IndiGo Share Price: खास वजहों से इंडिगो पर गोल्डमैन बुलिश, इस भाव तक चढ़ेगा शेयर

IndiGo Share Price: इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों आज बिकवाली की आंधी में खुद को संभाल लिया और ग्रीन जोन में पहुंच गए। इसके शेयरों को गोल्डमैन सैक्स के रुझान से सपोर्ट मिला है, जिसके एनालिस्ट्स ने खरीदारी की रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹5900 फिक्स किया है। इसने इंडिगो के शेयरों में जोश भरा और यह ऊपर भागा। फिलहाल बीएसई पर यह 0.34% की बढ़त के साथ ₹4881.85 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.63% उछलकर ₹4,895.90 तक चढ़ गया था।

IndiGo पर Goldman ने क्यों लगाया दांव

इंडिगो के ग्रोथ की संभावनाओं को लेकर गोल्डमैन काफी पॉजिटिव है। इसकी वजह इंडिगो की मार्केट में लगातार बढ़ते दबदबे, इंडस्ट्री की कैपेसिटी से जुड़ी अच्छी स्थिति, कॉस्ट लीडरशिप और एयरलाइन कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इंडिगो का मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2020 में लगभग 50% से बढ़कर अगस्त 2026 में लगभग 65% हो गया है और उम्मीद जताई है कि यह बढ़त बनी रहेगी, क्योंकि दूसरे नंबर की एयरलाइन कंपनी को लिक्विडिटी की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गोल्डमैन सैक्स को यह भी उम्मीद है कि मीडियम टर्म में इंडस्ट्री के फ्लीट यानी जहाजों की संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी होगी, जिससे यील्ड यानी कमाई को सपोर्ट मिल सकता है। इसके अलावा इंडिगो की कॉस्ट लीडरशिप से मुनाफे में सुधार होने की उम्मीद है। गोल्डमैन को इंडिगो के इंटरनेशनल बिजनेस में भी ग्रोथ की काफी गुंजाइश दिख रही है, जिसमें विस्तार की काफी लंबी संभावनाएं हैं। गोल्डमैन के मुताबिक महंगा तेल नियर टर्म में चिंता का विषय बना हुआ है लेकिन वित्त वर्ष 2028 में मुनाफे में काफी सुधार की उम्मीद है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

इंडिगो के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 27 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹5,958.75 पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 4 महीने में यह 34.64% टूटकर 23 मार्च 2026 को ₹3,894.80 पर पहुंच गया था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। अब आगे की बात करें तो इसे कवर करने वाले 26 में 21 एनालिस्ट्स ने खरीदारी की रेटिंग दी है तो 3 ने होल्ड और 2 ने सेल रेटिंग।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Ideas : NSE IPO के पूरा होने के बाद सेंकेंडरी मार्केट पर फिर बढ़ेगा फोकस, आज इन दो शेयरों में बन सकता है अच्छा पैसा

Trading Ideas : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 23450 पर अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 09:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 90.69 अंक या 0.12 प्रतिशत बढ़कर 74,949.68 पर और निफ्टी 36.65 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 23,450.95 पर था। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में कोल इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, HCL टेक, सिप्ला, TCS और मैक्स हेल्थकेयर शामिल हैं। सेक्टरों की बात करें तो IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे है। रियल्टी इंडेक्स में 1% की बढ़त दिख रही है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमार का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी आने से यूएस इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑन सेंटीमेंट (जोखिम लेने का उत्साह) बढ़ा है। इस सकारात्मक बदलाव का असर दूसरे इक्विटी मार्केट पर भी दिखेगा। भारत में, NSE IPO के पूरा होने और रिफंड मिलने शुरू होने के साथ सेकेंडरी मार्केट पर फिर से फोकस होगा,जिससे मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी।

अब सही कीमत वाले लार्ज-कैप शेयरों की ओर फोकस बढ़ाने का समय आ गया है। HDFC बैंक के शेयर में मजबूती के साथ इसके शुरुआती संकेत भी मिल रहे हैं। लेकिन इसे एक ट्रेंड बनने में समय लगेगा। बेहतर ग्रोथ की संभावना और मोमेंटम SMID (स्मॉल और मिड-कैप) शेयरों के पक्ष में हैं।

कीमती धातुओं की कीमतें स्थिर होने और फिक्स्ड इनकम से मिलने वाला रिटर्न आकर्षक होने के कारण,निवेशक अब मल्टी-एसेट स्ट्रैटेजी चुन सकते हैं। यह अभी एक अच्छा विकल्प होगा क्योंकि इससे ग्रोथ की संभावनाओं और उतार-चढ़ाव से सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहेगा,जिससे ठीक-ठाक लेकिन स्थिर रिटर्न मिलेगा।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर की राय है कि ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार हुआ है। अमेरिकी शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई है और एशियाई बाजार भी ज़्यादातर पॉज़िटिव हैं। साथ ही,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं पर कुछ दबाव कम हुआ है। यह बाजार के लिए अच्छा संकेत है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 23478-23517 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23569-23607-23649 पर है। इसके लिए पहला बेस 23300-23361 पर और बड़ा बेस 23210-23256 पर है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 56621-56770 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56927-57044-57291 पर है। इसके लिए पहला बेस 56044-56209 पर और बड़ा बेस 55600-55810 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। इनकी आज LAURASLAB में 2013 रुपए के आसपास, 1992 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 2055 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। INDIGO में भी इनकी 4940 रुपए के आसपास, 4898 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 5021 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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Skyways Air Services Share Price: Q1 में मुनाफा 190% बढ़ा, शेयर में दिखी 14% की तूफानी तेजी

लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन प्रोवाइडर स्काईवेज एयर सर्विसेज के शेयरहोल्डर्स के लिए 18 सितंबर का दिन बेहद शानदार रहा। दिन में शेयर की कीमत पिछले बंद भाव से लगभग 14.6 प्रतिशत तक उछलकर 135.20 के हाई तक गई। कंपनी ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे जारी किए थे। साथ ही डिविडेंड की घोषणा की थी। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर लगभग 190 प्रतिशत बढ़कर 19.7 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 6.78 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 93 प्रतिशत बढ़कर 1,216.6 करोड़ रुपये रहा। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 630 करोड़ रुपये था।

स्काईवेज एयर सर्विसेज 1 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 582.80 करोड़ रुपये का था। कंपनी एक जानी-मानी लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग कंपनी है। एक फ्रेट फॉरवर्डिंग कंपनी लॉजिस्टिक्स मैनेजर की तरह काम करती है। ऐसी कंपनी आमतौर पर खुद माल को एक जगह से दूसरी जगह नहीं ले जाती, बल्कि ग्राहक की ओर से माल ढोने की जगह (शिपमेंट स्पेस) बुक करती है, सीमा शुल्क की प्रक्रिया संभालती है और अलग-अलग परिवहन कंपनियों के जरिए माल को हवाई, समुद्री, सड़क या रेल मार्ग से पहुंचाने की व्यवस्था करती है।

SASL लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई तरह की सेवाएं देती है, जैसे कि एयर और ओशन फ्रेट फॉरवर्डिंग, ट्रकिंग, कस्टम्स ब्रोकिंग, वेयरहाउसिंग, टेक्नोलॉजी पर बेस्ड एक्सप्रेस कार्गो और पार्सल डिलीवरी, और अन्य वैल्यू-एडेड सेवाएं। कंपनी की बाजार में मजबूत स्थिति और ग्लोबल कनेक्टिविटी है।

कितने डिविडेंड का ऐलान

स्काईवेज एयर सर्विसेज वित्त वर्ष 2026-27 के​ लिए 25 पैसे प्रति शेयर का पहला अंतरिम डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 9 अक्टूबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। डिविडेंड का पेमेंट पात्र शेयरहोल्डर्स को 30 दिनों के अंदर कर दिया जाएगा।

IndiGo Share Price: एयरलाइन ने टिकट प्राइस के साथ इन सर्विसेज पर बढ़ाया चार्ज; शेयर 2% तक उछला

कंपनी की वित्तीय सेहत

SASL का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 25 प्रतिशत बढ़कर ₹2,839.67 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹63.52 करोड़ रहा। एक साल पहले रेवेन्यू ₹2,270.99 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹48.14 करोड़ रहा था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹624 करोड़ की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IndiGo Share Price: एयरलाइन ने टिकट प्राइस के साथ इन सर्विसेज पर बढ़ाया चार्ज; शेयर 2% तक उछला

बजट एयरलाइन इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 18 सितंबर को दिन में पिछले बंद भाव से 2 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। BSE पर शेयर 4958.80 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.91 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इंडिगो ने एक्स्ट्रा सामान, छोटे बच्चों के टिकट, अकेले यात्रा करने वाले बच्चों के लिए यात्रा की व्यवस्था और एयरलाइन की ‘फास्ट फॉरवर्ड’ प्रायोरिटी सर्विस के लिए चार्जेस में बदलाव किया है।

अप्रूव्ड लिमिट से ज्यादा सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए नया रेट अब ₹800 प्रति अतिरिक्त किलोग्राम है, जबकि पहले यह चार्ज ₹700 प्रति किलोग्राम था। इंडिगो ने घरेलू उड़ानों (Domestic Flights) में शिशु यात्रा के मामले में चार्ज बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया है, जो पहले 2,200 रुपये था। इंटरनेशनल रूट्स पर चार्ज का अमाउंट अलग-अलग है। 3 दिन से अधिक और 2 साल से कम उम्र के बच्चों को शिशु (Infant) की श्रेणी में रखा जाता है।

इंडिगो की वेबसाइट के अनुसार, अकेले यात्रा करने वाले नाबालिगों के लिए घरेलू उड़ानों के मामले में चार्ज अब 5,999 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में 12,999 रुपये है। इसके अलावा फास्ट-फॉरवर्ड सर्विसेज चार्ज अब 500 रुपये की बजाय 650 रुपये और ट्रैवल सर्टिफिकेट रेट 300 रुपये है। फास्ट फॉरवर्ड सुविधा, प्रायोरिटी चेक-इन और बोर्डिंग उपलब्ध कराती है।

Indigo का शेयर 6 महीनों में 13 प्रतिशत मजबूत

शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 41.57 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 13 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में यह निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 5,958.75 रुपये और एडजस्टेड लो 3,894.80 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

इंटरग्लोब एविएशन को अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 238 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। एक साल पहले कंपनी 2,176.3 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। कुल इनकम बढ़कर 25,614.1 करोड़ रुपये रही, जो जून 2025 तिमाही में 21,542.6 करोड़ रुपये थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

IndiGo Q1 Results: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation को जून 2026 तिमाही में 382 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 2,161 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। महंगा जेट फ्यूल, रुपये में कमजोरी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव इसका बड़ा कारण रहे।

रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन खर्च ज्यादा

जून तिमाही में इंडिगो का रेवेन्यू 20% बढ़कर 24,584 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 20,496 करोड़ रुपये था। लेकिन खर्च 35.1% बढ़ गया। सबसे ज्यादा असर जेट फ्यूल पर पड़ा। विमान ईंधन का खर्च 86% उछलकर 10,830 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी वजह से कंपनी मुनाफे से घाटे में चली गई।

ऑपरेशन में क्या रहा?

जून तिमाही में इंडिगो की क्षमता (ASK) 2.9% बढ़कर 43.5 अरब रही। यात्रियों की संख्या 0.7% बढ़कर 3.13 करोड़ हो गई। वहीं Yield 21.3% बढ़कर 6.04 रुपये रही। हालांकि Load Factor 1.3 प्रतिशत अंक घटकर 83.3% पर आ गया।

30 जून 2026 तक कंपनी के पास 52,885 करोड़ रुपये का कुल कैश था। इसमें 39,039 करोड़ रुपये फ्री कैश और 13,846 करोड़ रुपये प्रतिबंधित (Restricted) कैश शामिल था। यानी नकदी के मोर्चे पर कंपनी की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में IndiGo ने कहा कि महंगा ईंधन, रुपये की कमजोरी और पश्चिम एशिया का संघर्ष इस तिमाही में मुनाफे पर भारी पड़ा।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया ने कहा कि तिमाही चुनौतीपूर्ण रही। ईंधन की कीमतें ऊंची रहीं और मध्य-पूर्व में उड़ानों पर भी असर पड़ा। इसके बावजूद यात्रियों की मांग मजबूत बनी रही। बेहतर किरायों की वजह से रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी हुई। इस दौरान IndiGo ने 3.13 करोड़ यात्रियों को सफर कराया।

उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल लागत पर नियंत्रण और क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने पर फोकस कर रही है। हालांकि महंगे ईंधन और रुपये में कमजोरी की वजह से अकेले इस तिमाही में करीब 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ।

इंडिगो के लिए आगे क्या?

इंडिगो का कहना है कि भारत और पश्चिम एशिया के बीच यात्रा पर अभी भी असर बना हुआ है। दूसरी तिमाही में मांग भी सामान्य से कमजोर रहने की उम्मीद है। इसलिए Q2FY27 में कंपनी की क्षमता पिछले साल के मुकाबले लगभग बराबर रह सकती है।

हालांकि IndiGo को उम्मीद है कि इसके बाद हालात सुधरेंगे। जैसे-जैसे यात्रा की मांग बढ़ेगी, विमानों का इस्तेमाल भी धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा।

इंडिगो का शेयर गुरुवार को नतीजे आने से पहले 1.70% की गिरावट के साथ 5,030 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 14.70% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।