Tinder CEO ने कर्मचारियों से पूछा सफलता का मतलब, जवाब सुनकर हुए हैरान, जानें क्या होगा नया नियम

आज के दौर में डेटिंग ऐप पर मैच मिलना आसान हो सकता है, लेकिन क्या उस मैच से कोई अच्छी बातचीत या सच्चा रिश्ता भी बनता है? Tinder के नए CEO स्पेंसर रास्कॉफ ने जब अपनी टीम से यही सवाल पूछा, तो उन्हें ऐसा जवाब मिला जिसने कंपनी की सोच पर ही सवाल खड़े कर दिए। कई कर्मचारियों के पास सफलता को समझाने के लिए ठोस जवाब नहीं था, जबकि कुछ का ध्यान केवल कमाई और मुनाफे पर था। इसके बाद कंपनी ने तय किया कि अब सफलता सिर्फ पैसों से नहीं, बल्कि लोगों के बीच बनने वाले कनेक्शन से भी मापी जाएगी।

जब CEO के सवाल पर कर्मचारी हो गए खामोश

स्पेंसर रास्कॉफ ने जुलाई 2025 में Tinder की कमान संभाली थी। इसके बाद उन्होंने कर्मचारियों से पूछा कि आखिर उनकी नजर में ऐप की सफलता क्या है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई कर्मचारी इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए। जिन लोगों ने जवाब दिया, उनमें से कई ने तिमाही मुनाफे और वित्तीय लक्ष्यों का जिक्र किया। रास्कॉफ को महसूस हुआ कि कंपनी शायद उस मूल मकसद से दूर हो गई है, जिसके लिए लोग Tinder का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने Fortune को दिए इंटरव्यू में माना कि नए फीचर्स और इनोवेशन की कमी के कारण ऐप यूजर्स की बदलती उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा था।

अब मैच नहीं, बातचीत भी होगी सफलता का पैमाना

Tinder ने इस समस्या से निपटने के लिए एक नया तरीका अपनाया है। कंपनी ने ‘स्पार्क्स’ (Sparks) नाम का मापदंड पेश किया, जिसके तहत उन बातचीतों को गिना जाता है, जहां मैच होने के बाद दोनों लोग कम से कम छह बार एक-दूसरे को जवाब देते हैं। लाखों मैसेज के विश्लेषण में कंपनी ने पाया कि इस तरह बातचीत आगे बढ़ने पर फ्लर्टिंग और आमने-सामने मिलने की योजना बनने की संभावना अधिक होती है। यानी अब Tinder के लिए सिर्फ दो लोगों का मैच होना काफी नहीं है। कंपनी यह भी देखना चाहती है कि उस मैच के बाद बातचीत कितनी आगे बढ़ती है।

यूजर्स को समझने के लिए बनाए दो काल्पनिक किरदार

कर्मचारी अलग-अलग लोगों की डेटिंग से जुड़ी जरूरतों को बेहतर समझ सकें, इसके लिए कंपनी ने दो काल्पनिक यूजर पर्सोना भी बनाए हैं। इनमें एबी को एक चिंतित रोमांटिक और जैस्मिन को खुशमिजाज, मिलनसार शख्स के रूप में दिखाया गया है। इस पहल का उद्देश्य टीम को यह समझाना है कि हर यूजर की पसंद, उम्मीदें और रिश्ता तलाशने का तरीका एक जैसा नहीं होता।

तेजी से नए फीचर्स ला रहा है Tinder

कंपनी अब डबल डेट, आमने-सामने मिलने वाले इवेंट और AI आधारित मैचमेकिंग जैसी सुविधाओं पर भी काम कर रही है। रास्कॉफ के मुताबिक, कंपनी अब एक साल पहले की तुलना में 70 फीसदी ज्यादा कोड तैयार कर रही है। इससे नए फीचर्स तेजी से लॉन्च करना संभव हुआ है। जनवरी में विकसित एक इवेंट फीचर को लॉस एंजिलिस में सिर्फ आठ सप्ताह में लॉन्च कर दिया गया, जबकि पहले ऐसे प्रोजेक्ट में छह से 12 महीने लग सकते थे।

क्या Tinder की नई रणनीति रंग ला रही है?

रास्कॉफ के मुताबिक, कंपनी के प्लेटफॉर्म पर मैचों में सालाना आधार पर 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, बेहतर बातचीत के संकेतकों में भी सुधार देखने को मिला है। हालांकि, इन शुरुआती आंकड़ों से यह तय नहीं होता कि यूजर्स को लंबे समय तक बेहतर रिश्ते मिलेंगे या नहीं। लेकिन Tinder की नई रणनीति एक अहम बदलाव जरूर दिखाती है, अब कंपनी का ध्यान सिर्फ इस बात पर नहीं है कि कितने लोग मैच कर रहे हैं, बल्कि इस पर भी है कि उन मैचों से आगे कोई सार्थक जुड़ाव बन रहा है या नहीं।

Video: किचन में आग लगते ही महिला के लिए फरिश्ता बना डिलीवरी एजेंट, CCTV में कैद हुई पूरी घटना

HDFC Bank News: डिप्टी MD कैजाद भरूचा 31 दिसंबर को पद छोड़ेंगे, पहले CEO पद की रेस में थे शामिल

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के साथ HDFC बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा ने पद छोड़ने का फैसला किया है। वह 31 दिसंबर 2026 को बैंक से विदा लेंगे। भरूचा तीन दशक से ज्यादा समय से बैंक के साथ काम कर रहे हैं। बैंक ने शनिवार को शेयर बाजार को इसकी जानकारी दी।

इसके साथ ही बैंक ने लिली वडेरा को फिर से स्वतंत्र निदेशक बनाने की मंजूरी दी है। उनका नया कार्यकाल 26 नवंबर 2026 से शुरू होगा और तीन साल तक चलेगा।

RBI की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव

HDFC बैंक के बोर्ड ने भरूचा के पद छोड़ने के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी (GNRC) ने भी इस फैसले पर सहमति जताई थी। अब इस प्रस्ताव को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।

भरूचा का पद छोड़ने का फैसला ऐसे समय आया है, जब बैंक में एक और बड़ा बदलाव होने वाला है। 27 अक्टूबर को अनूप बागची HDFC बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह इससे पहले ICICI ग्रुप से जुड़े रहे हैं।

CEO पद की दौड़ में थे भरूचा

कैजाद भरूचा का पद छोड़ने का फैसला HDFC Bank में नए CEO की नियुक्ति के बीच आया है। बैंक के मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। इससे पहले भरूचा को इस पद के प्रमुख दावेदारों में से एक माना जा रहा था।

अगस्त और सितंबर में आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक ने CEO पद के लिए भरूचा के साथ एक बाहरी उम्मीदवार के नाम पर भी विचार किया था। भरूचा 2014 में बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे। बैंक ने भरूचा के पद छोड़ने की वजह नहीं बताई है।

बैंक के क्रेडिट सिस्टम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका

HDFC बैंक के बोर्ड ने भरूचा के काम की तारीफ की है। बोर्ड के मुताबिक, उन्होंने बैंक की ग्रोथ और उसे एक मजबूत संस्था बनाने में अहम योगदान दिया है।

खास तौर पर बैंक के क्रेडिट सिस्टम को तैयार करने और मजबूत बनाने में उनकी भूमिका रही। क्रेडिट सिस्टम का मतलब है कि बैंक किसे कर्ज देगा, उसकी जांच कैसे होगी और कर्ज से जुड़े जोखिम को कैसे संभाला जाएगा। बोर्ड ने माना कि यह व्यवस्था बैंक की बड़ी ताकतों में से एक है।

HDFC Bank Q2 Results: HDFC बैंक को ₹19510 करोड़ मुनाफा, NII 9.7% बढ़ी; बैड लोन भी घटा

GIFT Nifty दे रहा गैप-अप ओपनिंग के संकेत, क्या HDFC बैंक और IT आज संभालेंगे बाजार की कमान

Gift Nifty Indicator: 5 अक्टूबर को भारतीय बाजार में गैप-अप ओपनिंग की संभावना है, क्योंकि GIFT Nifty 140 अंक ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसे US में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी (monetary tightening) को लेकर कम होती चिंताओं और तेल की कीमतों में गिरावट से सहारा मिल रहा है।

5 अक्टूबर को सुबह 7:47 बजे, GIFT Nifty 143 अंक ऊपर 22,633.5 पर ट्रेड कर रहा था। पिछले हफ्ते Nifty 50 और Sensex दोनों में लगातार आठवीं बार साप्ताहिक गिरावट देखी गई। इस गिरावट के पीछे विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेज़ बढ़ोतरी जैसे कारण थे, जिन्होंने रिस्क लेने की क्षमता को कम कर दिया।

संभावित गैप-अप ओपनिंग के पीछे ये चार मुख्य कारण हैं

1) कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

सोमवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई। मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल के बढ़ते एक्सपोर्ट और G7 देशों द्वारा तेल स्टॉक जारी करने से सप्लाई बढ़ रही है, जबकि ईरान युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र में तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और नुकसान की चिंताएं बनी हुई हैं।

0115 GMT तक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 35 सेंट या 0.34% गिरकर $101.90 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $90.49 प्रति बैरल पर था, जिसमें 62 सेंट या 0.68% की गिरावट आई।

पिछले हफ्ते ब्रेंट ने अपनी ज़्यादातर बढ़त गंवा दी थी, जबकि WTI 1.6% नीचे था। यह गिरावट तब आई जब शुक्रवार को G7 देशों ने इमरजेंसी रिज़र्व से 100 मिलियन बैरल डीज़ल और कच्चा तेल जारी करने पर सहमति जताई और US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद एनर्जी एक्सपोर्ट पर पाबंदियां न लगाने का वादा किया।

2) Accenture के Q4 नतीजे

1 अक्टूबर को Accenture के शेयरों में 22% की ज़बरदस्त उछाल आई, जो उनके लिए अब तक का सबसे अच्छा दिन साबित हुआ। कंपनी ने उम्मीद से बेहतर सालाना रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया, जिससे IT कंसल्टिंग बिज़नेस की मज़बूती का पता चला। इस बिज़नेस पर AI-आधारित बदलावों (disruption) की चिंताओं का असर पड़ा था।

इस आउटलुक से पता चला कि ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनियाँ उन कंपनियों की मज़बूत मांग का फायदा उठा रही हैं जो जटिल कामों को ऑटोमेट करने और AI को अपनाने में मदद के लिए बाहरी टेक्नोलॉजी पार्टनर की तलाश कर रही हैं। इससे इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी तेज़ी आई। कॉग्निजेंट के शेयरों में लगभग 8% और IBM में लगभग 3% की बढ़त हुई। भारतीय प्रतिद्वंद्वियों विप्रो और इंफोसिस के ADRs में भी 6% से 7% के बीच बढ़त देखी गई।

3) ग्लोबल स्तर पर सकारात्मक संकेत

सोमवार को एशिया में शेयरों की शुरुआत मजबूत रही, जबकि डॉलर में थोड़ी गिरावट आई और बॉन्ड की कीमतें स्थिर रहीं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उम्मीद से कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा के बाद निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा आक्रामक पॉलिसी टाइटनिंग साइकिल (ब्याज दरें बढ़ाने की प्रक्रिया) पर अपनी उम्मीदें कम कर दीं।

चीन, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में छुट्टियों के कारण एशिया में ट्रेडिंग कम रही, जिससे बाजारों को शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट की चालों से संकेत लेने पड़े।

पिछले हफ्ते के डेटा से पता चला कि सितंबर में अमेरिका में जॉब ग्रोथ उम्मीद से ज्यादा धीमी रही और पिछले दो महीनों के नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों में भारी कटौती की गई, जिससे इस महीने फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना लगभग खत्म हो गई।

CME फेडवॉच टूल के अनुसार, निवेशक अब इस महीने फेड द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना केवल 22% मान रहे हैं, जबकि एक हफ्ते पहले यह संभावना 64% थी।

इस महीने फेड द्वारा दरें न बढ़ाने (पॉज़) की बढ़ती संभावना से जापान के निक्केई में सत्र की शुरुआत में 2% की बढ़त हुई, जबकि ऑस्ट्रेलियाई शेयरों में 0.5% की बढ़ोतरी हुई और जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.15% की बढ़त दर्ज की गई।

4) HDFC बैंक को नया CEO मिला

देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने अनूप बागची को तीन साल के लिए अपना अगला चीफ एग्जीक्यूटिव (CEO) नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब कोई बाहरी व्यक्ति इस संस्थान का नेतृत्व करेगा।

55 वर्षीय बागची, शशिधर जगदीशन की जगह लेंगे। जगदीशन ने अगस्त में फैसला किया था कि 26 अक्टूबर को उनका दूसरा तीन साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद वे दोबारा नियुक्ति नहीं चाहेंगे, जिससे उत्तराधिकार की एक अनियोजित और तेज प्रक्रिया शुरू हो गई।

वे ऐसे समय में कार्यभार संभाल रहे हैं जब मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देश का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं और धीमी परफॉर्मेंस से जूझ रहा है।

नए CEO की घोषणा के बाद HDFC बैंक के ADR शेयरों में लगभग 5% की बढ़त हुई।

टेक्निकल आउटलुक

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के फाउंडर गौरव उदाणी ने कहा “निफ्टी के लगभग 115 अंक ऊपर, यानी 22,535 के आसपास खुलने की उम्मीद है, जो एक मजबूत गैप-अप शुरुआत का संकेत है। हाल की कमजोरी और इंडेक्स के अहम 22,500 ज़ोन के आसपास बंद होने के बाद, यह रिकवरी उत्साहजनक है, लेकिन बढ़त को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

“तत्काल सपोर्ट 22,450–22,500 के आसपास है, जबकि 22,750–22,850 पहला रेजिस्टेंस ज़ोन होगा। अगर निफ्टी 22,850 के ऊपर बना रहता है, तो रिकवरी 23,000 की ओर बढ़ सकती है। हालांकि, मैं शुरुआती चाल के पीछे भागने से बचूंगा और इसके बजाय गिरावट पर खरीदारी के मौके तलाशूंगा, बशर्ते इंडेक्स अहम सपोर्ट ज़ोन को बनाए रखे। व्यापक ट्रेंड सतर्कता वाला बना हुआ है, और निकट अवधि के सेटअप में सार्थक सुधार के लिए 23,050 के ऊपर लगातार बने रहना जरूरी होगा। तब तक, उतार-चढ़ाव और इंट्राडे में अचानक बड़े बदलावों से इनकार नहीं किया जा सकता है।”

 

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank News: नए MD और CEO के लिए 3 बड़ी संभावनाएं, अब RBI के फैसले पर टिकी नजर

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank के नए MD और CEO को लेकर फैसला अब करीब आता दिख रहा है। बैंक के बोर्ड ने RBI को दो नाम भेजे हैं। इनमें डिप्टी MD कैजाद भरूचा और ICICI Prudential Life Insurance के MD और CEO अनूप बागची का नाम शामिल है। दोनों के नाम तीन साल के कार्यकाल के लिए भेजे गए हैं।

मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। RBI फिलहाल दोनों नामों पर विचार कर रहा है। ऐसे में नेतृत्व बदलाव को लेकर तीन संभावनाएं चर्चा में हैं।

कैजाद भरूचा बन सकते हैं नए CEO

पहली संभावना बैंक के अंदर से ही नए CEO की नियुक्ति की है। कैजाद भरूचा 1995 से HDFC Bank से जुड़े हैं। 2014 में वह बैंक के होल-टाइम डायरेक्टर बने और 2023 से डिप्टी MD हैं।

वह रिटेल एसेट्स, मॉर्गेज, कॉरपोरेट बैंकिंग, बिजनेस बैंकिंग और रूरल बैंकिंग जैसे कारोबार देखते हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति से बैंक के मौजूदा सिस्टम और कारोबार की अच्छी समझ रखने वाला नेतृत्व जारी रह सकता है।

हालांकि, उनके मामले में RBI के 15 साल के एग्रीगेट टेन्योर नियम का मुद्दा है। होल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर उनका पिछला कार्यकाल भी इसमें गिना जाता है। इसलिए पूरे तीन साल के कार्यकाल के लिए नियामकीय मंजूरी जरूरी होगी।

अनूप बागची की भी दावेदारी

दूसरी संभावना बाहरी उम्मीदवार की है। अनूप बागची फिलहाल ICICI Prudential Life Insurance के MD और CEO हैं। इससे पहले वह ICICI Bank में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ICICI Securities के MD और CEO रह चुके हैं।

उनके पास रिटेल, MSME, कॉरपोरेट बैंकिंग, ट्रेजरी और फाइनेंशियल सर्विसेज का लंबा अनुभव है। RBI फिलहाल उनकी उम्मीदवारी की जांच कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने उनकी उम्मीदवारी पर IRDAI और ICICI Bank से भी फीडबैक मांगा है। इसकी वजह पिछले करीब तीन साल से उनका मेनस्ट्रीम बैंकिंग से बाहर होना बताया गया है।

भरूचा CEO और बागची DMD?

तीसरी संभावना दोनों को बैंक की टॉप लीडरशिप में जगह देने की है। इस स्थिति में भरूचा CEO बन सकते हैं, जबकि बागची डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (DMD) की भूमिका में आ सकते हैं।

ऐसा होने पर भरूचा अपने मौजूदा अनुभव के साथ बैंक की कमान संभालेंगे। वहीं बागची को HDFC Bank के कारोबार और कामकाज को समझने का समय मिल सकता है। आगे चलकर वह CEO की भूमिका संभाल सकते हैं।

बैंक के लिए क्यों अहम है फैसला?

नए CEO को बड़े मर्जर के बाद तैयार हुई HDFC Bank की बैलेंस शीट के साथ काम करना होगा। डिपॉजिट ग्रोथ, फंडिंग कॉस्ट, नेट इंटरेस्ट मार्जिन, लोन ग्रोथ और रिटर्न जैसे मुद्दे बैंक के लिए अहम रहेंगे।

अभी अंतिम फैसला RBI को करना है। इसलिए फिलहाल भरूचा, बागची या दोनों की भूमिका वाली तीनों संभावनाएं खुली हैं।

L&T Target Price: मैनेजमेंट से मुलाकात के बाद JPMorgan ने सबसे बड़ा टारगेट दिया, 30% चढ़ सकता है स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank Share: चार ब्रोकरेज का बुलिश रुख, ₹1150 तक का टारगेट दिया

HDFC Bank Share: प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank के शेयरों ने पिछले 1 साल में काफी कमजोर प्रदर्शन किया है। इस दौरान बैंक से जुड़े कई विवाद भी हुए। अब नए MD और CEO नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है। ब्रोकरेज का मानना है कि HDFC Bank के शेयरों में अब तेजी देखने को मिल सकता है।

HDFC Bank का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 2.55% चढ़कर ₹731.20 पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले एक साल की तस्वीर देखें तो शेयर अब भी 25% से ज्यादा नीचे है।

चार बड़े ब्रोकरेज हाउस ने HDFC Bank को लेकर अपनी राय जारी की है। Jefferies और Nomura ने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। वहीं Bernstein और Macquarie ने ‘Outperform’ रेटिंग दी है। इनके टारगेट प्राइस ₹880 से लेकर ₹1,150 तक हैं।

Jefferies ने ₹880 का टारगेट दिया

Jefferies ने HDFC Bank पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹880 रखा है। यह पिछले क्लोजिंग भाव से देखें तो यह करीब 20.4% ऊपर है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, बैंक के बोर्ड ने CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी दिखाई है। बैंक ने RBI के पास तीन साल के CEO कार्यकाल के लिए दो नाम भेजे हैं। Jefferies का मानना है कि अगर बैंक किसी आंतरिक उम्मीदवार को चुनता है तो बदलाव अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।

ब्रोकरेज ने HDFC Bank के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा को प्रमुख आंतरिक उम्मीदवारों में बताया है। Jefferies के मुताबिक, उनके पास करीब 2.8 से 3 साल की कार्यकाल पात्रता बच सकती है।

चारों ब्रोकरेज के टारगेट में कितना अंतर?

ब्रोकरेजरेटिंगटारगेट प्राइस
संभावित रिटर्न

JefferiesBuy₹88020.4%
NomuraBuy₹95029.9%
BernsteinOutperform₹1,15057.2%
MacquarieOutperform₹1,15057.2%

Nomura का टारगेट ₹950

Nomura ने भी HDFC Bank पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹950 रखा हैयह करीब 29.9% तेजी का संकेत देता है।

Nomura के मुताबिक, RBI को भेजे गए दोनों नामों से आगे अलग-अलग परिस्थितियां बन सकती हैं। अगर आंतरिक उम्मीदवार को CEO बनाया जाता है तो बैंक को कारोबारी निरंतरता का फायदा मिल सकता है।

वहीं, किसी बाहरी उम्मीदवार की नियुक्ति होने पर बैंक के पास लंबी अवधि के लिए नेतृत्व तैयार करने और रणनीति की नए सिरे से समीक्षा करने की गुंजाइश बढ़ सकती है।

Bernstein ने ₹1,150 का टारगेट दिया

Bernstein ने HDFC Bank पर ‘Outperform’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट ₹1,150 रखा है। इसमें करीब 57.2% तेजी की गुंजाइश है।

Bernstein ने खास तौर पर CEO नियुक्ति की टाइमिंग को अहम बताया है। बैंक ने शशिधर जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने से काफी पहले RBI को नाम भेजे हैं। जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म होना है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, बोर्ड आने वाले CEO के लिए तीन साल के कार्यकाल की मांग कर रहा है। इसके अलावा जिमी टाटा को होल टाइम डायरेक्टर बनाने और एक और होल टाइम डायरेक्टर का पद बनाने का प्रस्ताव है।

इससे MD और CEO को छोड़कर बैंक में होल टाइम डायरेक्टरों की संख्या चार हो जाएगी।

Macquarie भी ₹1,150 पर बुलिश

Macquarie ने HDFC Bank पर ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹1,150 रखा है। यह भी करीब 57.2% तेजी का संकेत देता है।

Macquarie का कहना है कि बोर्ड की हालिया कार्रवाई से CEO उत्तराधिकार को लेकर कुछ स्पष्टता आई है। हालांकि, ब्रोकरेज के मुताबिक असली अहमियत अंतिम CEO नियुक्ति की होगी।

ब्रोकरेज का मानना है कि एक और होल टाइम डायरेक्टर की नियुक्ति से बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन में गहराई बढ़ेगी। इससे CEO उत्तराधिकार की प्रक्रिया ज्यादा संस्थागत हो सकती है। नए CEO से अतिरिक्त पद पर नियुक्ति को लेकर सलाह लिए जाने की भी बात कही गई है।

Dividends Stocks: इस हफ्ते डिविडेंड की बहार! जानिए IRCTC, Dixon और BEML जैसी कंपनियों की रिकॉर्ड डेट

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank CEO Race: अब रेस में सिर्फ 2 नाम, कौन बनेगा HDFC बैंक का नया बॉस?

HDFC Bank CEO Race: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank के अगले MD और CEO की तलाश अब आखिरी दौर में पहुंच गई है। रेस में सिर्फ दो नाम बचे हैं। इनमें पहले डिप्टी MD कैजाद एम. भरूचा हैं। और दूसरे ICICI Prudential Life के MD और CEO अनूप बागची।

CNBCTV18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि भरूचा इंटरनल कैंडिडेट हैं। यानी वह पहले से HDFC Bank में हैं। वहीं बागची एक्सटर्नल कैंडिडेट हैं। उन्हें बैंक के बोर्ड ने शॉर्टलिस्ट किया है। इस बारे में अनूप बागची और HDFC Bank को भेजे गए सवालों का खबर छपने तक जवाब नहीं मिला था।

HDFC Bank में CEO की तलाश क्यों?

बैंक के मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का दूसरा कार्यकाल अक्टूबर 2026 में खत्म हो रहा है। उन्होंने दोबारा इस पद पर आने की इच्छा नहीं जताई है।

बोर्ड ने उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश भी की थी। लेकिन अब बैंक नए CEO की तलाश में आगे बढ़ चुका है।

कैजाद भरूचा कौन हैं

कैजाद भरूचा 1995 से HDFC Bank के साथ हैं। उन्हें बैंकिंग का 35 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह 2014 से बैंक के बोर्ड में होल-टाइम डायरेक्टर हैं। अप्रैल 2023 में उन्हें डिप्टी MD बनाया गया था।

भरूचा ने बैंक में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने कॉरपोरेट बैंकिंग, बिजनेस बैंकिंग और रिटेल एसेट्स जैसे कारोबार देखे हैं। यानी बैंक के कामकाज को वह अंदर से जानते हैं। अगर उन्हें CEO बनाया जाता है, तो बैंक को अंदर से ही नया नेतृत्व मिल जाएगा। इससे कामकाज में निरंतरता बनी रह सकती है।

लेकिन उनके सामने एक दिक्कत भी है। भरूचा 2014 से बैंक के बोर्ड में होल-टाइम डायरेक्टर हैं। उनके 13 साल से ज्यादा पूरे हो चुके हैं। RBI के नियमों के मुताबिक, होल-टाइम डायरेक्टर का कुल कार्यकाल 15 साल तक हो सकता है। इसमें MD और CEO भी शामिल हैं।

ऐसे में भरूचा की मौजूदा पात्रता 2029 तक ही रह सकती है। अगर वह CEO बनते हैं, तो करीब तीन साल ही इस पद पर रह पाएंगे। अगर बैंक उन्हें इसके बाद भी पूरा कार्यकाल देना चाहता है, तो RBI से छूट लेनी पड़ सकती है।

अनूप बागची की दावेदारी

दूसरे दावेदार अनूप बागची हैं। वह अभी ICICI Prudential Life के MD और CEO हैं। बागची को बैंकिंग, कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने रिटेल, MSME और कॉरपोरेट बैंकिंग में काम किया है। इसके अलावा ट्रेजरी और क्रेडिट पॉलिसी का भी अनुभव है।

बागची ICICI Group के पुराने अधिकारियों में शामिल हैं। वह इससे पहले ICICI Securities के MD और CEO रह चुके हैं। वह ICICI Bank के बोर्ड में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी रहे हैं।

उनका अनुभव सिर्फ बैंकिंग तक सीमित नहीं है। कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस की भी उन्हें अच्छी समझ है। यही वजह है कि वह HDFC Bank के लिए मजबूत बाहरी उम्मीदवार माने जा रहे हैं।

अब RBI की मंजूरी का इंतजार

नए MD और CEO का फैसला सिर्फ HDFC Bank का बोर्ड नहीं करेगा। इसके लिए रेगुलेटरी मंजूरी भी जरूरी है। इसमें RBI की मंजूरी सबसे अहम होगी। अब असली सवाल यह है कि बैंक किसे चुनता है।

एक तरफ कैजाद भरूचा हैं। उन्हें HDFC Bank के कामकाज की अंदर से अच्छी समझ है। दूसरी तरफ अनुप बागची हैं। उनके पास बैंकिंग के साथ कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस का भी अनुभव है।

निवेशकों की नजर अब बोर्ड के अंतिम फैसले और RBI की मंजूरी पर रहेगी। यही दोनों चीजें HDFC Bank के शेयर के लिए आगे बड़ा ट्रिगर बन सकती हैं।

Power Stocks: इन 5 पावर स्टॉक्स पर Nuvama को भरोसा, 61% तक मिल सकता है रिटर्न

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Apple Event 2026 Live Updates: iPhone 18 Pro, Foldable iPhone, Apple Watch और AirPods पर बड़े ऐलान

Apple Event 2026 Live Updates: iPhone 18 Pro, Foldable iPhone, Apple Watch और AirPods पर बड़े ऐलान

Apple Event 2026

Apple Event 2026

Apple Event 2026 Live Updates : Apple  अपने सबसे बड़े लॉन्च इवेंट में नए iPhone और अन्य प्रोडक्ट्स से पर्दा उठाने जा रहा है। ‘Surprise and shine’ नाम से होने वाला यह इवेंट भारतीय समय के अनुसार रात 10:30 बजे शुरू होगा। इस बार सभी की नजरें iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के साथ Apple के पहले फोल्डेबल iPhone पर टिकी हैं।

इसके अलावा Apple Watch और AirPods को लेकर भी बड़े ऐलान की उम्मीद है। नए CEO जॉन टर्नस के नेतृत्व में होने वाले इस खास इवेंट से जुड़ी हर बड़ी घोषणा, लॉन्च, कीमत, फीचर्स और उपलब्धता की जानकारी आपको यहां Apple Event 2026 Live Updates में सबसे पहले मिलेगी।

Apple Event 2026 : iPhone 18 से Foldable iPhone Ultra तक, जानिए ‘Surprise and Shine’ इवेंट में क्या-क्या होगा

Apple Event 2026 : iPhone 18 से Foldable iPhone Ultra तक, जानिए 'Surprise and Shine' इवेंट में क्या-क्या होगा

Apple Event 2026

Apple Event 2026

Apple का साल का सबसे बड़ा लॉन्च इवेंट 9 सितंबर 2026 को होने जा रहा है। 'Surprise and shine' नाम से होने वाले इस इवेंट में कंपनी नई iPhone 18 Pro सीरीज के साथ अपने इतिहास का पहला फोल्डेबल iPhone पेश कर सकती है। यह इवेंट Apple के नए CEO John Ternus के कार्यकाल का पहला बड़ा प्रोडक्ट लॉन्च भी होगा। Ternus ने 1 सितंबर को Tim Cook की जगह Apple CEO का पद संभाला है।

ALSO READ: 2026 Maruti Baleno Facelift , ₹6.10 लाख से शुरू कीमत, नया इंजन और Level-2 ADAS जैसे धांसू सेफ्टी फीचर्स

Apple Event 2026 कब और कितने बजे होगा?

 

Apple का Surprise and shine Event बुधवार, 9 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।

 

तारीख : 9 सितंबर 2026

समय : रात 10:30 बजे IST

अमेरिका में समय: सुबह 10:00 बजे PT

स्थान : Apple Park, Cupertino, California

इवेंट : Surprise and shine

 

Apple ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी 9 सितंबर को रात 10:30 बजे IST से इवेंट शुरू होने की पुष्टि की है।

 

Apple Event 2026 लाइव कैसे देखें?

 

भारतीय यूजर्स Apple का यह इवेंट ऑनलाइन लाइव देख सकते हैं। इसके लिए प्रमुख विकल्प हैं:

 

  • Apple की आधिकारिक वेबसाइट
  • Apple TV App
  • Apple का आधिकारिक YouTube चैनल
  •  
  • Apple ने खुद Apple.com, Apple TV और YouTube Live पर इवेंट देखने की जानकारी दी है।

 

iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में क्या मिलेगा?

इस बार Apple का मुख्य फोकस iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max पर रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों मॉडल में नया 2nm A20 Pro चिप, बेहतर बैटरी और कैमरा सिस्टम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

 

iPhone 18 Pro सीरीज में संभावित फीचर्स:

 

  • नया A20 Pro 2nm चिप
  • बेहतर बैटरी लाइफ
  • नया कैमरा सिस्टम
  • Pro Max में Variable Aperture Camera मिलने की संभावना
  • छोटा Dynamic Island होने की संभावना
  • नए कलर ऑप्शन
  • Apple का नया C2 मॉडेम होने की चर्चा
  • प्रीमियम मॉडल की कीमत बढ़ने की संभावना

 

हालांकि इनमें से कई जानकारियां अभी लीक्स और रिपोर्ट्स पर आधारित हैं, इसलिए आधिकारिक स्पेसिफिकेशन लॉन्च के समय ही स्पष्ट होंगे।

 

पहली बार आ सकता है Foldable iPhone Ultra

 

इस इवेंट का सबसे बड़ा आकर्षण Apple का पहला फोल्डेबल iPhone हो सकता है। रिपोर्ट्स में इसे फिलहाल iPhone Ultra नाम से संदर्भित किया जा रहा है। लीक्स के मुताबिक यह फोन किताब की तरह खुलने वाले फोल्डेबल डिजाइन के साथ आ सकता है। इसमें लगभग 7.8-इंच की अंदरूनी स्क्रीन और करीब 5.3-इंच की कवर स्क्रीन होने की चर्चा है। इसमें A20 Pro चिप और 12GB RAM मिलने की भी रिपोर्ट है। फोल्डेबल iPhone की कीमत भी काफी प्रीमियम हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में इसकी शुरुआती कीमत 2,000-2,500 डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान लगाया गया है।

Foldable iPhone में क्या खास होगा?

  • Book-style foldable design
  • लगभग 7.8-inch अंदर की स्क्रीन
  • करीब 5.3-inch कवर डिस्प्ले
  • A20 Pro चिप
  • 12GB RAM की संभावना
  • दो 48MP रियर कैमरे की चर्चा
  • Touch ID की वापसी की संभावना
  • MagSafe सपोर्ट मिलने की संभावना

 

इन फीचर्स की आधिकारिक पुष्टि Apple के इवेंट में ही होगी।

 

Apple Watch Series 12 और Ultra 4 भी हो सकती है लॉन्च

 

iPhone के साथ Apple नई Apple Watch Series 12 और Apple Watch Ultra 4 भी पेश कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार Apple Watch में हेल्थ और फिटनेस फीचर्स पर ज्यादा जोर रह सकता है। नई Watch में नया चिप, बेहतर बैटरी और नए हेल्थ फीचर्स मिलने की उम्मीद है। Ceramic case option की वापसी की भी चर्चा है।

 

AirPods 5 में मिल सकता है Health Tracking फीचर

 

Apple इवेंट में AirPods 5 भी पेश कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नए ईयरबड्स में बेहतर चिप के साथ Heart-rate tracking/health sensor जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। हालांकि कैमरा वाले AirPods को लेकर सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक ऐसा मॉडल 2027 तक नहीं आ सकता।

 

Apple Home Hub और Smart Home पर भी नजर

 

इस बार Apple के Smart Home प्लान पर भी नजर रहेगी। कंपनी नए Home Hub के साथ स्मार्ट होम इकोसिस्टम को विस्तार दे सकती है। रिपोर्ट्स में लगभग 7-इंच स्क्रीन वाले Home Hub, नए HomePod mini और अपडेटेड Apple TV 4K की भी चर्चा है।

 

Apple की AI और नई Siri भी रहेगी चर्चा में

 

John Ternus के लिए यह लॉन्च सिर्फ नए हार्डवेयर का इवेंट नहीं होगा। Apple की AI Strategy और नई Siri भी महत्वपूर्ण विषय रहने वाली है। Reuters के मुताबिक Apple अपनी नई Siri और AI क्षमताओं को भी इस नए नेतृत्व के तहत आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

इस बार Apple का सबसे बड़ा सरप्राइज क्या होगा?

अगर मौजूदा रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं, तो पहला Foldable iPhone Ultra इस साल के Apple Event का सबसे बड़ा आकर्षण हो सकता है। इसके साथ iPhone 18 Pro और Pro Max, Apple Watch Series 12, Watch Ultra 4 और AirPods 5 भी लॉन्च किए जा सकते हैं।

HDFC Bank Share Price: MD और CEO पर नए ऐलान से दिखी 3% तक तेजी, अब ब्रोकरेज का क्या है नजरिया

HDFC Bank के मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) शशिधर जगदीशन अपना कार्यकाल (टर्म) खत्म होने के बाद फिर से नियुक्ति नहीं चाहते हैं। उनका टर्म 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। इस ऐलान के बाद 31 अगस्त को दिन में बैंक के शेयर में करीब 3 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 739.50 रुपये के हाई तक गया। कई ब्रोकरेज फर्मों ने मैनेजमेंट में संभावित बदलाव को लेकर सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। लेकिन नए CEO की नियुक्ति को लेकर निकट भविष्य की अनिश्चितता के कारण सावधान भी हैं।

HDFC Bank ने नए MD और CEO की तलाश शुरू कर दी है। कहा है कि उसका बोर्ड उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक को उम्मीद है कि वह जगदीशन के 26 अक्टूबर को रिटायर होने से पहले ही अपने नए CEO की नियुक्ति कर लेगा। HDFC Bank के नए MD और CEO के रोल के लिए इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों तरह के कैंडिडेट्स पर विचार किया जा रहा है।

HDFC Bank स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्मों के रुख की बात करें तो HDFC Bank पर कवरेज करने वाले एनालिस्ट्स इस डेवलपमेंट को लेकर बंटे हुए हैं। बर्नस्टीन ने बैंक के स्टॉक के लिए ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1,150 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज लीडरशिप में बदलाव को सकारात्मक मानता है। उसका कहना है कि नया CEO बैंक की कहानी को नए सिरे से पेश करने का स्वाभाविक मौका दे सकता है।

जेपी मॉर्गन ने भी स्टॉक पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 990 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि इस घटनाक्रम का असर निकट भविष्य में स्टॉक पर पड़ सकता है, लेकिन समय पर उत्तराधिकार की प्रक्रिया पूरी होने से नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता कम हो सकती है। निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए नेट इंटरेस्ट इनकम (शुद्ध ब्याज आय) में बढ़ोतरी का फिर से शुरू होना काफी मायने रखता है है।

एक्सिस कैपिटल ने ‘बाय’ कॉल के साथ 1,030 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि जगदीशन के फैसले से दूसरे कार्यकाल के छोटा होने की आशंका खत्म हो गई है। नए उत्तराधिकारी को पूरे 3 साल का कार्यकाल मिल सकता है।

IIFL, जेफरीज, ICICI सिक्योरिटीज की क्या राय

IIFL ने जगदीशन के फैसले को न्यूट्रल से थोड़ा पॉजिटिव बताया है। तर्क है कि इससे रेगुलेटरी मंजूरी मिलने पर अगला कार्यकाल छोटा होने का जोखिम खत्म हो जाता है। हालांकि कैजाद भरूचा एक संभावित इंटरनल कैंडिडेट (अंदरूनी उम्मीदवार) हो सकते हैं, लेकिन IIFL का कहना है कि कार्यकाल की पाबंदियों के कारण उन्हें काम करने के लिए कम समय मिल सकता है। भरूचा का HDFC Bank के बोर्ड में फुल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर 15 साल का कार्यकाल 2029 में खत्म होगा। इसके चलते उन्हें टॉप पोजिशन पर बहुत कम मौका मिलेगा। कहा जा रहा है कि यह उनके नाम पर विचार करने में रुकावट बन सकता है। IIFL के मुताबिक, इसके उलट कोई भरोसेमंद बाहरी उम्मीदवार लीडरशिप में एक नई शुरुआत और लंबा कार्यकाल दे सकता है।

Northern ARC Capital Block Deal: एक झटके में बिके ₹308 करोड़ के शेयर, कीमत 10% तक उछली

अन्य ब्रोकरेज ने इस बदलाव को लेकर ज्यादा सावधानी भरा रुख अपनाया है। जेफरीज ने ‘बाय’ रेटिंग तो बनाए रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को 1,050 रुपये से घटाकर 880 रुपये कर दिया है। FY27-29 के लिए कमाई के अनुमानों में भी 3-3 प्रतिशत की कटौती की है। ब्रोकरेज का मानना है कि नेतृत्व में बदलाव से बैंक के रेवेन्यू की रफ्तार, खासकर डिपॉजिट जुटाने और फीस से होने वाली आय पर असर पड़ सकता है। साथ ही बढ़ती अनिश्चितता से बैंक की कॉस्ट ऑफ इक्विटी बढ़ सकती है और वैल्यूएशन पर दबाव पड़ सकता है।

जेफरीज का कहना है कि इन सबके बावजूद HDFC Bank की वैल्यूएशन इतनी ज्यादा नहीं है कि रेटिंग घटाई जाए। ICICI सिक्योरिटीज ने भी अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस 1,020 रुपये से घटाकर 920 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

HDFC Bank के नए CEO के सामने बड़ी चुनौती होगी, क्या नई लीडरशिप निवेशकों का भरोसा लौटा पाएगी?

HDFC Bank के MD और CEO शशिधर जगदीशन के पद छोड़ने के फैसले के बाद अब नए CEO की तलाश शुरू हो गई है। यह सिर्फ नेतृत्व में बदलाव नहीं है। बैंक के सामने निवेशकों का भरोसा लौटाने और गवर्नेंस से जुड़े सवालों को पीछे छोड़ने की भी बड़ी चुनौती है।

बैंक ने शनिवार को बताया कि शशिधर जगदीशन दोबारा नियुक्ति नहीं लेंगे। उनके पद छोड़ने का फैसला इसलिए भी अहम है, क्योंकि पिछले कई महीनों से उनके कार्यकाल को बढ़ाने की अटकलें चल रही थीं। उनका आखिरी वर्किंग डे 26 अक्टूबर होगा। अब बैंक का बोर्ड नए CEO की नियुक्ति के लिए RBI से मंजूरी मांगेगा। नया CEO बैंक के भीतर से भी हो सकता है और बाहर से भी।

2020 में संभाली थी बैंक की कमान

शशिधर जगदीशन HDFC Bank में करीब तीन दशक से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2020 में आदित्य पुरी के बाद बैंक की कमान संभाली थी। आदित्य पुरी ने 20 साल से ज्यादा समय तक बैंक का नेतृत्व किया था।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, जगदीशन के कार्यकाल में बैंक की बैलेंस शीट तेजी से बढ़ी। उनके नेतृत्व में 2023 में HDFC Bank का देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी HDFC Ltd के साथ मर्जर भी हुआ। हालांकि, उनके कार्यकाल के आखिरी दौर में बैंक के नेतृत्व और गवर्नेंस को लेकर कई सवाल खड़े हुए।

IIFL Capital ने क्या कहा?

IIFL Capital के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रिकिन शाह का कहना है कि जगदीशन का दोबारा नियुक्ति नहीं लेना शेयर के लिए बनी बड़ी अनिश्चितता को खत्म कर सकता है। उनका मानना है कि अगर RBI छोटा कार्यकाल मंजूर करता, तो शेयर पर दबाव और लंबे समय तक बना रह सकता था।

शाह के मुताबिक, अगर बैंक किसी भरोसेमंद बाहरी उम्मीदवार को CEO बनाता है, तो इससे नेतृत्व में नया बदलाव देखने को मिल सकता है। नए CEO को बैंक का नेतृत्व करने के लिए लंबा समय भी मिल सकता है।

शेयर ने इंडेक्स से कमजोर प्रदर्शन किया

HDFC Bank भारत का सबसे मूल्यवान बैंक है। इसका मार्केट कैप करीब 116 अरब डॉलर है। इसके बावजूद इस साल बैंक का शेयर दबाव में रहा है।

इस साल शेयर में करीब 27% की गिरावट आई है। इसके मुकाबले Nifty Bank में सिर्फ 3.5% की गिरावट रही है। HDFC Bank का यह प्रदर्शन अपने बैंकिंग इंडेक्स और बड़े प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले काफी कमजोर रहा है। 2003 के बाद यह बैंक के शेयर का सबसे खराब रिलेटिव प्रदर्शन है।

गवर्नेंस को लेकर क्यों उठे सवाल?

पिछले कुछ समय में बैंक को कई विवादों का सामना करना पड़ा है। पिछले साल दुबई के स्थानीय रेगुलेटर ने प्रोसेस में खामियां मिलने के बाद HDFC Bank की दुबई ब्रांच को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था।

मार्च में बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नैतिक मतभेदों का हवाला दिया था। बाद में उन्होंने कहा कि दुबई रेगुलेटर से जुड़े मुद्दों को बैंक ने जिस तरह संभाला, उससे उन्हें चिंता हुई थी। हालांकि, HDFC Bank ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। RBI ने भी सार्वजनिक तौर पर कहा है कि बैंक में गवर्नेंस से जुड़ी कोई समस्या नहीं है।

बड़े डिपॉजिट की प्राइसिंग पर कार्रवाई

बैंक पर सवाल तब और बढ़े, जब एक मीडिया रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि बैंक ने एक सरकारी कंपनी को ज्यादा ब्याज दिया। इसे कथित तौर पर मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाया गया।

जुलाई में बैंक के बोर्ड ने इस मामले में जगदीशन समेत तीन बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की। बोर्ड ने कहा कि डिपॉजिट रेट तय करने से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने अपनी व्यावसायिक सीमा से आगे जाकर फैसले लिए थे।

बैंक के सामने अमेरिका में शेयरधारकों की संभावित कानूनी कार्रवाई का भी जोखिम है। निवेशकों ने मिस-सेलिंग के आरोप भी लगाए हैं। बैंक ने कहा है कि वह इन आरोपों का मजबूती से बचाव करेगा।

नए CEO का जल्दी चयन जरूरी

नए CEO की नियुक्ति में ज्यादा देरी बैंक के लिए नई अनिश्चितता पैदा कर सकती है। मार्च में चेयरमैन के इस्तीफे के बाद यह दबाव पहले ही बढ़ चुका है।

अब निवेशक यह देखेंगे कि नया CEO कौन बनता है। बाजार इस बात पर भी नजर रखेगा कि नेतृत्व परिवर्तन कितनी आसानी से होता है। नए CEO को निवेशकों को भरोसा दिलाना होगा कि बैंक की गवर्नेंस व्यवस्था मजबूत है और बैंक की ग्रोथ पर पूरा फोकस रहेगा।

HDFC Ltd के मर्जर की चुनौतियां

2023 में HDFC Ltd के साथ हुए मर्जर के बाद बैंक को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। मर्जर के बाद बैंक के पास लंबी अवधि वाले होम लोन का बड़ा पोर्टफोलियो आ गया। इससे बैंक की लिक्विडिटी और मार्जिन पर दबाव पड़ा है।

नए CEO के सामने इन चुनौतियों को संभालना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। बैंक को मर्जर का पूरा फायदा निकालने के साथ अपनी ग्रोथ और मुनाफे में सुधार करना होगा।

बाजार के लिए क्यों अहम है HDFC Bank?

HDFC Bank की Nifty 50 में करीब 10% हिस्सेदारी है। इसलिए इस शेयर की बड़ी चाल का असर पूरे इंडेक्स पर पड़ सकता है। बैंक के शेयर में गिरावट ने हाल के समय में Nifty पर भी दबाव बनाया है।

Nifty 50 में इस साल करीब 7.5% की गिरावट आई है। इसके मुकाबले MSCI Asia Pacific Index करीब 22% चढ़ा है। ऐसे में HDFC Bank के शेयर का कमजोर प्रदर्शन भारतीय बाजार के लिए भी एक अहम मुद्दा बन गया है।

Enrich Money के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि बैंक की कमान कौन संभालता है। निवेशक नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया, नए CEO के आने के बाद बैंक की ग्रोथ और गवर्नेंस मानकों को भी करीब से देखेंगे। अब नया नेतृत्व ही तय करेगा कि HDFC Bank आगे कितनी जल्दी निवेशकों का भरोसा वापस जीत पाता है।

Nifty Outlook: 31 अगस्त को निफ्टी किस तरफ जाएगा? HDFC Bank समेत इन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।