Asian Games में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय गोल्फर बनी प्रणवी उर्स

pranavi Urrs

Asian Games 2026 में भारत की प्रणवी उर्स ने गोल्फ में शनिवार को संयम के साथ खेलते हुए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता जबकि महिला टीम ने रजत पदक हासिल किया। प्रणवी ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर है। पुरुष वर्ग में वीर अहलावत और सप्तक तलवार संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे।

महिलाओं का व्यक्तिगत खिताब जीतने के लिए उन्होंने अपनी तीन-शॉट की बढ़त गंवाने के बाद भी संयम बनाए रखा। 23 वर्षीय भारतीय गोल्फर ने चार राउंड की प्रतियोगिता 15-अंडर 265 के स्कोर के साथ पूरी की। वह सिंगापुर की शैनन ज़ुआन यिन टैन और चीन की यिन रुओनिंग से एक स्ट्रोक आगे रहीं, जो 14-अंडर 266 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं।छह बार की एलपीजीए विजेता और 2023 महिला पीजीए चैंपियनशिप की चैंपियन यिन रुओनिंग ने शूट-ऑफ में शैनन ज़ुआन यिन टैन को हराकर रजत पदक जीता।

प्रणवी ने कासुगाई कंट्री क्लब ईस्ट कोर्स में फाइनल राउंड की शुरुआत तीन शॉट की बढ़त के साथ की थी, लेकिन ‘पार-फोर’ तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के कारण वह बढ़त खत्म हो गई। उन्होंने छठे होल पर बर्डी के साथ वापसी की और आखिरी दौर में अपना संयम बनाए रखा। उन्होंने ‘ईवन-पार’ 70 का स्कोर किया और एक ऐतिहासिक जीत हासिल की।

शैनन ज़ुआन यिन टैन ने फाइनल राउंड में ‘टू-अंडर’ 68 का स्कोर किया, जबकि यिन रुओनिंग ने ‘थ्री-अंडर’ 67 के स्कोर के साथ जोरदार चुनौती पेश की। तीनों दावेदारों ने 18वें होल पर ‘पार’ स्कोर किया।

इस जीत के साथ ही एशियाई खेलों में गोल्फ में स्वर्ण पदक के लिए भारत का 24 साल का इंतजार खत्म हो गया। इससे पहले देश ने बुसान 2002 में शिव कपूर के जरिए पुरुषों का व्यक्तिगत खिताब जीता था।इससे पहले, हांगझोउ 2023 में अदिति अशोक का रजत पदक ही इन खेलों में महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में भारत का एकमात्र गोल्फ़ मेडल था। प्रणवी हांगझोउ में चौथे स्थान पर रही थीं।

यह एशियाई खेलों में गोल्फ में भारत का चौथा स्वर्ण पदक है। पहला खिताब नई दिल्ली 1982 में लक्ष्मण सिंह ने जीता था, जिन्होंने ऋषि नारायण, अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ मिलकर पुरुषों की टीम का खिताब भी जीता था। इसके बाद प्रणवी ने ओलंपियन अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ मिलकर महिलाओं की टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता – यह इस स्पर्धा में भारत का पहला एशियाई खेलों का मेडल था।

भारत ने चार राउंड 14-अंडर 546 के स्कोर के साथ पूरे किए, जो चैंपियन चीन से आठ स्ट्रोक पीछे था; चीन का कुल स्कोर 22-अंडर 538 था। चीनी ताइपे ने 10-अंडर 550 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। टीम स्टैंडिंग के लिए हर राउंड के दो सबसे अच्छे स्कोर को गिना गया। भारत ने 137, 136, 136 और 137 के चार राउंड के बाद 14-अंडर 546 का स्कोर किया। चीन ने 22-अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीनी ताइपे ने 10-अंडर 550 के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

अदिति अशोक ने शनिवार को प्रतियोगिता का अपना सबसे अच्छा राउंड खेला; उन्होंने तीन-अंडर 67 का स्कोर किया और व्यक्तिगत स्टैंडिंग में दो-अंडर 282 के स्कोर के साथ 14वें स्थान पर रहीं। दीक्षा डागर ने एशियाई खेल 2026 गोल्फ़ टूर्नामेंट में चार राउंड के बाद पांच-अंडर 285 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 18वां स्थान हासिल किया।

वीर अहलावत और सप्तक तलवार संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे
पुरुषों की व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले प्रतियोगिता में वीर अहलावत और सप्तक तलवार 9-अंडर 271 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे। युवराज संधू 1-ओवर 281 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 24वें स्थान पर रहे, जबकि टीम इवेंट में भारत 18-अंडर 542 के स्कोर के साथ छठे स्थान पर रहा।

कपिल देव ने प्रणवी उर्स की ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत पर दी बधाई 

डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के अध्यक्ष कपिल देव ने प्रणवी उर्स को एशियाई खेलों में गोल्फ में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत पर बधाई दी है। कपिल ने अपने बधाई संदेश में कहा, “एशियन गेम्स में महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में प्रणवी उर्स का ऐतिहासिक गोल्ड मेडल और हमारी महिला टीम का सिल्वर मेडल जीतना भारत और भारतीय गोल्फ़ के लिए बहुत गर्व की बात है। ये मेडल हमारे खिलाड़ियों के टैलेंट, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के साथ-साथ हमारे देश में महिलाओं के गोल्फ़ की बढ़ती ताकत को दिखाते हैं। प्रणवी ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने के लिए ज़बरदस्त हिम्मत और अटूट विश्वास दिखाया, जबकि अदिति, दीक्षा और प्रणवी ने एक टीम के तौर पर अच्छा तालमेल बिठाकर भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई और पूरे भारतीय गोल्फ़ समुदाय की ओर से, मैं उन सभी को बधाई देता हूँ। उन्होंने भारत का मान बढ़ाया है और दिखाया है कि जब आप खुद पर विश्वास करते हैं, अनुशासित रहते हैं और सबसे बड़े मंच पर निडर होकर मुकाबला करते हैं, तो क्या कुछ हासिल किया जा सकता है।”

डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप जोहल ने कहा, “प्रणवी उर्स ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है और उनका ऐतिहासिक गोल्ड मेडल भारतीय गोल्फ़ के लिए गर्व का क्षण है। पूरे कॉम्पिटिशन के दौरान उनका संयम, निरंतरता और आत्मविश्वास वाकई प्रभावशाली रहा है। साथ ही, महिला टीम का सिल्वर मेडल भारत में महिलाओं के गोल्फ़ की गहराई और बढ़ती ताकत का सबूत है। हमें खुशी है कि प्रणवी, अदिति और दीक्षा ने इतने प्रतिष्ठित मंच पर प्रदर्शन किया और भारतीय गोल्फ़ को मजबूती से सुर्खियों में ला खड़ा किया। उनकी उपलब्धियाँ भारतीय गोल्फ़रों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करेंगी। हम डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई की ओर से प्रणवी और भारतीय महिला टीम को इस यादगार सफलता पर दिल से बधाई देते हैं।”

LPG Supply Plan: गैस संकट से बचने की तैयारी, सरकार ने हर रिफाइनरी के लिए तय की LPG प्रोडक्शन लिमिट

LPG Supply Plan: भारत सरकार ने पहली बार हर रिफाइनरी और कंपनी के लिए LPG प्रोडक्शन की अधिकतम सीमा तय कर दी है। इसका मकसद है कि अगर भविष्य में गैस सप्लाई पर संकट आए, तो देश में रसोई गैस की कमी न हो।

यह फैसला पश्चिम एशिया में हुए संघर्ष के बाद लिया गया है। उस दौरान आयात प्रभावित हुआ था और सरकार को आपातकालीन कदम उठाने पड़े थे।

13 अगस्त को पेट्रोलियम मंत्रालय ने 21 रिफाइनरियों और अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए कुल 63,810 टन प्रतिदिन LPG उत्पादन क्षमता तय की। यह देश की मौजूदा रोजाना खपत का करीब 70% है। तुलना करें तो FY26 में भारत का घरेलू उत्पादन सिर्फ 35,900 टन प्रतिदिन था।

रिलायंस को मिली सबसे बड़ी क्षमता

सरकार ने गुजरात के जामनगर स्थित Reliance Industries की घरेलू बाजार वाली रिफाइनरी के लिए सबसे ज्यादा 18,000 टन प्रतिदिन की क्षमता तय की है।

सरकारी तेल कंपनियों की 18 रिफाइनरियों को मिलाकर 31,470 टन प्रतिदिन की क्षमता मिली है। वहीं Nayara Energy की वाडिनार रिफाइनरी को 4,480 टन प्रतिदिन और ONGC व GAIL जैसी कंपनियों को मिलाकर 6,460 टन प्रतिदिन की क्षमता दी गई है।

सरकार को यह कदम क्यों उठाना पड़ा?

FY26 में भारत ने 3.32 करोड़ टन LPG की खपत की। इसमें घरेलू उत्पादन सिर्फ 1.31 करोड़ टन रहा। बाकी 2.13 करोड़ टन गैस बाहर से मंगानी पड़ी। यानी देश की 60% से ज्यादा जरूरत आयात पर टिकी रही।

ईरान संघर्ष के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई प्रभावित हुई थी। तब सरकार ने रिफाइनरियों से कहा था कि पेट्रोकेमिकल की बजाय ज्यादा LPG बनाएं। इससे उत्पादन बढ़कर करीब 55,000 टन प्रतिदिन तक पहुंच गया था।

अब हर संकट के लिए पहले से प्लान तैयार

नई व्यवस्था में सरकार जरूरत पड़ने पर रिफाइनरियों और तेल कंपनियों को तय समय के लिए उत्पादन बढ़ाने का आदेश दे सकेगी। कंपनियों को स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और सप्लाई की तैयारी भी पहले से रखनी होगी।

सरकार चाहती है कि रिफाइनरियां नई तकनीक अपनाकर और ज्यादा LPG निकालने के तरीके भी खोजें। इसके लिए नैफ्था को LPG में बदलने और रिफाइनरी यूनिट अपग्रेड करने जैसे विकल्पों पर काम करने को कहा गया है।

हर छह महीने में होगी समीक्षा

यह व्यवस्था एक बार बनाकर छोड़ नहीं दी जाएगी। सरकार हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को इस सूची की समीक्षा करेगी। नई रिफाइनरियां, गैस प्रोजेक्ट और बढ़ी हुई क्षमता इसमें जोड़ी जाएगी। इससे भविष्य में विदेशों से सप्लाई रुकने पर भी घरेलू गैस व्यवस्था संभालना आसान होगा।

Stocks to Watch: सोमवार 17 अगस्त को 20 शेयरों पर रहेगी नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।