ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट नकली थी? फ्रैक्चर केस में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा दावा, बंगाल सरकार ने जांच के दिए आदेश

Mamata Banerjee Leg Injury: पश्चिम बंगाल सरकार 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट के कथित झूठे दावों की फिर से जांच शुरू करेगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार (3 अक्टूबर) को यह बड़ी घोषणा की। इसी के साथ अधिकारी ने नंदीग्राम में 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट से जुड़े विवाद को फिर से हवा दी है। अधिकारी ने आरोप लगाया है कि बनर्जी ने चोट का नाटक किया था। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के मेडिकल रिकॉर्ड का हवाला दिया है।

राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अधिकारी ने आरोप लगाया कि बनर्जी ने चुनाव के दौरान अपनी चोट का नाटक किया था। अधिकारी ने बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस द्वारा जारी बनर्जी की मेडिकल रिपोर्ट दिखाते हुए कहा, “ममता बनर्जी ने 2021 में नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान पैर में चोट लगने का नाटक किया था। हमारे पास मेडिकल रिपोर्ट है, जिसमें कहा गया है कि फ्रैक्चर या हड्डी खिसकने का कोई प्रमाण नहीं है। हम इस मामले की जांच शुरू करेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “उनके झूठे आरोप से नंदीग्राम के लोगों का अपमान हुआ। 9 अक्टूबर के बाद आदर्श आचार संहिता हटने पर मैं इस बारे में और जानकारी सामने रखूंगा। मैं कल किए गए अपने दावों के समर्थन में आज यह बात कह रहा हूं।” नंदीग्राम में छह अक्टूबर को उपचुनाव होना है। जबकि इसके नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

मार्च, 2021 में लगी थी पैर में चोट

सीएम अधिकारी ने इससे पहले नंदीग्राम-2 विकासखंड के बिरुलिया बाजार में एक रैली को संबोधित करते हुए यह दावा किया था। यही वह स्थान है, जहां पांच साल पहले बनर्जी घायल हुई थीं। तत्कालीन मुख्यमंत्री बनर्जी को 10 मार्च, 2021 को चुनाव प्रचार के दौरान नंदीग्राम के बिरुलिया के रेयापाड़ा इलाके में बाएं पैर और कमर में चोट लगी थी। बनर्जी ने शुरुआत में कहा था कि कुछ अज्ञात लोगों ने जानबूझकर उन्हें उनकी कार के दरवाजे की ओर धक्का दिया, जिससे दरवाजा उनके बाएं पैर से जोर से टकराया और भारी भीड़ के बीच पैर चोटिल हो गया।

बाद में अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में बनर्जी ने बताया था कि समर्थकों का अभिवादन करते समय भारी भीड़ उनकी कार के पास आ गई थी, जिससे उनका पैर दब गया और उन्हें चोट लगी। उन्हें आधिकारिक तौर पर बाएं टखने और पैर की हड्डियों में गंभीर चोट के साथ-साथ दाहिने कंधे, हाथ, गर्दन और कमर में चोट एवं दर्द की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उन्हें कोलकाता लाया गया और राज्य संचालित एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।

विस्तृत जांच के बाद बनर्जी को 12 मार्च को अस्पताल से छुट्टी दी गई। उस समय उनके बाएं पैर पर प्लास्टर था और उन्होंने बाद में व्हीलचेयर पर बैठकर चुनाव प्रचार जारी रखा। इन चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 294 में से 216 सीटें जीतकर बड़ी जीत दर्ज की थी। जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 77 सीटों पर सिमट गई थी।

रिपोर्ट में क्या है?

अधिकारी द्वारा शेयर किए गए मेडिकल दस्तावेजों से पता चलता है कि 11 मार्च, 2021 के सीटी स्कैन में जांच किए गए क्षेत्रों में कथित तौर पर कोई फ्रैक्चर नहीं दिखा। हालांकि, केवल इन रिपोर्टों से यह साबित नहीं होता है कि बनर्जी की कुल चोटें बनावटी थीं। एसएसकेम (SSKM) अस्पताल की उस समय की रिपोर्टों में उनके बाएं टखने और पैर में चोटों के साथ-साथ कंधे, अग्रबाहु (forearm) और गर्दन में चोटों का भी जिक्र था।

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अधिकारी द्वारा घोषित नई जांच से 2021 की घटना से जुड़ी परिस्थितियों की और जांच होने की उम्मीद है। नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले यह विवाद फिर से उठ खड़ा हुआ है, जिससे 2021 के चुनाव का घटनाक्रम एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।

अदाणी ग्रुप का पश्चिम बंगाल के लिए मास्टरप्लान! 2035 तक ₹1 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान, पोर्ट से डेटा सेंटर तक क्या-क्या बनेगा?

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार, 24 सितंबर को कहा कि अदाणी ग्रुप 2035 तक पश्चिम बंगाल में पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, सड़कों और पुलों, ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश करेगा। ₹1 लाख करोड़ के निवेश के इस रोडमैप में 2035 तक पूरे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे।

यह घोषणा गौतम अदाणी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा कोलकाता के न्यू टाउन में ग्रुप के प्रस्तावित 2,000-बेड वाले ‘अदाणी आरोग्य मंदिर’ की आधारशिला रखने के मौके पर की गई। अदाणी फाउंडेशन द्वारा विकसित किए जाने वाले इस हॉस्पिटल प्रोजेक्ट में ₹4,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश होगा।

अपनी निवेश योजना के बारे में बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा, “हम पश्चिम बंगाल को पूर्व में अपनी कर्मभूमि मानते हैं।” उन्होंने ग्रुप के पूर्वी क्षेत्र के कामकाज में राज्य की भूमिका की तुलना गुजरात के मुंद्रा से की, जिसे उन्होंने ग्रुप के बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव बताया।

अस्पताल में कैंसर के इलाज की होगी सुविधा

अदाणी आरोग्य मंदिर 51.75 एकड़ में फैला होगा और इसमें 2,000 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, एक मेडिकल कॉलेज, एक नर्सिंग कॉलेज और सहयोगी हेल्थकेयर व पैरामेडिकल शिक्षा के संस्थान शामिल होंगे।

इस हेल्थकेयर प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए गौत अदाणी ने कहा, “अडानी आरोग्य मंदिर एक नॉन-प्रॉफिट मेडिकल इंस्टीट्यूट होगा जिसमें 2,000 बिस्तर होंगे। इनमें से 1,000 बिस्तर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए होंगे, जो राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत पात्र हैं।”

अस्पताल के पहले चरण में कैंसर के इलाज पर फोकस किया जाएगा और टर्शियरी और स्पेशलाइज़्ड हेल्थकेयर सर्विस दी जाएंगी। कैंपस में स्टेप-डाउन और ट्रांज़िशनल केयर की सुविधाएं, मरीज़ों के रिश्तेदारों के लिए रहने की जगह और हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल्स के लिए रिहायशी सुविधाएं भी होंगी।

मेडिकल कॉलेज में हर साल 150 अंडरग्रेजुएट छात्र, 100 से ज़्यादा पोस्टग्रेजुएट छात्र और 40 से ज़्यादा सुपर-स्पेशलिस्ट दाखिला ले सकेंगे। ग्रुप ने कहा कि बड़े हेल्थकेयर इकोसिस्टम से लगभग 10,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

इस प्रोजेक्ट में जीनोमिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लिनिकल ट्रायल और बायोमेडिकल साइंस के दूसरे क्षेत्रों से जुड़ी रिसर्च सुविधाएं भी शामिल होंगी।

ग्रुप की योजनाओं में राज्य की भूमिका के बारे में बात करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “हम बंगाल को पुनर्निमित करने में आपकी मौजूदगी की उम्मीद करते हैं। इसका अंतिम विज़न सिर्फ़ एक हॉस्पिटल कैंपस नहीं, बल्कि एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर सिटी बनाना है।”

राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार और दुर्गा पूजा के लिए हुए करार

हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के साथ-साथ, अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ दो और समझौते (MoU) किए। एक समझौता राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार से जुड़ा है, जबकि दूसरा ग्रुप की ‘अदाणी पूजा प्रीव्यू’ पहल के ज़रिए कोलकाता के दुर्गा पूजा इकोसिस्टम को सहयोग देने से संबंधित है। अदाणी ग्रुप ने कुमारतुली घाट के कायाकल्प में सहयोग की भी घोषणा की।

 

 

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बंगाल में महाअष्टमी पर शराब बैन… DJ पर भी पाबंदी, दुर्गा पूजा को लेकर सुवेंदु सरकार ने जारी की गाइडलाइन

पश्चिम बंगाल में हर साल बड़े स्तर पर मनाया जाने वाला दुर्गा पूजा का त्योहार 10 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। इस दौरान कोलकाता समेत राज्य के कई शहरों में खास रौनक देखने को मिलती है। वहीं पश्चिम बंगाल में अगले महीने होने वाले दुर्गा पूजा उत्सव को लेकर बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं। राज्य सरकार ने पहली बार पूजा के दौरान महा अष्टमी पर शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसी के साथ विसर्जन के दौरान DJ बजाने पर भी पूरी तरह रोक होगी। इन नियमों का मकसद त्योहार के दौरान व्यवस्था बनाए रखना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पूजा समितियों और आम लोगों को सरकार की ओर से जारी इन निर्देशों का पालन करना होगा।

महाअष्टमी के दिन शराब पर होगी रोक

दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर पूजा समितियों के साथ बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें अधिकारी ने कहा कि, इस बार दुर्गा पूजा को धार्मिक आस्था और पुरानी परंपराओं के अनुसार मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्सव के दौरान संस्कृत और बंगाली संस्कृति से जुड़ी परंपराओं को खास महत्व दिया जाएगा, ताकि त्योहार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बनी रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि दुर्गा पूजा के अष्टमी (आठवें दिन) वाले दिन राज्य में शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी। सीएम ने कहा, “महा अष्टमी के दिन, जब हम राज्य में देवी को फूलों से श्रद्धांजलि देते हैं, तो शराब की सभी दुकानें और बार बंद रहेंगे। अष्टमी के दिन शराब नहीं बेची जा सकती।”

ईडन गार्डन्स में होगा बड़ा शो

अधिकारी ने बताया कि महालया के मौके पर पश्चिम बंगाल का पर्यटन विभाग कोलकाता के ईडन गार्डन्स में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन करेगा। करीब चार घंटे चलने वाले इस कार्यक्रम में ड्रोन शो भी होगा। वहीं, राज्य सरकार ने रेड रोड पर होने वाले दुर्गा पूजा कार्निवल को बंद करने का फैसला किया है। यह कार्निवल पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में शुरू हुआ था। सरकार के इस फैसले के बाद दुर्गा पूजा से जुड़े आयोजनों और विसर्जन की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। सीएम ने कहा, “किसी भी व्यक्ति या पूजा समिति को सिर्फ दुर्गा पूजा करने के अधिकार के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाना चाहिए। संविधान हर किसी को अपने धर्म का पालन करने की आजादी देता है। पिछले कुछ वर्षों से कार्निवल के नाम पर कुछ खास व्यवस्थाएं लागू की जाती थीं, लेकिन इस साल ऐसा नहीं किया जाएगा।”

DJ बजाने पर भी बैन

उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन के समय घाटों पर क्रेन के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही विसर्जन के दौरान DJ बजाने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और व्यवस्था शांतिपूर्ण तरीके से बनी रहे। उन्होंने कहा कि, जो छोटी पूजा कमेटियां पैसों की कमी के कारण त्योहार का आयोजन नहीं कर पाती हैं, उन्हें सरकार की तरफ से 1 लाख रुपये की मदद दी जाएगी।”

वहीं, अधिकारी ने पिछली TMC सरकार के उस फैसले की आलोचना की, जिसमें सभी पूजा कमेटियों को आर्थिक मदद दी जाती थी। उन्होंने कहा, “मैं बड़ी, पैसे की मदद करने वाली पूजा कमेटियों से अपील करूंगा कि वे अपने त्योहारों के लिए सरकारी ग्रांट न लें।”

नेशनल हाईवे नहीं होगा ब्लॉक

मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि दुर्गा पूजा के दौरान सड़कों और नेशनल हाईवे को बेवजह बंद या जाम नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, “नेशनल हाईवे को ब्लॉक नहीं किया जा सकता। सड़कें ब्लॉक करके पूजा ऑर्गनाइज नहीं की जा सकती।” पूजा समितियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आयोजन की वजह से आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो और ट्रैफिक व्यवस्था बनी रहे।

बंगाल में खुलेंगे RSS के 1000 नए स्कूल, शिक्षा विभागों का होगा विलय; जानें बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक योजना के बारे में जानकारी दी है। इसके तहत अगले एक साल में हर जिले, नगर पालिका और पंचायत में RSS से जुड़ी संस्था विद्या भारती के कम से कम 1,000 स्कूल खोलने का लक्ष्य है। इसके अलावा राज्य के चार शिक्षा विभागों को मिलाकर एक विभाग बनाने की भी बात कही गई है। इस योजना के तहत मदरसा शिक्षा के लिए अलग विभाग नहीं होगा। सीएम ने विद्या भारती की 74वीं वर्षगांठ के मौके पर रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी है। वहीं इस कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी ने संस्था की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी।

सीएम ने इन जगहों पर स्कूलों खोलने की कही बात

उन्होंने विद्या भारती से बच्चों को देश और समाज से जुड़ी शिक्षा देने की दिशा में काम करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों को सचिवालय बुलाकर सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक करने और इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने संस्था से मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर खास ध्यान देने को कहा। उन्होंने इन इलाकों में ज़्यादा एंटी-नेशनल एक्टिविटीज होने का दावा भी किया। अधिकारी ने पिछली टीएमसी सरकार पर शिक्षा का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विद्या भारती जैसी संस्थाओं को राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करनी चाहिए।

टीएमसी पर लगाए ये आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार के दौरान शिक्षा का माहौल खराब हो गया था। उन्होंने टीएमसी पर लोगों को बांटने के लिए बंगाली पाठ्यक्रम में बदलाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में ‘मां’ की जगह ‘अम्मा’ शब्द का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि पाठ्यक्रम में ईश्वर चंद्र विद्यासागर और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को भी नजरअंदाज किया गया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” के नारे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यही सोच शिक्षा के क्षेत्र में भी लागू होनी चाहिए।

सीएम ने क्या कहा

सीएम ने कहा कि, “हम ऐसा कोई इंतजाम नहीं होने देंगे जहां हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट सभी यूनिवर्सिटीज को देखेगा, वहीं दूसरा डिपार्टमेंट आलिया यूनिवर्सिटी को देखेगा।” आलिया यूनिवर्सिटी को अभी राज्य का माइनॉरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट मैनेज करता है। सीएम ने आगे कहा,” मैंने बोर्ड टॉपर्स को सम्मानित किया। बाद में, माइनॉरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट ने 27 मुस्लिम स्टूडेंट्स के नामों वाली एक अलग फाइल भेजी। मैंने पूछा क्यों? मैं पहले ही 20 स्टूडेंट्स को सम्मानित कर चुका हूँ, और उनमें मुस्लिम, जैन और बौद्ध शामिल हैं।” पश्चिम बंगाल में फिलहाल विद्या भारती के 313 स्कूल चल रहे हैं, जबकि पूरे देश में यह संस्था 12,000 से ज्यादा स्कूल और 10,000 बाल संस्कार केंद्र संचालित करती है।

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बंगाल सरकार लौटाएगी मेसी के कोलकाता इवेंट का पैसा, CM का बड़ा ऐलान, 33 हजार लोगों को मिलेगा रिफंड

नेशनल स्पोर्ट्स डे के मौके पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कार्यक्रम को लेकर बड़ा ऐलान किया। पिछले साल 13 दिसंबर को मेसी के युवा भारती स्टेडियम पहुंचने के दौरान कार्यक्रम में भारी भीड़ आने की वजह से हालात बिगड़ गए। अर्जेंटीना के मशहूर फुटबॉलर की एक झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने 4,000 और 6,000 रुपये तक के टिकट खरीदे थे। मैदान में पैदा हुई कुछ परेशानियों के कारण कई दर्शकों को उन्हें देखने का मौका नहीं मिल सका। इसे बाद से टिकट के पैसे वापस करने की बात कही गई है। अभी तक इस मामले में उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। वहीं सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि, टिकट खरीदने वाले करीब 33,000 दर्शकों को उनकी रकम वापस की जाएगी।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेसी के कार्यक्रम की टिकट खरीदने वाले करीब 33,000 दर्शकों को उनकी रकम वापस की जाएगी। अर्जेंटीना के मशहूर फुटबॉलर की एक झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने 4,000 और 6,000 रुपये तक के टिकट खरीदे थे। इसके लिए राज्य के खेल बजट से पैसे दिए जाएंगे।

रिफंड किया जाएगा

नेशनल स्पोर्ट्स डे पर बोलते हुए अधिकारी ने कहा, “मेसी के बहुत बड़े फैन हैं। उन्होंने Rs 4,000 और Rs 6,000 के टिकट खरीदे थे। मेरी इच्छा है कि इन 33,000 स्पोर्ट्स के शौकीनों का दिया हुआ पैसा वापस किया जाए। मैंने पहले ही अंदरूनी तौर पर प्रोसेस शुरू कर दिया है। मुझे उम्मीद है कि मैं इसे पूरा कर पाऊंगा।” उन्होंने आगे कहा,” 29 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व हॉकी खिलाड़ी गुरबक्स सिंह, खेल मंत्री इंद्रनील खान, AIFF अध्यक्ष कल्याण चौबे समेत कई मशहूर हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और उन्हें नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।

पश्चिम बंगाल की भागीदारी हुई कम

अधिकारी ने कहा कि, “ये हैरान करने वाली बात है कि जिन खिलाड़ियों को आज नियुक्ति पत्र मिले हैं, उनमें से कई के पेपर 11 साल से मुख्यमंत्री के ऑफ़िस में धूल फांक रहे थे।” उन्होंने आगे कहा कि, “पिछले कुछ वर्षों में ओलंपिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रीय टीमों में पश्चिम बंगाल के खिलाड़ियों की भागीदारी बेहद कम रही है, जबकि ओडिशा और झारखंड जैसे राज्य लगातार अपने खिलाड़ियों को बड़े मंच पर भेज रहे हैं।

मेसी के कार्यक्रम में हुई थी तोड़फोड़

13 दिसंबर, 2025 को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में मेसी के G.O.A.T. इंडिया टूर इवेंट में अफरा-तफरी और तोड़फोड़ हो गई। हजारों फैंस, जिन्होंने 10,000 रुपये या उससे ज्यादा दिए थे, गुस्सा हो गए जब अधिकारियों और सेलिब्रिटीज ने पिच के किनारे भीड़ लगा दी, जिससे फुटबॉल सुपरस्टार को देखने में रुकावट आई और लगभग 20 मिनट बाद उन्हें अचानक जाना पड़ा।

Mithun Chakraborty Hospitalised: सर्जरी के चलते कोलकाता के अस्पताल में भर्ती हुए मिथुन चक्रवर्ती, हालचाल लेने पहुंचे बंगाल सीएम

Mithun Chakraborty Hospitalised: मिथुन चक्रवर्ती को कोलकाता के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां एक छोटी सर्जरी के बाद वे ठीक हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि अनुभवी एक्टर और नेता की हालत ठीक है और उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।

यह जानकारी तब सामने आई जब पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को अस्पताल में एक्टर से मुलाकात की और सोशल मीडिया पर अपनी मुलाकात की जानकारी शेयर की। सुवेंदु अधिकारी ने अस्पताल में मिथुन चक्रवर्ती से मुलाकात की है। अधिकारी ने कोलकाता के अस्पताल में मिलने पहुंचे थे। उनके इलाज की देखरेख कर रही मेडिकल टीम से भी बातचीत की।

बाद में उन्होंने इस मुलाक़ात की तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें मिथुन चक्रवर्ती अस्पताल के कमरे में आराम करते हुए और इलाज के बाद ठीक होते हुए दिखाई दे रहे हैं। फेसबुक पर जानकारी देते हुए अधिकारी ने लिखा, “जाने-माने फ़िल्म अभिनेता और बीजेपी की सेंट्रल कमेटी के सदस्य मिथुन चक्रवर्ती को शारीरिक बीमारी के कारण कोलकाता के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आज मैं उनसे मिलने अस्पताल गया था। मैंने उनसे बात की और उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली। मैं दयालु ईश्वर से उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।

मुख्यमंत्री की पोस्ट की गई तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गईं, जिससे एक्टर के फ़ैन्स और शुभचिंतकों में चिंता बढ़ गई। अस्पताल से निकलने के बाद मीडिया से बात करते हुए अधिकारी ने बताया कि गुरुवार रात एक्टर की एक छोटी सर्जरी हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि मिथुन चक्रवर्ती ने अस्पताल में भर्ती होने की बात को सार्वजनिक न करने का फ़ैसला किया था।

IANS के अनुसार, अधिकारी ने कहा, “वह इस घटनाक्रम को लेकर कोई पब्लिसिटी नहीं चाहते थे। उनकी हालत ठीक है। उन्हें जल्द ही छुट्टी दे दी जाएगी।” उन्होंने आगे कहा, “उनकी पहचान सिर्फ़ उनके राजनीतिक जीवन तक ही सीमित नहीं है। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रवादी सरकार के गठन में उनका योगदान बहुत बड़ा है। उनका एक छोटा सा ऑपरेशन हुआ था। अब वह ठीक हैं।”

सिनेमा और टेलीविज़न में शानदार करियर

मिथुन चक्रवर्ती भारतीय सिनेमा के सबसे मशहूर स्टार्स में से एक हैं और उनका करियर पांच दशकों से भी ज़्यादा लंबा रहा है। उन्होंने ‘मृगया’ (1976) से एक्टिंग की शुरुआत की और इस फ़िल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड मिला।

उन्हें बड़ी कामयाबी ‘डिस्को डांसर’ (1982) से मिली, जिसने उन्हें पूरे देश में मशहूर कर दिया और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत लोकप्रियता दिलाई। इतने सालों में उन्होंने ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘गुलामी’, ‘अग्निपथ’, ‘गुरु’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी फ़िल्मों में यादगार काम किया है और अपने करियर में कई नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड और फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड जीते हैं।

फ़िल्मों के अलावा, मिथुन टेलीविज़न पर भी ‘डांस इंडिया डांस’ के ग्रैंड मास्टर के तौर पर घर-घर में पहचाने जाने लगे और बाद में कई रियलिटी और टैलेंट-बेस्ड शो में जज के तौर पर भी नज़र आए।