Stock Market Updates: सेंसेक्स और निफ्टी फ्लैट, फिर भी निवेशकों ने गंवाए ₹96547 करोड़

शेयर बाजार ने शुक्रवार, 21 अगस्त को फ्लैट कारोबार किया। सेंसेक्स 3.11 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 रुपये पर और निफ्टी 20.1 अंकों की बढ़त के साथ 24,252 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 96547 करोड़ रुपये घट गया। दिन में सेंसेक्स ने 77,725.67 का हाई और 77,445.86 का लो देखा। निफ्टी 50 दिन में 24,284.05 के हाई और 24,206.80 के लो तक गया। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

गुरुवार, 20 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,92,71,879.619 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,91,75,332.89 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 96,546.729 करोड़ रुपये की कमी।

निफ्टी पर पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड टॉप गेनर रहे। वहीं मारुति सुजुकी इंडिया, ट्रेंट, HCL टेक्नोलॉजीस, इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,537.72 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 7 दिन की गिरावट से उबरते हुए 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ था। BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.83 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.56 प्रतिशत चढ़ा।

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रुपये में तेजी

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 3 पैसे चढ़कर 95.71 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की चुनौती के चलते कमजोर डॉलर का असर कम रहा। रुपया गुरुवार को 1 पैसे की गिरावट के साथ 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में तेजी है। हेंग सेंग, कॉस्पी, ताइवान वेटेड अच्छी बढ़त में हैं। SET कंपोजिट, जकार्ता कंपोजिट और शंघाई कंपोजिट भी हरे निशान में हैं। वहीं निक्केई 225 में गिरावट है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को गिरावट में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FD पर 8.5% ब्याज! सीनियर सिटीजन के लिए ये बैंक दे रहे सबसे ज्यादा रिटर्न, देखें पूरी लिस्ट

जो सीनियर सिटीजन फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) पर निश्चित रिटर्न पाना चाहते हैं, वे 8.5% तक ब्याज कमा सकते हैं। स्मॉल फाइनेंस बैंक डिपॉज़िट पर सबसे ज़्यादा ब्याज दरें दे रहे हैं। कई प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक भी अलग-अलग FD अवधि (एक साल से 10 साल तक) के लिए अच्छी ब्याज दरें दे रहे हैं।

सीनियर सिटीजन के लिए, FD ब्याज दरों में थोड़ा सा अंतर भी कुल रिटर्न पर बड़ा असर डाल सकता है, खासकर तब जब बड़ी रकम निवेश की जा रही हो। अलग-अलग बैंकों की दरों की तुलना करने और सही अवधि चुनने से ब्याज से होने वाली कमाई को ज़्यादा से ज़्यादा किया जा सकता है, साथ ही निवेश में जोखिम भी कम रहता है।

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  • इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • जना स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.30% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.30% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.25% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • AU स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.90% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.75 % तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।

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  • SBM बैंक इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 8.15% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • DCB बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 8.00% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • बंधन बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.95% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • इंडसइंड बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.75% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • YES बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.75% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • RBL बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.70%  तक ब्याज दर दे रहा है।
  • सिटी यूनियन बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.50%  तक ब्याज दर दे रहा है।
  • IDFC फर्स्ट बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.50%तक ब्याज दर दे रहा है।
  • कोटक महिंद्रा बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.30% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • एक्सिस बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.20%तक ब्याज दर दे रहा है।
  • HDFC बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10 % तक ब्याज दर दे रहा है।
  • ICICI बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10%तक ब्याज दर दे रहा है।

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  • बैंक ऑफ़ इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.45% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • पंजाब एंड सिंध बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.35% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • बैंक ऑफ़ बड़ौदा फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.25% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.25% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.15% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • इंडियन बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.15% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • केनरा बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • इंडियन ओवरसीज़ बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • पंजाब नेशनल बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.05% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.05% तक ब्याज दर दे रहा है।
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  • स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • ड्यूश बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.00% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • HSBC बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 6.00 % तक ब्याज दर दे रहा है।

जानकारों का सुझाव है कि ₹5 लाख के इंश्योरेंस कवर के दायरे में रहने के लिए अपनी जमा राशि को कई बैंकों में बांटें, ज़्यादा रिटर्न के लिए चुनिंदा स्मॉल फाइनेंस बैंकों का इस्तेमाल करें और जमा की अवधि को अपनी नकदी की ज़रूरतों के हिसाब से तय करें। जमा पर इंश्योरेंस सुरक्षा और स्थिर रिटर्न के कारण, FD रिटायर हो चुके लोगों के लिए निवेश का एक भरोसेमंद ज़रिया बनी हुई है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

10 लाख रुपये की FD पर कहां होगी सबसे ज्यादा कमाई? जानें कौन-कौन से बैंक दे रहे 8% से ज्यादा ब्याज

Best return on FDs: अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखते हुए उस पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से भारतीय निवेशकों की पहली पसंद रहा है। अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक अगर आप 10 लाख रुपये की बड़ी रकम एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो स्मॉल फाइनेंस बैंक आपको सबसे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। एफडी इंट्रेस्ट रेट में एक छोटा सा अंतर भी लंबे समय में आपकी कुल कमाई को काफी बढ़ा सकता है। खासकर ज्यादा अमाउंट इन्वेस्ट करने वाले सीनियर सिटिजंस के लिए ये काफी फायदेमंद साबित होता है। बिना कोई एक्स्ट्रा जोखिम लिए अपनी इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने के लिए जरूरी है कि आपको अलग अलग बैंकों की ओर से ऑफर किए जा रहे इंट्रेस्ट रेट की पूरी जानकारी हो।

स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे 8.10% तक का सबसे ज्यादा ब्याज

10 लाख रुपये के निवेश पर सबसे अधिक रिटर्न देने के मामले में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। अगस्त 2026 तक स्मॉल फाइनेंस बैंकों में 8.10 फीसदी तक के इंट्रेस्ट रेट ऑफर किए जा रहे हैं। इसकी पूरी लिस्ट यहां नीचे देखी जा सकती है-

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): 8,10 फीसदी तक की ब्याज दर।

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): 8.10 फीसदी तक की ब्याज दर।

शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

जन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 7.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक (Slice Small Finance Bank): 7.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

प्राइवेट बैंक ऑफर कर रहे 7.50% तक इंट्रेस्ट

निजी क्षेत्र के बैंक भी अलग अलग टेन्योर के लिए आकर्षक एफडी इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहे हैं।

डीसीबी बैंक (DCB Bank): 7.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

बंधन बैंक (Bandhan Bank): 7.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank): 7.25 फीसदी तक की ब्याज दर।

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank): 6.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सिस बैंक (Axis Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

सरकारी बैंक ऑफर कर रहे स्टेबल और सेफ रिटर्न

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पंजाब एंड सिंध बैंक और बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को एफडी पर सबसे अधिक ब्याज दे रहे हैं:

पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

इंडियन बैंक (Indian Bank): 6.65 फीसदी तक की ब्याज दर।

पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India): 6.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

विदेशी बैंक कितना इंट्रेस्ट दे रहे?

भारत में काम कर रहे विदेशी बैंकों में डॉयचे बैंक सबसे बेहतर इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहा है-

डॉयचे बैंक (Deutsche Bank): 7 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank): 5.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सपर्ट्स की सलाह: कैसे करें 10 लाख रुपये का सुरक्षित निवेश?

मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि अगर आप 10 लाख रुपये का निवेश कर रहे हैं तो पूरी रकम एक ही बैंक में रखने के बजाय इसे कई बैंकों में बांटकर जमा करें। ऐसा करने से आप हर बैंक में मिलने वाले 5 लाख रुपये के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। हाई रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और एफडी की समयावधि का चुनाव अपनी लिक्विडिटी यानी पैसे की जरूरत के हिसाब से करें। जमा बीमा सुरक्षा और स्थिर रिटर्न के चलते रिटायर लोगों के लिए एफडी आज भी एक बेहद भरोसेमंद निवेश माध्यम बनी हुई है।

15 अगस्त सेल में मची लूट! Amazon, Flipkart या Vijay Sales, जानें कहां क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर होगी सबसे ज्यादा बचत

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Retail Inflation : लगातार चौथे महीने महंगाई बढ़ी, रिटेल इंफ्लेशन जुलाई में 4.45% हुई; RBI के लिए बढ़ेगी मुश्किल

Retail Inflation : रिटेल महंगाई जुलाई में लगातार चौथे महीने बढ़ी है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई सालाना आधार पर बढ़कर 4.45% हो गई। जून में यह 4.38% थी। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी इसका बड़ा कारण रही।

जुलाई में महंगाई लगातार दूसरे महीने RBI के 4% के लक्ष्य से ऊपर रही। अप्रैल में महंगाई 3.48% थी। इसके बाद मई में 3.93%, जून में 4.38% और जुलाई में 4.45% हो गई। यानी अप्रैल से अब तक महंगाई करीब 1 प्रतिशत अंक बढ़ चुकी है।

खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई

जुलाई में Consumer Food Price Index (CFPI) आधारित महंगाई 5.52% रही। जून में यह 5.32% थी। ग्रामीण इलाकों में खाने-पीने की महंगाई ज्यादा रही। यहां यह 5.79% रही। शहरी इलाकों में यह 5.05% थी।

इसी वजह से आने वाले महीनों में भी महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ICRA के मुताबिक, अगस्त में रिटेल महंगाई 4.7% तक पहुंच सकती है।

गांवों में महंगाई का ज्यादा दबाव

ग्रामीण भारत में कुल रिटेल महंगाई जुलाई में 4.84% रही। जून में यह 4.74% थी। वहीं, शहरी महंगाई 3.93% से मामूली बढ़कर 3.96% हो गई। खाने-पीने की चीजों के अलावा कपड़े और जूते भी ग्रामीण इलाकों में ज्यादा महंगे हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी महंगाई 3.97% रही। शहरी क्षेत्रों में यह 2.41% थी।

कुछ सेवाओं की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई। जुलाई में रेस्टोरेंट और होटल से जुड़ी सेवाओं की महंगाई 7.72% रही। ट्रांसपोर्ट की महंगाई 4.43% और पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन, अन्य सेवाओं की महंगाई 14.77% रही।

अदरक, लहसुन और प्याज ने रुलाया

रसोई में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजें जुलाई में काफी महंगी हुईं। अदरक की कीमतों में सालाना आधार पर 83.62% की बढ़ोतरी हुई। जून में यह 50.41% थी। लहसुन की महंगाई भी 17.93% से बढ़कर 35.36% हो गई। प्याज की कीमतें भी तेजी से बढ़ीं। प्याज की महंगाई जून के 4.73% से बढ़कर जुलाई में 22.54% हो गई।

हालांकि, कुछ सब्जियों ने राहत दी। जुलाई में टमाटर की कीमत सालाना आधार पर 4.59% घटी। जून में टमाटर 31.92% महंगा था। आलू की कीमत 16.56% और भिंडी की कीमत 5.52% घटी।

सोना-चांदी भी महंगे

महंगाई के आंकड़ों में कीमती धातुओं की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दिखी। जुलाई में चांदी के आभूषणों की कीमत सालाना आधार पर 109.84% बढ़ी। सोने, हीरे और प्लैटिनम के आभूषण भी महंगे हुए। इनकी कीमतों में क्रमशः 32.98% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

आगे ब्याज दरों पर क्या होगा?

महंगाई बढ़ने से RBI के लिए ब्याज दरों को लेकर फैसला थोड़ा मुश्किल हो सकता है। RBI ने हाल में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा था। कोटक महिंद्रा बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट उपासना भारद्वाज के मुताबिक, बारिश, कच्चे तेल की कीमत और इनपुट लागत पर नजर रखना जरूरी होगा। उनका मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही से महंगाई 5% के ऊपर जा सकती है।

ICRA की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में औसत CPI महंगाई करीब 5% रह सकती है। पश्चिम एशिया में तनाव और मानसून इसके लिए बड़े जोखिम हैं। अगर महंगाई का दबाव दूसरी चीजों तक भी फैलता है, तो दिसंबर 2026 की बैठक में RBI ब्याज दर बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

तेलंगाना में सबसे ज्यादा महंगाई

राज्यों की बात करें तो जुलाई में तेलंगाना में महंगाई सबसे ज्यादा 6.32% रही। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 5.72% और तमिलनाडु में 5.44% रही। वहीं, मिजोरम में महंगाई सबसे कम 1.84% रही। मेघालय में यह 2.31% और त्रिपुरा में 2.32% रही। दिल्ली में भी महंगाई अपेक्षाकृत कम 2.68% रही।

कुल मिलाकर, जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि महंगाई का दबाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है। अभी इसकी बड़ी वजह खाने-पीने की चीजें और कुछ सप्लाई से जुड़ी समस्याएं हैं। अगर यह दबाव आगे भी बना रहता है, तो इसका असर RBI की ब्याज दरों की अगली रणनीति पर पड़ सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RBI Policy : फाइनेंशियल सेक्टर के दिग्गजों को आज की पॉलिसी आई पसंद, जानिए किन शेयरों में देखने में मिल सकता है एक्शन

RBI Policy : फाइनेंशियल सेक्टर के दिग्गजों को आज की पॉलिसी पसंद आई है। यूजीआरओ कैपिटा (UGRO Capita) में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर शिल्पा भट्टर का कहना है कि RBI का रेपो रेट के 5.25% पर बनाए रखने का फैसला,दुनिया भर में छाई अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की मैक्रोइकॉनॉमिक मजबूती पर भरोसे को दिखाता है। पश्चिम एशिया युद्ध का शुरुआती असर काफी हद तक खत्म हो जाने के बाद, पॉलिसी की स्थिरता से बिज़नेस कम्युनिटी के भरोसे के मजबूती मिलनी चाहिए,लिक्विडिटी की स्थिति बेहतर होनी चाहिए और MSMEs को वर्किंग कैपिटल को बेहतर ढंग से मैनेज करने में मदद मिलनी चाहिए,जिससे बेहतर रीपेमेंट और मज़बूत क्रेडिट क्वालिटी में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि पॉलिसी स्टेटमेंट का टोन काफी न्यूट्रल रहा, इससे यह नहीं लगता कि रेट में जल्द ही सख्ती आने वाली है।

मॉडुलस अल्टरनेटिव्स (Modulus Alternatives) के CEO और CIO संदीप अग्रवाल ने कहा कि RBI का रेपो रेट 5.25% पर बनाए रखने का फैसला,ग्रोथ और मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी के बीच बैलेंस बनाने के लिए एक सोच-समझकर लिया गया फैसला नजर आता है। महंगाई के दबाव पर करीब से नजर रखी जा रही है और दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितताएं लगातार बढ़ रही हैं,ऐसे में जैसा है वैसा बनाए रखने से स्टेबिलिटी मिलती है और पिछली पॉलिसी के उपायों का असर इकॉनमी में और आगे तक पहुंच पाता है।

उन्होंने आगे कहा कि आरबीआई के आज के फैसले से बैंकिंग सेक्टर को फंडिंग कॉस्ट और इंटरेस्ट रेट्स के बारे में बेहतर अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही रिटेल, MSME और बिज़नेस सेगमेंट में क्रेडिट डिमांड भी बढ़ सकती। आगे महंगाई,लिक्विडिटी की स्थिति और ग्लोबल डेवलपमेंट RBI की पॉलिसी तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। एक स्थिर पॉलिसी के साथ ही घरेलू इकोनॉमिक फंडामेंटल्स में सुधार से आने वाले महीनों में कर्ज की मांग टिकाऊ ग्रोथ देखने को मिलेगी।

एक्सिस डायरेक्ट की रिसर्च एनालिस्ट-BFSI, ज्ञानदा वैद्य का कहना है कि महंगाई का दबाव थोड़ा कम हुआ है और ग्रोथ मजबूत बनी रही है। इसको देखते हुए RBI का रेपो रेट में कोई बदलाव न करने और अपना न्यूट्रल रुख बनाए रखने का फैसला काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही है। हालांकि तेल की कीमतों में नरमी आई है, लेकिन मानसून से जुड़ी चुनौतियां महंगाई के लिए एक बड़ा रिस्क बनी हुई हैं और इस पर पैनी नजर बनी हुई है।

आरबीआई ने महंगाई के अपने अनुमान को थोड़ा कम करके 5% कर दिया है, जो पहले 5.1% था। साथ ही, कोर महंगाई के अनुमान को भी घटाकर 4.3% कर दिया गया है, जो पहले 4.7% था। साथ ही, FY27 के लिए ग्रोथ के अनुमान को भी थोड़ा बढ़ाकर 6.7% कर दिया गया है, जो पहले 6.6% था।

बैंकिंग सेक्टर के नज़रिए से बात करें तो बैंकों ने सीजन के हिसाब से कमजोर रहने वाले Q1 में भी अच्छा काम किया है। इस अवधि में क्रेडिट ग्रोथ मजबूत रही और अर्निंग भी अच्छी रही। इसे क्रेडिट कॉस्ट को कंट्रोल करने और मामूली ओपेक्स ग्रोथ से सपोर्ट मिला, भले ही ज्यादातर बैंकों के मार्जिन में दिक्कतें रही। एसेट क्वालिटी में सुधार इस तिमाही की सबसे बड़ी पॉज़िटिव बात रही। नए एनपीए में नियंत्रण की वजह से ज्यादातर बैंकों में सुधार दिखा।

एक और खास बात यह रही है कि अब तक FCNR(B) डिपॉजिट में मजबूती आई है, जिससे Q2 में डिपॉज़िट ग्रोथ को सपोर्ट मिलना चाहिए। हमें उम्मीद है कि शॉर्ट-टर्म में मार्जिन काफी हद तक रेंज-बाउंड रहेंगे और कोई भी सुधार काफी हद तक पोर्टफोलियो मिक्स में अच्छे बदलाव से होगा।

ऐसे में निवेश के नजरिए से वह बैंक अच्छे लग रहे हैं जिनकी अर्निंग्स ग्रोथ, बैलेंस शीट और वैल्यूएशनम अच्छे हैं। नजरिए से कोटक महिंद्रा बैंक, ICICI बैंक, SBI, फेडरल बैंक और उज्जीवन SFB अच्छे लग रहे है। वहीं, NBFC में बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस और क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण अच्छे नजर आ रहे हैं।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

RBI ने खराब ग्लोबल माहौल के बावजूद ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया, महंगाई कम होने की जताई उम्मीद, जानिए कहां से मिल रहा भरोसा

Axis, HDFC और Kotak Bank; Q1 रिजल्ट के बाद शेयर धड़ाम, अब ट्रेडिंग के लिए चार्ट पर मार्क करें ये लेवल्स

Banking Stocks: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की तेज होती आंच में कच्चा तेल उबल पड़ा और प्रति बैरल यह $90 के पार पहुंच गया। इसके चलते घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) धड़ाम हो गए। इन पर प्राइवेट सेक्टर के हैवीवेट बैंकिंग स्टॉक्स एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने काफी दबाव डाला और इनके शेयर 5.5% तक फिसल गए। इन बैंकों के मार्जिन पर जून तिमाही में दबाव दिखा था और अब एनालिस्ट्स को इस तिमाही भी दबाव के आसार हैं।

जेफरीज के एनालिस्ट्स प्रखर शर्मा और विनायक अग्रवाल के मुताबिक कॉर्पोरेट लोन की हिस्सेदारी बढ़ने और हाल ही में होलसेल प्राइसिंग में तेजी पर बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर असर पड़ा और अब सितंबर तिमाही में मार्जिन पर दबाव बने रहने के आसार हैं। अब जून तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद इन तीन स्टॉक्स की ट्रेडिंग कैसे करनी चाहिए, इसे लेकर बोनांजा के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट विराट जागड़ ने कुछ टेक्निकल लेवल्स सुझाएं है और चार्ट पर रेजिस्टेंस-सपोर्ट मार्क किया है।

Kotak Mahindra Bank

कोटक महिंद्रा बैंक एक बड़े सिमेट्रिकल ट्राईएंगल पैटर्न के अंदर ट्रेड कर रहा है, जो किसी बड़ी हलचल से पहले कंसोलिडेशन का संकेत है। हाल ही में इसे ₹390–₹397 के आस-पास ऊपरी ट्रेंडलाइन के पास रेसिस्टेंस झेलना पड़ा और प्रॉफिट बुकिंग दिखी तो नीचे की तरफ ₹370–₹375 के आस-पास निचली ट्रेंडलाइन से जरूरी सपोर्ट मिल रहा है। RSI न्यूट्रल 45 लेवल के आस-पास बना हुआ है, जिससे इसमें किसी भी तरफ मजबूत मोमेंटम नहीं होने का संकेत मिल रहा है। अगर यह शेयर ₹397 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो यह ₹420–435 की तरफ बढ़ सकता है। दूसरी तरफ अगर यह ₹370 के नीचे गिरता है, तो इसमें गिरावट बढ़ सकती है और अगला सपोर्ट ₹350 के आस-पास हो सकता है।

Axis Bank

₹1,300–₹1,320 के अहम रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिके रहने में नाकामी के बाद एक्सिस बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। यह मुनाफावसूली का संकेत है और अभी भी यह अपने मीडियम-टर्म ट्रेंडलाइन सपोर्ट यानी ₹1,250–₹1,260 के आस-पास बना हुआ है। अगर यह इस जोन के नीचे जाता है, तो यह ₹1,220 और ₹1,180 की तरफ फिसल सकता है। RSI के 50 के से नीचे आने से मोमेंटम में कमजोरी दिख रही है और शेयर शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है। ऊपर की तरफ शेयर के लिए ₹1,305 और ₹1,320 पर रेजिस्टेंस है। अगर यह ₹1,320 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो नई खरीदारी शुरू हो सकती है और ₹1,380–1,400 तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

HDFC Bank

₹810–815 के रेजिस्टेंस जोन के पास रिजेक्शन झेलने के बाद एचडीएफसी बैंक शॉर्ट-टर्म सेलिंग प्रेशर में है। तेज गिरावट के साथ एक बेयरेश कैंडल बनी। फिलहाल यह शेयर अपने अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो कमजोरी का संकेत है, तो ₹745–750 के पास लॉन्ग-टर्म ट्रेंडलाइन एक अहम सपोर्ट का काम कर रही है। RSI भी ओवरबॉट जोन से नीचे आ गया है जो बुलिश मोमेंटम कम होने का संकेत दे रहा है। जब तक यह स्टॉक ₹815 के नीते है, इसके ऊपर जाने की गुंजाइश सीमित है। नीचे की तरफ बात करें तो इसे ₹775 और फिर ₹750 पर सपोर्ट दिख रहा है तो ऊपर की तरफ ₹815 और फिर ₹850 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर यह ₹815 के ऊपर लगातार बना रहता है तो इसमें बुलिश मोमेंटम फिर से शुरू हो सकता है और शेयर ₹850–870 की तरफ बढ़ सकता है।

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