GE Vernova Share Price : 9% तेजी के साथ वायदा का टॉप गेनर बना स्टॉक, ब्रोकरेज से जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

GE Vernova Share Price : मंगलवार के कारोबारी सेशन में GE Vernova T&D India के शेयरों में लगभग 9 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। ब्रोकरेज फर्मों की ओर से कंपनी के लिए’बुलिश’राय आने के बाद इस शेयर को पंख लग गए हैं। कंपनी के एक बड़ा HVDC प्रोजेक्ट मिल सकता है। इस प्रोजेक्ट की कीमत 13,000 करोड़ रुपये हो सकती है और इससे आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। पावर ट्रांसमिशन उपकरण बनाने वाली इस कंपनी का शेयर फिलहाल 382.30 रुपए यानी 8.75 फीसदी की तेजी के साथ 4748 रुपए के पास दिख रहा है। जिससे आज यह शेयर मिडकैप इंडेक्स में सबसे ज्यादा बढ़त वाला शेयर बन गया है। सोमवार को यह शेयर 1.4 प्रतिशत बढ़कर 4,367.2 रुपये पर बंद हुआ था।

इस हालिया उछाल के साथ 2026 में अब तक इस स्टॉक में लगभग 48 प्रतिशत की बढ़त हुई है। यह निफ्टी 50 के मुकाबले बहुत बेहतर प्रदर्शन है। निफ्टी में इसी दौरान लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट आई है। सोमवार को बाजार बंद होने के समय कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 1.12 लाख करोड़ रुपये था।

GE Vernova में शानदार तेजी

पावर ग्रिड से कंपनी को बड़ा ऑर्डर संभव है। कंपनी 6,000 MW प्रोजेक्ट के लिए L-1 बिडर घोषित की गई है। कंपनी ने सोमवार को बताया कि वह पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया के 6,000 MW, 800 kV हाई-वोल्टेज डायरेक्ट-करंट ट्रांसमिशन सिस्टम लगाने के प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी या L1 बिडर कंपनी बनकर उभरी है। इस प्रोजेक्ट में राजस्थान के बाड़मेर II और महाराष्ट्र के साउथ कलंब में लाइन-कम्यूटेटेड कनवर्टर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके 3,000 MW के दो टर्मिनल स्टेशन बनाने शामिल हैं। GE वर्नोवा T&D इंडिया इस प्रोजेक्ट का डिज़ाइन, सप्लाई और काम पूरा करेगी। इस काम को पूरा करने में कई साल लग सकते हैं।

इस ट्रांसमिशन कॉरिडोर का मकसद राजस्थान से रिन्यूएबल एनर्जी को आगे पहुंचाना है और यह भारत के हाई-कैपेसिटी ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का हिस्सा है। हालांकि GE Vernova ने एक्सचेंज फाइलिंग में कॉन्ट्रैक्ट की कीमत का खुलासा नहीं किया, लेकिन Nomura का अनुमान है कि यह ऑर्डर लगभग 13,000 करोड़ रुपये का है।

GE Vernova पर नोमुरा

GE Vernova पर नोमुरा ने BUY रेटिंग के साथ शेयर का लक्ष्य 6,000 रुपए प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि 13,000 करोड़ रुपए के HVDC ऑर्डर से लॉन्ग टर्म ग्रोथ आउटलुक बेहतर होगा। FY26-29 में 31% सालाना मुनाफा ग्रोथ संभव है। ब्रोकरेज ने FY28/29 के लिए आय अनुमान 4%/9% बढ़ाया है। शेयर में FY29 EPS 111 रुपए के 39 गुना कारोबार हो रहा है।

GE Vernova पर CITI

CITI ने स्टॉक पर BUY रेटिंग के साथ शेयर का लक्ष्य 5,400 रुपए प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि FY29 से इस प्रोजेक्ट का आय में योगदान दिखने लगेगा। FY29 के EBITDA/EPS अनुमान में 25% अपसाइड संभव है।

 

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पावर सेक्टर में 2030 के बाद SCADA इंपोर्ट बंद होगा, देश में बनाने की तैयारी; इन स्टॉक्स पर रखें नजर

सरकार ने पावर सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले SCADA सिस्टम का आयात 2030 के बाद बंद करने का फैसला किया है। लक्ष्य 2028-29 तक इसका स्वदेशी विकल्प तैयार करना है। अभी इन सिस्टम में लोकल कंटेंट 20% से भी कम है। सरकार इसे बढ़ाना चाहती है।

आप SCADA को पावर ग्रिड का कंट्रोल सिस्टम समझ सकते हैं। इससे पावर प्लांट, सब-स्टेशन और ग्रिड की रियल टाइम निगरानी होती है। जरूरत पड़ने पर कई इक्विपमेंट को दूर से कंट्रोल भी किया जा सकता है।

स्वदेशीकरण क्यों जरूरी हुआ?

यह पूरा मामला सिर्फ मेक इन इंडिया तक सीमित नहीं है। इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी भी बड़ी वजह है। अभी SCADA के कई अहम सॉफ्टवेयर और कंपोनेंट विदेशों से आते हैं। ऐसे में अपडेट, तकनीकी मदद और साइबर सिक्योरिटी सपोर्ट के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भरता रहती है।

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान यह चिंता और बढ़ी। पावर मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मई 2025 में 8-10 दिनों के दौरान भारत के पावर सिस्टम पर करीब 2 लाख साइबर अटैक की कोशिशें हुई थीं। ऐसे में सरकार चाहती है कि देश के पावर ग्रिड को चलाने वाली अहम टेक्नोलॉजी पर भारत का अपना नियंत्रण हो।

2028-29 तक तैयार होगा स्वदेशी सिस्टम

CEA ने SCADA के स्वदेशीकरण के लिए रोडमैप तैयार किया है। इसमें 38 सॉफ्टवेयर मॉड्यूल और 25 हार्डवेयर कंपोनेंट शामिल हैं।

सरकार National SCADA Mission या एक स्पेशल वर्किंग ग्रुप बनाने पर भी विचार कर रही है। इसमें Power Grid, GRID-India और घरेलू टेक्नोलॉजी कंपनियों को साथ लाया जा सकता है।

किन स्टॉक्स पर नजर रखें?

शेयर बाजार में इस थीम का सबसे सीधा नाम Power Grid है। प्रस्तावित मॉडल में कंपनी का नाम सीधे आया है। उसके पास ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA का अनुभव भी है।

इसके अलावा Siemens, Hitachi Energy India, GE Vernova T&D और ABB India जैसी कंपनियां भी ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA के कारोबार में हैं। स्वदेशी सिस्टम के विकास और पुराने सिस्टम के अपग्रेड से इन्हें अवसर मिल सकते हैं। TCS जैसी IT कंपनियों के लिए भी सॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी और सिस्टम इंटीग्रेशन का मौका बन सकता है।

कंपनीसंभावित फायदा
Power Grid
SCADA, ग्रिड ऑटोमेशन और इंटीग्रेशन

Siemens
SCADA और एनर्जी मैनेजमेंट

Hitachi Energy India
ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA

GE Vernova T&D Indiaट्रांसमिशन और ग्रिड ऑटोमेशन
ABB Indiaपावर ऑटोमेशन और डिजिटल ग्रिड
TCSसॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी और इंटीग्रेशन

निवेशकों के लिए क्या अहम?

अभी इसे सीधे खरीदने का संकेत मानना ठीक नहीं है। असली फायदा तब साफ होगा जब सरकार कंपनियों का चयन करेगी और SCADA के अलग-अलग हिस्सों के लिए ऑर्डर जारी होंगे। फिलहाल Power Grid समेत SCADA, ग्रिड ऑटोमेशन और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनियों पर नजर रखी जा सकती है।

सीधी बात है। सरकार अब पावर ग्रिड की अहम टेक्नोलॉजी पर विदेशी निर्भरता घटाना चाहती है। Operation Sindoor के दौरान सामने आए साइबर खतरे ने इस जरूरत को और गंभीर बना दिया। इससे आने वाले वर्षों में पावर और टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बड़ा घरेलू बाजार बन सकता है।

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