Avenue Supermarts Share Price: Q2 नतीजों के बाद 4% टूटा शेयर, 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचा, एक्सपर्ट्स से जानें खरीदें, बेचें या रहे बनें

Avenue Supermarts Share Price: हाइपरमार्केट चेन DMart की पैरेंट कंपनी Avenue Supermarts Ltd. के शेयरों में सोमवार 12 अक्टूबर को 4% तक की गिरावट आई। यह गिरावट वीकेंड पर आए सितंबर तिमाही के नतीजों के प्रतिक्रिया में आई। शेयर आज ₹3,520 के पिछले क्लोजिंग भाव के मुकाबले ₹3,405 पर खुला और 4.4% गिरकर ₹3,366 के 52-हफ़्ते के निचले स्तर पर पहुंच गई।

Avenue Supermarts ने तिमाही के दौरान 7.3% का EBITDA मार्जिन दर्ज किया, जो पिछले साल के 7.6% के आंकड़े से कम था और CNBC-TV18 के पोल में अनुमानित 7.7% से भी कम था।कंपनी ने मार्जिन पर दबाव की वजह एंट्री लेवल पर वेतन में बढ़ोतरी के कारण ऑपरेटिंग खर्चों में वृद्धि को बताया।

हालांकि कंपनी के मार्जिन पर दबाव था, लेकिन इसकी ‘लाइक-फॉर-लाइक’ ग्रोथ 9.5% रही, जो CNBC-TV18 के पोल के 7.5% के आंकड़े से काफी बेहतर थी। ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA) ₹1,403.2 करोड़ रही, जो पोल के ₹1,492 करोड़ के अनुमान से कम थी। ₹19,206 करोड़ का रेवेन्यू उम्मीद के मुताबिक था, जबकि ₹803.6 करोड़ का मुनाफा ₹857.6 करोड़ के अनुमान से थोड़ा कम था।

Avenue Supermarts ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 18 स्टोर भी खोले, जिनमें से 15 स्टोर दूसरी तिमाही में ही खोले गए, जिससे कुल स्टोरों की संख्या 518 हो गई।

खरीदें, बेचे या रहे बने

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्म सिटी ने Avenue Supermarts पर “Sell” रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹3,250 तय किया है। फर्म का कहना है कि कंपनी का मुनाफा रेवेन्यू ग्रोथ के मुकाबले पीछे चल रहा है। क्विक कॉमर्स से कॉम्पिटिशन, कम ‘अन्य आय’ (other income) और ज़्यादा ब्याज खर्चों के कारण पिछले 14 में से 11 तिमाहियों में ऐसा हुआ है।

हालांकि, Bernstein ने Avenue Supermarts पर अपनी “आउटपरफॉर्म” रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹5,000 तय किया है। इसमें कहा गया है कि 9.5% की ‘लाइक-फॉर-लाइक’ (LFL) ग्रोथ, किफायती ग्रॉसरी (value-grocer) बिनेस मॉडल की लगातार अहमियत और मजबूती को दिखाती है।

कंपनी ने यह भी लिखा कि LFL ग्रोथ का यह आंकड़ा इस बहस को खत्म कर देगा कि क्या ‘क्विक कॉमर्स’ मॉडर्न ट्रेड वैल्यू-ग्रॉसर मॉडल को खत्म कर सकता है।

बर्नस्टीन के नोट के अनुसार, DMart के लिए चुनौती लगातार मार्जिन बनाए रखने की है, जिसके लिए दो बातों पर ध्यान देना होगा। नए स्टोर के तेज़ी से बढ़ने की रफ़्तार और बढ़ती लागत को मैनेज करना।

CLSA ने भी Avenue Supermarts पर अपनी “हाई-कनविक्शन आउटपरफॉर्म” रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹5,723 तय किया है, जो इस स्टॉक के लिए मार्केट में सबसे ज़्यादा प्राइस टारगेट है।

दूसरी ओर, जेफरीज (Jefferies) की इस स्टॉक पर “hold” रेटिंग है, लेकिन उसने अपना प्राइस टारगेट ₹4,500 से घटाकर ₹4,000 कर दिया है। हालांकि कंपनी ने हाल की तिमाहियों में मजबूत कस्टमर ट्रैफिक और बेहतरीन LFL आंकड़ों को माना – जिससे तिमाही के दौरान अच्छी मांग का पता चलता है – लेकिन फर्म के अनुसार, कंपनी का मुनाफा निराशाजनक रहा।

जेफरीज ने लिखा कि स्टोर का विस्तार तो ठीक-ठाक रहा, लेकिन प्रोडक्टिविटी कम हुई। यह बात तिमाही के लिए कंपनी के कई तिमाहियों के सबसे निचले यूनिट EBITDA से साफ पता चलती है।

नतीजतन, जेफरीज ने Avenue Supermarts के लिए ‘अर्निंग्स पर शेयर’ (EPS) के अनुमान को 2% से 3% तक घटा दिया है।

32 एनालिस्ट Avenue Supermarts पर नजर रखते हैं, जिनमें से 11 की “buy” (खरीदने की) रेटिंग है, 12 की “hold” रेटिंग है और 9 की “Sell” (बेचने की) रेटिंग है। प्राइस टारगेट के आम अनुमानों से पता चलता है कि मौजूदा लेवल से इसमें 12.8% की बढ़ोतरी की संभावना है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

PB Fintech Share Price: Policybazaar के शेयरों पर अलर्ट, इस कारण दिख सकता है दबाव

PB Fintech Share Price: पॉलिसीबाजार (Policybazaar) की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक के शेयरों में नियर टर्म में बिकवाली का दबाव दिख सकता है। ऐसा ब्रोकरेज फर्म बर्न्स्टीन का मानना है। 24 सितंबर की अपनी रिपोर्ट में बर्न्स्टीन ने डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म पर इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI का ड्राफ्ट पेपर सामने आने के बाद पॉलिसीबाजार पर इस दबाव की बात कही है। अभी इसके शेयरों की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले बीएसई पर यह 5% की बढ़त के साथ ₹1890.00 पर बंद हुआ था। अभी पिछले महीने यशिश दहिया के पद छोड़ने की अफवाहों पर इसके शेयरों में तेज हलचल दिखी थी, लेकिन यशिश ने इसका खंडन किया था।

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बर्न्स्टीन ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म्स पर बीमा नियामक IRDA के प्रस्ताव का सबसे अधिक नुकसान पीबी फिनटेक को होगा क्योंकि इसके टेक-रेट्स यानी कमीशन पर कॉल सेंटर की लागत नहीं निकाल पाएगी।

इरडा ने बीमा की लागत कम करने, अंडरसर्व्ड लोगों तक इसका कवरेज बढ़ाने और इंश्योरेंस सेक्टर की टिकाऊ ग्रोथ को लेकर स्ट्रक्चरल रिफॉर्म का प्रस्ताव पेश किया है। इसमें मैनेजमेंट से जुड़े खर्चों को तार्किक बनाने, सेगमेंट के हिसाब से कमीशन की लिमिट फिर से तय करने, डार्क पैटर्न पर रोक लगाने यानी बिना पर्सनल डिटेल्स के प्रोडक्ट और कीमत की जानकारी देने, पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स पर कमीशन की दर बताने और मोटर इंश्योरेंस की प्रक्रिया को आसान बताने की बात है। इसमें अन्य प्रस्ताव भी हैं जैसे कि बैंक कौन सी पॉलिसी और कैसे बेचें, एजेंटों को इंसेंटिव देने पर रोक, इंश्योरेंस बेचने के लिए MIIs (मल्टी-इंश्योरेंस इंटरमीडियरीज) का इस्तेमाल कैसे हो, और क्रेडिट लाइफ जैसे इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की अनिवार्य बंडलिंग पर रोक।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इन प्रस्तावों से पीबी फिनटेक के मुनाफे का गणित बिगड़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इरडा के प्रस्तावित कैप से कंपनियों की हेल्थ/टर्म इंश्योरेंस ग्रोथ पर कुछ असर पड़ेगा। हालांकि कम लागत और हायर एजेंसी-यूलिप मिक्स वाली कंपनियों जैसे कि एसबीआई लाइफ और एलआईसी पर इसका असर कम होगा। इरडा के प्रस्ताव के हिसाब से कोटेशन देने के लिए कॉन्टैक्ट डिटेल्स नहीं मांगा जा सकता है जो बर्न्स्टीव के मुताबिक पीबी फिनटेक के लिए ग्राहक बनाने का एक मुख्य जरिया है। इसके अलावा बर्न्स्टीन के मुताबिक ड्राफ्ट पेपर में एडवाइजरी फीस और मार्केटिंग खर्च से जुड़े लूपहोल्स को भी खत्म किया जा रहा है जिसका हल पीबी फिनटेक को खोजना होगा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

पॉलिसीबाजार के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 9 दिसंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1,963.00 के भाव पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 3 ही महीने में यह 32.03% फिसलकर 2 मार्च 2026 को ₹1,334.20 पर आ गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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HDFC Bank Share: चार ब्रोकरेज का बुलिश रुख, ₹1150 तक का टारगेट दिया

HDFC Bank Share: प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank के शेयरों ने पिछले 1 साल में काफी कमजोर प्रदर्शन किया है। इस दौरान बैंक से जुड़े कई विवाद भी हुए। अब नए MD और CEO नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है। ब्रोकरेज का मानना है कि HDFC Bank के शेयरों में अब तेजी देखने को मिल सकता है।

HDFC Bank का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 2.55% चढ़कर ₹731.20 पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले एक साल की तस्वीर देखें तो शेयर अब भी 25% से ज्यादा नीचे है।

चार बड़े ब्रोकरेज हाउस ने HDFC Bank को लेकर अपनी राय जारी की है। Jefferies और Nomura ने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। वहीं Bernstein और Macquarie ने ‘Outperform’ रेटिंग दी है। इनके टारगेट प्राइस ₹880 से लेकर ₹1,150 तक हैं।

Jefferies ने ₹880 का टारगेट दिया

Jefferies ने HDFC Bank पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹880 रखा है। यह पिछले क्लोजिंग भाव से देखें तो यह करीब 20.4% ऊपर है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, बैंक के बोर्ड ने CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी दिखाई है। बैंक ने RBI के पास तीन साल के CEO कार्यकाल के लिए दो नाम भेजे हैं। Jefferies का मानना है कि अगर बैंक किसी आंतरिक उम्मीदवार को चुनता है तो बदलाव अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।

ब्रोकरेज ने HDFC Bank के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा को प्रमुख आंतरिक उम्मीदवारों में बताया है। Jefferies के मुताबिक, उनके पास करीब 2.8 से 3 साल की कार्यकाल पात्रता बच सकती है।

चारों ब्रोकरेज के टारगेट में कितना अंतर?

ब्रोकरेजरेटिंगटारगेट प्राइस
संभावित रिटर्न

JefferiesBuy₹88020.4%
NomuraBuy₹95029.9%
BernsteinOutperform₹1,15057.2%
MacquarieOutperform₹1,15057.2%

Nomura का टारगेट ₹950

Nomura ने भी HDFC Bank पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹950 रखा हैयह करीब 29.9% तेजी का संकेत देता है।

Nomura के मुताबिक, RBI को भेजे गए दोनों नामों से आगे अलग-अलग परिस्थितियां बन सकती हैं। अगर आंतरिक उम्मीदवार को CEO बनाया जाता है तो बैंक को कारोबारी निरंतरता का फायदा मिल सकता है।

वहीं, किसी बाहरी उम्मीदवार की नियुक्ति होने पर बैंक के पास लंबी अवधि के लिए नेतृत्व तैयार करने और रणनीति की नए सिरे से समीक्षा करने की गुंजाइश बढ़ सकती है।

Bernstein ने ₹1,150 का टारगेट दिया

Bernstein ने HDFC Bank पर ‘Outperform’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट ₹1,150 रखा है। इसमें करीब 57.2% तेजी की गुंजाइश है।

Bernstein ने खास तौर पर CEO नियुक्ति की टाइमिंग को अहम बताया है। बैंक ने शशिधर जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने से काफी पहले RBI को नाम भेजे हैं। जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म होना है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, बोर्ड आने वाले CEO के लिए तीन साल के कार्यकाल की मांग कर रहा है। इसके अलावा जिमी टाटा को होल टाइम डायरेक्टर बनाने और एक और होल टाइम डायरेक्टर का पद बनाने का प्रस्ताव है।

इससे MD और CEO को छोड़कर बैंक में होल टाइम डायरेक्टरों की संख्या चार हो जाएगी।

Macquarie भी ₹1,150 पर बुलिश

Macquarie ने HDFC Bank पर ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹1,150 रखा है। यह भी करीब 57.2% तेजी का संकेत देता है।

Macquarie का कहना है कि बोर्ड की हालिया कार्रवाई से CEO उत्तराधिकार को लेकर कुछ स्पष्टता आई है। हालांकि, ब्रोकरेज के मुताबिक असली अहमियत अंतिम CEO नियुक्ति की होगी।

ब्रोकरेज का मानना है कि एक और होल टाइम डायरेक्टर की नियुक्ति से बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन में गहराई बढ़ेगी। इससे CEO उत्तराधिकार की प्रक्रिया ज्यादा संस्थागत हो सकती है। नए CEO से अतिरिक्त पद पर नियुक्ति को लेकर सलाह लिए जाने की भी बात कही गई है।

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Stock to buy: इस फार्मा कंपनी का शेयर रॉकेट बन सकता है, बर्नस्टीन ने दी ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग

Stock to buy: शेयर बाजार में सेंटिमेंट कमजोर है। इसके बावजूद कुछ ऐसे शेयर हैं, जिनमें पैसे लगाने के अच्छे मौके दिख रहे हैं। इनमें एक फार्मा कंपनी का भी शेयर शामिल है। इस कंपनी का नाम जायडस लाइफसाइंसेज है। 18 सितंबर को इस शेयर का प्राइस 1.99 फीसदी चढ़कर 1,157.70 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 32 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

ब्रोकरेज फर्म ने दिया 1475 रुपये का टारगेट प्राइस

विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन (Bernstein) ने Zydus Lifesciences के शेयर पर आउटपरफॉर्मिंग की रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 1,457 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर अपने करेंट प्राइस से करीब 27 फीसदी चढ़ सकता है। शेयर बाजार में कमजोरी के बीच भी इसका प्रदर्शन अच्छा रह सकता है।

 Usnoflast से खुल सकता है बड़ा कारोबारी मौका

बर्नस्टीन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नोवार्टिस ने 16 सितंबर को एमोट्रोफिक लैटरल स्केलरोसिस (ALS) के लिए VHB937 को जारी नहीं रखने का फैसला लिया है। इससे जायडस लाइफसाइंसेज के Usnoflast के लिए कारोबारी संभावनाएं बढ़ गई हैं। Usnoflast अलग बायोलॉजिकल पैथवे का इस्तेमाल करता है। ब्रोकरेज फर्म को इस प्रोडक्ट के सफल रहने की उम्मीद है।

19 एनालिस्ट्स ने दी है शेयर खरीदने की सलाह

Usnoflast के ALS के ओरल ट्रीटमेंट में कारगर रहने की जांच चल रही है। जायडस लाइफसाइंसेज को कवर करने वाले 34 एनालिस्ट्स में से 19 एनालिस्ट्स ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। 9 एनालिस्ट्स ने ‘होल्ड’ यानी शेयर को अपने पास बनाए रखने की सलाह निवेशकों को दी है। छह एनालिस्ट्स ने इस शेयर को बेचने की सलाह दी है। इसका मतलब है कि ज्यादातर एनालिस्ट्स की राय इस शेयर को लेकर पॉजिटिव है।

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बीते छह महीनों में 32 फीसदी चढ़ा शेयर 

निफ्टी फार्मा इंडेक्स बीते छह महीनों में 19.17 फीसदी चढा है, जबकि जायडस लाइफसाइंसेज का शेयर इस दौरान 32 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। निफ्टी इस दौरान नाममात्र यानी 0.33 फीसदी चढ़ा है, जबकि सेंसेक्स में इस दौरान 0.61 फीसदी तेजी आई है। कमजोर बाजार में भी जायडस लाइफसाइंसेज ने निवेशकों अच्छा रिटर्न दिया है।

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Stock to Buy: एमसीएक्स के शेयरों को लग सकते हैं पंख, बर्नस्टीन ने बताई है इसकी वजहें

Stock to Buy: अगर आप ऐसे शेयर की तलाश में हैं, जो अच्छा मुनाफा दे सकता है तो आप एमसीएक्स के बारे में सोच सकते हैं। बर्नस्टीन ने एमसीएक्स के शेयर को कवर करना शुरू किया है। उसने इस पर ‘आउटपरफॉर्म’ की रेटिंग दी है। उसने इस शेयर के लिए 3,330 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 10 सितंबर के अपने क्लोजिंग प्राइस से 15 फीसदी से ज्यादा चढ़ सकता है।

कॉन्ट्रैक्ट्स वॉल्यूम में अनुमान से तेज ग्रोथ

Bernstein ने बीएसई के मुकाबले एमसीएक्स के शेयरों को बेहतर बताया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कमोडिटी डेरिवेटिव्स में अच्छी ग्रोथ जारी रहेगी, जबकि इक्विटी डेरिवेटिव्स की ग्रोथ सुस्त पड़ सकती है। उसने कहा है कि एमसीएक्स का कॉन्ट्रैक्ट वॉल्यूम अनुमान से ज्यादा तेजी से बढ़ा है। अगस्त में ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट साल दर साल आधार पर बढ़कर 4.3 गुना हो गया, जबकि फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स 2.1 गुना हो गया।

रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट्स बढ़ने का पॉजिटिव असर एमसीएक्स की अर्निंग्स पर पड़ेगा। बर्नस्टीन ने FY27 में ऑपरेशंस से एमसीएक्स का रेवेन्यू बढ़कर 30,098 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है। FY26 में यह 23,020 करोड़ रुपये था। इस दौरान नेट प्रॉफिट बढ़कर 18,394 करोड़ रुपये पहुंच जाने का अनुमान है। FY26 में यह 13,314 करोड़ रुपये था।

कमोडिटी डेरिवेटिव्स में पार्टिसिपेशन बढ़ने की उम्मीद

ब्रोकरेज फर्म के अनुमान का आधार यह है कि ट्रेडर्स अब कमोडिटी डेरिवेटिव्स की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। उसने अपने अनुमान में कहा है कि अभी सिर्फ 25 फीसदी इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडर्स कमोडिटी डेरिवेटिव्स में पार्टिसिपेट करते हैं। इससे क्रॉस सेलिंग के लिए बड़ा मौका दिख रहा है, क्योंकि ब्रोकर्स अपना रेवेन्यू बढ़ाने के लिए इक्विटी ऑप्शंस से बाहर मौके तलाश रहे हैं।

CAS से भी कमोडिची डेरिवेटिव्स में बढ़ रहा पार्टिसिपेशन

बर्नस्टीन का कहना है कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की शुरुआत से भी कमोडिटी डेरिवेटिव में पार्टिसिपेशन को बढ़ावा मिला है। उसने कहा है कि रिटेल ब्रोकर्स को कमोडिटीज में डायरेक्ट ट्रेड करने में ज्यादा फायदा है क्योंकि इक्विटी डेरिवेटिव्स को ज्यादा रेगुलेटरी प्रेशर का सामना करना पड़ता है।

86 फीसदी रेवेन्यू ट्रांजेक्शन चार्ज से आता है

एमसीएक्स का करीब 86 फीसदी रेवेन्यू ट्रांजेक्शन चार्ज से आता है। इसमें से करीब दो-तिहाई रेवेन्यू ऑप्शंस से आता है, जबकि एक-तिहाई रेवेन्यू फ्यूचर्स से आता है। फ्यूचर्स बिजनेस में बुलियन की हिस्सेदारी ज्यादा है। ऑप्शंस के लिहाज से एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट्स खासकर क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस के कॉन्ट्रैक्ट्स की ज्यादा हिस्सेदारी रही है।

बीते एक साल में 116 फीसदी चढ़ा है स्टॉक

एमसीएक्स का शेयर 10 सितंबर को 1.65 फीसदी गिरकर 3,294 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि बीते एक साल में यह शेयर 116 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों का रिटर्न निगेटिव रहा है। इसका मतलब है कि बाजार का सेंटीमेंट खराब रहने का बावजूद एमसीएक्स के शेयरों में तेजी आई है।

Vedanta Oil and Gas share: वेदांता ऑयल के शेयरों की बुलेट जैसी रफ्तार, जानिए क्या है एनालिस्ट्स की राय

Vedanta Oil and Gas share: वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में 2 जुलाई को 17 फीसदी उछाल आया। शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेजी दिखी। एक दिन पहले शेयर का भाव 20 फीसदी चढ़ा था, जिसके बाद अपर सर्किट लग गया था। बीते दो दिनों में यह शेयर करीब 37 फीसदी चढ़ चुका है।

15 जून को लिस्ट हुआ था शेयर

गुरुवार को वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर एनएसई पर 45.69 रुपये पर पहुंच गया। 15 जून को यह शेयर एनएसई पर 38 रुपये और बीएसई पर 39 रुपये पर लिस्ट हुआ था। गुरुवार को 45 रुपये की कीमत का मतलब है कि यह शेयर एनएसई में अपने लिस्टिंग प्राइस से 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है।

ग्रोथ के लिए कंपनी का बड़ा प्लान

ब्रोकरेज फर्म यस सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी ने एनालिस्ट मीट में प्रोडक्शन बढ़ाने, रिजर्व को बढ़ाने और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बढ़ाने के बारे में विस्तार से बताया। कंपनी का मानना है कि पूरे राजस्थान, कोस्टल एसेट्स, उत्तरपूर्व भारत और डीपवाटर में कंपनी के लिए ग्रोथ की काभी संभावनाएं हैं। इसे ऑयल रिकवरी प्रोग्राम पर सरकार के बढ़ते फोकस का भी फायदा मिलेगा।

ऑपरेटिंग खर्च बढ़ाने पर फोकस

पीएल कैपिटल के एनालिस्ट्स का कहना है कि वेदांता् ऑयल FY29 तक उत्पादन बढ़ाकर दोगुना करना चाहती है। कंपनी का फोकस ऑपरेटिंग खर्च घटाने पर भी है। FY26 में यह 16.5 डॉलर प्रति बैरल था। कंपनी इसे घटाकर 10-13 डॉलर प्रति बैरल तक लाना चाहती है। एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी ने एसेट-लेवल रोडमैप के बारे में बताया है। शॉर्ट टर्म में कई फैक्टर्स कंपनी को प्रोडक्शन बढ़ाने में हेल्पफुल हो सकते हैं।

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1 जुलाई को T2T से बाहर आया शेयर

वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता आयरन एंड स्टील, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता पावर के शेयर 15 जून को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुए थे। पहले 10 कारोबारी दिनों के लिए इन्हें टी2टी सेगमेंट में डाला गया था। T2T सेगमेंट में शामिल शेयरों में हर ट्रांजेक्शन पर डिलीवरी जरूरी होती है। इन शेयरों में इंट्रा-डे बाइंग और सेलिंग की इजाजत नहीं होती है। शेयर की कीमत चढ़ने या उतरने की स्थिति में 5 फीसदी पर ही सर्किट लग जाता है। 1 जुलाई को ये शेयर टी2टी से बाहर आ गए।

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इस विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने प्राइवेट बैंकों में घटाया निवेश, आईटी शेयरों को पोर्टफोलियो से किया बाहर

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन का भारत के प्राइवेट बैंकों पर भरोसा घटा है। उसने अपने इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो से निफ्टी आईटी इंडेक्स को हटा दिया है। उसने कहा है कि बाजार की रफ्तार बढ़ाने वाला कोई फैक्टर नहीं दिख रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन, इनफ्लेशन और मानसून से जुड़े रिस्क बाजार के लिए बड़े चैलेंज दिख रहे हैं।

शेयरों से कमाई के लिहाज से स्थितियां चुनौतीपूर्ण

Bernstein ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई को लेकर टेंशन कम हुआ है। क्रूड ऑयल की कीमतें भी काफी नीचे आ गई हैं। लेकिन, शेयर बाजार से कमाई के लिहाज से स्थितियां मुश्किल दिख रही हैं। कई बड़े सेक्टर बड़ी चुनौतियां का सामना कर रहे हैं। मौके मार्केट में सिर्फ कुछ चुनिंदा शेयरों में हैं।

निफ्टी के लिए 26000 को टारगेट को बनाए रखा

बर्नस्टीन ने 1 जुलाई को जारी रिपोर्ट में ये बातें बताई हैं। उसने कहा है, “इंडिया में मार्केट के रिटर्न का आउटलुक अब भी मुश्किल दिख रहा है।” हालांकि, इस साल के अंत तक निफ्टी के 26,000 के टारगेट में उसने बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से निफ्ली करीब 8-9 फीसदी चढ़ सकता है।

पोर्टफोलियो से इन शेयरों को किया बाहर

ब्रोकरेज फर्म ने अपने पोर्टफोलियो में हाल में हुए बदलाव के तहत ICICI Bank, IndusInd Bank और निफ्टी आईटी इंडेक्स के शेयरों को बाहर कर दिया है। हालांकि, उसने Axis Bank और Zydus Life के शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि उसने फाइनेंशियल शेयरों में इस साल की शुरुआत में अपना निवेश घटाया था। इस सेक्टर को लेकर अब भी उसका एप्रोच सेलेक्टिव है।

प्राइवेट बैंकों में पहले जैसी ग्रोथ नहीं दिख रही

बड़े प्राइवेट बैंकों के बारे में बर्नस्टीन ने कहा है कि इनमें पहले की साइकिल जैसी ग्रोथ विजिबिलिटी और गवर्नेंस प्रीमियम नहीं दिख रहा। सरकारी बैंकों से प्रतियोगिता बढ़ रही है और शॉर्ट टर्म में रीरेटिंग की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। उसने कहा है कि उसने इस साल खराब प्रदर्शन की वजह से आईसीआईसीआई बैंक और इंडसइंड को पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया है।

डेटा सेंटर ईकोसिस्टम में दिख रहे मौके

शेयर बाजार के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद बर्नस्टीन के इंडिया पोर्टफोलियो ने इस साल 1.1 फीसदी रिटर्न दिया है। यह इस दौरान निफ्टी के 6.7 फीसदी के निगेटिव रिटर्न से बेहतर है। उसने कहा है कि बाजार की मौजूदा स्थितियों में सीमित मौके दिख रहे हैं। ये मौके डेटा सेंटर ईकोसिस्टम और इमर्जिंग मैन्युफैक्चरिंग थीम में दिख रहे हैं। ये मौके ज्यादातर स्मॉलकैप स्टॉक्स तक सीमित हैं, जिससे मार्केट के कुल रिटर्न पर इनका असर पड़ने की संभावना नहीं है।

Ambuja Cements Share Price: बर्नस्टीन ने इस सीमेंट स्टॉक की रेटिंग को किया अपग्रेड, जानें क्या है टारगेट प्राइस

Ambuja Cements Share Price: बर्नस्टीन ने गुरुवार, 2 जुलाई को अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड (Ambuja Cements Ltd) को उसकी पिछली रेटिंग “मार्केट परफॉर्म” से “आउटपरफॉर्म” में अपग्रेड किया। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि भारत के दो सबसे बड़े सीमेंट प्रोड्यूसर के बीच वैल्यूएशन का अंतर अब टिकाऊ नहीं रहा। अपग्रेड के बावजूद, बर्नस्टीन ने अंबुजा सीमेंट्स पर अपना प्राइस टारगेट ₹542 प्रति शेयर से घटाकर ₹486 कर दिया, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से 16% की बढ़त की संभावना है।

ब्रोकरेज ने कहा कि अंबुजा, अल्ट्राटेक सीमेंट के मुकाबले भारी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रही है, भले ही यह कैपेसिटी के हिसाब से देश की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट प्रोड्यूसर बन गई है।

बर्नस्टीन के अनुसार, अल्ट्राटेक की एंटरप्राइज वैल्यू लगभग ₹3.6 लाख करोड़ है और इसकी सीमेंट कैपेसिटी 206 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है, जबकि श्री सीमेंट की एंटरप्राइज वैल्यू लगभग ₹90,000 करोड़ है और इसकी कैपेसिटी 69 MTPA है। इसकी तुलना में, अंबुजा की एंटरप्राइज वैल्यू लगभग ₹1.2 लाख करोड़ है, जबकि इसकी कैपेसिटी 109 MTPA है।

ब्रोकरेज ने कहा कि अंबुजा की वैल्यू अभी लगभग एक नया ग्रीनफील्ड सीमेंट प्लांट बनाने की लागत के बराबर है, जो कंपनी के स्केल या कमाई की क्षमता को नहीं दिखाता है। बर्नस्टीन को उम्मीद है कि अंबुजा की चल रही कैपेसिटी बढ़ाने और ऑपरेशनल सुधारों से आगे चलकर अल्ट्राटेक और श्री सीमेंट दोनों के साथ प्रति टन EBITDA का अंतर कम करने में मदद मिलेगी।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि आने वाले सालों में मजबूत एग्जीक्यूशन से री-रेटिंग को बढ़ावा मिलना चाहिए क्योंकि कंपनी बड़ी कंपनियों के साथ प्रॉफिट का अंतर कम कर रही है।

अंबुजा सीमेंट्स पर 46 एनालिस्ट की कवरेज है, जिनमें से 33 ने स्टॉक पर “बाय” रेटिंग दी है, 10 ने “होल्ड” कहा है, जबकि तीन अन्य ने “सेल” रेटिंग दी है।

अंबुजा सीमेंट्स के शेयर अभी गुरुवार को 1.7% बढ़कर ₹426.5 पर ट्रेड कर रहे हैं। स्टॉक अपने 52-हफ़्ते के हाई ₹624 से 32% नीचे है। 2027 में अब तक स्टॉक 24% नीचे आ चुका है।

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