इजराइल बोला- अमेरिका तैयार हुआ तो गाजा खाली करा देंगे:विदेश मंत्री ने कहा- हमास हथियार नहीं छोड़ रहा, लोगों को हटाकर ही समस्या सुलझेगी

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि अगर अमेरिका मंजूरी देता है तो हम गाजा से फिलिस्तीनियों को बाहर निकाल देंगे। काट्ज ने कहा कि हमास हथियार छोड़ने को तैयार नहीं है। ऐसे में गाजा की समस्या का समाधान लोगों को वहां से हटाए बिना संभव नहीं है। फिलिस्तीनियों को गाजा से बाहर निकालने की योजना तैयार है। लोगों को समुद्र, हवाई मार्ग या किसी भी दूसरे तरीके से बाहर भेजने की तैयारी है। उन्होंने कहा- अब इजराइल अमेरिका के फैसले का इंतजार कर रहा है कि इन लोगों को कहां भेजा जाएगा। इजिप्ट के विरोध के बाद प्रस्ताव पर पीछे हटे ट्रम्प ट्रम्प को इस प्रस्ताव पर कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। इसमें मिस्र भी शामिल था, जो इजराइल के अलावा गाजा से सीमा साझा करने वाला इकलौता देश है। फिलिस्तीनियों ने भी इस प्रस्ताव की निंदा की। उनके लिए अपनी जमीन से जबरन हटाने की कोई भी कोशिश 1948 में इजराइल के बनने के दौरान हुए बड़े पैमाने पर विस्थापन की याद दिलाती है, जिसे नकबा यानी तबाही कहा जाता है। अक्टूबर में गाजा युद्धविराम का ऐलान करते समय ट्रम्प ने इस इलाके के लिए 20 बिंदुओं की योजना बताई थी। इसमें जबरन विस्थापन नहीं करने की बात शामिल थी। काट्ज बोले- योजना रद्द नहीं हुई काट्ज ने कहा कि योजना रद्द नहीं हुई है। ट्रम्प ने इस विचार को सिर्फ फ्रीज किया है। वे फिलिस्तीनियों को रखने वाले देशों की तलाश कर रहे हैं। मुझे लगता है कि सभी की भलाई के लिए कोई दूसरा समाधान नहीं है। लेकिन इसे लागू करने के लिए हमें अमेरिका की जरूरत है। हमें उसकी मंजूरी कब मिलेगी? जब यह साफ हो जाएगा कि युद्धविराम के तहत हमास अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कर रहा है।” काट्ज का दावा- गाजा के 80% लोग जाना चाहते हैं काट्ज ने अपने दावे का सोर्स बताए बिना कहा कि गाजा के 80% लोग वहां से जाना चाहते हैं। हमास उन्हें रोक रहा है। कब्जे वाले इलाके में आम लोगों को जबरन हटाना जेनेवा कन्वेंशन के तहत युद्ध अपराध माना जाता है। इंटरनेशनल कोर्ट ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और काट्ज के के खिलाफ युद्ध अपराधों को लेकर गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। हमास के हमले और गाजा में मौतों का आंकड़ा हमास के हमले के बाद इजराइली हमलों के कारण गाजा की बड़ी आबादी पहले ही अपने ही इलाके में विस्थापित हो चुकी है। इजराइली आंकड़ों के अनुसार, हमले में 1,221 लोग मारे गए थे। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसके बाद इजराइल के हमलों में 73,470 लोगों की मौत हुई है। उसके मुताबिक युद्धविराम के बाद भी 1,330 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।

‘ईरान ने मेरे बेटे की हत्या की कोशिश की…’; नेतन्याहू का सनसनीखेज दावा, बोले- सुरक्षा हटती तो हमलावर सफल हो जाते

Benjamin Netanyahu: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को लेकर एक बेहद ही सनसनीखेज दावा किया है। नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान ने उनके एक बेटे की हत्या की साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि उसे निशाना बनाकर हत्या की कोशिश की गई। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद इजरायल की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नेतन्याहू ने सोमवार (24 अगस्त) को एक इंटरव्यू में कहा, “ईरान ने मेरे परिवार को निशाना बनाया।” उन्होंने यह बात इजरायली चैनल 14 को फोन पर दिए इंटरव्यू में कही।

इजरायली टेलीविजन चैनल चैनल 14 को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ने उनके एक बेटे को निशाना बनाया था। उन्होंने दावा किया कि यह केवल धमकी नहीं थी। बल्कि उनके बेटे की हत्या करने की कोशिश की गई थी। नेतन्याहू ने इंटरव्यू में कहा, “ईरान ने मेरे एक बेटे को निशाना बनाया। ईरान ने मेरे एक बेटे की हत्या करने की कोशिश की। उसने उसकी हत्या की साजिश रची और उसे मारने की कोशिश की।”

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी किया बड़ा दावा

नेतन्याहू से पूछा गया कि क्या उनके बेटे को निशाना बनाने की जानकारी किसी खुफिया सूचना के लीक होने के कारण सामने आई थी। इसके जवाब में उन्होंने दोबारा स्पष्ट तौर पर कहा कि ईरान ने उनके एक बेटे की हत्या की कोशिश की थी। इसके बाद नेतन्याहू ने अपने परिवार को दी जा रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का बचाव किया।

उन्होंने कहा कि उनके परिवार की सुरक्षा किसी दिखावे या विशेष सुविधा के लिए नहीं है, बल्कि वास्तविक खतरे को देखते हुए जरूरी है। नेतन्याहू ने कहा कि अगर यह सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती, तो उनके बेटे को निशाना बनाने वाले लोग अपने मकसद में सफल हो सकते थे। उनके मुताबिक, परिवार के सदस्यों को सुरक्षा देना मौजूदा परिस्थितियों में एक आवश्यक कदम है।

किस बेटे को बनाया गया निशाना?

नेतन्याहू ने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित हत्या की कोशिश में उनके किस बेटे को निशाना बनाया गया था। उनके दो बेटे याइर नेतन्याहू और अवनेर नेतन्याहू हैं। इसलिए यह अभी स्पष्ट नहीं है कि कथित ईरानी साजिश का निशाना याइर थे या अवनेर। नेतन्याहू ने इंटरव्यू के दौरान इस बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी शेयर नहीं की।

परिवार की सुरक्षा पहले ही बढ़ाई जा चुकी है

नेतन्याहू का यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर पहले ही अतिरिक्त कदम उठाए जा चुके हैं। जुलाई में शिन बेट मामलों से संबंधित मंत्रीस्तरीय समिति ने नेतन्याहू की पत्नी सारा नेतन्याहू और उनके दोनों बेटों याइर तथा अवनेर के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा बढ़ाने को मंजूरी दी थी। यह फैसला प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच लिया गया था। हालांकि, उस समय सुरक्षा बढ़ाने के पीछे कथित तौर पर किस विशेष खतरे का आकलन किया गया था, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।

लंबे समय से सुरक्षा मामलों पर गोपनीयता

नेतन्याहू का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब सुरक्षा से जुड़े कई मामलों को लेकर लंबे समय से सख्त गोपनीयता और प्रतिबंध लागू रहे हैं। इजरायल में प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा से संबंधित खुफिया जानकारी को आम तौर पर सार्वजनिक नहीं किया जाता। ऐसे में नेतन्याहू द्वारा खुद अपने एक बेटे को ईरान की कथित हत्या की कोशिश का निशाना बताए जाने को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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हालांकि, उनके बयान में कथित हमले की तारीख, स्थान, हमले के तरीके या उसे विफल करने वाली सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के बारे में कोई डिटेल्स जानकारी नहीं दी गई। नेतन्याहू के इस दावे से एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि इजरायल और ईरान के बीच जारी गंभीर तनाव अब प्रधानमंत्री के परिवार तक कितनी दूर पहुंच चुका है। हालांकि, कथित हत्या की कोशिश से जुड़े विस्तृत तथ्य और खुफिया जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।