Trent Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 21% बढ़ा, रेवेन्यू में 18% का इजाफा

टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट लिमिटेड का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर करीब 21 प्रतिशत बढ़कर 519 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 429.69 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 17.8 प्रतिशत बढ़कर 5754.71 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 4883.48 करोड़ रुपये था। ट्रेंट, टाटा ग्रुप का फैशन और लाइफस्टाइल बिजनेस है। कंपनी के Westside, Zudio और Star जैसे ब्रांड्स के तहत रिटेल स्टोर हैं।

कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 5,082.96 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 4,368.59 करोड़ रुपये के थे। ट्रेंट में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 37.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।

ट्रेंट ने जून 2026 तिमाही में 19 जूडियो स्टोर खोले। वहीं वेस्टसाइड स्टोर्स में 1 का इजाफा किया। इसके बाद जूडियो स्टोर्स की कुल संख्या 982 और वेस्टसाइड स्टोर्स की कुल संख्या 301 हो गई है।

ट्रेंट के शेयरों में तेजी

6 अगस्त को ट्रेंट के शेयरों में तेजी है। दिन में कीमत BSE पर पिछले बंद भाव से 4.5 प्रतिशत तक चढ़कर 3246.65 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप 1.7 लाख करोड़ रुपये के करीब है। शेयर 2 सप्ताह में 11 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में कीमत 180 प्रतिशत से ज्यादा उछली है। 5 साल का रिटर्न लगभग 420 प्रतिशत है।

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Trent Share Crash: टाटा का स्टॉक 13% क्रैश, अब खरीदें या बेचने में भलाई? जानिए एक्सपर्ट्स से

Trent Share Crash: टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd के शेयर मंगलवार को करीब 13% टूट गए। यह पिछले एक साल की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट रही। जून तिमाही का बिजनेस अपडेट बाजार की उम्मीद से कमजोर रहा। इसके बाद निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।

शेयर Nifty 50 का सबसे बड़ा लूजर रहा। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप करीब 13,356 करोड़ रुपये घट गया। कारोबार के अंत में Trent का शेयर 12.64% गिरकर 2,921 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 20% से ज्यादा टूट चुका है।

उम्मीद से कम रही रेवेन्यू ग्रोथ

Trent ने जून तिमाही में 5,666 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया। यह पिछले साल की तुलना में 19% ज्यादा है। हालांकि, बाजार को 22% से 23% की ग्रोथ की उम्मीद थी। इसी वजह से कई ब्रोकरेज ने कंपनी को लेकर अपना नजरिया थोड़ा सतर्क कर लिया।

स्टोर बढ़े, कमाई की रफ्तार घटी

Share.Market by PhonePe के क्वांट रिसर्चर निश्चल जैन के मुताबिक, कंपनी ने अपने फैशन नेटवर्क का विस्तार जारी रखा। कुल स्टोर बढ़कर 1,312 हो गए। इनमें 982 Zudio और 301 Westside स्टोर शामिल हैं।

हालांकि, तेजी से नए स्टोर खोलने का असर पुराने स्टोरों पर भी पड़ा। कई इलाकों में नए और पुराने स्टोर एक-दूसरे की बिक्री को प्रभावित करने लगे। इसकी वजह से रेवेन्यू पर स्केवयर फुट में 12.2% की गिरावट आई।

गिरावट पर क्या बोले एक्सपर्ट?

निश्चल जैन का कहना है कि शेयर में तेज गिरावट की वजह कमजोर रेवेन्यू ग्रोथ और संस्थागत निवेशकों की मुनाफावसूली रही। इसके अलावा शेयर एक अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल के नीचे भी फिसल गया।

हालांकि, उनका मानना है कि यह कंपनी के फंडामेंटल में कमजोरी नहीं, बल्कि ऊंचे वैल्यूएशन का असर है। खासकर Zudio का विस्तार अब भी कंपनी के लिए लंबी अवधि का मजबूत ग्रोथ ड्राइवर बना हुआ है।

उन्होंने मौजूदा निवेशकों को ‘Hold’ या गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी (Accumulate on Dips) की सलाह दी है। नए निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने की सलाह दी गई है।

Zudio की ग्रोथ को लेकर बढ़ी चिंता

Trent ने FY26 में 250 नए स्टोर खोले थे। इनमें Westside और Zudio दोनों शामिल हैं। जून तिमाही में भी कंपनी ने 20 नए स्टोर जोड़े।

हालांकि, Fident Asset Management की एनालिस्ट ऐश्वर्या दधीच का कहना है कि कंपनी पहले अगले कुछ वर्षों में रेवेन्यू को 2 से 2.5 गुना बढ़ाने की बात कर रही थी। इसमें सबसे बड़ा योगदान Zudio से आने की उम्मीद थी।

अब Zudio की ग्रोथ सामान्य होती दिख रही है। इससे निवेशकों को कंपनी की आगे की ग्रोथ को लेकर चिंता बढ़ी है।

ब्रोकरेज भी हुए सतर्क

एनालिस्ट्स का अनुमान है कि सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ अब लो सिंगल डिजिट में आ गई है। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है कि क्या कंपनी पहले जैसी तेज ग्रोथ जारी रख पाएगी।

ऐश्वर्या दधीच का कहना है कि सिर्फ 20% ग्रोथ के मुकाबले शेयर का वैल्यूएशन 70 से 80 गुना तक पहुंच गया था। यानी ग्रोथ और वैल्यूएशन में संतुलन नहीं दिख रहा था।

वहीं, Goldman Sachs और Citi ने भी कहा कि जून तिमाही का रेवेन्यू बाजार के अनुमान से कमजोर रहा। Citi ने स्टोर प्रोडक्टिविटी में गिरावट, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तेजी से स्टोर विस्तार को लेकर भी चिंता जताई।

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Trent Stocks Crash: ट्रेंट का स्टॉक मार्केट खुलते ही क्रैश, जून तिमाही के अपडेट्स ने बाजार को किया निराश

Trent Stocks Crash: ट्रेंट का शेयर 7 जुलाई को बाजार खुलते ही क्रैश कर गया। इसकी वजह कंपनी का जून तिमाही का बिजनेस अपडेट्स हैं। यह बाजार की उम्मीद के मुकाबले कमजोर रहा। इसके बाद ब्रोकरेज ने कंपनी की ग्रोथ को लेकर अपने अनुमान में बदलाव किए। सुबह 10:17 बजे कंपनी का शेयर 11.09 फीसदी की गिरावट के साथ 2,973 रुपये पर चल रहा था। ट्रेंट टाटा समूह की कंपनी है।

जून तिमाही में उम्मीद से कमजोर प्रदर्शन

Trent ने बताया है कि जून तिमाही में उसका स्टैंडएलोन रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 19 फीसदी बढ़ा है। इस दौरान के वेस्टसाइड और जूडियो फॉरमैट में इजाफा हुआ, लेकिन यह एनालिस्ट्स की उम्मीद से कम है। कंपनी के नए स्टोर की संख्या भी उम्मीद के मुकाबले कम रही। कंपनी का स्टैंडएलोन रेवेन्यू जून तिमाही में 5,666 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,781 करोड़ रुपये था।

नए स्टोर की संख्या भी एनालिस्ट्स की उम्मीद से कम

इस साल जून तिमाही के अंत में कंपनी के स्टोर की संख्या 1,312 थी। इसमें वेस्टसाइट के 301 आउटलेट्स, जूडियो के 982 आउलेट्स और दूसरे लाइफस्टाइल फॉरमैट्स के 29 स्टोर शामिल हैं। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि ट्रेंट का जून तिमाही का अपडेट उम्मीद के मुकाबले कमजोर हैं। रेवेन्यू भी उम्मीद से कम है। नए स्टोर की संख्या भी उम्मीद से कम है। नए स्टोर की संख्या के लिहाज से यह सबसे कमजोर तिमाही है।

आगे के प्रदर्शन को लेकर एनालिस्ट्स की एक राय नहीं

आगे ट्रेंट के शेयरों के प्रदर्शन को लेकर एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। कुछ एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी का फोकस वेस्टसाइट और जूडियो के स्टोर की संख्या बढ़ाने पर बना हुआ है। इससे लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ अच्छी रह सकती है। आगे मार्जिन में भी इम्प्रूवमेंट दिख सकता है। लेकिन, कुछ एनालिस्ट्स का कहना है कि वैल्यू-फैशन सेगमेंट में प्रतियोगिता बढ़ रही है। कंपनी के स्टोर्स की प्रोडक्टविटी भी कम है। इसका असर कंपनी की ग्रोथ पर पड़ सकता है।

एचएसबीसी को रेवेन्यू ग्रोथ 21 फीसदी रहने का अनुमान 

एचएसबीसी ने जून तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ करीब 21 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। बर्नस्टीन का मानना था कि वेस्टसाइड स्टोर्स की संख्या बढ़ाने से कंपनी की ग्रोथ पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है। मार्च तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 26 फीसदी बढ़ा था। बीते एक साल में कंपनी का शेयर करीब 19 फीसदी फिसला है।

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7 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में तेजी

7 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। निफ्टी 0.22 फीसदी यानी 52 अंक चढ़कर 24,485 पर चल रहा था। सेंसेक्स भी 0.26 फीसदी यानी 206 अंक की तेजी के साथ 78,499 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.23 फीसदी की तेजी दिखी। मिडकैप शेयरों में कमजोरी दिखी। आज लगातार पांचवां दिन है, जब शेयर बाजारों में तेजी दिख रही है।