Trading plan : कच्चा तेल 93 डॉलर के पार, फिर भी बाजार गुलजार, जानिए कल के लिए क्या हो कमाई की रणनीति

Trading plan : कच्चे तेल में उबाल के बावजूद बाजार में बुल्स का जलवा कायम है। डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड ठंडी होने से जोरदार तेजी आई है। निफ्टी करीब 160 प्वाइंट चढ़कर 24250 के करीब कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में 400 प्वाइंट का उछाल देखने को मिल रहा है। IT और बैंक दोनों ने बाजार में जोश भरा है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जोरदार तेजी है। वहीं, फीयर इंडेक्स इंडिया VIX 6% से ज्यादा फिसला है। आज कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी है। कैपिटल मार्केट इंडेक्स करीब दो फीसदी मजबूत हुआ है। MCX और मोतीलाल ओसवाल 4-5 फीसदी उछलकर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। साथ ही रियल्टी में भी रफ्तार है। NBFCs और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है।

आज न्यू एज शेयरों का जलवा देखने को मिल रहा है। जेफरीज की बुलिश रिपोर्ट से स्विगी में खरीदारी आई है। यह शेयर करीब 5 फीसदी की तेजी के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही इटरनल निफ्टी का टॉप गेनर बना है। उधर दूसरे न्यू एज PAYTM,कारट्रेड और GROWW में भी 2-4 फीसदी का उछाल देखने को मिला है।

सूत्रों के मुताबिक NSE अपने ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग की मंजूरी मांग सकता है। इसके लिए Permit-to-Trade नियमों के तहत SEBI में अर्जी दी जा सकती है। इस खबर के बाद BSE पर दबाव बना है। उधर शुगर शेयरों की मिठास जारी है। बलरामपुर चीनी और द्वारिकेश शुगर में 13-14 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। साथ ही त्रिवेणी इंजीनियरिंग,बजाज हिंदुस्तान और अवध शुगर्स भी 5-9 फीसदी दौड़े हैं।

बाजार: शानदार दिन

बाजार की पोजीशन पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज शानदार तेजी का दिन देखने को मिला। 11 दिनों का लोअर हाईज का ट्रेंड टूटा है। निफ्टी ने जोरदार तरीके से हायर लो भी बनाया। निफ्टी बैंक और निफ्टी IT दोनों से सपोर्ट मिला है। डॉलर के गिरने और बॉन्ड यील्ड ठंडी पड़ने का असर देखने को मिला है। कच्चा तेल $93 के पार है, फिर भी बाजार गुलजार है। मार्केट ब्रेड्थ भी आज काफी शानदार है।

बाजार: अब क्या?

हमने सुबह नजरिया लिया कि करेक्शन खत्म होने के संकेत हैं और अब लग रहा है 24,000 नहीं टूटेगा। बस बैंक निफ्टी अभी भी थोड़ा फंस रहा है। कम्फर्ट के लिए 57,600 के ऊपर का ब्रेकआउट जरूरी है। आज निफ्टी में शायद अच्छा शॉर्ट कवरिंग डाटा आए। पिछले कई दिनों से FIIs ने बड़ी शॉर्टिंग की थी। आज की सबसे बड़ी थीम फिर शुगर रही। सिर्फ CNBC-आवाज ने शुगर पर समय पर अलर्ट किया।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,200 पर सपोर्ट और 24,300-24,350 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,200-57,500 पर सपोर्ट और 57,600-57,900 पर रेजिस्टेंस है।

BSE Vs MCX: रंग लाई स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल ने कहा कि कुछ दिनों से हमने BUY MCX और SELL BSE का नजरिया रखा। BSE में रोज बिकवाली करके पैसा बन रहा है। MCX में गिरावट में खरीदारी पर पैसा बन रहा है। BSE के वॉल्यूम्स में गिरावट दिख रही है और MCX के कमोडिटी कारोबार वॉल्यूम में उछाल दिखा है। अगर NSE की ट्रेडिंग की इजाजत NSE पर मिल गई तो BSE के लिए और निगेटिव होगा।

प्री-CAS रणनीति

बाजार में आज बॉटम बनने के संकेत हैं। चाहें तो मंथ एंड कॉल ऑप्शंस लेकर जा सकते हैं। निफ्टी की मंथ एंड की कॉल्स ले सकते हैं। आज तेजी का पहला दिन है,अगर सब सही रहा तो 24,600 जा सकते हैं। लेकिन नेकेड फ्यूचर्स ना लेकर जाएं,कॉल्स लें या हेज करें।

 

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Trent Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 21% बढ़ा, रेवेन्यू में 18% का इजाफा

टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट लिमिटेड का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर करीब 21 प्रतिशत बढ़कर 519 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 429.69 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 17.8 प्रतिशत बढ़कर 5754.71 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 4883.48 करोड़ रुपये था। ट्रेंट, टाटा ग्रुप का फैशन और लाइफस्टाइल बिजनेस है। कंपनी के Westside, Zudio और Star जैसे ब्रांड्स के तहत रिटेल स्टोर हैं।

कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 5,082.96 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 4,368.59 करोड़ रुपये के थे। ट्रेंट में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 37.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।

ट्रेंट ने जून 2026 तिमाही में 19 जूडियो स्टोर खोले। वहीं वेस्टसाइड स्टोर्स में 1 का इजाफा किया। इसके बाद जूडियो स्टोर्स की कुल संख्या 982 और वेस्टसाइड स्टोर्स की कुल संख्या 301 हो गई है।

ट्रेंट के शेयरों में तेजी

6 अगस्त को ट्रेंट के शेयरों में तेजी है। दिन में कीमत BSE पर पिछले बंद भाव से 4.5 प्रतिशत तक चढ़कर 3246.65 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप 1.7 लाख करोड़ रुपये के करीब है। शेयर 2 सप्ताह में 11 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में कीमत 180 प्रतिशत से ज्यादा उछली है। 5 साल का रिटर्न लगभग 420 प्रतिशत है।

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Swiggy Q1 results: जून तिमाही में लॉस घटकर 791 करोड़ पर आया, रेवेन्यू में 37 फीसदी उछाल

Swiggy Q1 results: स्विगी ने 30 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया। इस दौरान कंपनी का लॉस साल दर साल आधार पर करीब 34 फीसदी घटकर 791 करोड़ रुपये पर आ गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 1,197 करोड़ रुपये का लॉस हुआ था। मार्च तिमाही में कंपनी का लॉस 800 करोड़ रुपये था। स्विगी का फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म है।

जून तिमाही में रेवेन्यू 6812 करोड़ रुपये

जून तिमाही में स्विगी के लॉस में कमी में अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ का हाथ रहा। इस दौरान कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 37 फीसदी बढ़कर 6,812 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,961 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 6,383 करोड़ रुपये था।

घट रहा क्विक कॉमर्स बिजनेस का लॉस

स्विगी इंस्टामार्ट पर निवेश बढ़ा रही है। हालांकि, कंपनी के कुल खर्च बढ़ने की रफ्तार रेवेन्यू बढ़ने की रफ्तार से कम रही। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी के क्विक कॉमर्स बिजनेस के लॉस में कमी आ रही है। हालांकि, कंपनी का मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस मुनाफे में है। स्विगी की प्रतिद्वंद्वी कंपनी जोमैटो जून तिमाही में 92 करोड़ रुपये के मुनाफे में रही। इसका रेवेन्यू 17 फीसदी बढ़कर 20,211 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही में कुल खर्च 7813 करोड़ रुपये 

जून तिमाही में स्विगी का कुल खर्च 7,813 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 6,244 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में यह 7,448 करोड़ रुपये था। कंपनी के एमडी एवं ग्रुप सीईओ हर्ष मजेटी ने कहा, “फूड डिलीवरी इकोनॉमिक्स में मजबूती दिख रही है। आउट ऑफ होम कंजम्प्शन प्रॉफिट में है। यह बिजनेस का तेजी से बढ़ता हिस्सा है। इससे प्रोग्रेस अच्छा है।”

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स्विगी के शेयरों में 30 जुलाई को तेजी

30 जुलाई को स्विगी के शेयरों में तेजी दिखी। यह 2.25 फीसदी चढ़कर 293.80 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक हफ्ते में यह शेयर करीब 19 फीसदी चढ़ा है। उधर, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक भी चढ़कर बंद हुए। निफ्टी 66 अंक चढ़कर 24,317 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 273 की मजबूती के साथ 77,928 पर क्लोज हुआ।

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Swiggy ने नंदिता सिन्हा को इंस्टामार्ट का सीईओ नियुक्त किया, शेयर बने रॉकेट

स्विगी ने नंदिता सिन्हा को इंस्टामार्ट का सीईओ नियुक्त किया है। वह अमितेश झा की जगह लेंगी। वह 3 अगस्त को नई जिम्मेदारी संभालेंगी। सिन्हा मिंत्रा की सीईओ रह चुकी हैं। 29 जुलाई को स्विगी के शेयरों में जबर्दस्त उछाल दिखा। 13:10 बजे शेयर 7.40 फीसदी उछाल के साथ 288.40 रुपये पर चल रहा था।

क्विक कॉमर्स बिजनेस में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा

Swiggy ने सोच-समझकर नंदिता सिन्हा को इंस्टामार्ट का सीईओ बनाया है। देश में क्विक कॉमर्स के क्षेत्र में प्रतियोगिता तेजी से बढ़ रही है। इस फील्ड में पहले से Blinkit, Zepto, Flipkart और Amazon जैसी कंपनियां मौजूद हैं। मनीकंट्रोल ने मार्च में खबर दी थी कि सिन्हा मिंत्रा के सीईओ पद को छोड़ रही हैं। इसके कुछ दिन पहले फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने उन्हें वॉलमार्ट की कंपनी में बनाए रखने की संभावनाओं पर विचार किया था।

सिन्हा के नेतृत्व में मिंत्रा घाटे से फायदे में आई

सिन्हा फ्लिपकार्ट में 12 साल रहीं। इसमें से 4 साल से ज्यादा समय उन्होंने Myntra का नेतृत्व किया। उन्हें मिंत्रा के फैशन बिजनेस को चार चांद लगाने का श्रेय जाता है। उनके नेतृत्व में मिंत्रा चार साल तक लॉस उठाने के बाद फायदे में आ गई। FY24 में कंपनी ने 31 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया। एक साल पहले कंपनी ने 782 करोड़ रुपये का लॉस उठाया था।

स्विगी के कई एंप्लॉयीज फ्लिपकार्ट में रह चुके हैं

FY25 में कंपनी का प्रॉफिट बढ़कर 18 गुना यानी 548 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान ऑपरेटिंग रेवेन्यू 35 फीसदी बढ़ा। अब स्विगी सिन्हा से इंस्टामार्ट में इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। मनीकंट्रोल की लिंक्डइन की एनालिसिस के मुताबिक, स्विगी के 7,500 एंप्लॉयीज हैं। इनमें से अभी 350 से ज्यादा ऐसे एंप्लॉयीज हैं, जो अपने करियर में किसी समय फ्लिपकार्ट में काम कर चुके हैं।

सबसे पहले इंस्टामार्ट की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ानी होगी

सिन्हा पर सबसे पहले इंस्टामार्ट की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाने की जिम्मेदारी है। नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) के लिहाज से Instamart दूसरे नंबर पर रही है। कभी यह तो कभी जेप्टो दूसरे नंबर पर रही हैं। ऑर्डर वॉल्यूम के लिहाज से इस्टामार्ट ब्लिंकिट और जेप्टो से काफी पिछड़ चुकी है। ब्लिंकिट, बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट मिनट्स, एमेजॉन नाउ और फर्स्टक्लब ने प्रतियोगिता बढ़ने की वजह से प्रॉफिट टारगेट को पीछे कर दिया है।

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स्विगी का इंस्टामार्ट के लिए लंबी अवधि का विजन

नूडल्स ब्रांड नेचुरली योर्स के फाउंडर विनोद चेनधिल ने सिन्हा की नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे उम्मीद है कि नई टीम प्रीमियम ऑफरिंग्स को लाएगी, जिसके लिए वह जानी जाती है।” स्विगी पहले कह चुकी है कि कीमतों को लेकर प्रतिस्पर्धा सिर्फ समस्या का समाधान नहीं है। उसने कहा है कि समाधान ऐसा बिजनेस बनाने में है, जो सिर्फ कीमतों के लिहाज से आगे न हो। क्विक बिजनेस की उपयोगिता बढ़ रही है।

Swiggy Share Price: स्विगी का शेयर क्रैश, कंपनी के इस ऐलान से शेयरों में बड़ी बिकवाली

Swiggy Share Price: स्विगी का शेयर 24 जुलाई को क्रैश कर गया। सुबह में शेयर कमजोर खुला। फिर बिकवाली दबाव बढ़ने पर 7 फीसदी तक क्रैश कर गया। शेयर का प्राइस अब तक के अपने सबसे निचले स्तर की तरफ बढ़ रहा है। इसकी वजह कंपनी का एक ऐलान है। स्विगी फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म है।

कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 45.5 फीसदी तय करने का प्लान

Swiggy ने 23 जुलाई की शाम स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि बोर्ड ने कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 49.5 फीसदी तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अभी 100 फीसदी तक विदेशी हिस्सेदारी की इजाजत है। इस प्रस्ताव को अब 18 अगस्त को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव के एप्रूवल के लिए स्पेशल रिजॉल्यूशन की जरूरत पड़ेगी।

शेयर बाजारों के ग्लोबल सूचकांकों से बाहर हो सकती है स्विगी

नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटेटिव रिसर्च के अभिलाष पगाड़िया ने कहा, “इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोई गुंजाइश नहीं रह जाएगी। इससे स्विगी शेयर बाजार के ग्लोबल सूचकांकों से बाहर हो सकती है।” इससे स्विगी के शेयरों में बिकवाली दिख सकती है। इसका असर शेयर की कीमतों पर पड़ेगा।

ग्लोबल सूचकांकों से बाहर होने पर शेयरों में होगी बड़ी बिकवाली

अभी MSCI Standard Index में स्विगी का वेटेज 28 बेसिस प्वाइंट्स है। पगाड़िया का मानना है कि इस सूचकांक से स्विगी के बाहर होने से स्विगी के शेयरों में 34 करोड़ डॉलर की बिकवाली दिख सकती है। इसका मतलब है कि कंपनी के करीब 12.5 करोड़ शेयरों की बिक्री हो सकती है। FTSE Index में भी स्विगी का 24 बेसिस प्वाइंट्स का वेटेज है। इस सूचकांक से बाहर होने पर करीब 4.6 करोड़ शेयरों की बिक्री हो सकती है।

 कंपनी फर्स्ट पार्टी इनवेंट्री मॉडल पर ऑपरेट कर सकेगी

इस प्रस्ताव के लागू होने पर स्विगी फर्स्ट पार्टी इनवेंट्री मॉडल पर अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस को ऑपरेट कर सकेगी। अभी Blinkit और Zepto इस मॉडल का इस्तेमाल करते हैं। अनुमान है कि इससे स्विगी का मार्जिन बढ़ सकता है। 11 बजे स्विगी का शेयर 6.11 फीसदी गिरकर 245.58 रुपये पर चल रहा था। इस साल यह शेयर 37 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट 

उधर, शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर लगातार पांचवें दिन दबाव देखने को मिला। निफ्टी और सेंसेक्स सुबह में कमजोर खुले। उसके बाद उनमें तेज गिरावट देखने को मिली। 11 बजे Nifty 1 फीसदी यानी 242 अंक गिरकर 23,627 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.10 फीसदी यानी 842 अंक गिरकर 75,543 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.84 फीसदी की गिरावट दिखी।