Top Trades For Monday: सोमवार को इन शेयरों में बनेगा बंपर कमाई का मौका, इनसे न चूके नजर

Top Trades For Monday : महात्मा गांधी जयंती के कारण आज,2 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाज़ार बंद हैं और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों के प्रमुख सेगमेंट में ट्रेडिंग बंद रहेगी। NSE और BSE पर मार्केट की गतिविधियां सोमवार 5 अक्तूबर को फिर से शुरू होंगी। उधर 1 अक्टूबर को काफी उतार-चढ़ाव वाले सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। यह लगातार चौथा सेशन था जब इनमें गिरावट देखी गई और निफ्टी 22,400 के आसपास बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत गिरकर 71,909.70 पर और निफ्टी 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ।

अब सवाल ये है कि लंबे वीकेंड के बाद सोमवार 5 अक्टूबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल और किन शेयरों में हो सकती है कमाई? आइए इस पर जानते हैं एक्सपर्ट्स की राय।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि इक्विटी में हालिया गिरावट मुख्य रूप से ग्लोबल वजहों से आई है। भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए यह छोटा कारोबारी हफ़्ता मुश्किल भरा रहा। ग्लोबल हालात बिगड़ने से घरेलू निवेशकों से मिला सपोर्ट बेअसर हो गया और बेंचमार्क इंडेक्स एक अहम साइकोलॉजिकल लेवल से नीचे आ गए। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और फेड के और सख्त कदम उठाने की उम्मीदों के चलते US ट्रेजरी यील्ड दो दशक के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई। इससे इंडिया-US यील्ड का अंतर कम हुआ और रुपया कमजोर हुआ। पूरे हफ्ते FIIs ने बिकवाली की। जबकि DIIs की लगातार खरीदारी ने इस बिकवाली की काफी भरपाई होती जिससे गिरावट की रफ़्तार तो कम हुई लेकिन वह पूरी तरह रुकी नहीं। आगे बाजार की नजर RBI की पॉलिसी पर रहोगी। रुपये को सपोर्ट करने और इंपोर्टेड महंगाई को काबू में रखने के दबाव के कारण ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद मजबूत हो रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अगर वेस्ट एशिया में तनाव कम होता है,तो मार्केट में एक रिलीफ़ रैली आ सकती है। तब तक,इन्वेस्टर्स को सोच-समझकर निवेश करना चाहिए और ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिनकी अर्निंग का आउटलुक साफ हो और बैलेंस शीट मजबूत हो। वहीं,लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स मार्केट की कमजोरी का फायदा उठाकर धीरे-धीरे अच्छी कंपनियों के शेयर खरीद सकते हैं।

सोमवार को इस शेयरों पर रहे नजर

prakashgaba.com के प्रकाश गाबा की पिक

प्रकाश गाबा की सीमेंस एनर्जी में खरीदारी की सलाह है। इस स्टॉक में उनकी 3250 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 3400 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

manasjaiswal.com के मानस जायसवाल की टॉप पिक

मानस जायसवाल की आरईसी पर एक सेल रेमेंडेशन है। उनका कहना है कि कल इस शेयर में एक फ्रेश ब्रेकडाउन देखने को मिला। एक दिन के पॉज के बाद कल इसमें वापस लोअर टॉप लोअर बॉटम बनने लगे। इसके फ्यूचर में बिकवाली करने की राय रहेगी। 287 रुपए के आसपास के प्राइस चल रहे हैं। 292 रुपए के स्टॉप लॉस से इसमें बिकवाली करेंगे। REC के फ्यूचर में 276 रुपए तक के टारगेट्स पॉसिबल है। चाहें तो 285 रुपए वाला पुट ऑप्शन जो 8 रुपए पर ट्रेड हो रहा है। वहां पर खरीदारी करें। 5.5 रुपए का स्टॉप लॉस लगा लें। इसमें 15 रुपए के टारगेट्स मिल सकते हैं।

www.sethamit.com के अमित सेठ की पसंद

इनकी बैंक ऑफ इंडिया के फ्यूचर्स में बिकवाली की सलाह है। यह स्टॉक 200 डेमा के नीचे ट्रेड कर रहा है। वीकली चार्ट पर इसका 134-135 रुपए का स्विंग सपोर्ट भी कल ब्रेक हो गया है। इसमें प्रीवियस लो भी ब्रेक किया है। लगभग 128 रुपए का इसका प्राइस। फ्यूचर्स में इसे शॉर्ट करें, टारगेट रहेगा 123 रुपए का,स्टॉप लॉस रखेंगे 130 रुपए पर।

मिरे एसेट शेयरखान (Mirae Asset Sharekhan) के सोमिल मेहता की पसंद

सोमिल मेहता का कहना है कि PNB में बिकवाली की सलाह होगी। इसमें लो टॉप लो बॉटम फॉर्मेशंस बनने शुरू हुए हैं। यह शेयर 20, 40 और 200 डेली मूविंग एवरेज के नीचे चला गया है। अब इसमें एक मीडियम टर्म डाउन ट्रेंड शुरू हुआ है। ऐसे में PNB में बिकवाली की सलाह होगी।। यहां पर शॉर्ट टर्म नजरिए से 114 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 100 रुपए के टारगेट के लिए बिकवाली करेंगे।

राकेश बंसल वेंचर्स के राकेश बंसल की पसंद

इनकी हिंडाल्को में बिकवाली की सलाह है। 944 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ,900 रुपए के टारगेट के लिए इस शेयर में बिकवाली करें। उनका कहना है कि हिंडाल्को में कल 935 रुपए की नेक लाइन टूटी है। यह बाजार वहीं है कि जहां पर नेकलाइन टूटी है वहां पर बिकवाली करो। ऐसे में इस शेयर में बिकवाली करके पैसा बन सकता है।

EQUINOX रिसर्च एंड एडवाइजर्स के पंकज रांदड़ की पसंद

पंकज रांदड़ का कहना है कि कल के सेशन में इटरनल में क्लीन ब्रेकडाउन देखने मिला है। आरएसआई भी नेगेटिव जा रहा है। इस शेयर में शॉर्ट करने की सलाह है। इस शेयर में 312.50 के आसपास, 317.80 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 305 रुपए के टारगेट के लिए बिकवाली की सलाह है।

जेएम फाइनेंशियल के आशीष चतुरमोहता की टॉप पिक

आशीष चतुरमोहता ने कहा की बाजार में इस समय बहुत चैलेंजिंग माहौल बना हुआ है। बढ़ती बॉन्ड यील्ड, इंटरेस्ट रेट में बढ़त, क्रूड और डॉलर इंडेक्स की तेजी है बाजार को काफी परेशआन रही है। ऐसे में हमें खास थीम्स पर ही फोकस करने की जरूरत है। ब्रॉडर मार्केट्स अभी भी थोड़ा एवॉइड करना चाहिए। इस समय लंबे नजरिए से स्पेस थीम काफी अच्छी दिख रही है। स्पेस एक बहुत बढ़िया थीम हो जिसको प्ले किया जा सकता है। 2016 में इंडिया में प्राइवेट स्पेस सेक्टर में स्पेस टेक्नोलॉजी पर का करने वाली इक्का-दुक्का कंपनियां ही थीं। आज 2026 में इस सेगमेंट में 400 कंपनियां हैं जो स्पेस टेक्नोलॉजी में काम कर रही हैं। इस स्पेस में करीब करीब 40 से 45 अरब डॉलर की अपॉर्च्युनिटी आने वाले चार पांच सालों में देखने को नजर आएगी। इस सेगमेंट में एक बड़ी अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

इसको प्ले करने के लिए हमें लगता है आईनोक्स इंडिया एक ऐसी कंपनी होगी जो कि क्रायोजिक केन्स गैसेस के अंदर में काम कर रही है और स्पेस एक्स के साथ इसकी काफी अच्छी ऑर्डर बुक भी बनी हुई है। ये कंपनी आगे काफी अच्छी ग्रोथ कर सकती है। टेक्निकली भी देखेंगे तो स्टॉक लगातार और कल भी 20 डे मूविंग एवरेज को क्रॉस करता दिखा। यह 50 डे एवरेज के ऊपर सपोर्ट ले रहा है। इस स्टॉक ने 2040-2050 पर एक अच्छा बेस बना लिया है। अगर स्टॉक यह बेस होल्ड करता है तो इसमें मीडियम टर्म में 2500 रुपए तक की तेजी देखने को नजर आ सकती है। लेकिन, क्योंकि बाजार का माहौल खराब है, इसलिए अभी थोड़ा सा अक्यूमुलेट कीजिए। एक साथ पोजीशन बनाने के बजाय स्टॉक में धीरे-धीरे अलग-अलग प्राइस पर पोजीशन बनानी चाहिए ताकि अगर बाजार में कोई गिरावट भी हो तो उसका एडवांटेज देखने को मिल सकता है।

 

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Stock Market Crash: शेयर बाजार में लगातार 8 हफ्ते की गिरावट, एक्सपर्ट्स ने बताया अब क्या करें निवेशक

Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में लगातार आठवें हफ्ते गिरावट रही। 25 साल में पहली बार बाजार इतनी लंबी गिरावट की लकीर में है। इस हफ्ते चारों कारोबारी सत्रों में बाजार गिरा और Nifty के 50 में से 45 शेयर नुकसान में रहे। BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब ₹20 लाख करोड़ घट गया।

ऐसे माहौल में बाजार एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को अलग-अलग रणनीति बताई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अभी पूरे बाजार में निवेश करने के बजाय चुनिंदा शेयरों और सेक्टर पर फोकस करना बेहतर हो सकता है।

बॉटम-अप स्ट्रैटेजी पर फोकस

Marcellus Investment Managers के को-फाउंडर प्रमोद गुब्बी का कहना है कि मौजूदा बाजार बॉटम-अप स्टॉक पिकिंग के लिए ज्यादा बेहतर है। यानी पूरे बाजार की चाल का अनुमान लगाने के बजाय मजबूत कंपनियों और बेहतर संभावनाओं वाले शेयरों को चुनने पर फोकस करना चाहिए।

उन्होंने निवेशकों को एसेट एलोकेशन पर भी ध्यान देने की सलाह दी। गुब्बी के मुताबिक इक्विटी, फिक्स्ड इनकम और कमोडिटी में पैसा बांटना पोर्टफोलियो का जोखिम कम कर सकता है। हालांकि, इसका अनुपात निवेशक के लक्ष्य और जोखिम लेने की क्षमता के हिसाब से तय होना चाहिए।

बाजार में राहत की उम्मीद

JM Financial Services के डायरेक्टर और हेड ऑफ टेक्निकल, डेरिवेटिव्स राहुल शर्मा के मुताबिक बाजार कई संकेतकों पर ओवरसोल्ड जोन में पहुंच चुका है। RSI, India VIX और FII के लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो जैसे संकेतक दबाव दिखा रहे हैं।

शर्मा ने Nifty में 22,000-22,182 के स्तर को अहम बताया है। उनके मुताबिक यहां से राहत की तेजी आ सकती है। ऐसी स्थिति में Nifty में 500-800 अंकों की उछाल भी देखने को मिल सकती है।

घबराहट में बन सकता है बॉटम

DRChoksey Finserv के देवेन चोकसी कहना है कि बाजार में इस समय कैपिटुलेशन जैसी स्थिति है। मतलब कि बहुत से निवेशक घबराकर बिकवाली कर रहे हैं। इसी के चलते कुछ मजबूत शेयर भी दबाव में आ गए हैं।

उनका मानना है कि इससे बाजार में पैनिक बॉटम बन सकता है। ऐसे में उन कंपनियों में मौके बन सकते हैं, जिनके कारोबार और फंडामेंटल पर बिकवाली का असर नहीं पड़ा है। चोकसी की नजर Nifty में 21,800 के नीचे और 22,800-23,200 के ऊपर के स्तर पर है।

कंज्यूमर और फाइनेंशियल सेक्टर पर नजर

IKIGAI Asset Manager के फाउंडर और CIO पंकज तिबरेवाल कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, होम इम्प्रूवमेंट और कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी कंपनियों पर नजर रख रहे हैं। उनके मुताबिक लंबे समय बाद B2C कंपनियां आकर्षक दिख रही हैं।

तिबरेवाल के मुताबिक फाइनेंशियल सेक्टर भी अब बेहतर दिख रहा है। खासकर प्राइवेट सेक्टर बैंकों में अर्निंग्स ग्रोथ शुरू होने के संकेत हैं। इसके अलावा मेटल, माइनिंग और एग्रो कमोडिटीज में भी उन्हें मजबूत साइकिल की उम्मीद है।

क्या धीरे-धीरे निवेश बढ़ाना चाहिए?

Geojit Investments के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक बाजार में हालिया बिकवाली की बड़ी वजह ग्लोबल फैक्टर हैं। बॉन्ड यील्ड कई साल के ऊंचे स्तर पर है। कच्चा तेल भी महंगा बना हुआ है। इससे वित्त वर्ष 2026-27 की आर्थिक ग्रोथ को लेकर चिंता बढ़ी है।

नायर का कहना है कि अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत है और इन चुनौतियों से निपटने की स्थिति में है। लंबी अवधि के निवेशक बाजार की कमजोरी में धीरे-धीरे निवेश बढ़ा सकते हैं। वहीं, छोटी अवधि के निवेशक फिलहाल इंतजार कर सकते हैं।

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Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा सुस्त शुरुआत के संकेत, क्रूड में नरमी क्या बदलेगा बाजार की चाल

Stock Market Live Update: आज इस छोटे हफ़्ते का आखिरी ट्रेडिंग सेशन है और निफ़्टी 50 के लिए यह हफ़्ता भी कुछ खास नहीं रहा। इंडेक्स लगातार आठवें हफ़्ते गिरावट की ओर बढ़ रहा है। आज सेंसेक्स कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी भी है। निफ़्टी में हफ़्ते के तीनों दिन गिरावट आई है और इंडेक्स अब इस हफ़्ते के निचले स्तर 22,569 को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है। ऊपर की तरफ़, 22,800 – 22,750 के ज़ोन में सप्लाई बनी हुई है।

ऐसे में भारतीय शेयर बाज़ार में सुस्त शुरुआत देखने को मिल सकती है, क्योंकि GIFT निफ़्टी ने गुरुवार, 1 अक्टूबर को फ़्लैट ओपनिंग का संकेत दिया है। गिफ्ट निफ्टी 22,629 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से लगभग 30 अंक नीचे है। इससे भारतीय शेयर बाजार के इंडेक्स में सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं

हफ़्ते का आखिरी दिन नए महीने और नई तिमाही का पहला दिन भी है। गुज़री तिमाही के लिए कंपनियों की ओर से बिज़नेस अपडेट्स आने शुरू हो जाएंगे। साथ ही, सितंबर के ऑटो सेल्स के आंकड़े भी जारी किए जाएंगे और उम्मीद है कि ऑटो कंपनियों के लिए यह तिमाही भी मज़बूत रहेगी।

इक्विटी, डेट और गोल्ड? ₹1 करोड़ का पोर्टफोलियो कैसे बनाए, एक्सपर्ट से समझें स्ट्रेटेजी

Asset Allocation Strategy: जब आपका निवेश का दायरा या कॉर्पस ₹1 करोड़ जैसे बड़े आंकड़े पर पहुंच जाता है, तब केवल ‘ज्यादा रिटर्न’ का पीछा करना काफी नहीं होता। बाजार के उतार-चढ़ाव, आपकी जोखिम लेने की क्षमता और पैसों की जरूरत की टाइमलाइन सबसे बड़े कारक बन जाते हैं।

ऐसे में मौजूदा बाजार की चाल को देखते हुए इक्विटी, डेट और गोल्ड में कितना पैसा लगाना चाहिए? प्रूडेंट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के सीईओ प्रशस्त सेठ के अनुसार, एक बैलेंस पोर्टफोलियो के लिए आदर्श रणनीति क्या होनी चाहिए, आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं।

₹1 करोड़ के पोर्टफोलियो का आइडियल बंटवारा

प्रशस्त सेठ का मानना है कि निवेशक अपने रिस्क प्रोफाइल और वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर अपने पोर्टफोलियो को तीन हिस्सों में बांट सकते हैं:

1. एसेट क्लास: इक्विटी

हिस्सा (%): 65% – 75%

₹1 करोड़ पर निवेश: ₹65 लाख – ₹75 लाख

मुख्य भूमिका: लंबी अवधि में कैपिटल ग्रोथ

2. एसेट क्लास: डेट

हिस्सा (%): 15% – 25%

₹1 करोड़ पर निवेश: ₹15 लाख – ₹25 लाख

मुख्य भूमिका: पोर्टफोलियो में स्थिरता व लिक्विडिटी

3. एसेट क्लास: गोल्ड

हिस्सा (%): 5% – 10%

₹1 करोड़ पर निवेश: ₹5 लाख – ₹10 लाख

मुख्य भूमिका: रिस्क घटाने के लिए डायवर्सिफिकेशन

क्या इक्विटी में 70% पैसा लगाना सही है?

लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए इक्विटी सबसे बड़ा जरिया है, इसलिए यह पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा हिस्सा बना रहेगा। लेकिन बाजार में तेजी देखकर अंधाधुंध पैसा लगाना सही नहीं है। निवेश करते समय कंपनी की ग्रोथ क्षमता (15–20% लॉन्ग टर्म ग्रोथ) और शेयर के सही भाव यानी वैल्यूएशन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

₹70 लाख के इक्विटी फंड में से 60–70% हिस्सा (लगभग ₹42 से ₹49 लाख) मजबूत लार्ज-कैप कंपनियों में होना चाहिए। बाकी हिस्सा मिड और स्मॉल-कैप में उनके वैल्यूएशन के हिसाब से बांटा जा सकता है। वैसे 70% इक्विटी में होने का मतलब यह नहीं है कि आप जोखिम भरी छोटी कंपनियों में दांव लगा रहे हैं, बल्कि बड़ा हिस्सा स्थापित कंपनियों में सुरक्षित रहता है।

डेट क्यों जरूरी है?

डेट को आमतौर पर कम रिटर्न वाला विकल्प माना जाता है, लेकिन इसका रोल केवल रिटर्न देना नहीं है। यह बाजार के झटकों से बचाव करता है। जब शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आती है, तो डेट पोर्टफोलियो को संभालता है।

अगर आपको अगले 1–3 सालों में किसी बड़े काम के लिए पैसे चाहिए, तो उस रकम को शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव में नहीं डाला जा सकता। ऐसे में ₹15 से ₹25 लाख का डेट बकेट लिक्विडिटी और सुरक्षा दोनों देता है।

गोल्ड: रिटर्न के पीछे भागने के लिए नहीं, सेफ्टी के लिए

सोने ने हाल के दिनों में शानदार रिटर्न दिया है, लेकिन केवल हालिया प्रदर्शन देखकर गोल्ड आवंटन नहीं बढ़ाना चाहिए। सोना और शेयर बाजार अक्सर एक-दूसरे के विपरीत दिशा में चलते हैं। जब इक्विटी पर दबाव होता है, तब सोना पोर्टफोलियो के नुकसान को कम करता है। यह डायवर्सिफिकेशन का बेस्ट जरिया है। ₹1 करोड़ के पोर्टफोलियो में ₹5 से ₹10 लाख (5–10%) की सोने में हिस्सेदारी पर्याप्त मानी जाती है।

न करें ये भूल

₹1 करोड़ का पोर्टफोलियो बनाकर छोड़ देने से काम नहीं चलेगा। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपके वित्तीय लक्ष्य करीब आते हैं या बाजार के भाव बदलते हैं, आपको समय-समय पर इसमें जरूरी बदलाव करते रहना चाहिए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 30 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook:भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 29 सितंबर को लगातार दूसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए हैं। आज निफ्टी 22,700 के आसपास रहा। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 242.65 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 72,529.07 पर और निफ्टी 64.05 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ। लगभग 1871 शेयरों में बढ़त हुई, 2321 शेयरों में गिरावट आई और 164 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। टाइटन कंपनी, एटरनल, HCL टेक्नोलॉजीज, HDFC लाइफ और इंफोसिस निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। जबकि डॉ. रेड्डीज लैब्स, NTPC, टाटा स्टील, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स में बढ़त देखी गई।

सेक्टरों की बात करें तो मीडिया, मेटल और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि घरेलू इक्विटी मार्केट को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, US ट्रेजरी यील्ड का दो दशक के उच्चतम स्तर के करीब बने रहना और FII की लगातार बिकवाली से रुपये पर दबाव है। IPO के ज़रिए रिकॉर्ड स्तर पर फंड जुटाने से भी मार्केट में लिक्विडिटी कम हो रही है। साल के आखिर में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना और ग्लोबल स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति के माहौल के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कम बना हुआ है।

हालांकि जियोपॉलिटिकल तनाव निकट भविष्य में मार्केट के सेंटीमेंट को प्रभावित करते रहेंगे,लेकिन अब मार्केट का फोकस धीरे-धीरे Q2 की अर्निंग्स पर जा रहा है, जिसके लिए उम्मीदें Q1 की तुलना में कम हैं। अगर US ईरान संघर्ष में बड़ी कमी आती है, तो जोखिम लेने की इच्छा बढ़ने के कारण मार्केट में जबरदस्त रिलीफ रैली आ सकती है। तब तक,निवेशकों के चुनिंदा शेयरों पर फोकस करने की संभावना है। ऐसे में निवेशक ब्रॉडर मार्केट एक्सपोज़र के बजाय फंडामेंटल्स और कमाई की स्पष्टता को प्राथमिकता देंगे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि निफ्टी जून 2026 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर से भी नीचे आ गया है,जिससे एक बड़ी ‘बेयरिश मारुबोज़ू कैंडल’बनी है और गिरावट लगातार आठवें हफ़्ते भी जारी है। मोमेंटम इंडिकेटर्स के’ओवरसोल्ड ज़ोन’में जाने के कारण निकट भविष्य में 23020 के स्तर तक थोड़ी रिकवरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,जब तक 23150 का स्तर फिर से हासिल नहीं हो जाता,तब तक बड़ा ट्रेंड कमज़ोर ही रहेगा। हालांकि निफ्टी के 22600 के स्तर से नीचे जाने की संभावना कम है, लेकिन अगर ऐसा होता है,तो गिरावट और तेज़ हो सकती है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि गिरावट जारी रहने के कारण इंडेक्स अपने 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज तक गिर गया। कोविड के समय आई गिरावट के बाद यह पहली बार है जब निफ्टी 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज तक गिरा है,जो अभी 22,600 पर है।

अगर यह इस लेवल से नीचे जाता है तो बाज़ार में और तेज़ी से गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर निफ्टी 22,600 से ऊपर बना रहता है तो ऊपर की ओर रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। इसलिए,22600 निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट लेवल बना रहेगा। ऊपर की ओर सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस 22,800 पर है।

PL कैपिटल में चीफ बिज़नेस ऑफिसर एडवाइजरी एंड डीलिंग, विक्रम कसाट का कहना है कि कल हुई बिकवाली का असर आज भी बाजार पर दिखा जिससे बाजार दबाव में रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,कमजोर रुपया और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कमजोर बना हुआ है।

ब्रेंट क्रूड का भाव $106 प्रति बैरल के आसपास होना खास तौर पर अहम है क्योंकि इससे भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता है और महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। वहीं,डॉलर के मुकाबले रुपये का ₹96 के स्तर से नीचे जाना मैक्रो रिस्क को और बढ़ाता है।

यह कमजोरी व्यापक है। फाइनेंशियल, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव है। इससे पता चलता है कि निवेशक सिर्फ अलग-अलग सेक्टर के बीच निवेश नहीं बदल रहे हैं,बल्कि जोखिम से बच रहे हैं।

आगे चलकर,बाजार की चाल कच्चे तेल की कीमतों,जियोपॉलिटिकल घटनाओं और FII निवेश के प्रवाह पर निर्भर करेगी। ऐसे माहौल में निवेशकों को आक्रामक तरीके से निवेश करने के बजाय कमाई की स्पष्टता,मजबूत बैलेंस शीट और धीरे-धीरे निवेश करने(staggered accumulation)को प्राथमिकता देनी चाहिए।

 

Market Insight : निफ्टी में अब 52-वीक लो भी मुमकिन, 22180-22300 के स्तर टेस्ट होने की संभावना ज्यादा

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Nifty Outlook: लगातार 7 हफ्ते गिरा निफ्टी, अब 28 सितंबर को कैसी रहेगी चाल? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते बुधवार की तेज बिकवाली के बाद शुक्रवार को निफ्टी संभला। इंडेक्स 77 अंक चढ़कर 23,140 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे हफ्ते निफ्टी 0.88% नीचे रहा। यह लगातार सातवां हफ्ता है, जब इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ है।

निफ्टी दिन के निचले स्तर से करीब 142 अंक संभला। इसके बावजूद अगस्त की शुरुआत के 24,772 के स्तर से इंडेक्स अब 1,750 अंक से ज्यादा नीचे आ चुका है।

इन शेयरों में दिखी तेजी

Axis Bank, Asian Paints और M&M शुक्रवार को निफ्टी के टॉप गेनर्स रहे। दूसरी तरफ Max Healthcare, Tata Motors Passenger Vehicles और Infosys सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में भी तस्वीर मिली-जुली रही। Consumer Durables, Realty और Auto में खरीदारी दिखी। वहीं Healthcare, Media और IT कमजोर रहे।

ब्रॉडर मार्केट में भी ज्यादा हलचल नहीं रही। Nifty Midcap 100 में 0.14% की गिरावट आई। वहीं Nifty Smallcap 100 में 0.15% की बढ़त रही।

रुपये में भी मजबूती

भारतीय रुपया 15 पैसे मजबूत होकर करीब 95.81 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एशियाई करेंसी में मजबूती से रुपये को सपोर्ट मिला।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का भी फायदा मिला। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की संभावित बातचीत से भी बाजार को राहत मिली।

अगले हफ्ते किन चीजों पर नजर?

अगले हफ्ते बाजार की नजर कच्चे तेल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड पर रहेगी। पश्चिम एशिया की खबरें भी बाजार की चाल तय कर सकती हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सऊदी अरब और हूती तनाव पर भी नजर रहेगी। इन घटनाक्रमों का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। अगर होर्मुज रूट को चरणबद्ध तरीके से फिर खोलने की दिशा में कोई प्रगति होती है, तो बाजार को राहत मिल सकती है।

ग्लोबल मार्केट से मिलेंगे ये संकेत

चीन के आधिकारिक और Caixin PMI आंकड़े अगले हफ्ते अहम रहेंगे। अमेरिका के Consumer Confidence और JOLTS Job Openings के आंकड़ों पर भी नजर होगी।

यूरोजोन की सितंबर की महंगाई के आंकड़े भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के तीन अधिकारियों के बयान और Bank of Japan की बैठक के मिनट्स भी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं।

23,000 है सबसे अहम सपोर्ट

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर अहम है। अगर इंडेक्स इसके नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है तो कमजोरी बढ़ सकती है। ऐसे में 22,600 तक गिरावट का रास्ता खुल सकता है।

ऊपर की तरफ 23,350 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। यानी इस स्तर के ऊपर टिकना भी बाजार के लिए अहम होगा।

23,000 के नीचे और दबाव संभव

Angel One के ओशो कृष्णन भी 23,000 को अहम सपोर्ट मानते हैं। उनके मुताबिक, इसके नीचे तेज गिरावट आती है तो निफ्टी 22,800-22,700 के जोन तक जा सकता है।

ऊपर की तरफ 23,280-23,350 का स्तर शुरुआती रेजिस्टेंस है। इसके बाद 23,500-23,550 का जोन अहम रहेगा।

23,600 के ऊपर तस्वीर बदल सकती है

HDFC Securities के नंदीश शाह के मुताबिक, 23,300 और 23,600 निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस हैं। 23,600 का स्तर हाल के फ्लैग पैटर्न के ब्रेकडाउन लेवल से भी जुड़ा है।

नीचे की तरफ 23,000 के बाद 22,700 अगला सपोर्ट है। शाह के मुताबिक, 23,600 के ऊपर निफ्टी टिकता है तो शॉर्ट टर्म का रुझान बदलकर न्यूट्रल हो सकता है।

23,300 के ऊपर मजबूती के संकेत

LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक, 23,000 तत्काल सपोर्ट है। इसके बाद 22,700 अगला अहम स्तर है।

ऊपर की तरफ 23,200-23,300 तत्काल रेजिस्टेंस है। निफ्टी 23,300 के ऊपर टिकता है तो टेक्निकल तस्वीर बेहतर हो सकती है। वहीं 23,000 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर कमजोरी फिर बढ़ सकती है।

लंबी और मध्यम अवधि के लिहाज से यह शेयरों में निवेश का शानदार मौका, एक्सपर्ट ने बताई इसकी खास वजह

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लंबी और मध्यम अवधि के लिहाज से यह शेयरों में निवेश का शानदार मौका, एक्सपर्ट ने बताई इसकी खास वजह

शेयर बाजारों पर दबाव घटने का नाम नहीं ले रहा है। क्रूड की बढ़ती कीमतों, अमेरिकी में बॉन्ड यील्ड में उछाल और आईटी शेयरों में बिकवाली ने बाजार के सेंटिमेंट को खराब किया है। इनवेस्टर्स बाजार से दूरी बना रहे हैं। उन्हें बाजार में हालात बदलते नहीं दिख रहे। सवाल है कि आगे बाजार की चाल कैसी रहने वाली है। इस सवाल का जवाब बंधन एएमसी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कार्तिक कुमार ने दिया। उन्होंने शेयर बाजार को लेकर कई अहम बातें बताईं।

बाजार एक साल तक सीमित दायरे में रह सकते हैं

कुमार ने कहा कि शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक एक साल तक सीमित दायरे में बने रह सकते हैं। हालांकि, शेयरों की वैल्यूएशंस अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई है, जिससे उन इनवेस्टर्स के लिए खरीदारी का अच्छा मौका बना है, जो मध्यम और लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं। कई क्वालिटी स्टॉक्स की कीमत पीक से काफी नीचे आ चुकी है।

यह शेयर बाजार में एंट्री के लिए शानदार मौका 

उन्होंने कहा कि अगर कोई मार्केट में एंट्री करना चाहता है तो यह उसके लिए खराब समय नहीं है। बाजार पर दबाव बढ़ाने में तीन चीजों का हाथ है। इनमें क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल, अमेरिकी में बढ़ती बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती शामिल हैं। पिछले कुछ हफ्तों में क्रूड ने मार्केट पर काफी दबाव बनाया है। यह काफी समय से 100 डॉलर के पार टिका हुआ है।

इंश्योरेंस कंपनियों की अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ नहीं 

उन्होंने कहा कि बंधन एएमसी ने लार्जकैप और मिडकैप बैंकों में निवेश बढ़ाया है। हालांकि, हमने इंश्योरेंस कंपनियों से दूरी बनाई है। इसकी वजह यह है कि इन कंपनियों की अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। ऐसे में कुछ समय तक इस सेक्टर से दूर रहना ठीक रहेगा। कैपिटल मार्केट्स की थीम अट्रैक्टिव लगती है। मार्केट में लोगों का पार्टिसिपेशन बढ़ने से इस सेक्टर को फायदा होगा।

आईपीओ में बोली लगाने में सावधानी बरतने की सलाह

कुमार ने आईपीओ मार्केट को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बंधन एएमसी आईपीओ में बोली लगाने में काफी सावधानी बरतती है। फंड हाउस का अपना एनालिसिस सिस्टम है। हर आईपीओ के एनालिसिस के बाद ही एएमसी बोली लगाने का फैसला लेती है।

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यूपीआई एमडीआर चार्ज का असर कंपनियों पर दिखेगा

उन्होंने कहा कि बंधन बैंक का निवेश कुछ ऐसी कंपनियों में है, जो यूपीआई से जुड़ी हैं। सरकार ने 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई के पेमेंट पर एमडीआर चार्ज लगाने का फैसला किया है। यह देखना होगा कि इन कंपनियों पर इसका असर किस तरह से पड़ता है।

इस आईटी कंपनी ने प्रति शेयर ₹8 अंतरिम डिविडेंड का किया ऐलान, जानिए रिकॉर्ड डेट सहित दूसरी जरूरी जानकारियां

आर सिस्टम्स इंटरनेशनल ने दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी प्रति शेयर 8 रुपये का अंतरिम डिविडेंड शेयरहोल्डर्स को देगी। कंपनी ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को शुक्रवार यानी 25 सितंबर को बताया। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.18 फीसदी गिरकर 237 रुपये पर बंद हुआ।

24 अक्टूबर को या इससे पहले डिविडेंड का पेमेंट हो जाएगा

R Systems International के एक शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। इसका मतलब है कि अंतरिम डिविडेंड फेस वैल्यू का 800 फीसदी होगा। कंपनी ने कहा है कि शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड का पेमेंट 24 अक्तूबर, 2026 को या इससे पहले कर दिया जाएगा। कंपनी ने कहा है कि डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 1 अक्तूबर होगी। इसका मतलब है कि 1 अक्तूबर तक जिन शेयरहोल्डर्स के डीमैट अकाउंट में कंपनी के शेयर होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

कंपनी ने मार्च में प्रति शेयर 6 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया था

यह डिविडेंड साल 2026 के लिए होगा। इससे पहले कंपनी ने 6 मार्च को प्रति शेयर 6 रुपये अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया था। इसके लिए कंपनी ने 12 मार्च रिकॉर्ड डेट तय की थी। दोनों डिविडेंड को मिलाकर कंपनी का कुल अंतरिम डिविडेंड 2026 में 14 रुपये पहुंच गया है।

दुनियाभर में कंपनी के 18 डिलीवरी सेंटर

आर सिस्टम्स इंटरनेशनल ने गुरप्रीत सिंह को कंपनी सेक्रेटरी एवं कंप्लायंस अफसर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 25 सितंबर से प्रभावी हो गई है। आर सिस्टम्स इंटरनेशनल की शुरुआत 1993 में हुई थी। कंपनी आईटी सर्विसेज ऑफर करती है। इसका फोकस प्रोडक्ट इंजीनियरिंग पर है। इसके क्लाइंट्स में कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं, जिनमें Amazon Web Services, Microsoft और Google Cloud शामिल हैं। इसके नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, एशिया पैसेफिक और भारत में 18 डिलीवरी सेंटर हैं।

आर सिस्टम्स इंटरनेशनल का शेयर इस साल 42% गिरा

आर सिस्टम्स इंटरनेशनल के शेयरों पर आईटी सेक्टर पर दबाव का असर पड़ा है। यह शेयर 2026 में अब तक करीब 42 फीसदी गिरा है। इस दौरान दूसरी आईटी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आई है। TCS का शेयर इस दौरान 35 फीसदी से ज्यादा फिसला है। Infosys का शेयर करीब 39 फीसदी गिरा है। HCL Tech का शेयर 23 फीसदी और विप्रो का शेयर करीब 39 फीसदी टूटा है।

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शेयर बाजारों का सेंटिमेंट लगातार कमजोर 

शेयर बाजारों में सेंटीमेंट लगातार कमजोर बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह मध्यपूर्व क्राइसिस है। इसकी वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का डर बढ़ा है। हालांकि, 25 सितंबर को भारतीय शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में रिकवरी देखने को मिली। इनवेस्टर्स की नजरें अब अगले हफ्ते बाजार की चाल पर हैं।

Trading Ideas : कल की भारी गिरावट के बाद आज बाजार की चाल सपाट, इन दो शेयरों में आज देखने को मिल सकती अच्छी तेजी

Trading Ideas : 25 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सापट ट्रेड कर रहे हैं। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.2% की गिरावट आई है, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स सपाट ट्रेड कर रहा था। सुबह 10:30 बजे सेंसेक्स 107.39 अंक या 0.15% बढ़कर 73,687.93 पर और निफ्टी 24.25 अंक या 0.11% बढ़कर 23,087.35 पर था। सेक्टरों की बात करें तो मेटल इंडेक्स 0.5% और रियल्टी इंडेक्स 0.7% ऊपर था, जबकि IT इंडेक्स 0.6% नीचे था।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमार का कहना है कि कभी-कभी कई बुरी खबरें एक साथ आकर बाज़ार को डरा देती हैं। कल भी ऐसा ही हुआ, जब US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और इंश्योरेंस कमीशन पर IRDA के प्रस्तावों को लेकर चिंताओं के कारण निफ्टी 383 अंक गिर गया। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है, फिर भी ब्रेंट क्रूड $106 के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। US 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5.2% के आसपास बने रहना दुनिया भर के इक्विटी बाज़ारों के लिए एक बड़ी बाधा है। अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो यह भारत के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और लगातार बनी हुई महंगाई के कारण अक्टूबर में फेड (Fed) द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। संक्षेप में बाज़ार के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं, जिससे बाज़ार में किसी बड़ी तेजी की संभावना कम हो रही है।

अब केवल कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट ही बाजार में तेज़ी लाने में मदद कर सकती है। इसलिए, कच्चे तेल से जुड़ी गतिविधियों पर नज़र रखें। लंबी अवधि के निवेशक बाज़ार की मौजूदा कमजोरी का फायदा उठाकर धीरे-धीरे मज़बूत फंडामेंटल वाले शेयरों और खासकर लार्ज-कैप शेयरों में खरीदारी कर सकते हैं, जो अभी अच्छे भाव पर उपलब्ध हैं।

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 23189-23251 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 23289-23351-23410 पर है। इसके लिए पहला बेस 22966-23000 पर और बड़ा बेस 22767-22809-22879 पर है। कल FIIs की भारी बिकवाली रही। नेट शॉर्ट करीब 3.09 लाख पर रहे।

रेजिस्टेंस-1 के नीचे उछाल पर बिकवाली की रणनीति रहेगी। बेस-1 बेहद अहम है। अप्रैल 2026 से मजबूत बेस बना हुआ है। बेस-1 से रिवर्सल के संकेत बन सकते हैं। लेकिन हर रिवर्सल ट्रेड करने लायक नहीं होगा। मैक्रो इंडिकेटर्स का सपोर्ट मिलना जरूरी होगा। रेजिस्टेंस-1 के ऊपर ही शॉर्ट कवरिंग की उम्मीद है। 22966 टूटा तो नए बेस-2 का जोन खुल सकता है।

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बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 55877-56067 पर है। वहीं, बड़ा रजिस्टेंस 56231-56412-56595 पर है। इसके लिए पहला बेस 55889-56110 पर और बड़ा बेस 54807-54967-55161 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं www.rajeshsatpute.com के राजेश सातपुते। इनकी ZYDUSLIFE के फ्यूचर्स में 1160 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1210 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, SONA BLW फ्यूचर्स में 800 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 850 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

Trading Ideas :सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 23189-23251 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 23289-23351-23410 पर है

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अदाणी ग्रुप का पश्चिम बंगाल के लिए मास्टरप्लान! 2035 तक ₹1 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान, पोर्ट से डेटा सेंटर तक क्या-क्या बनेगा?

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार, 24 सितंबर को कहा कि अदाणी ग्रुप 2035 तक पश्चिम बंगाल में पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, सड़कों और पुलों, ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश करेगा। ₹1 लाख करोड़ के निवेश के इस रोडमैप में 2035 तक पूरे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे।

यह घोषणा गौतम अदाणी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा कोलकाता के न्यू टाउन में ग्रुप के प्रस्तावित 2,000-बेड वाले ‘अदाणी आरोग्य मंदिर’ की आधारशिला रखने के मौके पर की गई। अदाणी फाउंडेशन द्वारा विकसित किए जाने वाले इस हॉस्पिटल प्रोजेक्ट में ₹4,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश होगा।

अपनी निवेश योजना के बारे में बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा, “हम पश्चिम बंगाल को पूर्व में अपनी कर्मभूमि मानते हैं।” उन्होंने ग्रुप के पूर्वी क्षेत्र के कामकाज में राज्य की भूमिका की तुलना गुजरात के मुंद्रा से की, जिसे उन्होंने ग्रुप के बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव बताया।

अस्पताल में कैंसर के इलाज की होगी सुविधा

अदाणी आरोग्य मंदिर 51.75 एकड़ में फैला होगा और इसमें 2,000 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, एक मेडिकल कॉलेज, एक नर्सिंग कॉलेज और सहयोगी हेल्थकेयर व पैरामेडिकल शिक्षा के संस्थान शामिल होंगे।

इस हेल्थकेयर प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए गौत अदाणी ने कहा, “अडानी आरोग्य मंदिर एक नॉन-प्रॉफिट मेडिकल इंस्टीट्यूट होगा जिसमें 2,000 बिस्तर होंगे। इनमें से 1,000 बिस्तर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए होंगे, जो राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत पात्र हैं।”

अस्पताल के पहले चरण में कैंसर के इलाज पर फोकस किया जाएगा और टर्शियरी और स्पेशलाइज़्ड हेल्थकेयर सर्विस दी जाएंगी। कैंपस में स्टेप-डाउन और ट्रांज़िशनल केयर की सुविधाएं, मरीज़ों के रिश्तेदारों के लिए रहने की जगह और हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल्स के लिए रिहायशी सुविधाएं भी होंगी।

मेडिकल कॉलेज में हर साल 150 अंडरग्रेजुएट छात्र, 100 से ज़्यादा पोस्टग्रेजुएट छात्र और 40 से ज़्यादा सुपर-स्पेशलिस्ट दाखिला ले सकेंगे। ग्रुप ने कहा कि बड़े हेल्थकेयर इकोसिस्टम से लगभग 10,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

इस प्रोजेक्ट में जीनोमिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लिनिकल ट्रायल और बायोमेडिकल साइंस के दूसरे क्षेत्रों से जुड़ी रिसर्च सुविधाएं भी शामिल होंगी।

ग्रुप की योजनाओं में राज्य की भूमिका के बारे में बात करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “हम बंगाल को पुनर्निमित करने में आपकी मौजूदगी की उम्मीद करते हैं। इसका अंतिम विज़न सिर्फ़ एक हॉस्पिटल कैंपस नहीं, बल्कि एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर सिटी बनाना है।”

राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार और दुर्गा पूजा के लिए हुए करार

हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के साथ-साथ, अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ दो और समझौते (MoU) किए। एक समझौता राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार से जुड़ा है, जबकि दूसरा ग्रुप की ‘अदाणी पूजा प्रीव्यू’ पहल के ज़रिए कोलकाता के दुर्गा पूजा इकोसिस्टम को सहयोग देने से संबंधित है। अदाणी ग्रुप ने कुमारतुली घाट के कायाकल्प में सहयोग की भी घोषणा की।

 

 

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