‘नाजी जर्मनी जैसा है ईरानी शासन…’, मार्को रुबियो बोले- ‘कट्टरपंथी शिया मौलवियों’ से समझौता बेहद मुश्किल

Marco Rubio On Iran: भारत आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान और उसकी शीर्ष नेतृत्व प्रणाली पर जमकर निशाना साधा है। नेटवर्क18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर पहुंचना बेहद मुश्किल है, क्योंकि देश की कमान थियोलॉजी यानी धार्मिक नीतियों से संचालित होने वाले ‘कट्टरपंथी शिया मौलवियों’ के हाथों में है।

नाजी U-Boat रणनीति से की तुलना, भारतीय नाविकों की मौतों पर जताई चिंता

मार्को रुबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए ईरान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने ईरान की इन हरकतों की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी की सबमरीन रणनीतियों से की।

रुबियो ने कहा, ‘ईरान खुलेआम कह रहा है कि वे निर्दोष नाविकों को मारने और कमर्शियल जहाजों को डुबोने की कोशिश कर रहे हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ऐसा कभी नहीं देखा गया। पूरी दुनिया को एक साथ आकर इसकी कड़ी निंदा करनी चाहिए।’

उन्होंने बताया कि इन हमलों में कई भारतीय नाविकों ने भी अपनी जान गंवाई है, क्योंकि वैश्विक मर्चेंट नेवी में भारतीय नाविकों की बड़ी संख्या है। वैसे अमेरिकी नौसेना अधिकांश ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर रही है।

‘कट्टरपंथी मौलवियों के हाथ में कमान’, कूटनीति पर संकट

तेहरान के साथ राजनयिक समझौते और भविष्य में सैन्य तनाव की संभावना पर रुबियो ने स्पष्ट किया कि ईरानी नेतृत्व की कट्टरपंथी सोच के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है।

उन्होंने कहा, ‘ईरानी शासन के साथ डील करना बहुत कठिन है। दुर्भाग्य से वे समझौता करना नहीं जानते और वे कट्टरपंथी शिया मौलवियों द्वारा नियंत्रित हैं।’ रुबियो ने स्पष्ट किया कि उनका हमला सामान्य शिया समुदाय पर नहीं, बल्कि शासन चला रहे कट्टरपंथियों पर है।

अमेरिका की ‘इकोनॉमिक एस्फिक्सिया’ नीति जारी रहेगी

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वाशिंगटन तेहरान पर असाधारण आर्थिक दबाव बनाना जारी रखेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अपने नागरिकों की भलाई के बजाय मिलने वाले हर डॉलर का उपयोग आतंकवाद को स्पॉन्सर करने, मिसाइलें और ड्रोन बनाने में करता है।

इससे पहले अगस्त में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ ‘इकोनॉमिक एस्फिक्सिया’ यानी आर्थिक तौर पर पंगु बनाने की रणनीति का ऐलान किया था, जिसके तहत डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, गोल्ड, एविएशन और शिपिंग सेक्टर्स पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए हैं।

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Market Outlook: बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 19 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook: 16 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 23,100 के स्तर के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 413.66 अंक या 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,729.27 पर और निफ्टी 148.80 अंक या 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इस दौरान लगभग 2221 शेयरों में तेजी आई, 1791 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, टीसीएस, इंफोसिस, भारती एयरटेल और एमएंडएम (M&M) शामिल रहे, जबकि इंटरग्लोब एविएशन, बीएसई लिमिटेड, मैक्स हेल्थकेयर, टाटा कंज्यूमर और जियो फाइनेंशियल के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

FMCG, ऑयल एंड गैस और फार्मा को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। इनमें इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मेटल, PSU बैंक और इंफ्रा सेक्टर में 1-2 प्रतिशत की तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक बिना किसी बड़े बदलाव के (फ्लैट) बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय इक्विटी बाजार में रिकवरी का सिलसिला जारी रहा। इसमें IT शेयरों में लगातार हुई खरीदारी का अहम योगदान रहा। मजबूत तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की अच्छी टिप्पणियों ने इस सेक्टर की कमाई के आउटलुक को लेकर भरोसा बढ़ाया है।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती ने भी बाजार के सेंटीमेंट को सहारा दिया। हालांकि,इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण दूसरी तिमाही (Q2) में मार्जिन घटने की चिंताओं के चलते FMCG शेयरों पर दबाव बना रहा। अलग-अलग सेक्टरों में दिख रहा यह अंतर बताता है कि लगातार बने लागत के दबाव के बीच निवेशक ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके अर्निंग आउटलुक अच्छे नजर आ रहे हैं। रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भले ही नियर टर्म में कुछ सपोर्ट मिले,लेकिन ग्लोबल महंगाई बढ़ने और भू-राजनीतिक जोखिमों को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। इस रिकवरी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि IT के अलावा अन्य सेक्टरों में भी अर्निंग मजबूत हो। इसके लिए घरेलू मांग में सुधार और मार्जिन पर दबाव का कम होना जरूरी है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि शुक्रवार को बाजार में लगातार दूसरे दिन रिकवरी देखने को मिली। गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद,बेंचमार्क इंडेक्स ऊंचे स्तर पर कारोबार करते नजर आए। बाजार की शुरुआत सपाट रही,लेकिन बाद में कुछ खास शेयरों,खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को मजबूती मिली। इसके बाद बाजार एक रेंज में आ गया,लेकिन इसने अपनी अधिकांश बढ़त बनाए रखी। अंत में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही अपने दिन के उच्चतम स्तरों के करीब बंद हुए।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो,IT शेयरों ने लगातार चौथे सत्र में बढ़त को लीड किया। तिमाही नतीजों से मिले मोमेंटम के कारण इनमें करीब 4% की तेजी आई। मेटल और ऑटो शेयरों ने भी बाजार की तेजी में योगदान दिया। हालांकि, कुछ FMCG, रियल्टी और एनर्जी शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी सीमित रही। ब्रॉडर मार्केट के इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में सुस्त रहे और मिडकैप तथा स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए।

तिमाही नतीजों के बाद IT शेयरों में आई तेजी,बाजार की रिकवरी की मुख्य वजह रही है, जबकि दूसरे सेक्टरों ने भी इसमें सहायक भूमिका निभाई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ, जिससे घरेलू बाजार को कुछ राहत मिली। हालांकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रही। इसके अलावा, लगातार बनी हुई महंगाई और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंताएं अभी भी हैं,जिसके चलते सतर्क रहने की जरूरत है।

आगे की बात करें तो सोमवार को शुरुआती कारोबार में बाजार बड़े बैंकों जैसे HDFC बैंक, एक्सिस बैंक और ICICI बैंक के तिमाही नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा। इसके साथ ही वीकेंड के दौरान ग्लोबल स्तर पर होने वाली घटनाओं का भी बाजार पर असर पड़ सकता है। तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी 23,300 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। अगर यह मजबूती से इस स्तर के ऊपर निकलता है तो रिकवरी 23,500–23,700 के स्तर तक बढ़ सकती है। वहीं,गिरावट की स्थिति में 22,700–22,900 का दायरा सपोर्ट का काम कर सकता है। मिले-जुले संकेतों और तिमाही नतीजों के मौसम को देखते हुए, बाजार पर रुख पॉजिटिव लेकिन सतर्क है। हमें चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और अनुशासित तरीके से ट्रेड मैनेज करने पर जोर देना चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी ने लगातार दूसरे सत्र में अपनी तेजी जारी रखी और 0.65% की बढ़त के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक ऐसी कैंडल बनाई है जिसमें नीचे की तरफ एक ‘विक’ (wick) है। यह शुरुआती प्रॉफिट बुकिंग के बाद पूरे सत्र में लगातार बनी रही खरीदारी की दिलचस्पी को दिखाता है। लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद निफ्टी ने लगातार दूसरे हफ्ते भी बढ़त के साथ क्लोजिंग जो निचले स्तरों पर फिर से खरीदारी लौटने का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-डे EMA के ऊपर कारोबार करता रहा। RSI निचले स्तरों से ऊपर की ओर बढ़ता रहा, जबकि पॉजिटिव MACD क्रॉसओवर और बढ़ता हुआ हिस्टोग्राम बेहतर होते मोमेंटम और दिशा में धीरे-धीरे हो रहे बदलाव का संकेत देते हैं। हालांकि,चालू रिकवरी को मजबूत करने के लिए,तत्काल रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर लगातार खरीदारी होना जरूरी होगा।

आगे 25-डे EMA के पास मौजूद 22980–23000 का जोन, तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर निफ्टी इस रेंज के नीचे टूटता है तो 22850 के स्तर तक शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है। ऊपर की तरफ, 50-डे EMA के पास वाला 23300–23320 का जोन एक रुकावट का काम कर सकता है। अगर इस रेंज के ऊपर तेजी बनी रहती है तो मौजूदा रिकवरी और तेज हो सकती है और भाव और ऊंचे स्तरों तक जा सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी एक दायरे में बना रहा,हालांकि प्राइस एक्शन में धीरे-धीरे ऊपर की ओर झुकाव बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत देता है। इंडेक्स ने नीचे की तरफ एक विक (wick) के साथ छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई और लगभग फ्लैट बंद हुआ। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी तो है, लेकिन किसी स्पष्ट दिशा को लेकर अभी भी पक्का भरोसा नहीं है। पोजीशनल नजरिए से देखें तो कंसोलिडेशन जारी है। अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत होगी। RSI अभी भी न्यूट्रल दायरे में है, जबकि फ्लैट ADX यह बताता है कि किसी खास दिशा में कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है।

55200–55300 का जोन बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस रेंज के नीचे जाता है तो इसमें फिर से बिकवाली का दबाव आ सकता है और यह 54800 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 56300–56400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। अगर इंडेक्स मजबूती से इस रेंज के ऊपर निकलता है तो नई खरीदारी आ सकती है और बैंक निफ्टी 56900 के स्तर तक जा सकता है।

 

 

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अमेरिका के विस्कॉन्सिन में प्लेन क्रैश, 6 की मौत:पायलट का आखिरी मैसेज था- पंखों पर बर्फ जम रही, ऊंचाई घटाने की परमिशन दें

अमेरिका के विस्कॉन्सिन में मंगलवार रात विमान हादसे में एक बच्चे समेत छह लोगों की मौत हो गई। हादसे से पहले पायलट ने पंखों पर बर्फ जमने की सूचना दी थी। छह सीटों वाला सिंगल-इंजन विमान केनोशा से मेनोमोनी जा रहा था। यह विमान रात करीब 10 बजे डेलोना टाउन में मिरर लेक स्टेट पार्क के पास जंगल में गिरा। हादसे के समय इलाके में बारिश हो रही थी और गरज-चमक वाला तूफान गुजर रहा था। विंग्स पर बर्फ जमना एविएशन (हवाई यात्रा) के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि बर्फ की एक पतली परत भी प्लेन को हवा में बनाए रखने में मुश्किल पैदा कर सकती है। पायलट ने 24,000 फीट ऊंचाई पर बर्फ जमने की जानकारी दी थी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के मुताबिक, पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को पंखों पर बर्फ जमने की जानकारी दी थी। उस समय पाइपर PA-46 विमान 24,000 फीट यानी 7,315 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था। पायलट ने विमान को नीचे लाने की अनुमति मांगी थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को नीचे आने की अनुमति दी। इसके बाद विमान दाईं ओर नीचे उतरने वाले मोड़ में गया। NTSB ने बताया कि यह मोड़ लगातार तेज होता गया। इसके बाद विमान से संपर्क और उसके डेटा की ट्रैकिंग बंद हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में जमीन पर मौजूद कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। हादसे में कोई इमारत या अन्य ढांचा भी क्षतिग्रस्त नहीं हुआ। विस्कॉन्सिन डेल्स में बड़ी संख्या में पर्यटक आते है हादसा विस्कॉन्सिन डेल्स से लगभग 10 मील (16 किलोमीटर) पश्चिम में हुआ था। यह शहर बड़ी संख्या में वॉटरपार्क्स होने की वजह से ‘दुनिया की वॉटरपार्क राजधानी’ कहलाता है। राज्य के पर्यटन अधिकारियों के अनुसार, 2025 में इस इलाके में 50 लाख से ज़्यादा पर्यटक आए थे।

अमेरिका के विस्कॉन्सिन में प्लेन क्रैश, 6 की मौत:पायलट का आखिरी मैसेज था- पंखों पर बर्फ जम रही, ऊंचाई घटाने की परमिशन दें

अमेरिका के विस्कॉन्सिन में मंगलवार रात विमान हादसे में एक बच्चे समेत छह लोगों की मौत हो गई। हादसे से पहले पायलट ने पंखों पर बर्फ जमने की सूचना दी थी। छह सीटों वाला सिंगल-इंजन विमान केनोशा से मेनोमोनी जा रहा था। यह विमान रात करीब 10 बजे डेलोना टाउन में मिरर लेक स्टेट पार्क के पास जंगल में गिरा। हादसे के समय इलाके में बारिश हो रही थी और गरज-चमक वाला तूफान गुजर रहा था। विंग्स पर बर्फ जमना एविएशन (हवाई यात्रा) के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि बर्फ की एक पतली परत भी प्लेन को हवा में बनाए रखने में मुश्किल पैदा कर सकती है। पायलट ने 24,000 फीट ऊंचाई पर बर्फ जमने की जानकारी दी थी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के मुताबिक, पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को पंखों पर बर्फ जमने की जानकारी दी थी। उस समय पाइपर PA-46 विमान 24,000 फीट यानी 7,315 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था। पायलट ने विमान को नीचे लाने की अनुमति मांगी थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को नीचे आने की अनुमति दी। इसके बाद विमान दाईं ओर नीचे उतरने वाले मोड़ में गया। NTSB ने बताया कि यह मोड़ लगातार तेज होता गया। इसके बाद विमान से संपर्क और उसके डेटा की ट्रैकिंग बंद हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में जमीन पर मौजूद कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। हादसे में कोई इमारत या अन्य ढांचा भी क्षतिग्रस्त नहीं हुआ। विस्कॉन्सिन डेल्स में बड़ी संख्या में पर्यटक आते है हादसा विस्कॉन्सिन डेल्स से लगभग 10 मील (16 किलोमीटर) पश्चिम में हुआ था। यह शहर बड़ी संख्या में वॉटरपार्क्स होने की वजह से ‘दुनिया की वॉटरपार्क राजधानी’ कहलाता है। राज्य के पर्यटन अधिकारियों के अनुसार, 2025 में इस इलाके में 50 लाख से ज़्यादा पर्यटक आए थे।

Tata Elxsi Q2 Results: टाटा की कंपनी को ₹170 करोड़ का मुनाफा, ऑटो बिजनेस में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

Tata Elxsi Q2 Results: टाटा एलेक्सी ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग स्थिर रहा। हालांकि, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में बढ़ोतरी हुई। कंपनी को ऑटोमोबाइल, मीडिया और हेल्थकेयर कारोबार से सपोर्ट मिला। इसके अलावा, नए प्रोजेक्ट मिलने से भी कारोबार को मजबूती मिली।

नेट प्रॉफिट में मामूली गिरावट

सितंबर तिमाही में टाटा एलेक्सी का नेट प्रॉफिट ₹170.3 करोड़ रहा। जून तिमाही में यह ₹170.6 करोड़ था। यानी मुनाफे में मामूली गिरावट आई।

वहीं, कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 3.4% बढ़कर ₹1,055.7 करोड़ हो गया। जून तिमाही में यह ₹1,021.1 करोड़ था। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 2.3% की बढ़ोतरी हुई।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट और मार्जिन में सुधार

टाटा एलेक्सी का EBIT यानी ब्याज और टैक्स से पहले का मुनाफा 7.2% बढ़कर ₹207.7 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह ₹193.7 करोड़ था।

इसके साथ ही EBIT मार्जिन भी बढ़ा। जून तिमाही में यह 18.97% था, जो सितंबर तिमाही में बढ़कर 19.68% हो गया।

तीनों प्रमुख कारोबार में बढ़ोतरी

टाटा एलेक्सी के तीनों प्रमुख कारोबार में पिछली तिमाही के मुकाबले बढ़त दर्ज की गई। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर ट्रांसपोर्टेशन रेवेन्यू 2% बढ़ा। मीडिया और कम्युनिकेशन कारोबार में 3.4% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज कारोबार का रेवेन्यू 3.5% बढ़ा।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनोज राघवन ने कहा कि तीनों प्रमुख कारोबार में बढ़त दर्ज की गई है।

ऑटोमोबाइल कारोबार में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

टाटा एलेक्सी के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विसेज कारोबार में ट्रांसपोर्टेशन की हिस्सेदारी 55% से ज्यादा है। इस सेगमेंट में कंपनी को एक प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता से कई साल का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।

इसके तहत कंपनी क्लाउड बेस्ड टेलीमैटिक्स और कनेक्टेड व्हीकल सिस्टम डेवलप करेगी। इसके अलावा, टाटा एलेक्सी ने सरला एविएशन के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। कंपनी इलेक्ट्रिक विमान ‘शून्य’ के विकास में मदद करेगी। यह विमान वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग यानी eVTOL टेक्नोलॉजी पर आधारित है।

मीडिया कारोबार में AI प्रोजेक्ट मिला

टाटा एलेक्सी के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विसेज कारोबार में मीडिया और कम्युनिकेशन की हिस्सेदारी 33.6% है। इस कारोबार को नए प्रोजेक्ट और पुराने कॉन्ट्रैक्ट पर काम बढ़ने से फायदा हुआ।

कंपनी को एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी से जेनरेटिव AI बेस्ड वर्चुअल असिस्टेंट बनाने का प्रोजेक्ट मिला है। यह असिस्टेंट कई भाषाओं में काम करेगा। इसका मकसद दुनिया भर के यूजर्स को बेहतर डिजिटल अनुभव देना है।

ऑपरेटिंग एफिशिएंसी से बढ़ा EBITDA मार्जिन

टाटा एलेक्सी के CEO मनोज राघवन ने कहा कि कामकाज को बेहतर बनाने पर फोकस से मुनाफे में सुधार हुआ है। इस दौरान कंपनी ने कर्मचारियों की सैलरी में भी बदलाव किए थे।

इसके बावजूद कंपनी का EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले 70 बेसिस पॉइंट बढ़ा। कंपनी के मुताबिक, ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बेहतर होने से मार्जिन को सपोर्ट मिला।

Tata Elxsi के शेयरों का हाल

नतीजों की घोषणा से पहले मंगलवार को NSE पर टाटा एलेक्सी के शेयर 5.21% की तेजी के साथ ₹3,426.70 पर बंद हुए।

टाटा एलेक्सी ऑटोमोबाइल, मीडिया, कम्युनिकेशन और हेल्थकेयर कंपनियों को डिजाइन और टेक्नोलॉजी सेवाएं देती है। कंपनी प्रोडक्ट, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और डिजिटल सेवाएं विकसित करने में मदद करती है

Stock in Focus: ड्रोन कंपनी को सरकार से ऑर्डर मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़ संभाला फैमिली बिजनेस, एक दिन में कमाए ₹14.45 लाख

फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी करना कई लोगों का सपना होता है। इस काम में अलग-अलग जगहों पर घूमने और नए लोगों से मिलने का मौका मिलता है। लेकिन 12 साल तक एविएशन सेक्टर में काम करने के बाद एक महिला ने नौकरी छोड़कर अपने लिए एक नई राह चुनने का फैसला किया। महिला अपनी फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़कर परिवार के काम में हाथ बंटाने का फैसला किया। वहीं वह इस काम से अब हर दिन करीब 14 लाख रुपये कमा रही है। आइए जानते हैं इसके बारे में

मां का बिजनेस संभालने लौटी घर

Vietnam.vn की रिपोर्ट के अनुसार, जियाओ चेन ने फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़कर अपने होमटाउन लौटने का फैसला किया। अब वह केकड़े (Crabs) बेचने का काम करती हैं और अपना समय केकड़े चुनने, ग्राहकों के ऑर्डर पैक करने और उनकी डिलीवरी की व्यवस्था संभालने में बिताती हैं। चेन ने नौकरी छोड़कर परिवार के काम में हाथ बंटाने का फैसला किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मां का केकड़े बेचने का कारोबार पहले से अच्छा चल रहा था, लेकिन काम बढ़ने के साथ उसे संभालने के लिए मदद की जरूरत महसूस हुई। ऐसे में चेन चीन के झेजियांग प्रांत के तटीय शहर निंगबो वापस लौट आईं और मां के बिजनेस को संभालने में जुट गईं।

एक दिन में हुई 14.45 लाख की बिक्री

रिपोर्ट्स के अनुसार, त्योहार के दिनों में चेन के परिवार के कारोबार ने हर दिन 1 लाख युआन यानी करीब 14.45 लाख रुपये से ज्यादा की बिक्री की। हालांकि, बढ़ती मांग के बीच उनके सामने अच्छी क्वालिटी के हरे केकड़ों की पर्याप्त सप्लाई जुटाने की चुनौती भी खड़ी हो गई। इसी वजह से चेन ने तय किया कि, वह जरूरत से ज्यादा ऑर्डर नहीं लेंगी, ताकि ग्राहकों को खराब क्वालिटी का सामान न भेजना पड़े। सप्लाई कम होने पर उन्होंने बिक्री घटाने का फैसला किया, जिससे प्रोडक्ट की गुणवत्ता बनी रहे।

ऑनलाइन मिलते हैं ऑर्डर

फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़ने के बाद चेन ने परिवार के केकड़े के कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। वह छोटे-छोटे वीडियो बनाकर केकड़ों को चुनने, पैक करने और ग्राहकों तक भेजने की पूरी प्रक्रिया दिखाती हैं। उनके वीडियो में उनकी नई जिंदगी भी नजर आती है, जहां वह यूनिफॉर्म की जगह अब तालाब के पास काम करती और केकड़ों को संभालती दिखती हैं। यात्रियों से बातचीत करने का उनका पुराना अनुभव अब ग्राहकों से जुड़ने में मदद कर रहा है। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो लोगों को पसंद आ रहे हैं और कुछ लोग इन्हें देखकर ऑनलाइन ऑर्डर भी कर रहे हैं।

मिड-ऑटम फेस्टिवल में बढ़े ऑर्डर

ऑनलाइन वीडियो और सोशल मीडिया की मदद से चेन के परिवार का कारोबार अब स्थानीय ग्राहकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दूसरे इलाकों से भी लोग उनके प्रोडक्ट के बारे में जानने लगे हैं। पारंपरिक तरीके से बिक्री करने के साथ-साथ वह इंटरनेट पर केकड़ों की जानकारी और वीडियो शेयर कर ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बना रही हैं। मिड-ऑटम फेस्टिवल के दौरान केकड़ों की मांग बढ़ने से कारोबार में ऑर्डर भी काफी बढ़ गए। इस दौरान चेन और उनकी टीम को पहले के मुकाबले ज्यादा काम संभालना पड़ा।

सऊदी एयरपोर्ट पर हूतियों का हमला, 3 की मौत:ड्रोन-मिसाइल हमले में 36 घायल; जवाब में यमन के 80 ठिकानों पर सऊदी की एयरस्ट्राइक

सऊदी अरब के दो एयरपोर्ट्स पर हूती विद्रोहियों ने ड्रोन और मिसाइल से हमले किए। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई है। साथ ही 36 लोग घायल हुए हैं। सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने बुधवार को यह जानकारी दी। अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 6 और 7 अक्टूबर को निशाना बनाया गया। हूती विद्रोहियों ने दोनों हमलों की जिम्मेदारी ली है। वहीं, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने यमन में हूतियों के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। विदेशी नागरिकों ने हमले में जान गवाईं अबहा एयरपोर्ट पर हमले में मोरक्को और अल्जीरिया की दो महिला नागरिकों की मौत हुई। साथ ही यहां 28 लोग घायल हुए, जिनमें सऊदी, बांग्लादेशी और फिलीपींस के नागरिक शामिल हैं। वहीं, किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक सूडानी नागरिक की मौत हुई। यहां 8 लोग घायल हुए, जिनमें 5 सऊदी नागरिक, 2 मिस्र के निवासी और एक पाकिस्तानी निवासी शामिल हैं। GACA ने बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। साथ ही अधिकारी सुविधाओं की सुरक्षा की जांच कर रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। हूतियों ने अरामको रिफाइनरी पर हमले का भी दावा किया इससे पहले हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी अरब में कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने की जिम्मेदारी ली थी। इसमें रबीघ में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी अरामको पर हमला भी शामिल है। सरी ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि संगठन ने बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए तीन बड़े सैन्य अभियान चलाए। सरी ने दावा किया कि ये हमले यमन पर सऊदी अरब के हमलों के जवाब में किए गए। उनके मुताबिक, इससे पहले के 24 घंटों में सऊदी अरब ने यमन पर 60 हवाई और मिसाइल हमले किए थे। सऊदी ने यमन में मिसाइल लॉन्च करने वाला ठिकाना नष्ट किया इस बीच, यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया कि उसने रियाद पर हमले के लिए इस्तेमाल किए गए एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म को नष्ट कर दिया है। गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि यह कार्रवाई यमन की राजधानी सना में की गई। उनके मुताबिक, वहां सऊदी अरब पर एक और हमले की तैयारी चल रही थी और हमला जल्द किया जा सकता था।

इंडिगो की उड़ानें महंगी होंगी

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो ने एक बार फिर अपनी उड़ानों का किराया बढ़ा दिया है। इस साल इंडिगो ने तीसरी बार किराया बढ़ाया है। कंपनी के मुताबिक मंगलवार, छह अक्टूबर से इंडिगो की सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें महंगी हो जाएंगी। कंपनी ने घरेलू उड़ानों में 13 सौ रुपए तक और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 10 हजार रुपए तक एक्स्ट्रा फ्यूल चार्ज लगाने का ऐलान किया है।

नई कीमतें छह अक्टूबर रात 12 बजे से लागू हो जाएंगी। इंडिगो ने छह महीने में तीसरी बार फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है। इससे पहले कंपनी ने इस साल 14 मार्च और फिर एक अप्रैल को किराया बढ़ाया था। विमानन कंपनी के मुताबिक, यह फैसला एविएशन टर्बाइन फ्यूल, एटीएफ यानी जेट फ्यूल महंगा होने से किया गया है। गौरतलब है कि एक अक्टूबर से घरेलू विमानन कंपनियों के लिए जेट फ्यूल की कीमत 121 से बढ़ कर अब 137 रुपए हो गई है। यानी एक लीटर जेट फ्यूल की कीमत 16 रुपए बढ़ी है। इंडिगो के मुताबिक, पिछले एक ही महीने में जेट फ्यूल के दाम 14 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुके हैं। इसके चलते प्लेन में इस्तेमाल होने वाला ईंधन अब पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा महंगा हो गया है।

नाइजीरिया में 32 लोगों को ले जा रहा मिलिट्री-प्लेन क्रैश:25 यात्री और 7 क्रू सवार थे; नदी के पास गिरा, सर्च ऑपरेशन जारी

नाइजीरिया के दक्षिणी हिस्से में सोमवार को 32 लोगों को लेकर जा रहा सैन्य प्लेन क्रैश हो गया। प्लेन में 25 यात्री और 7 क्रू मेंबर सवार थे। हादसा ओंडो राज्य के नदी किनारे बसे इग्बोकोंडा शहर में हुआ। हादसे में कितने लोग हताहत हुए, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिली है। नाइजीरिया के एविएशन मिनिस्टर फेस्टस कीयामो ने बताया कि प्लेन एक नियमित मिशन पर देश के आर्थिक केंद्र लागोस जा रहा था। स्थानीय समय के मुताबिक सुबह करीब 9 बजे प्लेन रडार से गायब हो गया। बाद में पता चला कि यह नौसैनिक बेस के पास क्रैश हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्लेन नदी के पास गिरा और उसका कुछ हिस्सा पानी में डूब रहा था। प्रत्यक्षदर्शी अकिनबुलेजो पियस ने कहा कि उन्हें तेज आवाज सुनाई दी, जो उन्हें बिजली गिरने जैसी लगी। इसके बाद उन्होंने प्लेन को पेड़ों के ऊपर से गुजरते और नीचे गिरते देखा। मौके पर शरीर के कुछ हिस्से, कपड़े और जूते भी मिले। प्लेन हादसे के बाद तस्वीर…. हादसे में ATR-42 मिलिट्री प्लेन क्रैश हुआ नाइजीरियाई एयरफोर्स ने बताया कि क्रैश हुआ प्लेन ATR-42 था। नाइजीरियाई सेना इस प्लेन का इस्तेमाल खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और सैनिकों व सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए करती रही है। पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना ज्यादा मुश्किल नदी या पानी में प्लेन गिरने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जमीन पर हादसे के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हो सकता है। गोताखोरों और रेस्क्यू टीम को तेज बहाव, कम विजिबिलिटी, प्लेन के पानी में डूबने और मलबे के फैलने जैसी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन की बड़ी चुनौतियां…. 1. पानी का तेज बहाव नदी का बहाव मलबे और लोगों को हादसे वाली जगह से दूर ले जा सकता है। इससे रेस्क्यू टीम के लिए सही जगह का पता लगाना मुश्किल होता है। 2. पानी के अंदर कुछ दिखाई नहीं देता नदी का पानी अक्सर गंदा होता है। गोताखोरों को कुछ मीटर दूर की चीज भी दिखाई नहीं दे सकती। ऐसे में उन्हें टॉर्च, सोनार और दूसरे उपकरणों की मदद लेनी पड़ती है। 3. प्लेन तेजी से डूब सकता है प्लेन का कोई हिस्सा पानी के अंदर जाने के बाद उसकी लोकेशन बदल सकती है। केबिन में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए गोताखोरों को पहले प्लेन की स्थिति और गहराई का पता लगाना पड़ता है। 4. मलबे से चोट का खतरा टूटा हुआ प्लेन, सीटें, धातु के हिस्से और दूसरे सामान पानी के अंदर खतरा पैदा कर सकते हैं। गोताखोरों के कपड़े या उपकरण इनमें फंस भी सकते हैं। 5. नदी की गहराई और तल की स्थिति नदी के नीचे कीचड़, रेत या पत्थर होने से गोताखोरों की आवाजाही मुश्किल हो सकती है। गहराई ज्यादा होने पर सामान्य गोताखोरी भी मुश्किल हो जाती है। 6. पानी में ईंधन के फैलने से खतरा क्रैश के बाद प्लेन से ईंधन या दूसरे पदार्थ पानी में फैल सकते हैं। इससे रेस्क्यू टीम के लिए अतिरिक्त सुरक्षा चुनौती पैदा हो सकती है। 7. सोनार और दूसरे उपकरणों की जरूरत जब पानी में कुछ दिखाई नहीं देता, तो रेस्क्यू टीम मलबे और प्लेन की स्थिति पता लगाने के लिए सोनार जैसे उपकरणों का इस्तेमाल कर सकती है। इसके बाद गोताखोरों को तय जगह पर भेजा जाता है। नाइजीरिया में पहले भी हुए बड़े प्लेन हादसे नाइजीरिया में पिछले 20 साल में कई बड़े प्लेन हादसे हुए हैं। इनमें यात्री और सैन्य प्लेन दोनों शामिल हैं। कुछ हादसों में 100 से ज्यादा लोगों की जान गई। 2005 में दो बड़े हादसे बेलव्यू एयरलाइंस हादसा: अक्टूबर 2005 में बेलव्यू एयरलाइंस का प्लेन लागोस से अबुजा जाते समय उड़ान भरने के कुछ देर बाद क्रैश हो गया। प्लेन में सवार 117 लोगों की मौत हुई। सोलिसो एयरलाइंस हादसा: दिसंबर 2005 में सोलिसो एयरलाइंस का प्लेन अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जाते समय गिर गया। इसमें 109 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में कई स्कूली बच्चे भी थे। 2006 में 114 लोगों की मौत अक्टूबर 2006 में एडीसी एयरलाइंस का प्लेन अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जाते समय क्रैश हुआ। प्लेन में 114 लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई। 2012 में रिहायशी इलाके में गिरा प्लेन जून 2012 में डाना एयर का प्लेन अबुजा से लागोस जाते समय क्रैश हो गया। प्लेन लागोस के एक रिहायशी इलाके में गिरा। इसमें सवार 153 लोगों की मौत हुई। जमीन पर मौजूद लोग भी हादसे की चपेट में आए। ———————————– ये खबर भी पढ़ें….. लंदन-शिकागो फ्लाइट 28 हजार फीट नीचे आई:पायलट ने इमरजेंसी अलर्ट भेजा; रास्ता बदलकर लंदन लौटी, वजह साफ नहीं ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA295 आयरलैंड के ऊपर उड़ान भरते समय कुछ ही मिनटों में करीब 28 हजार फीट नीचे आ गई। इस दौरान प्लेन ने 7700 इमरजेंसी कोड एक्टिव किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Flydubai attempted hijacking: फ्लाईदुबई के हमलावर पायलट की जांच करेंगे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, 2014 में स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था आतंकी

Flydubai attempted hijacking: दुबई से तेल अवीव जाने वाले फ्लाईदुबई की फ्लाइट को क्रैश कराने की कोशिश करने वाले पायलट हमाम अल हम्मामी के ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड प्रवास की जांच की जा रही है। ऑस्ट्रेलिया की संघीय पुलिस ने कहा कि ऑस्ट्रेलियन सुरक्षा एजेंसियां ओमानी पायलट के करीब दस साल पहले ऑस्ट्रेलिया में बिताए समय की जांच कर रही हैं। FlyDubai का पायलट यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में कस्टडी में है। उस पर इजराइल जाने वाले प्लेन को क्रैश करने की कोशिश करने का आरोप है।

सोमवार को पुलिस के एक बयान में कहा गया कि फेडरल और स्टेट पुलिस और ऑस्ट्रेलिया की डोमेस्टिक इंटेलिजेंस एजेंसी समेत एक जॉइंट काउंटरटेररिज्म टीम, “ओमानी हमलावर के ऑस्ट्रेलिया से लिंक की जांच कर रही है।” न्यूजीलैंड की पुलिस एजेंसी ने यह भी कहा कि को-पायलट ने न्यूजीलैंड में समय बिताया था और अधिकारी जांच करेंगे।

छात्र वीजा पर 2014 में ऑस्ट्रेलिया आया था हम्मामी

न्यूज मीडिया ने बताया कि आरोपी पायलट को 2014 में ऑस्ट्रेलियाई छात्र वीजा मिला था। उसने 2015 में ऑस्ट्रेलिया में यूनिवर्सिटी कोर्स शुरू किया था। मीडिया ने बताया कि उसने 2017 में ऑस्ट्रेलिया छोड़ दिया था, और 2019 में उसका वीजा रद्द कर दिया गया था। Flydubai के को-पायलट पर आरोप है कि उसने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट के दौरान कैप्टन पर क्रैश करने के इरादे से कुल्हाड़ी से हमला किया। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने को-पायलट की पहचान नहीं की है। लेकिन रॉयटर्स, CNN और द न्यूयॉर्क टाइम्स समेत कई मीडिया आउटलेट्स ने उसकी पहचान हमाम अल-हम्मामी बताया है। ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (ABC) ने बताया कि काउंटर-टेररिज्म अधिकारी यह देखेंगे कि क्या वह आदमी ऑस्ट्रेलिया में रेडिकलाइज हुआ था। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह ओमानी नागरिक था।

क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट में?

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में 170 से अधिक यात्री इजरायल जा रहे थे। यूनाइटेड अरब अमीरात के प्रॉसिक्यूटर जनरल ने कहा है कि अपनी यात्रा के ढाई घंटे बाद ओमानी को-पायलट द्वारा विमान के अन्य पायलट पर हमला करने के बाद विमान अचानक से 17,000ft (5,200m) नीचे गिर गया। प्लेन उड़ा रहे पायलट, कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि कैसे वह घायल होकर जमीन पर पड़े थे। दो रिजर्व पायलटों ने प्लेन को सऊदी अरब में सुरक्षित लैंड कराया। मूल रूप से भारतीय नागरिक मच्छार को पास के एक हॉस्पिटल ले जाया गया, फिर उन्हें अबू धाबी एयरलिफ्ट किया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

को-पायलट की नौकरी का इतिहास खंगाला जा रहा

हमले के बाद के दिनों में को-पायलट की नौकरी की हिस्ट्री के बारे में और जानकारी सामने आई है। एक दूसरी एयरलाइन, ओमान एयर में काम करते समय, US मीडिया ने बताया कि अल-हम्मामी को उनके कट्टर विचारों की वजह से फ्लाइट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था, और उन्हें ओमान की नेशनल एयरलाइन में दूसरी भूमिका दी गई थी। यह भी पता चला है कि, 2020 से, वह UK में बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी द्वारा चलाए जा रहे डिस्टेंस-लर्निंग कोर्स में पढ़ रहा था। यूनिवर्सिटी ने कहा कि उसने 2023 में एविएशन मैनेजमेंट में डिग्री के साथ ग्रेजुएशन किया। उसने यह भी बताया कि उसने स्कूल में कोई पायलट ट्रेनिंग नहीं ली थी।

Flydubai: ‘इजराइल में फ्लाइट क्रैश करना था सपना’ ओमानी को-पायलट ने पूछताछ में किए चौंकाने वाले खुलासे