Jio Platforms का आईपीओ इस महीने आ रहा है, जानिए इश्यू ओपनिंग और लिस्टिंग की तारीख क्या होगी

जियो प्लेटफॉर्म्स इस महीने आईपीओ पेश कर सकती है। कंपनी ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि फॉरेन इनवेस्टर्स से इस आईपीओ को लेकर पॉजिटिव फीडबैक मिले हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल होल्डिंग कंपनी है। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इसके तहत आती है।

Jio Platforms का आईपीओ 21 अक्तूबर को खुल सकता है। इनवेस्टर्स आईपीओ में 23 अक्तूबर तक बोली लगा सकते हैं। एंकर इनवेस्टर्स के लिए आईपीओ 19 अक्तूबर को खुल सकता है। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्तूबर को हो सकती है। सितंबर में एनएसई का आईपीओ आया था। यह देश का अब तक का दूसरा सबसे पड़ा आईपीओ था।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया, “जियो आईपीओ लॉन्च करने के काफी करीब है। हालांकि, बाजार की स्थितियों और ग्लोबल डेवलपमेंट्स का असर आईपीओ की टाइमिंग पर पड़ सकता है।” सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईपीओ से जुड़ा रेगुलेटरी प्रोसेस पूरा हो गया है। सभी जरूरी एप्रूवल मिल चुके हैं।

मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि जियो ने फॉरेन इनवेस्टर्स से आईपीओ के बारे में बातचीत की है। उनका रिस्पॉन्स पॉजिटिव रहा। घरेलू निवेशकों की दिलचस्पी भी इस आईपीओ में उम्मीद से ज्यादा दिख रही है। दूसरे सूत्र ने बताया कि मार्केट की स्थितियों पर करीबी नजर रखी जा रही है। लेकिन, इनवेस्टर्स ने संकेत दिए हैं कि आईपीओ में बोली लगाने के उनके उत्साह पर किसी तरह का असर पड़ने वाला नहीं है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस साल जून में सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था। सेबी ने 28 अगस्त को इस आईपीओ पर अपना ऑब्जर्वेशन दे दिया था। इससे आईपीओ के लिए रास्ता साफ हो गया था। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं होगा। इसका मतलब है कि कंपनी आईपीओ में इनवेस्टर्स को सिर्फ नए शेयर इश्यू करेगी। पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर नहीं बेचेंगे।

कंपनी आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। रिलायंस जियो इंफोकॉम पर करीब 27,500 करोड़ रुपये का कर्ज है। अभी आईपीओ के प्राइस बैंड और वैल्यूएशन के बारे में फैसला होना बाकी है। अगले हफ्ते प्राइस बैंड के बारे में फैसला हो सकता है। सूत्र ने कहा, “कंपनी का मानना है कि कंपनी के आईपीओ में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स के लिए वैल्यू क्रिएशन होनी चाहिए।”

रिलायंस जियो इंफोकॉम जियो प्लेटफॉर्म्स की टेलीकॉम यूनिट है। इस साल मार्च के अंत में कंपनी के 52.4 करोड़ सब्सक्राइबर्स थे। इस लिहाज से यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इसके 5जी ग्राहकों की संख्या 26.8 करोड़ है। यह कंपनी चीन को छोड़ दें तो फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस ऑफर करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है।

Jio IPO: इसी महीने आ सकता है जियो का आईपीओ, विदेशी निवेशकों से मिला मजबूत रिस्पॉन्स

Jio IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल होल्डिंग कंपनी Jio Platforms अपने बहुप्रतीक्षित IPO की तैयारी कर रही है। कंपनी की अंदरूनी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों से भी कंपनी को काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।

IPO 21 से 23 अक्टूबर के बीच खुल सकता है। एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुलने की उम्मीद है। वहीं, शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को हो सकती है। हालांकि, बाजार की स्थिति को देखते हुए तारीखों में बदलाव भी हो सकता है।

IPO लॉन्च के काफी करीब Jio

मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, Jio IPO लॉन्च करने के काफी करीब है। हालांकि, बाजार की स्थिति और दुनियाभर में होने वाले घटनाक्रम पर भी नजर रखी जा रही है। सूत्र ने बताया कि SEBI से जुड़ी रेग्युलेटरी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जरूरी मंजूरियां भी मिल गई हैं।

Jio ने विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs के साथ इन्वेस्टर मीटिंग की है। इन बैठकों में निवेशकों का रिस्पॉन्स काफी अच्छा रहा। घरेलू निवेशकों की दिलचस्पी भी उम्मीद से ज्यादा बताई जा रही है।

बाजार की स्थिति पर रोज नजर

हाल में शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे में Jio की टीम बाजार की स्थिति पर रोज नजर रख रही है।

एक अन्य सूत्र ने कहा कि बाजार अभी कुछ अस्थिर है। इसके बावजूद निवेशकों ने संकेत दिया है कि इससे IPO में उनकी दिलचस्पी पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। यानी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद IPO में भाग लेने की उनकी इच्छा बनी हुई है।

SEBI से मिल चुकी है मंजूरी

Jio Platforms ने जून में SEBI के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी DRHP दाखिल किया था। इसके बाद SEBI ने 28 अगस्त को अपने फाइनल ऑब्जर्वेशन जारी किए।

इसके साथ ही IPO के लिए जरूरी रेग्युलेटरी प्रक्रिया काफी हद तक पूरी हो गई। अब कंपनी लॉन्च की तैयारी में है।

IPO से कर्ज चुकाएगी कंपनी

Jio Platforms का IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा। यानी इसमें नए शेयर जारी किए जाएंगे। IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा Reliance Jio Infocomm के कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल होगा।

कंपनी करीब ₹27,500 करोड़ के बकाया कर्ज को पूरी तरह या कुछ हिस्से में चुकाने या पहले से भुगतान करने की योजना बना रही है। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

IPO की कीमत और वैल्यूएशन अभी तय नहीं

Jio IPO का फाइनल प्राइस और कंपनी का वैल्यूएशन अभी तय नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, निवेशकों की प्रतिक्रिया और बाजार की स्थिति को देखकर अगले हफ्ते प्राइसिंग पर फैसला हो सकता है।

सूत्र ने बताया कि कंपनी का मकसद यह है कि IPO में आने वाले शेयरधारकों के लिए शुरुआत से ही वैल्यू बने। साथ ही, लंबे समय में भी उन्हें कंपनी की ग्रोथ का फायदा मिले।

रिटेल और HNI के लिए 50% हिस्सा

प्रस्तावित इश्यू स्ट्रक्चर के मुताबिक, IPO का 50% हिस्सा रिटेल और HNI निवेशकों के लिए रखा जाएगा। बाकी 50% हिस्सा संस्थागत निवेशकों के लिए होगा।

रिटेल और HNI वाले हिस्से में 35% हिस्सा उन रिटेल निवेशकों के लिए होगा, जो ₹2 लाख तक के शेयरों के लिए आवेदन करेंगे। बाकी 15% हिस्सा दो कैटेगरी में बांटा जाएगा।

इसमें ₹10 लाख से ज्यादा निवेश करने वाले निवेशक और ₹2 लाख से ₹10 लाख के बीच निवेश करने वाले निवेशक शामिल होंगे। संस्थागत निवेशकों के हिस्से में एंकर बुक और मुख्य इंस्टीट्यूशनल बुक शामिल होगी।

मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, Jio Platforms का मैनेजमेंट चाहता है कि रिटेल निवेशक IPO में अच्छी भागीदारी करें। कंपनी चाहती है कि रिटेल निवेशकों को लंबे समय में बनने वाली वैल्यू का भी फायदा मिले।

Jio को सिर्फ टेलीकॉम कंपनी नहीं मान रहे निवेशक

निवेशक अब Jio को सिर्फ टेलीकॉम कंपनी के तौर पर नहीं देख रहे हैं। कंपनी का डिजिटल बिजनेस काफी बड़ा है। इसमें मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और इंटरनेशनल सर्विसेज भी शामिल हैं।

Jio Platforms की टेलीकॉम यूनिट Reliance Jio Infocomm के पास 31 मार्च तक 52.44 करोड़ ग्राहक थे। सब्सक्राइबर की संख्या के हिसाब से यह भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इनमें 26.85 करोड़ 5G ग्राहक थे। कंपनी के मुताबिक, चीन को छोड़कर दुनिया में Jio सबसे बड़ा 5G स्टैंडअलोन ऑपरेटर था।

FWA में भी बड़ा कारोबार

Jio फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस यानी FWA में भी बड़ा खिलाड़ी है। मार्च तक कंपनी के पास करीब 1.5 करोड़ FWA ग्राहक थे। कंपनी के मुताबिक, चीन को छोड़कर दुनिया में Jio सबसे बड़ा FWA प्रोवाइडर था। इसके ग्राहकों की संख्या अमेरिका की T-Mobile की FWA ग्राहक संख्या से करीब 1.5 गुना थी।

Jio Platforms ने शुक्रवार शाम भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं दिया।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Top Trades For Monday: सोमवार को इन शेयरों में बनेगा बंपर कमाई का मौका, इनसे न चूके नजर

Top Trades For Monday : महात्मा गांधी जयंती के कारण आज,2 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाज़ार बंद हैं और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों के प्रमुख सेगमेंट में ट्रेडिंग बंद रहेगी। NSE और BSE पर मार्केट की गतिविधियां सोमवार 5 अक्तूबर को फिर से शुरू होंगी। उधर 1 अक्टूबर को काफी उतार-चढ़ाव वाले सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। यह लगातार चौथा सेशन था जब इनमें गिरावट देखी गई और निफ्टी 22,400 के आसपास बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत गिरकर 71,909.70 पर और निफ्टी 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ।

अब सवाल ये है कि लंबे वीकेंड के बाद सोमवार 5 अक्टूबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल और किन शेयरों में हो सकती है कमाई? आइए इस पर जानते हैं एक्सपर्ट्स की राय।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि इक्विटी में हालिया गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल वजहों से आई है। भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए यह छोटा कारोबारी हफ़्ता मुश्किल भरा रहा। ग्लोबल हालात बिगड़ने से घरेलू निवेशकों से मिला सपोर्ट बेअसर हो गया और बेंचमार्क इंडेक्स एक अहम साइकोलॉजिकल लेवल से नीचे आ गए। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और फेड के और सख्त कदम उठाने की उम्मीदों के चलते US ट्रेजरी यील्ड दो दशक के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई। इससे इंडिया-US यील्ड का अंतर कम हुआ और रुपया कमजोर हुआ। पूरे हफ्ते FIIs ने बिकवाली की। जबकि DIIs की लगातार खरीदारी ने इस बिकवाली की काफी भरपाई होती जिससे गिरावट की रफ़्तार तो कम हुई लेकिन वह पूरी तरह रुकी नहीं। आगे बाजार की नजर RBI की पॉलिसी पर रहोगी। रुपये को सपोर्ट करने और इंपोर्टेड महंगाई को काबू में रखने के दबाव के कारण ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद मजबूत हो रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अगर वेस्ट एशिया में तनाव कम होता है,तो मार्केट में एक रिलीफ़ रैली आ सकती है। तब तक,इन्वेस्टर्स को सोच-समझकर निवेश करना चाहिए और ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिनकी अर्निंग का आउटलुक साफ हो और बैलेंस शीट मजबूत हो। वहीं,लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स मार्केट की कमजोरी का फायदा उठाकर धीरे-धीरे अच्छी कंपनियों के शेयर खरीद सकते हैं।

सोमवार को इस शेयरों पर रहे नजर

prakashgaba.com के प्रकाश गाबा की पिक

प्रकाश गाबा की सीमेंस एनर्जी में खरीदारी की सलाह है। इस स्टॉक में उनकी 3250 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 3400 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

manasjaiswal.com के मानस जायसवाल की टॉप पिक

मानस जायसवाल की आरईसी पर एक सेल रेमेंडेशन है। उनका कहना है कि कल इस शेयर में एक फ्रेश ब्रेकडाउन देखने को मिला। एक दिन के पॉज के बाद कल इसमें वापस लोअर टॉप लोअर बॉटम बनने लगे। इसके फ्यूचर में बिकवाली करने की राय रहेगी। 287 रुपए के आसपास के प्राइस चल रहे हैं। 292 रुपए के स्टॉप लॉस से इसमें बिकवाली करेंगे। REC के फ्यूचर में 276 रुपए तक के टारगेट्स पॉसिबल है। चाहें तो 285 रुपए वाला पुट ऑप्शन जो 8 रुपए पर ट्रेड हो रहा है। वहां पर खरीदारी करें। 5.5 रुपए का स्टॉप लॉस लगा लें। इसमें 15 रुपए के टारगेट्स मिल सकते हैं।

www.sethamit.com के अमित सेठ की पसंद

इनकी बैंक ऑफ इंडिया के फ्यूचर्स में बिकवाली की सलाह है। यह स्टॉक 200 डेमा के नीचे ट्रेड कर रहा है। वीकली चार्ट पर इसका 134-135 रुपए का स्विंग सपोर्ट भी कल ब्रेक हो गया है। इसमें प्रीवियस लो भी ब्रेक किया है। लगभग 128 रुपए का इसका प्राइस। फ्यूचर्स में इसे शॉर्ट करें, टारगेट रहेगा 123 रुपए का,स्टॉप लॉस रखेंगे 130 रुपए पर।

मिरे एसेट शेयरखान (Mirae Asset Sharekhan) के सोमिल मेहता की पसंद

सोमिल मेहता का कहना है कि PNB में बिकवाली की सलाह होगी। इसमें लो टॉप लो बॉटम फॉर्मेशंस बनने शुरू हुए हैं। यह शेयर 20, 40 और 200 डेली मूविंग एवरेज के नीचे चला गया है। अब इसमें एक मीडियम टर्म डाउन ट्रेंड शुरू हुआ है। ऐसे में PNB में बिकवाली की सलाह होगी।। यहां पर शॉर्ट टर्म नजरिए से 114 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 100 रुपए के टारगेट के लिए बिकवाली करेंगे।

राकेश बंसल वेंचर्स के राकेश बंसल की पसंद

इनकी हिंडाल्को में बिकवाली की सलाह है। 944 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ,900 रुपए के टारगेट के लिए इस शेयर में बिकवाली करें। उनका कहना है कि हिंडाल्को में कल 935 रुपए की नेक लाइन टूटी है। यह बाजार वहीं है कि जहां पर नेकलाइन टूटी है वहां पर बिकवाली करो। ऐसे में इस शेयर में बिकवाली करके पैसा बन सकता है।

EQUINOX रिसर्च एंड एडवाइजर्स के पंकज रांदड़ की पसंद

पंकज रांदड़ का कहना है कि कल के सेशन में इटरनल में क्लीन ब्रेकडाउन देखने मिला है। आरएसआई भी नेगेटिव जा रहा है। इस शेयर में शॉर्ट करने की सलाह है। इस शेयर में 312.50 के आसपास, 317.80 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 305 रुपए के टारगेट के लिए बिकवाली की सलाह है।

जेएम फाइनेंशियल के आशीष चतुरमोहता की टॉप पिक

आशीष चतुरमोहता ने कहा की बाजार में इस समय बहुत चैलेंजिंग माहौल बना हुआ है। बढ़ती बॉन्ड यील्ड, इंटरेस्ट रेट में बढ़त, क्रूड और डॉलर इंडेक्स की तेजी है बाजार को काफी परेशआन रही है। ऐसे में हमें खास थीम्स पर ही फोकस करने की जरूरत है। ब्रॉडर मार्केट्स अभी भी थोड़ा एवॉइड करना चाहिए। इस समय लंबे नजरिए से स्पेस थीम काफी अच्छी दिख रही है। स्पेस एक बहुत बढ़िया थीम हो जिसको प्ले किया जा सकता है। 2016 में इंडिया में प्राइवेट स्पेस सेक्टर में स्पेस टेक्नोलॉजी पर का करने वाली इक्का-दुक्का कंपनियां ही थीं। आज 2026 में इस सेगमेंट में 400 कंपनियां हैं जो स्पेस टेक्नोलॉजी में काम कर रही हैं। इस स्पेस में करीब करीब 40 से 45 अरब डॉलर की अपॉर्च्युनिटी आने वाले चार पांच सालों में देखने को नजर आएगी। इस सेगमेंट में एक बड़ी अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

इसको प्ले करने के लिए हमें लगता है आईनोक्स इंडिया एक ऐसी कंपनी होगी जो कि क्रायोजिक केन्स गैसेस के अंदर में काम कर रही है और स्पेस एक्स के साथ इसकी काफी अच्छी ऑर्डर बुक भी बनी हुई है। ये कंपनी आगे काफी अच्छी ग्रोथ कर सकती है। टेक्निकली भी देखेंगे तो स्टॉक लगातार और कल भी 20 डे मूविंग एवरेज को क्रॉस करता दिखा। यह 50 डे एवरेज के ऊपर सपोर्ट ले रहा है। इस स्टॉक ने 2040-2050 पर एक अच्छा बेस बना लिया है। अगर स्टॉक यह बेस होल्ड करता है तो इसमें मीडियम टर्म में 2500 रुपए तक की तेजी देखने को नजर आ सकती है। लेकिन, क्योंकि बाजार का माहौल खराब है, इसलिए अभी थोड़ा सा अक्यूमुलेट कीजिए। एक साथ पोजीशन बनाने के बजाय स्टॉक में धीरे-धीरे अलग-अलग प्राइस पर पोजीशन बनानी चाहिए ताकि अगर बाजार में कोई गिरावट भी हो तो उसका एडवांटेज देखने को मिल सकता है।

 

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FII Selling: विदेशी निवेशकों ने चार दिन में ₹35000 करोड़ के शेयर बेचे, चारों दिन गिरा बाजार

FII Selling: फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII) की भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली जारी है। गुरुवार को भी FII ने करीब ₹9,484 करोड़ के शेयर बेच दिए। दूसरी ओर, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (DII) ने ₹10,041.84 करोड़ की खरीदारी की।

बाजार में लगातार गिरावट के बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता बढ़ा रही है। इस हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरकर बंद हुए।

चार दिन में ₹35,000 करोड़ की बिकवाली

FIIs ने पिछले चारों कारोबारी सत्र में लगातार बिकवाली की है। हर दिन उनकी बिकवाली ₹5,000 करोड़ से ज्यादा रही।

28 सितंबर को FIIs ने ₹5,353.22 करोड़ के शेयर बेचे। 29 सितंबर को यह आंकड़ा ₹9,980.22 करोड़ रहा। 30 सितंबर को उन्होंने ₹10,148.41 करोड़ की बिकवाली की। 1 अक्टूबर को भी ₹9,484.22 करोड़ के शेयर बेचे गए। इस तरह चार कारोबारी सत्र में FIIs की कुल बिकवाली करीब ₹34,966 करोड़ पहुंच गई है।

DII ने संभाला बाजार

विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं। 28 सितंबर को DIIs ने ₹5,189.02 करोड़ के शेयर खरीदे थे। 29 सितंबर को खरीदारी ₹6,952.71 करोड़ रही। 30 सितंबर को DIIs ने ₹11,271.73 करोड़ और 1 अक्टूबर को ₹10,041.84 करोड़ की खरीदारी की।

चार दिनों में DIIs की कुल खरीदारी करीब ₹33,455 करोड़ हो गई है। यानी विदेशी निवेशकों की बिकवाली का बड़ा हिस्सा घरेलू निवेशकों ने सोख लिया।

लगातार चार दिन बाजार गिरा

FIIs की बिकवाली ऐसे समय बढ़ी है, जब शेयर बाजार पहले से दबाव में है। इस हफ्ते अब तक चारों कारोबारी सत्र में बाजार गिरकर बंद हुआ है। निफ्टी इस हफ्ते 3% से ज्यादा टूट चुका है। सेंसेक्स में भी करीब 3% की गिरावट आई है। निफ्टी बैंक करीब 2% नीचे है।

ब्रॉडर मार्केट में भी दबाव है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स इस हफ्ते करीब 4% गिर चुका है। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹20 लाख करोड़ घट गया है।

रुपया 96 के पार

डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर हुआ है। गुरुवार को रुपया 48 पैसे गिरकर फिर 96 प्रति डॉलर के पार चला गया। दो महीने में यह रुपये की एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच रुपये पर भी दबाव बना हुआ है।

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FII Selling: FII की बिकवाली नहीं रुक रही! बाजार चढ़ा, फिर भी ₹3209 करोड़ के शेयर बेचे

FII Selling: विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में ₹3,208.76 करोड़ की नेट बिकवाली की। खास बात यह है कि बिकवाली तब बढ़ी, जब निफ्टी लगातार दूसरे दिन बढ़त में बंद हुआ।

एक्सचेंज के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, FIIs ने ₹8,761.71 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं, ₹11,970.47 करोड़ के शेयर बेचे। बुधवार को FIIs की नेट बिकवाली ₹2,032.61 करोड़ थी। यानी एक दिन में बिकवाली काफी बढ़ गई।

इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs नेट खरीदार रहे। उन्होंने ₹14,105.01 करोड़ के शेयर खरीदे और ₹10,487.26 करोड़ के शेयर बेचे। इस तरह उनकी नेट खरीदारी ₹3,617.75 करोड़ रही। हालांकि, यह बुधवार के ₹3,908.23 करोड़ से कम है।

निफ्टी चढ़ा, सेंसेक्स गिरा

गुरुवार को शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार रहा। Nifty 53 अंक बढ़कर 23,271 पर बंद हुआ। यह निफ्टी की लगातार दूसरी बढ़त है। वहीं, Sensex 22 अंक गिरकर 74,315 पर बंद हुआ।

Nifty Bank में कमजोरी रही। इंडेक्स 237 अंक गिरकर 56,056 पर आ गया। दूसरी ओर, Nifty Midcap में अच्छी तेजी रही। यह 558 अंक बढ़कर 61,432 पर बंद हुआ।

Tata Group के शेयर चढ़े

Nifty के 35 शेयर बढ़त में बंद हुए। इंश्योरेंस कंपनियों के शेयरों में खास तौर पर खरीदारी दिखी। Tata Group के शेयर भी चढ़े। N Chandrasekaran के Tata Sons के चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्त होने की खबर से इन शेयरों में तेजी आई। Tata Motors Passenger Vehicles भी टॉप गेनर्स में रहा।

त्योहारी सीजन से पहले ऑटो शेयरों में भी खरीदारी रही। Maruti Suzuki और TVS Motor करीब 2% चढ़े।

ONGC समेत इन शेयरों में गिरावट

कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी का असर ऑयल कंपनियों पर दिखा। ONGC करीब 2% गिरा और Nifty का सबसे बड़ा लूजर रहा।

PB Fintech में 4% की गिरावट आई। इससे बुधवार की तेजी का करीब आधा हिस्सा वापस चला गया। Federal Bank भी 2% गिरा। वहीं, कॉरपोरेट अनाउंसमेंट की उम्मीद में Jana Small Finance Bank 2% चढ़ा।

सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी

सेमीकंडक्टर से जुड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी दिखी। Kaynes Technology, Hitachi Energy India और CG Power में 3% से ज्यादा की तेजी रही।

रुपया थोड़ा मजबूत हुआ

भारतीय रुपया गुरुवार को डॉलर के मुकाबले थोड़ा मजबूत हुआ। यह ₹95.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। बुधवार को रुपया ₹95.96 प्रति डॉलर पर था।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।