HDFC Bank News: नए चीफ कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति, वीएन श्रीवत्सन संभालेंगे जिम्मेदारी

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank ने वी एन श्रीवत्सन को नया चीफ कंप्लायंस ऑफिसर बनाया है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। यह अवधि बैंक में जॉइन करने की तारीख से शुरू होगी।

श्रीवत्सन के 4 जनवरी 2027 को HDFC Bank जॉइन करने की उम्मीद है। वह बैंक के फुल-टाइम कर्मचारी होंगे। अभी वह ICICI Bank में ओवरसीज बैंकिंग और सब्सिडियरीज के हेड ऑफ कंप्लायंस और डेटा प्राइवेसी ऑफिसर हैं।

34 साल का अनुभव

श्रीवत्सन को करीब 34 साल का प्रोफेशनल अनुभव है। इसमें करीब 25 साल बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में काम करने का अनुभव है। करीब 10 साल का अनुभव सीधे कंप्लायंस और रेगुलेटरी इंस्पेक्शन से जुड़ा है।

उन्होंने आठ साल से ज्यादा समय तक रिटेल बैंकिंग कंप्लायंस और रेगुलेटरी इंस्पेक्शन की जिम्मेदारी संभाली है। उनके काम में रेगुलेशन की निगरानी और रेगुलेटरी इंस्पेक्शन संभालना शामिल रहा है।

कंप्लायंस का लंबा अनुभव

श्रीवत्सन ने कंप्लायंस फ्रेमवर्क और पॉलिसी तैयार करने का काम किया है। इन्हें लागू कराने की जिम्मेदारी भी संभाली है। इसके अलावा उन्होंने रेगुलेटरी इंस्पेक्शन से जुड़े मामलों को भी देखा है।

उन्होंने सीनियर मैनेजमेंट, ऑडिट कमेटी, बोर्ड और रेगुलेटर्स के साथ काम किया है। श्रीवत्सन ने पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पोस्टग्रेजुएट डिग्री की है। उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बीटेक किया है।

राकेश कुमार राजपूत ने छोड़ा पद

HDFC Bank के चीफ कंप्लायंस ऑफिसर राकेश कुमार राजपूत ने 30 सितंबर 2026 को यह पद छोड़ दिया। वह 1 अक्टूबर 2023 से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे थे।

हालांकि, राजपूत HDFC Bank के फुल-टाइम कर्मचारी बने रहेंगे। उनके पास बीएससी (ऑनर्स) की डिग्री है। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकर्स के सर्टिफाइड एसोसिएट हैं। इसके अलावा उनके पास बिजनेस मैनेजमेंट में एडवांस्ड डिप्लोमा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank CEO Race: अब रेस में सिर्फ 2 नाम, कौन बनेगा HDFC बैंक का नया बॉस?

HDFC Bank CEO Race: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank के अगले MD और CEO की तलाश अब आखिरी दौर में पहुंच गई है। रेस में सिर्फ दो नाम बचे हैं। इनमें पहले डिप्टी MD कैजाद एम. भरूचा हैं। और दूसरे ICICI Prudential Life के MD और CEO अनूप बागची।

CNBCTV18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि भरूचा इंटरनल कैंडिडेट हैं। यानी वह पहले से HDFC Bank में हैं। वहीं बागची एक्सटर्नल कैंडिडेट हैं। उन्हें बैंक के बोर्ड ने शॉर्टलिस्ट किया है। इस बारे में अनूप बागची और HDFC Bank को भेजे गए सवालों का खबर छपने तक जवाब नहीं मिला था।

HDFC Bank में CEO की तलाश क्यों?

बैंक के मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का दूसरा कार्यकाल अक्टूबर 2026 में खत्म हो रहा है। उन्होंने दोबारा इस पद पर आने की इच्छा नहीं जताई है।

बोर्ड ने उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश भी की थी। लेकिन अब बैंक नए CEO की तलाश में आगे बढ़ चुका है।

कैजाद भरूचा कौन हैं

कैजाद भरूचा 1995 से HDFC Bank के साथ हैं। उन्हें बैंकिंग का 35 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह 2014 से बैंक के बोर्ड में होल-टाइम डायरेक्टर हैं। अप्रैल 2023 में उन्हें डिप्टी MD बनाया गया था।

भरूचा ने बैंक में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने कॉरपोरेट बैंकिंग, बिजनेस बैंकिंग और रिटेल एसेट्स जैसे कारोबार देखे हैं। यानी बैंक के कामकाज को वह अंदर से जानते हैं। अगर उन्हें CEO बनाया जाता है, तो बैंक को अंदर से ही नया नेतृत्व मिल जाएगा। इससे कामकाज में निरंतरता बनी रह सकती है।

लेकिन उनके सामने एक दिक्कत भी है। भरूचा 2014 से बैंक के बोर्ड में होल-टाइम डायरेक्टर हैं। उनके 13 साल से ज्यादा पूरे हो चुके हैं। RBI के नियमों के मुताबिक, होल-टाइम डायरेक्टर का कुल कार्यकाल 15 साल तक हो सकता है। इसमें MD और CEO भी शामिल हैं।

ऐसे में भरूचा की मौजूदा पात्रता 2029 तक ही रह सकती है। अगर वह CEO बनते हैं, तो करीब तीन साल ही इस पद पर रह पाएंगे। अगर बैंक उन्हें इसके बाद भी पूरा कार्यकाल देना चाहता है, तो RBI से छूट लेनी पड़ सकती है।

अनूप बागची की दावेदारी

दूसरे दावेदार अनूप बागची हैं। वह अभी ICICI Prudential Life के MD और CEO हैं। बागची को बैंकिंग, कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने रिटेल, MSME और कॉरपोरेट बैंकिंग में काम किया है। इसके अलावा ट्रेजरी और क्रेडिट पॉलिसी का भी अनुभव है।

बागची ICICI Group के पुराने अधिकारियों में शामिल हैं। वह इससे पहले ICICI Securities के MD और CEO रह चुके हैं। वह ICICI Bank के बोर्ड में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी रहे हैं।

उनका अनुभव सिर्फ बैंकिंग तक सीमित नहीं है। कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस की भी उन्हें अच्छी समझ है। यही वजह है कि वह HDFC Bank के लिए मजबूत बाहरी उम्मीदवार माने जा रहे हैं।

अब RBI की मंजूरी का इंतजार

नए MD और CEO का फैसला सिर्फ HDFC Bank का बोर्ड नहीं करेगा। इसके लिए रेगुलेटरी मंजूरी भी जरूरी है। इसमें RBI की मंजूरी सबसे अहम होगी। अब असली सवाल यह है कि बैंक किसे चुनता है।

एक तरफ कैजाद भरूचा हैं। उन्हें HDFC Bank के कामकाज की अंदर से अच्छी समझ है। दूसरी तरफ अनुप बागची हैं। उनके पास बैंकिंग के साथ कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस का भी अनुभव है।

निवेशकों की नजर अब बोर्ड के अंतिम फैसले और RBI की मंजूरी पर रहेगी। यही दोनों चीजें HDFC Bank के शेयर के लिए आगे बड़ा ट्रिगर बन सकती हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank के नए CEO कौन होंगे? कैजाद भरूचा का नाम सबसे आगे, बाहरी उम्मीदवार की भी तलाश

HDFC Bank New CEO: प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा लेंडर HDFC Bank अक्टूबर में नए एमडी और CEO का ऐलान कर सकता है। मौजूदा एमडी और CEO शशिधर जगदीशन अक्टूबर में अपने पद से रिटायर हो रहे हैं। बैंक अपने डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा का नाम आगे कर सकता है। हालांकि, अभी इस पर आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।

बाहरी उम्मीदवार भी तलाश रहा बैंक

रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बैंक एक बाहरी उम्मीदवार की भी तलाश कर रहा है। RBI के नियम के तहत CEO पद के लिए एक से ज्यादा नाम भेजने होते हैं। बैंक जिन नामों का प्रस्ताव देगा, उन पर RBI फैसला करेगा। HDFC Bank और कैजाद भरूचा ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

क्यों अहम है कैजाद भरूचा का नाम

कैजाद भरूचा बैंक के पुराने अधिकारियों में शामिल हैं। वह रिटेल और होलसेल, दोनों बिजनेस संभाल रहे हैं। इसलिए उन्हें जगदीशन का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है। वह 2029 तक रिटायर नहीं होंगे, जो उनके पक्ष में एक अहम बात है।

RBI के नियमों में कैसे फिट बैठते हैं

RBI के नियमों के तहत फुल-टाइम डायरेक्टर का अधिकतम कार्यकाल 15 साल हो सकता है। 2029 तक भरूचा के 15 साल पूरे होंगे। ऐसे में वह CEO पद के लिए पात्र हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर कार्यकाल की सीमा में छूट के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।

जगदीशन ने दोबारा कार्यकाल क्यों नहीं लिया

शनिवार को HDFC Bank ने बताया कि शशिधर जगदीशन ने दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। वह अक्टूबर 2020 से बैंक के MD और CEO हैं। उनका दूसरा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। बैंक ने उनके फैसले के पीछे कोई खास वजह नहीं बताई।

छह महीने से नेतृत्व को लेकर उठापटक

पिछले करीब छह महीने HDFC Bank के लिए आसान नहीं रहे हैं। मार्च में बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि बैंक की कुछ प्रथाएं उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खातीं। इसके बाद बैंक के टॉप मैनेजमेंट को लेकर सवाल उठने लगे।

जांच में नहीं मिले आरोपों के सबूत

चेयरमैन के आरोपों की बाद में बाहरी कानूनी समीक्षा कराई गई। इस जांच में गवर्नेंस से जुड़े आरोपों को साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला। हालांकि, पिछले महीने बड़े डिपॉजिट की प्राइसिंग के एक अलग मामले में जगदीशन समेत चार अधिकारियों पर कार्रवाई हुई। इससे बैंक के नेतृत्व पर दबाव बढ़ा।

शेयर पर भी दिखा असर

इस साल HDFC Bank के शेयर में करीब 27% की गिरावट आई है। मार्च में चेयरमैन के इस्तीफे के बाद गिरावट और तेज हो गई। जून के अंत तक बैंक में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी करीब 40% थी। 2023 में HDFC Ltd के साथ हुए बड़े मर्जर का फायदा भी निवेशकों को उम्मीद के मुताबिक नहीं दिखा है।

नए CEO के सामने क्या चुनौती

HDFC Bank को अब जल्द नया CEO चुनना है। बोर्ड ने भी उत्तराधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने की बात कही है। नए CEO के सामने शेयर की गिरावट रोकने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की चुनौती होगी। साथ ही HDFC Ltd के साथ मर्जर का पूरा फायदा निकालना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank में CEO पद को लेकर हलचल बढ़ी, RBI गवर्नर से मिले चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank CEO Appointment: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। अब इसमें दो महीने से थोड़ा ज्यादा समय बचा है। इसी बीच बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने पिछले हफ्ते RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की है।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सबसे अहम बात जगदीशन के अगले कार्यकाल को लेकर हुई। RBI यह समझना चाहता है कि बैंक बोर्ड जगदीशन को दोबारा एमडी और सीईओ बनाने के पक्ष में है या नहीं।

बोर्ड में जगदीशन के नाम पर कितनी सहमति?

RBI यह भी जानना चाहता था कि राजीव कुमार के चेयरमैन बनने के बाद बोर्ड में किसी दूसरे नाम पर भी चर्चा हुई है या नहीं। एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि अभी तक HDFC Bank बोर्ड ने एमडी और सीईओ की नियुक्ति को लेकर RBI को कोई सिफारिश नहीं भेजी है।

RBI अब जल्द फैसला चाहता है

राजीव कुमार 30 जून 2026 को HDFC Bank के बोर्ड में शामिल हुए थे। इसके बाद से RBI अधिकारियों के साथ उनकी यह चौथी औपचारिक बातचीत बताई जा रही है।

शुरुआत में RBI ने बोर्ड को कुछ समय दिया। इसकी वजह यह थी कि राजीव कुमार ने 15 जुलाई को औपचारिक रूप से चेयरमैन का पद संभाला था। अब उन्हें पद संभाले करीब एक महीना हो चुका है। ऐसे में RBI चाहता है कि बैंक के नेतृत्व को लेकर तस्वीर जल्द साफ हो।

आमतौर पर छह महीने पहले शुरू हो जाती है प्रक्रिया

बैंकों में आम तौर पर एमडी और सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से करीब छह महीने पहले दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बोर्ड अपनी सिफारिश RBI को भेजता है।

अगर नया सीईओ चुनना हो, तो पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम आम तौर पर कार्यकाल खत्म होने से कम से कम चार महीने पहले RBI को भेजे जाते हैं।

HDFC Bank का मामला इसलिए अलग दिख रहा है। जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने में अब करीब दो महीने बचे हैं। लेकिन बोर्ड ने अभी तक RBI को कोई नाम नहीं भेजा है।

जगदीशन के सामने क्या संभावनाएं?

पहले की रिपोर्टों के मुताबिक, इस पद को लेकर चार संभावनाएं हैं। जगदीशन को फिर से तीन साल का कार्यकाल मिल सकता है। उन्हें इससे छोटा कार्यकाल भी दिया जा सकता है। बैंक बोर्ड किसी दूसरे आंतरिक उम्मीदवार का नाम भी भेज सकता है।

इसके अलावा किसी बाहरी उम्मीदवार के नाम पर भी विचार हो सकता है। यानी फिलहाल यह तय नहीं है कि अक्टूबर के बाद HDFC Bank की कमान किसके हाथ में होगी।

AT-1 बॉन्ड मामले पर भी बात

RBI गवर्नर और राजीव कुमार की बातचीत सिर्फ सीईओ की नियुक्ति तक सीमित नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, AT-1 बॉन्ड की मिस-सेलिंग से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई।

कुछ नाराज बॉन्डधारक इस मामले को लेकर बहरीन में कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। RBI इस मामले को लेकर भी बैंक की स्थिति समझना चाहता है।

कुछ महीनों में बदला बैंक का नेतृत्व

HDFC Bank में पिछले कुछ महीनों में नेतृत्व स्तर पर काफी बदलाव हुए हैं। पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक बोर्ड छोड़ दिया था।

इसके बाद नॉन-एग्जीक्यूटिव बोर्ड सदस्य केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया। करीब तीन महीने की तलाश के बाद राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन चुना गया। उन्हें पहले अतिरिक्त निदेशक बनाया गया था। RBI की मंजूरी के बाद 15 जुलाई को उन्होंने चेयरमैन का पद संभाला।

HDFC Bank का शेयर बुधवार को 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 727.35 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 1 साल में यह 25.28% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।