लकड़ी का फर्नीचर रखना है सालों तक नया? मानसून में अपनाएं ये 5 टिप्स

बरसात के मौसम में बढ़ी हुई नमी सिर्फ दीवारों और कपड़ों को ही नहीं, बल्कि घर के लकड़ी के फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा सकती है। दरवाजे, अलमारी, बेड और खिड़कियों में दीमक लगने का खतरा इस मौसम में काफी बढ़ जाता है। इसे समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो दीमक लकड़ी को अंदर से खोखला कर सकती है। कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर फर्नीचर को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

 

 

लौंग के तेल का इस्तेमाल (Clove Oil)

दीमक से बचाव के लिए लौंग का तेल एक आसान घरेलू उपाय है। इसके लिए चार से पांच बूंद लौंग का तेल पानी में मिलाकर स्प्रे बोतल में भर लें। इस मिश्रण का दीमक वाली जगह या लकड़ी के फर्नीचर पर रेगलर छिड़काव करने से दीमक की समस्या धीरे-धीरे कम होने में मदद मिल सकती है।

 

 

कपूर और नारियल तेल (Camphor and Coconut Oil)

नारियल के तेल में कपूर के एक-दो टुकड़े मिलाकर लकड़ी के दरवाजे, अलमारी या बेड पर हल्के हाथों से लगाएं। कपूर की तेज खुशबू दीमक को दूर रखने में मददगार है। साथ ही बरसात के मौसम में घर और फर्नीचर को सूखा रखें और समय-समय पर देखते रहें।

 

 

हल्दी और सरसों के तेल का मिश्रण (Mustard Oil and Turmeric)

सरसों के तेल में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे लकड़ी की सतह पर लगाएं। यह घरेलू उपाय दीमक को दूर रखता है। साथ ही यह लकड़ी की देखभाल करने का भी एक आसान और नेचुरल तरीका माना जाता है।

 

 

नींबू और सिरके का स्प्रे (Lemon and Vinegar Solution)

बराबर मात्रा में नींबू का रस और सिरका मिलाकर स्प्रे तैयार करें। इसे दीमक वाली जगह पर छिड़कने से दीमक पनपने की संभावना कम हो सकती है। इसके अलावा नमक और नींबू के रस का मिश्रण भी प्राकृतिक कीटनाशक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

करेले के रस का छिड़काव (Bitter Gourd Juice)

करेले का रस केवल सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि लकड़ी के फर्नीचर की सुरक्षा के लिए भी उपयोगी है। इसका रस निकालकर दरवाजे, अलमारी या अन्य लकड़ी के सामान पर हल्का छिड़काव करें। ऐसा करने से दीमक लगने का खतरा कम हो सकता है।

 

 

नीम और लहसुन का घोल (Neem and Garlic Solution)

नीम की पत्तियों और लहसुन की कलियों को पीसकर पानी में उबाल लें। ठंडा होने के बाद इस घोल को छानकर स्प्रे बोतल में भर लें और दीमक वाली जगह पर छिड़कें। यह उपाय दीमक को दूर रखने में सहायक है और बरसात के मौसम में फर्नीचर की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

नमी और दरारों पर नजर (Furniture Dry and Check Regularly)

दीमक से बचाव के लिए सिर्फ घरेलू नुस्खे ही नहीं, बल्कि हर दिन देखभाल भी जरूरी है। घर में नमी जमा न होने दें, लकड़ी के फर्नीचर को समय-समय पर धूप और हवा लगने दें तथा छोटी-छोटी दरारों या नुकसान को तुरंत ठीक करवाएं। इससे दीमक लगने की संभावना कम हो सकती है।

Commodity Cornor: घरेलू बाजार में ग्वार पैक में आई तेजी, क्या आगे भी आएगा कीमतों में उछाल

Commodity Cornor: ग्वार की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। भाव 7 महीनों की ऊंचाई पर कारोबार कर रहे है। घरेलू बाजार में ग्वार पैक में तेजी आई है और ग्वार गम का भाव 12300 के पार निकला जबकि ग्वार सीड 6300 के करीब पहुंचा।

जुलाई में अब तक ग्वार गम 6% चढ़ा है जबकि ग्वार सीड 3% चढ़ा है। ग्वार पैक की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में ग्वार सीड 5 फीसदी और ग्वार गम 7 फीसदी चढ़ा है। जबकि 3 महीने में ग्वार सीड 9 फीसदी, 6 महीने में 14 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। वहीं ग्वार गम 1 महीने में 8 फीसदी, 3 महीने में 14 फीसदी और 6 महीने में 21 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।

इस बीच हल्दी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। NCDEX पर 7 महीनों की ऊंचाई पर दाम पहुंचे। अगस्त वायदा जनवरी 2026 के बाद `18700 तक पहुंचा। हल्दी के दाम 7 जनवरी को 18780 तक पहुंचे थे। कीमतों में लगातार 5वें महीने तेजी का दौर जारी है। 5 महीनों में दाम 19% से ज्यादा चढ़ चुके हैं।

वहीं धनिया की कीमतों में भी लगातार 5वें महीने तेजी जारी है। अगस्त वायदा 16100 के पार निकला। 5 महीनों में धनिया में करीब 35% की तेजी आई। जून में ही दाम 22% से ज्यादा चढ़े थे। सप्लाई में गिरावट से सपोर्ट मिल रहा।

एग्री कमोडिटी एक्सपर्ट के पुखराज चोपड़ा ने कहा कि कमजोर बारिश का असर ग्वार पैक पर दिख रहा है। मॉनसून बीकानेर में पहुंच चुका है लेकिन बारिश बेहद कम है । IMD 21 जुलाई तक बारिश न होने की बात कर रहा है। ग्वार की अभी तक 34 फीसदी बुआई हुई है। उन्होंने आगे कहा कि 25000 टन मांग लगातार बनी हुई है।

उत्पादन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ग्वार का उत्पादन पिछले साल से कम रहने की आशंका है। अगर मॉनसून कमजोर रहता है तो ग्वार पैक के भाव बढ़ेंगे।

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Monsoon Skincare: मॉनसून में ग्लोइंग स्किन चाहिए? आज ही ट्राई करें ये वायरल फेस मास्क

बारिश का मौसम जहां एक तरफ गर्मी से राहत और ठंडी हवाओं का एहसास कराता है, वहीं दूसरी तरफ यह त्वचा के लिए कई तरह की परेशानियां भी लेकर आता है। इस दौरान हवा में नमी (humidity) का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे स्किन पर ऑयल का उत्पादन ज्यादा होने लगता है। अतिरिक्त तेल और गंदगी मिलकर स्किन के पोर्स को बंद कर देते हैं, जिसके कारण पिंपल्स, एक्ने, रैशेज और एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। कई लोगों को इस मौसम में त्वचा पर खुजली और जलन की शिकायत भी होने लगती है, जिससे स्किन डल और अनइवन दिखने लगती है।

यही वजह है कि मॉनसून में सामान्य स्किन केयर रूटीन को और भी ज्यादा ध्यान से फॉलो करना जरूरी हो जाता है। सही देखभाल और हल्के प्राकृतिक उपाय अपनाकर इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है और त्वचा को हेल्दी रखा जा सकता है।

देसी नुस्खा जो सालों से है फेमस

स्किन केयर प्रोडक्ट्स के बीच आज भी एक पुराना घरेलू उपाय काफी लोकप्रिय है हल्दी और चंदन का फेस पैक। भारतीय घरों में इसे पीढ़ियों से इस्तेमाल किया जा रहा है क्योंकि यह त्वचा को शांत और साफ रखने में मदद कर सकता है।

हल्दी क्यों फायदेमंद मानी जाती है?

हल्दी में करक्यूमिन नाम का तत्व होता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह स्किन पर:

  • पिंपल्स की सूजन कम कर सकता है
  • लालपन (redness) को शांत कर सकता है
  • त्वचा को बाहरी नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है
  • स्किन टोन को थोड़ा बेहतर दिखा सकता है

चंदन के फायदे क्या हैं?

चंदन को उसकी ठंडक देने वाली प्रकृति और खुशबू के लिए जाना जाता है। यह:

  • त्वचा की जलन को शांत कर सकता है
  • एक्स्ट्रा ऑयल कम करने में मदद कर सकता है
  • स्किन को फ्रेश और रिलैक्स महसूस कराता है
  • गर्म और नमी वाले मौसम में राहत देता है

घर पर ऐसे बनाएं फेस पैक

इस फेस पैक को बनाना बेहद आसान है:

सामग्री:

  • 1 चम्मच चंदन पाउडर
  • हल्दी की एक चुटकी
  • गुलाब जल (पेस्ट बनाने के लिए)

कैसे लगाएं:

सभी चीजों को मिलाकर स्मूद पेस्ट बनाएं, चेहरे पर लगाएं, सूखने के बाद धो लें और हल्का मॉइश्चराइजर लगाएं।

कितनी बार इस्तेमाल करें?

इस फेस पैक का इस्तेमाल हफ्ते में 1 बार करना पर्याप्त माना जाता है। साथ ही नियमित सफाई और मॉइश्चराइजिंग भी जरूरी है।

हर किसी के लिए नहीं है यह नुस्खा

हालांकि यह प्राकृतिक उपाय है, लेकिन हर स्किन पर सूट नहीं करता। अगर स्किन सेंसिटिव है तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें। जलन, लालपन या खुजली होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।

क्या यह सच में एक्ने ठीक कर सकता है?

हल्दी और चंदन स्किन को शांत जरूर कर सकते हैं, लेकिन गंभीर एक्ने के लिए वैज्ञानिक रूप से यह पूरा इलाज नहीं माना जाता। लगातार या गंभीर पिंपल्स होने पर डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही होता है।

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