पीला पड़ने से पहले बचा लें धनिया! मानसून में इन 4 टिप्स से करें सही स्टोरेज

बारिश के मौसम में हरा धनिया खरीदकर रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। नमी ज्यादा होने की वजह से धनिया जल्दी मुरझाने लगता है और कुछ ही दिनों में इसकी पत्तियां पीली या खराब होने लगती हैं। ऐसे में कई बार फ्रिज में रखने के बाद भी धनिया ज्यादा दिन तक ताजा नहीं रह पाता और उसे फेंकना पड़ता है।

आप भी मानसून में धनिया को लंबे समय तक हरा और फ्रेश रखना चाहती हैं, तो इसे स्टोर करने का सही तरीका जानना जरूरी है। कुछ आसान से किचन टिप्स अपनाकर धनिया को जल्दी खराब होने से बचाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर कई दिनों तक आराम से इस्तेमाल किया जा सकता है।

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1. नमी को ऐसे करें कंट्रोल

धनिया को ताजा रखने के लिए टिश्यू पेपर का इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे पहले खराब पत्तियों को अलग करके धनिया को अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद एक एयरटाइट डिब्बे में नीचे और ऊपर टिश्यू पेपर रखें। यह एक्स्ट्रा मॉइस्चर को सोखने में मदद करता है, जिससे धनिया जल्दी खराब नहीं होता।

2. पहले सुखाएं, फिर रखें

बाजार से धनिया लाने के तुरंत बाद उसे धोकर फ्रिज में रखने से बचें। पत्तियों में पानी रह जाने पर वे जल्दी गल सकती हैं। पहले खराब और पीली पत्तियां हटा दें और धनिया को बिना धोए स्टोर करें। जब इस्तेमाल करना हो, तभी इसे अच्छी तरह धो लें।

3. जार में खड़ा करके रखें

धनिया को कांच के जार में भी आसानी से रखा जा सकता है। इसकी डंडियों को थोड़ा काटकर जार में थोड़ा पानी भरें और धनिया को उसमें खड़ा कर दें। ऊपर से ढीला प्लास्टिक बैग लगाकर जार को फ्रिज में रख दें। इस तरीके से धनिया कई दिनों तक फ्रेश रह सकता है।

4. नमी से बचाकर करें स्टोर

धनिया को अच्छी तरह सुखाने के बाद एयरटाइट डिब्बे में रखना भी आसान तरीका है। डिब्बे में ज्यादा नमी नहीं होनी चाहिए। इसे फ्रिज के वेजिटेबल सेक्शन में रखें, ताकि धनिया ज्यादा समय तक ताजा बना रहे।

5. आइस क्यूब्स में करें सेव

हफ्तेभर धनिया को संभालकर रखने के लिए इसे फ्रीज किया जा सकता है। धनिया को बारीक काटकर आइस ट्रे में डालें और थोड़ा पानी भरकर जमा दें। क्यूब्स जमने के बाद इन्हें फ्रीजर बैग में रख लें। जरूरत पड़ने पर इन्हें सीधे दाल, सब्जी या दूसरी डिश में इस्तेमाल कर सकते हैं।

6. पेस्ट बनाकर रखें तैयार

धनिया को लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए उसका पेस्ट भी बनाया जा सकता है। पत्तियों को पीसकर उसमें थोड़ा नमक और तेल मिला दें। इस पेस्ट को साफ कंटेनर में भरकर फ्रिज में रखें। खाना बनाते समय इसे आसानी से निकालकर इस्तेमाल किया जा सकता है।

बारिश के मौसम में धनिया को ताजा रखने के लिए बस थोड़ी सी सावधानी और सही स्टोरेज की जरूरत होती है। मॉइस्चर से बचाकर और सही तरीके से रखने पर धनिया कई दिनों तक हरा और फ्रेश रह सकता है। इससे उसका टेस्ट और खुशबू भी लंबे समय तक बनी रहती है और आपको बार-बार नया धनिया खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

लकड़ी का फर्नीचर रखना है सालों तक नया? मानसून में अपनाएं ये 5 टिप्स

बरसात के मौसम में बढ़ी हुई नमी सिर्फ दीवारों और कपड़ों को ही नहीं, बल्कि घर के लकड़ी के फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा सकती है। दरवाजे, अलमारी, बेड और खिड़कियों में दीमक लगने का खतरा इस मौसम में काफी बढ़ जाता है। इसे समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो दीमक लकड़ी को अंदर से खोखला कर सकती है। कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर फर्नीचर को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

 

 

लौंग के तेल का इस्तेमाल (Clove Oil)

दीमक से बचाव के लिए लौंग का तेल एक आसान घरेलू उपाय है। इसके लिए चार से पांच बूंद लौंग का तेल पानी में मिलाकर स्प्रे बोतल में भर लें। इस मिश्रण का दीमक वाली जगह या लकड़ी के फर्नीचर पर रेगलर छिड़काव करने से दीमक की समस्या धीरे-धीरे कम होने में मदद मिल सकती है।

 

 

कपूर और नारियल तेल (Camphor and Coconut Oil)

नारियल के तेल में कपूर के एक-दो टुकड़े मिलाकर लकड़ी के दरवाजे, अलमारी या बेड पर हल्के हाथों से लगाएं। कपूर की तेज खुशबू दीमक को दूर रखने में मददगार है। साथ ही बरसात के मौसम में घर और फर्नीचर को सूखा रखें और समय-समय पर देखते रहें।

 

 

हल्दी और सरसों के तेल का मिश्रण (Mustard Oil and Turmeric)

सरसों के तेल में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे लकड़ी की सतह पर लगाएं। यह घरेलू उपाय दीमक को दूर रखता है। साथ ही यह लकड़ी की देखभाल करने का भी एक आसान और नेचुरल तरीका माना जाता है।

 

 

नींबू और सिरके का स्प्रे (Lemon and Vinegar Solution)

बराबर मात्रा में नींबू का रस और सिरका मिलाकर स्प्रे तैयार करें। इसे दीमक वाली जगह पर छिड़कने से दीमक पनपने की संभावना कम हो सकती है। इसके अलावा नमक और नींबू के रस का मिश्रण भी प्राकृतिक कीटनाशक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

करेले के रस का छिड़काव (Bitter Gourd Juice)

करेले का रस केवल सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि लकड़ी के फर्नीचर की सुरक्षा के लिए भी उपयोगी है। इसका रस निकालकर दरवाजे, अलमारी या अन्य लकड़ी के सामान पर हल्का छिड़काव करें। ऐसा करने से दीमक लगने का खतरा कम हो सकता है।

 

 

नीम और लहसुन का घोल (Neem and Garlic Solution)

नीम की पत्तियों और लहसुन की कलियों को पीसकर पानी में उबाल लें। ठंडा होने के बाद इस घोल को छानकर स्प्रे बोतल में भर लें और दीमक वाली जगह पर छिड़कें। यह उपाय दीमक को दूर रखने में सहायक है और बरसात के मौसम में फर्नीचर की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

नमी और दरारों पर नजर (Furniture Dry and Check Regularly)

दीमक से बचाव के लिए सिर्फ घरेलू नुस्खे ही नहीं, बल्कि हर दिन देखभाल भी जरूरी है। घर में नमी जमा न होने दें, लकड़ी के फर्नीचर को समय-समय पर धूप और हवा लगने दें तथा छोटी-छोटी दरारों या नुकसान को तुरंत ठीक करवाएं। इससे दीमक लगने की संभावना कम हो सकती है।