Trading plan : कच्चा तेल 93 डॉलर के पार, फिर भी बाजार गुलजार, जानिए कल के लिए क्या हो कमाई की रणनीति

Trading plan : कच्चे तेल में उबाल के बावजूद बाजार में बुल्स का जलवा कायम है। डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड ठंडी होने से जोरदार तेजी आई है। निफ्टी करीब 160 प्वाइंट चढ़कर 24250 के करीब कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में 400 प्वाइंट का उछाल देखने को मिल रहा है। IT और बैंक दोनों ने बाजार में जोश भरा है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जोरदार तेजी है। वहीं, फीयर इंडेक्स इंडिया VIX 6% से ज्यादा फिसला है। आज कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी है। कैपिटल मार्केट इंडेक्स करीब दो फीसदी मजबूत हुआ है। MCX और मोतीलाल ओसवाल 4-5 फीसदी उछलकर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। साथ ही रियल्टी में भी रफ्तार है। NBFCs और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है।

आज न्यू एज शेयरों का जलवा देखने को मिल रहा है। जेफरीज की बुलिश रिपोर्ट से स्विगी में खरीदारी आई है। यह शेयर करीब 5 फीसदी की तेजी के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही इटरनल निफ्टी का टॉप गेनर बना है। उधर दूसरे न्यू एज PAYTM,कारट्रेड और GROWW में भी 2-4 फीसदी का उछाल देखने को मिला है।

सूत्रों के मुताबिक NSE अपने ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग की मंजूरी मांग सकता है। इसके लिए Permit-to-Trade नियमों के तहत SEBI में अर्जी दी जा सकती है। इस खबर के बाद BSE पर दबाव बना है। उधर शुगर शेयरों की मिठास जारी है। बलरामपुर चीनी और द्वारिकेश शुगर में 13-14 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। साथ ही त्रिवेणी इंजीनियरिंग,बजाज हिंदुस्तान और अवध शुगर्स भी 5-9 फीसदी दौड़े हैं।

बाजार: शानदार दिन

बाजार की पोजीशन पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज शानदार तेजी का दिन देखने को मिला। 11 दिनों का लोअर हाईज का ट्रेंड टूटा है। निफ्टी ने जोरदार तरीके से हायर लो भी बनाया। निफ्टी बैंक और निफ्टी IT दोनों से सपोर्ट मिला है। डॉलर के गिरने और बॉन्ड यील्ड ठंडी पड़ने का असर देखने को मिला है। कच्चा तेल $93 के पार है, फिर भी बाजार गुलजार है। मार्केट ब्रेड्थ भी आज काफी शानदार है।

बाजार: अब क्या?

हमने सुबह नजरिया लिया कि करेक्शन खत्म होने के संकेत हैं और अब लग रहा है 24,000 नहीं टूटेगा। बस बैंक निफ्टी अभी भी थोड़ा फंस रहा है। कम्फर्ट के लिए 57,600 के ऊपर का ब्रेकआउट जरूरी है। आज निफ्टी में शायद अच्छा शॉर्ट कवरिंग डाटा आए। पिछले कई दिनों से FIIs ने बड़ी शॉर्टिंग की थी। आज की सबसे बड़ी थीम फिर शुगर रही। सिर्फ CNBC-आवाज ने शुगर पर समय पर अलर्ट किया।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,200 पर सपोर्ट और 24,300-24,350 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,200-57,500 पर सपोर्ट और 57,600-57,900 पर रेजिस्टेंस है।

BSE Vs MCX: रंग लाई स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल ने कहा कि कुछ दिनों से हमने BUY MCX और SELL BSE का नजरिया रखा। BSE में रोज बिकवाली करके पैसा बन रहा है। MCX में गिरावट में खरीदारी पर पैसा बन रहा है। BSE के वॉल्यूम्स में गिरावट दिख रही है और MCX के कमोडिटी कारोबार वॉल्यूम में उछाल दिखा है। अगर NSE की ट्रेडिंग की इजाजत NSE पर मिल गई तो BSE के लिए और निगेटिव होगा।

प्री-CAS रणनीति

बाजार में आज बॉटम बनने के संकेत हैं। चाहें तो मंथ एंड कॉल ऑप्शंस लेकर जा सकते हैं। निफ्टी की मंथ एंड की कॉल्स ले सकते हैं। आज तेजी का पहला दिन है,अगर सब सही रहा तो 24,600 जा सकते हैं। लेकिन नेकेड फ्यूचर्स ना लेकर जाएं,कॉल्स लें या हेज करें।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trent Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 21% बढ़ा, रेवेन्यू में 18% का इजाफा

टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट लिमिटेड का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर करीब 21 प्रतिशत बढ़कर 519 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 429.69 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 17.8 प्रतिशत बढ़कर 5754.71 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 4883.48 करोड़ रुपये था। ट्रेंट, टाटा ग्रुप का फैशन और लाइफस्टाइल बिजनेस है। कंपनी के Westside, Zudio और Star जैसे ब्रांड्स के तहत रिटेल स्टोर हैं।

कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 5,082.96 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 4,368.59 करोड़ रुपये के थे। ट्रेंट में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 37.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।

ट्रेंट ने जून 2026 तिमाही में 19 जूडियो स्टोर खोले। वहीं वेस्टसाइड स्टोर्स में 1 का इजाफा किया। इसके बाद जूडियो स्टोर्स की कुल संख्या 982 और वेस्टसाइड स्टोर्स की कुल संख्या 301 हो गई है।

ट्रेंट के शेयरों में तेजी

6 अगस्त को ट्रेंट के शेयरों में तेजी है। दिन में कीमत BSE पर पिछले बंद भाव से 4.5 प्रतिशत तक चढ़कर 3246.65 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप 1.7 लाख करोड़ रुपये के करीब है। शेयर 2 सप्ताह में 11 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में कीमत 180 प्रतिशत से ज्यादा उछली है। 5 साल का रिटर्न लगभग 420 प्रतिशत है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Swiggy Stock Outlook: Q1 नतीजों से कुछ ब्रोकरेज नाखुश, टारगेट प्राइस घटाया; फिर भी 23% तक उछाल की उम्मीद

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयर के लिए कुछ ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटा दिया है। CLSA ने तो रेटिंग भी कम कर दी है। कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है। अभी भी स्विगी पर नजर रखने वाले 30 एनालिस्ट्स में से 70 प्रतिशत यानि कि 21 एनालिस्ट्स की ओर से रेटिंग “बाय” है। 6 ने “होल्ड” और 3 ने “सेल” की सलाह दी है। कंपनी इंस्टामार्ट के जरिए क्विक कॉमर्स सेक्टर में भी है। अब नए टारगेट प्राइस के आधार पर स्विगी के शेयरों में आगे 23 प्रतिशत तक उछाल की उम्मीद है।

स्विगी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 34 प्रतिशत घटकर 791 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले घाटा 1,197 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 6,812 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 4,961 करोड़ रुपये था। खर्च बढ़कर 7,813 करोड़ रुपये के हो गए, जो जून 2025 तिमाही में 6,244 करोड़ रुपये के थे। फूड डिलीवरी बिजनेस की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू पिछले साल के मुकाबले 17.4 प्रतिशत बढ़ी। इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू साल-दर-साल 38.9 प्रतिशत बढ़ी।

स्विगी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 284.95 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 78600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में 19 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में करीब 30 प्रतिशत गिरा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 94.92 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Swiggy पर CLSA ने घटाई रेटिंग

ब्रोकरेज CLSA ने स्विगी के स्टॉक के लिए रेटिंग को “एक्युमुलेट” से घटाकर “होल्ड” कर दिया है। टारगेट प्राइस 357 रुपये से घटाकर 318 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के फूड डिलीवरी बिजनेस की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) ग्रोथ उम्मीद से कम रही। यह जोमैटो से पीछे है। एडजस्टेड EBITDA मार्जिन भी अनुमान से कम रहा। JM फाइनेंशियल ने भी स्विगी की रेटिंग को “रिड्यूस” से घटाकर “सेल” कर दिया है। प्राइस टारगेट 250 रुपये रखा है।

CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, मैक्वेरी ने शेयर के लिए 230 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग बरकरार रखी है। कहा है कि डार्क स्टोर थ्रूपुट और मंथली ट्रांजेक्शन करने वाले यूजर्स सहित मुख्य ऑपरेटिंग मेट्रिक्स में तिमाही के दौरान सुधार नहीं हुआ। मोतीलाल ओसवाल ने ‘बाय’ रेटिंग के साथ 350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि स्विगी का 68.1 अरब रुपये का नेट रेवेन्यू उसके अनुमान से ज्यादा रहा। फूड डिलीवरी बिजनेस की GOV (ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू) सालाना आधार पर 17.4 प्रतिशत बढ़ी।

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HSBC और नोमुरा की राय

HSBC ने स्विगी के शेयर के लिए “होल्ड” रेटिंग और 300 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि भले ही स्विगी की वैल्यूएशन बहुत ज्यादा नहीं है, फिर भी कंपनी को अभी बहुत कुछ साबित करना है और कामकाज में सुधार कंपनी के लिए सबसे जरूरी है। मॉर्गन स्टेनली ने “इक्वलवेट” रेटिंग दी है। टारगेट 322 रुपये सेट किया है।

नोमुरा ने स्विगी के लिए “बाय” रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट 435 रुपये प्रति शेयर है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि इंस्टामार्ट में कैश लॉस वित्त वर्ष 2027 में भी जारी रहेगा। एडजस्टेड EBITDA लॉस वित्त वर्ष 2027 में 3,100 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2028 में 2,300 करोड़ रुपये रह सकता है। स्विगी इन नुकसानों की भरपाई 14,300 करोड़ रुपये के कैश बैलेंस और फूड डिलीवरी बिजनेस से होने वाली कमाई से कर सकती है।

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Swiggy Q1 results: जून तिमाही में लॉस घटकर 791 करोड़ पर आया, रेवेन्यू में 37 फीसदी उछाल

Swiggy Q1 results: स्विगी ने 30 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया। इस दौरान कंपनी का लॉस साल दर साल आधार पर करीब 34 फीसदी घटकर 791 करोड़ रुपये पर आ गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 1,197 करोड़ रुपये का लॉस हुआ था। मार्च तिमाही में कंपनी का लॉस 800 करोड़ रुपये था। स्विगी का फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म है।

जून तिमाही में रेवेन्यू 6812 करोड़ रुपये

जून तिमाही में स्विगी के लॉस में कमी में अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ का हाथ रहा। इस दौरान कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 37 फीसदी बढ़कर 6,812 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,961 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 6,383 करोड़ रुपये था।

घट रहा क्विक कॉमर्स बिजनेस का लॉस

स्विगी इंस्टामार्ट पर निवेश बढ़ा रही है। हालांकि, कंपनी के कुल खर्च बढ़ने की रफ्तार रेवेन्यू बढ़ने की रफ्तार से कम रही। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी के क्विक कॉमर्स बिजनेस के लॉस में कमी आ रही है। हालांकि, कंपनी का मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस मुनाफे में है। स्विगी की प्रतिद्वंद्वी कंपनी जोमैटो जून तिमाही में 92 करोड़ रुपये के मुनाफे में रही। इसका रेवेन्यू 17 फीसदी बढ़कर 20,211 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही में कुल खर्च 7813 करोड़ रुपये 

जून तिमाही में स्विगी का कुल खर्च 7,813 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 6,244 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में यह 7,448 करोड़ रुपये था। कंपनी के एमडी एवं ग्रुप सीईओ हर्ष मजेटी ने कहा, “फूड डिलीवरी इकोनॉमिक्स में मजबूती दिख रही है। आउट ऑफ होम कंजम्प्शन प्रॉफिट में है। यह बिजनेस का तेजी से बढ़ता हिस्सा है। इससे प्रोग्रेस अच्छा है।”

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स्विगी के शेयरों में 30 जुलाई को तेजी

30 जुलाई को स्विगी के शेयरों में तेजी दिखी। यह 2.25 फीसदी चढ़कर 293.80 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक हफ्ते में यह शेयर करीब 19 फीसदी चढ़ा है। उधर, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक भी चढ़कर बंद हुए। निफ्टी 66 अंक चढ़कर 24,317 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 273 की मजबूती के साथ 77,928 पर क्लोज हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Swiggy Share Price: स्विगी का शेयर क्रैश, कंपनी के इस ऐलान से शेयरों में बड़ी बिकवाली

Swiggy Share Price: स्विगी का शेयर 24 जुलाई को क्रैश कर गया। सुबह में शेयर कमजोर खुला। फिर बिकवाली दबाव बढ़ने पर 7 फीसदी तक क्रैश कर गया। शेयर का प्राइस अब तक के अपने सबसे निचले स्तर की तरफ बढ़ रहा है। इसकी वजह कंपनी का एक ऐलान है। स्विगी फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म है।

कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 45.5 फीसदी तय करने का प्लान

Swiggy ने 23 जुलाई की शाम स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि बोर्ड ने कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 49.5 फीसदी तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अभी 100 फीसदी तक विदेशी हिस्सेदारी की इजाजत है। इस प्रस्ताव को अब 18 अगस्त को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव के एप्रूवल के लिए स्पेशल रिजॉल्यूशन की जरूरत पड़ेगी।

शेयर बाजारों के ग्लोबल सूचकांकों से बाहर हो सकती है स्विगी

नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटेटिव रिसर्च के अभिलाष पगाड़िया ने कहा, “इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोई गुंजाइश नहीं रह जाएगी। इससे स्विगी शेयर बाजार के ग्लोबल सूचकांकों से बाहर हो सकती है।” इससे स्विगी के शेयरों में बिकवाली दिख सकती है। इसका असर शेयर की कीमतों पर पड़ेगा।

ग्लोबल सूचकांकों से बाहर होने पर शेयरों में होगी बड़ी बिकवाली

अभी MSCI Standard Index में स्विगी का वेटेज 28 बेसिस प्वाइंट्स है। पगाड़िया का मानना है कि इस सूचकांक से स्विगी के बाहर होने से स्विगी के शेयरों में 34 करोड़ डॉलर की बिकवाली दिख सकती है। इसका मतलब है कि कंपनी के करीब 12.5 करोड़ शेयरों की बिक्री हो सकती है। FTSE Index में भी स्विगी का 24 बेसिस प्वाइंट्स का वेटेज है। इस सूचकांक से बाहर होने पर करीब 4.6 करोड़ शेयरों की बिक्री हो सकती है।

 कंपनी फर्स्ट पार्टी इनवेंट्री मॉडल पर ऑपरेट कर सकेगी

इस प्रस्ताव के लागू होने पर स्विगी फर्स्ट पार्टी इनवेंट्री मॉडल पर अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस को ऑपरेट कर सकेगी। अभी Blinkit और Zepto इस मॉडल का इस्तेमाल करते हैं। अनुमान है कि इससे स्विगी का मार्जिन बढ़ सकता है। 11 बजे स्विगी का शेयर 6.11 फीसदी गिरकर 245.58 रुपये पर चल रहा था। इस साल यह शेयर 37 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट 

उधर, शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर लगातार पांचवें दिन दबाव देखने को मिला। निफ्टी और सेंसेक्स सुबह में कमजोर खुले। उसके बाद उनमें तेज गिरावट देखने को मिली। 11 बजे Nifty 1 फीसदी यानी 242 अंक गिरकर 23,627 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.10 फीसदी यानी 842 अंक गिरकर 75,543 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.84 फीसदी की गिरावट दिखी।

फूड डिलीवरी मार्केट में छिड़ी नई जंग, जानिए रैपिडो की एंट्री से स्विगी और जोमैटो में किसको होगा ज्यादा नुकसान

फूड डिलीवरी सेगमेंट में नई जंग छिड़ गई है। स्विगी और जोमैटो के दबदबे को चैलेंज करने के लिए इस सेक्टर में एक नया खिलाड़ी उतर गया है। रैपिडो ने फूड डिलीवरी सेगमेंट में एंट्री मारी है। रैपिडो का राइडर्स नेटवर्क और जीरो कमीशन मॉडल इस स्पेस के मैट्रिक्स को बदलने की क्षमता रखते हैं। “Ownly” नाम से फूड डिलीवरी में रैपिडो की एंट्री हुई है। इससे स्विगी और जोमैटो के दबदबे को चुनौती मिलने की उम्मीद है। Ownly का फोकस कम बजट वाले कस्टमर पर है।

स्विगी ने किया अंडरपरफॉर्म

इटरनल और स्विगी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो स्विगी ने अंडरपरफॉर्म किया है। इटरनल ने इस साल अब तक 9 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इसने 2 फीसदी पॉजिटिव रिटर्न दिया है। वहीं, स्विगी ने इस साल अब तक 37 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इसने 38 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है।

रैपिडो के मॉडल में क्या है अंतर?

रैपिडो रेस्टोरेंट्स के लिए 0% कमीशन मॉडल पर काम करेगा। वहीं, स्विगी और जोमैटो रेस्टोरेंट्स से 16 से 30 फीसदी तक कमीशन वसूलतें हैं। इसको ध्यान में रखते हुए रैपिडो का दांव मजबूत दिख रहा है। इसके पास राइडर्स का एक बड़ा नेटवर्क है। कंपनी को पहले से मौजूद बाइक-टैक्सी ड्राइवर्स का सीधा फायदा मिलेगा। इससे लागत कम करने में मदद मिलेगी

रैपिडो को दमदार रिस्पॉन्स!

रैपिडो को रेस्टोरेंट्स का अच्छा साथ मिला है। शुरुआती 3 महीनों में ही रैपिडो से 15% पार्टनर रेस्टोरेंट्स जुड़े हैं। Ownly के 3 महीने में 10 लाख डाउनलोड्स हुए हैं। स्विगी के ऐप Toing के करीब 60 लाख डाउनलोड्स हैं।

स्विगी के लिए क्यों निगेटिव?

ब्रोकरेज हाउस स्विगी के’Instamart’को 0 वैल्यूएशन दे रहे हैं। रैपिडो की एंट्री से जोमैटो से ज्यादा स्विगी को नुकसान हो सकता है। स्विगी ने भी बजट कस्टमर के लिए ही Toing ऐप उतारा है।

इटरनल और स्विगी के शेयरों पर एक नजर

इटरनल के शेयर पर नजर डालें तो एनएसई पर यह शेयर 1.15 बजे के आसपास 3.90 रुपए यानी 1.51 फीसदी की गिरावट के साथ 255 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 260.95 रुपए और दिन का लो 253.80 रुपए है। इस शेयर ने 1 हफ्ते में 0.95 फीसदी की कमजोरी दिखाई है। वहीं, 1 महीने में इसमें 5.81 फीसदी और 3 महीने में 7.61 फीसदी की तेजी दिखाई है। 1 साल में इसने 0.44 फीसदी रिटर्न दिया है।

स्विगी की बात करें तो यह शेयर 6.70 रुपए यानी 2.68 फीसदी की गिरावट के साथ 243 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। 1 हफ्ते में इसमें 6.19 फीसदी की कमजोरी आई है। वहीं, 1 महीने में इसमें 2.64 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। 3 महीने में यह शेयर 11.73 फीसदी टूटा है। इस साल अब तक इसमें 37.02 फीसदी की गिरावट हुई है। वहीं, 1 साल में यह शेयर 37.96 फीसदी टूटा है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।