पानी की कमी के लक्षण और उसे दूर करने के 5 असरदार घरेलू तरीके, जानिए पांच मिनट में

ज्यादा पानी पीने के लिए किसी नियम की जरूरत नहीं होती। दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीना, पानी वाली चीजें खाना और शरीर के संकेतों पर ध्यान देना सबसे आसान तरीका है। जाने शरीर के लिए पर्याप्त पानी पीना क्यों जरूरी है, पानी की मात्रा कैसे बढ़ाई जा सकती है और किन आसान आदतों को अपनाकर पूरे दिन हाइड्रेट रहा जा सकता है।

watr2

 

कम पानी पीने के नुकसान

पानी शरीर के लगभग हर अंग के सही काम करने के लिए जरूरी है। यह शरीर का टेम्परेचर कंट्रोल रखता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाता है, पाचन में मदद करता है और किडनी के जरिए शरीर से गंदगी बाहर निकालने में सहायता करता है। पर्याप्त पानी पीने से बॉडी सेल्स भी सही तरीके से काम करती हैं। पानी की कमी होने पर थकान, सिरदर्द, ध्यान लगाने में परेशानी, कब्ज और होंठ सूखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

सही समय

एक्सपर्ट के अनुसार, पानी पीने की आदत धीरे-धीरे बनानी चाहिए। सुबह उठते ही एक गिलास पानी पिएं, हर भोजन और स्नैक के साथ पानी लें, हमेशा अपने पास पानी की बोतल रखें और जरूरत हो तो मोबाइल में रिमाइंडर लगाएं। सादा पानी पसंद न आए तो उसमें नींबू, खीरा, पुदीना या नेचुरल फ्लेवर मिलाकर पी सकते हैं। इससे पानी पीना आसान हो जाता है।

हाइड्रेटेड फूड्स

हाइड्रेशन सिर्फ पानी पीने से ही नहीं होता, बल्कि कई फूड्स भी इसमें मदद करते हैं। तरबूज, संतरा, खीरा, टमाटर, दही और सूप जैसे फूड्स में पानी की मात्रा ज्यादा होती है। इन्हें रोजाना की डाइट में शामिल करने से शरीर को अतिरिक्त तरल मिलता है और पानी की जरूरत पूरी करने में मदद मिलती है।

डिहाइड्रेशन

यदि शरीर में पानी की कमी होने लगे तो प्यास ज्यादा लगना, मुंह सूखना, गहरे पीले रंग का पेशाब, कम पेशाब आना, चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी और ध्यान न लगना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। पेशाब का हल्का पीला रंग सामान्य हाइड्रेशन का संकेत माना जाता है, जबकि गहरा रंग इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत है।

लक्षण

कई लोग बिजी शेड्यूल, ट्रैवलिंग, बार-बार बाथरूम जाने से बचने की आदत या सादा पानी पसंद न आने की वजह से पर्याप्त पानी नहीं पीते। वहीं, बुखार, उल्टी, दस्त, ज्यादा पसीना आना, गर्म मौसम और कुछ दवाएं भी शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती हैं। इसलिए मौसम और अपनी फिजिकल एक्टिविटी के अनुसार पानी का सेवन बढ़ाना जरूरी होता है।

सुरक्षित तरीके से हाइड्रेट

एक्सपर्ट का कहना है कि एक बार में बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीना बेहतर होता है। जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है। अपनी उम्र, मौसम, फिजिकल एक्टिविटी और स्वास्थ्य के अनुसार पानी पिएं।

डॉक्टर से सलाह

अगर पर्याप्त पानी पीने के बाद भी बार-बार प्यास लगे, बार-बार डिहाइड्रेशन हो, बहुत कम पेशाब आए, अचानक वजन कम होने लगे, धुंधला दिखाई दे या लगातार कमजोरी और चक्कर महसूस हों, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। ये लक्षण डायबिटीज, किडनी की बीमारी, हार्मोन संबंधी समस्या या किसी अन्य स्वास्थ्य परेशानी का संकेत हो सकते हैं।

लकड़ी का फर्नीचर रखना है सालों तक नया? मानसून में अपनाएं ये 5 टिप्स

बरसात के मौसम में बढ़ी हुई नमी सिर्फ दीवारों और कपड़ों को ही नहीं, बल्कि घर के लकड़ी के फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा सकती है। दरवाजे, अलमारी, बेड और खिड़कियों में दीमक लगने का खतरा इस मौसम में काफी बढ़ जाता है। इसे समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो दीमक लकड़ी को अंदर से खोखला कर सकती है। कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर फर्नीचर को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

 

 

लौंग के तेल का इस्तेमाल (Clove Oil)

दीमक से बचाव के लिए लौंग का तेल एक आसान घरेलू उपाय है। इसके लिए चार से पांच बूंद लौंग का तेल पानी में मिलाकर स्प्रे बोतल में भर लें। इस मिश्रण का दीमक वाली जगह या लकड़ी के फर्नीचर पर रेगलर छिड़काव करने से दीमक की समस्या धीरे-धीरे कम होने में मदद मिल सकती है।

 

 

कपूर और नारियल तेल (Camphor and Coconut Oil)

नारियल के तेल में कपूर के एक-दो टुकड़े मिलाकर लकड़ी के दरवाजे, अलमारी या बेड पर हल्के हाथों से लगाएं। कपूर की तेज खुशबू दीमक को दूर रखने में मददगार है। साथ ही बरसात के मौसम में घर और फर्नीचर को सूखा रखें और समय-समय पर देखते रहें।

 

 

हल्दी और सरसों के तेल का मिश्रण (Mustard Oil and Turmeric)

सरसों के तेल में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे लकड़ी की सतह पर लगाएं। यह घरेलू उपाय दीमक को दूर रखता है। साथ ही यह लकड़ी की देखभाल करने का भी एक आसान और नेचुरल तरीका माना जाता है।

 

 

नींबू और सिरके का स्प्रे (Lemon and Vinegar Solution)

बराबर मात्रा में नींबू का रस और सिरका मिलाकर स्प्रे तैयार करें। इसे दीमक वाली जगह पर छिड़कने से दीमक पनपने की संभावना कम हो सकती है। इसके अलावा नमक और नींबू के रस का मिश्रण भी प्राकृतिक कीटनाशक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

करेले के रस का छिड़काव (Bitter Gourd Juice)

करेले का रस केवल सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि लकड़ी के फर्नीचर की सुरक्षा के लिए भी उपयोगी है। इसका रस निकालकर दरवाजे, अलमारी या अन्य लकड़ी के सामान पर हल्का छिड़काव करें। ऐसा करने से दीमक लगने का खतरा कम हो सकता है।

 

 

नीम और लहसुन का घोल (Neem and Garlic Solution)

नीम की पत्तियों और लहसुन की कलियों को पीसकर पानी में उबाल लें। ठंडा होने के बाद इस घोल को छानकर स्प्रे बोतल में भर लें और दीमक वाली जगह पर छिड़कें। यह उपाय दीमक को दूर रखने में सहायक है और बरसात के मौसम में फर्नीचर की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

नमी और दरारों पर नजर (Furniture Dry and Check Regularly)

दीमक से बचाव के लिए सिर्फ घरेलू नुस्खे ही नहीं, बल्कि हर दिन देखभाल भी जरूरी है। घर में नमी जमा न होने दें, लकड़ी के फर्नीचर को समय-समय पर धूप और हवा लगने दें तथा छोटी-छोटी दरारों या नुकसान को तुरंत ठीक करवाएं। इससे दीमक लगने की संभावना कम हो सकती है।

पैसा, शांति और खुशी! बस इस एक कोने से आएगी घर में पॉजिटिव एनर्जी

फेंगशुई के अनुसार घर की हर दिशा किसी न किसी ऊर्जा से जुड़ी होती है। इन्हीं में से एक है वेल्थ कॉर्नर, जिसे धन, समृद्धि और आर्थिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि अगर इस जगह को साफ-सुथरा रखकर सही तरीके से सजाया जाए और कुछ आसान उपाय अपनाए जाएं, तो घर में पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है और आर्थिक तरक्की के नए मौके मिलने लगते हैं।

 

वेल्थ कॉर्नर की दिशा (Wealth Corner Direction)

This may contain: a wooden table topped with lots of plants next to a mirror and candlesticks

फेंगशुई के अनुसार घर का वेल्थ कॉर्नर मेन गेट से अंदर आने पर दक्षिण-पूर्व दिशा में माना जाता है। यह दिशा धन और समृद्धि से जुड़ी होती है। इसलिए इस स्थान को हमेशा साफ, ऑर्गेनाइज और खुला रखना चाहिए। इस जगह पर टूटा-फूटा सामान, बेकार की चीजें या कबाड़ रखने से बचना चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि इससे पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है।

वेल्थ कॉर्न को एक्टिव (Activate Wealth Corner)

This may contain: a living room filled with lots of furniture and plants on top of a wooden table

फेंगशुई में माना जाता है कि वेल्थ कॉर्नर को सही तरीके से सजाने और वहां शुभ चीजें रखने से पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है। इस जगह पर ऐसे डेकोरेटिव आइटम या नेचुरल एलिमेंट रखने चाहिए, जो समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माने जाते हैं। इससे घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है और आर्थिक उन्नति के अवसर बढ़ने की मान्यता है।

 

शुभ रंग से सकारात्मक ऊर्जा (Use Auspicious Colors)

वेल्थ कॉर्नर में हरे और बैंगनी रंग का विशेष महत्व माना जाता है। इन रंगों के पर्दे, कुशन, सोफा कवर, शोपीस या अन्य डेकोरेटिव आइटम रखने से इस दिशा की ऊर्जा मजबूत होती है। हरा रंग विकास और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, जबकि बैंगनी रंग समृद्धि और वैभव का संकेत देता है।

 

पानी से जुड़ी चीजें (Add Water Elements)

फेंगशुई के अनुसार पानी को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वेल्थ कॉर्नर में छोटा इनडोर वॉटर फाउंटेन, बहते पानी की पेंटिंग या पानी से जुड़ा कोई डेकोरेटिव आइटम रखा जा सकता है। माना जाता है कि इससे पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह बेहतर होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

 

पौधों से पॉजिटिव एनर्जी (Plants for Positive Energy)

वेल्थ कॉर्नर में जेड प्लांट और लकी बैम्बू रखना फेंगशुई में शुभ माना जाता है। ये दोनों पौधे पॉजिटिव एनर्जी, तरक्की और आर्थिक स्थिरता के प्रतीक माने जाते हैं। साथ ही ये घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ वातावरण को भी ताजगी देते हैं।

 

 

साफ-सफाई का ध्यान (Wealth Corner Clean)

वेल्थ कॉर्नर में रेगुलर साफ-सफाई करना जरूरी माना जाता है। इस जगह पर धूल, गंदगी या बेकार का सामान जमा नहीं होने देना चाहिए। माना जाता है कि जितना यह कोना साफ और व्यवस्थित रहेगा, उतनी ही पॉजिटिव एनर्जी बनी रहेगी और घर का वातावरण भी सुखद महसूस होगा।

 

ध्यान दे

यह जानकारी फेंगशुई से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

मानसून में बिना धूप के इन हैक्स से घर में ही सुखाएं कपड़े, नहीं आएगी सीलन की बदबू!

मानसून के मौसम में लगातार बारिश और नमी के कारण कपड़े धोना और सुखाना काफी मुश्किल हो जाता है। कई बार कपड़े देर से सूखने के साथ उनमें सीलन की बदबू भी आने लगती है। ऐसे में कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप कपड़ों को जल्दी सुखाने और उन्हें लंबे समय तक फ्रेश रख सकते हैं:

हैंगर का यूज करें

HomeCloud Cloth Drying Stand | Multipurpose Dual Rod + Wheels Garments Rack with Bottom Shelf for Coat Hanger Home, Storage Organizer 1pc (White_Shelves) : Amazon.in: Home & Kitchen

टी-शर्ट, शर्ट, कुर्ता और ड्रेस जैसे कपड़ों को रस्सी की बजाय हैंगर पर सुखाने से हवा चारों तरफ से लगती है। इससे कपड़े जल्दी सूखते हैं और उनकी फिटिंग भी बनी रहती है। साथ ही बाद में प्रेस करने की जरूरत भी कम पड़ती है।

मोटे और हल्के कपड़े अलग रखें

बारिश में नहीं सूख रहे कपड़े? अपनाएं ये 5 आसान ट्रिक - How to dry clothes fast in monsoon rainy season best tips for laundry tviss

जींस, तौलिया और कंबल जैसे कपड़ों में नमी ज्यादा रहती है। इन्हें हल्के कपड़ों के साथ सुखाने पर दोनों के सूखने में ज्यादा समय लगता है। इसलिए बेहतर होगा कि इन्हें अलग-अलग सुखाया जाए।

टॉवल से एक्सेस मॉइस्चर हटाएं

Which Bamboo Towel Color Looks Best in Your Bathroom? Sage Green vs Or – Zaruva

अगर कपड़े बहुत ज्यादा गीले हैं, तो उन्हें सूखे टॉवल में लपेटकर हल्के हाथों से दबाएं। टॉवल एक्सेस पानी सोख लेता है, जिससे कपड़े तेजी से सूखने लगते हैं। यह तरीका नाजुक और छोटे कपड़ों के लिए भी काफी उपयोगी है।

हवा का बहाव बढ़ाने के लिए पंखा चलाएं

This may contain: an ironing board with clothes hanging on it in front of a couch and coffee table

धूप न होने पर पंखा कपड़े सुखाने में बड़ी मदद करता है। कपड़ों के सामने पंखा चलाने से लगातार हवा मिलती रहती है, जिससे नमी जल्दी उड़ जाती है। इससे कपड़ों में सीलन की गंध भी नहीं आती।

कपड़ों को पास-पास न टांगें

सर्दियों में बिना धूप भी जल्दी सूख जाएंगे कपड़े, ये आसान टिप्स-ट्रिक्स आएंगी काम, बदबू भी होगी दूर - News AajTak

अगर सभी कपड़े एक साथ सटाकर टांग दिए जाएं, तो एयरफ्लो रुक जाता है। हर कपड़े के बीच थोड़ी दूरी रखने से वे जल्दी सूखते हैं। यह तरीका खासकर मोटे कपड़ों के लिए ज्यादा असरदार है।

कपड़ों को उल्टा करके सुखाएं

Air-Drying vs. Machine-Drying: What's Best for Clothes?

मोटे कपड़ों को अंदर की तरफ से नमी निकालने के लिए उन्हें उल्टा करके सुखाना बेहतर होता है। इससे उनकी इनर लेयर भी अच्छी तरह सूख जाती है। जींस, जैकेट और हुडी के लिए यह तरीका काफी फायदेमंद है।

एक्स्ट्रा स्पिन साइकिल चलाएं

Washing Machine Hacks: वॉशिंग मशीन के ड्रायर में कपड़े के साथ डालें आईस क्यूब, चौंका देगा रिजल्ट! - News18 हिंदी

कपड़े धोने के बाद वॉशिंग मशीन में एक एक्स्ट्रा स्पिन साइकिल चलाने से उनमें बचा हुआ पानी काफी हद तक निकल जाता है। जितनी कम नमी होगी, कपड़े उतनी ही जल्दी सूखेंगे। यह तरीका मॉनसून में बेहद कारगर साबित होता है।

हवादार जगह का चुने

This may contain: an old woman hanging out her clothes on a line in the garden with lavenders

बारिश के मौसम में कपड़ों को ऐसी जगह सुखाना सबसे बेहतर होता है, जहां एयरफ्लो अच्छा हो। बालकनी, खिड़की के पास या खुले कमरे में कपड़े टांगने से उनमें मौजूद नमी तेजी से कम होती है। इससे कपड़ों में सीलन और बदबू नहीं आती है।

हल्की नमी रहने पर प्रेस करें

Story pin image

अगर कपड़े लगभग सूख चुके हैं, लेकिन उनमें हल्की नमी बची है, तो उन पर प्रेस की जा सकती है। इससे बची हुई नमी खत्म हो जाती है और कपड़े तुरंत पहनने के लिए तैयार हो जाते हैं। यह तरीका केवल प्रेस किए जा सकने वाले कपड़ों पर ही अपनाएं।

गीले कपड़ों को मशीन में न छोड़ें

Clothes Dryer Stock Photos, Images and Backgrounds for Free Download

धुलाई पूरी होने के बाद कपड़ों को लंबे समय तक वॉशिंग मशीन में छोड़ने से उनमें सीलन और फफूंदी की बदबू आने लगती है। इसलिए कपड़े निकलते ही उन्हें सुखाने के लिए टांग दें। पूरी तरह सूखने के बाद ही उन्हें अलमारी में रखें।

घर की नमी कम रखें

Split Air Conditioner Stock Photos, Images and Backgrounds for Free Download

बारिश के मौसम में घर के अंदर नमी बढ़ जाती है, जिससे कपड़े देर से सूखते हैं। ऐसे में एयर कंडीशनर या डीह्यूमिडिफायर का यूज करने से वातावरण सूखा रहता है। इससे कपड़े जल्दी सूखते हैं और उनमें सीलन की गंध भी नहीं आती।