ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज III को मंजूरी, 1.86 लाख करोड़ की इस स्कीम से इन शेयरों को लग सकते हैं पंख

यूनियन कैबिनेट ने 30 सितंबर को ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज III को मंजूरी दे दी। इस स्कीम पर 1.86 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस स्कीम का मकसद देश में रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती क्षमता को देखते हुए उसके लिए पर्याप्त पावर ग्रिड सिस्टम तैयार करना है। यह स्कीम वित्त वर्ष 2032-33 तक पूरी हो जाएगी। इस स्कीम से पावर सेक्टर की कंपनियों को फायदा होगा। उनके लिए कारोबारी मौके बढ़ेंगे। 1 अक्तूबर को पावर सेक्टर की कंपनियों के शेयरों पर इसका असर दिख सकता है।

1.36 लाख करोड़ इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम पर खर्च होंगे

स्कीम के तहत 1,36,378 करोड़ रुपये इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम्स को मजबूत बनाने पर खर्च होंगे। इसका सीधा फायदा ट्रांसमिशन कंपनियों को होगा। 50,000 करोड़ रुपये का निवेश 50 GWh के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BEES) के लिए होगा। इस स्कीम के तहत सरकार 54,082 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगी। इस स्कीम के पूरा होने पर एनर्जी के मामले में देश की स्थिति काफी मजबूत हो जाएगी।

देश में ट्रांसमिशन इंफ्रास्टक्चर स्ट्रॉन्ग होगा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में रिन्यूएबल एनर्जी की उत्पादन क्षमता लगातार बढ़ रही है। लेकिन, इस अतिरिक्त बिजली क उस जगह पहुंचाना एक बड़ा चैलेंज है, जहां उसकी जरूरत है। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज III इस समस्या का समाधान करेगी। इस स्कीम से देश में ट्रांसमिशन का स्ट्रॉन्ग इंफ्रास्टक्चर मौजूद होगा। इसके जरिए बिजली को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना आसान हो जाएगा।

स्कीम का फायदा इन कंपनियों को मिलेगा

इस स्कीम का फायदा पावर ग्रिड, अदाणी एनर्जी, KEC International, Kalpataru Projects, GE Vervnova T&D, Hitachi Energy India, Siemens Energy और Techno Electric जैसी कंपनियों को मिलेगा। 1 अक्तूबर को इन कंपनियों के शेयरों में तेजी दिख सकती है। ये पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनियां हैं। इस स्कीम से इन कंपनियों के लिए कारोबारी मौके काफी बढ़ जाएंगे।

1 अक्टूबर को इन शेयरों में दिख सकता है उछाल

Power Grid का शेयर 30 सितंबर को 0.78 फीसदी गिरकर 259.45 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर 7 फीसदी से ज्यादा गिरा है। Adani Energy का शेयर 30 सितंबर को 0.32 फीसदी चढ़कर 1,310 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर 50 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। केईसी इंटरनेशनल का शेयर 30 सितंबर को 0.62 फीसदी गिरकर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर करीब 57 फीसदी फिसला है।

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मुनाफावसूली से अंतिम घंटों में गिरा बाजार 

30 सितंबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखने को मिली। कारोबार खत्म होने से कुछ घंटे पहले मुनाफा वसूली ने निफ्टी और सेंसेक्स को लाल निशान में ला दिया। निफ्टी 0.42 फीसदी गिरकर 22,620 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.07 फीसदी गिरकर 72,480 पर क्लोज हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

राजीव ठक्कर के पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल! इन सेक्टर्स की कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी, जानिए किससे लिया एग्जिट

Parag Parikh Flexi Cap Fund Portfolio Changes: देश की सबसे बड़ी फ्लेक्सी-कैप स्कीम पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड (PPFAS) में नए पैसों का आवक बीते पांच महीनों में काफी सुस्त पड़ा है। मार्च 2026 के मुकाबले अगस्त तक फंड में नया निवेश लगभग 72% तक घट चुका है।

वैसे, राहत की बात यह है कि इनफ्लो में सुस्ती के बावजूद फंड का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) मार्च के ₹1.32 लाख करोड़ से बढ़कर अगस्त 2026 तक ₹1.47 लाख करोड़ पहुंच चुका है।

फंड के मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) राजीव ठक्कर और उनकी टीम ने ₹1.47 लाख करोड़ के इस विशाल पोर्टफोलियो में कई बड़े री-एलोकेशन और रणनीतिक बदलाव किए हैं।

इनफ्लो में 72% की बड़ी गिरावट और शॉर्ट-टर्म रिटर्न का हाल

ACE MF के आंकड़ों के अनुसार, फंड में हर महीने आने वाला नया निवेश तेजी से कम हुआ है:

मार्च 2026: ₹3,949.93 करोड़

अप्रैल 2026: ₹3,613.57 करोड़

जून 2026: ₹2,360.52 करोड़

जुलाई 2026: ₹1,583.47 करोड़

अगस्त 2026: ₹1,098.94 करोड़

रिटर्न का हाल: हालिया महीनों में सुस्त रिटर्न के चलते नए निवेशकों की रफ्तार धीमी हुई है। अगस्त अंत तक यह फंड YTD आधार पर 6.38% नीचे और पिछले 1 साल में 4.46% की गिरावट में था। हालांकि, 3 साल का सालाना रिटर्न 11.56% रहा है।

कैश पूल में से निकाले पैसे, कोर इक्विटी में बढ़ाई हिस्सेदारी

राजीव ठक्कर ने बाजार के मौकों का फायदा उठाने के लिए रिजर्व रखे गए कैश को बाजार में लगाना शुरू कर दिया है। मार्च में फंड के पास 18.94% पैसा कैश, डेट और आर्बिट्राज में रखा था, जो अगस्त में घटकर 11.58% रह गया। इसमें केवल कैश का आवंटन घटकर 3.42% बचा है। भारतीय शेयरों में कोर इक्विटी एलोकेशन मार्च के 66.75% से बढ़ाकर अगस्त में 71.2% कर दिया गया। वहीं विदेशी इक्विटी में हिस्सेदारी 11% के आसपास स्टेबल बनी हुई है।

रियल एस्टेट और REITs पर बढ़ाया दांव

पोर्टफोलियो में सबसे चौंकाने वाला बदलाव रियल एस्टेट और रीयल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट( REITs) में देखने को मिला है। मार्च में REITs का हिस्सा पूरे पोर्टफोलियो में महज 1.51% था। अगस्त तक यह बढ़कर 6.2% पहुंच गया।

कौन-से शेयर आए, कौन से बाहर?

फंड ने Mindspace Business Parks REIT से पूरी तरह एग्जिट कर लिया है। अब इसके पास Knowledge Realty Trust (2.09%), Embassy Office Parks REIT (2.48%) और Brookfield India REIT (1.60%) में हिस्सेदारी है। जुलाई में रियल एस्टेट दिग्गज DLF में फंड का दांव महज 0.03% था, जो अगस्त में बढ़कर 0.64% हो गया।

IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी

राजीव ठक्कर ने दिग्गज आईटी और बैंकिंग कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी मजबूत की है, जबकि पीएसयू कंपनियों में से फंड निकाला है:

IT सेक्टर्स में खरीदारी: मार्च से अगस्त के बीच HCL Tech (3.11% से बढ़कर 4.15%), Infosys (2.61% से बढ़कर 3.29%) और TCS (2.27% से बढ़कर 2.88%) में हिस्सेदारी बढ़ाई गई है। तीनों बड़ी आईटी कंपनियों की कुल हिस्सेदारी अब 10% से ऊपर है।

बैंकिंग व ऑटो: ICICI Bank का वेटेज 5.03% से बढ़कर 5.67%, Bajaj Holdings का 4.09% से 5.14% और Mahindra & Mahindra का 3.36% से बढ़कर 3.97% हो गया।

किसे दिया झटका?

Power Grid की हिस्सेदारी 7.16% से घटाकर 5.58% और Coal India की 6.11% से घटाकर 5.02% कर दी गई। HDFC Bank हल्का घटकर 7.63% रहने के बावजूद पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा होल्डिंग बना हुआ है।

पोर्टफोलियो में बढ़े शेयर, पर टॉप-10 का दबदबा कायम

अप्रैल में फंड के पोर्टफोलियो में केवल 38 शेयर थे, जो अगस्त तक बढ़कर 59 शेयर हो गए। नए शेयर जुड़ने के बावजूद टॉप-10 शेयरों की कुल हिस्सेदारी 52.27% पर केंद्रित है जो अप्रैल में 51.52% थी। फंड का बड़ा हिस्सा लार्ज कैप (65.29%) में ही बना हुआ है। मिड-कैप में हिस्सेदारी 3.44% और स्मॉल-कैप में 4.35% है। पोर्टफोलियो टर्नओवर करीब 43% पर स्थिर है, जो दर्शाता है कि फंड मैनेजर अपने लॉन्ग-टर्म बाय-एंड-होल्ड फिलॉसफी पर ही कायम हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 4 सितंबर को Gland Pharma, RVNL, Avalon Tech, Coal India समेत ये शेयर फोकस में, 4 कंपनियां होंगी लि​स्ट

शुक्रवार, 4 सितंबर को कई शेयरों पर फोकस रहेगा क्योंकि तेज हलचल देखने को मिल सकती है। इनमें ग्लैंड फार्मा, रेल विकास निगम, पावर ग्रिड, सिप्ला, स्टरलाइट टेक, धूत ट्रांसमिशन जैसे नाम प्रमुख हैं। वजह हैं- तिमाही नतीजे, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, एग्रीमेंट आदि। इसके अलावा शुक्रवार को मेनबोर्ड और SME सेगमेंट में 2-2 कंपनियों की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही 40 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। कुछ शेयर एक्स-बोनस और एक्स-स्प्लिट ट्रेड भी करेंगे। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज के नतीजे

धूत ट्रांसमिशन

5 सितंबर को ये कंपनी जारी करेगी तिमाही नतीजे

मोलबायो डायग्नोस्टिक्स

इन शेयरों पर रहेगी नजर

Indian Energy Exchange: अगस्त महीने में बिजली का ट्रेडेड वॉल्यूम सालाना आधार पर 20.2% बढ़कर 13.94 BU हो गया। रियल-टाइम इलेक्ट्रिसिटी मार्केट वॉल्यूम 10.6% बढ़कर 5.6 BU हो गया। ‘डे-अहेड कंटीजेंसी’ और ‘टर्म-अहेड मार्केट’ का ट्रेडेड वॉल्यूम 111.3% उछलकर 1,765 MU हो गया।

Gland Pharma: CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि फोसुन फार्मा इंडस्ट्रियल ब्लॉक डील के जरिए 5% इक्विटी हिस्सेदारी बेच सकती है। इस ऑफर का साइज 2,279.5 करोड़ रुपये रह सकता है। फ्लोर प्राइस 2,763 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।

Rail Vikas Nigam: कंपनी ईस्ट कोस्ट रेलवे के 404.88 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली (L1) कंपनी बनकर उभरी है।

Power Grid Corporation of India: कंपनी को ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (BOOT) बेसिस पर एक इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम बनाने के लिए 1,152.49 करोड़ रुपये का ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (LoI) मिला है। यह गुजरात के लकाडिया REZ-फेज II (7,500 MW) में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स से बिजली को जोड़ने के लिए है। इस प्रोजेक्ट में गुजरात में एक नया 765/400 kV लकाडिया-II सबस्टेशन बनाना शामिल है।

Welspun Investments and Commercials: बोर्ड ने सब्सिडियरी, विश्वकर्मा रियल्टी में 1,285 करोड़ रुपये तक का फंड लगाने की मंजूरी दी है। यह फंड 75 करोड़ तक कंपल्सरी कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (CCDs) और 53.50 करोड़ तक ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (OCDs) के सब्सक्रिप्शन के जरिए लगाया जाएगा। इन्हें एक या ज्यादा किश्तों में जारी किया जाएगा।

इसके अलावा, बोर्ड ने विश्वकर्मा रियल्टी द्वारा प्रमोटर ग्रुप की कंपनी इंडिवारा रियल्टी में फंड लगाने की भी मंजूरी दी है। यह फंड 100 करोड़ तक OCDs के सब्सक्रिप्शन के जरिए लगाया जाएगा। इनकी कुल वैल्यू 1,000 करोड़ रुपये तक होगी और इन्हें एक या ज्यादा किश्तों में जारी किया जाएगा।

Shanthi Gears: कंपनी के बोर्ड ने साईं कृष्णा अल्लूरी को तुरंत प्रभाव से कंपनी का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। इसके साथ ही, सुकांत कुमार पाणिग्रही अब कंपनी के अंतरिम CFO नहीं रहे।

Avalon Technologies: EMS कंपनी एवलॉन टेक्नोलॉजीज और यूरोप की नामी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज कंपनी जोलनर इलेक्ट्रॉनिक AG ने भारत में PCBA, बॉक्स-बिल्ड और सिस्टम-इंटीग्रेशन मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक जॉइंट वेंचर (JV) बनाने की घोषणा की है।

Cipla: कंपनी की सब्सिडियरी इनवेजेन फार्मास्यूटिकल्स इंक. ने अमेरिका में QL2107 (जो कीट्रूडा/pembrolizumab का बायोसिमिलर है) के एक्सक्लूसिव लाइसेंसिंग और सप्लाई के लिए Qilu फार्मास्युटिकल कंपनी के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है। इस एग्रीमेंट के तहत Qilu पर प्रोडक्ट के डेवलपमेंट, रेगुलेटरी रजिस्ट्रेशन और सप्लाई की जिम्मेदारी होगी, जबकि सिप्ला USA इंक. तय इलाके में अपनी मजबूत कमर्शियल मौजूदगी का फायदा उठाकर इस एसेट को कमर्शियलाइज करने की जिम्मेदारी संभालेगी।

WeWork India Management: कंपनी के बोर्ड ने कर्नाटक में 10 MWp का कैप्टिव सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

Max Healthcare Institute: बोर्ड ने सब्सिडियरी कलिंगा हॉस्पिटल में राइट्स बेसिस पर इक्विटी शेयरों के सब्सक्रिप्शन के जरिए लगभग 87.87 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी है।

Sterlite Technologies: ऑप्टिकल फाइबर केबल और कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस की ग्लोबल मांग को देखते हुए कंपनी के बोर्ड ने मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए 3,000 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) को मंजूरी दी है।

Bharat Forge: सब्सिडियरी कंपनी, कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स (KSSL) ने FN ब्राउनिंग ग्रुप की सब्सिडियरी FN हर्स्टल के साथ एक MoU साइन किया है। इसका मकसद छोटे हथियारों, इंटीग्रेटेड वेपन सिस्टम्स और काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) सॉल्यूशंस की लोकल मैन्युफैक्चरिंग करना है।

RBL Bank: बैंक को दिल्ली के असिस्टेंट कमिश्नर से एक कारण बताओ नोटिस मिला है। इसमें वित्त वर्ष 2022-23 के लिए लागू ब्याज और पेनल्टी समेत कुल 164.13 करोड़ रुपये के GST की डिमांड की गई है।

Market Trend : बाजार पर तेजड़ियों की पकड़ ढ़ीली, कमजोर बाजार में भी इस कैपिटल मार्केट शेयर में दिख रहा दम

बल्क और ब्लॉक डील्स

Meesho: SVF II मीरकाट (DE) LLC ने कंपनी में 8 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1,650.4 करोड़ में बेचे हैं। पूरी 1.73% हिस्सेदारी वैश्विक और घरेलू निवेशकों ने खरीदी।

Clean Max Enviro Energy Solutions: DSDG होल्डिंग ApS ने 16.33 लाख शेयर ₹199.3 करोड़ में बेचे हैं। सभी शेयर बड़े इंस्टीट्यूशनल निवेशकों ने खरीदे, जिनमें SBI लाइफ इंश्योरेंस, महिंद्रा मैन्युलाइफ म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, DSP इंडिया फंड और व्हाइटओक कैपिटल MF शामिल हैं।

Updater Services: SIS लिमिटेड ने और 10.12 लाख शेयर ₹23.76 करोड़ में खरीदे हैं।

Advit Jewels: Taurus Mutual Fund Flexicap Share Multi Cap ने 4.82 लाख शेयर 11.63 करोड़ रुपये में बेचे हैं। रमेश सवालराम सरावगी ने 5 लाख शेयर 12.14 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Bulkcorp International: Chanakya Opportunities Fund I ने अतिरिक्त 1.08 लाख शेयर 81.63 लाख रुपये में खरीदे हैं। Care Wealth Advisors LLP ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। 91,200 शेयर 68.94 लाख रुपये में बेचे गऐ।

Knowledge Realty Trust: मीरा गोयल ने IIFL मैनेजमेंट सर्विसेज से 28.31 लाख यूनिट ₹31 करोड़ में खरीदी हैं।

KSR Footwear: Alpa Wealth Creator ने 3.38 लाख शेयर 1.06 करोड़ रुपये में बेचे हैं। रानू परवाल HUF ने 1.5 लाख शेयर 46.8 लाख रुपये में और इंद्रा इनवेस्टमेंट ने 1.5 लाख शेयर 47.38 लाख रुपये में खरीदे हैं।

मेनबोर्ड लिस्टिंग

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन

प्रायोरिटी ज्वेल्स

SME लिस्टिंग

पलक टेक्नोलॉजीज

कंप्लीट स्पोर्ट्स एंड मैनेजमेंट इंडिया

ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

कोल इंडिया

ऑयल इंडिया

ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन

अरविंद

BMW इंडस्ट्रीज

क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी

एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स

कैपरी ग्लोबल कैपिटल

फिनोलेक्स केबल्स

फेडरल-मोगुल गोएट्ज (इंडिया)

AIA इंजीनियरिंग

हाईटेक कॉर्पोरेशन

इंडिगो पेंट्स

गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स इंडिया

सिटाडेल रियल्टी एंड डेवलपर्स

मैक ट्रैवल सॉल्यूशंस

फिनोटेक्स केमिकल

जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

हिकल

जैगसनपाल फार्मास्यूटिकल्स

माज्दा

पारादीप फॉस्फेट्स

परमेश्वर मेटल

नाहर कैपिटल एंड फाइनेंशियल सर्विसेज

नाहर पॉलीफिल्म

नाहर स्पिनिंग मिल्स

मेट्रो ब्रांड्स

OM इंफ्रा

पैनासोनिक एनर्जी इंडिया कंपनी

POCL एंटरप्राइजेज

प्रीवेस्ट डेनप्रो

SKP सिक्योरिटीज

SP अपैरल्स

संधू फार्मास्यूटिकल्स

शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लैंड एंड एसेट्स

शिल्पा मेडिकेयर

स्पेशियलिटी रेस्टोरेंट्स

स्पोर्टकिंग इंडिया

सूरज प्रोडक्ट्स

वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स

स्टोव क्राफ्ट

सुप्रिया लाइफसाइंस

Promoter Holding: इन 10 मिडकैप शेयरों में प्रमोटर्स ने हिस्सेदारी घटाई, जानिए 1 महीने में कैसा रहा रिटर्न

स्प्लिट के लिए ये शेयर करेंगे एक्स-ट्रेड

इंटीग्रेटेड प्रोटीन्स

TCC कॉन्सेप्ट

ये शेयर करेंगे एक्स-बोनस ट्रेड

जोंजुआ ओवरसीज

बाय-बैक के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करने वाले स्टॉक्स

PVR INOX

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 3 सितंबर को इन 13 शेयरों पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: कई कंपनियों से जुड़े अहम बड़े अपडेट सामने आए हैं। इनमें हिस्सेदारी खरीद, नए प्रोजेक्ट, ब्लॉक डील, फंड जुटाने और मैनेजमेंट बदलाव जैसी खबरें शामिल हैं। इन खबरों का असर 3 सितंबर को इन कंपनियों के शेयरों में देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं गुरुवार को किन 13 शेयरों पर नजर रहेगी।

ICICI Bank

प्राइवेट बैंक ICICI Bank ने अपनी सब्सिडियरी ICICI Prudential Life Insurance में 2% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। इसके लिए बैंक ने करीब ₹1,470 करोड़ खर्च किए। अब कंपनी में ICICI Bank की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 52.8% हो गई है। बैंक ने 22 जुलाई से 2 सितंबर के बीच कई चरणों में करीब 2.90 करोड़ शेयर खरीदे।

Power Grid Corporation of India

सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी Power Grid Corporation को राजस्थान REZ से ₹3,244.33 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को राजस्थान के बाड़मेर से बिजली ट्रांसमिशन सिस्टम बनाने का लेटर ऑफ इंटेंट मिला है। यह प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी से पैदा होने वाली बिजली को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने से जुड़ा है।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho में SoftBank ब्लॉक डील के जरिए करीब 7 करोड़ शेयर बेच सकती है। यह कंपनी की 1.5% हिस्सेदारी के बराबर है। इस डील का आकार करीब ₹1,435 करोड़ हो सकता है। शेयरों के लिए ₹205 का फ्लोर प्राइस तय किया गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से 3.12% तक कम है।

HUDCO

सरकारी फाइनेंस कंपनी HUDCO ने बिहार सरकार के साथ ₹25,000 करोड़ तक की फंडिंग के लिए समझौता किया है। यह पैसा पांच साल में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए दिया जाएगा। इसमें जमीन खरीदने और इंडस्ट्रियल पार्क बनाने पर खर्च शामिल है।

AXISCADES Technologies

इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी AXISCADES Technologies ₹200 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी का बोर्ड शनिवार को नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स यानी NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर विचार करेगा।

Motilal Oswal Financial Services

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Motilal Oswal Financial Services का बोर्ड सोमवार को फंड जुटाने पर विचार करेगा। कंपनी NCDs जारी करके पूंजी जुटाने की योजना पर चर्चा करेगी।

Jindal Worldwide

टेक्सटाइल कंपनी Jindal Worldwide ने अमित अग्रवाल को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने का फैसला किया है। उनका कार्यकाल अगले तीन साल का होगा। इस फैसले से कंपनी के मैनेजमेंट में निरंतरता बनी रहेगी।

NHPC

सरकारी पावर कंपनी NHPC को BGS-SGS-SOMA JV के साथ चल रहे विवाद में आर्बिट्रल अवॉर्ड मिला है। यह मामला 2,000 मेगावाट के सुबानसिरि लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

Hexaware Technologies

आईटी कंपनी Hexaware Technologies में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव होने जा रहा है। श्रीकृष्ण रामकार्तिकेयन 28 अक्टूबर 2026 से CEO और होल-टाइम डायरेक्टर का पद छोड़ देंगे। उनकी जगह विवेक जेटली CEO बनेंगे। रामकार्तिकेयन कंपनी से सीनियर एडवाइजर के तौर पर जुड़े रहेंगे।

Page Industries

गारमेंट कंपनी Page Industries को UAE डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था से जुड़े विवाद में दुबई की अदालत से नोटिस मिला है। Yellow Flower Trading LLC ने कंपनी पर AED 113.55 मिलियन का दावा किया है। इसमें 10 अक्टूबर 2025 से सालाना 9% ब्याज भी मांगा गया है। कंपनी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है।

Aster DM Quality Care

हेल्थकेयर कंपनी Aster DM Quality Care में करीब ₹350 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है। TPG से जुड़ी Centella Mauritius ने 46.1 लाख शेयर बेचे हैं। यह कंपनी की 0.53% हिस्सेदारी के बराबर है। Union (Mauritius) Holdings ने NSE पर औसतन ₹760 प्रति शेयर के भाव से यह हिस्सेदारी खरीदी।

Pine Labs

फिनटेक कंपनी Pine Labs में ₹550 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है। Alpha Wave Ventures ने 3.55 करोड़ शेयर बेचे हैं। यह कंपनी की 3.1% हिस्सेदारी के बराबर है। ICICI Prudential Life Insurance, Societe Generale और Goldman Sachs समेत कई निवेशकों ने शेयर खरीदे हैं।

FACT

सरकारी फर्टिलाइजर कंपनी FACT पर भारत सरकार के बकाया कर्ज को लेकर ₹438.20 करोड़ का पेनल ब्याज लगाया गया है। इसमें ₹389.51 करोड़ का ब्याज 31 मार्च 2026 तक की अवधि का है। बाकी ₹48.69 करोड़ FY27 से जुड़ा है। यह पेनल ब्याज 1 अप्रैल 2018 से लागू माना गया है।

GDP Growth: सरकार ने 2.6% GDP ग्रोथ के दावे को खारिज किया, 7.8% को सटीक बताया

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Stock in Focus: सरकारी कंपनी को ₹3244 करोड़ का प्रोजेक्ट, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सरकारी कंपनी Power Grid Corporation of India Ltd ने राजस्थान के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट से बिजली निकालने के लिए बड़ा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल किया है। कंपनी को राजस्थान के बाड़मेर कॉम्प्लेक्स से 6 GW सोलर पावर ट्रांसमिशन के लिए सफल बोलीदाता चुना गया है।

यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग के तहत मिला है। कंपनी ने इसके लिए ₹3,244.33 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन चार्ज की बोली लगाई है। POWERGRID को 2 सितंबर 2026 को लेटर ऑफ इंटेंट of Intent मिला है।

1,000 किमी लंबी HVDC लाइन बनेगी

प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान के बाड़मेर-II में 6,000 MW की HVDC टर्मिनल स्थापित की जाएगी। महाराष्ट्र के साउथ कलांब में भी टर्मिनल बनेगी। दोनों जगहों पर ±800 kV HVDC सिस्टम लगाया जाएगा।

बाड़मेर-II से साउथ कलांब के बीच करीब 1,000 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी। यह राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगी।

इसके अलावा राजस्थान में 400 kV की ट्रांसमिशन लाइन, जरूरी बे और दूसरे उपकरण भी लगाए जाएंगे। बाड़मेर-II पावर स्टेशन पर दो SynCon यूनिट भी स्थापित की जाएंगी।

BOOT मॉडल पर बनेगा प्रोजेक्ट

यह प्रोजेक्ट Build, Own, Operate and Transfer यानी BOOT मॉडल पर विकसित होगा। इसके तहत कंपनी प्रोजेक्ट बनाएगी, चलाएगी और तय अवधि के बाद इसे ट्रांसफर किया जाएगा।

हाल में गुजरात का भी प्रोजेक्ट मिला

पिछले महीने भी POWERGRID को गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन का बड़ा प्रोजेक्ट मिला था। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने ₹822.91 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन टैरिफ की बोली लगाई थी।

बुधवार को Power Grid Corporation का शेयर NSE पर 1.23% की तेजी के साथ ₹267.80 पर बंद हुआ।

Pharma Mutual Funds: 1 साल में 30% तक रिटर्न, 10 फंड ने दिया 20% से ज्यादा फायदा; क्या अभी भी है निवेश का मौका?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Parag Parikh Fund: फंड मैनेजर राजीव ठक्कर की चाल! 39 शेयर्स समान, फिर भी क्यों अलग हैं Flexi Cap और Large Cap?

Parag Parikh Flexi Cap vs Large Cap: पराग पारिख म्यूचुअल फंड (PPFAS) के निवेशकों के बीच इस समय सबसे बड़ी चर्चा Parag Parikh Flexi Cap Fund और हाल ही में लॉन्च हुए Parag Parikh Large Cap Fund को लेकर है। दोनों ही फंड्स का प्रबंधन मुख्य रूप से जाने-माने फंड मैनेजर राजीव ठक्कर संभाल रहे हैं।

मनीकंट्रोल के जुलाई 2026 के पोर्टफोलियो विश्लेषण (ACE MF डेटा) के अनुसार, दोनों फंड्स में 39 शेयर एक जैसे हैं। पहली नजर में देखने पर दोनों स्कीम्स काफी हद तक समान लग सकती हैं, लेकिन पोर्टफोलियो आवंटन और स्ट्रैटेजी के स्तर पर इनमें बड़े अंतर हैं।

रिटर्न की स्थिति: 6 महीने से 3 साल का ट्रैक रिकॉर्ड

Parag Parikh Flexi Cap Fund: इस फंड ने इस साल अब तक -4.57% और 1 साल में -1.79% का रिटर्न दिया है। हालांकि, इसका 3 साल का सालाना रिटर्न 13.87% का रहा है।

Parag Parikh Large Cap Fund: नए फंड ने अपने शुरुआती 6 महीनों की अवधि में -2.11% का रिटर्न दिया है।

एसेट एलोकेशन: लार्ज कैप का दायरा और विदेशी शेयर

दोनों फंड्स के मैंडेट के मुताबिक उनके एसेट एलोकेशन में बड़ा अंतर है:

लार्ज कैप शेयर: फ्लेक्सी कैप फंड अपने पोर्टफोलियो का 64.85% हिस्सा लार्ज कैप कंपनियों में रखता है, जबकि लार्ज कैप फंड में यह हिस्सेदारी 95.25% है।

विदेशी शेयर व कैश: फ्लेक्सी कैप फंड में 11.06% आवंटन ग्लोबल शेयर्स (जैसे- Alphabet, Amazon, Meta और Microsoft) में है। इसके अलावा 7.15% डेट और 4.60% कैश में है। इसके विपरीत, लार्ज कैप फंड 99.16% पैसा सिर्फ भारतीय इक्विटी में ही लगाता है।

39 शेयर कॉमन, लेकिन असली ओवरलैप सिर्फ 37.27%

डेटा दिखाता है कि दोनों स्कीम्स में 39 स्टॉक्स बिल्कुल समान हैं। ये कॉमन शेयर फ्लेक्सी कैप के 67.38% और लार्ज कैप के 68.32% पोर्टफोलियो को कवर करते हैं।हालांकि, दोनों फंड्स में कंपनियों को दिया गया वेटेज अलग-अलग है, जिससे इनका वास्तविक वेटेड पोर्टफोलियो ओवरलैप सिर्फ 37.27% निकलकर आता है:

Bajaj Finance: लार्ज कैप फंड में 2.22% वेटेज है, जबकि फ्लेक्सी कैप में सिर्फ 0.41%।

State Bank of India: लार्ज कैप में 3.08% बनाम फ्लेक्सी कैप में महज 0.09%।

Power Grid & ITC: पावर ग्रिड फ्लेक्सी कैप में 5.98% है तो लार्ज कैप में 0.93%। वहीं ITC फ्लेक्सी कैप में 5.74% और लार्ज कैप में 1.96% है।

HDFC Bank: दोनों फंड्स का सबसे बड़ा होल्डिंग शेयर HDFC Bank है, जो फ्लेक्सी कैप में 7.55% और लार्ज कैप में 8.31% है। इसके अलावा ICICI Bank, Bharti Airtel और Infosys दोनों में प्रमुखता से शामिल हैं।

स्टॉक्स की संख्या और पोर्टफोलियो कंसंट्रेशन

राजीव ठक्कर एक ही फंड मैनेजर होने के बावजूद दोनों फंड्स में डायवर्सिफिकेशन की रणनीति अलग रख रहे हैं:

कुल शेयर्स: फ्लेक्सी कैप के पास 61 भारतीय और 4 विदेशी शेयर (कुल 65) हैं। वहीं, लार्ज कैप फंड ने 103 शेयरों में अपना पैसा फैलाया हुआ है।

टॉप 10 स्टॉक्स: फ्लेक्सी कैप के टॉप 10 शेयर पोर्टफोलियो का 52.31% हिस्सा बनाते हैं, जबकि लार्ज कैप में टॉप 10 शेयर सिर्फ 42.79% बनाते हैं।

टॉप 5 सेक्टर्स: फ्लेक्सी कैप के 5 बड़े सेक्टर्स का योगदान 62.97% है, जबकि लार्ज कैप में यह 55.60% है।

इसका मतलब है कि व्यापक निवेश छूट होने के बावजूद फ्लेक्सी कैप फंड ज्यादा कंसंट्रेटेड पोर्टफोलियो चला रहा है, जबकि लार्ज कैप फंड ने अपनी पूंजी को कई शेयरों में फैला रखा है।

निवेशकों के लिए केवल 39 कॉमन शेयर्स देखकर दोनों फंड्स को एक जैसा मान लेना सही नहीं होगा। फ्लेक्सी कैप फंड जहां कंसंट्रेटेड इंडियन इक्विटी के साथ इंटरनेशनल एक्सपोजर और डेट का बैलेंस देता है, वहीं लार्ज कैप फंड पूरी तरह से भारतीय लार्ज कैप कंपनियों के एक बड़े बास्केट में निवेश करता है। 6 महीने की अवधि नए फंड के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए छोटी है, लेकिन पोर्टफोलियो डेटा यह साफ करता है कि कंपनियां भले एक हों, निवेश की दिशा अलग है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पावर सेक्टर में 2030 के बाद SCADA इंपोर्ट बंद होगा, देश में बनाने की तैयारी; इन स्टॉक्स पर रखें नजर

सरकार ने पावर सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले SCADA सिस्टम का आयात 2030 के बाद बंद करने का फैसला किया है। लक्ष्य 2028-29 तक इसका स्वदेशी विकल्प तैयार करना है। अभी इन सिस्टम में लोकल कंटेंट 20% से भी कम है। सरकार इसे बढ़ाना चाहती है।

आप SCADA को पावर ग्रिड का कंट्रोल सिस्टम समझ सकते हैं। इससे पावर प्लांट, सब-स्टेशन और ग्रिड की रियल टाइम निगरानी होती है। जरूरत पड़ने पर कई इक्विपमेंट को दूर से कंट्रोल भी किया जा सकता है।

स्वदेशीकरण क्यों जरूरी हुआ?

यह पूरा मामला सिर्फ मेक इन इंडिया तक सीमित नहीं है। इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी भी बड़ी वजह है। अभी SCADA के कई अहम सॉफ्टवेयर और कंपोनेंट विदेशों से आते हैं। ऐसे में अपडेट, तकनीकी मदद और साइबर सिक्योरिटी सपोर्ट के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भरता रहती है।

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान यह चिंता और बढ़ी। पावर मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मई 2025 में 8-10 दिनों के दौरान भारत के पावर सिस्टम पर करीब 2 लाख साइबर अटैक की कोशिशें हुई थीं। ऐसे में सरकार चाहती है कि देश के पावर ग्रिड को चलाने वाली अहम टेक्नोलॉजी पर भारत का अपना नियंत्रण हो।

2028-29 तक तैयार होगा स्वदेशी सिस्टम

CEA ने SCADA के स्वदेशीकरण के लिए रोडमैप तैयार किया है। इसमें 38 सॉफ्टवेयर मॉड्यूल और 25 हार्डवेयर कंपोनेंट शामिल हैं।

सरकार National SCADA Mission या एक स्पेशल वर्किंग ग्रुप बनाने पर भी विचार कर रही है। इसमें Power Grid, GRID-India और घरेलू टेक्नोलॉजी कंपनियों को साथ लाया जा सकता है।

किन स्टॉक्स पर नजर रखें?

शेयर बाजार में इस थीम का सबसे सीधा नाम Power Grid है। प्रस्तावित मॉडल में कंपनी का नाम सीधे आया है। उसके पास ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA का अनुभव भी है।

इसके अलावा Siemens, Hitachi Energy India, GE Vernova T&D और ABB India जैसी कंपनियां भी ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA के कारोबार में हैं। स्वदेशी सिस्टम के विकास और पुराने सिस्टम के अपग्रेड से इन्हें अवसर मिल सकते हैं। TCS जैसी IT कंपनियों के लिए भी सॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी और सिस्टम इंटीग्रेशन का मौका बन सकता है।

कंपनीसंभावित फायदा
Power Grid
SCADA, ग्रिड ऑटोमेशन और इंटीग्रेशन

Siemens
SCADA और एनर्जी मैनेजमेंट

Hitachi Energy India
ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA

GE Vernova T&D Indiaट्रांसमिशन और ग्रिड ऑटोमेशन
ABB Indiaपावर ऑटोमेशन और डिजिटल ग्रिड
TCSसॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी और इंटीग्रेशन

निवेशकों के लिए क्या अहम?

अभी इसे सीधे खरीदने का संकेत मानना ठीक नहीं है। असली फायदा तब साफ होगा जब सरकार कंपनियों का चयन करेगी और SCADA के अलग-अलग हिस्सों के लिए ऑर्डर जारी होंगे। फिलहाल Power Grid समेत SCADA, ग्रिड ऑटोमेशन और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनियों पर नजर रखी जा सकती है।

सीधी बात है। सरकार अब पावर ग्रिड की अहम टेक्नोलॉजी पर विदेशी निर्भरता घटाना चाहती है। Operation Sindoor के दौरान सामने आए साइबर खतरे ने इस जरूरत को और गंभीर बना दिया। इससे आने वाले वर्षों में पावर और टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बड़ा घरेलू बाजार बन सकता है।

DRDO Missile: सरकार ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को मंजूरी दी, इन 7 डिफेंस स्टॉक्स पर रखें नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।