Q2 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 67% बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल; फोकस में रहेगा स्टॉक

Q2 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी Bajaj Consumer Care के लिए सितंबर तिमाही अच्छी रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 67% बढ़कर 70.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 42 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 25.7% बढ़कर 333 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 265 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 71% बढ़कर 82 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 48 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 18.1% से बढ़कर 24.7% हो गया। यानी कंपनी की कमाई और ऑपरेटिंग प्रदर्शन, दोनों में सुधार हुआ।

घरेलू कारोबार में 30% से ज्यादा ग्रोथ

बजाज कंज्यूमर केयर के घरेलू कारोबार ने अच्छी ग्रोथ दर्ज की। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही, दोनों में रेवेन्यू 30% से ज्यादा बढ़ा। इसमें प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ने का बड़ा योगदान रहा। कम कीमत वाले पैक की मांग भी मजबूत बनी हुई है। ये कंपनी की ग्रोथ को सहारा दे रहे हैं। तिमाही के आखिर में कंपनी ने ब्रांड की नई पोजिशनिंग के साथ एक कैंपेन भी शुरू किया।

जनरल ट्रेड में दूसरी तिमाही के दौरान ग्रोथ 20% के मध्य स्तर पर रही। पहली छमाही में यह 20% के ऊपरी स्तर पर थी। ग्रामीण बाजारों की ग्रोथ शहरी बाजारों से थोड़ी आगे रही। हालांकि, दोनों जगह मांग मजबूत बनी हुई है। ऑर्गनाइज्ड ट्रेड में ग्रोथ 20% के ऊपरी स्तर पर रही। ई-कॉमर्स और मॉडर्न ट्रेड में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई। वहीं, क्विक कॉमर्स इस सेगमेंट का सबसे तेजी से बढ़ने वाला चैनल रहा।

विदेशी बाजारों में भी कारोबार मजबूत

बजाज कंज्यूमर केयर का विदेशी कारोबार कुल कारोबार के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ा। नेपाल, खाड़ी देशों और अफ्रीका में अच्छी ग्रोथ दर्ज हुई। दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कारोबार में सुधार जारी रहा।

बांग्लादेश में कारोबारी चुनौतियों के बावजूद ग्रोथ दोहरे अंकों में रही। इससे कंपनी को विदेशी बाजारों से भी अच्छा सहारा मिला।

कच्चे माल की बढ़ती कीमतें बनीं चिंता

बजाज कंज्यूमर केयर के सामने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों की चुनौती है। पश्चिम एशिया में संघर्ष और माल ढुलाई की ऊंची लागत के कारण लाइट लिक्विड पैराफिन महंगा बना हुआ है।

रिफाइंड सरसों तेल की कीमतें भी बढ़ी हैं। संघर्ष से तिलहन की सप्लाई पर असर पड़ा है। इसके अलावा, तीसरी तिमाही में अल नीनो के असर की आशंका से कोपरा यानी सूखे नारियल की कीमतें भी बढ़ गई हैं। खाद्य तेलों की महंगाई से भी लागत बढ़ रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कंपनी के मुनाफे पर इन बढ़ती कीमतों के असर पर नजर रहेगी।

बजाज कंज्यूमर केयर के शेयरों का हाल

बजाज कंज्यूमर केयर का स्टॉक बुधवार को रिजल्ट से पहले 2.69% की तेजी के साथ 521.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने के दौरान इसमें 18.17% की तेजी आई है। वहीं, 1 साल में इसने 101% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 6.82 हजार करोड़ रुपये है।

SME IPO पर सख्ती की तैयारी! SEBI का मुनाफे से लेकर ऑफर फॉर सेल तक के नियम बदलने का प्रस्ताव

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SME IPO पर सख्ती की तैयारी! SEBI का मुनाफे से लेकर ऑफर फॉर सेल तक के नियम बदलने का प्रस्ताव

SME IPO लाने वाली कंपनियों के लिए नियम सख्त हो सकते हैं। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने इसके लिए कई बदलावों का प्रस्ताव दिया है। सबसे बड़ा बदलाव मुनाफे की शर्त को लेकर है। प्रस्ताव के मुताबिक, कंपनियों को पिछले तीन वित्त वर्षों में औसतन 3 करोड़ रुपये का सालाना ऑपरेटिंग प्रॉफिट दिखाना होगा।

SEBI ने 14 अक्टूबर 2026 को इस बारे में कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इसमें SME IPO के नियमों में बदलाव की बात कही गई है। आम लोगों और बाजार से जुड़े पक्षों से 4 नवंबर तक सुझाव मांगे गए हैं। अभी ये प्रस्ताव हैं, लागू नियम नहीं।

SME IPO के लिए मुनाफे की नई शर्त

अभी कंपनी को पिछले तीन वित्त वर्षों में से कम से कम दो साल में 1 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दिखाना होता है। SEBI अब इसकी जगह नई शर्त लाना चाहता है। इसके तहत पिछले तीन साल का औसत सालाना ऑपरेटिंग प्रॉफिट कम से कम 3 करोड़ रुपये होना चाहिए।

जो कंपनियां यह शर्त पूरी नहीं कर पाएंगी, उनके लिए भी IPO लाने का रास्ता खुला रह सकता है। हालांकि, उन्हें दूसरी शर्तें पूरी करनी होंगी। ऐसी कंपनियों को बुक बिल्डिंग प्रक्रिया अपनानी होगी। साथ ही, IPO के नेट इश्यू का कम से कम 75% हिस्सा बड़े संस्थागत निवेशकों यानी QIBs को देना होगा। अगर इतना आवंटन नहीं हो पाता है, तो निवेशकों की पूरी रकम लौटानी होगी।

मार्केट कैप से तय होगी लिस्टिंग की पात्रता

SEBI कंपनियों की पात्रता तय करने का तरीका भी बदलना चाहता है। अभी इसके लिए पेड-अप कैपिटल को आधार बनाया जाता है। नए प्रस्ताव में कंपनी के मार्केट कैप को आधार बनाने की बात है।

इसके मुताबिक, IPO के बाद 1,000 करोड़ रुपये तक के मार्केट कैप वाली कंपनियां सिर्फ SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकेंगी। 1,000 करोड़ से ज्यादा और 4,000 करोड़ रुपये तक के मार्केट कैप वाली कंपनियां भी तय शर्तों के साथ SME प्लेटफॉर्म चुन सकेंगी। इनके वित्तीय दस्तावेज Ind AS के नियमों के मुताबिक होने चाहिए।

अगर ऑफर डॉक्यूमेंट के तय चरण में कंपनी का मार्केट कैप 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाता है, तो उसे मेनबोर्ड के नियमों के तहत दोबारा दस्तावेज जमा करने होंगे।

IPO में आवेदन की रकम घटेगी

SEBI SME IPO में आवेदन की न्यूनतम रकम घटाने का प्रस्ताव भी लाया है। अभी न्यूनतम आवेदन की रकम 2 लाख रुपये से ज्यादा है। इसे घटाकर 1 लाख रुपये करने की तैयारी है। हालांकि, निवेशकों को कम से कम चार लॉट के लिए आवेदन करना होगा। हर लॉट की कीमत कम से कम 25,000 रुपये होगी।

इसके अलावा, IPO में कम से कम 200 निवेशकों को शेयर देने की शर्त बढ़ाकर 500 करने का प्रस्ताव है। रिटेल निवेशकों को शेयर देने के तरीके में भी बदलाव हो सकता है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, शेयरों का आवंटन न्यूनतम लॉट के गुणकों से बंधा नहीं रहेगा। यह उपलब्ध शेयरों पर निर्भर करेगा।

कंपनियों को IPO से जुटाई गई रकम में से जनरल कॉरपोरेट कामों पर खर्च करने की 10 करोड़ रुपये की सीमा से भी राहत मिल सकती है। हालांकि, कुल जुटाई गई रकम के 15% तक खर्च करने की मौजूदा सीमा बनी रहेगी।

शेयर बेचने और लॉक-इन के नियम बदलेंगे

SEBI ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के लिए अलग नियम बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत कुछ छूटों को छोड़कर बिक्री के लिए रखे जाने वाले शेयर कम से कम एक साल से शेयरधारक के पास होने चाहिए।

अभी OFS में कुल इश्यू साइज का अधिकतम 20% हिस्सा बेचा जा सकता है। शेयरधारक अपनी पहले से मौजूद हिस्सेदारी का अधिकतम 50% हिस्सा भी बेच सकते हैं। SEBI ने बड़े संस्थागत निवेशकों यानी QIB शेयरधारकों को इन सीमाओं से छूट देने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, मुनाफे की शर्त पूरी नहीं करने वाली कंपनियों के लिए यह छूट नहीं होगी।

SEBI ने शेयरों के लॉक-इन नियम बदलने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत, प्रमोटरों के न्यूनतम जरूरी शेयर IPO में आवंटन की तारीख से तीन साल तक लॉक रहेंगे। अतिरिक्त प्रमोटर शेयरों पर एक साल की रोक होगी। वहीं, पुराने गैर-प्रमोटर निवेशकों के शेयरों का लॉक-इन एक साल से घटाकर छह महीने करने का प्रस्ताव है। प्रमोटर ग्रुप की कुछ हिस्सेदारी पर भी एक साल का लॉक-इन लागू हो सकता है।

SME IPO से अब तक जुटाए गए 40,222 करोड़ रुपये

SEBI के मुताबिक, SME प्लेटफॉर्म शुरू होने के बाद से अब तक 1,496 कंपनियां इस पर लिस्ट हो चुकी हैं। इनमें वे कंपनियां भी शामिल हैं, जो बाद में मेनबोर्ड पर चली गईं। कुल 365 कंपनियां मेनबोर्ड में माइग्रेट कर चुकी हैं।

SME IPO के जरिए कंपनियों ने अब तक 40,222 करोड़ रुपये जुटाए हैं। 31 जुलाई 2026 तक SME प्लेटफॉर्म की कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,70,984 करोड़ रुपये था। इस आंकड़े में मेनबोर्ड पर जा चुकी कंपनियां भी शामिल हैं।

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Paramount Syntex IPO: टेक्सटाइल कंपनी का इश्यू दूसरे दिन पूरा सब्सक्राइब, ₹81.79 करोड़ का है आईपीओ

Paramount Syntex IPO: टेक्सटाइल कंपनी Paramount Syntex Ltd के SME IPO को निवेशकों का जोरदार रिस्पॉन्स मिला है। IPO बोली के दूसरे दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। 1 अक्टूबर तक इश्यू को कुल 1.35 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।

नेट इश्यू में उपलब्ध 61.17 लाख शेयरों के मुकाबले करीब 80.56 लाख शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। सबसे ज्यादा दिलचस्पी QIB कैटेगरी में दिखी। एंकर के बाद QIB हिस्से को 119.29 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

81.79 करोड़ रुपये का है IPO

Paramount Syntex का IPO कुल ₹81.79 करोड़ का है। कंपनी सिंथेटिक फाइबर, ऐक्रेलिक यार्न और ब्लेंडेड व डाइड यार्न जैसे प्रोडक्ट बनाती है। IPO का प्राइस बैंड ₹119 से ₹127 प्रति शेयर तय किया गया है।

6 अक्टूबर तक लगा सकते हैं दांव

IPO 30 सितंबर को खुला था और 6 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इसमें ₹10 फेस वैल्यू वाले अधिकतम 64.40 लाख इक्विटी शेयर शामिल हैं।

IPO का न्यूनतम लॉट साइज 2,000 शेयर है। यानी ऊपरी प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को कम से कम ₹2.54 लाख लगाने होंगे। शेयरों की लिस्टिंग BSE SME प्लेटफॉर्म पर प्रस्तावित है। सौभाग्य कैपिटल ऑप्शंस लिमिटेड इस इश्यू का बुक रनिंग लीड मैनेजर है। वहीं, Bigshare Services Pvt Ltd रजिस्ट्रार है।

मशीनरी खरीदने में खर्च होगी रकम

कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में लगाएगी। करीब ₹61.68 करोड़ मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में नई मशीनरी खरीदने पर खर्च किए जाएंगे।

यह IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। इसमें कोई Offer for Sale यानी OFS नहीं है। इसलिए IPO से जुटाई गई रकम सीधे कंपनी को मिलेगी और इसका इस्तेमाल तय कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा।

कंपनी ने क्या कहा

Paramount Syntex के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत अरोड़ा ने कहा कि कंपनी ने पिछले कुछ सालों में ऐक्रेलिक, ऊन-मिश्रित और दूसरे खास तरह के धागों का पोर्टफोलियो तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि कंपनी का फोकस प्रोडक्ट क्वालिटी, ग्राहकों के साथ मजबूत रिश्ते और टेक्सटाइल इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों को पूरा करने पर है। कंपनी को आगे अपने बाजार और कारोबार को बढ़ाने की भी गुंजाइश दिख रही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dove Soft IPO: दूसरे दिन इश्यू 0.87 गुना सब्सक्राइब, कारोबारी सेहत के साथ जानिए क्या करती है कंपनी

Dove Soft Limited के ₹73.26 करोड़ के SME IPO को दूसरे दिन के अंत तक 0.87 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। 5 अक्टूबर 2026 को इश्यू बंद होगा। अब तक नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर यानी NII कैटेगरी 1.19 गुना सब्सक्राइब हुई है।

QIB और मार्केट मेकर हिस्से को भी 1.00 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। 1 अक्टूबर तक IPO में करीब ₹63.86 करोड़ की बोलियां आ चुकी थीं।

SMS से CPaaS की तरफ बढ़ रही कंपनी

Dove Soft का मुख्य कारोबार कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी से जुड़ा है। कंपनी पहले मुख्य रूप से SMS आधारित बिजनेस पर फोकस करती थी। अब वह AI आधारित और ओमनीचैनल CPaaS यानी Communication Platform as a Service मॉडल की तरफ बढ़ रही है।

इसके प्लेटफॉर्म पर RCS, WhatsApp, वॉइस, ईमेल और दूसरे डिजिटल कम्युनिकेशन चैनल शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य कारोबारों को एक ही प्लेटफॉर्म से अलग-अलग चैनलों पर ग्राहकों से जुड़ने की सुविधा देना है।

Dove Soft की कारोबारी सेहत

FY2025 से FY2026 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 46% बढ़ा। इसी दौरान टैक्स के बाद मुनाफा यानी PAT 42% बढ़ा। कंपनी की शुरुआत 2011 में हुई थी।

आज इसकी मौजूदगी मुंबई, अहमदाबाद, गुरुग्राम और दुबई में है। कंपनी बड़े कॉर्पोरेट्स और OTT प्लेटफॉर्म्स को कम्युनिकेशन सॉल्यूशंस देती है।

IPO में क्या ऑफर है?

Dove Soft के IPO में कुल 53.28 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा 12.72 लाख शेयरों का OFS यानी Offer for Sale है।

IPO का प्राइस बैंड ₹104 से ₹111 प्रति शेयर है। कंपनी के शेयरों को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है। IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपनी आगे की कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी।

बिजनेस कम्युनिकेशन बदल रहा है

Dove Soft के मुताबिक, अब कंपनियों का ग्राहक से संपर्क सिर्फ SMS तक सीमित नहीं है। WhatsApp, RCS, वॉइस और ईमेल जैसे चैनल भी कस्टमर कम्युनिकेशन का हिस्सा बन चुके हैं।

एक ही ग्राहक के साथ अलग-अलग चरणों में अलग चैनल इस्तेमाल किए जा सकते हैं। मसलन, ऑर्डर अपडेट के लिए SMS या WhatsApp और प्रमोशनल कम्युनिकेशन के लिए दूसरे डिजिटल चैनल का इस्तेमाल हो सकता है। Dove Soft इसी बदलाव को अपने कारोबार के लिए ग्रोथ का अगला मौका मान रही है।

AI और ऑटोमेशन पर भी फोकस

कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म में AI आधारित ऑटोमेशन को भी शामिल किया है। इसमें इंटेलिजेंट चैनल सिलेक्शन और रियल-टाइम एनालिटिक्स जैसी सुविधाएं हैं।

इसके अलावा वर्कफ्लो बेस्ड कम्युनिकेशन भी प्लेटफॉर्म का हिस्सा है। इसका मकसद कंपनियों के कम्युनिकेशन को ज्यादा ऑटोमेटेड और डेटा आधारित बनाना है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SRIT India IPO: 25% के पार पहुंचा GMP, 28 सितंबर को खुलेगा इश्यू; जानिए हर एक डिटेल

SRIT India IPO: डिजिटल सॉल्यूशन देने वाली SRIT India का आईपीओ 28 सितंबर से खुलने वाला है। कंपनी का इश्यू से ₹218.40 जुटाने का प्लान है। इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP बढ़कर 25% के पार पहुंच गया है।

IPO कब खुलेगा?

बेंगलुरु की IT सॉल्यूशन कंपनी SRIT India का IPO 28 सितंबर को खुलेगा। निवेशकों के पास 30 सितंबर तक आवेदन करने का मौका रहेगा। प्राइस बैंड 123 से 130 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। इसकी 6 अक्टूबर को बाजार में लिस्टिंग हो सकती है।

IPO के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घट जाएगी। अभी प्रमोटर्स के पास 84.74% हिस्सेदारी है। IPO के बाद यह 62.59% रह जाएगी।

GMP से कितने मुनाफे का संकेत?

Investorgain के मुताबिक, SRIT India का GMP 33 रुपये है। यह अपर प्राइस बैंड 130 रुपये से करीब 25.38% ज्यादा है। हालांकि, GMP ग्रे मार्केट का संकेत है। यह लिस्टिंग पर मिलने वाले रिटर्न की गारंटी नहीं है।

कंपनी क्या करती है?

SRIT India डिजिटल सॉल्यूशन और सिस्टम ऑटोमेशन का काम करती है। कंपनी कस्टम एप्लीकेशन बनाती है। साथ ही अलग-अलग सिस्टम को इंटीग्रेट करने की सर्विस भी देती है।

कंपनी सरकारी संस्थाओं और एंटरप्राइज के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करती है। इसका कारोबार भारत के अलावा कुछ विदेशी बाजारों में भी है।

AI पर भी फोकस

SRIT India अपने मुख्य बिजनेस में AI बेस्ड सॉल्यूशन जोड़ रही है। इसका मकसद AI से जुड़ी अपनी क्षमता बढ़ाना है।

SRIT India ने बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी लागू किए हैं। कंपनी डिजिटल प्लेटफॉर्म को डिजाइन करने से लेकर उसे चलाने तक का काम करती है।

IPO के पैसे का क्या होगा?

IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कई कामों में किया जाएगा। कंपनी मौजूदा प्रोडक्ट्स को आधुनिक बनाने और उनके दोबारा विकास पर पैसा लगाएगी।

इसके अलावा वर्किंग कैपिटल की जरूरत पूरी की जाएगी। कंपनी अधिग्रहण के जरिए कारोबार बढ़ाने और दूसरी रणनीतिक योजनाओं पर भी पैसा खर्च करेगी। कुछ रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी।

सरकारी कारोबार से सबसे ज्यादा रेवेन्यू

SRIT India के कारोबार में सरकारी सेगमेंट की बड़ी हिस्सेदारी है। मार्च 2026 को खत्म वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 450 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 389.3 करोड़ रुपये था। यानी रेवेन्यू में 15.6% की बढ़ोतरी हुई।

कंपनी के कुल रेवेन्यू में सरकारी कारोबार की हिस्सेदारी 89.41% रही। वहीं एंटरप्राइज सेगमेंट से 10.59% रेवेन्यू आया।

किन कंपनियों से मुकाबला?

SRIT India की तुलना Allied Digital Services, Aurionpro Solutions, Mastek और Protean eGov Technologies जैसी लिस्टेड कंपनियों से की जाती है।

इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर Choice Capital Advisors Private Limited हैं। KFin Technologies Limited इश्यू की रजिस्ट्रार है।

लंबी और मध्यम अवधि के लिहाज से यह शेयरों में निवेश का शानदार मौका, एक्सपर्ट ने बताई इसकी खास वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sollfege Smart Electronics IPO: 30 सितंबर से ₹21 करोड़ का इश्यू खुलेगा, जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Sollfege Smart Electronics IPO: स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबार से जुड़ी कोलकाता की Sollfege Smart Electronics Limited अपना IPO ला रही है। कंपनी का IPO 30 सितंबर 2026 को खुलेगा। इसमें निवेश के लिए 5 अक्टूबर तक मौका मिलेगा। कंपनी के शेयर BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है।

IPO की पूरी डिटेल

कंपनी IPO के जरिए 39.60 लाख इक्विटी शेयर जारी करेगी। हर शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। इश्यू प्राइस 55 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इस हिसाब से IPO का कुल साइज 21.78 करोड़ रुपये है।

इस इश्यू का मार्केट लॉट 2,000 शेयरों का है। रिटेल निवेशकों को कम से कम दो लॉट के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए 2.20 लाख रुपये लगाने होंगे।

HNI निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन तीन लॉट का है। यानी उन्हें कम से कम 3,000 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए 3.30 लाख रुपये की जरूरत होगी।

इस IPO के लिए Finshore Management Services Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। Kfin Technologies Ltd. इश्यू की रजिस्ट्रार है।

IPO के पैसे का क्या होगा?

कंपनी IPO से मिले पैसे का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने में करेगी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा नए शोरूम खोलने पर खर्च होगा।

कंपनी 12 नए शोरूम खोलने के लिए 8.54 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे उसका रिटेल नेटवर्क बढ़ेगा। साथ ही ग्राहकों तक पहुंच भी मजबूत करने की योजना है।

कंपनी 9.67 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल के लिए रखेगी। बाकी 1.80 करोड़ रुपये सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों पर खर्च किए जाएंगे।

प्रीमियम होम एंटरटेनमेंट पर फोकस

Sollfege Smart Electronics प्रीमियम ऑडियो, वीडियो और स्मार्ट होम ऑटोमेशन सॉल्यूशन के कारोबार में है। कंपनी अपने ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ के जरिए ग्राहकों को प्रोडक्ट्स और सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है।

कंपनी का फोकस प्रीमियम होम एंटरटेनमेंट और स्मार्ट लिविंग से जुड़े बाजार पर है। नए शोरूम के जरिए इस कारोबार को और बढ़ाने की योजना है।

मैनेजिंग डायरेक्टर ने क्या कहा?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर उमेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने प्रीमियम ऑडियो, वीडियो और स्मार्ट होम ऑटोमेशन के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत की है।

उन्होंने कहा कि कंपनी का अगला फोकस बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने, ग्राहक अनुभव बेहतर करने और प्रीमियम होम एंटरटेनमेंट व स्मार्ट लिविंग के क्षेत्र में एक भरोसेमंद नाम बनाने पर है।

तीन साल में बढ़ी कंपनी की कमाई

Sollfege Smart Electronics के फाइनेंशियल प्रदर्शन में भी सुधार हुआ है। कंपनी की कुल इनकम FY23 में 12.74 करोड़ रुपये थी। यह FY24 में बढ़कर 19.84 करोड़ रुपये और FY25 में 21.28 करोड़ रुपये हो गई।

कंपनी का EBITDA भी लगातार बढ़ा है। FY23 में यह 0.66 करोड़ रुपये था। FY24 में बढ़कर 1.73 करोड़ रुपये और FY25 में 3.24 करोड़ रुपये हो गया।

PAT यानी टैक्स के बाद मुनाफा भी बढ़ा है। FY23 में यह 0.36 करोड़ रुपये था। FY24 में 1.76 करोड़ रुपये और FY25 में 2.13 करोड़ रुपये रहा।

FY25 के आंकड़ों में कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सुधार दिखता है। EBITDA और PAT में बढ़ोतरी के साथ कंपनी अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।

लंबी और मध्यम अवधि के लिहाज से यह शेयरों में निवेश का शानदार मौका, एक्सपर्ट ने बताई इसकी खास वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming IPO: 31 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में 7 नए IPO खुलेंगे, 15 कंपनियों की लिस्टिंग होगी

Upcoming IPO: 31 अगस्त से शुरू होने वाला नया हफ्ता IPO बाजार के लिए काफी व्यस्त रहेगा। शेयर बाजार में पिछले करीब एक महीने से सुस्ती है। इसके बावजूद IPO मार्केट में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। अगले हफ्ते 7 कंपनियों के IPO खुलेंगे। इनके जरिए ₹1,415 करोड़ जुटाने की योजना है। साथ ही 15 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी।

₹1,265 करोड़ के 3 मेनबोर्ड IPO

अगले हफ्ते 3 मेनबोर्ड IPO खुलेंगे। इनका कुल साइज ₹1,265 करोड़ है। सबसे पहले Purple Style Labs का IPO आएगा। कंपनी Pernia’s Pop-Up Shop ब्रांड चलाती है।

कंपनी का ₹680 करोड़ का IPO 31 अगस्त को खुलेगा। इसमें 2 सितंबर तक पैसा लगाया जा सकेगा। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। प्राइस बैंड ₹546 से ₹575 प्रति शेयर है।

1 सितंबर को खुलेंगे दो IPO

Rays of Belief और Deepa Jewellers के IPO 1 सितंबर को खुलेंगे। दोनों में 3 सितंबर तक निवेश किया जा सकेगा। MOM’s Belief की पैरेंट कंपनी Rays of Belief ₹125 करोड़ जुटाना चाहती है। इसका प्राइस बैंड ₹227 से ₹239 प्रति शेयर है। यह भी पूरी तरह फ्रेश इश्यू है।

Deepa Jewellers ₹459.71 करोड़ जुटाएगी। इसमें ₹250 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। बाकी ₹209.71 करोड़ OFS के जरिए जुटाए जाएंगे। प्रमोटर अपने शेयर बेचेंगे। प्राइस बैंड ₹168 से ₹177 प्रति शेयर है।

4 SME IPO भी आएंगे

अगले हफ्ते 4 SME IPO भी खुलेंगे। इनका कुल साइज ₹150.17 करोड़ है। Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics और Phychem Technologies के IPO 31 अगस्त को खुलेंगे। Farm Peace का IPO 1 सितंबर को आएगा।

विजय केडिया के निवेश वाली Ashutosh Fibre ₹56.34 करोड़ जुटाना चाहती है। इसका प्राइस बैंड ₹87 से ₹92 प्रति शेयर है। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। कंपनी ने IPO खुलने से पहले एंकर निवेशकों से ₹16.04 करोड़ जुटा लिए हैं। इसमें 5 निवेशकों ने हिस्सा लिया है।

Shanti Inorganics ₹47.23 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। कंपनी सल्फर बेस्ड इनऑर्गेनिक केमिकल बनाती है। इसका प्राइस बैंड ₹79 से ₹83 प्रति शेयर है।

Phychem Technologies ₹14.58 करोड़ जुटाएगी। कंपनी रोटेशनल मोल्डिंग कंपाउंड बनाती है। इसका इस्तेमाल खोखले प्लास्टिक प्रोडक्ट बनाने में होता है। प्राइस बैंड ₹51 से ₹54 प्रति शेयर है।

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कंपनी Farm Peace ₹32 करोड़ जुटाएगी। इसका IPO 1 सितंबर को खुलेगा। प्रति शेयर कीमत ₹59 तय की गई है।

अगस्त में ₹23,679 करोड़ के IPO

अगस्त में IPO बाजार में काफी हलचल रही। मेनबोर्ड और SME सेगमेंट में कुल 46 IPO आए। इनके जरिए ₹23,679 करोड़ जुटाए गए। इस साल अगस्त तक IPO के जरिए ₹79,829 करोड़ की फंडिंग हो चुकी है।

इन IPO में निवेश का आखिरी मौका

Lumino Industries का ₹700 करोड़ का IPO 31 अगस्त को बंद होगा। कंपनी पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर समेत कई प्रोडक्ट बनाती है। अब तक इस IPO को 4.87 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है।

ESDS Software Solution का ₹720 करोड़ का IPO 1 सितंबर तक खुला रहेगा। कंपनी AI, क्लाउड और डेटा सेंटर सर्विसेज देती है। Priority Jewels का ₹91.5 करोड़ का IPO भी 1 सितंबर को बंद होगा। ESDS के IPO को अब तक 2.1 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। Priority Jewels का IPO 1.93 गुना भर चुका है।

SME सेगमेंट में Kwick Forensic Solutions का IPO 31 अगस्त को बंद होगा। Complete Sports & Management India और Paluck Technologies के IPO 1 सितंबर तक खुले रहेंगे।

अगले हफ्ते 15 कंपनियों की लिस्टिंग

अगले हफ्ते 15 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी। इनमें 8 मेनबोर्ड और 7 SME कंपनियां शामिल हैं।

Augmont Enterprises 31 अगस्त को डेब्यू करेगी। इसके बाद Hy-Tech Engineers, Skyways Air Services और Symbiotec Pharmalab 1 सितंबर को लिस्ट होंगी।

Annu Projects 2 सितंबर को लिस्ट होगी। Lumino Industries की लिस्टिंग 3 सितंबर को होगी। ESDS Software Solution और Priority Jewels के शेयरों में 4 सितंबर से ट्रेडिंग शुरू होगी।

SME सेगमेंट में Madhur Knit Crafts और ABH Healthcare 1 सितंबर को NSE Emerge पर लिस्ट होंगी। Sumax Engineering की लिस्टिंग 2 सितंबर को होगी।

Kwick Forensic Solutions 3 सितंबर को BSE SME पर डेब्यू करेगी। Complete Sports & Management India और Paluck Technologies की लिस्टिंग 4 सितंबर को होगी।

Augmont Enterprises की तगड़ी होगी लिस्टिंग या फुस्स, ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO Allotment Alert: 105x सब्सक्रिप्शन वाले आईपीओ का आज होगा अलॉटमेंट, 40% है GMP! ऐसे चेक करें स्टेटस

Augmont Enterprises IPO Allotment: बुलियन और गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ऑपरेट करने वाली कंपनी ऑगमोंट एंटरप्राइज के ₹825 करोड़ के आईपीओ का आज, 27 अगस्त को अलॉटमेंट होना है। इस इश्यू को निवेशकों से बंपर रिस्पांस मिला था और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक यह आईपीओ कुल 105.78 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

कैसा रहा सब्सक्रिप्शन?

कंपनी के ऑफर पर मौजूद 77.15 लाख (77,15,999) शेयरों के मुकाबले कुल 81.61 करोड़ (81,61,83,836) शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई थीं:

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): इस कैटेगरी में सबसे तगड़ा रिस्पॉन्स देखने को मिला और यह हिस्सा 226.96 गुना भरा।

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): एनआईआई कैटेगरी में आईपीओ 121.47 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशक: रिटेल निवेशकों का हिस्सा 30.98 गुना भरा है।

अलॉटमेंट, रिफंड और लिस्टिंग की तारीखें

अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 27 अगस्त 2026

रिफंड और शेयर क्रेडिट की तारीख: 28 अगस्त 2026

शेयर लिस्टिंग की तारीख: 31 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

कैसी रहा है वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 53.3% बढ़कर ₹348.3 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹227.2 करोड़ था। कंपनी का कुल राजस्व 42.2% बढ़कर ₹94,186.2 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹620 करोड़ में से ₹465 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए करेगी, जो इसके विशाल बुलियन ट्रेडिंग बिजनेस के संचालन के लिए बेहद जरूरी है।

GMP से 40% लिस्टिंग गेन का संकेत

ग्रे मार्केट प्रीमियम पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त को ऑगमोंट एंटरप्राइज के शेयर ₹315 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहे हैं। ₹788 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर ग्रे मार्केट में ₹1,103 पर लिस्ट होने का इशारा दे रहा है, जो करीब 39.97% (करीब 40%) के लिस्टिंग गेन को दर्शाता है।

इन 3 तरीकों से आसानी से चेक करें स्टेटस

अगर आपने भी इस आईपीओ में बोली लगाई है, तो आप अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होते ही रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) या बीएसई/एनएसई की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:

1. रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) के जरिए स्टेटस देखें:

  • सबसे पहले रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट 
  • ड्रॉपडाउन सूची में से Augmont Enterprises IPO चुनें।
  • खोज विकल्प चुनें (PAN नंबर, Application Number या DP ID/Client ID)।
  • आवश्यक विवरण दर्ज करें और स्टेटस देखने के लिए Submit बटन पर क्लिक करें।

2. BSE की वेबसाइट से अलॉटमेंट चेक करने का तरीका:

  • BSE के ऑफिशियल अलॉटमेंट पेज
  • ‘Issue Type’ में Equity का विकल्प चुनें।
  • ‘Issue Name’ की सूची से Augmont Enterprises सिलेक्ट करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • ‘I am not a robot’ पर टिक करें और Search पर क्लिक करें।

3. NSE की वेबसाइट के जरिए:

  • NSE के आईपीओ बिड वेरिफिकेशन पोर्टल पर जाएं।
  • ‘Equity & SME IPO’ का चयन करें।
  • ऑगमोंट एंटरप्राइज का चुनाव कर आवश्यक एप्लीकेशन डिटेल्स भरकर स्टेटस जांचें।

Tempsens Instruments IPO Allotment: 184 गुना सब्सक्राइब, लेटेस्ट GMP के साथ जानिए अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Tempsens Instruments IPO Allotment: इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट सेक्टर की Tempsens Instruments के IPO के लिए आज, 25 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है। ₹650 करोड़ के इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। इश्यू कुल 184.07 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII की रही। इस कैटेगरी में IPO 314.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB ने 302.88 गुना बोली लगाई। रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी भी 60.69 गुना सब्सक्राइब हुई।

Tempsens Instruments IPO की लिस्टिंग

कंपनी ने IPO के लिए ₹285 से ₹300 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। IPO 20 अगस्त को खुला था। 24 अगस्त को इसकी बोली बंद हो गई। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

GMP से लिस्टिंग पर कितना फायदा दिख रहा है?

Tempsens Instruments के शेयर को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। InvestorGain के मुताबिक, 25 अगस्त को इसका GMP करीब ₹317 था।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹300 है। ऐसे में ₹317 का GMP जोड़ें तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹617 बनती है। यानी ₹300 के IPO Price के मुकाबले करीब 105.67% प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, यह रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।

Tempsens Instruments IPO अलॉट स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपने भी इस IPO में पैसा लगाया है, तो अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए KFin Technologies और NSE की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

KFin Technologies से कैसे चेक करें?

KFin Technologies इस IPO की Registrar है।

  • स्टेप 1: KFin Technologies की IPO Status वेबसाइट खोलें।
  • स्टेप 2: IPO की लिस्ट में Tempsens Instruments चुनें।
  • स्टेप 3: PAN, Application Number या DP ID/Client ID में से कोई विकल्प चुनें।
  • स्टेप 4: मांगी गई जानकारी भरें।
  • स्टेप 5: Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपका अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।

NSE से कैसे चेक करें?

NSE की वेबसाइट पर भी IPO से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।

  • NSE के IPO Bid Details सेक्शन में जाएं।
  • Equity और SME IPO Bid Details का विकल्प चुनें।
  • Tempsens Instruments को चुनें।
  • अपनी एप्लिकेशन डिटेल्स डालें।
  • सबमिट करें और डिटेल देखें।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket IPO Allotment Date: करीब 100 गुना सब्सक्राइब हुआ, जानिए लेटेस्ट GMP और अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Shiprocket IPO: ई-कॉमर्स एनएबलमेंट प्लेटफॉर्म Shiprocket के IPO को करीब 100 गुना का जोरदार सब्सक्रिप्शन मिला। यह आईपीओ 12 से 14 अगस्त तक खुला था। शिपरॉकेट ने अपने 92-97 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था। Shiprocket IPO का अलॉटमेंट 17 अगस्त को फाइनल होने की संभावना है। इसके बाद कंपनी के शेयर 19 अगस्त को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

IPO का आकार कितना है?

Shiprocket का IPO ₹1,617.48 करोड़ का है। इसमें ₹885.50 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए। वहीं ₹731.98 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए।

OFS में Tribe Capital, Moore Strategic Ventures, Lightrock, गौतम कपूर, साहिल गोयल, विशेष खुराना और Agility International Investment जैसे मौजूदा निवेशकों ने हिस्सेदारी बेची।

शिपरॉकेट पैसे का इस्तेमाल कहां करेगी?

कंपनी IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मार्केटिंग बढ़ाने, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, कुछ कर्ज चुकाने और संभावित अधिग्रहण जैसे कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

Temasek और Zomato के निवेश वाली Shiprocket अब सिर्फ शिपिंग कंपनी नहीं रह गई है। यह D2C ब्रांड्स और MSMEs को घरेलू शिपिंग, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग, फुलफिलमेंट, विज्ञापन, कैपिटल सॉल्यूशंस और हाइपरलोकल डिलीवरी जैसी सेवाएं देती है।

ग्रे मार्केट में कैसा है माहौल?

Investorgain के मुताबिक, रविवार को Shiprocket का GMP ₹32 रहा। यह इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 33% प्रीमियम दिखाता है। हालांकि, 13 अगस्त को यह ₹36.50 था, यानी इसमें हल्की नरमी आई है। लिस्टिंग तक GMP में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

NSE अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • NSE की IPO Bid Details वेबसाइट खोलें।
  • Equity & SME IPO बिड डिटेल्स चुनें।
  • Symbol में SHIPROCKET चुनें।
  • PAN या एप्लिकेश नंबर दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।

KFin Technologies पर अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • KFin Technologies का IPO स्टेटस पोर्टल खोलें।
  • Shiprocket Ltd चुनें।
  • डीमैट नंबर, एप्लिकेशन नंबर या PAN में से कोई एक दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।

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