Market Outlook: बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 19 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook: 16 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 23,100 के स्तर के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 413.66 अंक या 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,729.27 पर और निफ्टी 148.80 अंक या 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इस दौरान लगभग 2221 शेयरों में तेजी आई, 1791 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, टीसीएस, इंफोसिस, भारती एयरटेल और एमएंडएम (M&M) शामिल रहे, जबकि इंटरग्लोब एविएशन, बीएसई लिमिटेड, मैक्स हेल्थकेयर, टाटा कंज्यूमर और जियो फाइनेंशियल के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

FMCG, ऑयल एंड गैस और फार्मा को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। इनमें इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मेटल, PSU बैंक और इंफ्रा सेक्टर में 1-2 प्रतिशत की तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक बिना किसी बड़े बदलाव के (फ्लैट) बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय इक्विटी बाजार में रिकवरी का सिलसिला जारी रहा। इसमें IT शेयरों में लगातार हुई खरीदारी का अहम योगदान रहा। मजबूत तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की अच्छी टिप्पणियों ने इस सेक्टर की कमाई के आउटलुक को लेकर भरोसा बढ़ाया है।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती ने भी बाजार के सेंटीमेंट को सहारा दिया। हालांकि,इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण दूसरी तिमाही (Q2) में मार्जिन घटने की चिंताओं के चलते FMCG शेयरों पर दबाव बना रहा। अलग-अलग सेक्टरों में दिख रहा यह अंतर बताता है कि लगातार बने लागत के दबाव के बीच निवेशक ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके अर्निंग आउटलुक अच्छे नजर आ रहे हैं। रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भले ही नियर टर्म में कुछ सपोर्ट मिले,लेकिन ग्लोबल महंगाई बढ़ने और भू-राजनीतिक जोखिमों को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। इस रिकवरी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि IT के अलावा अन्य सेक्टरों में भी अर्निंग मजबूत हो। इसके लिए घरेलू मांग में सुधार और मार्जिन पर दबाव का कम होना जरूरी है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि शुक्रवार को बाजार में लगातार दूसरे दिन रिकवरी देखने को मिली। गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद,बेंचमार्क इंडेक्स ऊंचे स्तर पर कारोबार करते नजर आए। बाजार की शुरुआत सपाट रही,लेकिन बाद में कुछ खास शेयरों,खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को मजबूती मिली। इसके बाद बाजार एक रेंज में आ गया,लेकिन इसने अपनी अधिकांश बढ़त बनाए रखी। अंत में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही अपने दिन के उच्चतम स्तरों के करीब बंद हुए।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो,IT शेयरों ने लगातार चौथे सत्र में बढ़त को लीड किया। तिमाही नतीजों से मिले मोमेंटम के कारण इनमें करीब 4% की तेजी आई। मेटल और ऑटो शेयरों ने भी बाजार की तेजी में योगदान दिया। हालांकि, कुछ FMCG, रियल्टी और एनर्जी शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी सीमित रही। ब्रॉडर मार्केट के इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में सुस्त रहे और मिडकैप तथा स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए।

तिमाही नतीजों के बाद IT शेयरों में आई तेजी,बाजार की रिकवरी की मुख्य वजह रही है, जबकि दूसरे सेक्टरों ने भी इसमें सहायक भूमिका निभाई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ, जिससे घरेलू बाजार को कुछ राहत मिली। हालांकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रही। इसके अलावा, लगातार बनी हुई महंगाई और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंताएं अभी भी हैं,जिसके चलते सतर्क रहने की जरूरत है।

आगे की बात करें तो सोमवार को शुरुआती कारोबार में बाजार बड़े बैंकों जैसे HDFC बैंक, एक्सिस बैंक और ICICI बैंक के तिमाही नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा। इसके साथ ही वीकेंड के दौरान ग्लोबल स्तर पर होने वाली घटनाओं का भी बाजार पर असर पड़ सकता है। तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी 23,300 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। अगर यह मजबूती से इस स्तर के ऊपर निकलता है तो रिकवरी 23,500–23,700 के स्तर तक बढ़ सकती है। वहीं,गिरावट की स्थिति में 22,700–22,900 का दायरा सपोर्ट का काम कर सकता है। मिले-जुले संकेतों और तिमाही नतीजों के मौसम को देखते हुए, बाजार पर रुख पॉजिटिव लेकिन सतर्क है। हमें चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और अनुशासित तरीके से ट्रेड मैनेज करने पर जोर देना चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी ने लगातार दूसरे सत्र में अपनी तेजी जारी रखी और 0.65% की बढ़त के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक ऐसी कैंडल बनाई है जिसमें नीचे की तरफ एक ‘विक’ (wick) है। यह शुरुआती प्रॉफिट बुकिंग के बाद पूरे सत्र में लगातार बनी रही खरीदारी की दिलचस्पी को दिखाता है। लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद निफ्टी ने लगातार दूसरे हफ्ते भी बढ़त के साथ क्लोजिंग जो निचले स्तरों पर फिर से खरीदारी लौटने का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-डे EMA के ऊपर कारोबार करता रहा। RSI निचले स्तरों से ऊपर की ओर बढ़ता रहा, जबकि पॉजिटिव MACD क्रॉसओवर और बढ़ता हुआ हिस्टोग्राम बेहतर होते मोमेंटम और दिशा में धीरे-धीरे हो रहे बदलाव का संकेत देते हैं। हालांकि,चालू रिकवरी को मजबूत करने के लिए,तत्काल रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर लगातार खरीदारी होना जरूरी होगा।

आगे 25-डे EMA के पास मौजूद 22980–23000 का जोन, तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर निफ्टी इस रेंज के नीचे टूटता है तो 22850 के स्तर तक शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है। ऊपर की तरफ, 50-डे EMA के पास वाला 23300–23320 का जोन एक रुकावट का काम कर सकता है। अगर इस रेंज के ऊपर तेजी बनी रहती है तो मौजूदा रिकवरी और तेज हो सकती है और भाव और ऊंचे स्तरों तक जा सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी एक दायरे में बना रहा,हालांकि प्राइस एक्शन में धीरे-धीरे ऊपर की ओर झुकाव बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत देता है। इंडेक्स ने नीचे की तरफ एक विक (wick) के साथ छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई और लगभग फ्लैट बंद हुआ। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी तो है, लेकिन किसी स्पष्ट दिशा को लेकर अभी भी पक्का भरोसा नहीं है। पोजीशनल नजरिए से देखें तो कंसोलिडेशन जारी है। अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत होगी। RSI अभी भी न्यूट्रल दायरे में है, जबकि फ्लैट ADX यह बताता है कि किसी खास दिशा में कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है।

55200–55300 का जोन बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस रेंज के नीचे जाता है तो इसमें फिर से बिकवाली का दबाव आ सकता है और यह 54800 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 56300–56400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। अगर इंडेक्स मजबूती से इस रेंज के ऊपर निकलता है तो नई खरीदारी आ सकती है और बैंक निफ्टी 56900 के स्तर तक जा सकता है।

 

 

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Stock Market Trend : मार्केट ट्रेंड अभी भी निगेटिव, कमजोर बाजार में कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Stock Market Trend :आज के शुरुआती कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सपाट नजर आ रहे हैं। फिलहाल सेंसेक्स 172 अंक यानी 0.24 प्रतिशत बढ़कर 72,700 के आसपास और निफ्टी 7.70 अंक या 0.03 प्रतिशत बढ़कर 22,723 के आसपास कारोबार कर रहा है। निफ्टी पर TCS, इंटरग्लोब एविएशन, HCL टेक्नोलॉजीज, जियो फाइनेंशियल और HUL प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल हैं। जबकि डॉ. रेड्डीज लैब्स, HDFC बैंक, हिंडाल्को, JSW स्टील और SBI लाइफ इंश्योरेंस गिरावट वाले शेयरों में हैं। सेक्टरों की बात करें तो IT, मीडिया, ऑयल एंड गैस और PSU बैंक में प्रत्येक में 1% की बढ़त देखी गई है। जबकि रियल्टी इंडेक्स में 0.3% की गिरावट आई है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1-1% की बढ़त है।

आज के लिए रणनीति पर बात करते हुए manasjaiswal.com के मानस जायसवाल ने कहा कि मार्केट का ट्रेंड तो अभी भी नेगेटिव है कहीं पर भी कोई रिवर्सल के साइन नहीं है। ये जरूर है कि कल लोअर लेवल पर निफ्टी में एक छोटी सी रिकवरी देखने को मिली है जिसकी वजह से निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में एक हैमर पैटर्न जैसा बना है। लेकिन फिर भी अभी भी आपकी अप्रोच सतर्क रहने की होनी चाहिए।

निफ्टी पर रणनीति

मानस जायसवाल ने कहा कि केवल आज की बात करें तो अगर निफ्टी 22900 के ऊपर ट्रेड करना शुरू करेगा तभी खरीदारी करने की सलाह होगी। अगर निफ्टी ₹22,900 के ऊपर ट्रेड करना शुरू करेगा तो शायद ₹23,200 तक के रिकवरी के चांस हो सकते हैं। ऐसे में खरीदारी करें तो 22900 के ऊपर करें और 22750 के स्टॉप लॉस रखे। लेकिन अगर ऐसा होता नहीं है और वापस से निफ्टी 22,650 के नीचे ट्रेड करना शुरू करे तो फिर से एक शॉर्ट कॉल लेना है। जहां आपके स्टॉप लॉस 22,800 के ऊपर रहेंगे और टारगेट 22,350 के आसपास के रहेंगे। अभी तक का ट्रेंड नेगेटिव है। इसलिए आपकी अप्रोच सतर्क बने रहने की होनी चाहिए।

बैंक निफ्टी पर मानस जायसवाल की राय

बैंक निफ्टी में भी ध्यान रखिए। यहां पर भी आज खरीदारी तभी करें जब यह 55,000 के ऊपर सस्टेन करे। अगर उसके ऊपर सस्टेन नहीं करेगा तो शायद वापस बिकवाली देखने को मिल सकती है। अभी तक का ट्रेंड नेगेटिव है और अगर बैंक निफ्टी वापस 54,000 के नीचे फिसलेगा तो आप उम्मीद कर सकते हैं कि 53,250 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं।

मानस जायसवाल की स्टॉक रिकमेंडेशन

आज के लिए इनकी दो रिकमेंडेशन है। दोनों शॉर्ट साइड पे है। इनमें से पहला है हीरो मोटो (Hero Motocopp)। इस स्टॉक ने आखिरी के आधे 1 घंटे में अपने 200 डे मूविंग एवरेज को ब्रेक कर दिया। ऐसे में यहां पर एक सेल ट्रेड है। इसमें 5326 रुपए के स्टॉप लॉस से सेल ट्रेड लेंगे। इसमें 5100 रुपए तक के टारगेट्स पॉसिबल है।

दूसरा स्टॉक वोल्टॉस (VOLTAS) का है। यहां पर भी सेल रेमेंडेशन है। कल इसमें एक छोटा सा पुलबैक देखने को मिला। लेकिन यह स्टॉक 10 डे मूविंग एवरेज के ऊपर सस्टेन नहीं हो पाया। वापस वहां पर सेलिंग प्रेशर देखने को मिल रहा है। ऐसे में इसमें भी एक सेल रेमेंडेशन है। 116 के स्टॉप लॉस से बिकवाली करेंगे। 1070 तक के टारगेट्स पॉसिबल हैं।

 

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IndiGo Share Price: खास वजहों से इंडिगो पर गोल्डमैन बुलिश, इस भाव तक चढ़ेगा शेयर

IndiGo Share Price: इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों आज बिकवाली की आंधी में खुद को संभाल लिया और ग्रीन जोन में पहुंच गए। इसके शेयरों को गोल्डमैन सैक्स के रुझान से सपोर्ट मिला है, जिसके एनालिस्ट्स ने खरीदारी की रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹5900 फिक्स किया है। इसने इंडिगो के शेयरों में जोश भरा और यह ऊपर भागा। फिलहाल बीएसई पर यह 0.34% की बढ़त के साथ ₹4881.85 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.63% उछलकर ₹4,895.90 तक चढ़ गया था।

IndiGo पर Goldman ने क्यों लगाया दांव

इंडिगो के ग्रोथ की संभावनाओं को लेकर गोल्डमैन काफी पॉजिटिव है। इसकी वजह इंडिगो की मार्केट में लगातार बढ़ते दबदबे, इंडस्ट्री की कैपेसिटी से जुड़ी अच्छी स्थिति, कॉस्ट लीडरशिप और एयरलाइन कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इंडिगो का मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2020 में लगभग 50% से बढ़कर अगस्त 2026 में लगभग 65% हो गया है और उम्मीद जताई है कि यह बढ़त बनी रहेगी, क्योंकि दूसरे नंबर की एयरलाइन कंपनी को लिक्विडिटी की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गोल्डमैन सैक्स को यह भी उम्मीद है कि मीडियम टर्म में इंडस्ट्री के फ्लीट यानी जहाजों की संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी होगी, जिससे यील्ड यानी कमाई को सपोर्ट मिल सकता है। इसके अलावा इंडिगो की कॉस्ट लीडरशिप से मुनाफे में सुधार होने की उम्मीद है। गोल्डमैन को इंडिगो के इंटरनेशनल बिजनेस में भी ग्रोथ की काफी गुंजाइश दिख रही है, जिसमें विस्तार की काफी लंबी संभावनाएं हैं। गोल्डमैन के मुताबिक महंगा तेल नियर टर्म में चिंता का विषय बना हुआ है लेकिन वित्त वर्ष 2028 में मुनाफे में काफी सुधार की उम्मीद है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

इंडिगो के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 27 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹5,958.75 पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 4 महीने में यह 34.64% टूटकर 23 मार्च 2026 को ₹3,894.80 पर पहुंच गया था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। अब आगे की बात करें तो इसे कवर करने वाले 26 में 21 एनालिस्ट्स ने खरीदारी की रेटिंग दी है तो 3 ने होल्ड और 2 ने सेल रेटिंग।

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Trading Ideas : NSE IPO के पूरा होने के बाद सेंकेंडरी मार्केट पर फिर बढ़ेगा फोकस, आज इन दो शेयरों में बन सकता है अच्छा पैसा

Trading Ideas : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 23450 पर अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 09:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 90.69 अंक या 0.12 प्रतिशत बढ़कर 74,949.68 पर और निफ्टी 36.65 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 23,450.95 पर था। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में कोल इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, HCL टेक, सिप्ला, TCS और मैक्स हेल्थकेयर शामिल हैं। सेक्टरों की बात करें तो IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे है। रियल्टी इंडेक्स में 1% की बढ़त दिख रही है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमार का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी आने से यूएस इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑन सेंटीमेंट (जोखिम लेने का उत्साह) बढ़ा है। इस सकारात्मक बदलाव का असर दूसरे इक्विटी मार्केट पर भी दिखेगा। भारत में, NSE IPO के पूरा होने और रिफंड मिलने शुरू होने के साथ सेकेंडरी मार्केट पर फिर से फोकस होगा,जिससे मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी।

अब सही कीमत वाले लार्ज-कैप शेयरों की ओर फोकस बढ़ाने का समय आ गया है। HDFC बैंक के शेयर में मजबूती के साथ इसके शुरुआती संकेत भी मिल रहे हैं। लेकिन इसे एक ट्रेंड बनने में समय लगेगा। बेहतर ग्रोथ की संभावना और मोमेंटम SMID (स्मॉल और मिड-कैप) शेयरों के पक्ष में हैं।

कीमती धातुओं की कीमतें स्थिर होने और फिक्स्ड इनकम से मिलने वाला रिटर्न आकर्षक होने के कारण,निवेशक अब मल्टी-एसेट स्ट्रैटेजी चुन सकते हैं। यह अभी एक अच्छा विकल्प होगा क्योंकि इससे ग्रोथ की संभावनाओं और उतार-चढ़ाव से सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहेगा,जिससे ठीक-ठाक लेकिन स्थिर रिटर्न मिलेगा।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर की राय है कि ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार हुआ है। अमेरिकी शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई है और एशियाई बाजार भी ज़्यादातर पॉज़िटिव हैं। साथ ही,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं पर कुछ दबाव कम हुआ है। यह बाजार के लिए अच्छा संकेत है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 23478-23517 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23569-23607-23649 पर है। इसके लिए पहला बेस 23300-23361 पर और बड़ा बेस 23210-23256 पर है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 56621-56770 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56927-57044-57291 पर है। इसके लिए पहला बेस 56044-56209 पर और बड़ा बेस 55600-55810 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। इनकी आज LAURASLAB में 2013 रुपए के आसपास, 1992 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 2055 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। INDIGO में भी इनकी 4940 रुपए के आसपास, 4898 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 5021 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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IndiGo Share Price: एयरलाइन ने टिकट प्राइस के साथ इन सर्विसेज पर बढ़ाया चार्ज; शेयर 2% तक उछला

बजट एयरलाइन इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 18 सितंबर को दिन में पिछले बंद भाव से 2 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। BSE पर शेयर 4958.80 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.91 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इंडिगो ने एक्स्ट्रा सामान, छोटे बच्चों के टिकट, अकेले यात्रा करने वाले बच्चों के लिए यात्रा की व्यवस्था और एयरलाइन की ‘फास्ट फॉरवर्ड’ प्रायोरिटी सर्विस के लिए चार्जेस में बदलाव किया है।

अप्रूव्ड लिमिट से ज्यादा सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए नया रेट अब ₹800 प्रति अतिरिक्त किलोग्राम है, जबकि पहले यह चार्ज ₹700 प्रति किलोग्राम था। इंडिगो ने घरेलू उड़ानों (Domestic Flights) में शिशु यात्रा के मामले में चार्ज बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया है, जो पहले 2,200 रुपये था। इंटरनेशनल रूट्स पर चार्ज का अमाउंट अलग-अलग है। 3 दिन से अधिक और 2 साल से कम उम्र के बच्चों को शिशु (Infant) की श्रेणी में रखा जाता है।

इंडिगो की वेबसाइट के अनुसार, अकेले यात्रा करने वाले नाबालिगों के लिए घरेलू उड़ानों के मामले में चार्ज अब 5,999 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में 12,999 रुपये है। इसके अलावा फास्ट-फॉरवर्ड सर्विसेज चार्ज अब 500 रुपये की बजाय 650 रुपये और ट्रैवल सर्टिफिकेट रेट 300 रुपये है। फास्ट फॉरवर्ड सुविधा, प्रायोरिटी चेक-इन और बोर्डिंग उपलब्ध कराती है।

Indigo का शेयर 6 महीनों में 13 प्रतिशत मजबूत

शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 41.57 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 13 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में यह निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 5,958.75 रुपये और एडजस्टेड लो 3,894.80 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

इंटरग्लोब एविएशन को अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 238 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। एक साल पहले कंपनी 2,176.3 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। कुल इनकम बढ़कर 25,614.1 करोड़ रुपये रही, जो जून 2025 तिमाही में 21,542.6 करोड़ रुपये थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : 23150 के नीचे बंद हुआ निफ्टी, जानिए 16 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 15 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,150 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 777.94 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 74,003.82 पर और निफ्टी 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत गिरकर 23,118.60 पर बंद हुआ। लगभग 1132 शेयरों में बढ़त हुई, 3154 शेयरों में गिरावट आई और 163 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, श्रीराम फाइनेंस, अडानी एंटरप्राइजेज, इंटरग्लोब एविएशन और ग्रासिम इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, TCS, टेक महिंद्रा और विप्रो शामिल रहे।

IT को छोड़कर, बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। रियल्टी इंडेक्स में 4% की गिरावट आई,जबकि ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी, मेटल, मीडिया और PSU बैंक इंडेक्स में 2-2% की गिरावट दर्ज की गई।

ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमज़ोर रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई।

इक्विरस वेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर अंकुर पुंज का कहना है कि आज बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मज़बूत शुरुआत के बाद बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में तेजी ने आज ज़्यादातर समय बाज़ार का मूड कमजोर बनाए रखा।

बढ़ते इंपोर्ट बिल को लेकर बनी चिंताएं घरेलू करेंसी पर भारी पड़ रही हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 96 रुपए प्रति-डॉलर के स्तर को तोड़ने के करीब पहुंच गया। इससे इक्विटी बाजार पर और दबाव पड़ा। टेक्नोलॉजी शेयरों को छोड़कर,बैंकिंग,रियल्टी, टेलीकॉम और ऑटो शेयरों में बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट देखी गई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि आज घरेलू बाजार दबाव में रहे और उनमें गिरावट जारी रही। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट पर असर डाला। इस हफ़्ते होने वाली बड़े सेंट्रल बैंकों की बैठकों से पहले निवेशक सतर्क दिखे। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं द्वारा पॉलिसी को और सख्त करने की उम्मीदें बढ़ रही हैं। लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों के माहौल को लेकर बनी चिंताओं ने ट्रेजरी यील्ड को कई सालों के उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के चलते उभरते बाज़ारों के सेंटीमेंट कमजोर हुए

मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। ज़्यादातर सेक्टर में भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ। हालांकि,IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया क्योंकि AI के धीमे विकास के संकेतों ने पारंपरिक IT सेवाओं में तेजी से बदलाव की चिंताओं को कम किया।

निकट भविष्य में,तेल की ऊंची कीमतें और ऊंची बॉन्ड यील्ड जोखिम लेने की इच्छा पर दबाव डाल सकती हैं। हालांकि मज़बूत घरेलू फंडामेंटल और घरेलू निवेशकों द्वारा वैल्यू बाइंग से गिरावट के जोखिम को सीमित करने में मदद मिल सकती है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का बाजार के सेंटीमेंट पर बुरा असर पड़ा। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल से ऊपर बना रहा, जबकि US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5% के स्तर को पार कर गई, जिससे लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीदें और मजबूत हुईं हैं।

FII की लगातार बिकवाली ने दबाव और बढ़ा दिया,हालांकि IT शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया और HDFC बैंक के CEO पद के उत्तराधिकार से जुड़ी खबरों के बाद बैंक के शेयरों में बढ़त देखी गई। आगे बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल,ग्लोबल यील्ड,FII निवेश और US फेड के फैसले की अहम भूमिका होगी।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। निफ्टी 280 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 778 अंकों की गिरावट आई। टेक्निकल तौर पर गैप-अप ओपनिंग के बाद मार्केट को लगातार ऊपरी लेवल पर बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा। दिन के उच्चतम स्तर से निफ्टी 450 अंक से ज़्यादा नीचे आया। इसके अलावा,डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी है और इंट्राडे चार्ट पर अभी भी लोअर टॉप फॉर्मेशन बना हुआ है। यह मौजूदा लेवल से और कमज़ोरी आने का संकेत है।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि जब तक निफ्टी 23,250 के लेवल से नीचे ट्रेड कर रहा है,तब तक करेक्शन जारी रहने की संभावना है। नीचे की तरफ यह 23,000 तक गिर सकता है। गिरावट का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है,जिससे इंडेक्स 22,900-22,850 तक फिसल सकता है। दूसरी ओर 23,250 के ऊपर जाने पर, पुलबैक मूवमेंट 23,400-23,450 तक बढ़ सकता है। मौजूदा मार्केट का मिज़ाज उतार-चढ़ाव वाला है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट सुदीप शाह का कहना है कि मंगलवार को निफ्टी में गैपअप के साथ शुरुआत हुई,लेकिन यह ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया और दिन के हाई से लगभग 500 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इसने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो लगातार बने बिकवाली के दबाव का संकेत है।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी अभी अपने 200-डे EMA से लगभग 5% और 100-डे EMA से 4% नीचे ट्रेड कर रहा है जो कमज़ोर मार्केट स्ट्रक्चर को दिखाता है। डेली RSI 22.23 पर है और गिरावट के ट्रेंड में बना हुआ है,जो मज़बूत बेयरिश मोमेंटम को दर्शाता है। इसके अलावा,MACD हिस्टोग्राम नीचे की ओर मोमेंटम में तेज़ी का संकेत देता है। मार्केट में उतार-चढ़ाव भी बढ़ गया है। आज इंडिया VIX 9% से ज़्यादा उछल गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ते डर का संकेत है।

आगे 3250-23280 का ज़ोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। जब तक निफ्टी 23280 के स्तर से नीचे रहता है,तब तक निकट भविष्य में बाजार का रुख कमज़ोर रहने की संभावना है। आगे इंडेक्स पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है और यह 22950 की ओर खिसक सकता है। इसके बाद शॉर्ट टर्म में 22800 का स्तर भी देखने को मिल सकता है। मौजूदा मंदी के माहौल से निकलने और रिकवरी की संभावना को बेहतर बनाने के लिए निफ्टी के 23280 के ऊपर जा कर टिकने की जरूरत है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी भी ऊपर की ओर गैप के साथ खुला लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया,जिसके कारण सेशन के दौरान इसमें भारी प्रॉफिट बुकिंग हुई। इसके बाद इंडेक्स में इंट्राडे हाई से 1200 अंकों से ज़्यादा की गिराव देखी गई और अंततः यह 55800 पर बंद हुआ। आज इसमें 1.43% की गिरावट। डेली चार्ट पर, इसने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई, जो ऊपरी स्तरों पर लगातार बने बिकवाली के दबाव को दर्शाती है।

तकनीकी नज़रिए से बैंक निफ्टी अभी अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो निकट भविष्य में कमजोर ट्रेंड का संकेत है। डेली RSI 33.23 पर है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे पता चलता है कि मंदी का मोमेंटम हावी है।

आगे इसके लिए 55400-55300 का ज़ोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। 55300 के स्तर से नीचे जाने पर गिरावट का दबाव बढ़ सकता है,जिससे 54800 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 54300 की ओर गिरावट का रास्ता खुल सकता है। ऊपर की ओर 56300-56400 का ज़ोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। किसी भी अच्छी रिकवरी का संकेत देने के लिए इंडेक्स को इस बाधा से ऊपर जा कर टिके रहने की जरूरत है।

 

Market Trend : बाजार पर हावी हुआ क्रूड, बॉन्ड यील्ड और दरें बढ़ने का ट्रिपल टेंशन, इंट्राडे में शॉर्ट करें लेकिन मुनाफा समेट कर जाएं

 

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Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर के पार, इन कंपनियों के शेयर फिसले, ONGC और ऑयल इंडिया में उछाल

Crude Oil Price: क्रूट ऑयल की कीमतें फिर से चढ़ने लगी हैं। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। करीब एक महीने बाद अमेरिका के हमले और ईरान के जवाबी हमले की खबर है। ब्रिटिश मेरिटाइम एजेंसी यूनाइटेड किंग्डम मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक ट्रैंकर पर हमले की खबर दी है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जोरदार हमले की धमकी दी है। इससे ब्रेंट क्रूड का प्राइस 1 सितंबर को 92 डॉलर के पार चला गया।

शेयरों पर दिखा क्रूड में उछाल का असर 

क्रूड में उछाल का असर शेयर बाजारों पर दिखा। क्रूड ऑयल का इस्तेमाल करने वाली कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। इनमें पेंट बनाने वाली कंपनियां, एयरलाइंस कंपनियां और टायर कंपनियां शामिल थी। कच्चे तेल की कीमतों के लगातार ऊंचे लेवल पर बने रहने से इन कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ जाती है। इसका असर उनके मार्जिन पर पड़ता है।

एशियन पेंट्स का शेयर 3.42 फीसदी गिरा

Asian Paints के शेयरों में 1 सितंबर को बड़ी गिरावट दिखी। यह शेयर 3.42 फीसदी गिरकर 2,562 पर बंद हुआ। बर्जर पेंट्स का शेयर भी 1.28 फीसदी गिरकर 491.40 रुपये पर बंद हुआ। JSW Dulux का शेयर 0.46 फीसदी गिरा। Shalimar Paints का शेयर 1.05 फीसदी फिसला।

इंडिगो के शेयर में आई 3.77 फीसदी गिरावट 

इंटरग्लोब एविएशन का शेयर 3.77 फीसदी गिरकर 5,036 रुपये पर बंद हुआ। स्पाइसजेट का शेयर 3.20 फीसदी की कमजोरी के साथ 9.99 रुपये पर क्लोज हुआ। एयरलाइंस कंपनियों की कुल ऑपरेशन कॉस्ट में एटीएफ की बड़ी हिस्सेदारी होती है। क्रूड ऑयल महंगा होने पर एटीएफ की कीमतें भी बढ़ जाती है। इससे एयरलाइंस कंपनियों का कुल खर्च बढ़ता है।

टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव

टायर बनाने वाली कंपनियों में जेके टायर, गुडईयर इंडिया, सीएट के शेयरों में गिरावट आई। गुडईयर का शेयर 0.65 फीसदी गिरकर 738 रुपये पर बंद हुआ। Ceat का शेयर 0.058 फीसदी गिरकर 3,417 पर बंद हुआ। जेके टायर का शेयर 1.41 फीसदी गिरकर 373 रुपये पर बंद हुआ। टायर बनाने में क्रूड ऑयल का इस्तेमाल होता है।

IOCL, HPCL, BPCL के शेयर भी फिसले 

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में भी 1 सितंबर को बड़ी गिरावट आई। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) का शेयर 1.89 फीसदी गिरकर 136.50 रुपये पर बंद हुआ। बीपीसीएल का शेयर 2.38 फीसदी फिसला। HPCL का शेयर भी 0.93 फीसदी की गिरावट के साथ 362.35 रुपये पर क्लोज हुआ। कच्चा तेल महंगा होने से इन कंपनियों की कॉस्ट बढ़ जाती है।

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ONGC, Oil India के शेयरों में उछाल

तेल का उत्पादन करने वाली ओएनजीसी और ऑयल इंडिया जैसी अपस्ट्रीम कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। ONGC का शेयर 2.02 फीसदी चढ़कर 236.49 रुपये पर बंद हुआ। Oil India का शेयर 1.31 फीसदी चढ़कर 489.50 रुपये पर पहुंच गया। क्रूड महंगा होने से अपस्ट्रीम कंपनियों को फायदा होता है।

Stock Market Updates: सेंसेक्स और निफ्टी फ्लैट, फिर भी निवेशकों ने गंवाए ₹96547 करोड़

शेयर बाजार ने शुक्रवार, 21 अगस्त को फ्लैट कारोबार किया। सेंसेक्स 3.11 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 रुपये पर और निफ्टी 20.1 अंकों की बढ़त के साथ 24,252 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 96547 करोड़ रुपये घट गया। दिन में सेंसेक्स ने 77,725.67 का हाई और 77,445.86 का लो देखा। निफ्टी 50 दिन में 24,284.05 के हाई और 24,206.80 के लो तक गया। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

गुरुवार, 20 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,92,71,879.619 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,91,75,332.89 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 96,546.729 करोड़ रुपये की कमी।

निफ्टी पर पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड टॉप गेनर रहे। वहीं मारुति सुजुकी इंडिया, ट्रेंट, HCL टेक्नोलॉजीस, इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,537.72 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 7 दिन की गिरावट से उबरते हुए 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ था। BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.83 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.56 प्रतिशत चढ़ा।

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रुपये में तेजी

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 3 पैसे चढ़कर 95.71 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की चुनौती के चलते कमजोर डॉलर का असर कम रहा। रुपया गुरुवार को 1 पैसे की गिरावट के साथ 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में तेजी है। हेंग सेंग, कॉस्पी, ताइवान वेटेड अच्छी बढ़त में हैं। SET कंपोजिट, जकार्ता कंपोजिट और शंघाई कंपोजिट भी हरे निशान में हैं। वहीं निक्केई 225 में गिरावट है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को गिरावट में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में तेजी है।

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