Technologies का मुनाफा सालाना आधार पर 5% घटकर 171.4 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 181 करोड़ रुपये था। हालांकि, डॉलर में रेवेन्यू कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर 22% बढ़ा। सर्विसेज सेगमेंट का रेवेन्यू भी 26% बढ़ा। कंपनी को पूरे वित्त वर्ष में दोहरे अंकों की ग्रोथ की उम्मीद है।

MRPL

ONGC की सब्सिडियरी तेल कंपनी MRPL का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट करीब 195% बढ़कर 1,881 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 639 करोड़ रुपये था। कंपनी का रेवेन्यू 37.1% बढ़कर 35,590 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर 3,210 करोड़ रुपये हो गया, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स 2,519 करोड़ रुपये रहा।

Enviro Infra

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Enviro Infra को Arie Energy से महाराष्ट्र में 100 मेगावाट के अजनी विंड पावर प्रोजेक्ट के विकास के लिए 228 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। यह ऑर्डर कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार को बढ़ाने से जुड़ा है।

Aeroflex Industries

औद्योगिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी Aeroflex Industries मार्च 2028 तक 202 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस रकम से स्टेनलेस स्टील होज, होज असेंबली और लिक्विड कूलिंग सिस्टम बनाने की क्षमता बढ़ाई जाएगी। कंपनी को डेटा सेंटर और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ती मांग का फायदा मिलने की उम्मीद है।

Bajaj Consumer Care

FMCG कंपनी Bajaj Consumer Care का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 67.1% बढ़कर 70.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 42 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। रेवेन्यू 25.7% बढ़कर 333 करोड़ रुपये पहुंच गया।

Cemindia Projects

अदाणी ग्रुप की कंपनी Cemindia Projects ने संस्थागत निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए QIP लॉन्च किया है। कंपनी 90.3 लाख तक शेयर जारी करेगी। इश्यू का फ्लोर प्राइस 1,158.58 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। संकेतात्मक इश्यू प्राइस 1,108 रुपये है, जो बुधवार के 1,153.50 रुपये के बंद भाव से करीब 4% डिस्काउंट पर है।

Jio Platforms IPO: जियो आईपीओ का प्राइस बैंड तय, 21 अक्टूबर से लगा सकेंगे पैसा; जानिए 8 बड़ी बातें

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: फटाफट चेक करें पूरी लिस्ट; Hero Motors, Lemon Tree, BoB और Hyundai समेत 17 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 83.00 प्वाइंट्स यानी 0.36% की फिसलन के साथ 22,767.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 13 अक्टूबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 1109.10 प्वाइंट्स यानी 1.54% की बढ़त के साथ 73,073.88 और निफ्टी भी 358.60 प्वाइंट्स यानी 1.60% की मजबूती के साथ 22,721.95 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Hero Motors Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हीरो मोटर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 115.3% बढ़कर ₹10.2 करोड़ और रेवेन्यू 24.9% उछलकर ₹319.3 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Elxsi Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा एलेक्सी का प्रॉफिट 10% बढ़कर ₹170.3 करोड़ और रेवेन्यू 15% उछलकर ₹1,055.7 करोड़ पर पहुंच गया।

SS Retail Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एसएस रिटेल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 59.4% बढ़कर ₹23.7 करोड़ और रेवेन्यू 58.6% उछलकर ₹789 करोड़ पर पहुंच गया।

Anand Rathi Share and Stock Brokers Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 50.3% बढ़कर ₹41.9 करोड़ और रेवेन्यू 20.3% उछलकर ₹273.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Transformers and Rectifiers India Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 135.3% बढ़कर ₹79.8 करोड़ और रेवेन्यू 60.7% उछलकर ₹739.4 करोड़ पर पहुंच गया।

GTPL Hathway Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीटीपीएल हाथवे ₹9.2 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट से ₹90 लाख के घाटे में आ गई तो लेकिन रेवेन्यू 19.2% उछलकर ₹1,143.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Den Networks Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर डेन नेटवर्क्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3.7% बढ़कर ₹36.5 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन रेवेन्यू 3.7% फिसलकर ₹232.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Zydus Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने जाइडस लाइफसाइंसेज की अहमदाबाद के मोरैया में स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की जांच की। 5-13 अक्टूबर तक चली जांच के बाद पांच ऑब्जर्वेशंस जारी हुए हैं।

Hyundai Motor India

हुंडई मोटर ग्रुप ने भारत के लिए एक बड़ी निवेश योजना का ऐलान किया है, जिसके तहत 2026 और 2032 के बीच $1550 करोड़ का निवेश होगा।

Bharat Electronics Ltd (BEL)

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को 17 सितंबर से ₹533 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर्स कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, एवियोनिक्स, साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशन, ड्रोन, जैमर, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, अपग्रेड, स्पेयर पार्ट्स और सर्विस से जुड़े हैं।

SBI Funds Management

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के बोर्ड ने आर एस श्रीनिवास जैन को 13 अक्टूबर से ज्वाइंट सीईओ नियुक्त किया है।

Bank of Baroda

यूएई एक्सचेंज और एनएमसी हेल्थकेयर ग्रुप के फाउंडर बीआर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा समेत 26 से $1500 करोड़ का हर्जाना मांगा है। उनका आरोप है कि सरकारी बैंक और उसके कुछ अधिकारी ग्रुप की कंपनियों से जुड़े फर्जीवाड़े में शामिल थे और उन गारंटी के आधार पर उनके खिलाफ दावे किए, जिन पर उन्होंने कभी साइन नहीं किए थे। उन्होंने मुकदमा दायर करने की तारीख से लेकर पेमेंट या वसूली की तारीख तक हर्जाने पर सालाना 18% की दर से ब्याज भी मांगा है।

Hindustan Oil Exploration Company

हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी के बोर्ड ने देबब्रत दास को 16 अक्टूबर से सीएफओ नियुक्त किया है। मौजूदा सीएफओ ने निजी कारणों से 15 अक्टूबर से CFO पद छोड़ने का फैसला किया है, लेकिन वह कंपनी के वित्तीय सलाहकार की भूमिका में कंपनी से जुड़े रहेंगे।

Adani Enterprises

अदाणी एंटरप्राइजेज ने देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर इक्विपमेंट बनाने और एसेंबली को लेकर जैबिल के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर बनाएगी, जिसके लिए नॉन-बाइंडिंग एमओयू हुआ है।

Polycab India

NCLAT (नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल), नई दिल्ली ने NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ), अहमदाबाद के 7 अक्टूबर के उस आदेश पर रोक लगा दी है और उसे फिलहाल टाल दिया है, जिसमें एसियर मेटल्स की IBC (इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड) के तहत पॉलीकैब इंडिया के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार करने और CIRP (कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस) शुरू करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला ₹2.79 करोड़ के ऑपरेशनल डेट से जुड़ा है।

Ujjivan Small Finance Bank

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के बोर्ड की 16 अक्टूबर को बैठक में कारोबारी नतीजे के साथ-साथ इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए फंड जुटाने पर भी विचार करेगा।

Lemon Tree Hotels

लेमनट्री होटल्स ने अपने होटल पोर्टफोलियो को बढ़ाते हुए ‘कीज सेलेक्ट बाय लेमन ट्री होटल्स’ की साइनिंग का ऐलान किया है। यह प्रॉपर्टी फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट के तहत ऑपरेट होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज़, केनरा बैंक, बजाज कंज्यूमर केयर, भेल, आदित्य बिड़ला मनी, सिएट, एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी, एमवी फोटोवोल्टिक पावर, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो), सोनासेलेक्शन इंडिया, टाटा टेक्नोलॉजीज, लीला पैलेस होटल्स एंड रिसॉर्ट्स

एक्स-डिविडेंड: टीसीएस, वेदांता

एक्स-राइट्स: कॉन्टिनेंटल कंट्रोल्स

एक्स-इनकम डिस्ट्रीब्यूशन: एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट

F&O बैन: अंबुजा सीमेंट्स, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 14 अक्टूबर को इन 11 शेयरों पर रहेगी नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: बुधवार 14 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों के शेयर खबरों के दम पर एक्शन दिखा सकते हैं। इन कंपनियों ने तिमाही नतीजे और नए ऑर्डर जैसे अहम अपडेट दिए हैं। ऐसे में ट्रेडिंग से पहले इन 11 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा एलेक्सी का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹170.3 करोड़ रहा। पिछली तिमाही में यह ₹170.6 करोड़ था। रेवेन्यू 3.4% बढ़कर ₹1,055.7 करोड़ हो गया। EBIT 7.2% बढ़कर ₹207.7 करोड़ पहुंच गया। EBIT मार्जिन भी 18.97% से बढ़कर 19.68% हो गया।

Hyundai Motor India

ऑटोमोबाइल कंपनी Hyundai Motor Group ने 2032 तक भारत में 15.5 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बनाई है। यह निवेश मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करने पर खर्च होगा। कंपनी भारत में R&D सेंटर के लिए 70 करोड़ डॉलर लगाने की भी योजना बना रही है। Hyundai Motor India और Kia India की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी निवेश किया जाएगा।

Bharat Electronics

सरकारी डिफेंस भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) को ₹533 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर 17 सितंबर 2026 के बाद मिले हैं। इनमें कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, एवियोनिक्स, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन, जैमर और सॉफ्टवेयर से जुड़े काम शामिल हैं। कंपनी को अपग्रेड, स्पेयर पार्ट्स और सर्विस के ऑर्डर भी मिले हैं।

Transformers and Rectifiers

ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी Transformers and Rectifiers का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹79.8 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹33.9 करोड़ था। रेवेन्यू 60.7% बढ़कर ₹739.4 करोड़ पहुंच गया। EBITDA ₹128.8 करोड़ रहा और मार्जिन 11.2% से बढ़कर 17.4% हो गया। तिमाही में कंपनी को ₹131.4 करोड़ का एक्सेप्शनल गेन भी हुआ।

GRT Jewellers

ज्वेलरी कारोबार करने वाली GRT Jewellers को लिस्टेड ज्वेलरी कंपनी Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) में 74.12% हिस्सेदारी खरीदने के लिए CCI की मंजूरी मिल गई है। GRT Jewellers ने 4.95 करोड़ शेयर खरीदने के लिए TBZ के प्रमोटर्स के साथ ₹1,033.71 करोड़ तक का सौदा किया है। हालांकि, डील पूरी होने के लिए अभी बाकी शर्तें पूरी करनी होंगी।

Adani Enterprises

अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज ने अमेरिकी कंपनी Jabil Inc. के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर बनाने के लिए MoU किया है। इसका मकसद भारत में AI और डेटा सेंटर के उपकरण बनाना है। प्रस्तावित JV में AI रैक, सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्किंग उपकरण, पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट और लिक्विड कूलिंग सिस्टम बनाए जाएंगे।

Anand Rathi Shares

शेयर ब्रोकिंग कंपनी आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 48.4% बढ़कर ₹42.3 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹28.5 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू भी 20.1% बढ़कर ₹273 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹227 करोड़ था।

Hindustan Oil Exploration

तेल और गैस की खोज करने वाली कंपनी हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन ने देबब्रत दास को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 16 अक्टूबर से लागू होगी। कंपनी के मुताबिक, एलन एंड्रेड 15 अक्टूबर से CFO का पद छोड़ देंगे।

Polycab India

वायर और केबल बनाने वाली कंपनी पॉलीकैब इंडिया को कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी मामले में राहत मिली है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने कंपनी के खिलाफ इन्सॉल्वेंसी प्रोसेस शुरू करने के NCLT के आदेश पर रोक लगा दी है।

RailTel Corporation of India

सरकारी टेलीकॉम और ICT सेवा देने वाली कंपनी रेलटेल को ओडिशा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग से ₹48.98 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। इसमें टैक्स भी शामिल हैं। कंपनी 83 डिजिटल एप्लिकेशन मॉड्यूल तैयार करेगी और उन्हें मौजूदा ERP सिस्टम से जोड़ेगी। इस प्रोजेक्ट को 10 मई 2027 तक पूरा करना है।

GTPL Hathway

केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सर्विस देने वाली GTPL Hathway दूसरी तिमाही में मुनाफे से घाटे में आ गई। कंपनी को ₹9.2 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले ₹93 लाख का कंसोलिडेटेड घाटा हुआ। हालांकि, कंपनी की इनकम बढ़कर ₹1,143 करोड़ हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹959 करोड़ थी।

Q2 Results

बुधवार को कई कंपनियां सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी। इनमें केनरा बैंक, CEAT, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स (BHEL), ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, टाटा टेक्नोलॉजीज और HDB फाइनेंशियल सर्विसेज शामिल हैं। इनके अलावा बजाज कंज्यूमर केयर, एलेकॉन इंजीनियरिंग, लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स और लीला पैलेसेज होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के नतीजे भी आने हैं।

Tata Elxsi Q2 Results: टाटा की कंपनी को ₹170 करोड़ का मुनाफा, ऑटो बिजनेस में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अदाणी ग्रुप की AI और डेटा सेंटर इक्विपमेंट बनाने की तैयारी, अमेरिकी कंपनी से मिलाया हाथ

अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज और अमेरिकी कंपनी Jabil Inc. ने भारत में AI और डेटा सेंटर के इक्विपमेंट बनाने के लिए हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियों ने 50:50 जॉइंट वेंचर (JV) बनाने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके जरिए भारत में बड़े पैमाने पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की तैयारी है।

प्रस्तावित JV में AI रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग इक्विपमेंट बनाए जाएंगे। इसके अलावा, पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट, लिक्विड कूलिंग सिस्टम और ट्रांसफॉर्मर भी तैयार होंगे। इन इक्विपमेंट की सप्लाई भारत के साथ दूसरे देशों में भी की जाएगी। हालांकि, इसके लिए दोनों कंपनियों को अंतिम समझौते और जरूरी मंजूरियां लेनी होंगी।

AI रैक और सर्वर बनाने की होगी बड़ी क्षमता

इस JV के तहत कई गीगावॉट क्षमता वाले AI रैक बनाए जाने की योजना है। ये रैक हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम को संभालेंगे। AI से जुड़े कामों में ऐसे सिस्टम का इस्तेमाल होता है। दोनों कंपनियां उपकरणों की इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग की सेवाएं भी देंगी।

2030 तक 8 GW हो सकती है डेटा सेंटर क्षमता

भारत में डेटा सेंटर की क्षमता 2030 तक 5 से 8 गीगावॉट पहुंचने का अनुमान है। AI का बढ़ता इस्तेमाल और क्लाउड सेवाओं का विस्तार इसकी बड़ी वजह हैं। डेटा को देश के भीतर रखने की जरूरत से भी इस कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है।

कंपनियों के मुताबिक, डेटा सेंटर, क्लाउड और AI से जुड़े क्षेत्रों में हाइपरस्केलर्स का प्रस्तावित निवेश 50 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकता है। वहीं, अगले सात साल में ग्लोबल AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार में 3 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा के अवसर का अनुमान है।

अदाणी ग्रुप की AI कारोबार में बढ़ेगी पकड़

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि AI के विकास के लिए सिर्फ बेहतर एल्गोरिदम काफी नहीं हैं। इसके लिए ऊर्जा, डेटा सेंटर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग से जुड़ा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी चाहिए। इस JV से ग्रुप को AI के लिए जरूरी उपकरण बनाने के कारोबार में उतरने का मौका मिलेगा।

Jabil के CEO माइक डस्टूर ने कहा कि इस साझेदारी से भारत और दुनिया के दूसरे बाजारों में डेटा सेंटर उपकरणों की बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिलेगी।

मंगलवार को BSE पर अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 2.39% चढ़कर ₹2,694 पर बंद हुआ। इसने पिछले 6 महीने में 26.59% का रिटर्न दिया है।

Stock in Focus: ड्रोन कंपनी को सरकार से ऑर्डर मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Parag Parikh MF: पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड ने कैश होल्डिंग घटाई, इन दो कंपनियों पर लगाया बड़ा दांव

Parag Parikh MF: पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड ने अपने पास रखी नकदी में बड़ी कटौती की है। एक साल पहले फंड की कैश होल्डिंग करीब 24% थी। अब यह घटकर 9.7% रह गई है। शेयरों की कीमतों में गिरावट के बाद फंड को निवेश के नए मौके दिख रहे हैं। इसलिए उसने बाजार में पैसा लगाना बढ़ा दिया है।

PPFAS Mutual Fund के को-फंड मैनेजर (इक्विटी) और हेड ऑफ रिसर्च रौनक ओंकार ने CNBC-TV18 को एक इंटरव्यू में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शेयरों की वैल्यूएशन अब पहले के मुकाबले आकर्षक हो रही है। फंड को कुछ कंपनियों के शेयर कम कीमत पर मिल रहे हैं। इसलिए उसने इन कंपनियों में अच्छी-खासी रकम लगाई है।

ओंकार ने बताया कि फंड ऐसी कंपनियों पर भी नजर रख रहा है, जिनके कारोबार से लगातार कैश आता है। फिलहाल बाजार का ज्यादा ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर है। इस वजह से कई दूसरी कंपनियों पर निवेशकों का ध्यान कम गया है।

उनके मुताबिक, ऐसी कुछ कंपनियों के शेयर उनकी कमाई और कैश फ्लो के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर मिल रहे हैं। इससे मजबूत कारोबार वाली कंपनियों में निवेश का मौका बन रहा है।

DLF में PPFAS क्यों लगा रहा है पैसा?

PPFAS Mutual Fund ने अपने पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट कंपनी DLF के शेयर भी शामिल किए हैं। ओंकार ने बताया कि DLF के पास काफी बड़ी जमीन है। कंपनी के पास प्रोजेक्ट पूरे करने की अच्छी क्षमता भी है। इसके अलावा, उसने अपना कर्ज कम किया है। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है।

ओंकार के मुताबिक, अब DLF में निवेश का मौका इस बात में है कि कंपनी अपनी जमीन का इस्तेमाल किस तरह करती है। वह नए प्रोजेक्ट बनाकर कारोबार बढ़ा सकती है। साथ ही, उसके कमर्शियल प्रॉपर्टी से किराये के रूप में लगातार कैश भी आता है।

उन्होंने यह भी कहा कि DLF की बैलेंस शीट पहले से मजबूत है। कर्ज कम होने के कारण कंपनी के पास विस्तार के लिए ज्यादा गुंजाइश है। इससे वह उत्तर भारत के अपने पारंपरिक बाजार से आगे दूसरे क्षेत्रों में भी कारोबार बढ़ा सकती है।

CMS Info Systems पर क्यों है PPFAS की नजर?

PPFAS Mutual Fund ने CMS Info Systems में भी निवेश किया है। इस कंपनी के कारोबार का एक बड़ा हिस्सा कैश से जुड़ा है। ओंकार के मुताबिक, देश की अर्थव्यवस्था में आज भी नकदी का इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए बैंकों और दूसरे कैश एक्सेस पॉइंट्स के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि देश में चलन में मौजूद नकदी का स्तर नोटबंदी के समय के मुकाबले ज्यादा है। अर्थव्यवस्था में कई तरह के लेनदेन अब भी कैश से होते हैं। ऐसे में बैंकों और दूसरी जगहों पर नकदी पहुंचाने और उसे संभालने के लिए भरोसेमंद ऑपरेटर जरूरी हैं।

CMS Info Systems इसी तरह के काम से जुड़ी कंपनी है। वह कैश लेनदेन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर संभालती है। हालांकि, ओंकार ने यह भी माना कि कंपनी के मुख्य कारोबार में ऑर्गेनिक ग्रोथ बहुत मजबूत नहीं है। इसी वजह से उसके शेयर की वैल्यूएशन भी ज्यादा ऊंची नहीं है।

इसके बावजूद कंपनी का कैश फ्लो मजबूत है। यानी कारोबार से उसके पास लगातार पैसा आता है। कंपनी अपने मौजूदा कारोबार से जुड़े दूसरे क्षेत्रों में भी विस्तार के मौके तलाश रही है।

प्राइवेट बैंकों में 20% निवेश से संतुष्ट है PPFAS

PPFAS Mutual Fund के पोर्टफोलियो का करीब 20% हिस्सा प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में लगा है। इसमें HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे शेयर शामिल हैं।

ओंकार ने कहा कि फंड बैंकिंग शेयरों में अपने मौजूदा निवेश से संतुष्ट है। उसे इस सेक्टर में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की जरूरत नहीं दिखती। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इसमें इससे आगे निवेश बढ़ाते रहना सही होगा। आखिर यह बैंकिंग फंड नहीं है। हमने अपने पोर्टफोलियो में बैंकिंग सेक्टर को एक तय हिस्सेदारी दी है।’

ओंकार ने फंड की मौजूदा पसंद के हिसाब से बैंकों की रैंकिंग भी बताई। इसमें HDFC Bank पहले नंबर पर है। इसके बाद ICICI Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank का स्थान है।

हालांकि, यह रैंकिंग हमेशा एक जैसी रहेगी, ऐसा नहीं है। ओंकार के मुताबिक, समय के साथ इन बैंकों में निवेश का अनुपात बदल सकता है। यह बाजार की चाल, शेयरों के प्रदर्शन और संबंधित बैंकों के कारोबार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

Personal Loan EMI: ₹5 लाख के लोन पर कितना ब्याज देना पड़ेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Zoho में इस साल सैलरी हाइक नहीं करने का ऐलान कर इसके फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने मांगी माफी, खस्ता हालत की वजह भी बताई

नौकरी करने वाले लोगों के लिए सालाना सैलरी हाइक का इंतजार काफी अहम होता है। बढ़ती महंगाई के बीच वेतन में होने वाली बढ़ोतरी से घर का बजट संभालने में मदद मिलती है। लेकिन सॉफ्टवेयर कंपनी Zoho के कर्मचारियों को इस साल निराशा का सामना करना पड़ सकता है। कंपनी के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने बताया है कि इस साल कर्मचारियों की सैलरी में सामान्य सालाना बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इसके पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े बढ़ते खर्च, सर्वर की महंगी कीमतें और वैश्विक कारोबारी अनिश्चितता जैसे कारण हैं। हालांकि, उन्होंने कर्मचारियों को यह भरोसा भी दिया है कि कंपनी बड़े पैमाने पर छंटनी से बचने की पूरी कोशिश करेगी।

Zoho कर्मचारियों को इस साल नहीं मिलेगा सालाना इंक्रीमेंट

श्रीधर वेम्बू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए कंपनी की मौजूदा स्थिति साझा की। उन्होंने बताया कि सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का भविष्य फिलहाल अनिश्चित बना हुआ है और AI के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनियों का खर्च काफी बढ़ गया है। इसी दबाव के चलते Zoho ने इस साल कर्मचारियों की सामान्य वेतन वृद्धि रोकने का फैसला किया है। वेम्बू ने स्वीकार किया कि यह फैसला लेना आसान नहीं था। उन्होंने कर्मचारियों से माफी भी मांगी कि वह इस साल सैलरी हाइक को जारी नहीं रख सके।

AI के कारण चार गुना बढ़ी सर्वर की कीमतें

कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक डेटा सेंटर के लिए जरूरी सर्वर की बढ़ती लागत है। वेम्बू के मुताबिक, सर्वर की कीमतें चार गुना तक बढ़ गई हैं। इसके अलावा, AI टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ने के कारण कंपनी के परिचालन खर्च में भी इजाफा हुआ है। इन बढ़ते खर्चों को नियंत्रित करने के लिए Zoho ने अपने मार्केटिंग बजट में कटौती की है। वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने भी कारोबारी माहौल को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

बड़े पैमाने पर छंटनी से बचने की कोशिश

सैलरी हाइक रोकने के फैसले के बीच कर्मचारियों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी फिलहाल बड़े पैमाने पर छंटनी से बचना चाहती है। वेम्बू ने कहा कि कंपनी कर्मचारियों की बड़े स्तर पर नौकरी जाने की स्थिति से बचने के लिए पूरी मेहनत करेगी।

हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सॉफ्टवेयर क्षेत्र में नौकरियों का भविष्य चुनौतीपूर्ण दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक, Zoho ने पिछले 18 महीनों से अपने कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं की है। इससे कंपनी में भर्ती की रफ्तार धीमी रहने का संकेत मिलता है।

अगले 3 से 5 साल Zoho के लिए अहम

वेम्बू ने बताया कि कंपनी इस समय खुद को नए कारोबारी माहौल के अनुरूप ढालने की प्रक्रिया में है। अगले तीन से पांच साल यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि कंपनी का बदलाव कितना सफल रहता है।

उन्होंने कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार भी जताया। उनके मुताबिक, ज्यादातर कर्मचारी कंपनी की स्थिति को समझ रहे हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब तकनीकी कंपनियां AI में निवेश बढ़ाने के साथ अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की चुनौती का सामना कर रही हैं।

भूकंप के मलबे में फोटोशूट करवाने वाली ये मॉडल इंटरनेट पर हो गईं वायरल, कौन हैं ग्रेसी बोन?

HD Fire Protect IPO: एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹213 करोड़, 13 अक्टूबर से ओपनिंग; ग्रे मार्केट में उड़ान भर रहा है शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में HD फायर प्रोटेक्ट का ₹712.31 करोड़ का IPO आज, 13 अक्टूबर से खुलने वाला है। एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 213.11 करोड़ रुपये जुटाए। प्राइस बैंड के अपर एंड पर 25 इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को 78.64 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए। कुल एंकर एलोकेशन में से, 56,52,331 इक्विटी शेयर 9 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को दिए गए। इनमें SBI म्यूचुअल फंड, HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी, कोटक म्यूचुअल फंड, UTI म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट कंपनी, PGIM इंडिया, बंधन म्यूचुअल फंड और मिरे एसेट शामिल हैं।

बजाज लाइफ इंश्योरेंस और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस ने कुल 14.95 करोड़ रुपये के 5.51 लाख शेयर सब्सक्राइब किए। अशोका व्हाइटओक, एलियांज ग्लोबल इनवेस्टर्स फंड और अमुंडी फंड्स जैसे दूसरे बड़े इनवेस्टर्स ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया।

HD फायर प्रोटेक्ट IPO 15 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹258-₹271 प्रति शेयर और लॉट साइज 55 शेयर है। कंपनी के IPO में 2.63 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। OFS में कंपनी के 2 प्रमोटर- हरीश नरशी धरमशी और कुसुम हरीश धरमशी शेयरों को बिक्री के​ लिए रखेंगे। IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होगा। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 21 अक्टूबर को हो सकती है।

क्या करती है HD Fire Protect

HD फायर प्रोटेक्ट आग से सुरक्षा करने वाले इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती और सप्लाई करती है। यह आग बुझाने के पानी, फोम और गैस-बेस्ड सॉल्यूशंस की पेशकश करती है। कंपनी 8 प्रोडक्ट कैटेगरीज में कई तरह के प्रोडक्ट बनाती है, जैसे कि स्प्रिंकलर, अलार्म वॉल्व व एक्सेसरीज, डेल्यूज वॉल्व और सिस्टम, फोम इक्विपमेंट व सप्रेशन सिस्टम, मॉनिटर व नोजल, वॉटर स्प्रे नोजल, कस्टम-इंजीनियर्ड सिस्टम, गैस सप्रेशन सिस्टम आदि।

कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल, रेजिडेंशियल और कमर्शियल कामों में होता है, जैसे कि ऑयल व गैस, रिफाइनिंग व पेट्रोकेमिकल्स, पावर एंड एनर्जी, हेवी इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मास्यूटिकल्स, डेटा सेंटर, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर। HD Fire Protect के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं।

Bonfiglioli Transmissions IPO: ₹2534 करोड़ का इश्यू 15 अक्टूबर से, ग्रे मार्केट में अभी से चढ़ा शेयर; चेक करें प्राइस बैंड

IPO में कितना हिस्सा रिजर्व

IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। HD Fire Protect IPO के लिए एंबिट प्राइवेट लिमिटेड, आनंद राठी एडवाइजर्स लिमिटेड और IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है।

ग्रे मार्केट में दौड़ रहा है शेयर

HD Fire Protect की लिस्टिंग अच्छी रहने की उम्मीद है। ग्रे मार्केट में शेयर 31.73 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 114 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 23.87 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 505.12 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 116.79 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।