Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी पर NSE की लिस्टिंग; Meesho, Ola Electric और Exide समेत 24 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 163.00 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 23,282.50 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स समेत बीएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 23 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 299.17 प्वाइंट्स यानी 0.40% की बढ़त के साथ 74,828.25 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 117.80 प्वाइंट्स यानी 0.50% की तेजी के साथ 23,446.80 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Sedemac Mechatronics

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स A91 एमर्जिंग फंड, एक्सपोनेंशिया अपॉर्च्यूनिटीज फंड, और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस सेडमैक मेकेट्रॉनिक्स के 44.3 लाख शेयर (10% हिस्सेदारी) बेचने वाले हैं। ₹1329 करोड़ की इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹3000 फिक्स किया गया है।

Ola Electric Mobility

राइट्स इश्यू के लिए ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बोर्ड से मंजूरी की तलाश में है।

Pyramid Technoplast

पिरामिड टेक्नोप्लास्ट को गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (GPCB) से संशोधित CCA (कंसोलिडेटेड कंसेंट एंड ऑथराइजेशन) मिला है। इससे यह दूसरी कंपनियों से निकलने वाले खतरनाक केमिकल/वेस्ट से दूषित खाली बैरल, कंटेनर और लाइनर जैसे इंडस्ट्रियल पैकेजिंग वेस्ट को लेकर इसे रीसाइकिल कर सकेगी।

Rainbow Children’s Medicare

रेनबो चिल्ड्रन्स मेडिकेयर के बोर्ड ने सुदर्शन पटोदिया को कंपनी का सीएफओ नियुक्त किया है और उन्हें 23 सितंबर से ग्रुप सीएफओ का पद सौंपा है।

Bharat Dynamics

भारत डायनामिक्स ने रक्षा मंत्रालय के साथ भारतीय वायु सेना को सैटेलाइट स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन्स (SAT-SAAW) और उससे जुड़े इक्विपमेंट्स की सप्लाई करने के लिए ₹810.79 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट किया है।

Exide Industries

एक्साइड इंडस्ट्रीज की एक अहम सब्सिडियरी एक्साइड एनर्जी सॉल्यूशंस ने बेंगलुरु के देवनहल्ली में स्थित अपनी 6 GWh की लीथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के पहले चरण का काम पूरा कर लिया है।

Avantel

एवांटेल को जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग के बिजनेस से सैटेलाइट कम्युनिकेशन इक्विपमेंट की सप्लाई के लिए ₹177.35 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Max Estates

मैक्स एस्टेट्स गाजियाबाद के इंदिरापुरम में लगभग 9.76 एकड़ ज़मीन के लिए एक जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट करेगी। इस प्रोजेक्ट में लगभग 15 लाख स्केयर फीट का सुपर बिल्ट-अप डेवलपमेंट और ₹2,500-₹3,000 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) की उम्मीद है।

Concord Biotech

कॉनकॉर्ड बायोटेक के बोर्ड ने हर एक शेयर पर एक बोनस इक्विटी शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है।

Zuari Industries, Texmaco Infrastructure

ज़ुआरी इंडस्ट्रीज ने टेक्समैको इंफ्रास्ट्रक्चर एंड होल्डिंग्स के 1.28 करोड़ इक्विटी शेयर ₹147.96 करोड़ में खरीदे हैं।

Meesho

वेंचर कैपिटल फर्म RPS वेंचर्स की कंपनी RPS WOS II LLC ने प्रति शेयर ₹233 के औसत भाव पर ₹899.7 करोड़ में मीशो के 3.86 करोड़ शेयर (0.83% हिस्सेदारी) बेच दी। जून 2026 तक इससे पास मीशो में 1.18% हिस्सेदारी थी। ये शेयर घिसालो मास्टर फंड, गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर सरकार, BNP पारिबास आर्बिट्रेज, सिटीग्रुप ग्लोबल, गोल्डमैन सैक्स, व्हाइटओक कैपिटल, मॉर्गन स्टेनले, मिरे एसेट MF, बजाज लाइफ इंश्योरेंस, फिडेलिटी एडवाइजर, सोसिएट जेनरेल और एडलवाइस MF समेत 14 निवेशकों ने खरीदे हैं।

Welspun Living

प्रमोटर वेल्सपन ग्रुप मास्टर ट्रस्ट ने ₹525.88 करोड़ में वेल्सपन लिविंग के 2.44 करोड़ इक्विटी शेयर (2.59% हिस्सेदारी) बेच दी है। ये सभी शेयर फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट फिडेलिटी इंटरनेशनल स्मॉल कैप फंड और क्वांट म्यूचुअल फंड ने खरीदे हैं। फिडेलिटी ने ₹477.97 करोड़ में 2.22 करोड़ शेयर (2.35% हिस्सेदारी) तो प्रति शेयर औसतन ₹214.9 के भाव पर क्वांट म्यूचुअल फंड ने ₹47.9 करोड़ में 22.29 लाख शेयर (0.23% हिस्सेदारी) खरीदी है

Allied Blenders and Distillers

प्रमोटर बीना किशोर छाबड़िया ने प्रति शेयर ₹650.17 के भाव पर ₹357.59 करोड़ में एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स के 55 लाख शेयर (1.97% हिस्सेदारी) बेच दिए। वहीं अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने ₹97.72 करोड़ में 15.03 लाख शेयर और SBI म्यूचुअल फंड ने प्रति शेयर ₹650 की औसत भाव पर ₹221.04 करोड़ में 34 लाख शेयर खरीदे।

Escorts

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने एस्कॉर्ट्स के 16.21 लाख शेयर ₹453 करोड़ में बेचे है तो निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 12.94 लाख शेयर ₹361.7 करोड़ में खरीदे है। यह खरीद-बिक्री प्रति शेयर औसतन ₹2,794 के भाव पर हुआ।

MKVentures Capital

सुशील बहेती, पद्मा बहेती और अंकित बहेती एंड संस HUF ने मधुसूदन केला की कंपनी एमके वेंचर्स कैपिटल के 1.48 लाख शेयर (3.86% हिस्सेदारी) ₹14.85 करोड़ में खरीदे हैं तो थिंक इंडिया अपॉर्चुनिटीज मास्टर फंड ने अपने सभी 1.63 लाख शेयर (4.26% हिस्सेदारी) ₹16.35 करोड़ में बेच दी। ये सौदे प्रति शेयर ₹1,000 के औसत भाव पर हुए।

Molbio Diagnostics

कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड ने मोलबायो डायग्नोस्टिक्स के 27.5 लाख शेयर (2.38% हिस्सेदारी) ₹361.62 करोड़ में खरीदे, तो मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की बिजनेस एक्सीलेंस ट्रस्ट III ने 29.96 लाख शेयर (2.6% हिस्सेदारी) ₹394.07 करोड़ में बेचे। इस सौदे में प्रति शेयर ₹1,315 के भाव पर शेयरों का लेन-देन हुआ।

Optiemus Infracom

बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने ऑप्टिमस इन्फ्राकॉम के 17.69 लाख शेयर ₹144.3 करोड़ प्रति शेयर ₹815.68 के भाव पर खरीदे हैं।

Mazda

क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल ने मजदा के 1.33 लाख शेयर (0.66% हिस्सेदारी) ₹3.38 करोड़ में प्रति शेयर ₹254.1 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक मजदा में क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल की हिस्सेदारी 7.23% थी। इसमें से इसने पिछले चार सेशन में 3.18% हिस्सेदारी बेच दी है।

Marine Electrical

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने मरीन इलेक्ट्रिकल के 11.55 लाख शेयर ₹45.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹394.79 के औसत भाव पर खरीदे। वहीं KDU एंटरप्राइजेज ने 42 लाख शेयर ₹162.32 करोड़ में औसतन ₹386.48 के भाव पर बेचे हैं।

NSE, Sonaselection India

आज एनएसई और सोनासेलेक्शन इंडिया के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

SpectraA Technology Solutions, Kheria Autocomp

स्पेक्ट्रा टेक सॉल्यूशंस और खेरिया ऑटोकॉम्प के शेयरों की आज एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, पर्पल स्टाइल लैब्स, पलक टेक्नोलॉजीज

एक्स-डिविडेंड: इंजीनियर्स इंडिया, एडटेक सिस्टम्स, आरफिन इंडिया, श्री वेंकटेश रिफाइनरीज

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Godavari Biorefineries के शेयर बाजार खुलते ही बने रॉकेट, चीन से पेटेंट मिलने का असर

गोदावरी रिफाइनरीज के शेयर 16 सितंबर को बाजार खुलते ही रॉकेट बन गए। एक समय शेयर का प्राइस 13 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया था। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। 11:40 बजे शेयर 7.44 फीसदी के उछाल के साथ 243.50 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में तेजी की वजह चीन के पेटेंट ऑफिस से कंपनी को मिला एक पेटेंट है।

Godavari Biorefineries ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को जानकारी दी है। कंपनी ने कहा है कि उसने ‘यूज ऑफ कंपाउंड्स फॉर ट्रीटिंग वायरल इंफेक्शंस’ नाम से चीन के पेटेंट ऑफिस के पास एक अप्लिकेशन फाइल किया था। उसे अब पेटेंट मिल गया है। इस पेटेंट के तहत उन कंपाउंड्स के इस्तेमाल को कवर मिला है, जो शेल (cells) में V-ATPase एक्टिविटी को रोकते हैं। इन कंपाउंड्स का इस्तेमाल वायरल इंफेक्शंस के इलाज की दवाएं बनाने में होता है।

चाइनीज पेटेंट सर्टिफिकेट के मुताबिक, कंपनी को यह पेंटेंट 15 सितंबर, 2026 को ग्रांट हुआ। कंपनी ने चाइनजी पेटेंट ऑफिस के पास 10 मई, 2021 को अप्लिकेशन फाइल किया था। चायनजी पेंटेंट ऑफिस से पेंटेंट मिलने से पहले कंपनी को जापान पेंटेंट ऑफिस से पेटेंट मिला था। इसका संबंध कैंसर के इलाज से जुड़े आविष्कार से है। कंपनी ने जापान पेंटेंट ऑफिस के पास अक्तूबर 2021 में अप्लिकेशन फाइल किया था।

गोदावरी रिफाइनरीज महाराष्ट्र की कंपनी है, जो बायो-बेस्ड केमिकल्स, इथेनॉल, चीनी और बिजली बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कई इंडस्ट्रीज में होता है, जिनमें फूड एवं बेवरेजेज, फार्मास्युटिकल्स, फ्लेवर्स एंड फ्रैगरेंसेज, फ्यूल, पर्सनल केयर और कॉस्मेटिक्स शामिल हैं।

यह कंपनी शेयर बाजारों में अक्तूबर 2024 में शामिल हुई थी। कंपनी के आईपीओ को इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। कंपनी ने 352 रुपये के प्राइस पर इनवेस्टर्स को शेयर एलॉट किए थे। लेकिन, लिस्टिंग के बाद से यह शेयर 30 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इधर, 16 सितंबर को कई दिनों में शेयर बाजारों में रिकवरी दिखी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में चल रहे थे।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आ सकती है तूफानी तेजी! ईरान पर अमेरिका के इस एक फैसले से भारत में पड़ेगी महंगाई की मार?

US Sanctions on Iran: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए नए और कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए इसे ‘इकोनॉमिक डी-डे’ करार दिया है।

वैसे तो भारत सीधे तौर पर ईरान से कच्चा तेल आयात नहीं करता है, लेकिन ग्लोबल ऑयल मार्केट के जरिए भारत पर इसका बड़ा असर पड़ने की आशंका है। चीन के विकल्प ढूंढने से लेकर भारत के क्रूड बिल, फ्रेट चार्ज और रुपए पर पड़ने वाले असर की पूरी डिटेल जानिए।

सीधे नहीं, ‘चीन फैक्टर’ से बढ़ेगी भारत की सिरदर्दी

एनर्जी इंटेलिजेंस फर्म Kpler के अनुसार, भारत ईरान से सीधे क्रूड नहीं खरीदता, इसलिए भारत पर प्रत्यक्ष प्रभाव नगण्य रहेगा। असली खतरा चीन के रुख से है। चीन हर महीने ईरान से औसतन 5 से 8 लाख बैरल प्रति दिन तेल खरीदता है। अगर अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव में चीन को ईरान के अलावा दूसरे देशों का रुख करना पड़ा, तो वह उन मार्केट बैरल्स पर कब्जा करने की कोशिश करेगा जिन पर भारत निर्भर है।

चीन के अचानक ग्लोबल मार्केट में आने से कच्चे तेल की मांग और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे बेंचमार्क क्रूड प्राइस उछलेगा और भारत का कुल आयात बिल बढ़ जाएगा।

क्या रूस से मिलेगा सहारा?

भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल (25 से 28 लाख बैरल प्रति दिन) रूस से खरीद रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, रूस पहले से ही अपनी क्षमता के मुताबिक भारत को अधिकतम तेल सप्लाई कर रहा है। मार्केट में सप्लाई तंग होने से रूसी क्रूड पर मिलने वाली छूट कम हो रही है और प्रीमियम बढ़ रहा है, जिसका सीधा नुकसान भारतीय रिफाइनरीज को होगा।

महंगा मालभाड़ा और इंश्योरेंस का झटका

मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव के कारण सिर्फ कच्चे तेल की कीमत ही नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत भी आसमान छू रही है। होर्मुज बंद होने के साथ ही फिलहाल लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घट गई है। मुख्य सप्लाई रूट्स पर फ्रेट दरें 137% से 411% तक बढ़ चुकी हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए सिंगल ट्रिप का ‘वॉर-रिस्क इंश्योरेंस’ 7.5 से 10 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दूर-दराज से तेल मंगाने पर जहाजों का फ्रेट और वर्किंग कैपिटल कॉस्ट बढ़ जाएगी।

महंगाई, रुपए और अर्थव्यवस्था पर कैसे होगा असर?

भारत अपनी जरूरत का 90% कच्चा तेल आयात करता है। अगर ब्रेंट क्रूड के दाम में तेजी बनी रहती है, तो क्रूड का आयात बिल बढ़ने से देश का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ेगा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होगा। जुलाई 2026 में भारत का मर्चेंडाइज डेफिसिट $32 अरब तक पहुंच गया था।

ट्रांसपोर्टेशन और शिपिंग महंगी होने से पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस (LPG) के साथ-साथ एविएशन, मैन्युफैक्चरिंग और रोजमर्रा के सामान महंगे हो सकते हैं।

भारत-ईरान द्विपक्षीय व्यापार पर सीमित प्रभाव

भारत-ईरान प्रत्यक्ष व्यापार पर इसका खास प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि 2018 में अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने मई 2019 से ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया था।

भारत ईरान को बासमती चावल का बड़ा निर्यात करता है (अप्रैल-जून 2026 में $103 मिलियन का निर्यात)। यूएई के जरिए होने वाले पेमेंट और फ्रेट रूट में रुकावट से भारतीय बासमती एक्सपोर्टर्स को लॉजिस्टिक्स में थोड़ी दिक्कत आ सकती है।

ईरान ने हाल के सालों में अपनी घरेलू फार्मा मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा ली है, इसलिए भारतीय दवा निर्यातकों पर इसका बड़ा असर नहीं होगा।

कुल मिलाकर ईरान पर कसा गया अमेरिकी शिकंजा सीधे तौर पर भारत की तेल आपूर्ति को ठप नहीं करेगा, बल्कि यह ‘सेकंड-ऑर्डर इफेक्ट’ के रूप में सामने आएगा। चीन द्वारा वैकल्पिक तेल बाज़ारों पर निर्भरता बढ़ाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल, शिपिंग भाड़ा और इंश्योरेंस महंगा होगा, जिससे आखिरकार भारत का इंपोर्ट बिल और घरेलू महंगाई प्रभावित हो सकती है।

LPG Supply Plan: गैस संकट से बचने की तैयारी, सरकार ने हर रिफाइनरी के लिए तय की LPG प्रोडक्शन लिमिट

LPG Supply Plan: भारत सरकार ने पहली बार हर रिफाइनरी और कंपनी के लिए LPG प्रोडक्शन की अधिकतम सीमा तय कर दी है। इसका मकसद है कि अगर भविष्य में गैस सप्लाई पर संकट आए, तो देश में रसोई गैस की कमी न हो।

यह फैसला पश्चिम एशिया में हुए संघर्ष के बाद लिया गया है। उस दौरान आयात प्रभावित हुआ था और सरकार को आपातकालीन कदम उठाने पड़े थे।

13 अगस्त को पेट्रोलियम मंत्रालय ने 21 रिफाइनरियों और अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए कुल 63,810 टन प्रतिदिन LPG उत्पादन क्षमता तय की। यह देश की मौजूदा रोजाना खपत का करीब 70% है। तुलना करें तो FY26 में भारत का घरेलू उत्पादन सिर्फ 35,900 टन प्रतिदिन था।

रिलायंस को मिली सबसे बड़ी क्षमता

सरकार ने गुजरात के जामनगर स्थित Reliance Industries की घरेलू बाजार वाली रिफाइनरी के लिए सबसे ज्यादा 18,000 टन प्रतिदिन की क्षमता तय की है।

सरकारी तेल कंपनियों की 18 रिफाइनरियों को मिलाकर 31,470 टन प्रतिदिन की क्षमता मिली है। वहीं Nayara Energy की वाडिनार रिफाइनरी को 4,480 टन प्रतिदिन और ONGC व GAIL जैसी कंपनियों को मिलाकर 6,460 टन प्रतिदिन की क्षमता दी गई है।

सरकार को यह कदम क्यों उठाना पड़ा?

FY26 में भारत ने 3.32 करोड़ टन LPG की खपत की। इसमें घरेलू उत्पादन सिर्फ 1.31 करोड़ टन रहा। बाकी 2.13 करोड़ टन गैस बाहर से मंगानी पड़ी। यानी देश की 60% से ज्यादा जरूरत आयात पर टिकी रही।

ईरान संघर्ष के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई प्रभावित हुई थी। तब सरकार ने रिफाइनरियों से कहा था कि पेट्रोकेमिकल की बजाय ज्यादा LPG बनाएं। इससे उत्पादन बढ़कर करीब 55,000 टन प्रतिदिन तक पहुंच गया था।

अब हर संकट के लिए पहले से प्लान तैयार

नई व्यवस्था में सरकार जरूरत पड़ने पर रिफाइनरियों और तेल कंपनियों को तय समय के लिए उत्पादन बढ़ाने का आदेश दे सकेगी। कंपनियों को स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और सप्लाई की तैयारी भी पहले से रखनी होगी।

सरकार चाहती है कि रिफाइनरियां नई तकनीक अपनाकर और ज्यादा LPG निकालने के तरीके भी खोजें। इसके लिए नैफ्था को LPG में बदलने और रिफाइनरी यूनिट अपग्रेड करने जैसे विकल्पों पर काम करने को कहा गया है।

हर छह महीने में होगी समीक्षा

यह व्यवस्था एक बार बनाकर छोड़ नहीं दी जाएगी। सरकार हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को इस सूची की समीक्षा करेगी। नई रिफाइनरियां, गैस प्रोजेक्ट और बढ़ी हुई क्षमता इसमें जोड़ी जाएगी। इससे भविष्य में विदेशों से सप्लाई रुकने पर भी घरेलू गैस व्यवस्था संभालना आसान होगा।

Stocks to Watch: सोमवार 17 अगस्त को 20 शेयरों पर रहेगी नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Devson Catalyst IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, धांसू एंट्री के बाद ₹118 के शेयरों पर आया दबाव

Devson Catalyst IPO Listing: इंडस्ट्रियल कैटेलिस्ट और सिरेमिक बॉल बनाने वाली देवसन कैटेलिस्ट के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 220 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹118 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹196.15 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 66.23% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹186.35 (Devson Catalyst Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 57.92% मुनाफे में हैं। चूंकि हर लॉट 1200 शेयरों का था तो आईपीओ निवेशक लोअर सर्किट के बावजूद हर लॉट पर ₹82,020 के मुनाफे में हैं।

Devson Catalyst IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

देवसन कैटेलिस्ट का ₹42 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-13 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 220.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 168.56 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 261.22 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 244.08 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.06 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹17.40 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹12 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Devson Catalyst के बारे में

देवसन कैटेलिस्ट ऑयल और गैस रिफाइनरीज, पेट्रोकेमिकल्स, स्टील, फर्टिलाइजर्स और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोसेसिंग सेक्टर्स के लिए कैटेलिस्ट्स, एडजॉर्बेंट्स और सिरेमिक बॉल बनाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी गुजरात में है जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता करीब 6205 टन है। इसका कारोबार पूरी तरह से बी2बी मॉडल पर है। इसके प्रोडक्ट्स में कैटेलिस्ट, एडजॉर्बेंट और सेरेमिकल बॉल्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹4.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹7.67 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹12.52 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन करीब 14% की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹56.84 करोड़ पर पहुंच गई। कंपनी अब कर्जमुक्त हो चुकी है और साथ ही मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर के रिजर्व और सरप्लस में ₹23.25 करोड़ पड़े थे।

Laser Power IPO Listing: ₹214 के शेयर 26% प्रीमियम पर लिस्ट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।