सोने से पहले 10 मिनट अपनाएं यह आसान और सस्ते घरेलू तरीके, दिनभर के थके पैरों के लिए काम की ट्रिक!

खूबसूरत और हेल्दी पैरों के लिए अब आपको पार्लर जाकर महंगे पेडीक्योर पर पैसा खर्च करने की जरुरत नहीं है। आजकल नेचुरल और हाउसहोल्ड इंग्रीडिएंट से तैयार एक सिंपल फुट केयर हैक लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो रहा है। एक्सपर्ट के अनुसार, घर की लिचें में मिलने वाले इंग्रीडिएंट से बना यह मिक्सचर पैरों की स्किन को गहराई से साफ करता है और उन्हें पोषण देता है। इस असरदार मिक्सचर को तैयार करने और पैरों पर अप्लाई करने की प्रोसेस बेहद सरल है, जो आपके फुट केयर रूटीन को बजट-फ्रेंडली और आसान बनाती है।

नमक और सिरके के पानी के फायदे

नमक और सिरके को पानी में मिलाकर पैरों को भिगोने से सफाई में मदद मिल सकती है और पैरों की बदबू कुछ कम महसूस हो सकती है। सिरके में एसिडिक गुण होते हैं, जबकि नमक अतिरिक्त नमी को सोखने में मदद करता है। गुनगुने पानी में पैर रखने से थकान और भारीपन से भी थोड़ी राहत मिल सकती है।

ऐसे तैयार करें फुट सोक

एक बड़े बर्तन में करीब 1 लीटर गुनगुना पानी लें और उसमें आधा कप सिरका और 2 बड़े चम्मच मोटा नमक डालें। नमक को थोड़ा घुलने दें और फिर पैरों को करीब 15 से 20 मिनट तक पानी में रखें। पानी बहुत गर्म नहीं होना चाहिए, वरना स्किन में जलन हो सकती है।

फुट सोक से पहले रखें सावधानी

सेंसेटिव स्किन वाले लोगों, खुले घाव, कट या किसी तरह की स्किन की परेशानी होने पर इस तरीके को आजमाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर है। सिरका चोट या क्रैक स्किन पर जलन बढ़ा सकता है। पैरों में तेज खुजली, रेडनेस, घाव या गंभीर फंगल इंफेक्शन जैसी प्रॉब्लम पहले से मौजूद हो, तो घरेलू उपाय पर डिपेंड रहने के बजाय सही मेडिकल ट्रीटमेंट लेना जरूरी है।

पैरों की सफाई के बाद रखें ये ख्याल

फुट सोक के बाद पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं। खासतौर पर उंगलियों के बीच नमी नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि गीली स्किन पर फंगस बढ़ने का खतरा हो सकता है। पैरों को सुखाने के तुरंत बाद लंबे समय तक बंद और गर्म जूते पहनने से भी बचें।

घर में मिलने वाली कुछ आम चीजों से ही पैरों की देखभाल आसान हो सकती है और इसके लिए ज्यादा खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ती। इस तरह के घरेलू तरीके को सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है, ताकि पैरों को साफ और आरामदायक रखने में मदद मिल सके।

जिसे आप सिंक में बहा देते हैं, वो चावल का पानी बचा सकता है आपके हजारों रुपये! जानिए कैसे

अक्सर लोग चावल पकने के बाद बचने वाले पानी को बेकार समझकर इसे फेंक देते है। लेकिन इसे सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यही मांड घर के कई कामों में आसानी से इस्तेमाल हो सकता है। रोज की जरूरतों में छोटी-छोटी चीजों के लिए इसे दोबारा इस्तेमाल करना न सिर्फ आसान है, बल्कि इससे बेवजह चीजें फेंकने की आदत भी कम हो सकती है। इसलिए चावल का पानी बच जाए, तो उसे तुरंत सिंक में डालने के बजाय एक बार इन आसान इस्तेमालों के बारे में जरूर जान लें।

1. पौधों की देखभाल में काम आए

चावल पकाने के बाद बचा हुआ मांड पौधों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे पहले अच्छी तरह ठंडा कर लें और फिर पौधों की मिट्टी में थोड़ी मात्रा डालें। इससे पानी फेंकने की बजाय उसका दोबारा इस्तेमाल हो जाता है।

2. आटा गूंथने में करें इस्तेमाल

आटा गूंथते समय साधारण पानी की जगह थोड़ा चावल का मांड मिलाकर देख सकते हैं। इससे आटा नरम हो सकता है और रोटियां या पराठे भी मुलायम बन सकते हैं। इसके लिए अलग से कुछ खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती।

3. बालों में दे सकते हैं एक्स्ट्रा केयर

कई लोग बालों की देखभाल के लिए चावल के पानी का इस्तेमाल करते हैं। इसे बालों और स्कैल्प पर लगाने से बाल थोड़े मुलायम और संभालने में आसान महसूस हो सकते हैं।

4. खाना बनाने में बढ़ाएं स्वाद

चावल के पानी को सिर्फ पीने या फेंकने तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है। इसे सूप, ग्रेवी या स्टिर-फ्राई जैसी डिश में थोड़ी मात्रा में डाला जा सकता है। इसका स्टार्च खाने को हल्का सा गाढ़ापन देता है और टेस्ट को भी अच्छी तरह मिलाने में मदद कर सकता है।

5. बेकिंग में भी आ सकता है काम

ब्रेड, बन या दूसरे बेकिंग आइटम बनाते समय भी चावल के मांड का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे आटे में नमी बनी रह सकती है और तैयार चीज का टेक्सचर थोड़ा नरम आ सकता है।

6. घर पर बनाएं हल्का फेस पैक

चावल के पानी को स्किन की देखभाल में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसे कॉटन की मदद से चेहरे पर हल्के से लगाया जा सकता है या ओट्स जैसे सिंपल इंग्रीडिएंट्स के साथ मिलाकर स्किन पैक बनाया जा सकता है।

मांड का इस्तेमाल करते समय बरतें ये सावधानियां

  • चावल के मांड को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
  • इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह ठंडा कर लें और लंबे समय तक रूम टेम्परेचर पर रखकर इस्तेमाल न करें।
  • पौधों में डालने के लिए सिर्फ सादा मांड लें, उसमें नमक, मसाला या तेल मिला हुआ नहीं होना चाहिए।
  • स्किन या बालों पर लगाने से पहले थोड़ी मात्रा में पैच टेस्ट कर लें, यदि आपकी स्किन सेंसेटिव है।
  • मांड का इस्तेमाल हमेशा ताजा और साफ तरीके से करें और यदि उसमें बदबू आने लगे या वह खराब दिखाई दे, तो उसे इस्तेमाल करने से बचें।
इन तरीकों का उपयोग करके आप चावल बनाने के बाद बचे हुए माड़ को घर में कई तरह से काम में ला सकते है और इसे खाना बनाने, पौधों की देखभाल या कुछ रोज के कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है। सही तरीके से दोबारा इस्तेमाल करने पर यह बचा हुआ पानी काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

किचन का वो ‘कचरा’ जो आपकी त्वचा और पौधों के लिए है असली सोना!

आलू की सब्जी या कोई दूसरी डिश बनाने के बाद हम उसके छिलके निकालकर सीधे डस्टबिन में डाल देते हैं। लेकिन जिन्हें हम बेकार समझते हैं, वे घर के कई छोटे-बड़े कामों में इस्तेमाल हो सकते हैं, इन छिलकों को सही तरीके से इस्तेमाल करके बर्तन साफ करने, पौधों की देखभाल करने और यहां तक कि खाने के लिए कुछ नया बनाने में भी काम लिया जा सकता है।

यदि आप भी घर में चीजों को दोबारा इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, तो आलू के छिलकों को फेंकने से पहले एक बार जरूर सोचें। इन्हें थोड़ी मेहनत के साथ उपयोगी चीज में बदला जा सकता है और इससे किचन का कचरा भी कम होगा। आलू के छिलकों के कुछ आसान और काम के इस्तेमाल करके आप घर पर आसानी से आजमा सकते हैं।

potato pos

1. चेहरे की सफाई और निखार में मदद

आलू के छिलकों में कुछ एंटीऑक्सिडेंट और पोषक तत्व पाए जाते हैं, इसलिए कई लोग इन्हें स्किन की देखभाल के लिए इस्तेमाल करते हैं। छिलकों को गुलाब जल से हल्का गीला करके चेहरे पर बहुत हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। आप चाहें तो छिलकों को पीसकर उसमें थोड़ा दूध मिलाकर पेस्ट भी बना सकते हैं। इसे करीब 10 मिनट चेहरे पर लगाकर साफ पानी से धो लें। इससे स्किन साफ और मुलायम महसूस हो सकती है।

2. बालों के लिए इस्तेमाल

आलू के छिलकों से तैयार पानी को बालों की देखभाल के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए छिलकों को करीब 1 लीटर पानी में 10-15 मिनट तक उबालें। पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर ठंडा कर लें। शैम्पू करने के बाद इस पानी को बालों और स्कैल्प पर लगाएं और कुछ देर बाद नॉर्मल पानी से धो लें।

3. डार्क सर्कल और टैनिंग के लिए

आलू के छिलकों को डार्क सर्कल, झाइयों और टैनिंग के लिए घरेलू उपाय के समान इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए छिलके के अंदर वाले हिस्से को एफेक्टेड जगह पर करीब 5 मिनट तक बहुत हल्के हाथों से लगाएं। आंखों के आसपास इस्तेमाल करते समय सावधानी रखें और आंखों में जाने से बचाएं। आपकी स्किन सेंसेटिव है, तो पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें।

4. वेट लॉस में फायदेमंद

आलू के छिलकों में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पेट को कुछ समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। इसी कारण छिलके सहित आलू को डाइट में शामिल किया जा सकता है। यदि आपको कुरकुरा खाना पसंद है, तो साफ किए हुए आलू के छिलकों को हल्के मसालों के साथ बेक या रोस्ट करके स्नैक की तरह भी खा सकते हैं।

5. पौधों के लिए न्यूट्रिशन

आलू के छिलकों को कूड़े में फेंकने के बजाय पौधों की देखभाल में इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें अच्छी तरह साफ करके कुछ दिनों तक सुखाएं या पानी में भिगोकर इसका पानी तैयार करें। छाने हुए पानी को पौधों की मिट्टी में सीमित मात्रा में डाला जा सकता है। छिलकों को सीधे बहुत ज्यादा मात्रा में मिट्टी में डालने से बचें, ताकि कीड़े न लगे।

6. होम क्लीनिंग में मददगार

आलू के छिलकों से तैयार पानी का इस्तेमाल कुछ घरेलू सफाई के कामों में किया जा सकता है। छिलकों को पानी में उबालकर उस पानी को ठंडा कर लें और फिर इसे सफाई के लिए इस्तेमाल करें। छोटे-मोटे दाग या गंदगी साफ करने में इसे आजमाया जा सकता है।

आलू के छिलके सिर्फ किचन वेस्ट नहीं हैं, बल्कि इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करके स्किन, बालों, पौधों और घर की सफाई जैसे कई कामों में मदद ली जा सकती है। इसलिए अगली बार इन्हें फेंकने से पहले इनके इन आसान इस्तेमालों को जरूर आजमाएं।

घुटनों को दें रोजाना थोड़ी केयर, दर्द और जकड़न में काम आएंगी ये 7 आदतें

घुटनों में दर्द आजकल काफी आम समस्या हो गई है। घुटना हमारे शरीर का एक बहुत जरूरी जोड़ है, जो खड़े होने, चलने, सीढ़ियां चढ़ने और बैठने जैसे रोज के कामों में हमारा साथ देता है। ऐसे में जब घुटने में दर्द, जकड़न या सूजन होने लगे तो छोटे-छोटे काम भी मुश्किल लग सकते हैं। घुटने का दर्द सिर्फ बढ़ती उम्र की वजह से ही नहीं होता, बल्कि चोट, ज्यादा वजन, लंबे समय तक बैठे रहने या घुटने पर ज्यादा प्रेशर पड़ने की वजह से भी परेशानी हो सकती है।

यदि घुटनों में हल्का दर्द है या मामूली खिंचाव की वजह से परेशानी हो रही है, तो रोज की कुछ आसान आदतों से राहत पाने में मदद मिल सकती है। लेकिन दर्द लगातार बना रहे, बढ़ता जाए या घुटने में ज्यादा सूजन और चलने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। वहीं सामान्य और हल्के दर्द में कुछ आसान घरेलू उपाय आपकी परेशानी को कम करने और घुटनों को आराम देने में मदद कर सकते हैं।

knee pos

1. अदरक वाली चाय का सेवन 

अदरक में जिंजरोल जैसे नेचुरल कंपोनेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन से जुड़े प्रोसेस पर असर डाल सकते हैं। इसलिए कुछ लोगों को अदरक की चाय से हल्की परेशानी में आराम महसूस हो सकता है, लेकिन इसे घुटने के दर्द का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। एक इंच अदरक के टुकड़ों को एक कप पानी में करीब 5 मिनट उबालकर छान लें। स्वाद के लिए नींबू या थोड़ा शहद मिला सकते हैं।

2. अचानक दर्द हो तो RICE तरीका अपनाएं

दर्द अचानक पैर मुड़ने, गिरने या चोट लगने के बाद शुरू हुआ है, तो शुरुआती समय में RICE तरीका अपनाया जा सकता है। इसमें Rest यानी आराम, Ice यानी बर्फ, Compression यानी हल्का दबाव और Elevation यानी पैर को ऊंचा रखना शामिल है। दर्द बढ़ाने वाली एक्टिविटी रोकें और बर्फ को कपड़े में लपेटकर 15 से 20 मिनट तक लगाएं। जरूरत पड़ने पर हल्का क्रेप बैंडेज लगाएं और आराम करते समय पैर को तकिए पर थोड़ा ऊंचा रखें।

3. नी-कैप के साथ सही जूते-चप्पल पहनें

कुछ लोगों को घुटने का सपोर्ट यानी नी-कैप पहनने से चलने-फिरने में सहारा मिल सकता है, लेकिन यह हर किसी के लिए जरूरी नहीं है। यदि इस्तेमाल करें तो सही साइज का नी-कैप ही पहनें। साथ ही ऐसे जूते-चप्पल चुनें जिनमें पैर को अच्छा सपोर्ट मिले और चलने में आराम रहे।

4. एप्सम सॉल्ट वाले गर्म पानी में पैर रखें

एप्सम सॉल्ट को गर्म पानी में डालकर पैर रखने से कुछ लोगों को जकड़न और थकान में आराम महसूस हो सकता है, हालांकि इसके असर के पक्के सबूत नहीं हैं। एक बाल्टी गर्म पानी में करीब दो कप एप्सम सॉल्ट डालकर पैरों को 15 से 20 मिनट तक रखा जा सकता है। पानी बहुत ज्यादा गर्म न हो और बाद में पैरों को अच्छी तरह सुखा लें।

5. स्ट्रेचिंग करें और हल्की एक्सरसाइज रूटीन में शामिल करें

घुटनों में दर्द होने पर पूरी तरह आराम करने के बजाय हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग करना मददगार हो सकता है। इससे घुटने के आसपास की मसल्स एक्टिव रहती हैं और जोड़ को हिलाने में आसानी होती है। हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच के लिए कुर्सी पर बैठकर एक पैर सामने सीधा करें और थोड़ा आगे झुकें। काफ स्ट्रेच में दीवार पर हाथ रखकर एक पैर पीछे करें और एड़ी जमीन पर रखें। इसके अलावा कुर्सी पर बैठकर पैर को सीधा करके 5 सेकंड रोकें और फिर नीचे करें।

6. घुटने की हल्के गर्म तेल से मालिश करें

घुटने के आसपास हल्के हाथों से मालिश करने से कुछ लोगों को दर्द और जकड़न में आराम महसूस हो सकता है। इसके लिए तिल, नारियल या सरसों के तेल को हल्का गुनगुना करके इस्तेमाल कर सकते हैं। घुटने और आसपास की मसल्स पर करीब 10 मिनट तक हल्के हाथों से गोल-गोल मालिश करें।

7. डाइट में ओमेगा-3 वाली चीजें शामिल करें

ओमेगा-3 शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है और सूजन से जुड़े प्रोसेस में भूमिका निभाता है। इसलिए इसे बैलेंस डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। मछली खाने वाले लोग मैकेरल यानी बांगड़ा, सार्डिन और हिलसा जैसी मछली खा सकते हैं, जबकि शाकाहारी लोग अलसी, अखरोट और चिया सीड्स को डाइट में शामिल कर सकते हैं। साथ ही बहुत ज्यादा तला-भुना खाना कम करना बेहतर है।

घुटने के दर्द के लिए डॉक्टर को दिखाएं

घुटने के दर्द में घरेलू उपायों से राहत न मिले या दर्द बार-बार परेशान करे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। यदि दर्द दो हफ्ते से ज्यादा समय तक बना रहे, घुटने में ज्यादा सूजन, लालिमा या गर्माहट महसूस हो, पैर पर वजन रखने या खड़े होने में परेशानी हो, घुटना अचानक जवाब देने लगे, जोड़ टेढ़ा या असामान्य दिखाई दे या आप घुटने को पूरी तरह मोड़ या सीधा न कर पा रहे हों, तो इसे नजरअंदाज न करें।

पीला पड़ने से पहले बचा लें धनिया! मानसून में इन 4 टिप्स से करें सही स्टोरेज

बारिश के मौसम में हरा धनिया खरीदकर रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। नमी ज्यादा होने की वजह से धनिया जल्दी मुरझाने लगता है और कुछ ही दिनों में इसकी पत्तियां पीली या खराब होने लगती हैं। ऐसे में कई बार फ्रिज में रखने के बाद भी धनिया ज्यादा दिन तक ताजा नहीं रह पाता और उसे फेंकना पड़ता है।

आप भी मानसून में धनिया को लंबे समय तक हरा और फ्रेश रखना चाहती हैं, तो इसे स्टोर करने का सही तरीका जानना जरूरी है। कुछ आसान से किचन टिप्स अपनाकर धनिया को जल्दी खराब होने से बचाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर कई दिनों तक आराम से इस्तेमाल किया जा सकता है।

 freshhnn

1. नमी को ऐसे करें कंट्रोल

धनिया को ताजा रखने के लिए टिश्यू पेपर का इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे पहले खराब पत्तियों को अलग करके धनिया को अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद एक एयरटाइट डिब्बे में नीचे और ऊपर टिश्यू पेपर रखें। यह एक्स्ट्रा मॉइस्चर को सोखने में मदद करता है, जिससे धनिया जल्दी खराब नहीं होता।

2. पहले सुखाएं, फिर रखें

बाजार से धनिया लाने के तुरंत बाद उसे धोकर फ्रिज में रखने से बचें। पत्तियों में पानी रह जाने पर वे जल्दी गल सकती हैं। पहले खराब और पीली पत्तियां हटा दें और धनिया को बिना धोए स्टोर करें। जब इस्तेमाल करना हो, तभी इसे अच्छी तरह धो लें।

3. जार में खड़ा करके रखें

धनिया को कांच के जार में भी आसानी से रखा जा सकता है। इसकी डंडियों को थोड़ा काटकर जार में थोड़ा पानी भरें और धनिया को उसमें खड़ा कर दें। ऊपर से ढीला प्लास्टिक बैग लगाकर जार को फ्रिज में रख दें। इस तरीके से धनिया कई दिनों तक फ्रेश रह सकता है।

4. नमी से बचाकर करें स्टोर

धनिया को अच्छी तरह सुखाने के बाद एयरटाइट डिब्बे में रखना भी आसान तरीका है। डिब्बे में ज्यादा नमी नहीं होनी चाहिए। इसे फ्रिज के वेजिटेबल सेक्शन में रखें, ताकि धनिया ज्यादा समय तक ताजा बना रहे।

5. आइस क्यूब्स में करें सेव

हफ्तेभर धनिया को संभालकर रखने के लिए इसे फ्रीज किया जा सकता है। धनिया को बारीक काटकर आइस ट्रे में डालें और थोड़ा पानी भरकर जमा दें। क्यूब्स जमने के बाद इन्हें फ्रीजर बैग में रख लें। जरूरत पड़ने पर इन्हें सीधे दाल, सब्जी या दूसरी डिश में इस्तेमाल कर सकते हैं।

6. पेस्ट बनाकर रखें तैयार

धनिया को लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए उसका पेस्ट भी बनाया जा सकता है। पत्तियों को पीसकर उसमें थोड़ा नमक और तेल मिला दें। इस पेस्ट को साफ कंटेनर में भरकर फ्रिज में रखें। खाना बनाते समय इसे आसानी से निकालकर इस्तेमाल किया जा सकता है।

बारिश के मौसम में धनिया को ताजा रखने के लिए बस थोड़ी सी सावधानी और सही स्टोरेज की जरूरत होती है। मॉइस्चर से बचाकर और सही तरीके से रखने पर धनिया कई दिनों तक हरा और फ्रेश रह सकता है। इससे उसका टेस्ट और खुशबू भी लंबे समय तक बनी रहती है और आपको बार-बार नया धनिया खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

घर की खूबसूरती और चूहों से बचाव, एक साथ दो काम करेंगे ये 3 खुशबूदार पौधे!

चूहे घर में तो आते ही हैं, इसके साथ ही बगीचे में इनका आना भी कोई नई बात नहीं है। यदि इनकी संख्या बढ़ जाए तो परेशानी भी बढ़ जाती है। कई बार चूहे पौधों और आसपास रखी चीजों को नुकसान पहुंचाने लगते हैं और उनकी वजह से बगीचे की साफ-सफाई बनाए रखना भी मुश्किल हो जाता है।

यदि आप इस परेशानी को कम करना चाहते हैं, तो कुछ आसान घरेलू तरीके आजमा सकते हैं। थोड़ी-सी सावधानी और सही पौधों को बगीचे में जगह देकर चूहों को कम किया जा सकता है। इसके लिए कुछ ऐसे खुशबूदार पौधे भी हैं, जिनकी तेज खुशबू चूहों को बगीचे से दूर रखने में मदद कर सकती है। इन्हें लगाने के साथ बगीचे की साफ-सफाई का ध्यान रखकर आप चूहों की परेशानी को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

ratsssssssss

1. रोजमेरी

रोजमेरी भी तेज खुशबू वाला पौधा है, जिसे बगीचे में लगाना कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। इसकी खुशबु चूहों को आसपास नहीं आने देती है। इसे बगीचे की किनारी, घर के बाहर या उन जगहों के पास लगाया जा सकता है जहां चूहों की आवाजाही नजर आती है। रोजमेरी सिर्फ बगीचे की हरियाली नहीं बढ़ाता, बल्कि इसकी पत्तियों का इस्तेमाल खाना बनाने में भी किया जाता है। यानी इसे लगाने से आपको हर्ब भी मिल जाती है और बगीचे में एक खुशबूदार पौधा भी।

2. लैवेंडर

लैवेंडर अपने खूबसूरत फूलों और मन को अच्छी लगने वाली खुशबू के लिए काफी पसंद किया जाता है। इसकी खुशबु बगीचे के आसपास के माहौल को चूहों के लिए कम अट्रैक्ट बनाने में कुछ मदद कर सकती है। आप इसे बगीचे की किनारी, घर के बाहर, बैठने वाली जगह या ऐसे हिस्सों में लगा सकते हैं, जहां चूहे सबसे ज्यादा आते है। लैवेंडर लगाने से बगीचे की सुंदरता भी बढ़ती है और आसपास अच्छी खुशबू बनी रहती है। इसे ज्यादा जगह की जरूरत भी नहीं होती और गमले में भी लगाया जा सकता है।

3. पुदीना

पुदीना अपनी तेज और ताजी खुशबू के लिए जाना जाता है और इसे बगीचे में आसानी से उगाया जा सकता है। इसकी महक चूहों को बगीचे के आसपास आने से रोकती है। खासतौर पर जब इसकी पत्तियों को छुआ या हल्का-सा मसल दिया जाता है, तो खुशबू और ज्यादा फैलती है। इसलिए इसे बगीचे की उन जगहों पर लगाया जा सकता है, जहां चूहे ज्यादा ज्यादा दिखाई देते है। पुदीना लगाने का एक फायदा यह भी है कि इसका उपयोग चटनी, चाय और कई दूसरी चीजों में किया जा सकता है। इसे आप जमीन में लगाने के साथ गमले में भी आसानी से उगा सकते हैं।

चूहों को दूर रखने के दूसरे तरीके

सिर्फ खुशबूदार पौधे लगाने से चूहों की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। अगर बगीचे में उन्हें खाने के लिए चीजें और छिपने की जगह आसानी से मिलती रहे, तो वे बार-बार वहां आ सकते हैं। इसलिए कूड़ेदान को हमेशा ढककर रखें और खाने के बचे हुए टुकड़ों को खुले में न छोड़ें। घर या बगीचे के आसपास खाना गिर जाए, तो उसे तुरंत साफ कर दें और कचरे को सही जगह पर डालें।

बगीचे में सूखे पत्ते, लकड़ियां, गत्ते, पुराने डिब्बे और बेकार सामान जमा न होने दें, क्योंकि चूहे इनमें आसानी से छिप सकते हैं। दीवार, दरवाजे, पाइप या बाउंड्री के आसपास छोटे छेद और दरारें दिखें, तो उन्हें बंद कर दें। साथ ही, घास और झाड़ियों को समय-समय पर काटते रहें, ताकि चूहों को छिपने के लिए कम जगह मिले। इन आसान बातों का ध्यान रखने से बगीचे को चूहों के लिए कम आकर्षक बनाया जा सकता है।

ध्यान रखें

पुदीना, लैवेंडर और रोजमेरी जैसे खुशबूदार पौधे बगीचे में लगाने से चूहों को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, बगीचे की सफाई रखना, खाने की चीजें खुले में न छोड़ना और चूहों के छिपने की जगह हटाना भी जरूरी है। यदि चूहों की समस्या ज्यादा बढ़ गई है या वे घर के अंदर आने लगे हैं, तो सिर्फ इन घरेलू उपायों पर डिपेंड न रहें और जरूरत पड़ने पर प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल की मदद लें।