Salary vs EMI: सैलरी आते ही EMI से खाली हो जाता है अकाउंट? कर्ज के जाल से निकलने के लिए अपनाएं ये 3 आसान स्टेप्स

Debt Management Tips: महीने की पहली तारीख को सैलरी क्रेडिट होने का मैसेज आता है और कुछ ही घंटों में EMIs कटने के बाद अकाउंट खाली लगने लगता है। अगर आपकी सैलरी का भी एक बड़ा हिस्सा पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड बिल और होम लोन की किश्तों में जा रहा है, तो बचत करना तो दूर, रोजमर्रा के खर्चे संभालना भी चुनौती बन जाता है।

ऐसी स्थिति में अक्सर लोग किसी इमरजेंसी खर्च से निपटने के लिए एक और नया लोन या क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर लेते हैं, जो उन्हें एक गंभीर ‘डेट ट्रैप’ यानी कर्ज के जाल में फंसा देता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी अपने वित्तीय साक्षरता अभियानों में बार-बार आगाह करता है कि पुराना कर्ज चुकाने के लिए नया लोन लेना बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आप भी EMI के दबाव से परेशान हैं, तो इन 3 आसान स्टेप्स के जरिए अपनी वित्तीय स्थिति पर दोबारा नियंत्रण पा सकते हैं।

कर्ज के दबाव को कम करने का 3-स्टेप फॉर्मूला

स्टेप 1: जानिए पैसा कहां जा रहा है और महंगे कर्ज पहले खत्म कीजिए

कोई भी रणनीति बनाने से पहले आपको अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति की पूरी तस्वीर साफ देखनी होगी। अपनी हर EMI, क्रेडिट कार्ड का कुल बकाया, यूटिलिटी बिल्स और राशन/किराए जैसे फिक्स्ड खर्चों को एक कागज पर लिखें। क्रेडिट कार्ड बकाया और पर्सनल लोन पर ब्याज दरें बहुत ज्यादा होती हैं, जबकि होम लोन या कार लोन तुलनात्मक रूप से सस्ते होते हैं।

सभी कर्जों को एक साथ भरने के बजाय सबसे महंगे कर्ज (हाई-इंटरेस्ट लोन) को पहले चुकाने का लक्ष्य बनाएं। बाकी कर्जों की सिर्फ मिनिमम EMI देते रहें और जितनी भी एक्स्ट्रा बचत हो, उसे सबसे महंगे लोन को बंद करने में लगाएं।

स्टेप 2: एक छोटा कैश बफर जरूर तैयार करें

जब बजट पहले से टाइट हो, तो महीने के ₹1,000 या ₹2,000 बचाना भी मुश्किल लगता है। लेकिन यही छोटी बचत आपकी ढाल बनती है। अगर अचानक कोई मेडिकल इमरजेंसी या गाड़ी की खराबी आ जाए, तो इमरजेंसी फंड न होने पर आपको दोबारा क्रेडिट कार्ड का सहारा लेना पड़ता है।

रिजर्व बैंक का मानना है कि हर परिवार के पास एक छोटा कैश बफर होना चाहिए ताकि आपात स्थिति में नया कर्ज न लेना पड़े। शुरुआत में ₹5,000 से ₹10,000 का छोटा बफर बनाएं, फिर धीरे-धीरे इसे 3-6 महीने के आवश्यक खर्चों के बराबर ले जाएं।

स्टेप 3: सैलरी इंक्रीमेंट या बोनस का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करें

साल में जब भी सैलरी बढ़े, बोनस मिले या कोई टैक्स रिफंड आए, तो उस पूरे पैसे को नए शौक या लाइफस्टाइल पर खर्च करने की गलती न करें। मिली हुई एक्स्ट्रा राशि का कम से कम 50% से 70% हिस्सा अपने सबसे महंगे लोन के प्रिंसिपल को चुकाने में लगाएं। इससे आपका आने वाला ब्याज काफी घट जाता है।

लोन की प्री-पेमेंट करने से पहले अपने बैंक के नियमों और प्री-पेमेंट चार्जेस की जांच जरूर कर लें। RBI के नियमों के अनुसार बैंकों को लोन की शर्तों में प्री-पेमेंट चार्जेस का पारदर्शी खुलासा करना अनिवार्य है।

पुराने लोन को चुकाने के लिए कभी न लें नया लोन!

कई बार लोग EMI कम करने के लिए लोन कंसोलिडेशन या री-फाइनेंसिंग का सहारा लेते हैं। जब बैंक किसी नए लोन में कम EMI दिखाता है, तो लोग आकर्षित हो जाते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि EMI इसलिए कम दिखती है क्योंकि लोन की अवधि बढ़ा दी जाती है।

लोन की अवधि बढ़ाने से आपकी महीने की किस्त तो छोटी हो सकती है, लेकिन बैंक को जाने वाला कुल ब्याज बहुत बढ़ जाता है। इसके अलावा, देर से भुगतान करने पर आपको न केवल लेट फीस और अतिरिक्त ब्याज देना पड़ेगा, बल्कि आपका CIBIL स्कोर भी खराब होगा, जिससे भविष्य में इमरजेंसी लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा।

क्या हो लोन रीपेमेंट की बेस्ट स्ट्रेटजी

कर्ज के जाल से बाहर निकलने का रास्ता किसी जादुई फॉर्मले से नहीं, बल्कि सही वित्तीय अनुशासन से निकलता है। जब धीरे-धीरे आपकी एक-एक EMI खत्म होगी, तो उससे बचने वाला पैसा ही आपकी भविष्य की बचत और निवेश की नींव बनेगा। पहला लक्ष्य स्थिति को बिगड़ने से रोकना है, और दूसरा लक्ष्य हर एक्स्ट्रा रुपये को किसी नए कर्ज में फंसाने के बजाय उससे निकलने का जरिया बनाना है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ITR फाइल करने की डेडलाइन चूक गए? अब भी हैं ये विकल्प, जानिए क्या करना होगा

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फाइल करने की 31 अगस्त की डेडलाइन निकल चुकी है। लेकिन अगर आप समय पर ITR फाइल नहीं कर पाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपके पास अभी भी कुछ विकल्प हैं।

आप बिलेटेड ITR फाइल कर सकते हैं। अगर पहले से फाइल किए गए ITR में कोई गलती है, तो उसे रिवाइज्ड ITR के जरिए ठीक कर सकते हैं। वहीं, कुछ खास मामलों में देरी माफ कराने के लिए इनकम टैक्स विभाग के पास आवेदन भी किया जा सकता है।

31 दिसंबर तक Belated ITR

अगर आपने 31 अगस्त तक ITR फाइल नहीं किया है, तो आप बिलेटेड ITR फाइल कर सकते हैं। इसे 31 दिसंबर 2026 तक फाइल किया जा सकता है। हालांकि, अगर आपका असेसमेंट इससे पहले पूरा हो जाता है, तो उसके बाद रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे।

S.K. Patodia LLP के एसोसिएट डायरेक्टर मिहिर टन्ना के मुताबिक, बिलेटेड ITR फाइल करने पर ब्याज और लेट फीस लग सकती है।

कितनी लेट फीस लगेगी?

AY 2026-27 के लिए बिलेटेड ITR फाइल करने पर अधिकतम ₹5,000 की लेट फीस लग सकती है। अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख से कम है, तो अधिकतम ₹1,000 की फीस लगेगी।

अगर कोई टैक्स बाकी है, तो उस पर 1% प्रति महीने की दर से ब्याज भी लग सकता है। इसके अलावा बिजनेस लॉस और कैपिटल लॉस को अगले सालों में कैरी फॉरवर्ड करने का मौका भी छूट सकता है।

पुराने टैक्स रिजीम का विकल्प नहीं मिलेगा

बिलेटेड ITR फाइल करने पर एक और बात ध्यान रखना जरूरी है। आपको नए टैक्स रिजीम में रिटर्न फाइल करना पड़ सकता है। ऐसे में पुराने टैक्स रिजीम में मिलने वाली डिडक्शन का फायदा नहीं मिलेगा।

क्या बिलेटेड ITR में रिफंड मिलेगा?

हां, बिलेटेड ITR फाइल करके भी टैक्स रिफंड क्लेम किया जा सकता है। लेकिन रिफंड मिलने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है।

Revised ITR कब फाइल कर सकते हैं?

रिवाइज्ड ITR उन लोगों के लिए है, जिन्होंने पहले ही ITR फाइल कर दिया है। बाद में अगर कोई गलती या जानकारी छूट जाए, तो उसे रिवाइज्ड ITR के जरिए ठीक किया जा सकता है।

AY 2026-27 के लिए 31 मार्च 2027 तक रिवाइज्ड ITR फाइल किया जा सकता है। हालांकि, 31 दिसंबर 2026 के बाद रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने पर अतिरिक्त फीस लग सकती है।

अगर कुल आय ₹5 लाख तक है, तो ₹1,000 की फीस लग सकती है। वहीं, ₹5 लाख से ज्यादा आय होने पर ₹5,000 तक की फीस देनी पड़ सकती है।

31 दिसंबर के बाद क्या होगा?

अगर आप 31 दिसंबर 2026 तक भी ITR फाइल नहीं कर पाते, तो कुछ खास मामलों में एक और रास्ता बचता है। इसके लिए इनकम टैक्स विभाग से देरी माफ करने की मांग की जा सकती है।

यह सुविधा हर किसी को नहीं मिलती। आपको बताना होगा कि ITR समय पर फाइल क्यों नहीं कर पाए। साथ ही अपनी बात साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज भी देने होंगे।

यह विकल्प खासतौर पर वैध रिफंड क्लेम या लॉस को कैरी फॉरवर्ड करने जैसे मामलों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

सिर्फ आवेदन करने से नहीं होगा काम

देरी माफ कराने के लिए आवेदन करना ही काफी नहीं है। आपको इनकम टैक्स अधिकारियों को बताना होगा कि देरी जानबूझकर नहीं हुई थी।

अगर वजह सही नहीं पाई गई या पर्याप्त दस्तावेज नहीं दिए गए, तो आपका आवेदन खारिज हो सकता है।

ETF में निवेश की टाइमिंग वाकई मायने रखती है? जानें लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सही रणनीति

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

बंगाल सरकार लौटाएगी मेसी के कोलकाता इवेंट का पैसा, CM का बड़ा ऐलान, 33 हजार लोगों को मिलेगा रिफंड

नेशनल स्पोर्ट्स डे के मौके पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कार्यक्रम को लेकर बड़ा ऐलान किया। पिछले साल 13 दिसंबर को मेसी के युवा भारती स्टेडियम पहुंचने के दौरान कार्यक्रम में भारी भीड़ आने की वजह से हालात बिगड़ गए। अर्जेंटीना के मशहूर फुटबॉलर की एक झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने 4,000 और 6,000 रुपये तक के टिकट खरीदे थे। मैदान में पैदा हुई कुछ परेशानियों के कारण कई दर्शकों को उन्हें देखने का मौका नहीं मिल सका। इसे बाद से टिकट के पैसे वापस करने की बात कही गई है। अभी तक इस मामले में उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। वहीं सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि, टिकट खरीदने वाले करीब 33,000 दर्शकों को उनकी रकम वापस की जाएगी।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेसी के कार्यक्रम की टिकट खरीदने वाले करीब 33,000 दर्शकों को उनकी रकम वापस की जाएगी। अर्जेंटीना के मशहूर फुटबॉलर की एक झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने 4,000 और 6,000 रुपये तक के टिकट खरीदे थे। इसके लिए राज्य के खेल बजट से पैसे दिए जाएंगे।

रिफंड किया जाएगा

नेशनल स्पोर्ट्स डे पर बोलते हुए अधिकारी ने कहा, “मेसी के बहुत बड़े फैन हैं। उन्होंने Rs 4,000 और Rs 6,000 के टिकट खरीदे थे। मेरी इच्छा है कि इन 33,000 स्पोर्ट्स के शौकीनों का दिया हुआ पैसा वापस किया जाए। मैंने पहले ही अंदरूनी तौर पर प्रोसेस शुरू कर दिया है। मुझे उम्मीद है कि मैं इसे पूरा कर पाऊंगा।” उन्होंने आगे कहा,” 29 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व हॉकी खिलाड़ी गुरबक्स सिंह, खेल मंत्री इंद्रनील खान, AIFF अध्यक्ष कल्याण चौबे समेत कई मशहूर हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और उन्हें नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।

पश्चिम बंगाल की भागीदारी हुई कम

अधिकारी ने कहा कि, “ये हैरान करने वाली बात है कि जिन खिलाड़ियों को आज नियुक्ति पत्र मिले हैं, उनमें से कई के पेपर 11 साल से मुख्यमंत्री के ऑफ़िस में धूल फांक रहे थे।” उन्होंने आगे कहा कि, “पिछले कुछ वर्षों में ओलंपिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रीय टीमों में पश्चिम बंगाल के खिलाड़ियों की भागीदारी बेहद कम रही है, जबकि ओडिशा और झारखंड जैसे राज्य लगातार अपने खिलाड़ियों को बड़े मंच पर भेज रहे हैं।

मेसी के कार्यक्रम में हुई थी तोड़फोड़

13 दिसंबर, 2025 को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में मेसी के G.O.A.T. इंडिया टूर इवेंट में अफरा-तफरी और तोड़फोड़ हो गई। हजारों फैंस, जिन्होंने 10,000 रुपये या उससे ज्यादा दिए थे, गुस्सा हो गए जब अधिकारियों और सेलिब्रिटीज ने पिच के किनारे भीड़ लगा दी, जिससे फुटबॉल सुपरस्टार को देखने में रुकावट आई और लगभग 20 मिनट बाद उन्हें अचानक जाना पड़ा।

पंजाब के 3 लोग नेपाल की बाढ़ में लापता:इनमें जीजा-साले भी शामिल; परिवार से आखिरी बार वीडियो कॉल पर बात हुई थी

नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक आई बाढ़ में तरनतारन जिले के तीन लोग लापता हो गए हैं। इनमें गांव रत्तोके के रहने वाले शमशेर सिंह संधू और उनके दो रिश्तेदार शामिल हैं। शमशेर सिंह संधू नेपाल में एंड्रिट्ज कंपनी के त्रिशूल अपर पावर हाउस प्रोजेक्ट में क्रेन ऑपरेटर के तौर पर काम करते थे। उनके साथ ही उनका साला भुपिंदर सिंह और एक अन्य साले का बेटा रशपाल सिंह नेपाल में रह रहे थे। परिवार के अनुसार, नेपाल में आई बाढ़ के दौरान तीनों का संपर्क अचानक से टूट गया। परिवार के सदस्य गुरजंट सिंह के मुताबिक, शमशेर सिंह से 25 अगस्त को वॉट्सएप पर वीडियो कॉल के जरिए आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद उनसे किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पाया। लगातार फोन और संपर्क की कोशिश के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। पंचायत ने डीसी से लगाई मदद की गुहार मामले को लेकर गांव की पंचायत भी सक्रिय हो गई है। गांव की सरपंच शोभा कुमारी ने पंचायत की ओर से तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर मदद की मांग की है। पंचायत ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया जाए। पंचायत की मांग है कि नेपाल में चल रहे बचाव और राहत कार्यों के जरिए लापता लोगों की स्थिति का पता लगाया जाए और अगर वे किसी सुरक्षित स्थान पर हैं, तो उनके परिवार तक जल्द से जल्द जानकारी पहुंचाई जाए। मैप में देखिए कहां टूटा ग्लेशियर नेपाल में आई बाढ़ के बारे में जानिए… नेपाल और तिब्बत में इस आपदा से अब तक 633 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग लापता हैं। इनमें 320 भारतीय भी शामिल हैं। वहीं, करीब 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं। अब घटना के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में रिकॉर्ड किया। वीडियो में नेपाल की सीमा के पास बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे हैं। अचानक ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरता नजर आता है। हिमस्खलन के बाद धूल और मलबा पूरे इलाके में फैल जाता है। वीडियो में नीचे की ओर बहता पानी और मलबा भी दिखाई दे रहा है। ग्रुप जब नीचे उतरा तो रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें पता चला कि ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद इलाके में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ग्लेशियर टूटने के तुरंत बाद का वीडियो 3 पॉइंट में जानिए नेपाल के हालात ************ ये खबर भी पढ़ें: पगड़ी पहने पंजाबी युवकों को होटल में नहीं मिली एंट्री: ऑस्ट्रिया में करवाया था बुक, बोले- पैसे भी रिफंड नहीं किए; प्रबंधन ने बताया ड्रेस कोड पंजाब के सिख युवकों को ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग शहर में स्थित कूल मामा होटल ने एंट्री नहीं दी। मोहाली में ट्रेडिंग फर्म चलाने वाले सिख युवक जसप्रीत ने दावा किया कि होटल मैनेजमेंट ने कहा कि पगड़ी वाले यहां नहीं रह सकते। उन्होंने 27 अगस्त को होटल की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी।(पढ़ें पूरी खबर)

पगड़ी पहने पंजाबी युवकों को होटल में नहीं मिली एंट्री:ऑस्ट्रिया में करवाया था बुक, बोले- पैसे भी रिफंड नहीं किए; प्रबंधन ने बताया ड्रेस कोड

पंजाब के सिख युवकों को ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग शहर में स्थित कूल मामा होटल ने एंट्री नहीं दी। मोहाली में ट्रेडिंग फर्म चलाने वाले सिख युवक जसप्रीत ने दावा किया कि होटल मैनेजमेंट ने कहा कि पगड़ी वाले यहां नहीं रह सकते। उन्होंने 27 अगस्त को होटल की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी। जब निकालने का कारण पूछा तो बताया गया कि होटल का ड्रेस कोड है, यहां पगड़ी की इजाजत नहीं है। इनसे रिफंड मांगा तो पैसा रिफंड नहीं किया गया। जसप्रीत ने इसका वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। होटल मैनजमेंट ने कहा कि बुकिंग से पहले ही हमने अपनी वेबसाइट पर मेंशन किया है कि पगड़ी वालों के लिए होटल, रेस्टोरेंट और बार बुक नहीं होगा। 5 पॉइंट में जानें जसप्रीत ने क्या कहा.. होटल की वेबसाइट पर ड्रेस कोड का जिक्र
कूल मामा होटल ने अपनी वेबसाइट पर स्काई रेस्तरां और ब्रेकफास्ट के लिए ड्रेस कोड और कुछ सख्त नियम बताए हैं। होटल प्रबंधन के मुताबिक, रेस्तरां के शांत और खास माहौल को बनाए रखने के लिए मेहमानों से शालीन और उपयुक्त पहनावा रखने की उम्मीद की जाती है।

Stocks to Watch: 28 अगस्त को इन 10 शेयरों पर रहेगी नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: शुक्रवार, 28 अगस्त के कारोबार में कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कहीं AI से जुड़ा बड़ा अपडेट है। कहीं ब्लॉक डील और ऑर्डर की खबर है। वहीं कुछ कंपनियों में निवेश और मैनेजमेंट से जुड़े अहम अपडेट आए हैं।

Adani Power

पावर कंपनी Adani Power ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी Chandenvalle Infra Park में पूरी हिस्सेदारी बेचने का समझौता किया है। यह हिस्सेदारी AdaniConneX Private Limited को बेची जाएगी। डील की वैल्यू करीब ₹535.69 करोड़ है। अंतिम रकम क्लोजिंग डेट के बदलावों पर निर्भर करेगी।

New India Assurance Company

सरकारी इंश्योरेंस कंपनी New India Assurance Company को ₹781.39 करोड़ का इनकम टैक्स रिफंड मिला है। इसमें ₹59.63 करोड़ का ब्याज भी शामिल है। यह रिफंड असेसमेंट ईयर 2022-23 से जुड़ा है। इनकम टैक्स विभाग ने शिकायत के समाधान के बाद यह रकम जारी की है।

Lenskart

आईवियर रिटेल कंपनी Lenskart में बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक Alphawave करीब 1.2% हिस्सेदारी बेच सकता है। डील का आकार करीब ₹1,313 करोड़ है। फ्लोर प्राइस ₹630 प्रति शेयर रखा गया है, जो मौजूदा भाव से करीब 1.7% कम है।

NBCC (India)

सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC को पांच नए वर्क ऑर्डर मिले हैं। इनकी कुल वैल्यू ₹134.27 करोड़ है। इसमें स्कूल कैंपस, एजुकेशन सेंटर और Canara Bank की बिल्डिंग से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। ऑर्डर में तीन केंद्रीय विद्यालयों के प्रोजेक्ट भी हैं।

Wipro

आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने Google Cloud के साथ अपनी पार्टनरशिप बढ़ाई है। इसका मकसद Gemini Enterprise और AI को बड़े स्तर पर अपनाना है। Wipro अपने कारोबार में भी Gemini Enterprise का इस्तेमाल करेगी। साथ ही 10,000 से ज्यादा AI सर्टिफाइड विशेषज्ञों को इस टेक्नोलॉजी के लिए तैयार किया जाएगा।

Life Insurance Corporation of India

सरकारी इंश्योरेंस कंपनी LIC ने Bajaj Finance के NCD में ₹5,000 करोड़ का निवेश किया है। LIC ने ₹1 लाख फेस वैल्यू वाले 5 लाख NCD खरीदे हैं। यह निवेश कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया है। NCD यानी नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर एक तरह का डेट इंस्ट्रूमेंट है।

RPP Infra Projects

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RPP Infra Projects को बड़ा झटका लगा है। तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई में प्रस्तावित Global Sports City प्रोजेक्ट को नए सिरे से तैयार करने का फैसला किया है। इसके चलते कंपनी का ₹205.89 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया है।

Bharat Petroleum Corporation

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी Bharat Petroleum Corporation (BPCL) के चेयरमैन और MD संजय खन्ना ने कहा कि एनर्जी सेक्टर में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को E10 पेट्रोल का विकल्प दिया जा सकता है। लेकिन, E20 को बंद नहीं किया जाएगा।

Zee Entertainment Enterprises

मीडिया कंपनी Zee Entertainment Enterprises से जुड़ा अहम अपडेट आया है। NCLT ने सुभाष चंद्रा की पर्सनल इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया में प्रस्तावित रिपेमेंट प्लान को मंजूरी दे दी है। HDFC Bank इस आदेश के खिलाफ NCLAT में अपील करने के विकल्प पर विचार कर रहा है।

RVNL

सरकारी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RVNL ने राकेश भल्ला को दोबारा Additional Director नियुक्त किया है। उन्हें इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी दोबारा नियुक्ति 25 अगस्त 2026 से प्रभावी है। इससे पहले उन्हें 13 अगस्त को इस पद पर नियुक्त किया गया था।

पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल देने पर विचार, E20 को हटाने का कोई प्लान नहीं: BPCL

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO Allotment Alert: 105x सब्सक्रिप्शन वाले आईपीओ का आज होगा अलॉटमेंट, 40% है GMP! ऐसे चेक करें स्टेटस

Augmont Enterprises IPO Allotment: बुलियन और गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ऑपरेट करने वाली कंपनी ऑगमोंट एंटरप्राइज के ₹825 करोड़ के आईपीओ का आज, 27 अगस्त को अलॉटमेंट होना है। इस इश्यू को निवेशकों से बंपर रिस्पांस मिला था और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक यह आईपीओ कुल 105.78 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

कैसा रहा सब्सक्रिप्शन?

कंपनी के ऑफर पर मौजूद 77.15 लाख (77,15,999) शेयरों के मुकाबले कुल 81.61 करोड़ (81,61,83,836) शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई थीं:

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): इस कैटेगरी में सबसे तगड़ा रिस्पॉन्स देखने को मिला और यह हिस्सा 226.96 गुना भरा।

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): एनआईआई कैटेगरी में आईपीओ 121.47 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशक: रिटेल निवेशकों का हिस्सा 30.98 गुना भरा है।

अलॉटमेंट, रिफंड और लिस्टिंग की तारीखें

अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 27 अगस्त 2026

रिफंड और शेयर क्रेडिट की तारीख: 28 अगस्त 2026

शेयर लिस्टिंग की तारीख: 31 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

कैसी रहा है वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 53.3% बढ़कर ₹348.3 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹227.2 करोड़ था। कंपनी का कुल राजस्व 42.2% बढ़कर ₹94,186.2 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹620 करोड़ में से ₹465 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए करेगी, जो इसके विशाल बुलियन ट्रेडिंग बिजनेस के संचालन के लिए बेहद जरूरी है।

GMP से 40% लिस्टिंग गेन का संकेत

ग्रे मार्केट प्रीमियम पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त को ऑगमोंट एंटरप्राइज के शेयर ₹315 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहे हैं। ₹788 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर ग्रे मार्केट में ₹1,103 पर लिस्ट होने का इशारा दे रहा है, जो करीब 39.97% (करीब 40%) के लिस्टिंग गेन को दर्शाता है।

इन 3 तरीकों से आसानी से चेक करें स्टेटस

अगर आपने भी इस आईपीओ में बोली लगाई है, तो आप अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होते ही रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) या बीएसई/एनएसई की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:

1. रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) के जरिए स्टेटस देखें:

  • सबसे पहले रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट 
  • ड्रॉपडाउन सूची में से Augmont Enterprises IPO चुनें।
  • खोज विकल्प चुनें (PAN नंबर, Application Number या DP ID/Client ID)।
  • आवश्यक विवरण दर्ज करें और स्टेटस देखने के लिए Submit बटन पर क्लिक करें।

2. BSE की वेबसाइट से अलॉटमेंट चेक करने का तरीका:

  • BSE के ऑफिशियल अलॉटमेंट पेज
  • ‘Issue Type’ में Equity का विकल्प चुनें।
  • ‘Issue Name’ की सूची से Augmont Enterprises सिलेक्ट करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • ‘I am not a robot’ पर टिक करें और Search पर क्लिक करें।

3. NSE की वेबसाइट के जरिए:

  • NSE के आईपीओ बिड वेरिफिकेशन पोर्टल पर जाएं।
  • ‘Equity & SME IPO’ का चयन करें।
  • ऑगमोंट एंटरप्राइज का चुनाव कर आवश्यक एप्लीकेशन डिटेल्स भरकर स्टेटस जांचें।

ITR Filing Deadline: 31 अगस्त की ITR डेडलाइन छूटने पर क्या होगा? फिर कैसे भर सकते हैं रिटर्न, कितना देना पड़ेगा जुर्माना

अगर आपने अभी तक ITR दाखिल नहीं की है, तो आपके पास सिर्फ कुछ दिन बचे हैं। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए कुछ टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है। समय पर रिटर्न दाखिल करने से लेट फीस और बकाया टैक्स पर लगने वाले ब्याज से बच सकते हैं।

अगर 31 अगस्त तक रिटर्न नहीं भर पाए, तो भी मामला खत्म नहीं होगा। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड ITR दाखिल कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी पड़ सकती है। साथ ही, कुछ मामलों में टैक्स लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी छूट सकता है।

31 अगस्त की डेडलाइन उन कुछ टैक्सपेयर्स पर लागू होती है, जिन्हें ITR-3, ITR-4, ITR-5 या ITR-7 दाखिल करना है। इसमें ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से आय है, लेकिन उनके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है।

31 अगस्त की डेडलाइन छूट गई तो क्या होगा?

डेडलाइन निकल जाने का मतलब यह नहीं है कि अब ITR नहीं भर सकते। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, अगर उससे पहले आपका असेसमेंट पूरा हो जाता है, तो उसके बाद रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकता।

देरी से ITR भरने पर लेट फीस भी लगती है। अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख से ज्यादा है, तो ₹5,000 तक की लेट फीस लग सकती है। वहीं ₹5 लाख तक की कुल आय वालों के लिए यह फीस ₹1,000 है।

अगर आपका टैक्स भी बकाया है, तो उस पर 1% प्रति महीने या महीने के किसी हिस्से के लिए ब्याज लग सकता है। यह ब्याज इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234A के तहत लगता है।

क्या देर से ITR भरने पर रिफंड मिलेगा?

हां, सिर्फ डेडलाइन चूकने से आपका टैक्स रिफंड खत्म नहीं हो जाता। अगर आपको रिफंड मिलना है, तो आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल करके उसे क्लेम कर सकते हैं।

लेकिन रिटर्न दाखिल करने के बाद उसे वेरिफाई करना जरूरी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ई-वेरिफिकेशन के लिए 30 दिन का समय दिया है। रिटर्न वेरिफाई होने के बाद ही रिफंड की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

नुकसान को आगे एडजस्ट करने में दिक्कत

डेडलाइन के बाद ITR भरने का एक बड़ा नुकसान हो सकता है। यह लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने से जुड़ा है। मान लीजिए आपको बिजनेस, शेयर बाजार या F&O ट्रेडिंग में नुकसान हुआ है। आप इस नुकसान को आने वाले वर्षों की कमाई से एडजस्ट करके टैक्स बचा सकते हैं। लेकिन अगर आपने ITR समय पर दाखिल नहीं किया, तो कुछ तरह के नुकसान को आगे ले जाने का फायदा नहीं मिल सकता।

यानी सिर्फ लेट फीस का मामला नहीं है। देर से ITR भरने पर भविष्य में टैक्स बचाने का मौका भी जा सकता है।

ITR में गलती हो गई तो क्या करें?

अगर ITR दाखिल करने के बाद आपको कोई गलती दिखती है या कोई जानकारी छूट गई है, तो आप धारा 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आम तौर पर रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च 2027 तक दाखिल की जा सकती है। हालांकि, अगर उससे पहले असेसमेंट पूरा हो जाता है, तो यह सुविधा खत्म हो सकती है। रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर पुरानी रिटर्न की जगह नई रिटर्न मानी जाती है। इसे भी दोबारा वेरिफाई करना पड़ता है।

लेकिन एक बात ध्यान रखें। देर से ITR भरने की वजह से जो टैक्स लाभ पहले ही खो चुके हैं, रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने से वे वापस नहीं मिलते। इसमें कुछ तरह के लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी शामिल है।

Pension Scheme: अटल पेंशन योजना या PM मानधन, किस स्कीम में ज्यादा फायदा? 

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

हर 1,000 व्यूज पर ₹60! इस चीनी प्लेटफॉर्म ने क्रिएटर्स का खींचा ध्यान, YouTube को देगा कड़ी टक्कर

चीनी वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म Bilibili अपने घरेलू बाजार से बाहर तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में एक खास कमाई के आंकड़े ने दुनिया भर के क्रिएटर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है। X पर RT की एक पोस्ट के अनुसार, Bilibili क्रिएटर्स को हर 1,000 व्यूज के लिए लगभग $0.70 (करीब 60 रुपये) का भुगतान कर रहा है। अगर यह दावा सही है, तो यह कदम प्लेटफॉर्म को कंटेंट क्रिएटर्स को आकर्षित करने में मदद कर सकता है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर YouTube को टक्कर दे रहा है। हालांकि, कंपनी ने खुद इस पेमेंट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

Bilibili की रिपोर्टेड पेमेंट

यह जानकारी RT के जरिए सामने आई, जिसने Bilibili के क्रिएटर प्रोग्राम पर चर्चा करते हुए यह आंकड़ा बताया। अगर यह सही है, तो एक मिलियन व्यूज पाने वाले क्रिएटर्स टैक्स और प्लेटफॉर्म के किसी भी एडजस्टमेंट से पहले लगभग $700 कमा सकते हैं। हालांकि, Bilibili के ऑफिशियल क्रिएटर प्रोग्राम डॉक्यूमेंटेशन में किसी तय CPM या RPM का जिक्र नहीं है।

इसके बजाय, प्लेटफॉर्म का कहना है कि कमाई ऑडियंस की लोकेशन, एडवर्टाइजर की डिमांड, कंटेंट कैटेगरी और मॉनेटाइजेशन प्रोडक्ट्स जैसी चीजों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसमें यह भी बताया गया है कि अनुमानित रेवेन्यू को इनवैलिड ट्रैफिक, रिफंड, फ्रॉड का पता लगाने, टैक्स और पॉलिसी लागू करने के आधार पर एडजस्ट किया जा सकता है।

मॉनेटाइजेशन के लिए जरूरी शर्तें

Bilibili के क्रिएटर प्रोग्राम की पॉलिसी के अनुसार, मॉनेटाइजेशन के लिए अप्लाई करने से पहले क्रिएटर्स के पास कम से कम 100 सब्सक्राइबर और 2,000 वैलिड पब्लिक व्यूज होने चाहिए। हालांकि, इन शर्तों को पूरा करने के बाद भी मोनेटाइजेशन मिलना तय नहीं है। क्योंकि प्लेटफॉर्म हर चैनल की जांच करता है। इसमें कंटेंट ओरिजिनल है या नहीं, कॉपीराइट नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन तो नहीं हुआ और अकाउंट की स्थिति जैसी चीजें देखी जाती हैं।

यह प्लेटफॉर्म खरीदे गए व्यूज, फेक सब्सक्राइबर, ऑटोमेटेड एंगेजमेंट और दूसरे तरह के बनावटी ट्रैफिक पर भी रोक लगाता है। इसके अलावा, क्रिएटर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा अपलोड किए गए सभी कंटेंट के मालिकाना हक उनके पास हों या उन्हें उस कंटेंट से कमाई करने की अनुमति मिली हो।

Bilibili का ग्लोबल विस्तार जारी है

यह पेमेंट की जानकारी तब सामने आई है जब Bilibili अपने इंटरनेशनल प्लान को तेजी से आगे बढ़ा रही है। सेमाफोर (Semafor) की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपना इंटरनेशनल ऐप फिर से लॉन्च किया है। इसके अलावा, वह इंग्लिश भाषा की वेबसाइट बना रही है और अमेरिका, यूरोप, जापान और लैटिन अमेरिका जैसे मार्केट में कम्युनिटी मैनेजर की भर्ती शुरू कर दी है।

बता दें कि Bilibili खुद को ऐसे क्रिएटर्स के लिए एक डेस्टिनेशन के तौर पर भी पेश कर रही है, जो नए ऑडियंस तक पहुंचना चाहते हैं और साथ ही कमाई का नए जरिया बनाना चाहते हैं। विज्ञापन के अलावा, कंपनी एक मार्केटप्लेस भी बना रही है जो स्पॉन्सरशिप के मौकों के लिए क्रिएटर्स को ब्रांड्स से जोड़ेगा।

हालांकि, प्रति 1,000 व्यूज पर $0.70 के पेमेंट की जानकारी ने काफी दिलचस्पी पैदा की है, लेकिन क्रिएटर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि Bilibili ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्टैंडर्ड पेमेंट रेट की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, प्लेटफॉर्म की पब्लिश्ड पॉलिसी में सिर्फ यह बताया गया है कि कमाई कई बातों पर निर्भर करेगी और जैसे-जैसे इसका ग्लोबल क्रिएटर इकोसिस्टम विकसित होगा, इसमें बदलाव हो सकता है।

यह भी पढ़ें: WhatsApp में आया बड़ा सिक्योरिटी अपग्रेड, अब हैकर्स और स्कैम कॉल्स से मिलेगी छुट्टी