Flydubai attempted hijacking: फ्लाईदुबई के हमलावर पायलट की जांच करेंगे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, 2014 में स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था आतंकी

Flydubai attempted hijacking: दुबई से तेल अवीव जाने वाले फ्लाईदुबई की फ्लाइट को क्रैश कराने की कोशिश करने वाले पायलट हमाम अल हम्मामी के ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड प्रवास की जांच की जा रही है। ऑस्ट्रेलिया की संघीय पुलिस ने कहा कि ऑस्ट्रेलियन सुरक्षा एजेंसियां ओमानी पायलट के करीब दस साल पहले ऑस्ट्रेलिया में बिताए समय की जांच कर रही हैं। FlyDubai का पायलट यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में कस्टडी में है। उस पर इजराइल जाने वाले प्लेन को क्रैश करने की कोशिश करने का आरोप है।

सोमवार को पुलिस के एक बयान में कहा गया कि फेडरल और स्टेट पुलिस और ऑस्ट्रेलिया की डोमेस्टिक इंटेलिजेंस एजेंसी समेत एक जॉइंट काउंटरटेररिज्म टीम, “ओमानी हमलावर के ऑस्ट्रेलिया से लिंक की जांच कर रही है।” न्यूजीलैंड की पुलिस एजेंसी ने यह भी कहा कि को-पायलट ने न्यूजीलैंड में समय बिताया था और अधिकारी जांच करेंगे।

छात्र वीजा पर 2014 में ऑस्ट्रेलिया आया था हम्मामी

न्यूज मीडिया ने बताया कि आरोपी पायलट को 2014 में ऑस्ट्रेलियाई छात्र वीजा मिला था। उसने 2015 में ऑस्ट्रेलिया में यूनिवर्सिटी कोर्स शुरू किया था। मीडिया ने बताया कि उसने 2017 में ऑस्ट्रेलिया छोड़ दिया था, और 2019 में उसका वीजा रद्द कर दिया गया था। Flydubai के को-पायलट पर आरोप है कि उसने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट के दौरान कैप्टन पर क्रैश करने के इरादे से कुल्हाड़ी से हमला किया। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने को-पायलट की पहचान नहीं की है। लेकिन रॉयटर्स, CNN और द न्यूयॉर्क टाइम्स समेत कई मीडिया आउटलेट्स ने उसकी पहचान हमाम अल-हम्मामी बताया है। ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (ABC) ने बताया कि काउंटर-टेररिज्म अधिकारी यह देखेंगे कि क्या वह आदमी ऑस्ट्रेलिया में रेडिकलाइज हुआ था। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह ओमानी नागरिक था।

क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट में?

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में 170 से अधिक यात्री इजरायल जा रहे थे। यूनाइटेड अरब अमीरात के प्रॉसिक्यूटर जनरल ने कहा है कि अपनी यात्रा के ढाई घंटे बाद ओमानी को-पायलट द्वारा विमान के अन्य पायलट पर हमला करने के बाद विमान अचानक से 17,000ft (5,200m) नीचे गिर गया। प्लेन उड़ा रहे पायलट, कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि कैसे वह घायल होकर जमीन पर पड़े थे। दो रिजर्व पायलटों ने प्लेन को सऊदी अरब में सुरक्षित लैंड कराया। मूल रूप से भारतीय नागरिक मच्छार को पास के एक हॉस्पिटल ले जाया गया, फिर उन्हें अबू धाबी एयरलिफ्ट किया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

को-पायलट की नौकरी का इतिहास खंगाला जा रहा

हमले के बाद के दिनों में को-पायलट की नौकरी की हिस्ट्री के बारे में और जानकारी सामने आई है। एक दूसरी एयरलाइन, ओमान एयर में काम करते समय, US मीडिया ने बताया कि अल-हम्मामी को उनके कट्टर विचारों की वजह से फ्लाइट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था, और उन्हें ओमान की नेशनल एयरलाइन में दूसरी भूमिका दी गई थी। यह भी पता चला है कि, 2020 से, वह UK में बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी द्वारा चलाए जा रहे डिस्टेंस-लर्निंग कोर्स में पढ़ रहा था। यूनिवर्सिटी ने कहा कि उसने 2023 में एविएशन मैनेजमेंट में डिग्री के साथ ग्रेजुएशन किया। उसने यह भी बताया कि उसने स्कूल में कोई पायलट ट्रेनिंग नहीं ली थी।

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IndiGo Share Price: एयरलाइन ने टिकट प्राइस के साथ इन सर्विसेज पर बढ़ाया चार्ज; शेयर 2% तक उछला

बजट एयरलाइन इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 18 सितंबर को दिन में पिछले बंद भाव से 2 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। BSE पर शेयर 4958.80 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.91 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इंडिगो ने एक्स्ट्रा सामान, छोटे बच्चों के टिकट, अकेले यात्रा करने वाले बच्चों के लिए यात्रा की व्यवस्था और एयरलाइन की ‘फास्ट फॉरवर्ड’ प्रायोरिटी सर्विस के लिए चार्जेस में बदलाव किया है।

अप्रूव्ड लिमिट से ज्यादा सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए नया रेट अब ₹800 प्रति अतिरिक्त किलोग्राम है, जबकि पहले यह चार्ज ₹700 प्रति किलोग्राम था। इंडिगो ने घरेलू उड़ानों (Domestic Flights) में शिशु यात्रा के मामले में चार्ज बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया है, जो पहले 2,200 रुपये था। इंटरनेशनल रूट्स पर चार्ज का अमाउंट अलग-अलग है। 3 दिन से अधिक और 2 साल से कम उम्र के बच्चों को शिशु (Infant) की श्रेणी में रखा जाता है।

इंडिगो की वेबसाइट के अनुसार, अकेले यात्रा करने वाले नाबालिगों के लिए घरेलू उड़ानों के मामले में चार्ज अब 5,999 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में 12,999 रुपये है। इसके अलावा फास्ट-फॉरवर्ड सर्विसेज चार्ज अब 500 रुपये की बजाय 650 रुपये और ट्रैवल सर्टिफिकेट रेट 300 रुपये है। फास्ट फॉरवर्ड सुविधा, प्रायोरिटी चेक-इन और बोर्डिंग उपलब्ध कराती है।

Indigo का शेयर 6 महीनों में 13 प्रतिशत मजबूत

शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 41.57 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 13 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में यह निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 5,958.75 रुपये और एडजस्टेड लो 3,894.80 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

इंटरग्लोब एविएशन को अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 238 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। एक साल पहले कंपनी 2,176.3 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। कुल इनकम बढ़कर 25,614.1 करोड़ रुपये रही, जो जून 2025 तिमाही में 21,542.6 करोड़ रुपये थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ईंधन की बढ़ती कीमतों की मार! हिंडन से उड़ानों पर IndiGo की कैंची, कोलकाता-नवी मुंबई और वाराणसी की फ्लाइटें घटीं

IndiGo cuts flights: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट से देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने तीन प्रमुख घरेलू रूट्स पर उड़ानों की संख्या कम कर दी है। विमान ईंधन यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5.5% बढ़ोतरी को इसके पीछे प्रमुख कारण बताया गया है। सितंबर में ATF की कीमत बढ़कर ₹121.3 प्रति लीटर हो गई है। इस वजह से इंडिगो अब हिंडन से सिर्फ 5 रूट्स वाराणसी, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और नवी मुंबई पर संचालन कर रही है। पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis) और ईंधन की कीमतों में उछाल के कारण एयरलाइंस अपनी कैपेसिटी घटाने पर मजबूर हैं।

एयरलाइन अधिकारियों के मुताबिक, ईंधन की बढ़ती कीमतों और परिचालन लागत के दबाव में क्षमता को कम किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि एयरलाइन की परिचालन लागत में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40-60% तक हो सकती है। हिंडन एयरपोर्ट पर कमर्शियल उड़ानों के संचालन की शुरुआत जून में हुई थी। जुलाई 2025 में इंडिगो ने यहां से नई उड़ानें शुरू की थीं। हालांकि, एयरपोर्ट पर सुबह से शाम तक संचालन की पाबंदियां और सीमित पार्किंग जैसी दिक्कतें भी एयरलाइनों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

इंडिगो फ्लाइट की संख्या में प्रमुख बदलाव

  • कोलकाता: रोजाना चलने वाली उड़ान अब सप्ताह में केवल 2 दिन (सोमवार और रविवार या बुधवार/रविवार) संचालित होगी।
  • नवी मुंबई: दैनिक (Daily) सेवाओं को घटाकर अब सप्ताह में 4 दिन कर दिया गया है।
  • वाराणसी: सप्ताह में 6 दिन चलने वाली सेवा को घटाकर अब 5 दिन (सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार) कर दिया गया है।

हिंडन से अब केवल 5 रूटों पर संचालन

इंडिगो वर्तमान में हिंडन से केवल 5 रूटों पर ही परिचालन कर रही है। इनमें वाराणसी, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और नवी मुंबई शामिल है। इसमें बेंगलुरु के लिए रोजाना उड़ानें जारी हैं। जबकि चेन्नई के लिए सप्ताह में 4 दिन (सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार) उड़ानें चल रही हैं।

ऑपरेशनल चुनौतियां और हिंडन की घटती कनेक्टिविटी

हिंडन टर्मिनल से संबंधित समस्याएं जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के जून में हुए कमर्शियल लॉन्च से भी पुरानी हैं। इंडिगो ने जुलाई 2025 में हिंडन से 8 नए रूट शुरू किए थे। लेकिन अहमदाबाद, इंदौर और पटना जैसे रूट कुछ ही महीनों में बंद कर दिए गए। एयर इंडिया एक्सप्रेस भी इस टर्मिनल से पूरी तरह हट चुकी है।

हिंडन मूल रूप से भारतीय वायु सेना (IAF) का केंद्र है, जहां सुबह से शाम (dawn-to-dusk) तक ही उड़ान संचालन की अनुमति है। साथ ही यहां कमर्शियल विमानों के लिए सीमित पार्किंग जगह उपलब्ध है। वर्तमान में यहां केवल दो एयरलाइंस इंडिगो और स्टार एयर (नांदेड़ एवं आदमपुर के लिए) ऑपरेट कर रही हैं।

ईंधन की आसमान छूती कीमतें

  • सितंबर में 5.5% की बढ़ोतरी: सितंबर से ATF की कीमतें 5.5% बढ़कर ₹121.3 प्रति लीटर हो गई हैं।
  • पिछले महीनों का हाल: जुलाई में कीमतें ₹110 प्रति लीटर और अगस्त में ₹115 प्रति लीटर थीं।
  • लागत पर असर: अधिकारियों के अनुसार, एयरलाइन की कुल परिचालन लागत (operating cost) में ईंधन का हिस्सा 40% से 60% तक होता है। घाटे से निपटने के लिए इंडिगो ने अपनी घरेलू क्षमता में 5% से 7% तक की कटौती की है। जबकि एयर इंडिया ने अपनी उड़ानों में 22% तक की कमी की है।

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कम किराए के चक्कर में न बढ़ा लें ट्रैवल का खर्च, फ्लाइट बुकिंग में इन गलतियों से बचें!

फ्लाइट से घूमने का प्लान बनाते समय अक्सर लोग सिर्फ एक ही वेबसाइट पर किराया देखकर या जल्दबाजी में टिकट बुक करने की गलती कर बैठते हैं, जिससे ज्यादा खर्चा हो जाता है। केवल टिकट की शुरुआती कम कीमत देखकर तुरंत बुकिंग करना सही फैसला नहीं है, क्योंकि बाद में बैगेज, सीट सिलेक्शन और अन्य छिपे हुए चार्ज (Hidden Charges) जुड़ने से कुल किराया काफी बढ़ जाता है। इसलिए, एक स्मार्ट ट्रैवलर की तरह टिकट बुक करने से पहले हमेशा अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना करें और सभी रूल को ध्यान से पढ़ें, ताकि आपका सफर पूरी तरह से आपके बजट में रहे।

1. नजदीकी एयरपोर्ट का भी लें फायदा

टिकट बुक करते समय सिर्फ अपने सबसे पास या बड़े एयरपोर्ट से ही फ्लाइट ढूंढना जरूरी नहीं है। यदि आपके आसपास कोई दूसरा एयरपोर्ट है, तो वहां से मिलने वाली फ्लाइट की कीमत भी देखें। कई बार दूसरे एयरपोर्ट से उड़ान काफी सस्ती मिल जाती है। लेकिन वहां तक पहुंचने का खर्च भी टिकट की कीमत में जोड़कर ही फैसला करें।

2. टिकट की पूरी कीमत जानें

कई बार टिकट की शुरुआती कीमत बहुत कम दिखाई देती है, लेकिन बुकिंग के लास्ट में बैगेज, सीट चुनने, खाने या दूसरे चार्ज जुड़ जाते हैं। इसलिए सिर्फ शुरुआती किराया देखकर फैसला न करें। पेमेंट करने से पहले देखें कि टिकट की कुल कीमत कितनी है और उसमें क्या-क्या शामिल है।

3. कई जगह देखें टिकट के दाम

कई लोग पहली वेबसाइट पर मिली कीमत देखकर टिकट बुक कर देते हैं। ऐसा करने से पहले अलग-अलग एयरलाइन और फ्लाइट बुकिंग वेबसाइट पर किराया जरूर चेक करें। Google Flights जैसे प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग ऑप्शन की तुलना करने से आपको बेहतर डील मिल सकती है।

4. राउंड ट्रिप से पहले वन-वे भी चेक

हम अक्सर आने-जाने की जर्नी के लिए एक ही राउंड ट्रिप टिकट खोजते हैं। लेकिन हर बार यही सबसे सस्ता ऑप्शन हो, जरूरी नहीं है। अलग-अलग एयरलाइन की दो वन-वे टिकटों की कीमत भी चेक करें। कई बार इससे टोटल एक्सपेंसेस कम हो सकता है। साथ ही फ्लाइट का समय और सामान से जुड़े पॉलिसी भी जरूर देखें।

5. सही समय पर करें बुकिंग

फ्लाइट टिकट बुक करने का सही समय काफी मायने रखता है। कई महीने पहले टिकट लेने पर कभी-कभी किराया ज्यादा होता है। ट्रिप की तारीख बिल्कुल पास आने तक इंतजार करने पर भी टिकट महंगा हो सकता है। इसलिए ट्रैवल का प्लान बनते ही अलग-अलग तारीखों में किराया चेक करते रहें और सही कीमत मिलने पर बुकिंग करें।

6. डेट बदलकर देखें किराया

आपकी ट्रैवल की तारीख फिक्स नहीं है, तो एक-दो दिन आगे-पीछे की तारीख भी जरूर देखें। शुक्रवार, रविवार या छुट्टियों के आसपास फ्लाइट का किराया ज्यादा हो सकता है। ऐसे में मंगलवार या बुधवार जैसे दिनों की उड़ान चेक करने पर कम कीमत का टिकट मिल सकता है।

7. बुकिंग से पहले पढ़ें ये रूल

टिकट बुक करने से पहले यह जरूर देख लें कि डेट बदलने या टिकट कैंसिल करने पर कितना चार्ज लगेगा। बहुत सस्ता टिकट कई बार नॉन-रिफंडेबल होता है या उसमें बदलाव करना महंगा पड़ सकता है। आपके पास एयरलाइन के रिवॉर्ड पॉइंट्स या माइल्स हैं, तो बुकिंग से पहले उन्हें इस्तेमाल करने का ऑप्शन भी जरूर चेक करें।

इस तरह थोड़ी समझदारी और पहले से तैयारी करके आप अपने सफर का बजट बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। क्योंकि फ्लाइट टिकट बुक करना सिर्फ कम किराया देखना नहीं, बल्कि सही ऑप्शन चुनना भी जरूरी है। इसलिए टिकट लेते समय जल्दबाजी करने के बजाय सभी ऑप्शन को देखकर फैसला करें, ताकि जर्नी कम्फर्टेबल भी रहे और ज्यादा खर्च भी न हो।

कम किराए के चक्कर में न बढ़ा लें ट्रैवल का खर्च, फ्लाइट बुकिंग में इन गलतियों से बचें!

फ्लाइट से घूमने का प्लान बनाते समय अक्सर लोग सिर्फ एक ही वेबसाइट पर किराया देखकर या जल्दबाजी में टिकट बुक करने की गलती कर बैठते हैं, जिससे ज्यादा खर्चा हो जाता है। केवल टिकट की शुरुआती कम कीमत देखकर तुरंत बुकिंग करना सही फैसला नहीं है, क्योंकि बाद में बैगेज, सीट सिलेक्शन और अन्य छिपे हुए चार्ज (Hidden Charges) जुड़ने से कुल किराया काफी बढ़ जाता है। इसलिए, एक स्मार्ट ट्रैवलर की तरह टिकट बुक करने से पहले हमेशा अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना करें और सभी रूल को ध्यान से पढ़ें, ताकि आपका सफर पूरी तरह से आपके बजट में रहे।

flight book

1. नजदीकी एयरपोर्ट का भी लें फायदा

टिकट बुक करते समय सिर्फ अपने सबसे पास या बड़े एयरपोर्ट से ही फ्लाइट ढूंढना जरूरी नहीं है। यदि आपके आसपास कोई दूसरा एयरपोर्ट है, तो वहां से मिलने वाली फ्लाइट की कीमत भी देखें। कई बार दूसरे एयरपोर्ट से उड़ान काफी सस्ती मिल जाती है। लेकिन वहां तक पहुंचने का खर्च भी टिकट की कीमत में जोड़कर ही फैसला करें।

2. टिकट की पूरी कीमत जानें

कई बार टिकट की शुरुआती कीमत बहुत कम दिखाई देती है, लेकिन बुकिंग के लास्ट में बैगेज, सीट चुनने, खाने या दूसरे चार्ज जुड़ जाते हैं। इसलिए सिर्फ शुरुआती किराया देखकर फैसला न करें। पेमेंट करने से पहले देखें कि टिकट की कुल कीमत कितनी है और उसमें क्या-क्या शामिल है।

3. कई जगह देखें टिकट के दाम

कई लोग पहली वेबसाइट पर मिली कीमत देखकर टिकट बुक कर देते हैं। ऐसा करने से पहले अलग-अलग एयरलाइन और फ्लाइट बुकिंग वेबसाइट पर किराया जरूर चेक करें। Google Flights जैसे प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग ऑप्शन की तुलना करने से आपको बेहतर डील मिल सकती है।

4. राउंड ट्रिप से पहले वन-वे भी चेक

हम अक्सर आने-जाने की जर्नी के लिए एक ही राउंड ट्रिप टिकट खोजते हैं। लेकिन हर बार यही सबसे सस्ता ऑप्शन हो, जरूरी नहीं है। अलग-अलग एयरलाइन की दो वन-वे टिकटों की कीमत भी चेक करें। कई बार इससे टोटल एक्सपेंसेस कम हो सकता है। साथ ही फ्लाइट का समय और सामान से जुड़े पॉलिसी भी जरूर देखें।

5. सही समय पर करें बुकिंग

फ्लाइट टिकट बुक करने का सही समय काफी मायने रखता है। कई महीने पहले टिकट लेने पर कभी-कभी किराया ज्यादा होता है। ट्रिप की तारीख बिल्कुल पास आने तक इंतजार करने पर भी टिकट महंगा हो सकता है। इसलिए ट्रैवल का प्लान बनते ही अलग-अलग तारीखों में किराया चेक करते रहें और सही कीमत मिलने पर बुकिंग करें।

6. डेट बदलकर देखें किराया

अगर आपकी ट्रैवल की तारीख फिक्स नहीं है, तो एक-दो दिन आगे-पीछे की तारीख भी जरूर देखें। शुक्रवार, रविवार या छुट्टियों के आसपास फ्लाइट का किराया ज्यादा हो सकता है। ऐसे में मंगलवार या बुधवार जैसे दिनों की उड़ान चेक करने पर कम कीमत का टिकट मिल सकता है।

7. बुकिंग से पहले पढ़ें ये रूल

टिकट बुक करने से पहले यह जरूर देख लें कि डेट बदलने या टिकट कैंसिल करने पर कितना चार्ज लगेगा। बहुत सस्ता टिकट कई बार नॉन-रिफंडेबल होता है या उसमें बदलाव करना महंगा पड़ सकता है। आपके पास एयरलाइन के रिवॉर्ड पॉइंट्स या माइल्स हैं, तो बुकिंग से पहले उन्हें इस्तेमाल करने का ऑप्शन भी जरूर चेक करें।

इस तरह थोड़ी समझदारी और पहले से तैयारी करके आप अपने सफर का बजट बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। क्योंकि फ्लाइट टिकट बुक करना सिर्फ कम किराया देखना नहीं, बल्कि सही ऑप्शन चुनना भी जरूरी है। इसलिए टिकट लेते समय जल्दबाजी करने के बजाय सभी ऑप्शन को देखकर फैसला करें, ताकि जर्नी कम्फर्टेबल भी रहे और ज्यादा खर्च भी न हो।

फ्लाइट अटेंडेंट बोतल के रैपर में क्यों लगाते हैं गांठ? वजह जानकर हैरान रह जाएंगे

जब भी आप हवाई सफर करते हैं, तो आपने कभी न कभी एक छोटी-सी लेकिन दिलचस्प बात जरूर देखी होगी। फ्लाइट अटेंडेंट पानी या जूस की बोतल देने से पहले उसका प्लास्टिक रैपर हटा देते हैं, ढक्कन थोड़ा खोलते हैं और फिर उसी रैपर को बोतल के गले में गांठ लगाकर बांध देते हैं।

कई यात्रियों को लगता है कि यह कोई सुरक्षा नियम या एयरलाइन की अनिवार्य प्रक्रिया होगी, लेकिन असल वजह कुछ और ही है। यह दरअसल केबिन क्रू का एक आसान और काम को तेज बनाने वाला तरीका है।

बोतल तैयार है या नहीं, तुरंत हो जाता है पता

फ्लाइट में कम समय के अंदर बड़ी संख्या में यात्रियों को सर्विस देनी होती है। ऐसे में हर बोतल को बार-बार जांचना मुश्किल हो सकता है। रैपर में लगी छोटी-सी गांठ क्रू के लिए एक संकेत की तरह काम करती है। इससे उन्हें तुरंत पता चल जाता है कि कौन-सी बोतल पहले से तैयार है और कौन-सी नहीं। इससे सर्विस के दौरान गलती की संभावना कम हो जाती है और काम तेजी से पूरा होता है।

बोतल पकड़ना हो जाता है आसान

हवाई जहाज की संकरी गलियों में चलते हुए यात्रियों को सामान और ड्रिंक्स सर्व करना आसान काम नहीं होता। रैपर को गांठ लगाकर बांधने से बोतल पकड़ने के लिए एक अतिरिक्त ग्रिप मिल जाती है। इससे बोतल हाथ से फिसलने का खतरा कम होता है और व्यस्त समय में फ्लाइट अटेंडेंट्स को काम करने में सुविधा मिलती है।

प्लास्टिक फैलने से रोकने का आसान तरीका

विमान के अंदर एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगातार चलता रहता है, जिससे हल्के प्लास्टिक रैपर हवा में उड़ सकते हैं। इससे केबिन में गंदगी फैल सकती है। रैपर को बोतल से बांध देने पर वह इधर-उधर नहीं उड़ता और बाद में उसे आसानी से कचरे के रूप में इकट्ठा किया जा सकता है।

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कम समय में ज्यादा काम करने की तरकीब

खासकर छोटी दूरी की उड़ानों में क्रू के पास यात्रियों की सेवा पूरी करने के लिए सीमित समय होता है। ऐसे में छोटी-छोटी तकनीकें काम को काफी आसान बना देती हैं।

बोतल पर लगी गांठ एक तरह के “रेडी टू सर्व” संकेत की तरह काम करती है, जिससे क्रू बिना समय गंवाए तेजी से सर्विस पूरी कर पाता है।

क्या यह कोई एयरलाइन नियम है?

कई लोगों को लगता है कि बोतल के रैपर में गांठ लगाना विमानन नियम का हिस्सा है, लेकिन ऐसा नहीं है। दुनिया भर में ऐसा कोई आधिकारिक नियम नहीं है जो फ्लाइट अटेंडेंट्स को ऐसा करने के लिए मजबूर करता हो।

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