Jefferies Model Portfolio : अगर आप बाजार की गिरावट का फायदा उठाकर कुछ खरीदने का मन बना रहे हैं तो चलिए आपको बताते हैं कि इस समय दिग्गज ब्रोकरेज जैफरीज क्या कर रहा है। दरअसल जेफरीज ने अपने मॉडल पोर्टफिलियो में अभी बड़े बदलाव किए हैं। जेफरीज ने अपने मॉडल पोर्टफोलियो बदलाव करते हुए कहा है कि इस समय निवेश के लिहाज से लार्जकैप शेयर अच्छे लग रहे हैं। लार्जकैप शेयरों में रिस्क-रिवॉर्ड बेहतर है। लार्जकैप शेयरों का वैल्युएशन भी सस्ता है। जेफरीज़ का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2026 से 2028 के दौरान लार्जकैप शेयरों और अन्य शेयरों के बीच अर्निंग ग्रोथ का अंतर कम होता जा रहा है। इसी कारण जेफ़रीज़ ने अपने पोर्टफोलियो में लार्जकैप शेयरों की हिस्सेदारी बढ़ा दी है।
जेफरीज: मॉडल पोर्टफोलियो में क्या बदला?
जेफरीज ने अपने मॉडल पोर्टफोलियो में RIL की हिस्सेदारी बढाई है। अब इस शेयर का वेटेज 7.5 फीसदी हो गया है। वहीं, ब्रोकरेज ने अपने पोर्टफोलियों में कोटक महिंद्रा बैंक और वेलस्पन कॉर्प को जोड़ा है। इसके पोर्टफोलियो में इन दोनों शेयरों की हिस्सेदारी 2% और 2.4% है। जेफरीज RIL पर बुलिश है। रिलायंस अगले एक साल के लिए अपने अनुमानित EV/EBITDA के 8.4 गुना पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले 10 वर्षों के एवरेज लेवल से 23% कम है। ब्रोकरेज की राय है कि ज्यादा GRM के चलते अर्निंग्स अपग्रेड देखने को मिल सकता है। जेफरीज़ को यह भी उम्मीद है कि कंपनी के प्रॉफिट अनुमान बढ़ सकते हैं और इसके ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में सुधार हो सकता है। इन्हीं मुख्य कारणों से जेफरीज़ ने अपने पोर्टफोलियो में इस शेयर का वेटेज बढ़ाया है।
(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)
कोटक बैंक पर भी जेफरीज का बुलिश नजरिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि नया MD & CEO आने से इस शेयर को पोर्टफोलियो में जोड़ा गया है। कंपनी में 15% से ज्यादा की ग्रोथ संभव है। यह शेयर फिलहाल अपने एवरेज बुक वैल्यू के 1.8 गुना पर कारोबार कर रहा है। यह पिछले 10 सालों के एवरेज लेवल से 50% कम है। जेफरीज के मॉडल पोर्टफोलियो में कोटक महिंद्रा बैंक का वेटेज 2% होगा।
वेलस्पन कॉर्प पर जेफरीज का कहना है कि यह US और वेस्ट एशिया में तेल-गैस इंफ्रा का बड़ा प्लेयर है। स्टॉक को कई साल की अपसाइकिल का फायदा मिलेगा। इसको घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग का भी फायदा मिलेगा। कंपनी को कई सालों तक प्रॉफिट मिल सकता है क्योंकि अमेरिका और पश्चिम एशिया में तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ सकता है। कंपनी को इन इलाक़ों में लोकल मन्यूफैक्चरिंग से भी मुनाफा हो सकता है। वेलस्पन कॉर्प को 2.4 फीसदी वेटेज के साथ पोर्टफोलियो में शामिल किया गया है।
कहां घटाया वेटेज?
जेफरीज ने रेट सेंसिटिव यानी ब्याज दरों के बदलाव से ज्यादा प्रभावित होने वाले निवेशों का वेटेज घटाया है। एनबीएफसी और रियल एस्टेट की हिस्सेदारी कम की गई है। एनबीएफसी वे वित्तीय कंपनियां हैं जो बैंक हुए बिना कर्ज देने जैसी सेवाएं देती हैं।
हालांकि,दोनों पर ब्रोकरेज अब भी ओवरवेट है। इसका मतलब तुलना वाले बेंचमार्क से ज्यादा हिस्सेदारी रखना है। इसलिए वेटेज घटाने को पूरी तरह बाहर निकलना नहीं समझना चाहिए। आयशर मोटर्स का वेटेज भी घटाया गया है। नोट में कटौती के बाद की हिस्सेदारी नहीं दी गई है।
मॉनेटरी पॉलिसी पर जेफरीज
जेफरीज के मुताबिक,कमजोर मानसून और कमोडिटी कीमतों में बढ़त से महंगाई बढ़ने का जोखिम बना हुआ है। ऐसे मेंअक्टूबर की पॉलिसी में ब्याज दर बढ़ सकती है। उसे आरबीआई से दरों में 50 से 75 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी की उम्मीद है।
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