अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। महंगाई, ईरान के साथ जंग और ट्रम्प की घटती लोकप्रियता के बीच रिपब्लिकन पार्टी के लिए कांग्रेस में अपना बहुमत बचाना चुनौती बन गया है। 10 प्रमुख जनमत सर्वेक्षणों में से सिर्फ 1 में रिपब्लिकन पार्टी आगे है। मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति नहीं चुना जाता। इसमें अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट की सीटों के लिए वोटिंग होती है। फिलहाल दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी को मामूली बहुमत है। अगर डेमोक्रेट्स जरूरी सीटें जीत लेते हैं, तो वे एक या दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर सकते हैं। इससे ट्रम्प के लिए अपने एजेंडे को लागू करना मुश्किल हो सकता है। 1. ट्रम्प की लोकप्रियता में गिरावट, 30% तक रेटिंग पहुंची अमेरिका में ट्रम्प के कामकाज से खुश लोगों की संख्या घट रही है। अलग-अलग सर्वे में सिर्फ 30 से 36% लोग ही उनके काम से खुश हैं। NBC न्यूज के सर्वे में 34% लोगों ने ट्रम्प के कामकाज को सही बताया। वॉशिंगटन पोस्ट-ABC न्यूज के सर्वे में 33% और फॉक्स न्यूज के सर्वे में 36% लोगों ने उनका समर्थन किया। प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे में ट्रम्प को सबसे कम, यानी 30% लोगों का समर्थन मिला। ये ट्रम्प के पहले कार्यकाल से भी कम हैं। पहले कार्यकाल में ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग सबसे कम जनवरी 2021 में संसद में दंगाईयों के घुसने वाली घटना के बाद हुई थी। तब उनकी रेटिंग 34% पहुंच गई थी। 2. अमेरिकी जनता महंगाई से परेशान 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प ने वादा किया था कि वे महंगाई कम करेंगे और लोगों का खर्च घटाएंगे। लेकिन अब बढ़ती कीमतें उनकी पार्टी के लिए परेशानी बन रही हैं। अमेरिका में अंडे, दूध, ब्रेड, मांस और सब्जियां जैसी बुनियादी चीजों के दाम 20% से 30% तक महंगे हो चुके हैं। घर का किराया औसतन 1.60 लाख रुपए पहुंच गया है जो अब तक सबसे ऊंचा स्तर है। तेल-गैस की कीमतों में करीब 20% का इजाफा हुआ है। हालांकि लोगों की तनख्वाह में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन महंगाई की वजह से उन्हें इसका फायदा नहीं मिला। रॉयटर्स-इप्सोस के सर्वे में 78% लोगों ने कहा कि चीजों के दाम उनकी कमाई से ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं। AP की रिपोर्ट के मुताबिक, 65% अमेरिकी मानते हैं कि महंगाई के लिए ट्रम्प की नीतियां जिम्मेदार हैं। राष्ट्रीय सर्वेक्षणों के मुताबिक लगभग 37% से अधिक अमेरिकी महंगाई और बढ़ती कीमतों को देश की सबसे बड़ी और गंभीर समस्या मानते हैं। ऐसे में महंगाई कम करना राष्ट्रपति ट्रम्प के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। 3. ईरान जंग से बढ़ी मुश्किल, विदेश नीति से भी नाराज लोग ईरान के साथ जंग ट्रम्प के लिए एक और परेशानी बन गई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। इससे अमेरिकी लोगों का रोजमर्रा का खर्च बढ़ सकता है। NBC न्यूज के सर्वे में सिर्फ 29% लोगों ने ईरान जंग को संभालने के ट्रम्प के तरीके को सही माना। वहीं, फॉक्स न्यूज के सर्वे में 64% लोगों ने उनकी विदेश नीति को गलत बताया। हालांकि, ट्रम्प की अपनी पार्टी रिपब्लिकन के समर्थकों में उन्हें अब भी समर्थन मिल रहा है। AP के सर्वे में 69% रिपब्लिकन मतदाताओं ने उनकी विदेश नीति को सही माना। ईरान जंग का चुनाव पर कितना असर पड़ेगा, यह अभी साफ नहीं है। लेकिन अगर जंग के कारण पेट्रोल-डीजल महंगा होता है और लोग ट्रम्प की नीतियों से नाराज रहते हैं, तो इसका नुकसान उनकी रिपब्लिकन पार्टी को हो सकता है। 4. अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार ट्रम्प से दूरी बनाने लगे ट्रम्प की लोकप्रियता घटने का असर उनकी अपनी पार्टी पर भी दिख रहा है। रॉयटर्स की अक्टूबर में आई रिपोर्ट के मुताबिक, मुकाबले वाली 62 सीटों में से 41 सीटों पर रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रम्प की कुछ नीतियों से असहमति जता रहे हैं या उनसे दूरी बनाकर चल रहे हैं। ये उम्मीदवार ट्रम्प की सभी नीतियों का विरोध नहीं कर रहे। वे कुछ मुद्दों पर उनसे अलग राय रखकर उन लोगों का समर्थन हासिल करना चाहते हैं, जो किसी पार्टी के पक्के समर्थक नहीं हैं। इन उम्मीदवारों के सामने मुश्किल यह है कि ट्रम्प के करीब रहने पर उनकी गिरती लोकप्रियता का नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, उनसे ज्यादा दूरी बनाने पर ट्रम्प के वफादार समर्थक नाराज हो सकते हैं। संसद में बहुमत खोने पर ट्रम्प को क्या नुकसान होगा अगर डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस के एक या दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लेती है, तो ट्रम्प के लिए अपने फैसलों को लागू करना मुश्किल हो सकता है। कांग्रेस में बजट, सरकारी खर्च और नए कानूनों से जुड़े अहम फैसले लिए जाते हैं। ऐसे में डेमोक्रेट्स के पास बहुमत होने पर वे ट्रम्प के प्रस्तावों को रोक सकते हैं और उनके प्रशासन के कामकाज की जांच भी बढ़ा सकते हैं। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के पास कुछ फायदे भी हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, पार्टी के पास चुनाव प्रचार पर खर्च करने के लिए मजबूत संसाधन हैं। इसके अलावा, डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ उम्मीदवारों को लेकर मध्यमार्गी मतदाताओं की चिंता भी रिपब्लिकन के पक्ष में जा सकती है। ——————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने इजराइलियों से कहा- नेतन्याहू को दोबारा प्रधानमंत्री बनाएं:किसी और को चुना तो ईरान के खिलाफ अमेरिका को अकेले लड़ना पड़ेगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल के लोगों से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दोबारा प्रधानमंत्री चुनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बीबी नेतन्याहू आपको कभी निराश नहीं करेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।
ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
ये रहे 19 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।
मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।
कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।
चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।
गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।
नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।
भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।
हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।
जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।
लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।
पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।
तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
- कच्चे तेल की कीमतें:
पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
- डॉलर के मुकाबले रुपया:
भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
- सरकारी टैक्स और शुल्क:
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
- रिफाइनिंग की लागत:
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
- मांग और आपूर्ति का संतुलन:
बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।
कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?
अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:
Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।
Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।
ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
ये रहे 18 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।
मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।
कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।
चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।
गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।
नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।
भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।
हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।
जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।
लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।
पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।
तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
- कच्चे तेल की कीमतें:
पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
- डॉलर के मुकाबले रुपया:
भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
- सरकारी टैक्स और शुल्क:
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
- रिफाइनिंग की लागत:
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
- मांग और आपूर्ति का संतुलन:
बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।
कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?
अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:
Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।
LPG Price 17 October 2026: रसोई का बजट बनाते समय गैस सिलेंडर की कीमत को नजरअंदाज करना आसान नहीं है। महीने में एक बार सिलेंडर भरवाने वाले परिवारों से लेकर रोजाना बड़ी मात्रा में गैस इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों तक, एलपीजी के दाम सभी के खर्च को प्रभावित करते हैं। ऐसे में सिलेंडर बुक कराने से पहले ताजा कीमतों की जानकारी होना जरूरी है। घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के रेट अलग-अलग होते हैं और शहर के हिसाब से भी इनमें अंतर देखने को मिलता है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है, जबकि 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर के लिए 2,810 रुपये देने पड़ रहे हैं। अक्टूबर की शुरुआत में घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रहे, लेकिन कमर्शियल गैस की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका असर होटल, रेस्तरां और अन्य खाद्य कारोबारों के खर्च पर पड़ सकता है। आइए, जानते हैं प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के ताजा बताए गए रेट।
घरेलू गैस सिलेंडर के ताजा रेट
घरेलू एलपीजी सिलेंडर हर घर की जरूरत है। इसकी कीमत में बदलाव का असर सीधे परिवारों के मासिक खर्च पर पड़ता है। अलग-अलग शहरों में स्थानीय करों और अन्य कारणों से कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है।
आपके शहर में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर कितने का है?
अगर आप घरेलू या कमर्शियल गैस सिलेंडर बुक कराने जा रहे हैं, तो नीचे दी गई सूची में अपने शहर का रेट देख सकते हैं। इसमें 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें एक साथ दी गई हैं।
| शहर | घरेलू सिलेंडर (14.2 KG) | कमर्शियल सिलेंडर (19 KG) |
| दिल्ली | ₹942 | ₹2,810 |
| मुंबई | ₹941.50 | ₹2,764.50 |
| कोलकाता | ₹968 | ₹2,954 |
| चेन्नई | ₹957.50 | ₹2,983 |
| नोएडा | ₹939.50 | ₹2,810 |
| गुरुग्राम | ₹950.50 | ₹2,828 |
| लखनऊ | ₹979.50 | ₹2,932.50 |
| जयपुर | ₹945.50 | ₹2,839 |
| पटना | ₹1,031.50 | ₹3,100.50 |
| हैदराबाद | ₹994 | ₹3,065 |
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में कितनी बढ़ोतरी हुई?
घरेलू सिलेंडर के मुकाबले कमर्शियल एलपीजी का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां, ढाबों और मिठाई की दुकानों में किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में शहर के अनुसार करीब 62.50 रुपये से 70 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई थी।
कमर्शियल गैस महंगी होने से होटल और रेस्तरां संचालकों का खर्च बढ़ सकता है। इसका असर आगे चलकर खाने-पीने की कुछ चीजों की कीमतों पर भी पड़ने की आशंका रहती है।
गैस सिलेंडर बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।
- ताजा रेट जांचें: बुकिंग से पहले अपनी गैस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर शहर के अनुसार लागू कीमत देखें।
- डिलीवरी का बिल लें: सिलेंडर मिलने पर बिल जरूर लें और उसमें दर्ज कीमत की जांच करें।
- सब्सिडी का स्टेटस देखें: यदि आप सब्सिडी के पात्र हैं, तो अपने बैंक खाते में इसकी स्थिति जांच लें।
- शिकायत के लिए आधिकारिक माध्यम अपनाएं: कीमत, डिलीवरी या सिलेंडर से जुड़ी समस्या होने पर गैस कंपनी की ग्राहक सेवा से संपर्क करें।
गौरतलब है कि एलपीजी सिलेंडर के दाम शहर और लागू शुल्क के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए बुकिंग करने से पहले अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक माध्यम से ताजा कीमत की पुष्टि जरूर कर लें।
Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज क्या हुआ बदलाव? चेक करें ताजा रेट
Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।
ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
ये रहे 17 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।
मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।
कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।
चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।
गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।
नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।
भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।
हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।
जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।
लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।
पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।
तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
- कच्चे तेल की कीमतें:
पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
- डॉलर के मुकाबले रुपया:
भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
- सरकारी टैक्स और शुल्क:
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
- रिफाइनिंग की लागत:
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
- मांग और आपूर्ति का संतुलन:
बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।
कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?
अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:
Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।
Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।
ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
ये रहे 15 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।
मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।
कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।
चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।
गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।
नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।
भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।
हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।
जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।
लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।
पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।
तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
- कच्चे तेल की कीमतें:
पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
- डॉलर के मुकाबले रुपया:
भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
- सरकारी टैक्स और शुल्क:
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
- रिफाइनिंग की लागत:
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
- मांग और आपूर्ति का संतुलन:
बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।
कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?
अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:
Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।
Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।
ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
ये रहे 11 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।
मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।
कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।
चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।
गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।
नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।
भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।
हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।
जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।
लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।
पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।
तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
- कच्चे तेल की कीमतें:
पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
- डॉलर के मुकाबले रुपया:
भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
- सरकारी टैक्स और शुल्क:
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
- रिफाइनिंग की लागत:
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
- मांग और आपूर्ति का संतुलन:
बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।
कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?
अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:
Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।
Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।
ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।
आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव
ये रहे 10 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।
मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।
कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।
चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।
गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।
नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।
भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।
हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।
जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।
लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।
पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।
तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।
किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?
- कच्चे तेल की कीमतें:
पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
- डॉलर के मुकाबले रुपया:
भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।
- सरकारी टैक्स और शुल्क:
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।
- रिफाइनिंग की लागत:
कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।
- मांग और आपूर्ति का संतुलन:
बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।
कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?
अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:
Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।
BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।
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अमेरिका ने रूस से डीजल खरीदने के लिए समझौता किया है। ट्रम्प ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर कहा, होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नियंत्रण और रूस से डीजल की सप्लाई बढ़ने से अमेरिका समेत दुनिया भर में डीजल की कीमतें तेजी से घटेंगी। उनके मुताबिक, समझौते के तहत रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल भेजा जाएगा। खास बात यह है कि सितंबर में ही ट्रम्प ने रूस पर प्रतिबंधों वाले कानून पर साइन किया था। इसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर ट्रम्प 100% तक टैरिफ लगा सकते हैं। इसमें भारत और चीन जैसे देश शामिल है। ट्रम्प ने रूस पर प्रतिबंधों को अगले साल तक रोका ट्रम्प ने पुतिन के साथ फोन पर बातचीत के बाद वैश्विक बाजार में रूसी डीजल की बिक्री और आयात पर लगे प्रतिबंधों को 7 अप्रैल 2027 तक अस्थायी रूप से हटा दिया है। यह डील रूस पर अमेरिकी दबाव की नीति में बड़ा बदलाव है। रूस पर यूक्रेन युद्ध के कारण अमेरिका कई साल से प्रतिबंध लगाता रहा है। उन्होंने कहा कि कम कीमतें, खासकर अमेरिकी किसानों, पशुपालकों और ट्रक चालकों के लिए, उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं। ट्रम्प ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस से चुनावी रैली के लिए रवाना होते समय भी समझौते पर खुशी जताई। जेलेंस्की बोले- डील से रूस को युद्ध लंबा खींचने में मदद मिलेगी यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस समझौते को कमजोर फैसला बताया। जेलेंस्की ने कहा कि रूस इस समझौते का बदले और आतंक और धोखा ही फैलाएगा। यह डील युद्ध को लंबा खींचने में रूस की मदद करेगा। जेलेंस्की ने कहा कि यह रूस के हित में है। इससे वह ज्यादा लोगों को मार सकेगा और दुनिया को ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा। एक्सपर्ट- डील से कीमतों पर फर्क कम पड़ेगा ईरान युद्ध के कारण दुनियाभर में तेल की कीमतें बढ़ी हैं। हालांकि, शुक्रवार को ट्रम्प के ऐलान के बाद डीजल की कीमतों में गिरावट आई। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के ऊर्जा विशेषज्ञ क्लेटन सीगल ने कहा कि इस समझौते से कीमतों पर ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे रूस और पुतिन को बड़ा फायदा होगा। वहीं, एनर्जी पॉलिसी रिसर्च फाउंडेशन के माइकल लिंच ने इस समझौते की तुलना डूबते जहाज से की। उन्होंने कहा कि अमेरिका रूस से डीजल खरीदेगा, तो रूस के मौजूदा ग्राहकों को इसकी कमी होगी। उन्हें दूसरे देशों से डीजल खरीदना पड़ेगा। ऐसे में कीमतें लगभग मौजूदा स्तर पर ही बनी रह सकती हैं। ईरान जंग खत्म कराने में रूस की मदद का ट्रम्प ने स्वागत किया रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के मुताबिक, ट्रम्प ईरान जंग का समाधान निकालने की कोशिशों में रूस की भूमिका का स्वागत करते हैं। ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ जंग खत्म होते ही तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। उन्होंने शुक्रवार को न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज में एक चुनावी रैली के दौरान यह बात कही। ट्रम्प ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट से आज युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले ज्यादा तेल गुजर रहा है। उन्होंने तेल रिफाइनरियों और खुदरा विक्रेताओं से पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत कम करने को कहा। ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है। अमेरिका का ईरान पर फिर बमबारी का प्लान तैयार अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने ईरान पर लगातार तीन दिन तक बड़े पैमाने पर बमबारी करने की योजना बनाई है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इसके लिए अक्टूबर के आखिर तक पश्चिम एशिया में 20 हजार से ज्यादा नौसैनिक और मरीन सैनिक तैनात किए जाएंगे। साथ ही सैकड़ों लड़ाकू विमान और 3 विमानवाहक पोत भी भेजे जाएंगे। हालांकि, ट्रम्प अभी ईरान पर दोबारा हमला करने के लिए तैयार नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में वे ईरान और हूती विद्रोहियों पर बड़े हमले करने के 5 प्रस्ताव ठुकरा चुके हैं। नई योजना के तहत ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, बिजली बनाने वाले संयंत्रों और सैन्य मुख्यालयों पर हमले किए जाएंगे। ट्रम्प ने साफ किया है कि नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले हमला नहीं किया जाएगा। ——————– यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट पर प्रतिबंध लगाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Crude Oil: क्रूड ऑयल की कीमतों में 9 अक्टूबर को नरमी दिखी। ब्रेंट क्रूड गिरकर 102 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक दिन पहले यह 105 डॉलर के पार चला गया था। पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड का प्राइस ज्यादातर 100 डॉलर के ऊपर बना रहा है। इसके हाई लेवल पर बने रहने का अनुमान है।
दिसंबर तक क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी रह सकती हैं
कई ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतें दिसंबर तक हाई लेवल पर बनी रह सकती हैं। इसकी वजह यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच टेंशन बना हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को हमले का डर सता रहा है। मैक्सिको की खाड़ी में उत्पादन में बाधा आ रही है। इसका असर सप्लाई पर पड़ रहा है।
ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के बाद थोड़ा नरम
8 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड में 5.5 डॉलर का उछाल आया था। इससे प्राइस कुछ समय के लिए 105 डॉलर प्रति बैरल के पार चल गया था। हालांकि, कुछ समय बाद यह 103-104 डॉलर तक आ गया। क्रूड में नरमी की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान है कि अमेरिका ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि 3 नवंबर में मिड टर्म इलेक्शंस से पहले अमेरिका ईरान पर हमले नहीं करेगा।
नए प्रतिबंधों से ईरान की ऑयल एक्सपोर्ट क्षमता पर असर
इस बीच, अमेरिका ने कुछ ईरानी नागरिकों, कंपनियों, पेट्रोकेमिकल्स और दूसरे प्रोडक्ट्स पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इसका असर क्रूड एक्सपोर्ट करने की ईरान की क्षमता पर पड़ा है। कुछ बैंकों और ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि दिसंबर तिमाही में ब्रेंट क्रूड का प्राइस 89 से 100 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है। हालांकि, अगले साल यह 80-90 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है।
मैक्सिको की खाड़ी में क्रूड और गैस का उत्पादन प्रभावित
मैक्सिको की खाड़ी में फिलहाल 25 फीसदी क्रूड ऑयल और 16 फीसदी नेचुरल गैस का प्रोडक्शन ठप पड़ा हुआ है। प्रोडक्शन में रुकावट के बीच कमोडिटी ट्रेडर वितोल (Vitol) ने कहा है कि अगर सऊदी अरब या ईरान शिप-टू-शिप ट्रांसफर में बाधा आती है तो क्रूड ऑयल का भाव दोगुना यानी 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। उन्होंने कहा कि फ्रेट कॉस्ट पहले ही 2 डॉलर से बढ़कर 35 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है।
यह भी पढ़ें: Petrol Diesel Price Today: देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों का नया अपडेट, जानें कहां कितना है भाव
क्रूड के हाई लेवल पर बने रहने से बढ़ेगी भारत की मुश्किल
क्रूड प्राइस का हाई लेवल पर बने रहना भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी क्रूड इंपोर्ट करता है। क्रूड की कीमतें बढ़ने पर भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ जाता है। पहले से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को कॉस्ट से कम प्राइस पर पेट्रोल और डीजल बेचने से रोजाना करोड़ों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पहले ही चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा चुकी हैं।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

