Stocks to Watch: 3 सितंबर को इन 13 शेयरों पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: कई कंपनियों से जुड़े अहम बड़े अपडेट सामने आए हैं। इनमें हिस्सेदारी खरीद, नए प्रोजेक्ट, ब्लॉक डील, फंड जुटाने और मैनेजमेंट बदलाव जैसी खबरें शामिल हैं। इन खबरों का असर 3 सितंबर को इन कंपनियों के शेयरों में देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं गुरुवार को किन 13 शेयरों पर नजर रहेगी।

ICICI Bank

प्राइवेट बैंक ICICI Bank ने अपनी सब्सिडियरी ICICI Prudential Life Insurance में 2% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। इसके लिए बैंक ने करीब ₹1,470 करोड़ खर्च किए। अब कंपनी में ICICI Bank की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 52.8% हो गई है। बैंक ने 22 जुलाई से 2 सितंबर के बीच कई चरणों में करीब 2.90 करोड़ शेयर खरीदे।

Power Grid Corporation of India

सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी Power Grid Corporation को राजस्थान REZ से ₹3,244.33 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को राजस्थान के बाड़मेर से बिजली ट्रांसमिशन सिस्टम बनाने का लेटर ऑफ इंटेंट मिला है। यह प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी से पैदा होने वाली बिजली को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने से जुड़ा है।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho में SoftBank ब्लॉक डील के जरिए करीब 7 करोड़ शेयर बेच सकती है। यह कंपनी की 1.5% हिस्सेदारी के बराबर है। इस डील का आकार करीब ₹1,435 करोड़ हो सकता है। शेयरों के लिए ₹205 का फ्लोर प्राइस तय किया गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से 3.12% तक कम है।

HUDCO

सरकारी फाइनेंस कंपनी HUDCO ने बिहार सरकार के साथ ₹25,000 करोड़ तक की फंडिंग के लिए समझौता किया है। यह पैसा पांच साल में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए दिया जाएगा। इसमें जमीन खरीदने और इंडस्ट्रियल पार्क बनाने पर खर्च शामिल है।

AXISCADES Technologies

इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी AXISCADES Technologies ₹200 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी का बोर्ड शनिवार को नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स यानी NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर विचार करेगा।

Motilal Oswal Financial Services

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Motilal Oswal Financial Services का बोर्ड सोमवार को फंड जुटाने पर विचार करेगा। कंपनी NCDs जारी करके पूंजी जुटाने की योजना पर चर्चा करेगी।

Jindal Worldwide

टेक्सटाइल कंपनी Jindal Worldwide ने अमित अग्रवाल को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने का फैसला किया है। उनका कार्यकाल अगले तीन साल का होगा। इस फैसले से कंपनी के मैनेजमेंट में निरंतरता बनी रहेगी।

NHPC

सरकारी पावर कंपनी NHPC को BGS-SGS-SOMA JV के साथ चल रहे विवाद में आर्बिट्रल अवॉर्ड मिला है। यह मामला 2,000 मेगावाट के सुबानसिरि लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

Hexaware Technologies

आईटी कंपनी Hexaware Technologies में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव होने जा रहा है। श्रीकृष्ण रामकार्तिकेयन 28 अक्टूबर 2026 से CEO और होल-टाइम डायरेक्टर का पद छोड़ देंगे। उनकी जगह विवेक जेटली CEO बनेंगे। रामकार्तिकेयन कंपनी से सीनियर एडवाइजर के तौर पर जुड़े रहेंगे।

Page Industries

गारमेंट कंपनी Page Industries को UAE डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था से जुड़े विवाद में दुबई की अदालत से नोटिस मिला है। Yellow Flower Trading LLC ने कंपनी पर AED 113.55 मिलियन का दावा किया है। इसमें 10 अक्टूबर 2025 से सालाना 9% ब्याज भी मांगा गया है। कंपनी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है।

Aster DM Quality Care

हेल्थकेयर कंपनी Aster DM Quality Care में करीब ₹350 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है। TPG से जुड़ी Centella Mauritius ने 46.1 लाख शेयर बेचे हैं। यह कंपनी की 0.53% हिस्सेदारी के बराबर है। Union (Mauritius) Holdings ने NSE पर औसतन ₹760 प्रति शेयर के भाव से यह हिस्सेदारी खरीदी।

Pine Labs

फिनटेक कंपनी Pine Labs में ₹550 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है। Alpha Wave Ventures ने 3.55 करोड़ शेयर बेचे हैं। यह कंपनी की 3.1% हिस्सेदारी के बराबर है। ICICI Prudential Life Insurance, Societe Generale और Goldman Sachs समेत कई निवेशकों ने शेयर खरीदे हैं।

FACT

सरकारी फर्टिलाइजर कंपनी FACT पर भारत सरकार के बकाया कर्ज को लेकर ₹438.20 करोड़ का पेनल ब्याज लगाया गया है। इसमें ₹389.51 करोड़ का ब्याज 31 मार्च 2026 तक की अवधि का है। बाकी ₹48.69 करोड़ FY27 से जुड़ा है। यह पेनल ब्याज 1 अप्रैल 2018 से लागू माना गया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Meesho कब आएगी मुनाफे में? शेयर खरीदने से पहले प्वाइंटवाइज चेक करें एक्सपर्ट कैलकुलेशन

Meesho Share Price: दिग्गज ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस मीशो के शेयरों की घरेलू ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा ने खरीदारी की रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। वेंचुरा ने इसके शेयरों का जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है, उसके मुताबिक मौजूदा लेवल से यह 33% से अधिक ऊपर चढ़ सकता है। अभी की बात करें तो पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार 28 अगस्त को बीएसई पर यह 0.51% की बढ़त के साथ ₹208.60 पर बंद हुआ था। आईपीओ के तहत ₹111 के भाव पर जारी होने के बाद इसके शेयर घरेलू मार्केट में 10 दिसंबर 2025 को लिस्ट हुए थे और लिस्टिंग के कुछ ही दिनों बाद 18 दिसंबर 2025 को यह ₹254.65 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंचा था।

Meesho पर क्यों हुआ ब्रोकरेज फिदा

ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा की रिपोर्ट के मुताबिक देश में ऑनलाइन खरीदारी का बाजार तेजी से बढ़ने वाला है। वेंचुरा के मुताबिक जैसे-जैसे टियर-2, टियर-3 और गांवों में इंटरनेट, डिजिटल पेमेंट्स और ऑनलाइन रिटेल का दायरा बढ़ रहा है, वित्त वर्ष 2025 से वित्त वर्ष 2030 के बीच इसकी GMV (ग्रास मर्चेंडाइज वैल्यू) सालाना 20% की रफ्तार से बढ़ सकती है।

वेंचुरा का मानना है कि ग्रोथ के सुनहरे मौके को भुनाने के लिए मीशो ने खुद को मजबूत स्थिति में रख लिया है।

मीशो का मार्केटप्लेस मॉडल ऐसा है कि पूंजी की जरूरत कम से कम पड़ती है और दुकानदारों को अपना सामान सस्ते में बेचने की सहूलियत मिलती है जिससे दाम देखने वाले ग्राहकों के बीच इसे कॉम्पटीटिव एडवांटेज मिल रहा है।

वेंचुरा के मुताबिक अभी मीशो का फोकस ग्राहक और ऑर्डर्स बढ़ाने पर है लेकिन जैसे-जैसे कंपनी का कारोबार बढ़ेगा, हर ऑर्डर और ग्राहक से कमाई ज्यादा हो सकती है।

कमाई में उछाल के उम्मीद की वजह ये है कि अधिक ऑर्डर्स होने से प्री-ऑर्डर लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम हो सकती है, एआई की मदद को ग्राहकों को सही प्रोडक्ट्स दिखाए जा सकते हैं, वाल्मो (Valmo) के जरिए लॉजिस्टिक्स अधिक बेहतर हो सकती है, सेलर्स से एडवरटाइजिंग और दूसरी सर्विसेज की कमाई बढ़ सकती है, और फाइनेंशियल सर्विसेज और सेलर सॉल्यूशंस जैसे रेवेन्यू के नए रास्ते तैयार हो सकते हैं।

वेंचुरा के मुताबिक कुल मिलाकर मीशो को सिर्फ सामान बेचने से नहीं बल्कि ऐड, लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल सर्विसेज और सेलर सर्विसेज से भी कमाई हो सकेगी।

मीशो के ATU (एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स) यानी साल में कम-से-कम एक बार मीशो पर खरीदारी करने वाले यूजर्स की संख्या अभी 27.4 करोड़ है और वेंचुरा का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2029 तक यह 40.9 करोड़ पर पहुंच सकता है तो ऑर्डर्स की संख्या सालाना करीब 28.2% की रफ्तार से वित्त वर्ष 2029 में 561.9 करोड़ तक पहुंच सकता है।

वेंचुरा का अनुमान है कि मीशो का रेवेन्यू 26.2% की रफ्तार से ₹25,403 करोड़ पर पहुंच सकता है। वहीं ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि यह वित्त वर्ष 2028 तक ऑपरेटिंग लेवल पर प्रॉफिटेबल हो सकती है और शुद्ध मुनाफा हासिल हो सकता है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक वित्त वर्ष 2029 तक कंपनी ₹1,404 करोड़ के EBITDA और ₹1,702 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच सकता है।

इन सब बातों को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म ने खरीदारी की रेटिंग और ₹278 के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है।

अब रिस्क की बात करें तो यूजर्स के बढ़ने की रफ्तार उम्मीद से कम होने और कॉम्पटीशन बढ़ने से मीशो के कारोबार को झटका लग सकता है।

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Kalyan Jewellers में एक म्यूचुअल फंड हाउस बेच सकता है 5 करोड़ शेयर, कीमत फिसली

ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी कल्याण ज्वेलर्स इंडिया के शेयरों में 27 जुलाई को गिरावट है। दिन में शेयर पिछले बंद भाव से 1.6 प्रतिशत तक नीचे आया। BSE पर कीमत 563.65 रुपये के लो तक गई। ऐसी खबर है कि एक बड़ा घरेलू म्यूचुअल फंड हाउस ब्लॉक डील के जरिए कल्याण ज्वेलर्स के लगभग 5 करोड़ शेयर बेच सकता है। एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शेयर में कम समय में आए तेज उछाल को देखते हुए म्यूचुअल फंड कुछ हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है। इस डील के लिए दो बैंकर नियुक्त किए गए हैं।

शेयर बिक्री करने वाले म्यूचुअल फंड का नाम सामने नहीं आया है। कल्याण ज्वेलर्स में जून 2026 के आखिर तक पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 37.14 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसमें से 15.41 प्रतिशत हिस्सा म्यूचुअल फंड्स के पास था। सुंदरम म्यूचुअल फंड के पास सुंदरम मिड कैप फंड के जरिए 1.33 प्रतिशत, फ्रैंकलिन इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड के पास 1.64 प्रतिशत और मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड के पास 9.17 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

कल्याण ज्वेलर्स का मार्केट कैप 58500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में करीब 50 प्रतिशत मजबूत हो चुका है। 2 सप्ताह में यह लगभग 11 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। कंपनी 4 अगस्त को अपने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करेगी। जून तिमाही में कंपनी ने 12 कल्याण शोरूम और 5 कैंडेरे स्टोर खोले। 30 जून तक इसके कुल आउटलेट्स की संख्या 524 तक पहुंच गई।

Kalyan Jewellers पर सिटी है बुलिश

जुलाई महीने की शुरुआत में कल्याण ज्वेलर्स के शेयर के लिए ब्रोकरेज सिटीग्रुप ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई थी। टारगेट प्राइस 750 रुपये प्रति शेयर बरकरार रखा था। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी के बिजनेस पर अपडेट सामने आने के बाद ब्रोकरेज ने अपना व्यू दिया था। तिमाही के दौरान कल्याण ज्वेलर्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 38 प्रतिशत बढ़ा। इंटरनेशनल ऑपरेशंस से रेवेन्यू में लगभग 35 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई। तिमाही के दौरान इंटरनेशनल मार्केट ने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में लगभग 14 प्रतिशत का योगदान दिया।

सिटी ने स्टॉक पर अपना कंस्ट्रक्टिव लॉन्ग-टर्म व्यू बरकरार रखा है। उसे उम्मीद है कि कंपनी की फ्रेंचाइजी-लेड एक्सपेंशन स्ट्रैटेजी प्रॉफिटेबल ग्रोथ को सपोर्ट करती रहेगी, साथ ही रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉइड (RoCE) में भी सुधार करेगी।

Meesho Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश, Buy के साथ शुरू किया कवरेज; बुल केस में 81% तक उछाल की जताई उम्मीद

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Meesho Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश, Buy के साथ शुरू किया कवरेज; बुल केस में 81% तक उछाल की जताई उम्मीद

ई-कॉमर्स कंपनी मीशो के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल बुलिश है। ब्रोकरेज ने इस शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 240 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह शेयर की पिछली क्लोजिंग से 30 प्रतिशत ज्यादा है। बुल केस में टारगेट प्राइस 335 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह पिछली क्लोजिंग से 81 प्रतिशत तक ज्यादा है। ब्रोकरेज का यह व्यू मीशो के जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद आया है।

अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही के दौरान मीशो का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर 54 प्रतिशत घटकर 132.83 करोड़ रुपये रह गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 48 प्रतिशत बढ़कर 3,712.8 करोड़ रुपये हो गया। घाटा घटने की वजह ज्यादा बिक्री और ऑर्डर कैंसिलेशन (ऑर्डर रद्द होने) में कमी रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी की ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) सालाना आधार पर लगभग 26 प्रतिशत बढ़कर 19,054 करोड़ रुपये हो गई। नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) यानि कि डिलीवर किए गए ऑर्डर की वैल्यू साल-दर-साल आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 11,614 करोड़ रुपये हो गई।

कुल खर्च बढ़कर 3959.24 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 2777.64 करोड़ रुपये के थे। मीशो को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में यूजर्स की संख्या और खर्च में ज्यादा बढ़ोतरी दिखेगी, लेकिन NMV की ग्रोथ धीमी रहेगी।

Meesho पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि वित्त वर्ष 2026-2031 के दौरान मीशो की नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) 27.5% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगी। यह मुख्य रूप से तेजी से बढ़ते ATU (एक्टिव ट्रांजेक्टिंग यूजर्स) और ऑर्डर करने की थोड़ी ज्यादा फ्रीक्वेंसी से प्रेरित होगी। इसके साथ ही, मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज की वजह से वित्त वर्ष 2031 तक Meesho के एडजस्टेड मार्केटप्लेस EBITDA मार्जिन में 760 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा दिख सकता है। यह आंकड़ा 4.75% तक पहुंच सकता है।

ज्यादा ऐड मॉनेटाइजेशन और लॉजिस्टिक्स स्प्रेड के नॉर्मलाइजेशन से वित्त वर्ष 2031 तक कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन में 400 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है और यह 7.5% तक पहुंच सकता है। वहीं, 255 बेसिस पॉइंट्स ऑपरेटिंग लेवरेज से वित्त वर्ष 2031 तक एडजस्टेड EBITDA ₹4,800 करोड़ (3.75% मार्जिन पर) तक पहुंच सकता है।

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Meesho का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट

ब्रोकरेज का कहना है कि Meesho एक मल्टी-साइडेड मार्केटप्लेस चलाती है, जो कंज्यूमर्स, सेलर्स, लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को जोड़ता है। इससे एक ऐसा सेल्फ-रीइन्फोर्सिंग फ्लाईव्हील बनता है जो प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को बढ़ावा देता है और इसके कॉस्ट एडवांटेज को बनाए रखता है। कंपनी ने कम लागत वाले लॉजिस्टिक्स, जीरो सेलर कमीशन और पहली बार इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों व सेलर्स के लिए ऑनबोर्डिंग की मुश्किलों को कम करके चीजों को सस्ता और आसान बनाया है।

मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि पारंपरिक रिटेलर्स और दूसरे इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स के उलट, Meesho का बिजनेस मॉडल असल में एसेट-लाइट है। इसमें फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर या इन्वेंट्री पर बहुत कम पूंजीगत खर्च (CAPEX) की जरूरत होती है। कंपनी नेगेटिव वर्किंग कैपिटल पर भी काम करती है, जिससे बड़ी फ्लोट इनकम होती है और काफी फ्री कैश फ्लो जेनरेट होता है। मीशो के स्टॉक को कवर करने वाले 14 एनालिस्ट्स में से 8 ने “बाय” रेटिंग दी है। 3 ने होल्ड और 3 ने सेल रेटिंग दी है।

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Hindustan Zinc Q1 Results: मुनाफा 145% बढ़ा, रेवेन्यू 77% की बढ़ोतरी के साथ अब तक के सबसे हाई लेवल पर

हिंदुस्तान जिंक का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 144.8 प्रतिशत बढ़कर 5469 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 2234 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 77 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 13747 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में यह 7771 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 6749 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 5065 करोड़ रुपये के थे। EBITDA एक साल पहले से 109 प्रतिशत बढ़कर 8074 करोड़ रुपये रहा, जो कि किसी तिमाही में दर्ज किया गया अब तक का सबसे ज्यादा EBITDA है।

जून 2026 तिमाही में हिंदुस्तान जिंक का माइन्ड मेटल प्रोडक्शन 268 KT रहा। रिफाइंड मेटल प्रोडक्शन सालाना आधार पर 4% की बढ़ोतरी के साथ 260 KT दर्ज किया गया। जिंक के प्रोडक्शन की कॉस्ट 851 डॉलर प्रति टन रही, जो कि किसी एक तिमाही में देखी गई लोएस्ट कॉस्ट है। सिल्वर प्रोडक्शन 149 टन दर्ज किया गया।

Meesho Share Price: घाटे में कमी के बावजूद बिकवाली का दबाव, शेयर 6% तक लुढ़का

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Meesho Q1 Results: मीशो का घाटा 54% घटा, रेवेन्यू 48% उछला; शेयरों पर रहेगी नजर

Meesho Q1 Results: ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस दौरान कंपनी का घाटा पिछले साल के मुकाबले काफी कम हुआ है, जबकि रेवेन्यू में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

घाटा आधे से भी कम हुआ

जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस 54.1% घटकर ₹132.8 करोड़ रह गया। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹289.4 करोड़ था।

वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू 48% बढ़कर ₹3,712.8 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,503.9 करोड़ था।

EBITDA और कारोबार में सुधार

तिमाही के दौरान मीशो का EBITDA लॉस ₹224.7 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹264.4 करोड़ था। यानी इस मोर्चे पर भी सुधार देखने को मिला।

कंपनी का नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) 34% बढ़कर ₹11,614 करोड़ हो गया। यह प्लेटफॉर्म पर बढ़ते ग्राहकों और ज्यादा खरीदारी का संकेत है।

ऑर्डर और ग्राहकों की संख्या बढ़ी

अप्रैल-जून तिमाही में मीशो पर 72.5 करोड़ ऑर्डर दिए गए। यह पिछले साल के मुकाबले 29% ज्यादा है।

कंपनी के एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स (ATUs) की संख्या भी 29% बढ़कर 27.4 करोड़ हो गई। वहीं, हर ग्राहक ने सालाना औसतन 10.3 ऑर्डर किए। प्रीपेड ऑर्डर की हिस्सेदारी बढ़कर 37% हो गई। इससे ऑर्डर कैंसिलेशन और रिटर्न-टू-ओरिजिन (RTO) में कमी आई।

AI पर लगातार बढ़ा रही निवेश

मीशो ने कहा कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी के मुताबिक, AI की मदद से इंजीनियरों की उत्पादकता दोगुने से ज्यादा बढ़ी है।

AI आधारित कैटलॉगिंग, डिमांड इंटेलिजेंस और मल्टीलिंगुअल वॉयस एजेंट्स की मदद से प्लेटफॉर्म पर सक्रिय सेलर्स की संख्या 81% बढ़कर 10.4 लाख से ज्यादा हो गई। इनमें से करीब 45% सेलर्स टियर-2 और उससे छोटे शहरों से हैं।

Meesho Mall में तेज ग्रोथ

मीशो का Meesho Mall अब 1,200 से ज्यादा ब्रांड्स के साथ काम कर रहा है। इस कारोबार में सालाना आधार पर करीब 93% की ग्रोथ दर्ज की गई।

वहीं, Content Commerce NMV में 141% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का कहना है कि AI से जुड़े क्रिएटर टूल्स की वजह से कंटेंट के जरिए आने वाले ऑर्डर तेजी से बढ़े हैं।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

मीशो के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर धीरज बंसल ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी के मजबूत ऑपरेटिंग मॉडल को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, AI अब कंपनी के हर हिस्से का अहम हिस्सा बन चुका है। इसी तिमाही में मीशो ने करीब 72.5 करोड़ ऑर्डर प्रोसेस किए, यानी औसतन हर सेकेंड 90 से ज्यादा ऑर्डर प्लेटफॉर्म पर आए।

मीशो के शेयरों का हाल

मीशो का शेयर गुरुवार को 0.71% की गिरावट के साथ ₹188.40 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 10.82% चढ़ा है। इसका मार्केट कैप 87.06 हजार करोड़ रुपये है।

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