ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज III को मंजूरी, 1.86 लाख करोड़ की इस स्कीम से इन शेयरों को लग सकते हैं पंख

यूनियन कैबिनेट ने 30 सितंबर को ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज III को मंजूरी दे दी। इस स्कीम पर 1.86 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस स्कीम का मकसद देश में रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती क्षमता को देखते हुए उसके लिए पर्याप्त पावर ग्रिड सिस्टम तैयार करना है। यह स्कीम वित्त वर्ष 2032-33 तक पूरी हो जाएगी। इस स्कीम से पावर सेक्टर की कंपनियों को फायदा होगा। उनके लिए कारोबारी मौके बढ़ेंगे। 1 अक्तूबर को पावर सेक्टर की कंपनियों के शेयरों पर इसका असर दिख सकता है।

1.36 लाख करोड़ इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम पर खर्च होंगे

स्कीम के तहत 1,36,378 करोड़ रुपये इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम्स को मजबूत बनाने पर खर्च होंगे। इसका सीधा फायदा ट्रांसमिशन कंपनियों को होगा। 50,000 करोड़ रुपये का निवेश 50 GWh के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BEES) के लिए होगा। इस स्कीम के तहत सरकार 54,082 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगी। इस स्कीम के पूरा होने पर एनर्जी के मामले में देश की स्थिति काफी मजबूत हो जाएगी।

देश में ट्रांसमिशन इंफ्रास्टक्चर स्ट्रॉन्ग होगा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में रिन्यूएबल एनर्जी की उत्पादन क्षमता लगातार बढ़ रही है। लेकिन, इस अतिरिक्त बिजली क उस जगह पहुंचाना एक बड़ा चैलेंज है, जहां उसकी जरूरत है। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज III इस समस्या का समाधान करेगी। इस स्कीम से देश में ट्रांसमिशन का स्ट्रॉन्ग इंफ्रास्टक्चर मौजूद होगा। इसके जरिए बिजली को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना आसान हो जाएगा।

स्कीम का फायदा इन कंपनियों को मिलेगा

इस स्कीम का फायदा पावर ग्रिड, अदाणी एनर्जी, KEC International, Kalpataru Projects, GE Vervnova T&D, Hitachi Energy India, Siemens Energy और Techno Electric जैसी कंपनियों को मिलेगा। 1 अक्तूबर को इन कंपनियों के शेयरों में तेजी दिख सकती है। ये पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनियां हैं। इस स्कीम से इन कंपनियों के लिए कारोबारी मौके काफी बढ़ जाएंगे।

1 अक्टूबर को इन शेयरों में दिख सकता है उछाल

Power Grid का शेयर 30 सितंबर को 0.78 फीसदी गिरकर 259.45 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर 7 फीसदी से ज्यादा गिरा है। Adani Energy का शेयर 30 सितंबर को 0.32 फीसदी चढ़कर 1,310 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर 50 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। केईसी इंटरनेशनल का शेयर 30 सितंबर को 0.62 फीसदी गिरकर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर करीब 57 फीसदी फिसला है।

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मुनाफावसूली से अंतिम घंटों में गिरा बाजार 

30 सितंबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखने को मिली। कारोबार खत्म होने से कुछ घंटे पहले मुनाफा वसूली ने निफ्टी और सेंसेक्स को लाल निशान में ला दिया। निफ्टी 0.42 फीसदी गिरकर 22,620 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.07 फीसदी गिरकर 72,480 पर क्लोज हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

FII Selling: FII की बिकवाली नहीं रुक रही! बाजार चढ़ा, फिर भी ₹3209 करोड़ के शेयर बेचे

FII Selling: विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में ₹3,208.76 करोड़ की नेट बिकवाली की। खास बात यह है कि बिकवाली तब बढ़ी, जब निफ्टी लगातार दूसरे दिन बढ़त में बंद हुआ।

एक्सचेंज के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, FIIs ने ₹8,761.71 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं, ₹11,970.47 करोड़ के शेयर बेचे। बुधवार को FIIs की नेट बिकवाली ₹2,032.61 करोड़ थी। यानी एक दिन में बिकवाली काफी बढ़ गई।

इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs नेट खरीदार रहे। उन्होंने ₹14,105.01 करोड़ के शेयर खरीदे और ₹10,487.26 करोड़ के शेयर बेचे। इस तरह उनकी नेट खरीदारी ₹3,617.75 करोड़ रही। हालांकि, यह बुधवार के ₹3,908.23 करोड़ से कम है।

निफ्टी चढ़ा, सेंसेक्स गिरा

गुरुवार को शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार रहा। Nifty 53 अंक बढ़कर 23,271 पर बंद हुआ। यह निफ्टी की लगातार दूसरी बढ़त है। वहीं, Sensex 22 अंक गिरकर 74,315 पर बंद हुआ।

Nifty Bank में कमजोरी रही। इंडेक्स 237 अंक गिरकर 56,056 पर आ गया। दूसरी ओर, Nifty Midcap में अच्छी तेजी रही। यह 558 अंक बढ़कर 61,432 पर बंद हुआ।

Tata Group के शेयर चढ़े

Nifty के 35 शेयर बढ़त में बंद हुए। इंश्योरेंस कंपनियों के शेयरों में खास तौर पर खरीदारी दिखी। Tata Group के शेयर भी चढ़े। N Chandrasekaran के Tata Sons के चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्त होने की खबर से इन शेयरों में तेजी आई। Tata Motors Passenger Vehicles भी टॉप गेनर्स में रहा।

त्योहारी सीजन से पहले ऑटो शेयरों में भी खरीदारी रही। Maruti Suzuki और TVS Motor करीब 2% चढ़े।

ONGC समेत इन शेयरों में गिरावट

कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी का असर ऑयल कंपनियों पर दिखा। ONGC करीब 2% गिरा और Nifty का सबसे बड़ा लूजर रहा।

PB Fintech में 4% की गिरावट आई। इससे बुधवार की तेजी का करीब आधा हिस्सा वापस चला गया। Federal Bank भी 2% गिरा। वहीं, कॉरपोरेट अनाउंसमेंट की उम्मीद में Jana Small Finance Bank 2% चढ़ा।

सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी

सेमीकंडक्टर से जुड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी दिखी। Kaynes Technology, Hitachi Energy India और CG Power में 3% से ज्यादा की तेजी रही।

रुपया थोड़ा मजबूत हुआ

भारतीय रुपया गुरुवार को डॉलर के मुकाबले थोड़ा मजबूत हुआ। यह ₹95.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। बुधवार को रुपया ₹95.96 प्रति डॉलर पर था।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock to Buy: रॉकेट बन सकता है इस कंपनी का शेयर, जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

Stock to Buy: शेयर बाजार के कमजोर सेंटीमेंट के बीच अगर आप किसी मुनाफे वाले शेयर की तलाश में हैं तो आप हिताची एनर्जी इंडिया के शेयर के बारे में सोच सकते हैं। विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। 17 सितंबर को शेयरों में तेजी दिखी। शेयर 3.31 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।

50 फीसदी से ज्यादा चढ़ सकता है शेयर 

जेफरीज ने हिताची एनर्जी इंडिया के शेयर के लिए 45,790 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से यह शेयर करीब 50 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने हिताची पर अपनी रिपोर्ट में कई बातें बताई हैं। उसने कहा है कि हिताची के मैनेजमेंट को भरोसा है कि भारत में पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन (T&D) पर निवेश बढ़ रहा है। इस सेगमेंट में अगले कई सालों तक बिजनेस के बड़े मौके बने रहेंगे।

सर्विसेज पर फोकस बढ़ाने का मिलेगा फायदा

ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी रेवेन्यू में अपनी सर्विसेज की हिस्सेदारी बढ़ा रही है। इससे आगे ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। उसने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BEES) और डेटा सेंटर्स के क्षेत्र में भी कंपनी के लिए बड़े कारोबारी मौके बताए हैं। जेफरीज का मानना है कि FY26-29 के दौरान कंपनी की अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट 54 फीसदी रह सकता है।

शेयर ने सिर्फ तीन साल में पैसा सात गुना किया

हिताची एनर्जी इंडिया के शेयरों ने निवेशकों को मालामाल किया है। सिर्फ तीन साल में इस शेयर ने निवेशकों का पैसा सात गुना से ज्यादा किया है। 22 सितंबर, 2023 को इस शेयर का प्राइस 4,183 रुपये था। अब कीमत 31,200 रुपये चल रही है। यह तीन साल में 625 फीसदी से ज्यादा रिटर्न है। इसका मतलब है कि अगर आपने तीन साल पहले हिताची के शेयर में एक लाख रुपये निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 7 लाख रुपये से ज्यादा हो गया होता।

भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन कमजोर

बीते तीन सालों में शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों का रिटर्न ज्यादा नहीं रहा है। निफ्टी ने इस दौरान 15.45 फीसदी का रिटर्न दिया है। सेंसेक्स ने इस दौरान 9.83 फीसदी का रिटर्न दिया है। इसका मतलब है कि बाजार के कमजोर प्रदर्शन के बीच भी हिताची एनर्जी इंडिया के शेयरों का प्रदर्शन जोरदार रहा है।

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17 सितंबर को भी बाजार पर दबाव 

भारतीय शेयर बाजारों में खासकर बीते दो सालों से काफी ज्यादा दबाव दिख रहा है। 17 सितंबर को भी बाजार के प्रमुख सूचकांकों में काफी उतार चढ़ाव दिखा। आखिर में सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुआ, जबकि निफ्टी हल्की मजूबती के साथ क्लोज हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

पावर सेक्टर में 2030 के बाद SCADA इंपोर्ट बंद होगा, देश में बनाने की तैयारी; इन स्टॉक्स पर रखें नजर

सरकार ने पावर सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले SCADA सिस्टम का आयात 2030 के बाद बंद करने का फैसला किया है। लक्ष्य 2028-29 तक इसका स्वदेशी विकल्प तैयार करना है। अभी इन सिस्टम में लोकल कंटेंट 20% से भी कम है। सरकार इसे बढ़ाना चाहती है।

आप SCADA को पावर ग्रिड का कंट्रोल सिस्टम समझ सकते हैं। इससे पावर प्लांट, सब-स्टेशन और ग्रिड की रियल टाइम निगरानी होती है। जरूरत पड़ने पर कई इक्विपमेंट को दूर से कंट्रोल भी किया जा सकता है।

स्वदेशीकरण क्यों जरूरी हुआ?

यह पूरा मामला सिर्फ मेक इन इंडिया तक सीमित नहीं है। इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी भी बड़ी वजह है। अभी SCADA के कई अहम सॉफ्टवेयर और कंपोनेंट विदेशों से आते हैं। ऐसे में अपडेट, तकनीकी मदद और साइबर सिक्योरिटी सपोर्ट के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भरता रहती है।

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान यह चिंता और बढ़ी। पावर मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मई 2025 में 8-10 दिनों के दौरान भारत के पावर सिस्टम पर करीब 2 लाख साइबर अटैक की कोशिशें हुई थीं। ऐसे में सरकार चाहती है कि देश के पावर ग्रिड को चलाने वाली अहम टेक्नोलॉजी पर भारत का अपना नियंत्रण हो।

2028-29 तक तैयार होगा स्वदेशी सिस्टम

CEA ने SCADA के स्वदेशीकरण के लिए रोडमैप तैयार किया है। इसमें 38 सॉफ्टवेयर मॉड्यूल और 25 हार्डवेयर कंपोनेंट शामिल हैं।

सरकार National SCADA Mission या एक स्पेशल वर्किंग ग्रुप बनाने पर भी विचार कर रही है। इसमें Power Grid, GRID-India और घरेलू टेक्नोलॉजी कंपनियों को साथ लाया जा सकता है।

किन स्टॉक्स पर नजर रखें?

शेयर बाजार में इस थीम का सबसे सीधा नाम Power Grid है। प्रस्तावित मॉडल में कंपनी का नाम सीधे आया है। उसके पास ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA का अनुभव भी है।

इसके अलावा Siemens, Hitachi Energy India, GE Vernova T&D और ABB India जैसी कंपनियां भी ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA के कारोबार में हैं। स्वदेशी सिस्टम के विकास और पुराने सिस्टम के अपग्रेड से इन्हें अवसर मिल सकते हैं। TCS जैसी IT कंपनियों के लिए भी सॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी और सिस्टम इंटीग्रेशन का मौका बन सकता है।

कंपनीसंभावित फायदा
Power Grid
SCADA, ग्रिड ऑटोमेशन और इंटीग्रेशन

Siemens
SCADA और एनर्जी मैनेजमेंट

Hitachi Energy India
ग्रिड ऑटोमेशन और SCADA

GE Vernova T&D Indiaट्रांसमिशन और ग्रिड ऑटोमेशन
ABB Indiaपावर ऑटोमेशन और डिजिटल ग्रिड
TCSसॉफ्टवेयर, साइबर सिक्योरिटी और इंटीग्रेशन

निवेशकों के लिए क्या अहम?

अभी इसे सीधे खरीदने का संकेत मानना ठीक नहीं है। असली फायदा तब साफ होगा जब सरकार कंपनियों का चयन करेगी और SCADA के अलग-अलग हिस्सों के लिए ऑर्डर जारी होंगे। फिलहाल Power Grid समेत SCADA, ग्रिड ऑटोमेशन और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनियों पर नजर रखी जा सकती है।

सीधी बात है। सरकार अब पावर ग्रिड की अहम टेक्नोलॉजी पर विदेशी निर्भरता घटाना चाहती है। Operation Sindoor के दौरान सामने आए साइबर खतरे ने इस जरूरत को और गंभीर बना दिया। इससे आने वाले वर्षों में पावर और टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बड़ा घरेलू बाजार बन सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Quality Power Q1 Results: मुनाफा 47% बढ़ा, ऑर्डर बुक दमदार; डिविडेंड का भी ऐलान

Quality Power Q1 Results: पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Quality Power Electrical Equipments ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं।

कंपनी का एडजस्टेड कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 47% बढ़कर 54.5 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछले साल की समान तिमाही में 37.1 करोड़ रुपये था। वहीं, रेवेन्यू 32% बढ़कर 256.4 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 194.1 करोड़ रुपये थी।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

क्वालिटी पावर का एडजस्टेड EBITDA 50% बढ़कर 72.5 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 25% से बढ़कर 28.3% पर पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि एडजस्टेड आंकड़ों में तुर्की के कारोबार पर Ind AS 29 के तहत दर्ज 7.82 करोड़ रुपये के गैर-नकद (Non-Cash) नुकसान को शामिल नहीं किया गया है।

रिपोर्टेड आधार पर EBITDA 64.7 करोड़ रुपये, EBITDA मार्जिन 25.2%, जबकि शुद्ध मुनाफा 46.7 करोड़ रुपये और PAT मार्जिन 18.2% रहा।

ऑर्डर बुक और नए प्रोजेक्ट पर फोकस

30 जून 2026 तक क्वालिटी पावर की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक 1,945.5 करोड़ रुपये रही, जो FY26 की कुल रेवेन्यू का करीब 1.9 गुना है। तिमाही के दौरान कंपनी को 104.9 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। इनमें अमेरिका के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए हाई-वोल्टेज रिएक्टर, जापान में FACTS सिस्टम और Hitachi Energy India से 400 kV इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफॉर्मर के ऑर्डर शामिल हैं।

सांगली प्लांट में उत्पादन की तैयारी

क्वालिटी पावर के सांगली प्लांट में क्षमता विस्तार का काम जारी है। मशीनों की स्थापना की जा रही है और नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद अगस्त में ट्रायल प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य है। चेयरमैन और एमडी पीटी पांडियन ने कहा कि हाई-वोल्टेज और एनर्जी ट्रांजिशन सॉल्यूशंस की मजबूत मांग के चलते कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की अच्छी शुरुआत की है।

डिविडेंड और शेयर का हाल

क्वालिटी पावर ने FY27 के लिए 0.25 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम लाभांश देने की भी घोषणा की है।

कंपनी का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 3.63% की गिरावट के साथ 1115 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 37.56% चढ़ा है। 1 साल में इसने 41.77% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 8.64 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।