दुर्गा पूजा के मौके पर जोरदार कमाई करना चाहते हैं? तो ये हैं आपके लिए 5 बेस्ट ऑप्शंस

दुर्गा पूजा आने में कुछ ही दिन बाकी हैं। इसके बाद भी कई त्योहार आएंगे। यह समय कमाई का बड़ा मौका होता है। खासकर महिलाएं कई चीजें घर पर बनाकर त्योहारों के दौरान लगने वाले मेले में बेच सकती हैं। इससे कुछ ही समय में उन्हें अच्छी कमाई हो सकती है। अगर आप इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं तो अभी से तैयारी शुरू कर देनी होगी।

इन चीजों की रहती है भारी डिमांड

रांची की उद्यमी पूनम बताती है कि त्योहारों के दौरान खासकर डिज़ाइनर बैग, सैंडल, डिजाइनर सलवार सूट, साड़ियों, घर को सजाने के डेकोरेटिव आइटम्स की अच्छी मांग होती है। त्योहारों के दौरान कई जगह एग्जिबिशन लगते हैं। इन एग्जिबिशन के जरिए अच्छी खासी कमाई की जा सकती है। अगर घर में आप चीजें बनाने में दिलचस्पी नहीं रखते तो आप होलसेल मार्केट से लाकर उन्हें एग्जिबिशन में बेच सकते हैं।

स्टाइलिस्ट ब्लाउज की भी अच्छी मांग

पिछले कई सालों से एग्जिबिशन में स्टॉल लगाने वाली उषा बताती हैं कि वह खासतौर पर डिजाइनर ब्लाउज बनाती हैं। यह बॉलीवुड स्टाइल का होता है। दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट स्टाइल वाली इन ब्लाउज की अच्छी डिमांड होती है। ग्राहक खासकर दीपिका पादुकोण की मोती स्पेशल ब्लाउज तो आलिया भट्ट की ऑफ शोल्डर ब्लाउज में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं। ऐसी ब्लाउज की कीमत ₹5000 तक होती है। कई महिलाएं पहले से ऑर्डर देती हैं।

बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती

उषा बताती है कि इसके लिए आपको कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती है। वह घर में डिजाइन बनाती हैं और मास्टर के पास जाती हैं। लेकिन मास्टर हाई क्वालिटी का होना चाहिए। फैब्रिक की जांच परख, मोती या फिर जो भी आप लगा रहे हैं उसकी क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए। वह कहती हैं कि यह सब आपको खुद देखना होता है, क्योंकि, क्वालिटी से कोई समझौता नहीं करना चाहता।

कलेक्शन रिपीट नहीं होना चाहिए

उन्होंने कहा कि यह ध्यान में रखना जरूरी है कि कलेक्शन रिपीट नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रांची के जेसीआई एक्सपो मेले में उन्होंने एक दिन में 10 डिजाइनर ब्लाउज बेची हैं। इससे अच्छी कमाई हो जाती है। उन्होंने कहा कि डिजाइनर कुर्ती, डिजाइनर सलवार सूट इन सब चीजों का स्पेशल कलेक्शन वाला स्टॉल भी लगाया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखें कि आपका कलेक्शन यूनिक होना चाहिए तभी मार्केट में वह चल पाएगा।

(रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट)

कभी ₹3,000 महीना कमाते थे पवन, आज ₹58 लाख सालाना की नौकरी, NIT छोड़कर ऐसे बनाई पहचान

कभी आर्थिक तंगी के चलते NIT की पढ़ाई छोड़ने वाला एक युवक आज अपनी कमाई को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में है। पवन चिंडकुर ने NIT आंध्र प्रदेश में B.Tech ECE की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन परिवार की खराब आर्थिक स्थिति और पिता की तबीयत से जुड़ी परेशानियों के बीच उन्हें पहले ही साल पढ़ाई छोड़नी पड़ी। हालात ऐसे थे कि एक समय उन्होंने Uber ड्राइवर बनने तक का विचार किया। इसके बाद दोस्तों की सलाह पर लोन लेकर लैपटॉप खरीदा और YouTube से टेक्नोलॉजी सीखना शुरू किया।

Reddit और Discord जैसी ऑनलाइन कम्युनिटीज से जुड़कर उन्होंने अपनी स्किल्स को निखारा और ₹3,000 महीने की नौकरी से शुरुआत की।  धीरे-धीरे उनकी कमाई बढ़ती गई और अब रिपोर्ट के मुताबिक वह करीब ₹58 लाख सालाना की रिमोट नौकरी कर रहे हैं। उनकी कहानी ने सोशल मीडिया पर पढ़ाई, स्किल्स और करियर के रास्तों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

परिवार की हालत ने बदल दी पढ़ाई की राह

COVID-19 महामारी के दौरान पवन के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी मुश्किल हो गई थी। उनके पिता ऑटो चलाते थे और उस दौरान उनकी तबीयत भी ठीक नहीं रहती थी। परिवार की जिम्मेदारियों को देखते हुए पवन ने NIT आंध्र प्रदेश में B.Tech ECE की पढ़ाई पहले साल के बाद छोड़ दी। उस समय उनके सामने आगे पढ़ने से ज्यादा जरूरी परिवार को संभालना था।

कभी Uber ड्राइवर बनने का भी आया ख्याल

पढ़ाई छोड़ने के बाद पवन के सामने करियर को लेकर कोई आसान रास्ता नहीं था। एक समय उन्होंने Uber ड्राइवर बनने तक के बारे में सोचा। लेकिन दोस्तों की सलाह ने उनकी दिशा बदल दी। उन्होंने लोन लेकर एक लैपटॉप खरीदा और YouTube के जरिए टेक्नोलॉजी सीखना शुरू कर दिया।

YouTube से शुरू हुई असली तैयारी

पवन ने सिर्फ वीडियो देखकर सीखने तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने Reddit और Discord जैसी ऑनलाइन कम्युनिटीज से जुड़कर अपनी स्किल्स पर काम करना शुरू किया। इसी दौरान उन्हें पहली नौकरी मिली, जहां उनकी कमाई महज ₹3,000 प्रति माह थी। छोटी शुरुआत के बावजूद उन्होंने सीखना और काम करना जारी रखा।

₹3,000 से ₹60 हजार महीना

करियर में अगला बड़ा मोड़ तब आया, जब पवन ने दुबई की एक स्टार्टअप कंपनी जॉइन की। यहां उनकी कमाई बढ़कर करीब ₹60,000 प्रति माह हो गई। इसके बाद LinkedIn पर बने एक कनेक्शन ने उन्हें Cactro में नौकरी दिलाने में मदद की। यहां उनकी मासिक सैलरी करीब ₹1.2 लाख तक पहुंच गई।

फिर आया ₹58 लाख वाला बड़ा ब्रेक

पवन की सबसे बड़ी छलांग इसके बाद लगी। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने Lingk.io में रिमोट रोल हासिल किया, जहां उनका सालाना पैकेज करीब ₹58 लाख बताया जा रहा है। उनकी कहानी को शेयर करने वाले पोस्ट में इसे एक लाइन में समेटा गया “Skills >>>>>> Traditional Path.”

क्या डिग्री से ज्यादा जरूरी हैं स्किल्स?

पवन की कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर शिक्षा और करियर को लेकर बहस छिड़ गई। कई लोगों ने कहा कि सेल्फ-लर्निंग, प्रैक्टिकल स्किल्स और नेटवर्किंग भी करियर बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

हालांकि, कुछ यूजर्स ने यह भी याद दिलाया कि पवन का मामला एक असाधारण उदाहरण है और इसे हर छात्र के लिए पारंपरिक कॉलेज शिक्षा का विकल्प नहीं माना जा सकता।

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

एक यूजर ने पवन की सफलता की तारीफ करते हुए NIT आंध्र प्रदेश के 2025 NIRF आंकड़ों का संदर्भ दिया और कहा कि पवन की कमाई एक आउटलेयर उदाहरण है। वहीं दूसरे यूजर ने उनकी लगातार सीखने की आदत और वास्तविक काम से जुड़ी स्किल्स की तारीफ की। एक अन्य प्रतिक्रिया में कहा गया कि कई बार स्किल्स ऐसे मौके खोल सकती हैं, जो पारंपरिक रास्ते से आसानी से नहीं मिलते।

Video: CM से मिलते ही शख्स ने कर दी iPhone की डिमांड, हिमंत बिस्व सरमा का जवाब सुनकर हंसी नहीं रोक पाएंगे

Stock To Buy: एक्सिस ने इन 7 लार्ज-कैप शेयरों पर दी खरीद की सलाह, मिल सकता है 44% का रिटर्न

Stock To Buy: भारतीय शेयर बाजार ने अभी एक रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन ऐसा रिकॉर्ड नहीं जिसकी निवेशकों को उम्मीद थी। दलाल स्ट्रीट में लगातार आठ हफ़्तों से गिरावट देखी गई है, जो 2020 के कोविड-19 क्रैश और 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के दौरान देखी गई गिरावट से भी ज़्यादा है। बाजार की इस बढ़ी गिरावट में एक्सिस सिक्योरिटीज ने 7 लार्ज-कैप स्टॉक्स चुने हैं जिनमें भारी गिरावट के बाद भी मजबूत वैल्यू है। एक्सिस

बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance)

एक्सिस ने 1,305 रुपये का प्राइस टारगेट तय किया है, जो मौजूदा लेवल से 36% ज़्यादा है। यह कंपनी कंज्यूमर फाइनेंस के लिए भारत की सबसे बड़ी NBFCs में से एक है। इसके पास टू-व्हीलर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, हाउसिंग और छोटे व्यवसायों के लिए लोन जैसे कई तरह के प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो है।

भारती एयरटेल (Bharti Airtel)

2,530 रुपये के प्राइस टारगेट के साथ, ब्रोकरेज ने मौजूदा लेवल से 44% बढ़ने की संभावना जताई है। यह एक भारतीय मल्टीनेशनल टेलीकम्युनिकेशन कंपनी है जो दक्षिण एशिया, अफ्रीका और चैनल आइलैंड्स के 18 देशों में काम करती है। यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर है, जिसकी घरेलू बाज़ार में मज़बूत मौजूदगी है और इसके पास डिजिटल सेवाओं का एक व्यापक पोर्टफोलियो है, जिसमें फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क, मोबाइल और डेस्कटॉप टेलीफोनी और अन्य डिजिटल समाधान शामिल हैं।

ICICI बैंक (ICICI Bank )

1,800 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ, ब्रोकरेज ने मौजूदा लेवल से 36% बढ़ने की संभावना जताई है। इस लेंडर को मजबूत लायबिलिटी फ्रैंचाइज़ और अच्छे रिटेल-कॉर्पोरेट मिक्स का सहारा मिला हुआ है। बैंक की सब्सिडियरी कंपनियाँ, जैसे ICICI वेंचर फंड्स, ICICI प्रू AMC, ICICI सिक्योरिटीज, ICICI प्रूडेंशियल और ICICI लोम्बार्ड, अपने-अपने क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों में शामिल हैं।

एटरनल (Eternal)

एक्सिस बैंक ने 390 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ खरीदारी की राय दी है। ब्रोकरेज ने मौजूदा लेवल से इसमें 22% बढ़ने की संभावना जताई है। कंपनी का बिजनेस मॉडल ‘एसेट-लाइट’ है, जो डिमांड और सप्लाई को एक साथ लाने पर आधारित है। साथ ही, यह कुशल लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स को सक्षम बनाता है, मज़बूत नेटवर्क प्रभाव पैदा करता है और यूज़र एंगेजमेंट को बढ़ाता है। इसमें चार मुख्य बिज़नेस शामिल हैं। ज़ोमैटो (Zomato), ब्लिंकिट (Blinkit), डिस्ट्रिक्ट (District) और हाइपरप्योर (Hyperpure)।

वरुण बेवरेजेज़ (Varun Beverages)

एक्सिस बैंक ने ₹530 के टारगेट प्राइस के साथ इस स्टॉक में खरीदारी की राय दी है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि पिछली क्लोजिंग के मुकाबले इसमें 23% की बढ़त हो सकती है। VBL ग्लोबल बेवरेज इंडस्ट्री में एक अहम कंपनी है और दुनिया भर में (US के बाहर) पेप्सिको (PepsiCo) की दूसरी सबसे बड़ी फ्रैंचाइज़ी है। इसके पास फ्रैंचाइज़ी अधिकारों के तहत 10 देशों में और डिस्ट्रीब्यूशन अधिकारों के तहत 4 और देशों में कामकाज करने की सुविधा है।

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank)

₹500 के टारगेट प्राइस के साथ, एक्सिस (Axis) का अनुमान है कि मौजूदा स्तरों से इसमें 20% की बढ़त हो सकती है। यह भारत के प्रमुख डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विस ग्रुप्स में से एक है, जो अलग-अलग कस्टमर सेगमेंट और इलाकों में कई तरह की सर्विस देता है। यह रिटेल कस्टमर्स (सैलरी पाने वाले और खुद का काम करने वाले दोनों), छोटे बिज़नेस, NRI, संस्थानों और सरकारी संस्थाओं को सर्विस देता है। इसकी सर्विस में सुविधा, इनोवेशन और डिजिटल-फर्स्ट ऑफरिंग पर खास ध्यान दिया जाता है।

नेस्ले इंडिया (Nestle India)

ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस ₹1,765 तय किया है, जो मौजूदा स्तरों से 35% ज़्यादा है। नेस्ले इंडिया कई तरह के फूड और बेवरेज प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है, जिनमें दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स, कॉफी, चाय, नूडल्स, चॉकलेट, कन्फेक्शनरी और बच्चों के लिए न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स शामिल हैं। भारत में इसके कुछ पॉपुलर ब्रांड्स में मैगी (Maggi), नेस्कैफे (Nescafé), किटकैट (KitKat), मिल्कीबार (MilkyBar) और नेस्ले एवरीडे (Nestle Everyday) शामिल हैं।

 

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Video: CM से मिलते ही शख्स ने कर दी iPhone की डिमांड, हिमंत बिस्व सरमा का जवाब सुनकर हंसी नहीं रोक पाएंगे

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा जब लोगों से मुलाकात कर रहे थे, तभी भीड़ में मौजूद एक शख्स ने ऐसी फरमाइश कर दी कि मुख्यमंत्री भी कुछ पल के लिए हैरान रह गए। आमतौर पर लोग नेताओं से मिलकर अपनी समस्याएं, सुविधाओं या किसी मदद की मांग रखते हैं, लेकिन इस शख्स की प्राथमिकता कुछ और ही थी। उसने बिना झिझक मुख्यमंत्री से सीधे कहा कि उसे एक iPhone चाहिए। शख्स की इस अनोखी मांग पर सरमा ने भी मजाकिया अंदाज में पूछा कि उसे पुराना iPhone चाहिए या नया। बातचीत का यह पल यहीं खत्म नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री ने आखिरकार उसे iPhone दिलाने का आश्वासन भी दे दिया। इस पूरे वाकये का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसके बाद लोगों की नजरें इस मजेदार मुलाकात पर टिक गईं। वीडियो में दिख रहा यह छोटा-सा संवाद अब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है।

भीड़ में अचानक बोला- ‘सर, मुझे iPhone चाहिए’

वीडियो में मुख्यमंत्री लोगों के बीच उनसे मिलते और बातचीत करते नजर आते हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति आगे आता है और बिना किसी झिझक के कहता है, “सर, मुझे iPhone चाहिए।” शख्स की सीधी-सपाट मांग सुनकर मुख्यमंत्री भी कुछ पल के लिए चौंक जाते हैं। इसके बाद वह मजाकिया अंदाज में उससे पूछते हैं कि उसे पुराना iPhone चाहिए या नया।

जवाब सुनकर और दिलचस्प हो गया माहौल

मुख्यमंत्री का सवाल सुनकर बातचीत का अंदाज और भी हल्का-फुल्का हो जाता है। सरमा कुछ ऐसा हावभाव करते हैं, जैसे मजाक में उस व्यक्ति को हल्की-सी चपत लगाने वाले हों।

लेकिन अगले ही पल वह उसकी मांग मानने की बात कहते हैं। मुख्यमंत्री कहते हैं कि ठीक है, उसे iPhone मिल जाएगा। इसके बाद वह आगे बढ़कर वहां मौजूद दूसरे लोगों से मिलने लगते हैं।

मुख्यमंत्री ने कैप्शन में लिखी मजेदार बात

इस पूरे वाकये का वीडियो हिमंत बिस्व सरमा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया। वीडियो के साथ उन्होंने बेहद छोटा लेकिन दिलचस्प कैप्शन लिखा “Very clear priorities.” यानी भीड़ में मौजूद उस शख्स की प्राथमिकता बिल्कुल साफ थी मुख्यमंत्री से मिलते ही उसे किसी और चीज की नहीं, बल्कि iPhone की जरूरत महसूस हुई।

सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब लिए मजे

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इस बातचीत पर मजेदार प्रतिक्रियाएं देने लगे। कई लोगों को उस शख्स का आत्मविश्वास पसंद आया कि उसने इतनी बड़ी शख्सियत के सामने भी अपनी मांग सीधे रख दी। कुछ यूजर्स ने मुख्यमंत्री के जवाब की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों की दिलचस्पी इस बात में थी कि क्या उस शख्स को वाकई iPhone मिला या नहीं।

‘हिम्मत हो तो ऐसी’

एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मुख्यमंत्री से इस तरह सीधे iPhone मांगने के लिए अलग ही स्तर का आत्मविश्वास चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने इस पूरे पल को हल्का-फुल्का और मजेदार बताया।

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Hyundai ने बनाया बिक्री का नया रिकॉर्ड, सितंबर में बिकीं 77,916 कारें, नई Bayon से और बढ़ेंगी उम्मीदें

Hyundai September 2026 Sales: Hyundai Motor India ने सितंबर 2026 में अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री (77,916 यूनिट्स) दर्ज की है। यह पिछले साल के मुकाबले 10.8% ज्यादा है और इसने जुलाई में बने पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। खरीदारों के लिए यह बात अहम है क्योंकि फेस्टिव सीजन से पहले बिक्री में तेजी का मतलब आम तौर पर यह होता है कि लोकप्रिय मॉडल्स के लिए डीलर्स के पास स्टॉक कम हो जाता है और डिस्काउंट पर मोल-भाव करने की गुंजाइश भी कम हो जाती है, भले ही Hyundai नए लॉन्च के साथ अपनी गाड़ियों की रेंज बढ़ा रही हो।

Hyundai की सितंबर 2026 की बिक्री: आंकड़ों का विश्लेषण

Hyundai Motor India की सितंबर 2026 की बिक्री में घरेलू बाजार के साथ-साथ एक्सपोर्ट से भी कंपनी को अच्छी बढ़त मिली। सितंबर में कंपनी ने घरेलू बाजार में 57,166 गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल इसी महीने के मुकाबले 10.9% ज्यादा है। वहीं, एक्सपोर्ट में भी 10.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान कंपनी ने 20,750 गाड़ियों का निर्यात किया।

घरेलू बिक्री और एक्सपोर्ट, दोनों में लगभग एक जैसी ग्रोथ दर्ज होना दिखाता है कि Hyundai की बिक्री में तेजी सिर्फ किसी एक बाजार तक सीमित नहीं रही। कंपनी की गाड़ियों की मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों बाजारों में बढ़ी है।

Hyundai की सितंबर 2026 की बिक्री: यह रिकॉर्ड क्यों अहम है?

Hyundai के MD और CEO तरुण गर्ग ने खास तौर पर बताया कि सितंबर के आंकड़े ने जुलाई 2026 में बने कंपनी के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है — यानी सिर्फ तीन महीनों में यह दूसरी बार अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। Hyundai जैसी बड़ी और ज्यादा वॉल्यूम वाली मैन्युफैक्चरर के लिए, इतने कम समय में दो बार अपना ही रिकॉर्ड तोड़ना, किसी एक महीने के रिकॉर्ड से कहीं ज्यादा मजबूत संकेत है। यह दिखाता है कि मांग सिर्फ किसी खास मौसम की वजह से नहीं, बल्कि लगातार बनी हुई है।

Hyundai की सितंबर 2026 की बिक्री: फेस्टिव सीजन को लेकर उम्मीदें क्यों बढ़ रही हैं?

Hyundai ने अपनी ग्रोथ की उम्मीदों को सीधे तौर पर Bayon SUV की बुकिंग शुरू होने से जोड़ा है। यह भारत के लिए कंपनी की आने वाली बिल्कुल नई SUV है, जिसे Venue और Creta के बीच की कैटेगरी में रखा जाएगा। बता दें कि Bayon के ग्लोबल डेब्यू से पहले ही बुकिंग शुरू हो चुकी है। Hyundai को उम्मीद है कि जब Bayon शोरूम में आएगी, तो इससे बिक्री में और बढ़ोतरी होगी, साथ ही फेस्टिव सीजन के दौरान कंपनी की मौजूदा गाड़ियों की बिक्री से जो तेजी बनी हुई है, उसका भी फायदा मिलेगा।

अभी खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?

आम तौर पर, जब बिक्री के रिकॉर्ड बनते हैं, तो ज्यादा डिमांड वाले मॉडल्स पर डीलर्स से मिलने वाली छूट कम हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब डिमांड पहले से ही ज्यादा हो, तो मैन्युफैक्चरर्स और डीलर्स के पास बिना बिके स्टॉक को निकालने का कोई खास कारण नहीं होता। अगर आप इस फेस्टिव सीजन में Hyundai की कार खरीदने की सोच रहे हैं — खासकर हाल ही में लॉन्च हुए या ज्यादा डिमांड वाले मॉडल — तो कम बिक्री वाले महीनों की तुलना में मोल-भाव की गुंजाइश कम ही होगी। और अगर आप खास तौर पर Bayon में दिलचस्पी रखते हैं, तो इस रिकॉर्ड को इस बात का संकेत मानिए कि SUV के लॉन्च होने के बाद Hyundai के पास ऑर्डर-बुक की मजबूत रफ्तार होगी।

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Tata Motors के लिए शानदार रहा सितंबर, कारों की बिक्री 15% बढ़ी; EV की डिमांड में आया जबरदस्त उछाल

Tata Motors September 2026 Sales: फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले Tata Motors के लिए सितंबर 2026 का महीना काफी अच्छा रहा। इस दौरान कंपनी ने कुल 70,210 कारें और SUV बेचकर महीना खत्म किया, जिसमें साल-दर-साल (YoY) 15% की बढ़ोतरी देखी गई। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक और दूसरे पर्यावरण के अनुकूल पावरट्रेन वाली कारों की बिक्री भी अच्छी रही।

कंपनी ने FY27 की दूसरी तिमाही में भी शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान Tata Motors ने कुल 2.02 लाख पैसेंजर व्हीकल बेचे। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 1.44 लाख गाड़ियां बेची थीं। यानी सालाना आधार पर बिक्री में करीब 40% की बढ़ोतरी हुई।

दूसरी तिमाही में हुई कुल बिक्री में से 1.97 लाख गाड़ियां घरेलू बाजार में बिकीं। जो FY26 की दूसरी तिमाही में बिकी 1.41 लाख गाड़ियों के मुकाबले 40% ज्यादा है। वहीं, ग्लोबल मार्केट में बिक्री 20% बढ़कर 5,049 यूनिट हो गई।

कंपनी ने बताया कि FY27 की दूसरी तिमाही के दौरान ‘पंच’ (Punch) भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली SUV रही। आइए, बिक्री के प्रदर्शन को विस्तार से समझते हैं।

Punch, Nexon, Sierra और दूसरी गाड़ियों की बदौलत Tata ने 70,000 यूनिट का आंकड़ा किया पार

Tata Motors Passenger Vehicles ने बताया है कि उसने सितंबर 2026 में कुल 70,210 यूनिट बेचे। यह पिछले साल इसी महीने में बेची गई 60,907 यूनिट के मुकाबले 15% की बड़ी बढ़ोतरी है। कंपनी के मुताबिक, फेस्टिव सीजन शुरू होने से ठीक पहले Tata Motors ने एक महीने में 70 हजार से ज्यादा गाड़ियां बेचने का आंकड़ा हासिल किया है। घरेलू बाजार की बात करें तो सितंबर 2026 में Tata Motors ने 68,810 पैसेंजर व्हीकल बेचे, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 59,667 यूनिट था। यानी घरेलू बिक्री में भी 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वहीं, इंटरनेशनल शिपमेंट भी साल-दर-साल 13% बढ़कर सितंबर 2026 में 1,400 यूनिट हो गई, जो पिछले साल 1,240 यूनिट थी।

EV की बिक्री में 67% की बढ़ोतरी

इस महीने कंपनी की ग्रोथ में टाटा के पोर्टफोलियो में शामिल इलेक्ट्रिक कारों – जैसे Punch EV, Nexon EV, Tiago EV और अन्य – का अहम योगदान रहा। कंपनी ने सितंबर में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कुल 15,384 EV बेचीं, जो पिछले साल इसी अवधि में बेची गई 9,191 यूनिट्स के मुकाबले 67% ज्यादा है।

वहीं, FY 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी Q2 FY27 में कंपनी ने अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही EV बिक्री दर्ज की। इस दौरान Tata Motors ने कुल 47,150 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं। पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले यह 90% ज्यादा है।

कंपनी की कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में EV मॉडल्स की हिस्सेदारी 23% रही। वहीं, CNG कारों की हिस्सेदारी 28% रही। यानी EV और CNG दोनों को मिलाकर Tata Motors की तिमाही बिक्री में इन दोनों पावरट्रेन की हिस्सेदारी 50% से ज्यादा रही।

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Gold outlook: सोने-चांदी की कीमतों में तेजी क्या फेस्टिव सीजन में बढ़ाएगी मांग या सुस्त रहेगा बाजार, जानें एक्सपर्ट की राय

Gold outlook:  घरेलू मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में गुरुवार 1 अक्टूबर को तेजी देखने को मिली। अमेरिकी ब्याज दरों पर बाजार के नजरिए और भारत में आने वाले त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए इन दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में इजाफा हुआ। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, दिसंबर के सोने के वायदा सौदे 0.51% बढ़कर ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे थे, जबकि दिसंबर के चांदी के वायदा सौदे 0.40% बढ़कर ₹2.24 लाख प्रति किलोग्राम पर थे।

हाल के दिनों में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है क्योंकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (yields) में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और महंगाई की चिंताओं से मिलने वाला सहारा बेअसर हो गया है।

वेंचुरा में कमोडिटी प्रमुख एनएस रामास्वामी ने कहा कि सोना अभी इन विपरीत ताकतों के बीच फंसा हुआ है, जिसमें ऊंची यील्ड से बिना रिटर्न (non-yielding) वाली संपत्ति को रखने की अवसर लागत (opportunity cost) बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला और आने वाले अमेरिकी पेरोल डेटा सोने की निकट भविष्य की चाल के लिए महत्वपूर्ण हैं। रामास्वामी के अनुसार, सोने ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से मिलने वाला प्रीमियम कुछ हद तक खो दिया है, लेकिन केंद्रीय बैंकों की खरीद और गोल्ड ETF में निवेश के प्रवाह से इसे संरचनात्मक समर्थन मिल रहा है।

कीमतों में हालिया गिरावट (correction) ने फिजिकल डिमांड (असली सोने की मांग) पर भी ध्यान खींचा है, क्योंकि भारत में त्योहारों और शादी-ब्याह का मुख्य सीजन शुरू हो रहा है।

त्योहारी सीजन में 15-20% बढ़ सकती है खरीदारी

कामा ज्वैलरी के एमडी कॉलिन शाह ने कहा कि धनतेरस और दिवाली के दौरान त्योहारों की मांग ऐतिहासिक रूप से काफी मजबूत रही है क्योंकि सोना खरीदने से सांस्कृतिक महत्व जुड़ा होता है। हालांकि, ऊंची कीमतों के कारण उपभोक्ता सोने की खरीद की मात्रा में बदलाव कर सकते हैं।

शाह के अनुसार, उपभोक्ता हल्की और आधुनिक डिजाइन वाली ज्वैलरी की ओर बढ़ रहे हैं जो उनके तय घरेलू बजट में फिट बैठती है। उन्होंने पुराने सोने के बदले नया सोना लेने (exchange) के बढ़ते चलन पर भी जोर दिया, जिससे खरीदार अपनी मौजूदा ज्वैलरी को रीसाइकिल करके नई ज्वैलरी ले सकते हैं।

शादी-ब्याह से जुड़ी खरीदारी से भी मांग को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। शाह ने औसत खरीद मूल्य (ticket size) ₹1.5 लाख से ₹3 लाख के बीच बताया और उम्मीद जताई कि त्योहारों के मुख्य सीजन के दौरान इसमें 15-20% की बढ़ोतरी हो सकती है, जैसा कि पिछले साल हुआ था।

चांदी पर क्या बनाए रणनीति

इस बीच, हालिया गिरावट के बाद चांदी की कीमतों में भी सुधार हुआ है। रिद्धि-सिद्धि बुलियन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि डॉलर के मजबूत होने और ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से सोने और चांदी पर दबाव पड़ा है।

चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है, क्योंकि इसकी कीमत पर निवेश की मांग और औद्योगिक इस्तेमाल, दोनों का असर पड़ता है।

भारतीय खरीदारों के लिए रुपये की चाल भी अहम रहेगी। लेमन (Lemonn) के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि रुपया कमजोर होने से घरेलू कमोडिटी की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, भले ही ग्लोबल कीमतें बदल रही हों।

आगे चलकर, कीमती धातुओं की कीमतें US में ब्याज दरों के आउटलुक, ट्रेजरी यील्ड, डॉलर और जियोपॉलिटिकल हालात के प्रति संवेदनशील बनी रह सकती हैं, जबकि भारत में धनतेरस, दिवाली और शादी-ब्याह का सीजन फिजिकल डिमांड को सहारा दे सकता है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इस प्राइवेट बैंक के शेयर में आ सकती है तूफानी तेजी, एनालिस्ट ने बताया टॉप पिक

एलारा सिक्योरिटीज ने आईसीआआईसीआई बैंक को अपनी टॉप पिक बताया है। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1 अक्तूबर को 2 बजे 0.64 फीसदी गिरकर 1,313.30 रुपये पर चल रहा था। बैंक निफ्टी पर भी दबाव दिखा। यह 0.64 फीसदी नीचे था।

करेक्शन के बाद वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर

Elara Securities का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद ICICI Bank की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई है। ब्रोकरेज फर्म के हेड ऑफ रिसर्च बिनो पतिपरामपिल ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में अभी कम रिस्क के साथ स्ट्रॉन्ग ग्रोथ की संभावना दिख रही है। उन्होंने कहा कि अगर अभी निवेश के लिए किसी सेक्टर का चुनाव करना हो तो बैंक सेक्टर को चुना जा सकता है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजी

उन्होंने कहा, “आईसीआईसीआई बैंक टॉप चॉइस बना हुआ है।” अच्छी क्रेडिट ग्रोथ, क्रेडिट की स्ट्रॉन्ग डिमांड और बेहतर एसेट क्वालिटी के बावजूद बीते एक साल में प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन सरकारी बैंकों के मुकाबले कमजोर रहा है। बीते एक साल में निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4.72 फीसदी चढ़ा है, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.98 फीसदी चढ़ा है।

पीएसयू बैंकों के मुकाबले प्राइवेट बैंक शेयरों का प्रदर्शन कमजोर

मार्केट में रिकवरी शुरू होने पर प्राइवेट बैंकों के शेयरों में अच्छी तेजी दिख सकती है। आईसीआईसीआई बैंक सहित कई बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन बीते एक साल में कमजोर रहा है। इस दौरान आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 4.34 फीसदी गिरा है। एचडीएफसी बैंक का शेयर बीते एक साल में करीब 26 फीसदी टूटा है।

जून तिमाही में ICICI Bank का अच्छा प्रदर्शन 

जून तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा। इस दौरान बैंक का नेट प्रॉफिट 14800 करोड़ रुपये रहा। यह एनालिस्ट्स की उम्मीद से ज्यादा था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 12.7 फीसदी गिरकर 24300 करोड़ रुपये रही। घरेलू लोन की ग्रोथ 19 फीसदी से ज्यादा रही। नेट इंटरेस्ट मार्जिन भी बढ़कर 4.36 फीसदी रहा। बैड लोन के लिए बैंक की प्रोविजनिंग में काफी कमी देखने को मिली।

बाजार में 1 अक्टूबर को भी बड़ी गिरावट 

1 अक्तूबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 1.71 फीसदी यानी 385 अंक गिरकर 22,232 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.58 फीसदी यानी 1137 अंक गिरकर 71,334 पर चल रहा था। बैंक शेयरों पर भी दबाव दिखा। भारतीय शेयर बाजार का सेंटिमेंट काफी कमजोर है। बाजार के प्रमुख सूचकांक अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ चुके हैं।

GEC-III स्कीम को मंजूरी से पावर इंफ्रा स्पेस के शेयरों पर बाजार का फोकस, जानिए इन पर क्या है ब्रोकरेज की राय

पावर इंफ्रा स्पेस में आज काफी एक्शन देखने को मिला है। कल कैबिनेट ने PM-DHARA स्कीम को मंजूरी दी है, जिसके तहत ₹1.86 लाख करोड़ का बड़ा आवंटन किया गया है। वहीं, JM FINANCIAL की रिपोर्ट से भी इंडस्ट्रियल शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है। आज के सत्र में पावर ग्रिड और केबल शेयर फोकस में हैं। PM-DHARA स्कीम के तहत राज्यों में इंटर ट्रांसमिशन सिस्टम मजबूत करने पर जोर होगा। इसके तहत 135 GW रिन्यूएबल ट्रांसमिशन और 50 GWh BESS क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है। FY33 तक PM-DHARA स्कीम लागू करने का लक्ष्य है। इंटर ट्रांसमिशन सिस्टम के लिए 1.36 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 50 GWh BESS के लिए `50,000 करोड़ खर्च होंगे।

इंडस्ट्रियल शेयरों पर JM की रिपोर्ट

इंडस्ट्रियल शेयरों पर JM की रिपोर्ट में कहा गया है कि CG पावर ने सितंबर में मोटर्स की कीमतें 5% बढ़ाईं हैं। अगस्त 2025 से CG पावर में कुल प्राइस हाइक 18–30% रहा है। ABB इंडिया ने मोटर्स की कीमतें 20% तक बढ़ाईं हैं। अल्टरनेटर में इससे ज्यादा प्राइस हाइक हुआ है। कमिंस ने जुलाई में डीजल जेनसेट की कीमतें बढ़ाईं हैं। वेस्ट एशिया संकट के बाद कमिंस में कुल 10–12% प्राइस हाइक देखने को मिला है। FY27 से ग्रॉस मार्जिन सामान्य होने की उम्मीद है।

इंडस्ट्रियल शेयरों पर नोमुरा की राय

जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का मानना ​​है कि सरकार के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III (GEC-III) से GE वर्नोवा T&D इंडिया, हिताची एनर्जी इंडिया और CG पावर को सबसे ज्यादा फायदा होगा। ब्रोकरेज का कहना है कि इसमें काफी ज्यादा खर्च और क्षमता बढ़ाने के लक्ष्यों से ट्रांसमिशन कैपेक्स साइकल को बढ़ावा मिल सकता है। ब्रोकरेज ने इन तीनों स्टॉक्स पर ‘बाय’ रेटिंग दी है।

नोमुरा ने 30 सितंबर की एक रिपोर्ट में कहा है कि GEC-III के तहत बहुत ज्यादा खर्च,क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य,CFA और BESS कंपोनेंट को शामिल करने से ट्रांसमिशन इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों और BESS सॉल्यूशन देने वाली कंपनियों के लिए डिमांड बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।

बताते चलें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 30 सितंबर को कुल 1.9 लाख करोड़ रुपये के खर्च वाली GEC-III योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का मकसद 135 GW रिन्यूएबल एनर्जी को ट्रांसमिट करना और 50 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाना है।

इस पर होने वाले कुल खर्च में से 1.4 लाख करोड़ रुपये राज्य के भीतर ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) के लिए दिए जाएंगे,जबकि 0.5 लाख करोड़ रुपये BESS के लिए इस्तेमाल होंगे। इस स्कीम को 541 अरब रुपये की केंद्रीय आर्थिक मदद मिलेगी, जो कुल खर्च का 29% है। इसे FY33 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

नोमुरा का कहना है कि GEC-III, खर्च के मामले में पिछले चरणों की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी है और उम्मीद है कि ट्रांसमिशन लाइनों और सब-स्टेशनों को जोड़ने का काम काफी ज्यादा होगा।

एलारा सिक्योरिटीज की राय

एलारा सिक्योरिटीज के रेलवे एनालिस्ट हर्षित कपाड़िया का कहना है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ₹1.86 लाख करोड़ की ‘पीएम डेवलपिंग हार्मनी एंड एक्सेलेरेटिंग रिन्यूएबल एनर्जी एक्सेस’ (DHARA) योजना को मंज़ूरी मिलने से ट्रांसमिशन उपकरण बनाने वाली कंपनियों, केबल बनाने वाली कंपनियों और इससे जुड़ी अन्य कंपनियों के लिए कई वर्षों तक विकास के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

उन्होंने आगे कहा कि इस स्कीम से ट्रांसमिशन सेक्टर की उन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को ज्यादा फायदा होगा जो बड़े सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स के लिए हाई-वोल्टेज प्रोडक्ट्स सप्लाई करते हैं। इसमें हिताची एनर्जी, सीमेंस एनर्जी, सीजी पावर, पॉलीकैब, केईआई इंडस्ट्रीज और अपार इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां शामिल हैं।

 

 

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Gold Silver Price Today: MCX पर सोना ₹1.47 लाख के नीचे फिसला, चांदी ₹2.25 लाख पर पहुंची

Gold Silver Price Today: मंगलवार, 29 सितंबर को सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा। MCX पर अक्टूबर का गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 0.21% गिरकर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। सोने की कीमतें सात हफ़्ते के निचले स्तर के आस-पास ट्रेड कर रही हैं क्योंकि बाजार को उम्मीद है कि US फ़ेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखेगा।

वहीं चांदी में भी जबरदस्त बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। MCX पर सिल्वर फ़्यूचर्स लगभग ₹2,25,220 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहे हैं, जो पिछले हफ़्ते के मुकाबले करीब 6.29% कम है।

क्या होनी चाहिए अब रणनीति

रिद्धि-सिद्धि बुलियन्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी के अनुसार, बाज़ार में फ़ेड द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की संभावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि CME फ़ेडवॉच के अनुसार, अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 72.5% है, जो पिछले हफ़्ते 57.6% थी।

US ट्रेज़री यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से सोने पर दबाव है, जबकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई की चिंताएं बढ़ रही हैं। कोठारी ने कहा कि US-ईरान के बीच जारी तनाव और तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई और यील्ड को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

लेमन (Lemonn) के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने में थोड़ी रिकवरी हो रही है, लेकिन यह सात हफ़्ते के निचले स्तर के आस-पास ही बना हुआ है क्योंकि US में ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की उम्मीदों के कारण यील्ड ऊंची बनी हुई है।

गर्ग के अनुसार, स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग $4,130 प्रति औंस थी, जबकि डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट लगभग ₹96 प्रति US डॉलर था। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और US यील्ड सोने और अन्य MCX कमोडिटीज़ के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं।

गर्ग ने कहा कि आने वाले US आर्थिक डेटा – जिसमें कंज्यूमर कॉन्फिडेंस, जॉब ओपनिंग्स, ADP एम्प्लॉयमेंट डेटा, PCE महंगाई और नॉन-फार्म पेरोल्स शामिल हैं – से फ़ेड की ब्याज दर की चाल और सोने में अगले कदम के बारे में और संकेत मिल सकते हैं।

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, सितंबर में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट (करेक्शन) आई है और MCX पर सोना ₹1.5 लाख प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गया है। यादव ने इस गिरावट के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, US की सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों, डॉलर के मजबूत होने, US ट्रेज़री यील्ड में बढ़ोतरी और भारतीय रुपये में कमजोरी को जिम्मेदार बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि सोने को सपोर्ट करने वाले लंबे समय के कारण अभी भी बने हुए हैं, जिनमें सेंट्रल बैंक की खरीदारी, ग्लोबल डिमांड और गोल्ड ETF के ज़रिए इन्वेस्टमेंट शामिल है।

कम समय के लिए, चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट (टेक्निकल रिसर्च) आमिर मकदा ने कहा कि सोने के लिए मुख्य MCX सपोर्ट लेवल ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम और ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम हैं, जबकि रेजिस्टेंस लेवल ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।