Tata Technologies Q2 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा घटा, शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Technologies Q2 Results: टाटा ग्रुप की कपंनी Tata Technologies के लिए सितंबर तिमाही में तस्वीर मिली-जुली रही। कंपनी का मुनाफा घटा, लेकिन रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी हुई। बुधवार 14 अक्टूबर को जारी नतीजों के मुताबिक, कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 5.2% गिरकर 171.4 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 180.8 करोड़ रुपये था।

दूसरी ओर, कंपनी का रेवेन्यू 28.4% बढ़कर 1,698.8 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल यह 1,323.3 करोड़ रुपये था। ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी बेहतर रही। EBIT 25.3% बढ़कर 238.7 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBIT मार्जिन 14.4% से घटकर 14.1% रह गया।

EBITDA बढ़ा, लेकिन मुनाफा अनुमान से कम

टाटा टेक्नोलॉजीज का EBITDA सालाना आधार पर 31.5% बढ़कर 273.3 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 15.7% से बढ़कर 16.1% पहुंच गया। रेवेन्यू और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस तीन ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर रहे। हालांकि, नेट प्रॉफिट 200 करोड़ रुपये के अनुमान से काफी कम रहा।

कंपनी के सर्विस सेगमेंट का रेवेन्यू 33.9% बढ़कर 1,355.7 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस से रेवेन्यू 10.5% बढ़कर 343.1 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के CEO वॉरेन हैरिस ने कहा कि मजबूत मांग और नए प्रोग्राम शुरू होने से पूरे वित्त वर्ष में दोहरे अंकों की ग्रोथ की उम्मीद है।

टाटा टेक्नोलॉजीज को नए ऑटोमोटिव प्रोजेक्ट

तिमाही के दौरान Tata Technologies को एक बड़ी यूरोपीय लग्जरी कार कंपनी से 138 मिलियन डॉलर का प्रोजेक्ट मिला। इसके तहत कंपनी दो व्हीकल प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट और इंजीनियरिंग से जुड़े काम करेगी।

इसके अलावा, उत्तर अमेरिका की एक कमर्शियल गाड़ी बनाने वाली कंपनी ने नए व्हीकल प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट की जिम्मेदारी दी है। कंपनी को ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े दूसरे प्रोजेक्ट भी मिले।

कर्मचारियों की संख्या बढ़ी, शेयर में तेजी

सितंबर के अंत में Tata Technologies में 12,895 कर्मचारी थे। एक साल पहले इनकी संख्या 12,402 थी। तिमाही में कंपनी का फ्री कैश फ्लो 223.5 करोड़ रुपये रहा। सितंबर के अंत में कंपनी के पास 107.8 मिलियन डॉलर का कैश और कैश इक्विवेलेंट्स था।

नतीजों से पहले बुधवार को कंपनी का शेयर 0.5% बढ़कर 747.25 रुपये पर बंद हुआ। साल 2026 में अब तक शेयर करीब 16% चढ़ चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stocks: इस हफ्ते वेदांता, TCS और आनंदी राठी डिविडेंड देंगे, जानिए रिकॉर्ड डेट

Dividend Stocks: इस हफ्ते Vedanta, Tata Consultancy Services (TCS) और Anand Rathi Wealth के शेयर चर्चा में रह सकते हैं। इन तीनों कंपनियों ने डिविडेंड का ऐलान किया है। अब निवेशकों की नजर रिकॉर्ड डेट पर है। आइए जानते हैं कि किस कंपनी ने कितना डिविडेंड दिया है और शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा है।

Vedanta

Vedanta हर शेयर पर ₹5 का अंतरिम डिविडेंड देगी। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। कंपनी कुल करीब ₹1,955 करोड़ का डिविडेंड देगी। इसके लिए बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

शुक्रवार को BSE पर कंपनी का शेयर 4.11% चढ़कर ₹263.50 पर बंद हुआ। पिछले एक साल में शेयर ने 51% रिटर्न दिया है। दो साल में यह 47% चढ़ा है। वहीं, तीन साल का रिटर्न 234% रहा है।

Tata Consultancy Services (TCS)

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी TCS ने हर शेयर पर ₹12 के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। कंपनी 30 अक्टूबर 2026 को डिविडेंड का भुगतान करेगी। इसके लिए 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

TCS का शेयर शुक्रवार को BSE पर 4.23% की तेजी के साथ ₹2,163 पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप ₹7.82 लाख करोड़ रहा। हालांकि, लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है। एक साल में शेयर 29% गिरा है। दो साल में 49% और तीन साल में 40% की गिरावट आई है।

Anand Rathi Wealth

Anand Rathi Wealth हर शेयर पर ₹4 अंतरिम डिविडेंड देने वाली है।शेयर की फेस वैल्यू ₹5 है। यानी डिविडेंड फेस वैल्यू का 80% है। कंपनी ने इससे पहले अप्रैल में हर शेयर पर ₹7 के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया था।

कंपनी ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। डिविडेंड का भुगतान ऐलान की तारीख से 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।

पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 4.68% गिरकर ₹2,038.70 पर बंद हुआ। हालांकि, एक साल में इसने 38.14% रिटर्न दिया है। तीन साल का रिटर्न 331.44% रहा है। वहीं, 2026 में अब तक शेयर 31.75% चढ़ चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Sons AGM: टाटा संस में चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल की असली लड़ाई अभी बाकी, शेयरहोल्डर्स के वोट पर टिकी नजर

Tata Sons AGM: एन चंद्रशेखरन ने 17 सितंबर को टाटा संस के बोर्डरूम में वोट जीत लिया था। लेकिन उनका बतौर CEO तीसरा कार्यकाल अभी पक्का नहीं है। अब असली फैसला टाटा संस की सालाना आम बैठक यानी AGM में होगा। यहां शेयरहोल्डर्स वोट करेंगे।

बोर्ड के वोट और शेयरहोल्डर्स के वोट में बड़ा फर्क है। बोर्डरूम में चंद्रशेखरन के पक्ष में फैसला हो चुका है। लेकिन AGM का वोट अभी खुला है। अगले कुछ हफ्ते इस पूरे मामले में काफी अहम रहने वाले हैं।

महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर भी टाटा ट्रस्ट्स के विवाद पर कोई फैसला या रुख अपना सकता है। कुछ ट्रस्टियों का कार्यकाल खत्म होने वाला है। वहीं टाटा संस में करीब 13% हिस्सेदारी रखने वाली टाटा ग्रुप की कंपनियों को भी अपना वोट तय करना होगा।

टाटा ट्रस्ट्स के वोट सबसे अहम

इस पूरी लड़ाई के बीच टाटा ट्रस्ट्स सबसे बड़ा खिलाड़ी है। उसके पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है। लेकिन यह हिस्सेदारी सात अलग-अलग ट्रस्ट्स में बंटी है। इसलिए यह मान लेना ठीक नहीं होगा कि सभी ट्रस्ट एक साथ एक ही तरफ वोट करेंगे।

SDTT और SRTT सबसे अहम ट्रस्ट हैं। दोनों के पास मिलकर टाटा संस की 51.54% हिस्सेदारी है। ऐसे में इन दोनों ट्रस्ट्स के भीतर चल रहा विवाद सीधे AGM की वोटिंग को प्रभावित कर सकता है।

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9 नवंबर को बदल सकता है पहला समीकरण

9 नवंबर एक अहम तारीख है। इसी दिन वरिष्ठ वकील दारियस खंबाटा का सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट यानी SDTT में तीन साल का कार्यकाल खत्म होगा। SDTT के पास टाटा संस की 27.98% हिस्सेदारी है।

SDTT में छह ट्रस्टी हैं। इनमें नोएल टाटा, दारियस खंबाटा, भास्कर भट्ट, नेविल टाटा, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह शामिल हैं। ट्रस्ट के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आ चुके हैं।

खंबाटा, भट्ट और नेविल टाटा मौजूदा विवाद में मोटे तौर पर नोएल टाटा के साथ हैं। 5 अक्टूबर को इन चारों ने श्रीनिवासन और विजय सिंह के रुख का विरोध किया था। मामला टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन और ट्रस्ट्स के अधिकारों से जुड़ा है।

खंबाटा का कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म हो रहा है। खबर से जुड़े लोगों के मुताबिक, वह शायद दूसरा कार्यकाल न मांगें। अगर वह दोबारा ट्रस्टी बनना चाहते हैं तो सभी ट्रस्टियों की सहमति जरूरी होगी।

SRTT में दिसंबर में बड़ा बदलाव संभव

सर रतन टाटा ट्रस्ट यानी SRTT के पास टाटा संस की 23.56% हिस्सेदारी है। यहां किसी नए ट्रस्टी को शामिल करने के लिए सभी मौजूदा ट्रस्टियों की सहमति जरूरी है। इसलिए यहां साधारण बहुमत से काम नहीं चलता।

यह नियम पहले भी परेशानी पैदा कर चुका है। नेविल टाटा को SRTT में शामिल करने की कोशिश हुई थी। लेकिन 2024 के आखिर में प्रस्तावित बैठक टाल दी गई थी। श्रीनिवासन ने इस पर आपत्ति जताई थी।

अब श्रीनिवासन का SRTT में कार्यकाल दिसंबर में खत्म हो रहा है। अगर उनका कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है तो ट्रस्ट के भीतर समीकरण बदल सकते हैं। इससे SRTT का रुख नोएल टाटा के करीब जा सकता है।

हालांकि, इसके लिए ट्रस्ट को अपना कामकाज ठीक से चलाने और AGM में वोट करने की स्थिति में होना जरूरी होगा। SRTT पर महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर की तरफ से कुछ पाबंदियां भी लागू हैं।

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SRTT की वजह से टाटा संस की AGM टली थी

SRTT की स्थिति का असर पहले ही टाटा संस की AGM पर पड़ चुका है। 18 अगस्त की AGM टालनी पड़ी थी। वजह यह थी कि SRTT SDTT के साथ मिलकर AGM के लिए प्रतिनिधि नामित करने की जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका था।

इसके बाद रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने टाटा संस को AGM कराने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया। अब AGM की तारीख खुद इस पूरे विवाद में काफी अहम हो गई है।

वहीं श्रीनिवासन और विजय सिंह ने महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने SDTT के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने टाटा संस के मामलों में टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका को लेकर चिंता जताई है।

नोएल टाटा गुट का क्या कहना है?

नोएल टाटा, खंबाटा, भट्ट और नेविल टाटा ने इस रुख का विरोध किया है। उनका कहना है कि ट्रस्ट्स टाटा संस का मैनेजमेंट अपने हाथ में लेने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।

उनके मुताबिक, ट्रस्ट्स सिर्फ उन अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो उन्हें टाटा संस के कंट्रोलिंग शेयरहोल्डर होने के नाते मिले हैं। इस विवाद पर चैरिटी कमिश्नर ने SDTT से जवाब भी मांगा है।

66% हिस्सेदारी दिखती एकजुट, लेकिन है नहीं

टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है। लेकिन यह सात अलग-अलग चैरिटेबल ट्रस्ट्स में बंटी हुई है। हर ट्रस्ट में ट्रस्टियों की संरचना भी अलग है।

नोएल टाटा और उनके तीन बच्चे नेविल, लिया और माया इन सात ट्रस्ट्स में कुल 36 में से 17 ट्रस्टी पदों पर हैं। लेकिन इस ताकत का बड़ा हिस्सा छोटे ट्रस्ट्स में है। असली वजन SDTT और SRTT के पास है।

इसलिए AGM में सभी ट्रस्ट्स का एक ही लाइन पर आना जरूरी नहीं है। हर ट्रस्ट को अपनी बैठक करके अपने वोट पर फैसला करना पड़ सकता है।

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टाटा ग्रुप की कंपनियों के वोट भी अहम

टाटा ट्रस्ट्स के अलावा टाटा ग्रुप की नौ कंपनियों के पास टाटा संस की कुल 12.83% हिस्सेदारी है। इनमें सात लिस्टेड कंपनियां हैं। इन सात की कुल हिस्सेदारी 11.92% है। टाटा स्टील और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के पास 3.06-3.06% हिस्सेदारी है। टाटा केमिकल्स के पास 2.53% और टाटा पावर के पास 1.65% हिस्सेदारी है।

इंडियन होटल्स के पास 1.11%, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के पास 0.43% और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के पास 0.08% हिस्सेदारी है। इन कंपनियों के वोट को अभी किसी एक पक्ष के साथ जोड़ना मुश्किल है। हर कंपनी का अपना बोर्ड है। उसे अपनी हिस्सेदारी को लेकर अलग फैसला करना होगा।

चंद्रशेखरन और नोएल टाटा दोनों का असर

चंद्रशेखरन कई ऐसी टाटा कंपनियों के चेयरमैन हैं, जिनके पास टाटा संस में हिस्सेदारी है। इनमें टाटा स्टील, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, टाटा पावर, इंडियन होटल्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स शामिल हैं। वहीं नोएल टाटा टाटा स्टील के वाइस चेयरमैन हैं। वह टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन और टाटा इंटरनेशनल के चेयरमैन भी हैं।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ये कंपनियां किसी एक व्यक्ति के पक्ष में वोट करेंगी। इन कंपनियों के बोर्ड को अपनी-अपनी हिस्सेदारी को लेकर फैसला करना होगा।

शापूरजी पलोनजी ग्रुप भी बड़ा शेयरहोल्डर

टाटा ट्रस्ट्स के अलावा शापूरजी पलोनजी ग्रुप के पास भी टाटा संस की 18% से ज्यादा हिस्सेदारी है। इसलिए AGM में उसके वोट भी काफी अहम हो सकते हैं।

खासकर तब, जब टाटा ट्रस्ट्स के भीतर किसी एक रुख पर सहमति नहीं बनती है। ऐसी स्थिति में दूसरे बड़े शेयरहोल्डर्स की भूमिका बढ़ सकती है।

अब AGM की तारीख सबसे अहम

जब AGM होगी, तब तक टाटा ट्रस्ट्स की स्थिति कुछ बदल सकती है। खंबाटा का SDTT में कार्यकाल खत्म हो चुका होगा। वहीं दिसंबर में श्रीनिवासन का SRTT में कार्यकाल भी खत्म होना है।

चैरिटी कमिश्नर की कार्रवाई भी दोनों बड़े ट्रस्ट्स की स्थिति पर असर डाल सकती है। दूसरी तरफ टाटा ग्रुप की कंपनियों के बोर्ड को अपनी हिस्सेदारी के वोट पर फैसला करना होगा।

इसलिए मामला अब सिर्फ चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल का नहीं है। असली सवाल यह है कि AGM से पहले टाटा संस के शेयरहोल्डर्स के बीच ताकत का संतुलन किस तरफ जाता है।

यही वजह है कि AGM की तारीख बेहद अहम होगी। उस समय तक ट्रस्ट्स की संरचना, नियामकीय स्थिति और टाटा ग्रुप की कंपनियों के रुख में बदलाव इस वोट को पूरी तरह बदल सकता है।

TCS Q2 Preview: ग्रोथ, मार्जिन और AI से हायरिंग तक… तिमाही नतीजे में इन 5 सवालों के जवाब तलाशेंगे निवेशक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Titan Q2 Update: टाटा की कंपनी के ज्वेलरी, वॉच और आईकेयर बिजनेस में तगड़ी ग्रोथ, 78 नए स्टोर जोड़े

Titan Q2 Update: टाटा ग्रुप की टाइटन कंपनी ने मंगलवार को Q2 FY27 का बिजनेस अपडेट जारी किया। कंपनी के कंज्यूमर कारोबार में सालाना आधार पर 25% की ग्रोथ दर्ज हुई। इस दौरान कंपनी ने नेट आधार पर 78 नए स्टोर जोड़े।

सितंबर 2026 तक टाइटन के कंज्यूमर कारोबार का कुल स्टोर नेटवर्क बढ़कर 3,758 हो गया। घरेलू कारोबार में 22% की ग्रोथ रही। वहीं, इंटरनेशनल कारोबार 97% बढ़ा।

ज्वेलरी कारोबार 21% बढ़ा

टाइटन के ज्वेलरी कारोबार में Q2 FY27 में करीब 21% की सालाना ग्रोथ हुई। कंपनी के मुताबिक, तिमाही में ज्यादातर वक्त मांग मजबूत रही। हालांकि फेस्टिव कैलेंडर Q3 FY27 में शिफ्ट होने से तिमाही के अंत में कुछ नरमी दिखी।

स्टडेड ज्वेलरी की ग्रोथ 30% से ज्यादा रही, जबकि प्लेन गोल्ड ज्वेलरी करीब 20% बढ़ी। ज्वेलरी कारोबार में 42 नए स्टोर जुड़े और कुल संख्या 1,269 हो गई।

वॉच कारोबार 30% बढ़ा

टाइटन के वॉच कारोबार में करीब 30% की सालाना ग्रोथ हुई। एनालॉग वॉच की ग्रोथ 30% से ज्यादा रही। वहीं, स्मार्टवॉच कारोबार में भी हाई सिंगल डिजिट ग्रोथ के साथ रिकवरी दिखी।

कंपनी ने इस दौरान 34 नए स्टोर जोड़े। इसके साथ वॉच कारोबार का कुल स्टोर नेटवर्क 1,379 हो गया।

आईकेयर और उभरते कारोबार भी मजबूत

टाइटन के आईकेयर कारोबार में करीब 28% की ग्रोथ हुई। सितंबर 2026 तक इसके 847 स्टोर थे।

उभरते कारोबार में 21% की ग्रोथ रही। फ्रेगरेंस कारोबार 30% से ज्यादा बढ़ा, जबकि महिलाओं के बैग कारोबार में 20% से ज्यादा की ग्रोथ रही। इस सेगमेंट के कुल स्टोर 99 हो गए।

इंटरनेशनल कारोबार 97% बढ़ा

टाइटन का इंटरनेशनल कारोबार 97% बढ़ा। इस दौरान एक नया स्टोर जुड़ा और कुल स्टोर संख्या 164 हो गई। नॉर्थ अमेरिका में Tanishq, Mia और CaratLane के इंटरनेशनल ज्वेलरी कारोबार में डबल डिजिट ग्रोथ जारी रही।

मंगलवार को BSE पर Titan का शेयर 1.30% गिरकर 4,540 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 32.61% रिटर्न दिया है।

इन शेयरों पर दांव लगाने से हो सकती है जोरदार कमाई, जानिए लिस्ट में कौन-कौन स्टॉक्स शामिल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

10% चढ़ गया Trent का शेयर, Q2 बिजनेस अपडेट ने भरा जोश, लेकिन Citi ने अब भी दी बेचने की सलाह

Trent Share Price: टाटा ग्रुप की रिटेल यूनिट ट्रेंट के शेयरों में आज खरीदारी का ऐसा रुझान दिखा कि यह रॉकेट बन गया। सितंबर 2026 तिमाही के बिजनेस अपडेट का शेयरों ने जश्न मनाया और यह 10% उछल पड़ा। हालांकि ब्रोकरेज फर्म सिटी का इस पर बेयरेश रुझान बना हुआ है और इसकी सेल रेटिंग को बरकरार रखा है। कंपनी ने एक कारोबारी दिन पहले इक्विटी मार्केट का कारोबार खत्म होने के बाद बिजनेस अपडेट जारी किया था और अब आज मार्केट खुला तो शेयर 10% चढ़कर ₹2832.50 पर पहुंच गया। इससे पहले 10 कारोबारी दिनों में आठ दिन तो यह रेड जोन में बंद हुआ था।

Trent के लिए कैसी रही सितंबर तिमाही

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक सितंबर 2026 तिमाही में ट्रैंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 23% की रफ्तार से बढ़ा, जोकि कई तिमाहियों में सबसे अधिक है और छह तिमाहियों में सिर्फ दूसरी बार है, जब यह 20% के पार रहा। सितंबर 2026 तिमाही में ट्रेंट ने जूडियो (Zudio) का 1000वां स्टोर खोला। सितंबर तिमाही में इसने वेस्टसाइड (Westside) के 10 और जूडियो के 17 नए स्टोर खोले।

वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में कंपनी के मैनेजमेंट ने एक एनालिस्ट मीट में कहा था कि रेवेन्यू की 25% CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) बनाए रखना संभव है और अब सितंबर 2026 तिमाही में यह ग्रोथ इसी के करीब रही। एक अहम बात ये है कि जब भी ट्रेंट के बिजनेस अपडेट्स में रेवेन्यू की ग्रोथ इससे कम आई, शेयरों पर हर बार दबाव तगड़ा दिखा। इससे पहले 7 जुलाई को जब कंपनी ने जून 2026 तिमाही में 19% की रेवेन्यू ग्रोथ का बिजनेस अपडेट जारी किया था, तो इसके शेयर 12% टूट गए थे।

City क्यों है बेयरेश

ब्रोकरेज फर्म सिटी ने सेल रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹2950 पर फिक्स किया है, जोकि इस स्टॉक के लिए मार्केट में सबसे कम है। सिटी का कहना है कि इसका प्रति स्क्वेयर फीट रेवेन्यू कमजोर बना हुआ है, जिसके चलते इसके शेयरों को लेकर सिटी का रुझान भी सतर्क बना हुआ है।

स्टोर साइज को आधार मानें तो, ट्रेंट का प्रति स्क्वायर फ़ीट औसत रेवेन्यू साल-दर-साल 8.4% घटा है, जबकि Citi का अनुमान 12% की गिरावट का था। इसकी तुलना पिछली चार तिमाहियों में दर्ज 12.4%, 11.6%, 16.1% और 15.5% की गिरावट से भी की जा सकती है।

प्रति स्क्वेयर फीट रेवेन्यू के कमजोर रुझान के अलावा बढ़ते कॉम्पटीशन, कैनिबलाइजेशन के असर और इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी से मार्जिन पर रिस्क के चलते भी सिटी सतर्क है। सिटी का कहना है कि प्रति स्क्वेयर फीट रेवेन्यू में लगातार सुधार और स्टोर के विस्तार से स्टॉक की री-रेटिंग हो सकती है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

ट्रेंट के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹2,185.15 के भाव पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से चार महीने में 55.58% उछलकर 3 जुलाई 2026 को ₹3,399.75 पर पहुंच गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। अब आगे की बात करें तो इसे कवर करने वाले 29 एनालिस्ट्स में से 22 ने इसे खरीदारी, 5 ने होल्ड औप 2 ने सेल रेटिंग दी है।

Vedanta Dividend: वेदांता की डिविडेंड देने की तैयारी, 8 अक्टूबर को होगा फैसला; रिकॉर्ड डेट का ऐलान

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Trent Q2 Update: टाटा की कंपनी का रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹5788 करोड़ पहुंचा, Zudio के स्टोर 1000 के पार

Trent Q2 Update: टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd ने सितंबर 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 23% बढ़कर ₹5,788 करोड़ रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹4,724 करोड़ था।

चालू वित्त वर्ष FY27 की पहली छमाही में भी कंपनी का कारोबार मजबूत रहा। अप्रैल-सितंबर के दौरान रेवेन्यू 21% बढ़कर ₹11,454 करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह ₹9,505 करोड़ था।

मर्चेंडाइज बिक्री में भी 23% की ग्रोथ

अन्य ऑपरेटिंग इनकम को छोड़कर मर्चेंडाइज की बिक्री से मिलने वाला रेवेन्यू सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 23% बढ़ा। वहीं, FY27 की पहली छमाही में इसमें 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सितंबर तिमाही में Trent ने अपने Zudio ब्रांड का 1,000वां स्टोर भी खोल दिया। 30 सितंबर 2026 तक Westside, Zudio और कंपनी के दूसरे लाइफस्टाइल ब्रांड्स को मिलाकर कुल स्टोर की संख्या 1,342 हो गई।

कितने नए स्टोर खुले?

सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी ने नेट आधार पर 10 नए Westside और 17 नए Zudio स्टोर खोले। FY27 की पहली छमाही में Trent ने कुल 11 Westside और 36 Zudio स्टोर जोड़े।

Trent के शेयरों का हाल

सोमवार को Trent का शेयर 0.86% गिरकर ₹2,575 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 1.03% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में इसने 18.93% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 91.53 हजार करोड़ रुपये है।

Trent का बिजनेस क्या है?

Trent टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी है। यह Westside, Zudio और दूसरे लाइफस्टाइल ब्रांड्स के जरिए कपड़े, फैशन और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स बेचती है। कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से अपने रिटेल स्टोर नेटवर्क के जरिए चलता है। 30 सितंबर 2026 तक Trent के Westside, Zudio और अन्य ब्रांड्स को मिलाकर 1,342 स्टोर थे।

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TCS Q2 Results Date: टाटा की आईटी कंपनी 8 अक्टूबर जारी करेगी तिमाही नतीजे, डिविडेंड पर भी नजर

TCS Q2 Results Date: टाटा ग्रुप की दिग्गज IT कंपनी TCS इस हफ्ते वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। कंपनी 8 अक्टूबर 2026 को सितंबर तिमाही का रिजल्ट जारी करेगी। इसके साथ ही निवेशकों की नजर अंतरिम डिविडेंड पर भी रहेगी।

TCS ने 22 सितंबर को स्टॉक्स एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी थी। कंपनी ने बताया कि बोर्ड मीटिंग 8 अक्टूबर को होगी। इस बैठक में 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के रिजल्ट को मंजूरी दी जाएगी।

TCS का रिजल्ट बताएगा सेक्टर का मूड

TCS के रिजल्ट से पता चलेगा कि सितंबर तिमाही में कंपनी का कारोबार कैसा रहा। खासकर IT सेक्टर में इस समय मांग, खर्च और AI को लेकर काफी चर्चा है। ऐसे में TCS के नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी।

कंपनी TCS Tata Group की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। यह दुनिया की बड़ी IT Services कंपनियों में से एक है। TCS का कारोबार IT सर्विसेज, कंसल्टिंग और बिजनेस सॉल्यूशंस से जुड़ा है।

इंतरिम डिविडेंड पर भी फैसला

TCS की बोर्ड मीटिंग में इंतरिम डिविडेंड के प्रस्ताव पर भी विचार होगा। यानी कंपनी अपने शेयरधारकों को अंतरिम डिविडेंड देगी या नहीं, इसका फैसला इसी बैठक में हो सकता है।

अगर बोर्ड डिविडेंड को मंजूरी देता है तो इसका फायदा उन शेयरधारकों को मिलेगा, जिनका नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रिकॉर्ड में होगा। TCS ने रिकॉर्ड 14 अक्टूबर 2026 तय की है।

Q1 में TCS का मुनाफा घटा था

अब सबकी नजर सितंबर तिमाही के नतीजों पर है। इसकी एक वजह जून तिमाही का प्रदर्शन भी है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में TCS का शुद्ध मुनाफा 13,349 करोड़ रुपये रहा था। यह पिछली तिमाही यानी मार्च 2026 के 13,718 करोड़ रुपये से 2.7% कम था।

कंपनी के मुनाफे पर 668 करोड़ रुपये के एकमुश्त खर्च का असर पड़ा था। यह रकम एक कानूनी दावे के सेटलमेंट से जुड़ी थी।

TCS के शेयरों का हाल

TCS का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 1.23% की बढ़त के साथ 2,075.90 रुपये पर बंद हुआ था। पिछले 1 साल में स्टॉक 16.09% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 30.53% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 7.52 लाख करोड़ रुपये है।

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