Business Idea: बहुत से लोगों को लगता है कि खाना बनाने जैसे बेसिक काम से बड़ा व्यवसाय शुरू नहीं किया जा सकता है। लेकिन यह काम जरूरत या शौक से आगे बढ़कर एक फायदेमंद बिजनेस भी बन सकता है। केटरिंग एक ऐसा बिजनेस है, जिसे छोटे स्तर पर छोटे से ऑर्डर के साथ शुरू किया जा सकता है। केटरिंग के काम को शुरू करने के लिए किसी बड़े रेस्तरां या फैंसी सेटअप की जरूरत नहीं होती। कस्टमर और ऑर्डर बढ़ने के साथ कारोबार रफ्तार पकड़ लेता है। दिल्ली के शेफ अजय भल्ला लंबे समय से केटरिंग बिजनेस में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, केटरिंग बिजनेस शुरू करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खर्चों और ऑर्डर का हिसाब-किताब पहले से समझ लें।
शुरुआत में पैसा कहां लगेगा
कैटरिंग शुरू करने पर आपका पैसा मुख्य रूप से किचन के सामान, गैस, बर्तन, कच्चे माल, पैकेजिंग और जरूरी स्टाफ पर लगेगा। लेकिन शुरुआत में हर सामान खरीदने की बजाय कुछ बर्तन और सर्विंग का सामान किराये पर भी लिया जा सकता है। यह फैसला बड़ी रकम लगाने से बचाता है और आगे के लिए रास्ता भी बनाता है। मान लीजिए शुरुआत में आपको 30-50 लोगों का छोटा ऑर्डर मिलता है। यह ऑर्डर महंगे इक्विपमेंट खरीदे बिना जरूरी सामान से काम शुरू किया जा सकता है। जैसे-जैसे ऑर्डर बढ़ें, वैसे-वैसे किचन और सर्विंग का सेटअप बढ़ाया जा सकता है। तो अगर आप घर से या छोटे किचन सेटअप से 30-50 लोगों के ऑर्डर लेकर शुरुआत करते हैं, तो करीब ₹50,000 से ₹1 लाख का शुरुआती बजट मानकर चल सकते हैं।
सबसे बड़ा खर्च कच्चे माल का
केटरिंग बिजनेस में असली हिसाब सिर्फ यह नहीं है कि एक प्लेट कितने में बिकती है। सबसे पहले उस प्लेट को बनाने की लागत पर ध्यान देना जरूरी है। सब्ज़ियां, दालें, चावल, आटा, मसाले, तेल, दूध, दही, चीज, मीट, या दूसरी चीजों की लागत इन सभी को जोड़ना होगा। इसके अलावा, पैकेजिंग, गैस, डिलीवरी, स्टाफ, बर्तनों, या परोसने के बर्तनों की लागत को भी ध्यान में रखना होगा। उसके बाद ही आपको हर प्लेट का रेट तय करना चाहिए। नहीं तो, आपको ऑर्डर तो मिलेंगे, लेकिन लागत निकालने के बाद मुनाफा बहुत कम हो सकता है।
शुरुआत में मेन्यू छोटा रखें
अजय भल्ला ने बताया कि नए बिजनेस में 20-30 अलग-अलग आइटम रखने की जरूरत नहीं है। शुरू में, एक छोटा मेन्यू रखें जिसमें कुछ ऐसे आइटम हों जिन्हें आप अच्छी क्वालिटी के साथ ज्यादा क्वांटिटी में बना सकें। इससे रॉ मटेरियल खरीदना आसान हो जाएगा और खाने की बर्बादी कम होगी। एक छोटे ऑर्डर में दो सब्जियां, दाल, चावल, रोटी और एक डेजर्ट जैसे सीमित विकल्प हो सकते हैं। बाद में, ग्राहक की मांग के हिसाब से स्टार्टर्स, चाट या लाइव काउंटर जैसे आइटम जोड़े जा सकते हैं।
ग्राहक कैसे मिलेंगे
सबसे बड़ी चुनौती है शुरू में ग्राहक का मिलना। आज सोशल मीडिया का दौर है, यह ग्राहक लाने में मददगार हो सकता है। अपनी सोसाइटी, आस-पास के ऑफिस और जान-पहचान वालों से छोटे ऑर्डर ले सकते हैं। आपका पहला मकसद शादी के बड़े ऑर्डर पाना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे क्लाइंट बनाना होना चाहिए जो आपके खाने और सर्विस से खुश हों और दोबारा ऑर्डर करें। केटरिंग में साख बहुत जरूरी है। समय पर खाना पहुंचाना, सही क्वांटिटी में खाना रखना और साफ-सफाई बनाए रखना, आने वाले ऑर्डर के लिए उतना ही जरूरी है जितना कि खाने को स्वादिष्ट बनाना।
दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट



