रोशनदान के पास बस एक पौधा और घर में बरसेगा पैसा! जानिए फेंग शुई के नियम

घर के रोशनदान को सिर्फ रोशनी और हवा आने की जगह न समझें, इसे हरियाली से भी खूबसूरत बनाया जा सकता है रोशनदान के पास सही पौधे लगाने से घर का यह छोटा सा हिस्सा और भी सुंदर दिखने लगता है। साथ ही, फेंग शुई के अनुसार पौधों को घर में सकारात्मक माहौल और ताजगी से भी जोड़ा जाता है।

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बैरिंगटोनिया का पेड़

बैरिंगटोनिया अपने खूबसूरत फूलों और हरे-भरे रूप के लिए जाना जाता है। इसके बड़े फूल घर के बड़े आंगन या खुले रोशनदान वाली जगह को बेहद सुंदर बना सकते हैं। फेंग शुई से जुड़ी मान्यताओं में इस पेड़ को समृद्धि, सौभाग्य और शांति का प्रतीक माना जाता है। घर में बड़ा रोशनदान या खुला स्थान है, तो यह पेड़ वहां अच्छी तरह सज सकता है। इसे भरपूर धूप, रेफूलर पानी और पोषक मिट्टी की जरूरत होती है। साथ ही, ड्रेनेज का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि ज्यादा पानी जमा होकर जड़ों को नुकसान न पहुंचाए।

ताइवानी टर्मिनलिया कैटाप्पा 

ताइवानी टर्मिनलिया कैटाप्पा का पेड़ अपनी खूबसूरत पत्तियों और साइज के कारण घर के खुले हिस्सों और बड़े रोशनदान के लिए परफेक्ट है। इसकी पत्तियां ज्यादा घनी नहीं होतीं, इसलिए आसपास की जगह बहुत बंद या भारी नहीं लगती। फेंग शुई की मान्यताओं में इसे पॉजिटिव एनर्जी, बैलेंस और शांति से जोड़ा जाता है। इस पौधे को अच्छी धूप पसंद होती है और रेगुलर पानी की जरूरत पड़ती है। इसे ऐसी मिट्टी में लगाना बेहतर होता है, जिसमें पानी आसानी से निकल सके और पौधे को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिले।

पर्वतीय धन का पेड़

पर्वतीय धन वृक्ष यानी मनी ट्री अपनी घनी हरी पत्तियों के कारण घर के डेकोरेशन में काफी पसंद किया जाता है। फेंग शुई की मान्यताओं के अनुसार इसे धन, समृद्धि, सफलता और सौभाग्य से जोड़ा जाता है। रोशनदान के पास इसे रखने से घर के उस हिस्से में हरियाली और ताजगी भी बढ़ती है। इस पौधे को तेज रोशनी पसंद है, लेकिन यह हल्की छाया में भी बढ़ सकता है। इसलिए अलग-अलग तरह के रोशनदान वाली जगहों में इसे रखा जा सकता है। मिट्टी सूखने पर पानी दें और गमले या जमीन में पानी जमा न होने दें।

स्टारफ्रूट का पेड़

स्टारफ्रूट का पेड़ अपने हरे पत्तों, छोटे खूबसूरत फूलों और स्वादिष्ट फलों के लिए जाना जाता है। बड़े रोशनदान या खुले आंगन में यह पेड़ अच्छी तरह बढ़ सकता है। इसकी हरियाली घर को नेचुरल और शांत लुक देती है। लोक मान्यताओं में स्टारफ्रूट के पेड़ को समृद्धि, परिवार में एकता और सुख-शांति से जोड़ा जाता है। इसे नियमित पानी की जरूरत होती है, लेकिन मिट्टी में पानी जमा नहीं होना चाहिए। समय-समय पर इसकी शाखाओं की कटाई-छंटाई करें और फर्टिलाइजर दें, ताकि पौधे की अच्छी ग्रोथ बनी रहे।

 

बड़ा फ्रैंगिपानी पेड़

फ्रैंगिपानी यानी प्लुमेरिया अपने खूबसूरत सफेद, गुलाबी और हल्के पीले फूलों के साथ अपनी खुशबू के लिए भी जाना जाता है। इसका मोटा तना और चमकदार हरी पत्तियां इसे अट्रैक्टिव बनाती हैं। फेंग शुई और लोक मान्यताओं में इसे शांति, पवित्रता और सौभाग्य से जोड़ा जाता है। रोशनदान के पास इसे लगाने से घर में हरियाली के साथ फूलों की खूबसूरती भी देखने को मिलती है। इसे भरपूर धूप पसंद है, इसलिए खुली और अच्छी रोशनी वाली जगह इसके लिए बेहतर रहती है। पौधे को जरूरत के हिसाब से पानी दें और ऐसी मिट्टी चुनें जिसमें पानी आसानी से बाहर निकल सके।

 

रोशनदान के पास सही पौधे लगाने से घर में हरियाली और खूबसूरती बढ़ती है। फेंग शुई की मान्यताओं के अनुसार, ये पौधे घर में सकारात्मक माहौल, शांति और समृद्धि का एहसास भी ला सकते हैं। बस पौधे की जरूरत के हिसाब से धूप, पानी और मिट्टी का ध्यान रखें, ताकि आपका रोशनदान सुंदर और हरा-भरा बना रहे।

किचन से निकला ये देसी जुगाड़ आएगा काम, घर की हरियाली को हरा-भरा बनाने में!

चावल बनाने या धोने के बाद बचा हुआ पानी हम बिना सोचे सिंक में बहा देते हैं। लेकिन इसे फेंकने के बजाय आप अपने घर के पौधों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। सादे चावल के पानी में थोड़ा स्टार्च और कुछ मिनरल्स होते हैं, जो मिट्टी के लिए काम आ सकते हैं और पौधों की अच्छी ग्रोथ में मदद कर सकते हैं।

पौधों में डालने से पहले चावल के पानी को पूरी तरह ठंडा कर लें और जरूरत हो तो इसमें थोड़ा सादा पानी मिला लें। इसमें नमक, तेल या मसाले नहीं होने चाहिए। इसे पत्तियों पर डालने के बजाय पौधे की जड़ों के आसपास की मिट्टी में डालना बेहतर है। अगर आप भी किचन की चीजों का सही इस्तेमाल करके पौधों की देखभाल करना चाहते हैं, तो आगे जानिए कौन-से पौधों में चावल का पानी इस्तेमाल किया जा सकता है।

स्पाइडर प्लांट और पीस लिली

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स्पाइडर प्लांट को हल्की नमी वाली मिट्टी पसंद होती है। आप कुछ हफ्तों में एक बार इसमें सादा चावल का पानी डाल सकते हैं। इसे पत्तियों पर डालने के बजाय सीधे मिट्टी और जड़ों के पास डालें। साथ ही, जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें।

पीस लिली को बढ़ने के समय हल्का पोषण पसंद होता है। ऐसे में कभी-कभी सादा चावल का पानी मिट्टी में डाला जा सकता है। इसे पत्तियों पर डालने के बजाय सीधे जड़ों के पास डालें। बहुत ज्यादा चावल का पानी इस्तेमाल न करें।

टमाटर के पौधे और पोथोस

टमाटर के पौधों को अच्छी ग्रोथ, फूल और फल के लिए पर्याप्त पोषण चाहिए। कभी-कभी चावल का पानी जड़ों के पास डाला जा सकता है, लेकिन यह फर्टिलाइजर का ऑप्शन नहीं है। टमाटर के लिए कम्पोस्ट और सही फर्टिलाइजर देना ज्यादा जरूरी है।

पोथोस घर के अंदर आसानी से उगने वाला पौधा है। इसमें कभी-कभी सादा चावल का पानी डाला जा सकता है। इससे मिट्टी को कुछ पोषण मिल सकता है और पौधे की ग्रोथ में मदद मिल सकती है। लेकिन मिट्टी को हमेशा गीला न रखें, क्योंकि ज्यादा पानी से जड़ों को नुकसान हो सकता है।

मनी प्लांट और फर्न

मनी प्लांट मिट्टी पानी दोनों में आसानी से बढ़ता है। मिट्टी में लगे मनी प्लांट को कभी-कभी ठंडा और सादा चावल का पानी दिया जा सकता है। इससे मिट्टी में मौजूद अच्छे माइक्रोब्स को मदद मिल सकती है। इसे नार्मल पानी की जगह नहीं, बल्कि कभी-कभी ही इस्तेमाल करें।

फर्न को हल्की नम मिट्टी पसंद होती है, इसलिए कभी-कभी इसमें सादा चावल का पानी दिया जा सकता है। लेकिन पानी बहुत ज्यादा न डालें, क्योंकि फर्न की जड़ों के पास पानी जमा होने से समस्या हो सकती है। गमले में अच्छी ड्रेनेज होना भी जरूरी है।

चावल का पानी इस्तेमाल करने टिप्स

घर के बगीचे में लगे पौधों के लिए कभी-कभी सादे चावल के पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। पौधों की बढ़त के समय थोड़ी मात्रा में चावल का पानी दिया जा सकता है, लेकिन इसे नार्मल पानी की जगह इस्तेमाल न करें। पौधों में चावल का पानी डालते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। हमेशा सादा चावल का पानी इस्तेमाल करें, जिसमें नमक, तेल, मक्खन या मसाले न मिले हों। चावल का पानी पत्तियों पर डालने के बजाय सीधे जड़ों के पास मिट्टी में डालें। पानी देने के रूटीन के साथ हर 2 से 4 हफ्ते में एक बार चावल का पानी देना फायदेमंद है।