SME IPO पर सख्ती की तैयारी! SEBI का मुनाफे से लेकर ऑफर फॉर सेल तक के नियम बदलने का प्रस्ताव

SME IPO लाने वाली कंपनियों के लिए नियम सख्त हो सकते हैं। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने इसके लिए कई बदलावों का प्रस्ताव दिया है। सबसे बड़ा बदलाव मुनाफे की शर्त को लेकर है। प्रस्ताव के मुताबिक, कंपनियों को पिछले तीन वित्त वर्षों में औसतन 3 करोड़ रुपये का सालाना ऑपरेटिंग प्रॉफिट दिखाना होगा।

SEBI ने 14 अक्टूबर 2026 को इस बारे में कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इसमें SME IPO के नियमों में बदलाव की बात कही गई है। आम लोगों और बाजार से जुड़े पक्षों से 4 नवंबर तक सुझाव मांगे गए हैं। अभी ये प्रस्ताव हैं, लागू नियम नहीं।

SME IPO के लिए मुनाफे की नई शर्त

अभी कंपनी को पिछले तीन वित्त वर्षों में से कम से कम दो साल में 1 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दिखाना होता है। SEBI अब इसकी जगह नई शर्त लाना चाहता है। इसके तहत पिछले तीन साल का औसत सालाना ऑपरेटिंग प्रॉफिट कम से कम 3 करोड़ रुपये होना चाहिए।

जो कंपनियां यह शर्त पूरी नहीं कर पाएंगी, उनके लिए भी IPO लाने का रास्ता खुला रह सकता है। हालांकि, उन्हें दूसरी शर्तें पूरी करनी होंगी। ऐसी कंपनियों को बुक बिल्डिंग प्रक्रिया अपनानी होगी। साथ ही, IPO के नेट इश्यू का कम से कम 75% हिस्सा बड़े संस्थागत निवेशकों यानी QIBs को देना होगा। अगर इतना आवंटन नहीं हो पाता है, तो निवेशकों की पूरी रकम लौटानी होगी।

मार्केट कैप से तय होगी लिस्टिंग की पात्रता

SEBI कंपनियों की पात्रता तय करने का तरीका भी बदलना चाहता है। अभी इसके लिए पेड-अप कैपिटल को आधार बनाया जाता है। नए प्रस्ताव में कंपनी के मार्केट कैप को आधार बनाने की बात है।

इसके मुताबिक, IPO के बाद 1,000 करोड़ रुपये तक के मार्केट कैप वाली कंपनियां सिर्फ SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकेंगी। 1,000 करोड़ से ज्यादा और 4,000 करोड़ रुपये तक के मार्केट कैप वाली कंपनियां भी तय शर्तों के साथ SME प्लेटफॉर्म चुन सकेंगी। इनके वित्तीय दस्तावेज Ind AS के नियमों के मुताबिक होने चाहिए।

अगर ऑफर डॉक्यूमेंट के तय चरण में कंपनी का मार्केट कैप 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाता है, तो उसे मेनबोर्ड के नियमों के तहत दोबारा दस्तावेज जमा करने होंगे।

IPO में आवेदन की रकम घटेगी

SEBI SME IPO में आवेदन की न्यूनतम रकम घटाने का प्रस्ताव भी लाया है। अभी न्यूनतम आवेदन की रकम 2 लाख रुपये से ज्यादा है। इसे घटाकर 1 लाख रुपये करने की तैयारी है। हालांकि, निवेशकों को कम से कम चार लॉट के लिए आवेदन करना होगा। हर लॉट की कीमत कम से कम 25,000 रुपये होगी।

इसके अलावा, IPO में कम से कम 200 निवेशकों को शेयर देने की शर्त बढ़ाकर 500 करने का प्रस्ताव है। रिटेल निवेशकों को शेयर देने के तरीके में भी बदलाव हो सकता है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, शेयरों का आवंटन न्यूनतम लॉट के गुणकों से बंधा नहीं रहेगा। यह उपलब्ध शेयरों पर निर्भर करेगा।

कंपनियों को IPO से जुटाई गई रकम में से जनरल कॉरपोरेट कामों पर खर्च करने की 10 करोड़ रुपये की सीमा से भी राहत मिल सकती है। हालांकि, कुल जुटाई गई रकम के 15% तक खर्च करने की मौजूदा सीमा बनी रहेगी।

शेयर बेचने और लॉक-इन के नियम बदलेंगे

SEBI ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के लिए अलग नियम बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत कुछ छूटों को छोड़कर बिक्री के लिए रखे जाने वाले शेयर कम से कम एक साल से शेयरधारक के पास होने चाहिए।

अभी OFS में कुल इश्यू साइज का अधिकतम 20% हिस्सा बेचा जा सकता है। शेयरधारक अपनी पहले से मौजूद हिस्सेदारी का अधिकतम 50% हिस्सा भी बेच सकते हैं। SEBI ने बड़े संस्थागत निवेशकों यानी QIB शेयरधारकों को इन सीमाओं से छूट देने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, मुनाफे की शर्त पूरी नहीं करने वाली कंपनियों के लिए यह छूट नहीं होगी।

SEBI ने शेयरों के लॉक-इन नियम बदलने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत, प्रमोटरों के न्यूनतम जरूरी शेयर IPO में आवंटन की तारीख से तीन साल तक लॉक रहेंगे। अतिरिक्त प्रमोटर शेयरों पर एक साल की रोक होगी। वहीं, पुराने गैर-प्रमोटर निवेशकों के शेयरों का लॉक-इन एक साल से घटाकर छह महीने करने का प्रस्ताव है। प्रमोटर ग्रुप की कुछ हिस्सेदारी पर भी एक साल का लॉक-इन लागू हो सकता है।

SME IPO से अब तक जुटाए गए 40,222 करोड़ रुपये

SEBI के मुताबिक, SME प्लेटफॉर्म शुरू होने के बाद से अब तक 1,496 कंपनियां इस पर लिस्ट हो चुकी हैं। इनमें वे कंपनियां भी शामिल हैं, जो बाद में मेनबोर्ड पर चली गईं। कुल 365 कंपनियां मेनबोर्ड में माइग्रेट कर चुकी हैं।

SME IPO के जरिए कंपनियों ने अब तक 40,222 करोड़ रुपये जुटाए हैं। 31 जुलाई 2026 तक SME प्लेटफॉर्म की कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,70,984 करोड़ रुपये था। इस आंकड़े में मेनबोर्ड पर जा चुकी कंपनियां भी शामिल हैं।

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Peshwa Wheat IPO: 24 सितंबर को खुलेगा ₹53 करोड़ का IPO, जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Peshwa Wheat IPO: गेहूं से जुड़े प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Peshwa Wheat Limited अपना IPO ला रही है। कंपनी का ₹53.52 करोड़ का IPO 24 सितंबर 2026 को खुलेगा और 28 सितंबर को बंद होगा। कंपनी के शेयर 1 अक्टूबर 2026 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।

₹95 से ₹101 है प्राइस बैंड

Peshwa Wheat ने IPO के लिए ₹95 से ₹101 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इश्यू में कुल 52.99 लाख शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें 50.04 लाख शेयर फ्रेश इश्यू के हैं, जबकि 2.95 लाख शेयर मार्केट मेकर के लिए रिजर्व रखे गए हैं।

रिटेल निवेशकों के लिए 25.03 लाख शेयर रिजर्व हैं। यह कुल इश्यू का 50.02% है। एक लॉट में 1,200 शेयर होंगे। रिटेल निवेशकों को कम से कम 2 लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से इसके लिए ₹2,42,400 का निवेश करना होगा।

वहीं, HNI कैटेगरी में न्यूनतम 3,600 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से इसके लिए ₹3,63,600 की जरूरत होगी।

IPO की अहम जानकारी

जानकारीडिटेल
IPO की तारीख
24 से 28 सितंबर 2026

प्राइस बैंड
₹95 से ₹101 प्रति शेयर

इश्यू साइज₹53.52 करोड़
कुल शेयर52.99 लाख
रिटेल का न्यूनतम आवेदन2,400 शेयर
रिटेल के लिए न्यूनतम निवेश₹2,42,400
HNI का न्यूनतम आवेदन3,600 शेयर
HNI के लिए न्यूनतम निवेश₹3,63,600
लिस्टिंग1 अक्टूबर 2026, BSE SME
बुक रनिंग लीड मैनेजरफिनाक्स कैपिटल एडवाइजर्स
रजिस्ट्रारमाशितला सिक्योरिटीज

कहां इस्तेमाल होगा IPO का पैसा?

कंपनी IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में करेगी। इसमें ₹6.69 करोड़ प्लांट और मशीनरी खरीदने पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, ₹5.01 करोड़ सिविल कंस्ट्रक्शन और ₹26.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए इस्तेमाल होंगे।

बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रखी जाएगी। यानी IPO से जुटाई गई बड़ी रकम कंपनी के कारोबार को बढ़ाने और ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने में लगेगी।

क्या करती है Peshwa Wheat?

Peshwa Wheat Limited की स्थापना 2023 में हुई थी। कंपनी गेहूं से जुड़े उत्पादों का प्रोसेसिंग कारोबार करती है। इंदौर में स्थित इसकी यूनिट की सालाना क्षमता 56,100 मीट्रिक टन है।

कंपनी अपने उत्पादों की सप्लाई मुख्य रूप से संस्थागत और थोक ग्राहकों को करती है। फिलहाल कंपनी 4 राज्यों में अपने उत्पाद पहुंचाती है।

FY26 में बढ़ा रेवेन्यू और मुनाफा

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में FY26 के दौरान अच्छी बढ़त देखने को मिली। कुल आय FY25 के ₹171.55 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹215.96 करोड़ हो गई। यानी कंपनी की आय में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

इसी तरह EBITDA ₹18.05 करोड़ से बढ़कर ₹22.73 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा भी ₹11.84 करोड़ से बढ़कर ₹15.81 करोड़ पहुंच गया। मार्च 2026 तक कंपनी का ROE 44.96% और ROCE 33.44% रहा। वहीं, डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.55 था। कंपनी का EBITDA मार्जिन 10.53% और PAT मार्जिन 7.32% रहा।

IPO के बाद प्रमोटर होल्डिंग घटेगी

IPO के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटकर 52.39% रह जाएगी। कंपनी का ये इश्यू पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जिसमें नए शेयर जारी करके पूंजी जुटाई जाएगी।

Peshwa Wheat IPO में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए 24 सितंबर से 28 सितंबर तक आवेदन का मौका रहेगा। इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 को शेयर BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹69 का प्राइस बैंड और ₹9 का तगड़ा इशारा! आज से खुले इस आईपीओ में पैसा लगाने से पहले जान लें जरूरी बातें

Twinkle Papers IPO: एसएमई सेगमेंट में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए आज यानी 29 जून से एक और नया मौका खुल गया है। ट्विंकल पेपर्स लिमिटेड का आईपीओ आज से सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन हो चुका है। यह आईपीओ निवेश के लिए 1 जुलाई तक खुला रहेगा।

कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए बाजार से ₹28 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। अगर आप भी इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो दांव लगाने से पहले इसके प्राइस बैंड, ग्रे मार्केट प्रीमियम और सभी जरूरी डिटेल्स को विस्तार से जान लेना जरूरी है।

आईपीओ की तारीख, प्राइस बैंड और साइज 

ट्विंकल पेपर्स लिमिटेड का यह पब्लिक इश्यू आज यानी 29 जून 2026 से निवेशकों के लिए खुल चुका है और इसमें बुधवार, 1 जुलाई 2026 तक दांव लगाया जा सकता है। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए ₹64 से ₹69 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ट्विंकल पेपर्स इस बुक बिल्ड इश्यू के जरिए बाजार से कुल ₹28 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। कंपनी इस आईपीओ में पूरी तरह से फ्रेश शेयरों की पेशकश कर रही है।

लॉट साइज, अलॉटमेंट और लिस्टिंग की पूरी टाइमलाइन

चूंकि यह एक एसएमई आईपीओ है, इसलिए इसका लॉट साइज काफी बड़ा रखा गया है जिसके तहत निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा और एक लॉट में 2000 शेयर शामिल हैं। आईपीओ बंद होने के बाद सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट 2 जुलाई 2026 को होने की उम्मीद है और कंपनी के शेयरों की बीएसई एसएमई एक्सचेंज पर लिस्टिंग 6 जुलाई 2026 को हो सकती है। इस पूरे इश्यू के लिए ‘अलंकित असाइनमेंट्स लिमिटेड’ को आधिकारिक रजिस्ट्रार और ‘नोवस कैपिटल एडवाइजर्स’ को लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।

ग्रे मार्केट में क्या है हलचल?

आईपीओ मार्केट के विश्लेषकों के मुताबिक, ट्विंकल पेपर्स के शेयरों को लेकर ग्रे मार्केट में हलचल देखी जा रही है। आज यह शेयर ग्रे मार्केट में ₹9 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। यानी इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹9 चल रहा है। अगर यही ट्रेंड बरकरार रहता है, तो ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से इसकी लिस्टिंग शानदार बढ़त के साथ हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming IPO: पैसे रखें तैयार! इस हफ्ते खुलेंगे 6 आईपीओ, मेनबोर्ड से होंगे 3 इश्यू

Upcoming IPO: कुछ समय की सुस्ती के बाद IPO बाजार अगले हफ्ते रफ्तार पकड़ने वाला है। 23 से 29 जून के बीच निवेशकों के पास कई नए IPO में निवेश का मौका होगा। इस दौरान मेनबोर्ड और SME दोनों सेगमेंट में नए इश्यू खुलेंगे। वहीं, कुछ पहले से खुले IPO में भी निवेश जारी रहेगा। इसके अलावा कई कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्टिंग भी होने वाली है।

मेनबोर्ड के तीन IPO पर रहेगी नजर

Waterways Leisure Tourism IPO: यह अगले हफ्ते का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। कंपनी 585 करोड़ रुपये जुटाने के लिए पूरी तरह फ्रेश इश्यू ला रही है। यह IPO 23 जून को खुलेगा और 25 जून को बंद होगा। कंपनी ने 769-808 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। शेयरों की लिस्टिंग 1 जुलाई को हो सकती है।

Advit Jewels IPO: ज्वेलरी सेक्टर की Advit Jewels भी 23 जून को IPO लेकर आ रही है। कंपनी करीब 165 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। IPO 25 जून तक खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड 130-138 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। कंपनी के शेयर 1 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

CSM Technologies IPO: टेक्नोलॉजी सेक्टर की CSM Technologies तीसरी मेनबोर्ड कंपनी होगी। कंपनी करीब 146 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। IPO 24 जून को खुलेगा और 29 जून को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड 107-113 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। शेयरों की लिस्टिंग 2 जुलाई को प्रस्तावित है।

SME IPO भी रहेंगे चर्चा में

SME सेगमेंट में भी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। Jivial Industries का IPO 23 जून को खुलेगा। इसमें फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल हैं। कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगी।

टेक्सटाइल सेक्टर की Shreedhar Spinners भी 23 जून को IPO लॉन्च करेगी। कंपनी करीब 31 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसका प्राइस बैंड 51-53 रुपये प्रति शेयर रखा गया है।

Dhanwel Hybrid Seeds का IPO 24 जून को खुलेगा और 29 जून को बंद होगा। कंपनी करीब 27 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसका प्राइस बैंड 95-99 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।

पहले से खुले IPO में भी निवेश का मौका

इस हफ्ते खुले कुछ IPO अगले हफ्ते भी निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेंगे। इनमें सबसे बड़ा नाम Turtlemint Fintech Solutions का है। कंपनी फ्रेश इश्यू और OFS के जरिए करीब 883 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। यह IPO 19 जून को खुला था और 23 जून को बंद होगा।

SME सेगमेंट में Avience Biomedicals और Riyaasat Lifestyle के IPO में 22 जून तक निवेश किया जा सकेगा। वहीं Anubhav Plast का IPO 23 जून तक खुला रहेगा।

अगले हफ्ते 6 कंपनियों की लिस्टिंग

IPO के साथ-साथ अगले हफ्ते लिस्टिंग कैलेंडर भी व्यस्त रहेगा। 24 जून को Clay Craft, Diksha Polymers, Leapfrog Engineering और Liotech Industries के शेयर SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।

इसके बाद 25 जून को Avience Biomedicals और Riyaasat Lifestyle के शेयर बाजार में डेब्यू करेंगे।

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