शराब बनाने वाली इस कंपनी का शेयर बन सकता है रॉकेट, नोमुरा ने दी खरीदने की सलाह

बाजार में जारी गिरावट के बीच भी ऐसे कई शेयर हैं, जिन्होंने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं। अगर आप ऐसे किसी शेयर की तलाश में हैं तो एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स (एबीडीएल) पर दांव लगा सकते हैं। विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने इस शेयर को ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवर करना शुरू किया है। यह शेयर बीते छह महीनों में 78 फीसदी चढ़ा है।

नोमुरा ने शेयर के लिए दिया 850 रुपये का टारगेट प्राइस

नोमुरा ने Allied Blenders & Distillers के शेयर के लिए 850 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी को प्रीमियमाइजेशन का फायदा मिलेगा। इसका मतलब है कि प्रीमियम प्रोडक्ट्स में ग्राहकों की बढ़ती दिलचस्पी का फायदा कंपनी को मिलेगा। कंपनी नए प्रोडक्ट्स लॉन्च कर रही है, जिससे ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

EPS का सीएजीआर 26 फीसदी रहने का अनुमान

ब्रोकरेज फर्म ने FY26 से FY29 के बीच कंपनी की अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 26 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। उसने कहा है कि इस दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 370 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने एबीडीएल पर 28 सितंबर को अपनी रिपोर्ट पेश की।

कंपनी की ग्रोथ को ICONiQ व्हाइट व्हिस्की का सपोर्ट

इस रिपोर्ट में नोमुरा ने कहा है कि एबीडीएल अपनी प्रीमियम व्हिस्की (ऑफिशर्स चॉइस-ओसी) से आगे बढ़ चुकी है। यह यूथफुल, फुल-पोर्टफोलियो प्रेस्टिज एंड एबव (P&A) प्लेयर के रूप में उभरी है। कंपनी को ICONiQ व्हाइट व्हिस्की का भी सपोर्ट मिला है। FY26 में इसकी बिक्री 1.07 करोड़ केस रही। इससे कंपनी के P&A वॉल्यूम को भी सपोर्ट मिला।

अगले चरण की ग्रोथ में प्रीमियम ब्रांड्स का भी हाथ होगा

ब्रोकरे फर्म का मानना है कि नए प्रीमियम ब्रांड्स से एबीडीएल की अगले चरण की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। कंपनी ने FY26 में ABD Maestro लॉन्च की थी। इसके व्हिस्की, जिन, वोदका और रम में 10 ब्रांड्स हैं। कंपनी ने FY27-FY28 के दौरान इस ब्रांड पर फोकस करने का प्लान बनाया है। Indian Edit के साथ कंपनी ने प्रीमियम व्हिस्की में भी एंट्री ली है। अब उसका प्लान डिलक्स वोदका में एंट्री का है। कंपनी का खुद का सिंगल माल्ट 2029 में आने की संभावना है।

कंपनी का 1600 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च का प्लान

ABDL ने 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। नोमुरा का मानना है कि इससे सप्लाई सिक्योरिटी बढ़ेगी और स्ट्रक्चरल कॉस्ट एफिशियंसी में इम्प्रूवमेंट होगा। एबीडीएल ने FY28 तक करीब 48 फीसदी ग्रॉस मार्जिन, 18 फीसदी एबिड्टा मार्जिन और 25 फीसदी ROCE का टारगेट तय किया है।

यह भी पढ़ें: बाजार में गिरावट से एसेट एलोकेशन नहीं करने वाले इनवेस्टर्स को तगड़ी चोट, जानिए पूरा मामला

बीते छह महीनों में 78 फीसदी चढ़ा है यह शेयर 

एबीडीएल का शेयर 29 सितंबर को 0.73 फीसदी गिरकर 718 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर करीब 78 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान निफ्टी सिर्फ 1.72 फीसदी चढ़ा है। 29 सितंबर को लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट आई।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Peshwa Wheat IPO: 24 सितंबर को खुलेगा ₹53 करोड़ का IPO, जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Peshwa Wheat IPO: गेहूं से जुड़े प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Peshwa Wheat Limited अपना IPO ला रही है। कंपनी का ₹53.52 करोड़ का IPO 24 सितंबर 2026 को खुलेगा और 28 सितंबर को बंद होगा। कंपनी के शेयर 1 अक्टूबर 2026 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।

₹95 से ₹101 है प्राइस बैंड

Peshwa Wheat ने IPO के लिए ₹95 से ₹101 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इश्यू में कुल 52.99 लाख शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें 50.04 लाख शेयर फ्रेश इश्यू के हैं, जबकि 2.95 लाख शेयर मार्केट मेकर के लिए रिजर्व रखे गए हैं।

रिटेल निवेशकों के लिए 25.03 लाख शेयर रिजर्व हैं। यह कुल इश्यू का 50.02% है। एक लॉट में 1,200 शेयर होंगे। रिटेल निवेशकों को कम से कम 2 लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से इसके लिए ₹2,42,400 का निवेश करना होगा।

वहीं, HNI कैटेगरी में न्यूनतम 3,600 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से इसके लिए ₹3,63,600 की जरूरत होगी।

IPO की अहम जानकारी

जानकारीडिटेल
IPO की तारीख
24 से 28 सितंबर 2026

प्राइस बैंड
₹95 से ₹101 प्रति शेयर

इश्यू साइज₹53.52 करोड़
कुल शेयर52.99 लाख
रिटेल का न्यूनतम आवेदन2,400 शेयर
रिटेल के लिए न्यूनतम निवेश₹2,42,400
HNI का न्यूनतम आवेदन3,600 शेयर
HNI के लिए न्यूनतम निवेश₹3,63,600
लिस्टिंग1 अक्टूबर 2026, BSE SME
बुक रनिंग लीड मैनेजरफिनाक्स कैपिटल एडवाइजर्स
रजिस्ट्रारमाशितला सिक्योरिटीज

कहां इस्तेमाल होगा IPO का पैसा?

कंपनी IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में करेगी। इसमें ₹6.69 करोड़ प्लांट और मशीनरी खरीदने पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, ₹5.01 करोड़ सिविल कंस्ट्रक्शन और ₹26.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए इस्तेमाल होंगे।

बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रखी जाएगी। यानी IPO से जुटाई गई बड़ी रकम कंपनी के कारोबार को बढ़ाने और ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने में लगेगी।

क्या करती है Peshwa Wheat?

Peshwa Wheat Limited की स्थापना 2023 में हुई थी। कंपनी गेहूं से जुड़े उत्पादों का प्रोसेसिंग कारोबार करती है। इंदौर में स्थित इसकी यूनिट की सालाना क्षमता 56,100 मीट्रिक टन है।

कंपनी अपने उत्पादों की सप्लाई मुख्य रूप से संस्थागत और थोक ग्राहकों को करती है। फिलहाल कंपनी 4 राज्यों में अपने उत्पाद पहुंचाती है।

FY26 में बढ़ा रेवेन्यू और मुनाफा

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में FY26 के दौरान अच्छी बढ़त देखने को मिली। कुल आय FY25 के ₹171.55 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹215.96 करोड़ हो गई। यानी कंपनी की आय में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

इसी तरह EBITDA ₹18.05 करोड़ से बढ़कर ₹22.73 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा भी ₹11.84 करोड़ से बढ़कर ₹15.81 करोड़ पहुंच गया। मार्च 2026 तक कंपनी का ROE 44.96% और ROCE 33.44% रहा। वहीं, डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.55 था। कंपनी का EBITDA मार्जिन 10.53% और PAT मार्जिन 7.32% रहा।

IPO के बाद प्रमोटर होल्डिंग घटेगी

IPO के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटकर 52.39% रह जाएगी। कंपनी का ये इश्यू पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जिसमें नए शेयर जारी करके पूंजी जुटाई जाएगी।

Peshwa Wheat IPO में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए 24 सितंबर से 28 सितंबर तक आवेदन का मौका रहेगा। इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 को शेयर BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।

NSE IPO: 5.67 गुना सब्सक्राइब, हर 4 में से 3 रिटेल इनवेस्टर को शेयर अलॉटमेंट मिल सकता है

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tenneco Clean Air Share: 75% की तेजी के साथ ये शेयर लगाएगा लंबी छलांग, मोतीलाल ओसवाल ने दे दिया बड़ा टारगेट

Tenneco Clean Air India  Share Price: ऑटोमोटिव पार्ट्स बनाने वाली कंपनी टेनेको क्लीन एयर इंडिया (Tenneco Clean Air India) के शेयर 15 सितंबर को 3 फीसदी की तेजी दिखाते नजर आए। शेयर में यह तेजी ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल द्वारा शेयर की कवरेज शुरु करने के बाद आई। मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर Buy रेटिंग दी है और इसके लिए ₹673 का टारगेट प्राइस दिया है।

ब्रोकरेज के ‘बेस केस’ टारगेट का मतलब है कि शुक्रवार को स्टॉक की क्लोजिंग कीमत ₹506.35 से इसमें 33% की बढ़त हो सकती है।

MOFSL को उम्मीद है कि टेनेको क्लीन एयर अपनी ग्रोथ के अगले चरण में प्रवेश करेगी। इसकी वजह क्लीन-एयर और सस्पेंशन प्रोडक्ट्स में कंपनी की लीडरशिप, कड़े एमिशन नियम, गाड़ियों का प्रीमियम होना, नए कस्टमर प्रोग्राम और बढ़ता एक्सपोर्ट है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 और FY29 के बीच कमाई में 19% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) होगी, जबकि इसी दौरान क्लीन-एयर और पावरट्रेन रेवेन्यू में लगभग 17% CAGR से बढ़ोतरी की उम्मीद है।

MOFSL के अनुसार, 31 मार्च, 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹12,400 करोड़ था, जो इसके FY28 रेवेन्यू टारगेट का 100% से ज़्यादा कवरेज देता है।

मजबूत मार्केट पोजीशन

टेनेको क्लीन एयर का कमर्शियल व्हीकल OEM को सप्लाई किए जाने वाले क्लीन-एयर प्रोडक्ट्स में लगभग 58% मार्केट शेयर है, ट्रैक्टर को छोड़कर ऑफ-हाईवे एप्लीकेशन में 68% और पैसेंजर व्हीकल्स में 20% शेयर है। पैसेंजर-व्हीकल शॉक एब्जॉर्बर और स्ट्रट्स में भी इसका लगभग 55% शेयर है।

MOFSL ने कहा कि ग्लोबल टेनेको नेटवर्क के साथ कंपनी के जुड़ने से उसे टेक्नोलॉजी, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, ग्लोबल OEM संबंध, रिसर्च और डेवलपमेंट क्षमताएं और मैन्युफैक्चरिंग की विशेषज्ञता मिलती है। ब्रोकरेज ने कहा कि कस्टमर के प्रोडक्ट-डेवलपमेंट साइकिल में शामिल होने से ‘स्विचिंग कॉस्ट’ (दूसरे सप्लायर पर जाने की लागत) भी बढ़ जाती है।

क्या है ग्रोथ के मुख्य कारण

ब्रोकरेज BS-VII, CAFE III और TREM-V को प्रति गाड़ी ज़्यादा कंटेंट (पुर्जों/तकनीक) के महत्वपूर्ण कारण के तौर पर देखती है।

कमर्शियल गाड़ियों के लिए, BS-VII और उससे जुड़े एमिशन नियमों से क्लीन-एयर कंटेंट बढ़ने की उम्मीद है, जबकि लाइट कमर्शियल गाड़ियों में कम पैठ (penetration) के कारण मार्केट-शेयर बढ़ाने की गुंजाइश है। ट्रैक्टर एक बड़ा मौका देते हैं, क्योंकि 30-50 HP वाले सेगमेंट का मार्केट में 90% से ज़्यादा हिस्सा है। MOFSL को उम्मीद है कि जैसे-जैसे आफ्टर-ट्रीटमेंट तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा, TREM-V से प्रति गाड़ी क्लीन-एयर कंटेंट ₹5,000 – ₹7,000 तक बढ़ सकता है।

पैसेंजर गाड़ियों में, BS-VII और CAFE III से क्लीन-एयर कंटेंट लगभग 1.3 गुना बढ़ सकता है, जिसकी वजह गैसोलीन डायरेक्ट इंजेक्शन और गैसोलीन पार्टिकुलेट फिल्टर का ज़्यादा इस्तेमाल है। उम्मीद है कि 2028 से एक जापानी OEM के GPF प्रोग्राम से टेनेको के हॉट-एंड बिज़नेस में बढ़ोतरी होगी।

कंपनी ने एक बड़े भारतीय CV OEM के साथ एक नया क्लीन-एयर इंजन प्लेटफॉर्म, एक प्रमुख यूरोपीय कमर्शियल व्हीकल OEM के साथ एक प्रोग्राम और एक ग्लोबल OEM के दो मॉडल्स के लिए CNG प्लेटफॉर्म कोल्ड-एंड असेंबली प्रोग्राम भी हासिल किया है।

सस्पेंशन बिजनेस में 20% की बढ़ोतरी

MOFSL को उम्मीद है कि प्रीमियम बनाने, एक्सपोर्ट, बिज़नेस में ज़्यादा हिस्सेदारी और एडवांस्ड सस्पेंशन सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से FY26-FY29 के दौरान सस्पेंशन बिज़नेस में लगभग 20% CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) की बढ़ोतरी होगी।

भारत के पैसेंजर-व्हीकल सस्पेंशन मार्केट में टेनेको की हिस्सेदारी लगभग 55% है। इसका DaVinci DCx, जिसे फरवरी 2026 में महिंद्रा के साथ कमर्शियलाइज़ किया गया था, बहुत कम कीमत पर सेमी-एक्टिव सिस्टम जैसा लगभग 85-90% आराम देता है। MOFSL का मानना ​​है कि यह टेक्नोलॉजी ₹10-35 लाख वाले पैसेंजर-व्हीकल सेगमेंट के लिए काम आ सकती है, जिसका मार्केट में लगभग 70% हिस्सा है।

बढ़ेगा एक्सपोर्ट

टेनेको क्लीन एयर को ग्लोबल टेनेको नेटवर्क में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के तौर पर भी तैयार किया जा रहा है, जिसके प्रोडक्ट्स नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, एशिया-पैसिफिक और अफ्रीका में सप्लाई किए जाते हैं।

कंपनी अभी लगभग 18-22 देशों में एक्सपोर्ट करती है, जबकि MOFSL को उम्मीद है कि FY29 तक एक्सपोर्ट वैल्यू-एडेड रेवेन्यू का 15% हो जाएगा, जो अभी 7% है। ब्रोकरेज के अनुसार, मौजूदा ऑर्डर बुक में एक्सपोर्ट का हिस्सा लगभग 14% है और आम तौर पर घरेलू बिज़नेस की तुलना में इसमें ज़्यादा मार्जिन मिलता है।

कंपनी के फाइनेंशियल अनुमानों पर ब्रोकरेज की राय

MOFSL को उम्मीद है कि टेनेको का रेवेन्यू FY26 में ₹5,404 करोड़ से बढ़कर FY29 तक ₹8,985 करोड़ हो जाएगा। इसी दौरान EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) के ₹925.5 करोड़ से बढ़कर ₹1,560.8 करोड़ होने का अनुमान है, और EBITDA मार्जिन 17.1% से बढ़कर 17.4% हो जाएगा।

टैक्स के बाद एडजस्टेड प्रॉफ़िट के FY26 में ₹630.4 करोड़ से बढ़कर FY29 में ₹1,026 करोड़ होने का अनुमान है, जबकि EPS के ₹15.6 से बढ़कर ₹25.4 होने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी की मज़बूत बैलेंस शीट इस ग्रोथ में मदद करेगी। टेनेको क्लीन एयर की नेट कैश पोज़िशन है, वर्किंग कैपिटल नेगेटिव है और कोर RoCE 90% से ज़्यादा है। साथ ही, कैश-फ़्लो कन्वर्ज़न के भी हेल्दी रहने की उम्मीद है, जिसमें CFO/EBITDA 70% से ज़्यादा और FCF/PAT 80% से ज़्यादा रहेगा।

टेनेको क्लीन एयर का वैल्यूएशन

MOFSL के ₹506 के रेफरेंस प्राइस पर, स्टॉक FY28E की कमाई के 26.1 गुना और FY29E की कमाई के 19.9 गुना पर ट्रेड कर रहा था। ब्रोकरेज ने स्टॉक का वैल्यूएशन सितंबर 2028 की कमाई के 30 गुना के आधार पर किया है, जिससे इसका टारगेट प्राइस ₹673 तय हुआ है।

लंबी अवधि में दे सकता है 75% का रिटर्न

मोतीलाल ओसवाल के ‘बुल केस’ (तेजी वाले अनुमान) में FY29 तक 22.7% रेवेन्यू CAGR, BS-VII को पूरी तरह लागू करने, EV को धीरे अपनाने और सस्पेंशन की तेज़ी से बढ़ती मांग को आधार माना गया है। इस स्थिति में टेनेको क्लीन एयर (Tenneco Clean Air) के लिए ₹886 का प्राइस टारगेट तय किया गया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा कीमत से इसमें लगभग 75% की बढ़त की संभावना है।

Stock Crash: एक खबर और 20% टूटा PNC Infratech का शेयर, पहुंचा 52-हफ्ते के लो पर, जानें पूरा मामला

Kalyan Jewellers Share Price: 50% अभी ओर चढ़ सकता है शेयर, ब्रोकरेज बुलिश, क्या करेंगे आप निवेश!

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

₹20 तक चढ़ जाएगा Voda Idea का शेयर, इस कारण Jefferies ने लगाया दांव

Voda Idea Share Price: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने टेलीकॉम सर्विसेज कंपनी वोडा आइडिया की ₹20 के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज फर्म ने इसे हाई-बीटा टर्नअराउंड अपॉर्च्यूनिटी यानी अधिक उतार-चढ़ाव वाली लेकिन तेजी से सुधार की संभावना रखने वाली कंपनी बताया है। जेफरीज ने इसके शेयरों का जो टारगेट फिक्स किया है, वह सभी ब्रोकरेजेज के बीच हाइएस्ट है और सिर्फ चौथा खरीदारी की रेटिंग है। इसे कवर करने वाले 22 एनालिस्ट्स में से 10 ने सेल और 8 ने होल्ड रेटिंग दी है।

Voda Idea को लेकर क्या है Jefferies की रिपोर्ट में

जेफरीज का अनुमान है कि वोडाफोन आइडिया के सब्सक्राइबर्स की संख्या में आ रही स्थिरता से इसके रेवेन्यू को सपोर्ट मिलेगा और यह वित्त वर्ष 2026-2029 के दौरान 11% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। जेफरीज के मुताबिक इसके साथ ही मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज से इसी दौरान 25% कैश EBITDA CAGR हासिल करने और वित्त वर्ष 2031 तक RoCE (रिटर्न ऑन इन्वेस्टेड कैपिटल) में जबरदस्त सुधार करने में भी मदद मिलेगी।

हालांकि जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-2029 के दौरान कंपनी का इंक्रीमेंटल ईबीआईटीडीए मार्जिन लगभह 50% रह सकता है। यह बाकी टेलीकॉम कंपनियों के 60% से अधिक के मार्जिन से कम है और इसकी मुख्य वजह ये है कि इस दौरान कंपनी अपने नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने और नए नेटवर्क रोलआउट पर खर्च करेगी। जेफरीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2030 के बाद, जब नेटवर्क विस्तार की रफ्तार सामान्य हो जाएगी, तब कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन 60% से ऊपर जा सकता है।

वोडाफोन आइडिया को फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान लगभग 50% का इंक्रीमेंटल EBITDA मार्जिन हासिल करना चाहिए। यह टेलीकॉम कंपनियों द्वारा देखे जाने वाले 60% से ज़्यादा मार्जिन से कम है, क्योंकि इस दौरान नेटवर्क रोलआउट तेज़ी से हो रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2030 के बाद, जब नेटवर्क रोलआउट सामान्य हो जाएगा, तो मार्जिन 60% से ऊपर चला जाएगा।

जेफरीज के मुताबिक अगले कुछ वर्षों के लिए वोडा आइडिया को करीब ₹25,000 करोड़ का कर्ज जुटाना पर्याप्त होगा, लेकिन वित्त वर्ष 2030 में कंपनी को लगभग ₹16,000 करोड़ की नई इक्विटी कैपिटल जुटाने की जरूरत पड़ सकती है। इससे सरकार की तरफ से वोडा आइडिया की लगभग ₹15,300 करोड़ की स्पेक्ट्रम देनदारी को इक्विटी में बदलने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। जेफरीज का मानना ​​है कि यह वित्त वर्ष 2030-2034 के दौरान कंपनी की कैशफ्लो की कमी को पूरा करने के लिए काफी होना चाहिए।

जेफरीज के मुताबिक चूंकि कंपनी ने 2019 से अब तक ₹44,700 करोड़ की इक्विटी जुटाई है, इसलिए बेहतर होते ऑपरेटिंग कैश फ्लो और सरकार से लगातार मिल रहे सपोर्ट के बीच ₹16,000 करोड़ की अतिरिक्त इक्विटी जुटाना मुश्किल नहीं होगा। एक और अहम बात टैरिफ को लेकर है कि वोडाफोन आइडिया टैरिफ बढ़ोतरी से सबसे अधिक फायदा उठाने वाली कंपनी है, लेकिन जेफरीज का मानना ​​है कि टैरिफ में हर 10% की बढ़ोतरी से टेलीकॉम कंपनी की इक्विटी वैल्यू में लगभग 34% की बढ़त होगी।

कैसी है शेयरों की हालत

वोडा आइडिया के शेयर फिलहाल बीएसई पर 0.45% की गिरावट के साथ ₹15.44 के भाव पर है। एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 10 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह एक साल के निचले स्तर ₹7.30 के भाव पर था, जिससे एक साल में यह 116.16% उछलकर 9 सितंबर 2026 को एक कारोबारी दिन पहले एक साल के हाई ₹15.78 पर पहुंच गया।

Hero Motors IPO: ₹1000 करोड़ के इश्यू का प्राइस बैंड फिक्स, इस भाव पर लगा सकेंगे बोली

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Pranav Constructions IPO: 7 सितंबर से खुलेगा इश्यू, GMP मचा रहा धूम; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Pranav Constructions IPO: कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रणव कंस्ट्रक्शंस का IPO 7 सितंबर से खुल रहा है। इसका प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 तय किया गया है। IPO में निवेश के लिए कम से कम 120 शेयरों की बोली लगानी होगी। ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,880 लगाने होंगे। इसमें 9 सितंबर तक निवेश किया जा सकेगा। इस आईपीओ का GMP भी काफी शानदार है।

₹351 करोड़ का है IPO

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का IPO करीब ₹351 करोड़ का है। इसमें ₹315.60 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, निवेशक शेयरधारक BioUrja India Infra 28,56,869 शेयर OFS के जरिए बेचेगा। इन शेयरों की कीमत करीब ₹35.43 करोड़ है।

कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर प्रस्तावित है। इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर Centrum Capital और PNB Investment Services हैं। वहीं, KFin Technologies IPO का रजिस्ट्रार है।

Pranav Constructions IPO का GMP

प्रणव कंस्ट्रक्शंस को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP 43 रुपये है। यह अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 34.68% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा भर होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं समझनी चाहिए।

मुंबई के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस

Pranav Constructions की शुरुआत 2003 में हुई थी। कंपनी का मुख्य कारोबार मुंबई में पुराने आवासीय प्रोजेक्ट्स के री-डेवलपमेंट से जुड़ा है। खासतौर पर कंपनी का फोकस MCGM क्षेत्र के पश्चिमी उपनगरों पर है।

C&W Report के मुताबिक, यूनिट्स की सप्लाई, पूरे हो चुके और निर्माणाधीन MCGM री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की संख्या के आधार पर कंपनी इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास कुल 1,864 यूनिट्स और 34 पूरे हो चुके या निर्माणाधीन MCGM री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स हैं। इसी अवधि में दूसरे डेवलपर्स के पास 4 से 11 ऐसे प्रोजेक्ट्स थे।

Pranav Constructions की कारोबारी सेहत

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹761.60 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹636.27 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़ा। FY26 में यह ₹71.32 करोड़ रहा। FY25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹62.25 करोड़ था। वहीं, FY26 में कंपनी का ROCE 24.34% रहा। FY25 में यह 24.83% था।

Stocks to Buy: ये 5 शेयर दे सकते हैं 73% तक रिटर्न, ब्रोकरेज ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Patanjali Foods: 59% रिटर्न दे सकता है ये FMCG स्टॉक, जेफरीज ने खरीदने की सलाह दी

Patanjali Foods: ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies ने FMCG सेक्टर की कंपनी Patanjali Foods (PFL) पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹560 का टारगेट प्राइस दिया है। यह ₹351 के मौजूदा स्तर से ₹560 करीब 60% तक की तेजी का संकेत है।

Patanjali Foods पर क्यों बुलिश है Jefferies?

Jefferies के मुताबिक, Patanjali Foods अगले 12 महीनों की अनुमानित कमाई के मुकाबले करीब 23 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का PAT 23% CAGR से बढ़ सकता है। साथ ही ROCE में करीब 590 बेसिस पॉइंट का सुधार होकर यह 18% तक पहुंच सकता है।

इन्हीं अनुमानों के आधार पर Jefferies ने Sum-of-the-Parts (SOTP) वैल्यूएशन मॉडल से ₹560 का टारगेट तय किया है।

जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन

Patanjali Foods ने FY27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का रेवेन्यू 29% बढ़कर करीब ₹11,300 करोड़ पहुंच गया, जो Jefferies के अनुमान से करीब 20% ज्यादा रहा। वहीं EBITDA में 69% और PAT में 86% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एडिबल ऑयल बिजनेस बना सबसे बड़ा सहारा

एडिबल ऑयल सेगमेंट ने अब तक की सबसे मजबूत तिमाही दर्ज की। इस कारोबार का रेवेन्यू 27% बढ़कर ₹8,500 करोड़ पहुंच गया। खासकर सरसों तेल की बिक्री बेहतर रही। पश्चिम एशिया में तनाव और कमोडिटी महंगाई के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, जिसका फायदा कंपनी को मिला। इस सेगमेंट का EBIT सालाना आधार पर लगभग पांच गुना बढ़ गया।

कंपनी के प्लांटेशन बिजनेस में भी 25% की ग्रोथ रही। खेती वाला क्षेत्र बढ़कर 1.16 लाख हेक्टेयर हो गया है। मैनेजमेंट ने FY27 में एडिबल ऑयल बिजनेस में 3-5% वॉल्यूम ग्रोथ का लक्ष्य रखा है।

Foods & FMCG बिजनेस में क्या रहा?

पतंजलि फूड्स के Foods & FMCG सेगमेंट का रेवेन्यू भी 28% बढ़ा। बिस्किट कारोबार ने सबसे मजबूत तिमाही दर्ज करते हुए ₹560 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया और इसका मार्जिन बढ़कर 15.4% पहुंच गया।

हालांकि इस सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहा, क्योंकि कच्चे माल की लागत तेजी से बढ़ी और कंपनी पूरी बढ़ोतरी ग्राहकों तक नहीं पहुंचा सकी। Jefferies का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में लागत का दबाव कम होने पर इस सेगमेंट की मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है।

‘निफ्टी के लिए 27000 टारगेट बरकरार’, JP Morgan को इन सेक्टरों में दिख रहा बड़ा मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

How to read Company Result: मुनाफा बढ़ना रिजल्ट अच्छा होने की गारंटी नहीं, शेयर खरीदने से पहले ये बातें भी करें चेक

How to read Company Result: किसी कंपनी या बैंक के शेयरों की चाल पर कई बातों का फर्क पड़ता है जैसे कि उनके प्रोडक्ट की डिमांड कैसी है, वैश्विक मार्केट का हाल कैसा है, कच्चे तेल की धार कितनी तेज है या मौद्रिक नीतियां कैसी हैं इत्यादि। इसके अलावा वैल्यूएशन कैसा है, क्योंकि अच्छी कंपनी भी बहुत महंगे भाव पर खराब निवेश बन सकती है। इन सबके अलावा एक और अहम बात कंपनी के तिमाही रिजल्ट का ऐलान है। कंपनी जब कारोबारी नतीजे पेश करती है तो इसके शेयरों पर इसका पॉजिटिव या निगेटिव असर दिखता है।

कई बार ऐसा होता है कि कंपनी का मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा लेकिन शेयर फुस्स तो दूसरी तरफ कंपनी घाटे में रहती है लेकिन शेयर तूफानी स्पीड से ऊपर चढ़ते हैं। इससे समझ सकते हैं कि शेयरों की चाल सिर्फ मुनाफे से नहीं तय होती बल्कि कई और बातों का भी इसमें रोल होता है। यहां कंपनियों और बैंकों के रिजल्ट में क्या देखें, इसके बारे में बताया जा रहा है।

कंपनी के रिजल्ट में क्या देखें

कंपनी की सेल्स/रेवेन्यू कितनी बढ़ी या घटी। इसे सिर्फ सालाना नहीं बल्कि तिमाही आधार पर भी देखना चाहिए। हालांकि ध्यान दें कि बिक्री बढ़ रही है लेकिन मुनाफा नहीं तो इसकी वजह क्या है, इसे समझना जरूरी है।

मुनाफे की बात करें तो टैक्स काटकर यानी शुद्ध मुनाफा तिमाही और सालाना आधार पर कितना बढ़ा या घटा। मुनाफा लगातार बढ़ रहा है या सिर्फ एक तिमाही। इन सब बातों पर गौर करें। अगर कंपनी के मुनाफे में रेवेन्यू के हिसाब से बहुत अधिक उछाल है तो इसमें एक्सेप्श्नल गेन या टैक्स बेनेफिट की कितनी भूमिका है, यह देखना जरूरी है। अगर कंपनी घाटे में है तो इसकी वजह क्या है, कहीं एक्सेप्शनल लॉस तो नहीं। ये सब चेक करना जरूरी है।

ऑपरेटिंग लेवल पर ईबीआईटीडीए और मार्जिन की क्या स्थिति है, यह बहुत अहम है क्योंकि यह बताता है कि कंपनी अपने मुख्य कारोबार से कितना अच्छा कमा रही है।

कैश फ्लो भी चेक करना चाहिए। मान लीजिए कि कंपनी ने ₹100 करोड़ मुनाफा कमाया, लेकिन कारोबार से सिर्फ ₹30 करोड़ नकद आया तो सवाल उठता है कि बाकी मुनाफा वास्तव में नकदी में क्यों नहीं बदला।

कंपनी का कर्ज कितना घटा या बढ़ा, इसे चेक कर लें और इस पर ब्याज का खर्च कितना है। कर्ज लगातार बढ़ रहा हो और कैश फ्लो कमजोर हो रहा हो तो इसे अलर्ट सिग्नल समझें।

एक और अहम फैक्टर RoCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड) और RoE (रिटर्न ऑन इक्विटी) देखना है जिससे पता चलता है कि कंपनी अपने लगाए हुए पैसे से कितना अच्छा रिटर्न कमा रही है। सिर्फ कंपनी का मुनाफा देखना पर्याप्त नहीं है।

इन सबके अलावा मैनेजमेंट कमेंटरी को ध्यान से पढ़ें क्योंकि आगे बिक्री, मार्जिन, डिमांड की स्थिति, नए निवेश या कैपिटल एक्सपेंडिचर और बडे़ रिस्क का संकेत मिलता है।

बैंक के नतीजे पढ़ने का तरीका

कंपनी के विपरीत बैंक के रिजल्ट में रेवेन्यू और ईबीआईटीडीए की भूमिका नहीं होती है। इसकी बजाय लोन ग्रोथ देखें कि बैंक ने कितना नया कर्ज दिया और सिर्फ यही नहीं, इसकी क्वालिटी भी देखनी होगी।

बैंक के पास जमा पैसा कितनी तेजी से बढ़ रहा है, यह भी अहम है। डिपॉजिट की ग्रोथ और लोन की ग्रोथ में तुलना करनी होगी। इसमें सीएएसए (करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट) भी देखना होता है क्योंकि ये बैंक के लिए कम लागत में लोन के लिए पैसों का इंतजाम हैं।

नेट इंटेरेस्ट मार्जिन (NIM) से यह पता चलता है कि बैंक अपने दिए हुए कर्ज और जुटाए हुए पैसे के बीच कितना ब्याज मार्जिन कमा रहा है। इसका बढ़ना आमतौर पर अच्छा माना जाता है और लगातार गिरना चिंता की विषय है।

बैंक के नतीजे में एक अहम बात है एसेट क्वालिटी चेक करना। इसके तहत ग्रास एनपीए, नेट एनपीए, नए खराब लोन यानी स्लिपेज, क्रेडिट कॉस्ट और प्रोविजनिंग को देखना है। अगर एनपीए कम हो रहा है और नए खराब लोन भी नियंत्रण में हैं, तो बैंक की एसेट क्वालिटी अच्छी मानी जाती है।

बैंक के प्रोविजनिंग की क्या स्थिति है यानी खराब कर्ज के लिए बैंक को कितना पैसा अलग रखना पड़ रहा है और इसकी ग्रोथ क्या है।

RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) और RoE (रिटर्न ऑन इक्विटी) यानी बैंक अपने एसेट्स और शेयरहोल्डर्स के पैसे पर कितना रिटर्न कमा रहा है।

एक और अहम प्वाइंट कैपिटल एडेकेसी/सीईटी1 है जिससे पता चलता है कि बैंक के पास भविष्य में बढ़ने और नुकसान झेलने के लिए पर्याप्त पूंजी है या नहीं।

Share Market New Rule: सिर्फ 3 दिनों के लिए शेयर दें किराए पर, बिना बेचे कमाई, खास स्टॉक्स के लिए आए रहा नया सिस्टम

4 नियम पड़े रिटेल इंवेस्टर्स पर भारी, SEBI ने लाया था खास वजह से और पड़ा ऐसा असर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kalyan Jewellers में एक म्यूचुअल फंड हाउस बेच सकता है 5 करोड़ शेयर, कीमत फिसली

ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी कल्याण ज्वेलर्स इंडिया के शेयरों में 27 जुलाई को गिरावट है। दिन में शेयर पिछले बंद भाव से 1.6 प्रतिशत तक नीचे आया। BSE पर कीमत 563.65 रुपये के लो तक गई। ऐसी खबर है कि एक बड़ा घरेलू म्यूचुअल फंड हाउस ब्लॉक डील के जरिए कल्याण ज्वेलर्स के लगभग 5 करोड़ शेयर बेच सकता है। एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शेयर में कम समय में आए तेज उछाल को देखते हुए म्यूचुअल फंड कुछ हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है। इस डील के लिए दो बैंकर नियुक्त किए गए हैं।

शेयर बिक्री करने वाले म्यूचुअल फंड का नाम सामने नहीं आया है। कल्याण ज्वेलर्स में जून 2026 के आखिर तक पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 37.14 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसमें से 15.41 प्रतिशत हिस्सा म्यूचुअल फंड्स के पास था। सुंदरम म्यूचुअल फंड के पास सुंदरम मिड कैप फंड के जरिए 1.33 प्रतिशत, फ्रैंकलिन इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड के पास 1.64 प्रतिशत और मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड के पास 9.17 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

कल्याण ज्वेलर्स का मार्केट कैप 58500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में करीब 50 प्रतिशत मजबूत हो चुका है। 2 सप्ताह में यह लगभग 11 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। कंपनी 4 अगस्त को अपने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करेगी। जून तिमाही में कंपनी ने 12 कल्याण शोरूम और 5 कैंडेरे स्टोर खोले। 30 जून तक इसके कुल आउटलेट्स की संख्या 524 तक पहुंच गई।

Kalyan Jewellers पर सिटी है बुलिश

जुलाई महीने की शुरुआत में कल्याण ज्वेलर्स के शेयर के लिए ब्रोकरेज सिटीग्रुप ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई थी। टारगेट प्राइस 750 रुपये प्रति शेयर बरकरार रखा था। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी के बिजनेस पर अपडेट सामने आने के बाद ब्रोकरेज ने अपना व्यू दिया था। तिमाही के दौरान कल्याण ज्वेलर्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 38 प्रतिशत बढ़ा। इंटरनेशनल ऑपरेशंस से रेवेन्यू में लगभग 35 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई। तिमाही के दौरान इंटरनेशनल मार्केट ने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में लगभग 14 प्रतिशत का योगदान दिया।

सिटी ने स्टॉक पर अपना कंस्ट्रक्टिव लॉन्ग-टर्म व्यू बरकरार रखा है। उसे उम्मीद है कि कंपनी की फ्रेंचाइजी-लेड एक्सपेंशन स्ट्रैटेजी प्रॉफिटेबल ग्रोथ को सपोर्ट करती रहेगी, साथ ही रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉइड (RoCE) में भी सुधार करेगी।

Meesho Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश, Buy के साथ शुरू किया कवरेज; बुल केस में 81% तक उछाल की जताई उम्मीद

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ABB India share price : 8% तेजी के साथ वायदा का टॉप गेनर बना शेयर, जानिए क्या रही वजह

ABB India share price : ABB ग्लोबल के मजबूत नतीजों से ABB इंडिया में शानदार तेजी है। आज यह शेयर 8% तेजी के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। फिलहाल 12.20 बजे के आसपास यह शेयर 594 रुपए यानी 8.24 फीसदी की बढ़त के साथ 7787 रुपए के आसपास दिख रहा था। आज के कारोबारी सत्र में इसने 7,924.50 रुपए का हाई और 7,191 रुपए का लो छुआ है। स्टॉक में भारी वॉल्यूम के साथ तेजी आई है। इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम 1,821,556 शेयर और मार्केट कैप 165,330 करोड़ रुपए के आसपास दिख रहा है।

ABB इंडिया में तेजी क्यों?

ABB इंडिया की पैरेंट कंपनी ABB ग्लोबल के दूसरी तिमाही के नतीजे ब्लॉकबस्टर रहे हैं। इस अवधि में कंपनी का इंडिया रीजन का इनफ्लो सालाना आधार पर 81 फीसदी बढ़ा है। दूसरी तिमाही में ऑर्डर ग्रोथ 30 फीसदी बढ़कर 12,04.2 करोड़ डॉलर हो गई है। इस तिमाही में कंपनी की आय 14 फीसदी बढ़कर 9,47.5 करोड़ डॉलर रही है। ABB ग्लोबल के ऑपरेटिंग मार्जिन पहली पर 20% के पार रहे हैं। ऑपरेटिंग कैश फ्लो में 9% और ROCE 28.4% रहा है। Q2 ऑर्डर 30% बढ़कर 12,04.2 करोड़ डॉलर रहा है। सभी क्षेत्र में ऑर्डर ग्रोथ डबल डिजिट में रही है। एशिया,पश्चिम एशिया और अफ्रीका में 13% ऑर्डर ग्रोथ देखने को मिली है।

ABB इंडिया पर असर

ABB ग्लोबल के इंडिया इनफ्लो में ABB इंडिया और अनलिस्टेड एंटिटी शामिल हैं। एनालिस्ट को ABB इंडिया में 20% इनफ्लो का अनुमान था। इनफ्लो ग्रोथ 25-30 फीसदी और रन रेट 4200 करोड रुपए पर रहना ABB इंडिया के लिए बड़ा पॉजिटिव है। इनफ्लो मजबूत रहने से कैलेंडेर ईयर 2027 का आउटलुक अपग्रेड संभव है। इसके चलते ही आज इस शेयर में जोरदार तेजी आई है।

शेयर की चाल पर एक नजर

पिछले 1 हफ्ते में यह शेयर 11.39 फीसदी भागा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 14.87 फीसदी की तेजी आई है। 3 महीने में यह शेयर 13.99 फीसदी और इस साल अब तक 50.53 फीसदी भागा है। 1 साल में इसने 38.03 फीसदी और 3 साल में 77.75 फीसदी रिटर्न दिया है। स्टॉक का 52 वीक हाई 7,924.50 रुपए और 52 वीक लो 4,637.50 रुपए है।

 

मजबूत NBFCs,बैंक और रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें, SBI Funds IPO में सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए लगाएं दांव

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Kalyan Jewellers Share Price: लगातार तीसरे दिन कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों को लगे पंख, सिर्फ तीन दिन में 35% उछला

कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में लगातार तीसरे दिन बड़ी तेजी दिखी। बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर रॉकेट बन गए। एक समय शेयर 7 फीसदी तक चढ़ गया था। बीते तीन सत्रों में यह शेयर करीब 35 फीसदी चढ़ चुका है। खास बात यह है कि शेयरों में उछाल के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा है।

दोपहर तक शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब 4 करोड़ शेयरों तक पहुंच गया। 20 दिनों का इसका का एवरेज ट्रेडिंग वॉल्यूम 22 लाख शेयरों का है। करीब 13 फीसदी ट्रेडेड शेयर डिलीवरी वाले हैं। 9 जुलाई को यह शेयर अपने 100-दिन और 200-दिन मूविंग एवरेजेज के ऊपर बंद हुआ। यह गुरुवार को निफ्टी 500 का सबसे ज्यादा ट्रेडिंग वाला स्टॉक बन गया।

कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में तेजी की वजह जून तिमाही का इसका बिजनेस अपडेट है। इसके अलावा विदेशी ब्रोकरेज फर्म सिटी ने फिर से इस शेयर को ‘बाय’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसकी वजह कंपनी का शानदार प्रदर्शन है। जून तिमाही में कल्याण के इंडिया बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 38 फीसदी रही। इसमें सेम-सेल्स में 28 फीसदी ग्रोथ का बड़ा हाथ रहा।

कल्याण ने जून तिमाही में नए 12 कल्याण स्टोर्स ओपन किए। सिटी ने कहा है कि कंपनी के मैनेजमेंट ने प्रमुख बाजारों में डिमांड स्ट्रॉन्ग रहने की जानकारी दी है। अधिक मास के बावजूद कंपनी की सेल्स अच्छी रही। जून में कुल सेल्स में पुराने ज्वेलरी एक एक्सचेंज सेल की हिस्सेदारी बढ़कर 55 फीसदी से ज्यादा हो गई। कपनी के इंटरनेशनल बिजनेस का प्रदर्शन भी अच्छा रहा।

सिटी ने कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों को लेकर कुछ रिस्क भी बताए हैं। उसने कहा है कि इंडिया में कल्याण के ज्वेलरी बिजनेस का प्रदर्शन टाइटन के मुकाबले कमजोर रहा। बीती 13 तिमाहियों में पहली बार ऐसा हुआ है। इसके अलावा कंपनी के प्रमोटर ने काफी ज्यादा शेयर गिरवी रखे हैं। अगर आगे कंज्यूमर डिमांड में सुस्ती आती है तो इसका असर कंपनी के बिजनेस पर पड़ सकता है।

10 जुलाई को कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 11:30 बजे 6.90 फीसदी चढ़कर 473.75 रुपये पर चल रहा था। उधर, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में भी तेजी थी। निफ्टी 0.85 फीसदी यानी 204 अंक चढ़कर 24,168 पर चल रहा था। सेंसेक्स भी 0.90 फीसदी यानी 682 अंक के उछाल के साथ 77,429 पर था। बैंक निफ्टी 1 फीसदी से ज्यादा ऊपर था। मिडकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी थी।