Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में आई रिकवरी की वजह से कल निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,000 के लेवल से ऊपर वापस आ गया। हालांकि 1 सितंबर को इंडेक्स में थोड़ी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ। मिडिल ईस्ट में जारी उथल-पुथल के बीच टेक्निकल इंडिकेटर नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने का संकेत दे रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर निफ्टी 24,000-23,950 के सपोर्ट जोन के नीचे टूटता है और वहां बना रहता है,तो यह 23,800 और फिर 23,600 की तरफ गिर सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस जोन के ऊपर बना रहता है तो 24,200-24,400 की तरफं ऊपर जाने की संभावना बढ़ सकती है। वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23,500-24,500 की बड़ी रेंज में ट्रेड करता नजर आ सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24056) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,978, 23,933 और 23,860

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :24,123, 24,168 और 24,241

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर ‘हाई-वेव कैंडलस्टिक पैटर्न’ बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज काफी हद तक सपाट रहे,जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। 10-डे EMA भी 50-डे और 100-डे EMA से नीचे आ गया। RSI गिरकर 42.86 पर आ गया,जबकि MACD जीरो लाइन के नीचे अपना डाउनट्रेंड जारी रखे हुए है और रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए बढ़ रहा है। ये सभी इंडिकेटर निकट भविष्य में कमजोरी और मार्केट में सतर्क नज़रिए की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (57410) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,677, 57,823 और 58,058

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,207, 57,062 और 56,827

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई जो उतार-चढ़ाव के बीच कमजोर का संकेत है। इसने पिछले दिन की सारी बढ़त गंवा दी और 1.06 फीसदी नीचे बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है,जो सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉज़िटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अभी भी अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI और MACD कई सेशन से ज्यादातर एक ही दायरे में बने हुए हैं,जिससे पता चलता है कि कोई मज़बूत दिशात्मक मोमेंटम नहीं है। कुल मिलाकर,टेक्निकल सेटअप से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में सावधानी के साथ कंसोलिडेशन हो सकता है। जब तक कि यह रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर या मुख्य सपोर्ट लेवल से नीचे नहीं जाता, इंडेक्स के एक दायरे में ही बने रहने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) का अनुमान लगाने वाला India VIX कल 9.25-12.12 के बड़े दायरे में घूमने के बाद बिना किसी बदलवा के 11.19 पर बंद हुआ। वोलैटिलिटी इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे और निचले दायरे में बना रहा। इससे पता चलता है कि मार्केट में चिंता कम है। कुल मिलाकर,हालात बताते हैं कि निकट भविष्य में वोलैटिलिटी के सीमित रहने की संभावना है,हालांकि इंडेक्स में अचानक बड़ी हलचल से वोलैटिलिटी बढ़ सकती है।

Market Insight : सितंबर के दूसरे भाग में निफ्टी में आ सकती है तेजी, छोटे-मझोले शेयरों में दिख रहा दम

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 सितंबर को गिरकर 0.89 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : सितंबर के दूसरे भाग में निफ्टी में आ सकती है तेजी, छोटे-मझोले शेयरों में दिख रहा दम

Market Insight : मार्केट टेक्निकल्स पर चर्चा करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि इंडेक्स तो अभी भी रेंज बाउंड ही हैं। कल के सेशन में हमने देखा कि निफ्टी में ब्रेकडाउन की कोशिश जरूर हुई थी। निफ्टी ने 24,000 का लेवल तोड़ने की कोशिश तो हुए लेकिन क्लोजिंग तक वापस निफ्टी रेंज में आ गया। ऐसे में लगता है कि जब तक निफ्टी में 24,000 का लेवल क्लोजिंग बेसिस पर नहीं टूटता रेंज बाउंड एक्टिविटी जारी रहेगी। बाजार में स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन बना हुआ है। चाहे हम बैंक निफ्टी लें या निफ्टी लें दोनों ही दायरे में फंसे हुए हैं।

इस समय ऑटो स्टॉक्स में बहुत अच्छा अट्रैक्शन देखने को मिल रहा है। कल और आज में हमने देखा कि टू व्हीलर ऑटो जैसे बजाज ऑटो में बहुत बेहतरीन मूव रहा है। अब हमें लगता है कि कहीं ना कहीं ऑटो एंसिलरी स्टॉक्स में इसका फॉलोअप देखने मिल सकता है।

ऑटो एंसिलरी में Minda का सेटअप सबसे अच्छा लग रहा है। स्टॉक में एक बहुत ही अच्छे कंसोलिडेशन के बाद आज के सेशन में ब्रेकआउट देखने को मिल रहा है। स्टॉक 1300 के ऊपर है। यह बुल्स के ग्रुप में है। इस स्टॉक में 1380 रुपए तक के लेवल्स आते हुए दिख सकते हैं। इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। इसमें ओवरऑल 1265 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा।

एफआई की शॉर्टिंग हो रही है। ऐसे में क्या मार्केट में ब्रेकडाउन का रिस्क दिख रहा है आपको? इसके जवाब में राहुल शर्मा ने कहा कि हां ऐसा हो सकता है। यह ऐसा ब्रेकडाउन है जो अभी तक तो आया नहीं है। कहीं ना कहीं जो कैश में जो एफआई सेलिंग थी वो काफी टेप डाउन हो चुकी है। इतना सब कुछ होने के बावजूद निफ्टी में मंथली चार्ट्स पर अभी भी एक तरह से हायर हाई हायर लो बना हुआ है। ऐसे में लगता है कि ये टाइम करेक्शन है। प्राइस करेक्शन नहीं है। जीडीपी नंबर्स काफी अच्छे हैं। Q1 भी ठीक रहा। देर सबेर मार्केट इस रेंज से बाहर निकलेगा। फिलहाल अभी की रेंज 24500 की रेंज की ओर शिफ्ट होती हुई दिखेगी। सितंबर सीरीज के दूसरे भाग में हमें बाजार में तेजी आ सकती है। लेकिन अभी के लिए सलाह यह होगी जब तक बाजार रेंज से बाहर नहीं निकलता तब तक खास करके इंडेक्स में वेट एंड वॉच करना चाहिए।

वैसा इस मार्केट में इंडेक्स भले ही रेंज बाउंड है लेकिन स्माल कैप्स और माइक्रो कैप्स एक अलग ही तेजी में चल रहे है। जहां पर एक्शन है जहां पर सबसे ज्यादा लिक्विडिटी जा रही है और वहीं पर फोकस करना चाहिए। इस समय छोटे स्टॉक्स पर फोकस रहना चाहिए, वहां पर हमें ट्रैक्शन अच्छा दिखाई दे रहा है।

 

हैप्पिएस्ट माइंड्स में ITC की सब्सिडियरी ने की शॉपिंग, कंपनी मैनेजमेंट से जाने क्या होगा इसका असर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : बाजार में तेजी-मंदी को जानने के लिए निफ्टी सही पैरामीटर नहीं, छोटे-मझोले शेयरों में बनेगा अच्छा पैसा-मनीष सोंथालिया

Market Insight : पहली तिमाही के अर्निंग सीजन के बाद हमको लग रहा था कि बाजार को लेकर एक अच्छा क्लियर विज़न मिलेगा और हमारे लिए यह जानना आसान होगा कि किसको पिक करना है और किसको अवॉइड करना है। लेकिन एक बार फिर से बाजार पर क्रूड की चिंताएं,यूएस मार्केट से जुड़ी दिक्कतें,जिओपॉलिटिकल टेंशंस और बॉन्ड यील्ड ये सब कुछ हावी हो गए हैं। ऐसे में बाजार की चाल पर बात करते हुए एमके इन्वेस्टमेंट (Emkay Investment) के CIO मनीष सोंथालिया ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। निफ्टी की बात करें तो इस पर दबाव है लेकिन निफ्टी से बाहर निकल कर ब्रॉडर मार्केट पर नजर डालें तो वहां स्थिति इतनी खराब नहीं है। यह हम कह सकते हैं कि वहां पर मंदी का माहौल नहीं है।

अगर आप निफ्टी मिड कैप की देखें तो वहां पर पहली तिमाही में अर्निंग्स ग्रोथ 25-26% रही है। स्माल कैप में देखें तो यहां भी 30-32% की अर्निंग्स ग्रोथ रही है। अगर NFTY 500 को भी देखें तो यहाँ पर 15% की अर्निंग्स ग्रोथ रही है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि बाजार में तेजी-मंदी का अंदाजा लगाने के लिए निफ्टी 50 सही पैरामीटर नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि जब तक निफ्टी में हैवी वेटेज रखने वाले बैंकिंग सेक्टर नहीं चलेंगे तब तक आपको निफ्टी में बहुत हल्की बढ़त ही देखने को मिलेगी। रही बात क्रूड की तो इसके लिए 90 डॉलर का लेवल लक्ष्मण रेखा है। अगर क्रूड इस लेवल से ऊपर गया तो भारत के लिए परेशानी पैदा होगी। वहीं, अगर यह 90 डॉलर के नीचे रहा तो इंडिया के लिए न्यूट्रल रहेगा। इसको पॉजिटिव भी कह सकते हैं, क्योंकि हम तो 120 डॉलर का स्तर भी देख चुके हैं। दूसरी बड़ी बात यह है कि हमारा एफसीएआरबी अब 70 बिलियन हो गया। इसका कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट पर पॉजिटिव असर होगा। हमारे यील्ड भी गिर गए हैं। लेकिन आरबीआई सिस्टम में कितनी लिक्विडिटी रहने देता है या सीआरआर बढ़ा देता है या ओपन मार्केट ऑपरेशंस करता है, यह सब देखने वाली बात होगी।

आज की डेट में भारत के नजरिए से देखें ज्यादा कुछ नेगेटिव है नहीं। इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में भारत के वेटेज में भी थोड़ा बहुत इजाफा हो रहा है। ऐसे में मोटा-मोटी भारत में मंदी का माहौल तो नहीं दिख रहा है। हां निफ्टी 50 आपको जरूर रेड टिक दिखा रहा है। लेकिन आउटसाइड निफ्टी अच्छा खासा एक्शन है।

मिड और स्मॉल कैप पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि चार-पांच सेक्टरों में बहुत मजबूत कन्विक्शन है। यहां आप अपने वैल्यू्यूएशन कंफर्ट के हिसाब से फैसले ले सकते हैं। एडवांस टेक्नोलॉजी शेयरों में दम दिख रहा है। इनमें डेटा सेंटर,एआई एडवांस टेक्नोलॉजी,डिफेंस,एरोस्पेस,सेमीकंडक्टर और एनर्जी ट्रांजक्शन की पूरी वैल्यू चेन और हेल्थ केयर से जुड़े शेयर शामिल है। इनमें अगले तीन से पांच साल तक अच्छी-खासी तेजी रहेगी। प्लेटफार्म कंपनीज में भी अच्छी खासी तेजी देखने को मिल सकती है। इनके नतीजे भी काफी बेहतरीन रहे हैं।

आईटी सेक्टर पर बात करते हुए मनीष सोंथालिया ने कहा की आगे एआई और डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करेंगी। बड़ी आईटी कंपनियों के एआई ट्रांजिशन में लंबा समय लग सकता है। लेकिन छोटी आईटी कंपनिंया तेजी से एआई ट्रांजिशन कर सकती है। इस समय इनका वैल्यूएशन भी अच्छा है। उन्होंने आगे कहा कि पोर्टफोलियो में हमेशा 10 फीसदी एलोकेशन प्रेशियस मेटल्स का होना चाहिए। लंबे नजरिए से देखें तो गोल्ड में 9-10 फीसदी सालाना रिटर्न मिल सकता है।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 26 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

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Top Stock Picks : निफ्टी कंपनियों के साथ ग्रोथ की दिक्कत, दीपन मेहता से जाने अब कहां नजर आ रहे कमाई के मौके

Top Stock Picks :मार्केट में इस समय इंडेक्स में पैसा बनना बंद हो गया है। स्टॉक स्पेसिफिक अच्छे मौके बन रहे हैं। लेकिन इंडेक्स तकलीफ में हैं। ऐसे में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए एलिक्सिर इक्विटीज (Elixir Equities) के डायरेक्टर दीपन मेहता ने कहा कि अगर आपको स्टॉक प्राइस में रिटर्न्स चाहिए तो तीन चीजें खोजनी चाहिए और वो तीनों की चीजें हैं सिर्फ ग्रोथ। अब निफ्टी स्टक्स में ग्रोथ नहीं है। आप सॉफ्टवेयर सर्विज देख लीजिए, बैंक्स देख लीजिए या फिर आप सीमेंट कंपनीज देख लीजिए, कहीं पर भी ग्रोथ नहीं है। जहां ग्रोथ नहीं हैं वहां पर पैसा नहीं आएगा। इस समय लोकल इन्वेस्टर्स और एफआईआई का जितना भी पैसा है वह सिर्फ स्मॉल और मिड कैप स्टॉक, आईपीओ और प्राइवेट इक्विटी में जा रहा है। प्रॉब्लम निफ्टी के साथ है और यह स्ट्रक्चरल प्रॉब्लम है, निफ्टी में ग्रोथ नहीं है।

ऐसे में जब तक छोटी-छोटी कंपनियां बड़ी होकर निफ्टी में नहीं आएगी तब तक हमें बाजार में हिस्टोरिकल रिटर्न की तुलना में साइडवेज मूवमेंट या लो रिटर्न्स ही देखने को मिलेंगे। इन बातों को ध्यान में रखते हुए अगर आपको अगले कई सालों तक अपना पोर्टफोलियो बनाना है तो आपको मिड और स्मॉल कैप की अच्छी कंपनियों पर ही फोकस करना होगा। वहीं पर आपको अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं। निफ्टी की कंपनियां काफी बड़ी और मैच्योर हो चुकी हैं, अब इनमें बहुत बड़ी ग्रोथ की उम्मीद नहीं है। हमें अब ग्रोथ के लिए क्वालिटी छोटी-मझोली कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि जहां ग्रोथ होगी वहीं पैसा बनेगा और इस समय डिफेंस, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, रेलवे स्टक्स, प्लेटफार्म कंपनियों, प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और एआई रिलेटेड कंपनियों में ग्रोथ नजर आ रही है। हमें इन पर फोकस करिए। इस समय बाजार में बहुत सारी माइक्रो इन्वेस्टमेंट थीम्स हैं। एक ही इन्वेस्टमेंट थीम या एक इंडस्ट्री या एक ही ग्रुप में पैसा लगानें से बचें। आपके लिए बहुत सारी माइक्रो इन्वेस्टमेंट थीम में इन्वेस्ट करना जरूरी है। इससे थोड़ी कॉम्प्लेक्सिटी तो आ जाती है लेकिन पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन भी हो जाता है।

न्यू एज कंपनियों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि इन पर बहुत गहराई से रिसर्च करने की जरूरत है। इनको ट्रैक करना चाहिए क्योंकि ग्रोथ यहीं पर आ रही है। इनमें से कुछ कंपनियां घाटे में हैं। लेकिन जब ये मुनाफे में आएंगी तो उसके अगले 2-3 साल में इनके मुनाफे में सॉलिड ग्रोथ देखने को मिलेगा,क्योंकि उनकी ऑपरेटिंग लेवेज बहुत ही बढ़िया है। दीपन मेहता ने बताया कि पेटीएम और इटरनल में उनका निवेश है। इसके अलावा उनको इस सेगमेंट में फिजिक्स वाला,लेंस स्टार्ट और मीशो भी अच्छे लग रहे हैं। उनकी इन शेयरों को ट्रैक करने और इनमें बॉस्केट बना कर निवेश करने की सलाह है। उनका कहना है कि अगर इनमें दो-तीन मल्टीबैगर बन गए और बाकी 2-3 अगर अच्छा रिटर्न नहीं देते हैं तो भी बास्केट के रिटर्न काफी बढ़िया आ सकते हैं। इन कंपनियों में आपको कापी लॉन्ग टर्म नजरिए से निवेश करना चाहिए अगले कुछ दशक में इनमें से कुछ कंपनियां कमाल कर सकती हैं।

डिफेंस शेयरों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और भारत इलेक्टॉनिक्स तो उनकी कोर होल्डिंग में शामिल हैं, इसके अलावा ड्रोन बनाने वाली कंपनी आइडिया फोर्ज भी उनके पोर्टफोलियो में है। इस सेक्टर की एक और कंपनी पारस डिफेंस पर भी उनकी करीबी से नजर बनी हुई है। इस कंपनी की खास बात ये है कि जितने भी ड्रोन बनते हैं वहां पर इस कंपनी के कैमरे लगते हैं। इस समय यही तीन-चार कंपनियां अच्छी दिख रही हैं। लेकिन कुल मिला कर देखें तो इस समय डिफेंस स्पेस थोड़ महंगा दिख रहा है। हमें इस स्पेस में सही समय के लिए थोड़ा रुकना चाहिए।

शुगर शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सेक्टर बहुत साइक्लिकल है। लेकिन अब लग रहा है कि अगले दो तीन क्वार्टर इसके लिए बहुत ही बढ़िया रहेंगे क्योंकि क्लाइमेटिक फैक्टर्स के कारण ब्राजील में आउटपुट कम हो गया है और यहां पर भी ज्यादातर डिप्लॉयमेंट एथेनॉल की ओर जा रही। ऐसे में अगले कुछ क्वार्टर्स इन कंपनियों के लिए बहुत ही अच्छे रहेंगे और अच्छे रिटर्न मिल सकते है। इन कंपनियों में इस समय एक बहुत ही शानदार ट्रेडिंग ओपोरर्चुनिटी दिख रही है।

दीपन मेहता को फार्मा,हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक में भी निवेश के मौके नजर आ रहे है। उनका मानना है कि अपोलो हॉस्पिटल में एक बहुत ही बढ़िया स्प्लिट होने वाला है जिसकी वजह से वैल्यू अनलॉक हो सकती है। इसके नतीजे भी काफी अच्छे आए हैं। यह स्टॉक लॉन्ग टर्म ग्रोथ के नजरिए से काफी बढ़िया दिख रहा है। कैंसर के इलाज के जानी जाने वाली हेल्थ केयर ग्लोबल भी अच्छी कंपनी है। इस पर नजर रहनी चाहिए। डॉक्टर अग्रवाल जिसका मर्जर हो रहा है, थोड़ा महंगा है अभी लेकिन इसके भी पोटेंशियल बहुत ही बढ़िया लगते हैं।

 

Market Insight : शुगर शेयरों में अभी भी गिरावट पर खरीदारी के मौके, दिवाली के आसपास करें मुनाफावसूली

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : शुगर शेयरों में अभी भी गिरावट पर खरीदारी के मौके, दिवाली के आसपास करें मुनाफावसूली

Market Insight : आज बाजार में कुछ बड़ा ट्रेंड नहीं दिख रहा। IT और बैंक निफ्टी दोनों अहम स्तरों पर हैं। बैंक निफ्टी 200 DMA के ऊपर टिक नहीं रहा है। IT में बड़े गैपअप हुए लेकिन क्लोजिंग दिन के निचले स्तरों के करीब रही है। कोफोर्ज और परसिस्टेंट जैसे मजबूत IT शेयरों में गिरावट नहीं आई। BSE Vs MCX अभी भी एक पावरफुल थीम बनी हुई है। इसके अलावा आज देखना होगा कि मेटल्स क्या करते हैं। ये कहना है सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का।

उन्होंने आगे कहा कि कल जो तेजी के ट्रिगर्स थे,वही आज पलट गए हैं। आज टेस्ट होगा कि कल बॉटम बना या सिर्फ रिलीफ रैली थी। सोने और चांदी में बड़ी वाली रैली आती दिख रही है। गोल्ड फाइनेंस शेयरों में अभी भी अच्छा मोमेंटम है। OFS का डर ना होता तो हिंद जिंक टॉप ट्रेड होता। कच्चा तेल अभी भी हमारे लिए सिरदर्द बना हुआ है। आज शुक्रवार है,तो वीकेंड फैक्टर भी है। ऐसे में अपनी सभी इंडेक्स ट्रेड्स को आज निपटा कर ही जाएं।

शुगर: क्या मुनाफावसूली करें?

CNBC-आवाज़ पर लगातार शुगर पर पॉजिटिव नजरिया रहा है। पिछले 2 हफ्तों में शुगर शेयरों में जबरदस्त तेजी हुई। सरकार ने 10 लाख MT ड्यूटी फ्री इंपोर्ट को मंजूरी दी है। दिक्कत ये है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चीनी तेज है और 10 लाख MT सिर्फ 12 दिनों की खपत के बराबर है। 65 रुपये वाली चीनी हो सकता है 62 रुपये तक आ जाए। लेकिन इसके बावजूद जुलाई-सितंबर रिकॉर्ड तिमाही होगी। शुगर में अभी भी गिरावट पर खरीदारी का मौका होगा और दिवाली के करीब मुनाफावसूली का मौका होगा।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,250-24,300 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,350-24,400 पर है। 24,300-24,350 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें SL 24,400 पर रखें। इसके लिए पहला सपोर्ट 24,150-24,200 पर और बड़ा सपोर्ट 24,000-24,050 पर है। अगर निफ्टी 24,150-24,200 को बचाए तो खरीदारी करें। SL 24,100 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी अभी भी 57,600 के ऊपर जाने को तैयार नहीं है। बड़े ब्रेकआउट के लिए 57,600 के ऊपर टिकना जरूरी है। 57,600 के ऊपर टिका तो 57,800-58,000 आ सकता है। लेकिन 57,600-57,650 पर रिजेक्शन मिले तो 57,700 के SL से शॉर्ट करें। सबसे अहम सपोर्ट जोन 57,000-57,200 है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 57,200-57,400 है। SL 57,050 पर रखें।

 

Trading Ideas : आज का दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

CAS में गड़बड़ी पर SEBI का तगड़ा एक्शन, जेपी मॉर्गन की इकाई मानसी शेयर पर लगी रोक, जानिए कैसे हुआ ये पूरा खेल

मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने दो एंटिटीज़ को सिक्योरिटीज़ मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया। इसके साथ ही इनके द्वारा गलत तरीके से कमाए गए 3.68 करोड़ रुपये जब्त करने के भी आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई एक अंतरिम जांच के बाद की गई है जिसमें 13 अगस्त, 2026 को इंडेक्स की एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान सेंसेक्स में हेरफेर के शुरुआती सबूत मिले थे।

सेबी ने 19 अगस्त को JP मॉर्गन की कंपनी कॉप्थॉल मॉरीशस इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (Copthall Mauritius Investment Limited) से 2.96 करोड़ रुपये और मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड (Mansi Share and Stock Broking Private Limited) से 71.65 लाख रुपये ज़ब्त करने का आदेश दिया है।

SEBI के सर्विलांस सिस्टम ने 13 अगस्त को दोपहर 3:20 से 3:30 बजे के बीच CAS विंडो में सेंसेक्स की इंडिकेटिव इक्विलिब्रियम प्राइस (IEP) में तीन बड़े उतार-चढ़ाव देखे। इनमें 362.02 प्वाइंट, 132.67 प्वाइंट और 405.08 प्वाइंट के उतार-चढ़ाव शामिल थे,जो 2 सेकंड से लेकर 28 सेकंड के अंदर हुए थे। इस दिन आखिर में सेंसेक्स 78,080 पर बंद हुआ,जो निफ्टी में हुई वैसी ही हलचल के आधार पर SEBI के हिसाब से तय लेवल से लगभग 240 प्वाइंट ज़्यादा था। इससे सेबी को गड़बड़ी की आशंका हुई।

कॉप्थॉल ने कैसे किया खेल?

सेबी की जांच से पता चला कि कॉप्थॉल ने आक्रामक खरीदारी से सेंसेक्स को ऊपर चढ़ाया। सेंसेक्स के सभी शेयरों में एग्रेसिव तरीके से 126 करोड़ रुपए के BUY ऑर्डर लगाए। ये ऑर्डर रेफरेंस प्राइस से करीब 3% ऊपर लगाए गए थे। CAS के दौरान कुल Buy ऑर्डर वैल्यू में इनकी 99.91% हिस्सेदारी थी। बाद में खरीदारी के सभी ऑर्डर कैंसिल कर दिए गए। इस तरह कॉप्थॉल ने ऑप्शंस के जरिये की 2.96 करोड़ रुपए कमाए।

कॉप्थॉल की ऑप्शंस पोजिशन

कॉप्थॉल की ऑप्शंस पोजिशन पर नजर डाले तो इसने जांच वाले दिन के 1 दिन पहले 26560 सेंसेक्स 77500 के कॉल खरीदे और 26560 सेंसेक्स 77500 पुट बेचे। वहीं, उसी दिन इंट्राडे में इसने 84200 सेंसेक्स 78000 के कॉल खरीदे और 84200 सेंसेक्स 78000 पुट बेचे। इसी तरह इसने इसने जांच वाले दिन के 1 दिन पहले 12640 सेंसेक्स 78500 के कॉल खरीदे और 12640 सेंसेक्स 78500 के पुट बेचे।

SEBI ने कहा कि कीमत में बदलाव होने के बाद कॉप्थॉल ने इन ऑर्डर्स का एक बड़ा हिस्सा रद्द कर दिया। उनकी डेरिवेटिव्स पोजीशन में सेंसेक्स ऑप्शंस में लॉन्ग कॉल और शॉर्ट पुट पोजीशन शामिल थीं,जिन्हें इंडेक्स के ऊंचे स्तर पर बंद होने से फायदा होता।

मानसी शेयर ने कैसे किया खेल?

इसने सेंसेक्स के 8 शेयरों में ऑर्डर लगाए। कुल 12.65 लाख शेयरों के Sell ऑर्डर लगाए गए। 7.05 लाख शेयर 2.5% नीचे के भाव पर लगाए गए। ये ऑर्डर रेफरेंस प्राइस से 2.5% नीचे थे। इसके बाद मानसी ने पूरे Sell ऑर्डर कैंसिल कर दिए। इस तरह मानसी ने पुट ऑप्शंस खरीदकर 71.64 लाख रुपए कमाए।

मानसी शेयर की ऑप्शंस पोजिशन

मानसी ने इंट्राडे में 5000 सेंसेक्स 77800 के कॉल खरीदे। इसके साथ ही इसने इंट्राडे में ही 42020 सेंसेक्स 77800 के पुट खरीदे। दूसरी किस्त में इसने इंट्राडे में 83320 सेंसेक्स 77900 पुट खरीदे। फिर इसने तीसरी किस्त में इंट्राडे में ही 44000 सेंसेक्स 78000 पुट खरीदे।

सेबी ने अपनी जांच में पाया कि मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग ने रेफरेंस प्राइस से काफी कम कीमत पर बड़े सेल ऑर्डर दिए थे। SEBI के अनुसार,इन ऑर्डरों ने लगभग पांच मिनट तक इंडेक्स पर दबाव बनाए रखा और फिर लगभग सभी ऑर्डर कैंसिल कर दिए गए। मानसी की डेरिवेटिव्स पोजीशन में पुट ऑप्शन शामिल थे,जिनसे सेंसेक्स के निचले स्तर पर बंद होने से फायदा होता।

SEBI ने कहा है कि Copthall ने इस गलत तरीके से ₹2.96 करोड़ और Mansi ने ₹71.64 लाख की कमाई की। हालांकि,आदेश में यह नहीं कहा गया है कि इन दोनों एंटिटीज ने मिलीभगत के साथ काम किया। SEBI का शुरुआती आकलन यह है कि इन एंटिटीज ने स्वतंत्र रूप से इंडेक्स को अपनी-अपनी डेरिवेटिव्स पोजीशन का फ़ायदा उठाने के लिए प्रभावित किया।

SEBI ने आगे की जांच होने तक दोनों संस्थाओं को सिक्योरिटीज़ मार्केट में ट्रेड करने और CAS में सीधे या परोक्ष रूप से भाग लेने से रोक दिया है। मानसी के मामले में ये पाबंदियां उसके प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग अकाउंट पर लागू होंगी।

सेबी ने इनके बैंक और डीमैट अकाउंट से पैसे निकालने पर भी रोक लगा दी है,SEBI की मंज़ूरी के बिना एसेट्स को बेचने या ट्रांसफर करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है और उन्हें 15 दिनों के अंदर अपने एसेट्स,बैंक अकाउंट,डीमैट अकाउंट,सिक्योरिटीज़ और इन्वेस्टमेंट की पूरी लिस्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। SEBI ने कहा कि इस मामले की विस्तृत जांच जारी रहेगी।

 

 

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HDFC Bank Share Price : स्टॉक ने हिट किया 52 हफ्तों का नया लो, जानिए कब तक कायम रहेगा यह दबाव

HDFC Bank Share Price : एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज भी गिरावट देखने को मिल रही है। आज के कारोबारी सत्र में इसने 52 वीक का नया लो बनाया है। फिलहाल 12.45 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 6.15 रुपए यानी 0.84 फीसदी की कमजोरी के साथ 722 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का लो 722 रुपए है। आज यह शेयर 729 रुपए पर खुला था। वहीं, कल की इसकी क्लोजिंग भी 729 रुपए ही थी। टेक्निकल नजरिए से देंखें तो इस स्टॉक में नेगेटिव प्राइस ब्रेकआउट देखने को मिला है। यह अभी अपने दूसरे सपोर्ट लेवल (S2) से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसका दूसरा सपोर्ट लेवल ₹733.10 पर है।

एक्सचेंज पर उपलब्ध आंकड़ो से पता चलता है कि HDFC बैंक के शेयर अपने पिछले निचले स्तर ₹726.75 से भी नीचे गिर गए हैं, जो इसने 2 अप्रैल, 2026 को छुआ था। यह स्टॉक मई 2024 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसने 23 अक्टूबर, 2025 को ₹1,020.35 का 52-हफ़्ते का हाई छुआ था।

कैलेंडर वर्ष 2026 में अब तक, BSE सेंसेक्स में 8.2 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, इसी अवधि में HDFC बैंक में 27 फीसदी की गिरावट आई है। ऐसे में इसका प्रदर्शन बाजार के मुकाबले कमजोर रहा है।

FPIs ने लगातार पांचवीं तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाई

एचडीएफसी बैंक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने लगातार पांचवीं तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी कम की है। ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि जून 2026 तिमाही के आखिर में HDFC बैंक में FPI की हिस्सेदारी घटकर 41.83 फीसदी हो गई, जो मार्च 2026 तिमाही के आखिर में 44.05 फीसदी थी। दिसंबर 2025 तिमाही में इस प्राइवेट सेक्टर के बैंक में FPI की हिस्सेदारी 47.67 फीसदी थी और सितंबर 2025 तिमाही के आखिर में यह 48.39 फीसदी थी।

घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बढ़ाई हिस्सेदारी

हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने जून तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 41.9 फीसदी कर दी। ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर 2025 तिमाही के अंत में उनकी हिस्सेदारी 36.3 फीसदी थी। इंडिविजुअल पब्लिक शेयरहोल्डरों ने भी HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इनकी हिस्सेदारी पिछली तिमाही के 15.6 फीसदी और दिसंबर 2025 तिमाही के अंत के 15.1 फीसदी से बढ़कर 16.3 फीसदी हो गई है।

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स्टॉक में क्यों आ रही गिरावट?

बैंक के मार्जिन पर शॉर्ट-टर्म दबाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली की वजह से इस शेयर पर दबाव बना है। इस साल अब तक यह स्टॉक में 27 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। बाजार जानकारों का कहना है कि बैंक के NIM (नेट इंटरेस्ट मार्जिन) में रिकवरी और फंड की लागत कम होने पर ही इसमें फिर से तेजी आ सकती है। DII की हिस्सेदारी में लगातार बढ़ोतरी से FPI की बिकवाली को कुछ हद तक संतुलित करने में सहायता मिली है। लेकिन स्टॉक में हो रही गिरावट को रोकने के लिए सिर्फ इतना ही काफी नहीं है। अगर बैंक के मार्जिन पर दबाव बना रहता है और फंड की लागत कम नहीं होती तो आगे भी स्टॉक पर दबाव बना रहेगा।

शेयर की चाल पर एक नजर

इस स्टॉक में लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म दोनों ही नजरिए से बाजार को निराश किया है। पिछले 1 हफ्ते में इसमें 1.57 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, 1 महीने में यह शेयर 12.30 फीसदी टूटा है। 3 महीने में इसमें 3.6 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है। वहीं, इस साल अब तक इसमें 27 फीसदी की गिरावट आई है। 1 साल में यह शेयर 26.53 फीसदी टूटा है। वहीं, 3 साल में इसमें 10.62 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है।

Market Insight : वीकेंड में कोई ट्रेड लेकर ना जाएं, जो भी है उससे आज ही निपटा कर जाएं

Market Insight : गैप डाउन के बाद बाजार में हल्की रिकवरी आई है। निफ्टी करीब 60 प्वाइंट की गिरावट के साथ 24600 के करीब दिख रहा है। बैंक निफ्टी भी करीब 200 प्वाइंट नीचे है। मिड और स्मॉलकैप फ्लैट कारोबार कर रहे हैं। उधर INDIA VIX 2 फीसदी ऊपर दिख रहा है। IT शेयरों में आज तूफानी तेजी है। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। TCS और टेक महिंद्रा करीब 1.5 फीसदी की तेजी के साथ निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। साथ ही परसिस्टेंट LTM और एम्फैसिस में भी अच्छी खरीदारी आई है।

IT के बाद ऑटो स्पेस में भी जोश दिख रहा है। निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 1 फीसदी मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। साथ ही रियल्टी और FMCG में भी रौनक है। लेकिन फाइनेंशियल शेयरों पर प्रेशर है। बजाज फाइनेंस और फिनसर्व निफ्टी के टॉप लूजरों में शामिल हैं।

सट्टा नहीं करना है

ऐसे में बाजार पर अपनी आज की रणनीति बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि उनकी लाइन सिंपल है– सट्टा मत करिए। ऑप्शंस में 3:15 के बाद की ट्रेडिंग सट्टा है। हीरो-जीरो ट्रेड के चक्कर में पैसा मत बर्बाद करें। सभी ऑप्शंस पोजिशंस 3:15 तक निपटा लें। अगर आप F&O ट्रेडर हैं तो ये मानें कि बाजार 3:15 पर बंद हो रहा है।

बाजार: अब कहां हो नजर?

अनुज सिंघल ने आगे कहा कि ग्लोबल बाजारों के लिए एक बड़ा वीकेंड है। सोमवार सुबह बाजार को बहुत कुछ रिएक्ट करना होगा। आज शाम को US का पेरोल डाटा आएगा। FT की रिपोर्ट के मुताबिक बाजार के विरोध के बावजूद चेयरमैन केविन वार्श फेड के संदेश पर टिके रहेंगे। फेड/वार्श सितंबर में दरें बढ़ाने के लिए तैयार हैं। ऐसे में डॉलर इंडेक्स और US बॉन्ड यील्ड पर नजर रखें। इसमें आप US-ईरान युद्ध का फैक्टर भी जोड़ दीजिए। इसीलिए वीकेंड में कोई ट्रेड लेकर ना जाएं, जो भी है उससे आज ही निपटा कर जाएं।

कच्चे तेल और डॉलर का वापस ऊपर आना IT के लिए एल्गो पॉजिटिव है। कल रिलायंस में बड़ा ब्रेकआउट आया, आज उसका टेस्ट होगा। रिलायंस करीब 52-हफ्ते का निचला स्तर छूने के बाद भागा है। HDFC बैंक बाजार की सबसे कमजोर कड़ी है। HDFC बैंक में आज शायद 52-हफ्ते का नया निचला स्तर लगे। लगातार हमारा नजरिया रहा है HDFC बैंक से दूर रहें।

इनके अलावा आज हीरो मोटो और ब्रिटानिया के नतीजों पर रिएक्शन दिखेगा। आज SBI के नतीजे बैंक निफ्टी के लिए मेक और ब्रेक होंगे। पिछली तिमाही में SBI ने काफी निराश किया था।

बाजार: क्या हो रणनीति?

दिक्कत ये है कि बाजार में फॉलो थ्रू नहीं है। लेकिन निफ्टी अपनी रेंज से बाहर आ चुका है। कल बैंक निफ्टी ने ब्रेकआउट के संकेत दिए थे। लेकिन आज फिर कमजोरी के संकेत हैं। बैंकों से ज्यादा NBFCs में मजबूती रही है। कल भी श्रीराम फाइनेंस और PNB हाउसिंग अच्छे भागे थे। आज मेटल्स की चाल देखने वाली होगी। मेटल के भाव ऊपर आए लेकिन डॉलर भी ऊपर आया है।

हीरो मोटो ने बहुत ही शानदार नतीजे पेश किए हैं। 2-व्हीलर पैक इस समय सबसे ज्यादा मजबूती में है। शेयर चल चुके हैं,फिर भी बने रहें और गिरावट में जोड़ें जरूर। इसके अलावा आज ट्रेंट और ब्रिटानिया पर भी नजर होगी। ब्रिटानिया के नतीजे थोड़े फीके रहे लेकिन कमेंट्री और वॉल्यूम अच्छे हैं। ल्यूपिन के नतीजे काफी अच्छे हैं,आज फार्मा फिर फोकस में होगा।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,500-24,550 पर और बड़ा सपोर्ट 24,350-24,400 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 24,650-24,700 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,750-24,800 पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,450-24,550 पर है। इसके लिए SL 24,400 पर रखे। 24,650-24,700 रिजेक्ट होने पर बेचें, SL 24,750 पर सेट करें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए 57,400-57,500 मेक ऑर ब्रेक जोन है। अगर इसके नीचे फिसले तभी रैली फेल होगी। लेकिन बड़ी तेजी के लिए 58,200 के ऊपर बंद होना जरूरी है।

 

 

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Market Insight : RBI मॉनिटरी पॉलिसी के पहले ऑटो,बैंक,NBFC और रियल एस्टेट शेयरों पर करें फोकस, IT में करें मुनाफावसूली

Market Insight : बाजार की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि वीकेंड पर उम्मीद के मुताबिक ट्रंप फिर पीछे हटे। TACO ट्रेड अब सबसे आसान ट्रेड बन चुका है। जिस वीकेंड TACO नहीं होगा,उस सोमवार दिक्कत होगी। बता दें कि TACO ट्रेड का अर्थ है कि टैरिफ की घोषणा के बाद शेयरों की कीमत गिरने पर उन्हें सस्ते में खरीदना और फिर टैरिफ में देरी या कमी होने और बाजार के फिर से पटरी पर आने के बाद उन्हें मुनाफे पर बेचना।

अनुज सिंघल ने आगे कहा कि गुरुवार दोपहर को हमने IT में मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। शुक्रवार दोपहर को न्यूट्रल रहने की सलाह थी। अब यहां से सबसे बड़ा फैक्टर होगा बैंक निफ्टी। आज बैंक निफ्टी में अच्छा गैपअप हुआ है। उसके बाद देखना होगा HDFC बैंक कैसे रिएक्ट करेगा। शुक्रवार को HDFC बैंक दिन के निचले स्तर पर बंद हुआ था। बैंक निफ्टी की बस दिक्कत यही है,क्योंकि यह सबसे बड़ा शेयर है। निफ्टी IT 200 DMA के करीब जाकर ठंडा पड़ा है और अब कच्चे तेल का नीचे आना और रुपये का मजबूत होना एल्गो निगेटिव है। ऐसे में शायद यहां से IT बेचें, बैंक फिर खरीदें ट्रेड वापस शुरू होगा।

बाजार: अच्छे संकेतों की भरमार

आज बाजार के पास चलने के लिए लगभग सब कुछ है। सबसे बड़ा पॉजिटिव है कच्चे तेल का नीचे आना। कच्चा तेल हमने $89 पर छोड़ा था,आज हम $84 के भी नीचे हैं। सऊदी अरब,रूस और पांच दूसरे सदस्य सितंबर उत्पादन बढ़ाएंगे। 1.88 लाख बैरल रोजाना उत्पादन बढ़ाया जाएगा। उत्पादन बढ़ाने का फैसला 2023 में हुई कटौती को खत्म करेगा।

GST का डाटा काफी मजबूत है। GST कलेक्शन 14 महीने की ऊंचाई पर है। जुलाई में GST कलेक्शन 15.4% बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपए रहा है। 14 महीनों का सबसे तेज GST ग्रोथ दर्ज किया गया है। FY27 में दूसरी बार GST कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपए के पार रहा है। ऑटो बिक्री भी उम्मीद के मुताबिक शानदार रही है। FIIs ने काफी समय बाद लगातार खरीदारी की है।

एक बार फिर TACO से थके लोग?

ईरान पर नए हमले फिलहाल टाले गए हैं। तेहरान और वेस्ट एशिया के देशों ने जानकारी दी है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दोबारा खोलने पर समझौते की कोशिश चल रही है। तेजी से समझौता होने की उम्मीद में ट्रंप ने हमला रद्द किया है।

ऑटो कंपनियों के लिए शानदार रहा जुलाई

ऑटो कंपनियों के लिए जुलाई का महीना शानदार रहा है। सभी सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है। इस साल का जुलाई इतिहास में सबसे बेहतरीन रहा है। मारुति सुजुकी ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है। एंट्री-लेवल सेगमेंट में लगातार दूसरे महीने 90% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Hyundai ने 100 महीनों में सबसे ज्यादा मंथली एक्सपोर्ट दर्ज किया है। टाटा मोटर्स (PV) की बिक्री 59% बढ़ी है। M&M ने पैसेंजर व्हीकल,ट्रैक्टर और 3-व्हीलर सभी सेगमेंट में दमदार प्रदर्शन किया है। रॉयल एनफील्ड की घरेलू बिक्री मजबूत रही है।

2 व्हीलर पॉकेट अभी भी सबसे मजबूत है। हीरो मोटो,बजाज ऑटो,TVS मोटर और आयशर मोटर्स सभी में ब्रेकआउट है। पैसेंजर व्हीकल स्पेस में सबसे मजबूत Hyundai है। मारुति यहां से भी शायद Hyundai से कमजोर प्रदर्शन करेगी। मारुति की बिक्री अच्छी है लेकिन नतीजों में मार्जिन पर दबाव है और मार्जिन पर दबाव आगे भी धीरे-धीरे ही कम होगा।

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3 फैक्टर्स जो मूड बिगाड़ सकते हैं

मारुति और मुथूट के नतीजे थोड़े फीके हैं। US बॉन्ड यील्ड इस बार 4.7% की रेखा पार कर गई है। निफ्टी का PCR अब 1.39 पर काफी ओवरबॉट है।

बाजार: अब क्या हो रणनीति?

शुक्रवार को निफ्टी के ब्रेकआउट का कन्फर्मेशन मिला है। सिर्फ वीकेंड था,इसीलिए हमने मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। अब 24,350 निफ्टी के लिए सपोर्ट का काम करेगा। अब लॉन्ग पोजिशन लें तो 24,350 का स्टॉप होगा। सब ठीक रहा तो अब निफ्टी 24,750-24,800 यानी 200 DMA टेस्ट करेगा। सबसे दिलचस्प डाटा है 3 बड़े इंडेक्स और 200 DMA। निफ्टी और 200 DMA। निफ्टी बैंक और 200 DMA। निफ्टी IT और 200 DMA। यहां से वापस अब घरेलू अर्थव्यवस्था पर फोकस करें। इस हफ्ते RBI की मॉनिटरी पॉलिसी भी आनी है। उसके पहले ऑटो, बैंक, NBFCs, रियल एस्टेट चल सकते हैं। IT में अब मुनाफावसूली करें,सिर्फ मजबूत शेयरों में रहें। वीकेंड में परसिस्टेंट ने फिर बढ़िया तिमाही दिखाई। लेकिन शेयर पहले ही काफी चल चुका है,अब नीचे मिले तभी लें। परसिस्टेंट पर हमने 4300 में कॉन्ट्रा का नजरिया लिया था और सिर्फ CNBC-आवाज़ ने शॉर्ट करने से मना किया था। अब यहां से IT में वापस सिर्फ चुनिंदा शेयरों पर फोकस करेंगे।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,550-24,650 (ऑप्शंस जोन) पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,750-24,800 (200 DMA) पर है। सबसे अहम सपोर्ट 24,350-24,400 (न्यूट्रल जोन)पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,350-24,500 है। इसके लिए SL 24,300 पर होना चाहिए। 24,550-24,600 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। इसके लिए SL 24,650 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57,450-57,500 (200 DMA)पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 57,200-57,300 पर और बड़ा सपोर्ट 56,800-57,000 पर है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।