Stock to Buy: इस प्राइवेट बैंक के शेयर में बंपर कमाई का मौका, ब्रोकरेज फर्मों की खरीदने की सलाह

आप किसी ऐसे शेयर की तलाश में है जो बंपर कमाई करा सकता है तो आप कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर पर दांव लगा सकते हैं। कई ब्रोकरेज फर्मों ने इस शेयर में निवेश की सलाह दी है। 7 अक्तूबर को गिरते बाजार में भी इस शेयर में तेजी देखने को मिली। यह 1.88 फीसदी चढ़कर 440 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 21 फीसदी से ज्यादा उछला है।

सीईओ की नियुक्ति के बाद लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता खत्म

विदेशी ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी ने Kotak Mahindra Bank के शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसने इस शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 520 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर करेंट प्राइस से करीब 20 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सीईओ की नियुक्ति के बाद लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता खत्म हो गई है।

आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने का फायदा बैंक को मिलेगा

HSBC ने कोटक महिंद्रा बैंक के FY27-29 के अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) के अनुमान को भी बढ़ाया है। इसकी वजह बैंक की स्ट्रॉन्ग लोन ग्रोथ और स्टेबल नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) है। आरबीआई ने 7 अक्तूबर को रेपो रेट 5.25 से बढ़ाकर 5.5 फीसदी कर दिया। एचएसबीसी का मानना है कि इसका भी फायदा कोटक महिंद्रा बैंक को मिलेगा।

कई ब्रोकरेज फर्मों की शेयर को खरीदने की सलाह

कई दूसरी ब्रोकरेज फर्मों का नजरिया भी इस शेयर को लेकर पॉजिटिव है। दूसरी तिमाही में प्रदर्शन के अपडेट के बाद गोल्डमैन सैक्स ने इस शेयर को खरीदने की अपनी सलाह बनाए रखी है। उसने शेयर का टारगेट प्राइस भी बढ़ाकर 540 रुपये कर दिया है। सिटी ने भी इस शेयर को खरीदने की अपनी सलाह बनाए रखी है। उसने शेयर के लिए 465 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर करेंट लेवल से करीब 30 फीसदी चढ़ सकता है।

साल दर साल आधार पर बैंक की एडवान्सेज की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग

Citi ने कहा है कि दूसरी तिमाही में भी कोटक महिंद्रा बैंक की बैलेंसशीट में इम्प्रूवमेंट दिखा है। एफसीएनएआर(बी) डिपॉजिट आने से बैंक की मजबूती को सपोर्ट मिला है। साल दर साल आधार पर कोर एडवान्सेज ग्रोथ 21.6 फीसदी रही है, जबकि तिमाही दर तिमाही आधार पर यह 9.5 फीसदी रही है।

यह भी पढ़ें: इन 5 स्टॉक्स पर दांव लगाने से हो सकती है मोटी कमाई, एक्सपर्ट ने बताया कब करना है निवेश

ग्रोथ की अच्छी संभावना को देखते हुए शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव

गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि आगे कोटक महिंद्रा बैंक की अर्निंग्स और मुनाफा कमाने की क्षमता बढ़ेगी। इससे अर्निंग्स ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा, जिससे शेयर की रीरेटिंग भी हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने अर्निंग्स के अपने अनुमान को भी बढ़ाया है। इसकी वजह उम्मीद से ज्यादा डिपॉजिट फ्लो है। इस शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के 15 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि यह वैल्यूएशन अट्रैक्टिव है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Kotak Mahindra Bank share price: Q2 अपडेट के बाद शेयर 4% चढ़ा, एनालिस्ट हुए बुलिश, ₹540 तक जा सकता है शेयर

Kotak Mahindra Bank share price: प्राइवेट बैंक कोटक महिंद्रा बैंक ( Kotak Mahindra Bank) के शेयर में मंगलवार 6 अक्टूबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर इंट्राडे में 4 फीसदी की छलांग लगाता नजर आया। शेयर में यह तेजी बैंक के दूसरे तिमाही के मजबूत बिजनेस अपडेट के बाद ब्रोकरेज फर्मों के बुलिश नजरिए के बाद देखने को मिला। एक तरफ गोल्डमैन सैक्स शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है तो वहीं दूसरी तरफ सिटी ने अपना बुलिश नजरिया बनाए रखा।

कोटक महिंद्रा बैंक के नेट एडवांसेज (EOP – पीरियड के आखिर में) पिछले साल के मुकाबले 24.7% बढ़कर ₹5.77 लाख करोड़ हो गए।दूसरी तिमाही में इसके करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट (CASA) डिपॉजिट (EOP) 11.3% बढ़कर ₹2.39 लाख करोड़ हो गए।वहीं, इसके डिपॉजिट पिछले साल के मुकाबले 23.2% बढ़कर ₹6.51 लाख करोड़ हो गए।

क्या है स्टॉक पर गोल्डमैन सैक्स की राय

गोल्डमैन सैक्स ने बैंक को “Buy रेटिंग दी है और इसके टारगेट प्राइस को बढ़ाकर ₹540 प्रति शेयर कर दिया है। यह पिछले क्लोजिंग प्राइस से 29.8% की बढ़त का संकेत देता है। ब्रोकरेज का कहना है कि FCNR(B) फ्लो जुटाने के मामले में बैंक का दूसरी तिमाही का प्रदर्शन शानदार रहा। इसका ऑर्गेनिक लोन ग्रोथ पिछले साल की 15% की दर से बढ़कर 19% हो गया।

गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि मजबूत FCNR(B) फ्लो की वजह से बैंक का डिपॉजिट ग्रोथ शानदार रहा। बैंक के पास लीडरशिप को लेकर बेहतर स्पष्टता है, रेट साइकिल के निचले स्तर पर मजबूत लिक्विडिटी स्थिति है, और सस्ती वैल्यूएशन के बीच अनसिक्योर्ड लोन की वजह से लोन ग्रोथ में तेजी की संभावना है।

बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी और कमाई में सुधार के साथ, ब्रोकरेज को उम्मीद है कि स्टॉक मौजूदा स्तरों से कंपाउंड होगा और री-रेट भी होगा।बैंक ने उम्मीद से बेहतर डिपॉजिट फ्लो और बड़ी व तेज़ रेट हाइक साइकिल को ध्यान में रखते हुए अपनी कमाई का अनुमान बढ़ाया है।

गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, 19% की अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ग्रोथ के आधार पर वित्त वर्ष 2028 के प्राइस-टू-अर्निंग्स रेशियो के 15 गुना पर कोटक की वैल्यूएशन “बहुत आकर्षक” है।

सिटी की राय

ब्रोकरेज ने कोटक महिंद्रा बैंक पर Buy की रेटिंग दी है और इसके लिए ₹465 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से 11.8% की बढ़त का संकेत देती है। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी ने दूसरी तिमाही में बैलेंस शीट मोमेंटम में ज़बरदस्त तेज़ी दिखाई है। FCNR(B) डिपॉजिट जुटाने से पहले से ही मज़बूत क्रमिक बढ़ोतरी (sequential accretion) को और बढ़ावा मिला है।

सिटी ने कहा कि इसके ग्रॉस एडवांसेज में पिछले साल के मुकाबले 24.7% और पिछली तिमाही के मुकाबले 12.7% की बढ़ोतरी हुई, जो क्रमशः 20.9% और 9.2% के अनुमान से काफी ज़्यादा थी।

ब्रोकरेज ने कहा कि FCNR(B)-लिंक्ड एक्सपोज़र में $1.68 बिलियन के लेवरेज्ड इम्पैक्ट को हटाने के बाद भी, बैंक के कोर एडवांसेज में पिछले साल के मुकाबले 21.6% और क्रमिक आधार पर 9.5% की बढ़ोतरी हुई। यह भी ब्रोकरेज के अनुमान से काफी बेहतर था। सिटी ने इस बेहतर प्रदर्शन का श्रेय कॉर्पोरेट बैंकिंग, SME, LAP और MFI सेगमेंट में लगातार मज़बूती को दिया। कोटक महिंद्रा बैंक के औसत नेट एडवांसेज (कर्ज) सालाना आधार पर 22.1% और तिमाही आधार पर 10.5% बढ़े। इसके EOP डिपॉजिट में पिछले साल के मुकाबले 23.2% और पिछली तिमाही के मुकाबले 13.7% की बढ़ोतरी हुई, जो सिटी (Citi) के क्रमशः 20% और 10.8% के अनुमान से कहीं ज़्यादा है।

$5.78 बिलियन के FCNR(B) डिपॉजिट को छोड़कर, इसके कोर डिपॉजिट में पिछले साल के मुकाबले 13.5% और पिछली तिमाही में 4.1% की बढ़ोतरी हुई।औसत डिपॉजिट में पिछले साल के मुकाबले 18.8% और पिछली तिमाही में 8.5% की बढ़ोतरी हुई।

Axis Bank Share Price: इस प्राइवेट बैंक पर एनालिस्ट ने जताया भरोसा, 34% तक और चढ़ सकता है शेयर, जानिए क्यों

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Kotak Mahindra Bank Q2 Update: नेट एडवांस 24% बढ़ा, डिपॉजिट में 23% की तेजी; फोकस में रहेगा स्टॉक

Kotak Mahindra Bank Q2 Update: कोटक महिंद्रा बैंक ने सितंबर तिमाही में मजबूत बिजनेस ग्रोथ दर्ज की है। बैंक के प्रोविजनल बिजनेस अपडेट के मुताबिक, 30 सितंबर तक नेट एडवांस सालाना आधार पर 24.7% बढ़कर ₹5.77 लाख करोड़ हो गया। बैंक ने यह अपडेट सोमवार, 5 अक्टूबर को स्टॉक एक्सचेंजों के पास दाखिल किया।

बैंक का कुल डिपॉजिट भी सालाना आधार पर 23.2% बढ़कर ₹6.51 लाख करोड़ हो गया। वहीं, CASA डिपॉजिट 11.3% बढ़कर ₹2.49 लाख करोड़ रहा।

तिमाही आधार पर भी मजबूत ग्रोथ

तिमाही आधार पर नेट एडवांस में 12.7% की बढ़ोतरी हुई। कुल डिपॉजिट 13.7% बढ़ा, जबकि CASA डिपॉजिट में पिछली तिमाही के मुकाबले 7.8% की तेजी दर्ज हुई।

बैंक का औसत नेट एडवांस ₹5.47 लाख करोड़ रहा। इसमें सालाना आधार पर 22.1% और तिमाही आधार पर 10.5% की बढ़ोतरी हुई। औसत कुल डिपॉजिट ₹6.06 लाख करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 18.8% और तिमाही आधार पर 8.5% बढ़ा। औसत CASA ₹2.26 लाख करोड़ रहा, जिसमें सालाना 14.2% और तिमाही आधार पर 4.4% की बढ़ोतरी हुई।

FCNR(B) डिपॉजिट का भी असर

कोटक महिंद्रा बैंक ने बताया कि सितंबर तिमाही के अंत के आंकड़ों में FCNR(B) डिपॉजिट भी शामिल हैं। RBI की स्वैप सुविधा के तहत FCNR(B) डिपॉजिट 5.78 अरब डॉलर यानी करीब ₹55,344 करोड़ रहा।

इन डिपॉजिट के बदले बैंक की इंटरनेशनल ब्रांचों के जरिए 1.68 अरब डॉलर यानी करीब ₹16,110 करोड़ का एडवांस भी शामिल है। बैंक ने कहा कि ये आंकड़े प्रोविजनल हैं और इनकी सीमित समीक्षा बैंक के वैधानिक ऑडिटर्स करेंगे।

Q1 में 25.6% बढ़ा था मुनाफा

FY27 की पहली तिमाही में Kotak Mahindra Bank का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 25.6% बढ़कर ₹4,123 करोड़ रहा था। यह CNBC-TV18 के ₹3,910 करोड़ के पोल अनुमान से ज्यादा था।

पहली तिमाही में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9.2% बढ़कर ₹7,928 करोड़ रही थी। हालांकि, यह ₹8,058 करोड़ के पोल अनुमान से थोड़ी कम थी। बैंक के आधिकारिक Q1 अपडेट में भी ₹4,123 करोड़ के स्टैंडअलोन PAT और ₹5.73 लाख करोड़ से ज्यादा के डिपॉजिट दर्ज किए गए थे।

एसेट क्वालिटी में ज्यादा बदलाव नहीं

बैंक की एसेट क्वालिटी ज्यादातर स्थिर रही। मार्च तिमाही में GNPA 1.2% था, जो जून तिमाही में घटकर 1.18% रह गया। नेट NPA 0.27% पर रहा। वहीं, बैंक का NIM घटकर 4.53% रह गया था। मार्च तिमाही में यह 4.67% था।

Q1 में बैंक का नेट एडवांस ₹5.12 लाख करोड़ रहा था, जिसमें सालाना आधार पर 15% की बढ़ोतरी हुई थी। डिपॉजिट 12% बढ़कर ₹5.72 लाख करोड़ रहा था।

कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर का प्रदर्शन

बिजनेस अपडेट से पहले सोमवार को Kotak Mahindra Bank का शेयर 0.4% गिरकर ₹416.50 पर बंद हुआ। शेयर इस साल अब तक 6% से ज्यादा गिर चुका है। वहीं, पिछले 12 महीनों में इसमें करीब 3% की गिरावट आई है।

HDFC Bank में आ सकती है जोरदार तेजी! Emkay ने 74% तक उछाल का अनुमान दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GEC-III स्कीम को मंजूरी से पावर इंफ्रा स्पेस के शेयरों पर बाजार का फोकस, जानिए इन पर क्या है ब्रोकरेज की राय

पावर इंफ्रा स्पेस में आज काफी एक्शन देखने को मिला है। कल कैबिनेट ने PM-DHARA स्कीम को मंजूरी दी है, जिसके तहत ₹1.86 लाख करोड़ का बड़ा आवंटन किया गया है। वहीं, JM FINANCIAL की रिपोर्ट से भी इंडस्ट्रियल शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है। आज के सत्र में पावर ग्रिड और केबल शेयर फोकस में हैं। PM-DHARA स्कीम के तहत राज्यों में इंटर ट्रांसमिशन सिस्टम मजबूत करने पर जोर होगा। इसके तहत 135 GW रिन्यूएबल ट्रांसमिशन और 50 GWh BESS क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है। FY33 तक PM-DHARA स्कीम लागू करने का लक्ष्य है। इंटर ट्रांसमिशन सिस्टम के लिए 1.36 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 50 GWh BESS के लिए `50,000 करोड़ खर्च होंगे।

इंडस्ट्रियल शेयरों पर JM की रिपोर्ट

इंडस्ट्रियल शेयरों पर JM की रिपोर्ट में कहा गया है कि CG पावर ने सितंबर में मोटर्स की कीमतें 5% बढ़ाईं हैं। अगस्त 2025 से CG पावर में कुल प्राइस हाइक 18–30% रहा है। ABB इंडिया ने मोटर्स की कीमतें 20% तक बढ़ाईं हैं। अल्टरनेटर में इससे ज्यादा प्राइस हाइक हुआ है। कमिंस ने जुलाई में डीजल जेनसेट की कीमतें बढ़ाईं हैं। वेस्ट एशिया संकट के बाद कमिंस में कुल 10–12% प्राइस हाइक देखने को मिला है। FY27 से ग्रॉस मार्जिन सामान्य होने की उम्मीद है।

इंडस्ट्रियल शेयरों पर नोमुरा की राय

जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का मानना ​​है कि सरकार के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III (GEC-III) से GE वर्नोवा T&D इंडिया, हिताची एनर्जी इंडिया और CG पावर को सबसे ज्यादा फायदा होगा। ब्रोकरेज का कहना है कि इसमें काफी ज्यादा खर्च और क्षमता बढ़ाने के लक्ष्यों से ट्रांसमिशन कैपेक्स साइकल को बढ़ावा मिल सकता है। ब्रोकरेज ने इन तीनों स्टॉक्स पर ‘बाय’ रेटिंग दी है।

नोमुरा ने 30 सितंबर की एक रिपोर्ट में कहा है कि GEC-III के तहत बहुत ज्यादा खर्च,क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य,CFA और BESS कंपोनेंट को शामिल करने से ट्रांसमिशन इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों और BESS सॉल्यूशन देने वाली कंपनियों के लिए डिमांड बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।

बताते चलें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 30 सितंबर को कुल 1.9 लाख करोड़ रुपये के खर्च वाली GEC-III योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का मकसद 135 GW रिन्यूएबल एनर्जी को ट्रांसमिट करना और 50 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाना है।

इस पर होने वाले कुल खर्च में से 1.4 लाख करोड़ रुपये राज्य के भीतर ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) के लिए दिए जाएंगे,जबकि 0.5 लाख करोड़ रुपये BESS के लिए इस्तेमाल होंगे। इस स्कीम को 541 अरब रुपये की केंद्रीय आर्थिक मदद मिलेगी, जो कुल खर्च का 29% है। इसे FY33 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

नोमुरा का कहना है कि GEC-III, खर्च के मामले में पिछले चरणों की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी है और उम्मीद है कि ट्रांसमिशन लाइनों और सब-स्टेशनों को जोड़ने का काम काफी ज्यादा होगा।

एलारा सिक्योरिटीज की राय

एलारा सिक्योरिटीज के रेलवे एनालिस्ट हर्षित कपाड़िया का कहना है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ₹1.86 लाख करोड़ की ‘पीएम डेवलपिंग हार्मनी एंड एक्सेलेरेटिंग रिन्यूएबल एनर्जी एक्सेस’ (DHARA) योजना को मंज़ूरी मिलने से ट्रांसमिशन उपकरण बनाने वाली कंपनियों, केबल बनाने वाली कंपनियों और इससे जुड़ी अन्य कंपनियों के लिए कई वर्षों तक विकास के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

उन्होंने आगे कहा कि इस स्कीम से ट्रांसमिशन सेक्टर की उन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को ज्यादा फायदा होगा जो बड़े सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स के लिए हाई-वोल्टेज प्रोडक्ट्स सप्लाई करते हैं। इसमें हिताची एनर्जी, सीमेंस एनर्जी, सीजी पावर, पॉलीकैब, केईआई इंडस्ट्रीज और अपार इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां शामिल हैं।

 

 

Kotak Mahindra Bank share price : नए MD और CEO की नियुक्ति ने भरा जोश, 4% से ज्यादा भागा शेयर

RBI Policy : फाइनेंशियल सेक्टर के दिग्गजों को आज की पॉलिसी आई पसंद, जानिए किन शेयरों में देखने में मिल सकता है एक्शन

RBI Policy : फाइनेंशियल सेक्टर के दिग्गजों को आज की पॉलिसी पसंद आई है। यूजीआरओ कैपिटा (UGRO Capita) में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर शिल्पा भट्टर का कहना है कि RBI का रेपो रेट के 5.25% पर बनाए रखने का फैसला,दुनिया भर में छाई अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की मैक्रोइकॉनॉमिक मजबूती पर भरोसे को दिखाता है। पश्चिम एशिया युद्ध का शुरुआती असर काफी हद तक खत्म हो जाने के बाद, पॉलिसी की स्थिरता से बिज़नेस कम्युनिटी के भरोसे के मजबूती मिलनी चाहिए,लिक्विडिटी की स्थिति बेहतर होनी चाहिए और MSMEs को वर्किंग कैपिटल को बेहतर ढंग से मैनेज करने में मदद मिलनी चाहिए,जिससे बेहतर रीपेमेंट और मज़बूत क्रेडिट क्वालिटी में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि पॉलिसी स्टेटमेंट का टोन काफी न्यूट्रल रहा, इससे यह नहीं लगता कि रेट में जल्द ही सख्ती आने वाली है।

मॉडुलस अल्टरनेटिव्स (Modulus Alternatives) के CEO और CIO संदीप अग्रवाल ने कहा कि RBI का रेपो रेट 5.25% पर बनाए रखने का फैसला,ग्रोथ और मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी के बीच बैलेंस बनाने के लिए एक सोच-समझकर लिया गया फैसला नजर आता है। महंगाई के दबाव पर करीब से नजर रखी जा रही है और दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितताएं लगातार बढ़ रही हैं,ऐसे में जैसा है वैसा बनाए रखने से स्टेबिलिटी मिलती है और पिछली पॉलिसी के उपायों का असर इकॉनमी में और आगे तक पहुंच पाता है।

उन्होंने आगे कहा कि आरबीआई के आज के फैसले से बैंकिंग सेक्टर को फंडिंग कॉस्ट और इंटरेस्ट रेट्स के बारे में बेहतर अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही रिटेल, MSME और बिज़नेस सेगमेंट में क्रेडिट डिमांड भी बढ़ सकती। आगे महंगाई,लिक्विडिटी की स्थिति और ग्लोबल डेवलपमेंट RBI की पॉलिसी तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। एक स्थिर पॉलिसी के साथ ही घरेलू इकोनॉमिक फंडामेंटल्स में सुधार से आने वाले महीनों में कर्ज की मांग टिकाऊ ग्रोथ देखने को मिलेगी।

एक्सिस डायरेक्ट की रिसर्च एनालिस्ट-BFSI, ज्ञानदा वैद्य का कहना है कि महंगाई का दबाव थोड़ा कम हुआ है और ग्रोथ मजबूत बनी रही है। इसको देखते हुए RBI का रेपो रेट में कोई बदलाव न करने और अपना न्यूट्रल रुख बनाए रखने का फैसला काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही है। हालांकि तेल की कीमतों में नरमी आई है, लेकिन मानसून से जुड़ी चुनौतियां महंगाई के लिए एक बड़ा रिस्क बनी हुई हैं और इस पर पैनी नजर बनी हुई है।

आरबीआई ने महंगाई के अपने अनुमान को थोड़ा कम करके 5% कर दिया है, जो पहले 5.1% था। साथ ही, कोर महंगाई के अनुमान को भी घटाकर 4.3% कर दिया गया है, जो पहले 4.7% था। साथ ही, FY27 के लिए ग्रोथ के अनुमान को भी थोड़ा बढ़ाकर 6.7% कर दिया गया है, जो पहले 6.6% था।

बैंकिंग सेक्टर के नज़रिए से बात करें तो बैंकों ने सीजन के हिसाब से कमजोर रहने वाले Q1 में भी अच्छा काम किया है। इस अवधि में क्रेडिट ग्रोथ मजबूत रही और अर्निंग भी अच्छी रही। इसे क्रेडिट कॉस्ट को कंट्रोल करने और मामूली ओपेक्स ग्रोथ से सपोर्ट मिला, भले ही ज्यादातर बैंकों के मार्जिन में दिक्कतें रही। एसेट क्वालिटी में सुधार इस तिमाही की सबसे बड़ी पॉज़िटिव बात रही। नए एनपीए में नियंत्रण की वजह से ज्यादातर बैंकों में सुधार दिखा।

एक और खास बात यह रही है कि अब तक FCNR(B) डिपॉजिट में मजबूती आई है, जिससे Q2 में डिपॉज़िट ग्रोथ को सपोर्ट मिलना चाहिए। हमें उम्मीद है कि शॉर्ट-टर्म में मार्जिन काफी हद तक रेंज-बाउंड रहेंगे और कोई भी सुधार काफी हद तक पोर्टफोलियो मिक्स में अच्छे बदलाव से होगा।

ऐसे में निवेश के नजरिए से वह बैंक अच्छे लग रहे हैं जिनकी अर्निंग्स ग्रोथ, बैलेंस शीट और वैल्यूएशनम अच्छे हैं। नजरिए से कोटक महिंद्रा बैंक, ICICI बैंक, SBI, फेडरल बैंक और उज्जीवन SFB अच्छे लग रहे है। वहीं, NBFC में बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस और क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण अच्छे नजर आ रहे हैं।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

RBI ने खराब ग्लोबल माहौल के बावजूद ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया, महंगाई कम होने की जताई उम्मीद, जानिए कहां से मिल रहा भरोसा

Axis, HDFC और Kotak Bank; Q1 रिजल्ट के बाद शेयर धड़ाम, अब ट्रेडिंग के लिए चार्ट पर मार्क करें ये लेवल्स

Banking Stocks: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की तेज होती आंच में कच्चा तेल उबल पड़ा और प्रति बैरल यह $90 के पार पहुंच गया। इसके चलते घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) धड़ाम हो गए। इन पर प्राइवेट सेक्टर के हैवीवेट बैंकिंग स्टॉक्स एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने काफी दबाव डाला और इनके शेयर 5.5% तक फिसल गए। इन बैंकों के मार्जिन पर जून तिमाही में दबाव दिखा था और अब एनालिस्ट्स को इस तिमाही भी दबाव के आसार हैं।

जेफरीज के एनालिस्ट्स प्रखर शर्मा और विनायक अग्रवाल के मुताबिक कॉर्पोरेट लोन की हिस्सेदारी बढ़ने और हाल ही में होलसेल प्राइसिंग में तेजी पर बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर असर पड़ा और अब सितंबर तिमाही में मार्जिन पर दबाव बने रहने के आसार हैं। अब जून तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद इन तीन स्टॉक्स की ट्रेडिंग कैसे करनी चाहिए, इसे लेकर बोनांजा के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट विराट जागड़ ने कुछ टेक्निकल लेवल्स सुझाएं है और चार्ट पर रेजिस्टेंस-सपोर्ट मार्क किया है।

Kotak Mahindra Bank

कोटक महिंद्रा बैंक एक बड़े सिमेट्रिकल ट्राईएंगल पैटर्न के अंदर ट्रेड कर रहा है, जो किसी बड़ी हलचल से पहले कंसोलिडेशन का संकेत है। हाल ही में इसे ₹390–₹397 के आस-पास ऊपरी ट्रेंडलाइन के पास रेसिस्टेंस झेलना पड़ा और प्रॉफिट बुकिंग दिखी तो नीचे की तरफ ₹370–₹375 के आस-पास निचली ट्रेंडलाइन से जरूरी सपोर्ट मिल रहा है। RSI न्यूट्रल 45 लेवल के आस-पास बना हुआ है, जिससे इसमें किसी भी तरफ मजबूत मोमेंटम नहीं होने का संकेत मिल रहा है। अगर यह शेयर ₹397 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो यह ₹420–435 की तरफ बढ़ सकता है। दूसरी तरफ अगर यह ₹370 के नीचे गिरता है, तो इसमें गिरावट बढ़ सकती है और अगला सपोर्ट ₹350 के आस-पास हो सकता है।

Axis Bank

₹1,300–₹1,320 के अहम रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिके रहने में नाकामी के बाद एक्सिस बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। यह मुनाफावसूली का संकेत है और अभी भी यह अपने मीडियम-टर्म ट्रेंडलाइन सपोर्ट यानी ₹1,250–₹1,260 के आस-पास बना हुआ है। अगर यह इस जोन के नीचे जाता है, तो यह ₹1,220 और ₹1,180 की तरफ फिसल सकता है। RSI के 50 के से नीचे आने से मोमेंटम में कमजोरी दिख रही है और शेयर शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है। ऊपर की तरफ शेयर के लिए ₹1,305 और ₹1,320 पर रेजिस्टेंस है। अगर यह ₹1,320 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो नई खरीदारी शुरू हो सकती है और ₹1,380–1,400 तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

HDFC Bank

₹810–815 के रेजिस्टेंस जोन के पास रिजेक्शन झेलने के बाद एचडीएफसी बैंक शॉर्ट-टर्म सेलिंग प्रेशर में है। तेज गिरावट के साथ एक बेयरेश कैंडल बनी। फिलहाल यह शेयर अपने अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो कमजोरी का संकेत है, तो ₹745–750 के पास लॉन्ग-टर्म ट्रेंडलाइन एक अहम सपोर्ट का काम कर रही है। RSI भी ओवरबॉट जोन से नीचे आ गया है जो बुलिश मोमेंटम कम होने का संकेत दे रहा है। जब तक यह स्टॉक ₹815 के नीते है, इसके ऊपर जाने की गुंजाइश सीमित है। नीचे की तरफ बात करें तो इसे ₹775 और फिर ₹750 पर सपोर्ट दिख रहा है तो ऊपर की तरफ ₹815 और फिर ₹850 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर यह ₹815 के ऊपर लगातार बना रहता है तो इसमें बुलिश मोमेंटम फिर से शुरू हो सकता है और शेयर ₹850–870 की तरफ बढ़ सकता है।

₹23 के नीचे आया Yes Bank, धमाकेदार रिजल्ट के बावजूद 4% टूटा शेयर, ये है वजह

HDFC Bank Share Price: Q1 नतीजों के बाद शेयर 5% तक गिरा; अब बाय, सेल या होल्ड? क्या हो स्ट्रैटेजी?

Axis Bank Share Price: मुनाफा बढ़ने के बावजूद शेयर 6% तक टूटा, मार्जिन पर दबाव से निवेशक टेंशन में; अब ब्रोकरेज की क्या है राय

Kotak Mahindra Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 26% बढ़कर हुआ ₹4123 करोड़, एसेट क्वालिटी में सुधार

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Bank Nifty Trend : बैंक निफ्टी में तीन दिन की बढ़त थमी, 1% से ज्यादा टूटा इंडेक्स, केनरा बैंक और कोटक ने लगाई सबसे तगड़ी चपत

Bank Nifty Trend : कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच 14 जुलाई को बैंक निफ्टी इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट आई है। जिससे इसकी लगातार तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया है। आज ब्रेंट क्रूड की कीमत कुछ समय के लिए 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई,जो 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के समझौते के बाद से सबसे ऊंची कीमत है। सोमवार को अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शिपिंग पर रोक फिर से लागू कर दी और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए 20% शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है।

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से उधार लेने की लागत बढ़ सकती है,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हो सकती है और ट्रेजरी से होने वाले मुनाफे में कमी आ सकती है। इसके चलते बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना है।

बैंक निफ्टी की इस गिरावट में केनरा बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का योगदान सबसे ज्यादा है। इनमें 2%,1.6% और 1.3% की गिरावट आई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक भी उन बैंकों में शामिल थे जिनके शेयरों में गिरावट आई है। फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों श्रीराम फाइनेंस,बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व में 1-2% की कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। 1.25 बजे के आसपास बैंक निफ्टी 1.15 फीसदी की गिरावट के साथ 57,475 के आसपास कारोबार कर रहा था।

बैंक निफ्टी व्यू

बजाज ब्रोकिंग रिसर्च का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ,58,700 (जून का हाई) अभी भी एक तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस लेवल के ऊपर मजबूती से बंद होता है,तो इससे चल रहे कंसोलिडेशन से ब्रेकआउट की पुष्टि होगी और आने वाले हफ्तों में 59,300 और फिर 60,000 के लेवल की ओर रैली शुरू हो सकती है। अगर बैंक निफ्टी 58,700 के ऊपर नहीं जा पाता है तो इसका मतलब होगा कि पिछले 4 हफ्तों से चल रहा कंसोलिडेशन और जारी रहेगा।

नीचे की तरफ,57,400-57,500 के लेवल के तत्कल सपोर्ट के तौर पर काम करने की उम्मीद है,जो गुरुवार के गैप-अप जोन और सोमवार के निचले स्तर से मेल खाता है। अगला अहम सपोर्ट 56,500 पर है,जहां 20 हफ्ते और 50-हफ्ते के EMA और पिछले हफ्ते का निचला स्तर एक साथ मिलते हैं,जिससे यह एक मजबूत डिमांड जोन बन जाता है।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा की राय

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए 57,500 पर तत्काल सपोर्ट है। जबकि 57,200 अगला अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। ऊपर की तरफ,58,500 मुख्य रेजिस्टेंस है और इस लेवल के ऊपर ब्रेकआउट से नई तेजी आ सकती है। जब तक इंडेक्स सपोर्ट के ऊपर बना हुआ है ट्रेडर्स को गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार की राय

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि कुछ ऐसी मुश्किलें फिर से सामने आ रही हैं जिनका असर जल्द ही भारतीय बाजार पर पड़ सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड की कीमत 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। अगर तेल में यह तेजी जारी रहती है, तो इससे भारत के मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर फिर से खरीब असर पड़ सकता है। BoP (भुगतान संतुलन) की कमजोरी और रुपये पर संभावित असर फिर से ऐसी परेशानियां आ सकती हैं जिनसे बाजार पर बुरा असर पड़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि US में 10 ईयर बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 4.61% हो जाना एक और चिंता की बात है,जिसका असर विदेशी निवेश पर पड़ सकता है। जून में भारत की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.38% हो गई है और इसके और बढ़ने की संभावना है। इन चुनौतियों को देखते हुए,निवेशकों को सावधानी बरतनी होगी। तेजी से बदलते जियोपॉलिटिकल और आर्थिक माहौल में निवेश से जुड़े फैसले लेना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। निवेशकों इस लगातार बदलते हालात पर नजर बनाए रखनी चाहिए और खासकर कच्चे तेल की कीमतों के मामले में स्थिति साफ होने का इंतजार करना चाहिए।

 

 Stock Of The Day : ब्लॉक डील के बाद बायोकॉन में आई शानदार तेजी, 6% से ज्यादा चढ़कर वायदा का टॉप गेनर बना स्टॉक

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।