कोलकाता चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल हादसा, 49 सेकंड के वीडियो में दिखा भगदड़ का भयानक मंजर!

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। चोरेबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 25 लोग घायल हैं, जिसमें से कुछ की हालत गंभीर भी बताई जा रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने इस हादसे के जांच के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान हादसे के कारणों और उस समय की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

अनाउंसमेंट बनी 19 मौतों की वजह!

सामने आई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में अनाउंसर लोगों से बार-बार पंडाल से बाहर जाने वाले रास्ते का इस्तेमाल करने की अपील करता सुनाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि उस समय तेज बारिश हो रही थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने बारिश से बचने के लिए पंडाल के अंदर शरण ली थी। इसके बाद वहां भीड़ बढ़ गई और लोगों को बाहर निकलने के लिए रास्ते का इस्तेमाल करने की हिदायत दी जाने लगी। पंडाल के बाहर खड़े लोगों को अंदर मौजूद लोगों से अलग निर्देश दिए जा रहे थे। बाहर इंतजार कर रहे लोगों को पंडाल के पास आने से रोका जा रहा था और अनाउंसमेंट के जरिए बताया जा रहा था कि पंडाल का एक हिस्सा गिरने का खतरा है।

 

इसके बावजूद बारिश से बचने और पंडाल में एंट्री करने के लिए लोगों की कतार आगे बढ़ती रही और भीड़ का दबाव बढ़ गया। जहां बाहर खड़े लोग अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं पंडाल के अंदर मौजूद लोग बाहर निकलना चाहते थे। इस स्थिति के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई और हालात खतरनाक हो गए।

49 सेकेंड के वीडियो में दिखा ये नजारा

करीब 49 सेकंड के एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता कि एक संकरी गली में बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं। गली की छत नीची है और चारों तरफ बैरिकेड्स लगे हुए हैं। वीडियो में महिलाएं और बच्चे मदद के लिए आवाज लगाते सुनाई दे रहे हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि लोगों के पास हिलने-डुलने तक की जगह नहीं बची और कुछ लोग बैलेंस बनाए रखने के लिए दीवारों का सहारा लेते नजर आए। वहीं, एक दूसरे वीडियो में बारिश के बीच लोग छाते लेकर पंडाल की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस कर रही जांच

पुलिस अब उस अनाउंसमेंट की जांच कर रही है, जिसमें पंडाल के गिरने का खतरा बताया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ये पता लगाया जा रहा कि यह घोषणा किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं और चश्मदीदों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। अब तक मिली जानकारी से संकेत मिलता है कि पंडाल में भीड़ को संभालने के लिए किए गए इंतजामों में गंभीर कमियां थीं।

बता दें कि, शनिवार को सप्तमी के मौके पर पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी। दुर्गा पूजा के दस दिवसीय उत्सव में इस दिन का खास महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस समय तेज बारिश हो रही थी और रोशनी भी कम थी। इसके अलावा, लोगों को पंडाल में प्रवेश करने के लिए करीब 90 मिनट तक कतार में इंतजार करना पड़ा, जिससे भीड़ की परेशानी और बढ़ गई।

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Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में आखिर कैसे मची अफरा-तफरी? भगदड़ में अब तक 19 लोगों की मौत, 25 घायल

Kolkata Durga Puja Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम उत्तर कोलकाता में स्थित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में बारिश के बीच अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ मच गई। इसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए। गिरिश पार्क थाना क्षेत्र स्थित सरदा पार्क (चोरबागान) दुर्गा पूजा पंडाल के एग्जिट गेट पर अचानक भगदड़ मच गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को तत्काल बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

शाम करीब 7:40 बजे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह घटना 17 अक्टूबर की शाम करीब 7:40 बजे हुई। उस समय दुर्गा पूजा पंडाल में दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। पंडाल के एग्जिट गेट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। बताया जा रहा है कि बाहर निकलने के रास्ते पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से हालात बिगड़े। हालांकि, भगदड़ के पीछे की परिस्थितियों और घटना के सटीक कारणों को लेकर डिटेल्स जानकारी का इंतजार है।

कैसे मची भगदड़?

घटना का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उत्तर कोलकाता के चोरबागान में सामुदायिक दुर्गा पूजा के आयोजकों की एक घोषणा के बाद श्रद्धालुओं के बीच अचानक भीड़ बढ़ गई, जिससे यह दुखद हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, “घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार पूजा आयोजकों द्वारा लाउडस्पीकर पर की गई एक घोषणा के कारण यह घटना हुई।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि चोरबागान दुर्गा पूजा आयोजित करने वाले क्लब के पदाधिकारियों, निजी सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार पंडाल परिसर में निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण पंडाल में एंट्री के लिए इंतजार कर रहे लोगों में अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, बारिश शुरू होते ही पंडाल के बाहर इंतजार कर रही भीड़ अचानक आगे बढ़ी। इस दौरान कुछ लोग सड़क पर गिर गए, जिससे भगदड़ मच गई। प्रशासन ने घटना के बाद भीड़भाड़ वाले कई दुर्गा पूजा आयोजनों को अस्थायी रूप से अपने पंडाल बंद करने की सलाह दी है। कोलकाता में दुर्गा पूजा के लिए करीब 3,500 पंडाल लगाए गए हैं।

सीएम ने कहा कि यह घटना कुछ हद तक बारिश के कारण हुई। पूजा समिति द्वारा अंदर की गई व्यवस्थाओं में भी कुछ कमियां थीं। कोलकाता पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है। जो भी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि हम कलकत्ता हाई कोर्ट के एक मौजूदा जज की अध्यक्षता में एक जांच समिति (फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी) बनाएंगे। फिर सरकार उसकी सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई करेगी।

अमित शाह पहुंचे कोलकाता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार शाम को कोलकाता पहुंचे थे। उनका रविवार को दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा करने का कार्यक्रम था। उन्होंने कहा कि भगदड़ की घटना के मद्देनजर वह अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर रहे हैं। आज वह हादसे में घायल लोगों से मुलाकात करेंगे। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति की खबर सुनकर उन्हें गहरा सदमा लगा है।

सीएम अधिकारी और राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने भी सरकारी अस्पताल का दौरा किया। चोरबागान दुर्गा पूजा हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हुई है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह पूजा चित्तरंजन एवेन्यू से सटी एक संकरी सड़क पर आयोजित की जाती है।

हादसे के बाद बंद किया गया पूजा पंडाल

भगदड़ की घटना के बाद प्रशासन ने सरदा पार्क (चोरबागान) दुर्गा पूजा पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया। मौके पर पुलिस और इमरजेंसी टीमें तैनात रहीं। अधिकारी घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने और स्थिति का आकलन करने में लगे हैं।

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भारी भीड़ बनी हादसे की वजह?

शुरुआती जानकारी के अनुसार, पंडाल के एग्जिट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा होना भगदड़ की प्रमुख वजह रही। भीड़ के अचानक बढ़े दबाव के कारण लोग अफरा-तफरी में फंस गए। हालांकि, घटना के सटीक कारणों और सुरक्षा इंतजामों की भूमिका को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने आनी बाकी है। फिलहाल प्रशासन का ध्यान घायलों को उपचार उपलब्ध कराने, भीड़ को नियंत्रित करने और घटना से संबंधित तथ्यों को जुटाने पर है। इस हादसे ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ मैनेजमेंट और सुरक्षित निकास व्यवस्था की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है।

Kolkata Durga Puja: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, अबतक 17 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख

Kolkata Durga Puja Stampede:  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ा हादसा हो गया है। शनिवार शाम कोलकाता के उत्तरी हिस्से में स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक भगदड़ जैसे हालात बन गए। सप्तमी के मौके पर पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पांडाल पहुंचे थे। भीड़ बढ़ने से वहां अफरा-तफरी मच गई।

न्यूज 18 के रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोलकाता के चोरबागान सर्बोजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की वजह से कम से कम 17 लोगों की मौत होने और 35 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक,  पंडाल का एक हिस्सा गिरने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं ये घटना कैसे हुई और इसके पीछे की असली वजह क्या थी अभी इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं इस हादसे पर पीएम मोदी ने भी दुख जताया है।

पुलिस ने क्या कहा

कोलकाता पुलिस ने कहा “आज शाम करीब 7:40 बजे, गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले सरदा पार्क (चोर बागान) पूजा पंडाल के एग्जिट गेट पर भारी भीड़ और बारिश के कारण भगदड़ मच गई। पूजा पंडाल को अब दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया है। सभी घायल लोगों को बचा लिया गया और इलाज के लिए MCH में शिफ्ट कर दिया गया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 35 लोगों को MCH में शिफ्ट किया गया है।”

पीएम मोदी ने जताया दुख

कोलकाता में भगदड़ की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। पीएमओ की ओर से जारी पोस्ट में पीएम ने कहा गया, “कोलकाता में भगदड़ बहुत दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हों। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।”

 

सीएम अस्पताल पहुंचे

घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर मिलने के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल घायलों का हाल जानने कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। वहीं, जानकारी मिलते ही पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। पूजा आयोजकों ने भी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों के इलाज के लिए जरूरी मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने में मदद की।

गर्मी की वजह से हुआ हादसा?

पुलिस के मुताबिक, कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में मची अफरा-तफरी के दौरान कम से कम 35 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया और हालात काबू में करने के लिए पंडाल को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेज गर्मी और ज्यादा भीड़ के कारण कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। वहीं, भगदड़ की खबर फैलने से लोगों में डर और बढ़ गया। इसके बाद पुलिस, अधिकारियों और पूजा आयोजकों ने भीड़ को संभालने और घायलों की मदद करने के लिए जरूरी कदम उठाए।

नंदीग्राम में BJP का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, हासी रानी रथ ने 1,22,800 वोटों से मारी बाजी

Nandigram Bypoll Results: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर बीजेपी ने ऐसी बाजी मारी, जिसने पुराने चुनावी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। दरअसल, पार्टी की उम्मीदवार हासी रानी रथ ने उपचुनाव में 1,22,800 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की हैं। ​​उनकी इस जीत से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की नंदीग्राम में राजनीतिक पकड़ और मजबूत हो गई है।

हासी रानी रथ ने जीत के अंतर के मामले में सुवेंदु अधिकारी का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। अधिकारी ने 2016 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से 82,000 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। जबकि इस बार बीजेपी उम्मीदवार ने उससे कहीं ज्यादा अंतर से जीत हासिल की।

जीत के बाद शुक्रवार को राज्य सचिवालय नबन्ना में सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्हें पहले से ही हासी रानी रथ की बड़ी जीत का भरोसा था। उन्होंने बताया, “जब मैं नंदीग्राम में चुनाव प्रचार कर रहा था, तब मैंने सभी से कहा था कि हासी रानी रथ यहां 82,000 वोटों के मेरे जीत के अंतर को भी पार कर जाएंगी।”

रथ की जीत को अधिकारी ने बताया ऐतिहासिक

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, अधिकारी ने रथ को ऐतिहासिक और रिकॉर्ड तोड़ने वाली जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह नतीजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के एजेंडे और बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व में वोटरों के भरोसे को दिखाता है।

उन्होंने इस नतीजे को पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कामकाज पर मुहर बताया और पार्टी के विकास के एजेंडे की तुलना अपने विरोधियों के कुशासन और अव्यवस्था से की। उन्होंने इस जीत का श्रेय पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक नेतृत्व को भी दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने लगातार प्रचार किया और जमीनी स्तर पर मेहनत की, जिसका फायदा पार्टी को मिला।

बता दें कि यह उपचुनाव इसलिए कराना पड़ा क्योंकि सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट अपने पास रखने के लिए नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी। हासी रानी रथ के बेटे चंद्रनाथ रथ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे।

फिलहाल, इस नतीजे से नंदीग्राम में बीजेपी की स्थिति मजबूत हुई है। यह सीट 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद से पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी अहम रही है। उस चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट पर हराया था।

रेजीनगर विधानसभा सीट पर भी बीजेपी ने दर्ज की जीत

इसके अलावा, रेजीनगर विधानसभा सीट पर भी बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की। पार्टी के उम्मीदवार शंखराव सरकार को 1,29,914 वोट मिले, उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी AJUP के गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को 75,816 वोटों के बड़े अंतर से हराकर इतिहास रच दिया। गुलाम नबी आजाद को 54,098 वोट मिले।

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ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट नकली थी? फ्रैक्चर केस में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा दावा, बंगाल सरकार ने जांच के दिए आदेश

Mamata Banerjee Leg Injury: पश्चिम बंगाल सरकार 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट के कथित झूठे दावों की फिर से जांच शुरू करेगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार (3 अक्टूबर) को यह बड़ी घोषणा की। इसी के साथ अधिकारी ने नंदीग्राम में 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट से जुड़े विवाद को फिर से हवा दी है। अधिकारी ने आरोप लगाया है कि बनर्जी ने चोट का नाटक किया था। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के मेडिकल रिकॉर्ड का हवाला दिया है।

राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अधिकारी ने आरोप लगाया कि बनर्जी ने चुनाव के दौरान अपनी चोट का नाटक किया था। अधिकारी ने बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस द्वारा जारी बनर्जी की मेडिकल रिपोर्ट दिखाते हुए कहा, “ममता बनर्जी ने 2021 में नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान पैर में चोट लगने का नाटक किया था। हमारे पास मेडिकल रिपोर्ट है, जिसमें कहा गया है कि फ्रैक्चर या हड्डी खिसकने का कोई प्रमाण नहीं है। हम इस मामले की जांच शुरू करेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “उनके झूठे आरोप से नंदीग्राम के लोगों का अपमान हुआ। 9 अक्टूबर के बाद आदर्श आचार संहिता हटने पर मैं इस बारे में और जानकारी सामने रखूंगा। मैं कल किए गए अपने दावों के समर्थन में आज यह बात कह रहा हूं।” नंदीग्राम में छह अक्टूबर को उपचुनाव होना है। जबकि इसके नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

मार्च, 2021 में लगी थी पैर में चोट

सीएम अधिकारी ने इससे पहले नंदीग्राम-2 विकासखंड के बिरुलिया बाजार में एक रैली को संबोधित करते हुए यह दावा किया था। यही वह स्थान है, जहां पांच साल पहले बनर्जी घायल हुई थीं। तत्कालीन मुख्यमंत्री बनर्जी को 10 मार्च, 2021 को चुनाव प्रचार के दौरान नंदीग्राम के बिरुलिया के रेयापाड़ा इलाके में बाएं पैर और कमर में चोट लगी थी। बनर्जी ने शुरुआत में कहा था कि कुछ अज्ञात लोगों ने जानबूझकर उन्हें उनकी कार के दरवाजे की ओर धक्का दिया, जिससे दरवाजा उनके बाएं पैर से जोर से टकराया और भारी भीड़ के बीच पैर चोटिल हो गया।

बाद में अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में बनर्जी ने बताया था कि समर्थकों का अभिवादन करते समय भारी भीड़ उनकी कार के पास आ गई थी, जिससे उनका पैर दब गया और उन्हें चोट लगी। उन्हें आधिकारिक तौर पर बाएं टखने और पैर की हड्डियों में गंभीर चोट के साथ-साथ दाहिने कंधे, हाथ, गर्दन और कमर में चोट एवं दर्द की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उन्हें कोलकाता लाया गया और राज्य संचालित एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।

विस्तृत जांच के बाद बनर्जी को 12 मार्च को अस्पताल से छुट्टी दी गई। उस समय उनके बाएं पैर पर प्लास्टर था और उन्होंने बाद में व्हीलचेयर पर बैठकर चुनाव प्रचार जारी रखा। इन चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 294 में से 216 सीटें जीतकर बड़ी जीत दर्ज की थी। जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 77 सीटों पर सिमट गई थी।

रिपोर्ट में क्या है?

अधिकारी द्वारा शेयर किए गए मेडिकल दस्तावेजों से पता चलता है कि 11 मार्च, 2021 के सीटी स्कैन में जांच किए गए क्षेत्रों में कथित तौर पर कोई फ्रैक्चर नहीं दिखा। हालांकि, केवल इन रिपोर्टों से यह साबित नहीं होता है कि बनर्जी की कुल चोटें बनावटी थीं। एसएसकेम (SSKM) अस्पताल की उस समय की रिपोर्टों में उनके बाएं टखने और पैर में चोटों के साथ-साथ कंधे, अग्रबाहु (forearm) और गर्दन में चोटों का भी जिक्र था।

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अधिकारी द्वारा घोषित नई जांच से 2021 की घटना से जुड़ी परिस्थितियों की और जांच होने की उम्मीद है। नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले यह विवाद फिर से उठ खड़ा हुआ है, जिससे 2021 के चुनाव का घटनाक्रम एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।

अदाणी ग्रुप का पश्चिम बंगाल के लिए मास्टरप्लान! 2035 तक ₹1 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान, पोर्ट से डेटा सेंटर तक क्या-क्या बनेगा?

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार, 24 सितंबर को कहा कि अदाणी ग्रुप 2035 तक पश्चिम बंगाल में पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, सड़कों और पुलों, ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश करेगा। ₹1 लाख करोड़ के निवेश के इस रोडमैप में 2035 तक पूरे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे।

यह घोषणा गौतम अदाणी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा कोलकाता के न्यू टाउन में ग्रुप के प्रस्तावित 2,000-बेड वाले ‘अदाणी आरोग्य मंदिर’ की आधारशिला रखने के मौके पर की गई। अदाणी फाउंडेशन द्वारा विकसित किए जाने वाले इस हॉस्पिटल प्रोजेक्ट में ₹4,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश होगा।

अपनी निवेश योजना के बारे में बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा, “हम पश्चिम बंगाल को पूर्व में अपनी कर्मभूमि मानते हैं।” उन्होंने ग्रुप के पूर्वी क्षेत्र के कामकाज में राज्य की भूमिका की तुलना गुजरात के मुंद्रा से की, जिसे उन्होंने ग्रुप के बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव बताया।

अस्पताल में कैंसर के इलाज की होगी सुविधा

अदाणी आरोग्य मंदिर 51.75 एकड़ में फैला होगा और इसमें 2,000 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, एक मेडिकल कॉलेज, एक नर्सिंग कॉलेज और सहयोगी हेल्थकेयर व पैरामेडिकल शिक्षा के संस्थान शामिल होंगे।

इस हेल्थकेयर प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए गौत अदाणी ने कहा, “अडानी आरोग्य मंदिर एक नॉन-प्रॉफिट मेडिकल इंस्टीट्यूट होगा जिसमें 2,000 बिस्तर होंगे। इनमें से 1,000 बिस्तर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए होंगे, जो राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत पात्र हैं।”

अस्पताल के पहले चरण में कैंसर के इलाज पर फोकस किया जाएगा और टर्शियरी और स्पेशलाइज़्ड हेल्थकेयर सर्विस दी जाएंगी। कैंपस में स्टेप-डाउन और ट्रांज़िशनल केयर की सुविधाएं, मरीज़ों के रिश्तेदारों के लिए रहने की जगह और हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल्स के लिए रिहायशी सुविधाएं भी होंगी।

मेडिकल कॉलेज में हर साल 150 अंडरग्रेजुएट छात्र, 100 से ज़्यादा पोस्टग्रेजुएट छात्र और 40 से ज़्यादा सुपर-स्पेशलिस्ट दाखिला ले सकेंगे। ग्रुप ने कहा कि बड़े हेल्थकेयर इकोसिस्टम से लगभग 10,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

इस प्रोजेक्ट में जीनोमिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लिनिकल ट्रायल और बायोमेडिकल साइंस के दूसरे क्षेत्रों से जुड़ी रिसर्च सुविधाएं भी शामिल होंगी।

ग्रुप की योजनाओं में राज्य की भूमिका के बारे में बात करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “हम बंगाल को पुनर्निमित करने में आपकी मौजूदगी की उम्मीद करते हैं। इसका अंतिम विज़न सिर्फ़ एक हॉस्पिटल कैंपस नहीं, बल्कि एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर सिटी बनाना है।”

राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार और दुर्गा पूजा के लिए हुए करार

हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के साथ-साथ, अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ दो और समझौते (MoU) किए। एक समझौता राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार से जुड़ा है, जबकि दूसरा ग्रुप की ‘अदाणी पूजा प्रीव्यू’ पहल के ज़रिए कोलकाता के दुर्गा पूजा इकोसिस्टम को सहयोग देने से संबंधित है। अदाणी ग्रुप ने कुमारतुली घाट के कायाकल्प में सहयोग की भी घोषणा की।

 

 

Market outlook : सेंसेक्स-निफ्टी भारी गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 25 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

पश्चिम बंगाल के इन 250 मदरसों को क्यों बंद करने जा रहे हैं शुभेंदु अधिकारी? दुर्गा पूजा से पहले मिलेगी रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में चल रहे मदरसों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी से मान्यता प्राप्त 250 प्राइवेट मदरसों को धीरे-धीरे बंद करने का फैसला किया गया है।

मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से ज्यादातर में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम या नामात्र की है और बुनियादी ढांचा भी पर्याप्त नहीं है। बताया जा रहा है कि इन मदरसों में वर्तमान में जो छात्र एनरोल हैं, उनके लिए दिसंबर तक कक्षाएं जारी रहेंगी। इसके बाद इन्हें बंद कर दिया जाएगा।

1.51 लाख भर्ती प्रस्ताव को मिली मंजूरी

बुधवार को कैबिनेट बैठक में अलग-अलग सरकारी विभागों में लगभग 1.51 लाख लोगों की भर्ती के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। इसमें पश्चिम बंगाल पुलिस के लिए 12,000 और कोलकाता पुलिस के लिए 4,000 लोग शामिल हैं।

दुर्गा पूजा से से पहले रिपोर्ट मिलने की उम्मीद

अधिकारी ने कहा, “कैबिनेट ने 250 प्राइवेट मदरसों को बंद करने का फैसला किया, जिनमें सही इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है और छात्रों की संख्या बहुत कम है। उन्हें दिसंबर तक काम करने दिया जाएगा।” अधिकारी ने कहा कि इन संस्थानों से रिपोर्ट दुर्गा पूजा उत्सव से पहले मिलने की उम्मीद है। इसके बाद जरूरी प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।

सरकार पहले बंद कर चुकी है 252 बिना इजाजत वाले मदरसे

यह कदम राज्य सरकार के 252 बिना इजाजत वाले मदरसों को बंद करने और करीब 100 दूसरे मदरसों को कारण बताओ नोटिस भेजने के कुछ दिनों बाद आया है। राज्य भर में हुए एक सर्वे में पाया गया था कि ऐसे कई संस्थानों के पास जरूरी मंजूरी और बुनियादी ढांचा की कमी थी।

अलग-अलग चरणों में बंद हो सकते हैं 2500 मदरसे

अधिकारी ने कहा कि अलग-अलग चरण में राज्य भर में बिना सरकारी पंजीकरण के चल रहे करीब 2,500 मदरसे भी बंद हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने कथित गड़बड़ियों को लेकर 100 दूसरे मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की भी मंजूरी दे दी है।

सभी विभागों में भर्ती में तेजी लाना चाहती है सरकार

राज्य में मंजूर की गई भर्तियों पर वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सरकार सभी विभागों में भर्ती में तेजी लाना चाहती है और खाली जगहों को भरना चाहती है ताकि सार्वजनिक सेवा पर असर न पड़े। संबंधित विभागों को भर्ती प्रक्रिया में रुकावट डालने वाले मुद्दों को सुलझाने के लिए कहा गया है।”

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बंगाल में महाअष्टमी पर शराब बैन… DJ पर भी पाबंदी, दुर्गा पूजा को लेकर सुवेंदु सरकार ने जारी की गाइडलाइन

पश्चिम बंगाल में हर साल बड़े स्तर पर मनाया जाने वाला दुर्गा पूजा का त्योहार 10 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। इस दौरान कोलकाता समेत राज्य के कई शहरों में खास रौनक देखने को मिलती है। वहीं पश्चिम बंगाल में अगले महीने होने वाले दुर्गा पूजा उत्सव को लेकर बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं। राज्य सरकार ने पहली बार पूजा के दौरान महा अष्टमी पर शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसी के साथ विसर्जन के दौरान DJ बजाने पर भी पूरी तरह रोक होगी। इन नियमों का मकसद त्योहार के दौरान व्यवस्था बनाए रखना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पूजा समितियों और आम लोगों को सरकार की ओर से जारी इन निर्देशों का पालन करना होगा।

महाअष्टमी के दिन शराब पर होगी रोक

दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर पूजा समितियों के साथ बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें अधिकारी ने कहा कि, इस बार दुर्गा पूजा को धार्मिक आस्था और पुरानी परंपराओं के अनुसार मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्सव के दौरान संस्कृत और बंगाली संस्कृति से जुड़ी परंपराओं को खास महत्व दिया जाएगा, ताकि त्योहार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बनी रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि दुर्गा पूजा के अष्टमी (आठवें दिन) वाले दिन राज्य में शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी। सीएम ने कहा, “महा अष्टमी के दिन, जब हम राज्य में देवी को फूलों से श्रद्धांजलि देते हैं, तो शराब की सभी दुकानें और बार बंद रहेंगे। अष्टमी के दिन शराब नहीं बेची जा सकती।”

ईडन गार्डन्स में होगा बड़ा शो

अधिकारी ने बताया कि महालया के मौके पर पश्चिम बंगाल का पर्यटन विभाग कोलकाता के ईडन गार्डन्स में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन करेगा। करीब चार घंटे चलने वाले इस कार्यक्रम में ड्रोन शो भी होगा। वहीं, राज्य सरकार ने रेड रोड पर होने वाले दुर्गा पूजा कार्निवल को बंद करने का फैसला किया है। यह कार्निवल पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में शुरू हुआ था। सरकार के इस फैसले के बाद दुर्गा पूजा से जुड़े आयोजनों और विसर्जन की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। सीएम ने कहा, “किसी भी व्यक्ति या पूजा समिति को सिर्फ दुर्गा पूजा करने के अधिकार के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाना चाहिए। संविधान हर किसी को अपने धर्म का पालन करने की आजादी देता है। पिछले कुछ वर्षों से कार्निवल के नाम पर कुछ खास व्यवस्थाएं लागू की जाती थीं, लेकिन इस साल ऐसा नहीं किया जाएगा।”

DJ बजाने पर भी बैन

उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन के समय घाटों पर क्रेन के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही विसर्जन के दौरान DJ बजाने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और व्यवस्था शांतिपूर्ण तरीके से बनी रहे। उन्होंने कहा कि, जो छोटी पूजा कमेटियां पैसों की कमी के कारण त्योहार का आयोजन नहीं कर पाती हैं, उन्हें सरकार की तरफ से 1 लाख रुपये की मदद दी जाएगी।”

वहीं, अधिकारी ने पिछली TMC सरकार के उस फैसले की आलोचना की, जिसमें सभी पूजा कमेटियों को आर्थिक मदद दी जाती थी। उन्होंने कहा, “मैं बड़ी, पैसे की मदद करने वाली पूजा कमेटियों से अपील करूंगा कि वे अपने त्योहारों के लिए सरकारी ग्रांट न लें।”

नेशनल हाईवे नहीं होगा ब्लॉक

मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि दुर्गा पूजा के दौरान सड़कों और नेशनल हाईवे को बेवजह बंद या जाम नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, “नेशनल हाईवे को ब्लॉक नहीं किया जा सकता। सड़कें ब्लॉक करके पूजा ऑर्गनाइज नहीं की जा सकती।” पूजा समितियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आयोजन की वजह से आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो और ट्रैफिक व्यवस्था बनी रहे।

बंगाल में खुलेंगे RSS के 1000 नए स्कूल, शिक्षा विभागों का होगा विलय; जानें बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक योजना के बारे में जानकारी दी है। इसके तहत अगले एक साल में हर जिले, नगर पालिका और पंचायत में RSS से जुड़ी संस्था विद्या भारती के कम से कम 1,000 स्कूल खोलने का लक्ष्य है। इसके अलावा राज्य के चार शिक्षा विभागों को मिलाकर एक विभाग बनाने की भी बात कही गई है। इस योजना के तहत मदरसा शिक्षा के लिए अलग विभाग नहीं होगा। सीएम ने विद्या भारती की 74वीं वर्षगांठ के मौके पर रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी है। वहीं इस कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी ने संस्था की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी।

सीएम ने इन जगहों पर स्कूलों खोलने की कही बात

उन्होंने विद्या भारती से बच्चों को देश और समाज से जुड़ी शिक्षा देने की दिशा में काम करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों को सचिवालय बुलाकर सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक करने और इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने संस्था से मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर खास ध्यान देने को कहा। उन्होंने इन इलाकों में ज़्यादा एंटी-नेशनल एक्टिविटीज होने का दावा भी किया। अधिकारी ने पिछली टीएमसी सरकार पर शिक्षा का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विद्या भारती जैसी संस्थाओं को राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करनी चाहिए।

टीएमसी पर लगाए ये आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार के दौरान शिक्षा का माहौल खराब हो गया था। उन्होंने टीएमसी पर लोगों को बांटने के लिए बंगाली पाठ्यक्रम में बदलाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में ‘मां’ की जगह ‘अम्मा’ शब्द का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि पाठ्यक्रम में ईश्वर चंद्र विद्यासागर और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को भी नजरअंदाज किया गया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” के नारे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यही सोच शिक्षा के क्षेत्र में भी लागू होनी चाहिए।

सीएम ने क्या कहा

सीएम ने कहा कि, “हम ऐसा कोई इंतजाम नहीं होने देंगे जहां हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट सभी यूनिवर्सिटीज को देखेगा, वहीं दूसरा डिपार्टमेंट आलिया यूनिवर्सिटी को देखेगा।” आलिया यूनिवर्सिटी को अभी राज्य का माइनॉरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट मैनेज करता है। सीएम ने आगे कहा,” मैंने बोर्ड टॉपर्स को सम्मानित किया। बाद में, माइनॉरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट ने 27 मुस्लिम स्टूडेंट्स के नामों वाली एक अलग फाइल भेजी। मैंने पूछा क्यों? मैं पहले ही 20 स्टूडेंट्स को सम्मानित कर चुका हूँ, और उनमें मुस्लिम, जैन और बौद्ध शामिल हैं।” पश्चिम बंगाल में फिलहाल विद्या भारती के 313 स्कूल चल रहे हैं, जबकि पूरे देश में यह संस्था 12,000 से ज्यादा स्कूल और 10,000 बाल संस्कार केंद्र संचालित करती है।

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बंगाल सरकार लौटाएगी मेसी के कोलकाता इवेंट का पैसा, CM का बड़ा ऐलान, 33 हजार लोगों को मिलेगा रिफंड

नेशनल स्पोर्ट्स डे के मौके पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कार्यक्रम को लेकर बड़ा ऐलान किया। पिछले साल 13 दिसंबर को मेसी के युवा भारती स्टेडियम पहुंचने के दौरान कार्यक्रम में भारी भीड़ आने की वजह से हालात बिगड़ गए। अर्जेंटीना के मशहूर फुटबॉलर की एक झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने 4,000 और 6,000 रुपये तक के टिकट खरीदे थे। मैदान में पैदा हुई कुछ परेशानियों के कारण कई दर्शकों को उन्हें देखने का मौका नहीं मिल सका। इसे बाद से टिकट के पैसे वापस करने की बात कही गई है। अभी तक इस मामले में उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। वहीं सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि, टिकट खरीदने वाले करीब 33,000 दर्शकों को उनकी रकम वापस की जाएगी।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेसी के कार्यक्रम की टिकट खरीदने वाले करीब 33,000 दर्शकों को उनकी रकम वापस की जाएगी। अर्जेंटीना के मशहूर फुटबॉलर की एक झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने 4,000 और 6,000 रुपये तक के टिकट खरीदे थे। इसके लिए राज्य के खेल बजट से पैसे दिए जाएंगे।

रिफंड किया जाएगा

नेशनल स्पोर्ट्स डे पर बोलते हुए अधिकारी ने कहा, “मेसी के बहुत बड़े फैन हैं। उन्होंने Rs 4,000 और Rs 6,000 के टिकट खरीदे थे। मेरी इच्छा है कि इन 33,000 स्पोर्ट्स के शौकीनों का दिया हुआ पैसा वापस किया जाए। मैंने पहले ही अंदरूनी तौर पर प्रोसेस शुरू कर दिया है। मुझे उम्मीद है कि मैं इसे पूरा कर पाऊंगा।” उन्होंने आगे कहा,” 29 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व हॉकी खिलाड़ी गुरबक्स सिंह, खेल मंत्री इंद्रनील खान, AIFF अध्यक्ष कल्याण चौबे समेत कई मशहूर हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और उन्हें नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।

पश्चिम बंगाल की भागीदारी हुई कम

अधिकारी ने कहा कि, “ये हैरान करने वाली बात है कि जिन खिलाड़ियों को आज नियुक्ति पत्र मिले हैं, उनमें से कई के पेपर 11 साल से मुख्यमंत्री के ऑफ़िस में धूल फांक रहे थे।” उन्होंने आगे कहा कि, “पिछले कुछ वर्षों में ओलंपिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रीय टीमों में पश्चिम बंगाल के खिलाड़ियों की भागीदारी बेहद कम रही है, जबकि ओडिशा और झारखंड जैसे राज्य लगातार अपने खिलाड़ियों को बड़े मंच पर भेज रहे हैं।

मेसी के कार्यक्रम में हुई थी तोड़फोड़

13 दिसंबर, 2025 को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में मेसी के G.O.A.T. इंडिया टूर इवेंट में अफरा-तफरी और तोड़फोड़ हो गई। हजारों फैंस, जिन्होंने 10,000 रुपये या उससे ज्यादा दिए थे, गुस्सा हो गए जब अधिकारियों और सेलिब्रिटीज ने पिच के किनारे भीड़ लगा दी, जिससे फुटबॉल सुपरस्टार को देखने में रुकावट आई और लगभग 20 मिनट बाद उन्हें अचानक जाना पड़ा।