मुरझाए पौधे भी होंगे हरे-भरे! चावल के पानी का इस्तेमाल करते समय रखें इन 4 बातों का ध्यान

आजकल पौधों की देखभाल के लिए लोग कई तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। चावल को धोने के बाद बचा हुआ पानी फेंकने के बजाय कई लोग इसे पौधों में डालते हैं। इसमें मौजूद स्टार्च और कुछ पोषक तत्वों की वजह से इसे पौधों के लिए फायदेमंद माना जाता है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार चावल धोने का पानी पौधों में डाल दिया जाए। गमलों में जरूरत से ज्यादा पानी देने से मिट्टी लगातार गीली रह सकती है, जिससे पौधे की जड़ों पर असर पड़ सकता है। इसलिए चावल का पानी इस्तेमाल करने से पहले यह जानना जरूरी है कि इसे कब, कितनी मात्रा में और किस तरह पौधों में डालना सही रहेगा।

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1. कम मात्रा से शुरुआत

छोटे गमलों में चावल का पानी डालते समय ज्यादा सावधानी रखें, क्योंकि इनमें पानी जल्दी जमा हो सकता है। गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद होना जरूरी है। हर पौधे की पानी की जरूरत अलग होती है। पहली बार इस्तेमाल कर रहे हैं तो कम मात्रा से शुरुआत करें और पौधे की मिट्टी, पत्तियों और ग्रोथ पर ध्यान रखें।

2. सादा पानी इस्तेमाल करें

पौधों में वही चावल का पानी डालें जिसमें सिर्फ सादे चावल धोए गए हों। यदि पानी में नमक, तेल, मसाला या साबुन जैसी कोई चीज मिली है, तो उसे गमले में डालने से बचें। ऐसी चीजें मिट्टी की क्वालिटी को प्रभावित कर सकती हैं और पौधे की जड़ों के लिए सही नहीं हैं।

3. ज्यादा पानी का पौधों पर असर

चावल का पानी बार-बार डालने से गमले की मिट्टी लगातार गीली रह सकती है। इससे जड़ों को सही मात्रा में हवा नहीं मिल पाती और जड़ों के सड़ने का खतरा बढ़ सकता है। इसका असर पौधे की पत्तियों पर भी दिख सकता है, जैसे पत्तियां पीली पड़ना या ग्रोथ धीमी होना। इसलिए इसे रोज या बहुत ज्यादा मात्रा में डालने से बचें।

4. फफूंद दिखे तो सावधान रहे

चावल के पानी में स्टार्च होता है, इसलिए इसे बार-बार मिट्टी में डालने से कुछ मामलों में मिट्टी की ऊपर फफूंद जैसी लेयर दिखाई दे सकती है। यदि ऐसी लेयर लगातार बढ़ रही है, तो कुछ समय के लिए चावल का पानी देना बंद कर दें और मिट्टी को सूखने का मौका दें।

चावल धोने का पानी पूरी तरह खराब नहीं है, लेकिन इसे पौधों की खाद समझकर रोज डालना भी सही नहीं है. अगर इस्तेमाल करना है तो सादे चावल का साफ पानी लें, उसे ठंडा होने दें और कभी-कभार ही मिट्टी में डालें. सबसे जरूरी है कि गमले में पानी जमा न हो. पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय धूप, सही मिट्टी, पानी और जरूरत के हिसाब से खाद का भी ध्यान रखें.

घर की खूबसूरती और चूहों से बचाव, एक साथ दो काम करेंगे ये 3 खुशबूदार पौधे!

चूहे घर में तो आते ही हैं, इसके साथ ही बगीचे में इनका आना भी कोई नई बात नहीं है। यदि इनकी संख्या बढ़ जाए तो परेशानी भी बढ़ जाती है। कई बार चूहे पौधों और आसपास रखी चीजों को नुकसान पहुंचाने लगते हैं और उनकी वजह से बगीचे की साफ-सफाई बनाए रखना भी मुश्किल हो जाता है।

यदि आप इस परेशानी को कम करना चाहते हैं, तो कुछ आसान घरेलू तरीके आजमा सकते हैं। थोड़ी-सी सावधानी और सही पौधों को बगीचे में जगह देकर चूहों को कम किया जा सकता है। इसके लिए कुछ ऐसे खुशबूदार पौधे भी हैं, जिनकी तेज खुशबू चूहों को बगीचे से दूर रखने में मदद कर सकती है। इन्हें लगाने के साथ बगीचे की साफ-सफाई का ध्यान रखकर आप चूहों की परेशानी को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

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1. रोजमेरी

रोजमेरी भी तेज खुशबू वाला पौधा है, जिसे बगीचे में लगाना कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। इसकी खुशबु चूहों को आसपास नहीं आने देती है। इसे बगीचे की किनारी, घर के बाहर या उन जगहों के पास लगाया जा सकता है जहां चूहों की आवाजाही नजर आती है। रोजमेरी सिर्फ बगीचे की हरियाली नहीं बढ़ाता, बल्कि इसकी पत्तियों का इस्तेमाल खाना बनाने में भी किया जाता है। यानी इसे लगाने से आपको हर्ब भी मिल जाती है और बगीचे में एक खुशबूदार पौधा भी।

2. लैवेंडर

लैवेंडर अपने खूबसूरत फूलों और मन को अच्छी लगने वाली खुशबू के लिए काफी पसंद किया जाता है। इसकी खुशबु बगीचे के आसपास के माहौल को चूहों के लिए कम अट्रैक्ट बनाने में कुछ मदद कर सकती है। आप इसे बगीचे की किनारी, घर के बाहर, बैठने वाली जगह या ऐसे हिस्सों में लगा सकते हैं, जहां चूहे सबसे ज्यादा आते है। लैवेंडर लगाने से बगीचे की सुंदरता भी बढ़ती है और आसपास अच्छी खुशबू बनी रहती है। इसे ज्यादा जगह की जरूरत भी नहीं होती और गमले में भी लगाया जा सकता है।

3. पुदीना

पुदीना अपनी तेज और ताजी खुशबू के लिए जाना जाता है और इसे बगीचे में आसानी से उगाया जा सकता है। इसकी महक चूहों को बगीचे के आसपास आने से रोकती है। खासतौर पर जब इसकी पत्तियों को छुआ या हल्का-सा मसल दिया जाता है, तो खुशबू और ज्यादा फैलती है। इसलिए इसे बगीचे की उन जगहों पर लगाया जा सकता है, जहां चूहे ज्यादा ज्यादा दिखाई देते है। पुदीना लगाने का एक फायदा यह भी है कि इसका उपयोग चटनी, चाय और कई दूसरी चीजों में किया जा सकता है। इसे आप जमीन में लगाने के साथ गमले में भी आसानी से उगा सकते हैं।

चूहों को दूर रखने के दूसरे तरीके

सिर्फ खुशबूदार पौधे लगाने से चूहों की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। अगर बगीचे में उन्हें खाने के लिए चीजें और छिपने की जगह आसानी से मिलती रहे, तो वे बार-बार वहां आ सकते हैं। इसलिए कूड़ेदान को हमेशा ढककर रखें और खाने के बचे हुए टुकड़ों को खुले में न छोड़ें। घर या बगीचे के आसपास खाना गिर जाए, तो उसे तुरंत साफ कर दें और कचरे को सही जगह पर डालें।

बगीचे में सूखे पत्ते, लकड़ियां, गत्ते, पुराने डिब्बे और बेकार सामान जमा न होने दें, क्योंकि चूहे इनमें आसानी से छिप सकते हैं। दीवार, दरवाजे, पाइप या बाउंड्री के आसपास छोटे छेद और दरारें दिखें, तो उन्हें बंद कर दें। साथ ही, घास और झाड़ियों को समय-समय पर काटते रहें, ताकि चूहों को छिपने के लिए कम जगह मिले। इन आसान बातों का ध्यान रखने से बगीचे को चूहों के लिए कम आकर्षक बनाया जा सकता है।

ध्यान रखें

पुदीना, लैवेंडर और रोजमेरी जैसे खुशबूदार पौधे बगीचे में लगाने से चूहों को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, बगीचे की सफाई रखना, खाने की चीजें खुले में न छोड़ना और चूहों के छिपने की जगह हटाना भी जरूरी है। यदि चूहों की समस्या ज्यादा बढ़ गई है या वे घर के अंदर आने लगे हैं, तो सिर्फ इन घरेलू उपायों पर डिपेंड न रहें और जरूरत पड़ने पर प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल की मदद लें।

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चावल बनाने या धोने के बाद बचा हुआ पानी हम बिना सोचे सिंक में बहा देते हैं। लेकिन इसे फेंकने के बजाय आप अपने घर के पौधों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। सादे चावल के पानी में थोड़ा स्टार्च और कुछ मिनरल्स होते हैं, जो मिट्टी के लिए काम आ सकते हैं और पौधों की अच्छी ग्रोथ में मदद कर सकते हैं।

पौधों में डालने से पहले चावल के पानी को पूरी तरह ठंडा कर लें और जरूरत हो तो इसमें थोड़ा सादा पानी मिला लें। इसमें नमक, तेल या मसाले नहीं होने चाहिए। इसे पत्तियों पर डालने के बजाय पौधे की जड़ों के आसपास की मिट्टी में डालना बेहतर है। अगर आप भी किचन की चीजों का सही इस्तेमाल करके पौधों की देखभाल करना चाहते हैं, तो आगे जानिए कौन-से पौधों में चावल का पानी इस्तेमाल किया जा सकता है।

स्पाइडर प्लांट और पीस लिली

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स्पाइडर प्लांट को हल्की नमी वाली मिट्टी पसंद होती है। आप कुछ हफ्तों में एक बार इसमें सादा चावल का पानी डाल सकते हैं। इसे पत्तियों पर डालने के बजाय सीधे मिट्टी और जड़ों के पास डालें। साथ ही, जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें।

पीस लिली को बढ़ने के समय हल्का पोषण पसंद होता है। ऐसे में कभी-कभी सादा चावल का पानी मिट्टी में डाला जा सकता है। इसे पत्तियों पर डालने के बजाय सीधे जड़ों के पास डालें। बहुत ज्यादा चावल का पानी इस्तेमाल न करें।

टमाटर के पौधे और पोथोस

टमाटर के पौधों को अच्छी ग्रोथ, फूल और फल के लिए पर्याप्त पोषण चाहिए। कभी-कभी चावल का पानी जड़ों के पास डाला जा सकता है, लेकिन यह फर्टिलाइजर का ऑप्शन नहीं है। टमाटर के लिए कम्पोस्ट और सही फर्टिलाइजर देना ज्यादा जरूरी है।

पोथोस घर के अंदर आसानी से उगने वाला पौधा है। इसमें कभी-कभी सादा चावल का पानी डाला जा सकता है। इससे मिट्टी को कुछ पोषण मिल सकता है और पौधे की ग्रोथ में मदद मिल सकती है। लेकिन मिट्टी को हमेशा गीला न रखें, क्योंकि ज्यादा पानी से जड़ों को नुकसान हो सकता है।

मनी प्लांट और फर्न

मनी प्लांट मिट्टी पानी दोनों में आसानी से बढ़ता है। मिट्टी में लगे मनी प्लांट को कभी-कभी ठंडा और सादा चावल का पानी दिया जा सकता है। इससे मिट्टी में मौजूद अच्छे माइक्रोब्स को मदद मिल सकती है। इसे नार्मल पानी की जगह नहीं, बल्कि कभी-कभी ही इस्तेमाल करें।

फर्न को हल्की नम मिट्टी पसंद होती है, इसलिए कभी-कभी इसमें सादा चावल का पानी दिया जा सकता है। लेकिन पानी बहुत ज्यादा न डालें, क्योंकि फर्न की जड़ों के पास पानी जमा होने से समस्या हो सकती है। गमले में अच्छी ड्रेनेज होना भी जरूरी है।

चावल का पानी इस्तेमाल करने टिप्स

घर के बगीचे में लगे पौधों के लिए कभी-कभी सादे चावल के पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। पौधों की बढ़त के समय थोड़ी मात्रा में चावल का पानी दिया जा सकता है, लेकिन इसे नार्मल पानी की जगह इस्तेमाल न करें। पौधों में चावल का पानी डालते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। हमेशा सादा चावल का पानी इस्तेमाल करें, जिसमें नमक, तेल, मक्खन या मसाले न मिले हों। चावल का पानी पत्तियों पर डालने के बजाय सीधे जड़ों के पास मिट्टी में डालें। पानी देने के रूटीन के साथ हर 2 से 4 हफ्ते में एक बार चावल का पानी देना फायदेमंद है।

जब बरसे बदरा तो महकेगा आंगन, बारिश में लगाएं ये 6 पौधे और पाएं फूलों की वादियां!

मानसून आते ही प्रकृति हरियाली से भर जाती है और यही समय घर के बगीचे को सजाने के लिए भी सबसे अच्छा होता है। बारिश की नमी पौधों को तेजी से बढ़ने में मदद करती है। ऐसे में कुछ खास पौधे लगाकर आप अपने घर को खूबसूरत और हरा-भरा बना सकते हैं:

 

मोगरा – खुशबू से भर देगा आंगन

मोगरे के पौधे में पूरी गर्मी नहीं होगी फूलों की कमी, बस अप्रैल के महीने में करें ये 5 जरूरी काम - 5 essential april care tips to keep your mogra plant

अगर आप चाहते हैं कि बारिश के मौसम में आपका घर मीठी और मनमोहक खुशबू से महकता रहे, तो मोगरे का पौधा जरूर लगाएं। मानसून में इसे अच्छी नमी मिलती है, जिससे इसकी ग्रोथ बेहतर होती है और इसमें सफेद रंग के खूबसूरत फूल खूब खिलते हैं। सही धूप, पानी और देखभाल मिलने पर मोगरा आपके बगीचे की सुंदरता बढ़ा सकता है।

 

गेंदा – कम देखभाल में खिलने वाला पौधा

How to Grow Marigold: घर पर इस तरह उगाएं गेंदे का फूल - टोकरी भर-भर कर खिलेंगे फूल

गेंदा ऐसा फूलों वाला पौधा है, जिसे ज्यादा मेहनत और देखभाल की जरूरत नहीं होती। इसके पीले और नारंगी रंग के चमकीले फूल बगीचे को अट्रैक्टिव बना देते हैं। यह पौधा मानसून में तेजी से बढ़ता है और माना जाता है कि इसकी खुशबू कुछ कीड़ों को दूर रखने में भी मदद कर सकती है।

 

गुड़हल – बड़े और रंग-बिरंगे फूलों की खूबसूरती

बारिश शुरू होते ही फूलों से भर जाएगा आपका गार्डन, मानसून में लगाएं ये 6 खूबसूरत पौधे, हर कोई करेगा तारीफ - News18 हिंदी

बारिश का मौसम गुड़हल के पौधे के ग्रोथ के लिए बेहद अच्छा माना जाता है। इस समय पौधा तेजी से बढ़ता है और इसमें बड़े साइज के लाल, गुलाबी, पीले या अन्य रंगों के फूल खिलते हैं। गुड़हल को अच्छी धूप और नियमित पानी की जरूरत होती है, इसलिए मानसून में इसकी देखभाल करना आसान हो जाता है।

 

स्नेक प्लांट – कम देखभाल में बढ़ने वाला पौधा

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अगर आप ऐसा पौधा चाहते हैं जिसकी ज्यादा देखभाल न करनी पड़े, तो स्नेक प्लांट एक बेहतरीन ऑप्शन है। इसे घर के अंदर या बाहर दोनों जगह लगाया जा सकता है। हालांकि, इसमें जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए, क्योंकि गमले में पानी जमा रहने से इसकी जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।

 

तुलसी – खूबसूरती के साथ औषधीय गुण

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तुलसी का पौधा भारतीय घरों में धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। मानसून में यह तेजी से बढ़ता है, लेकिन ध्यान रखें कि इसके गमले में पानी जमा न हो। तुलसी को रोजाना कुछ घंटे हल्की धूप मिलना जरूरी होता है, जिससे यह स्वस्थ बनी रहती है।

 

फर्न – हरियाली बढ़ाने के लिए बेहतरीन ऑप्शन

How to Grow and Care Foxtail Fern || Fun Gardening

फर्न की घनी और हरी पत्तियां बगीचे को नेचुरल और ताजा लुक देती हैं। यह पौधा नमी वाले वातावरण में अच्छी तरह ग्रोथ होता है, इसलिए बारिश का मौसम इसके लिए अनुकूल होता है। फर्न को सीधी तेज धूप पसंद नहीं होती, इसलिए इसे ऐसी जगह लगाना बेहतर होता है जहां हल्की छाया मिलती रहे।

बारिश में लगाएं ये पौधे और सजाएं अपना बगीचा

This may contain: many different colored flowers in the grass

अगर आप अपने घर के गार्डन, बालकनी या छत को हरियाली और फूलों से सजाना चाहते हैं, तो मानसून सबसे सही समय है। यहां दिए गए पौधे आसानी से लगाए जा सकते हैं और ये आपके घर को खूबसूरत, ताजा और नेचुरल फील देते हैं।