सोने से पहले 10 मिनट अपनाएं यह आसान और सस्ते घरेलू तरीके, दिनभर के थके पैरों के लिए काम की ट्रिक!

खूबसूरत और हेल्दी पैरों के लिए अब आपको पार्लर जाकर महंगे पेडीक्योर पर पैसा खर्च करने की जरुरत नहीं है। आजकल नेचुरल और हाउसहोल्ड इंग्रीडिएंट से तैयार एक सिंपल फुट केयर हैक लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो रहा है। एक्सपर्ट के अनुसार, घर की लिचें में मिलने वाले इंग्रीडिएंट से बना यह मिक्सचर पैरों की स्किन को गहराई से साफ करता है और उन्हें पोषण देता है। इस असरदार मिक्सचर को तैयार करने और पैरों पर अप्लाई करने की प्रोसेस बेहद सरल है, जो आपके फुट केयर रूटीन को बजट-फ्रेंडली और आसान बनाती है।

नमक और सिरके के पानी के फायदे

नमक और सिरके को पानी में मिलाकर पैरों को भिगोने से सफाई में मदद मिल सकती है और पैरों की बदबू कुछ कम महसूस हो सकती है। सिरके में एसिडिक गुण होते हैं, जबकि नमक अतिरिक्त नमी को सोखने में मदद करता है। गुनगुने पानी में पैर रखने से थकान और भारीपन से भी थोड़ी राहत मिल सकती है।

ऐसे तैयार करें फुट सोक

एक बड़े बर्तन में करीब 1 लीटर गुनगुना पानी लें और उसमें आधा कप सिरका और 2 बड़े चम्मच मोटा नमक डालें। नमक को थोड़ा घुलने दें और फिर पैरों को करीब 15 से 20 मिनट तक पानी में रखें। पानी बहुत गर्म नहीं होना चाहिए, वरना स्किन में जलन हो सकती है।

फुट सोक से पहले रखें सावधानी

सेंसेटिव स्किन वाले लोगों, खुले घाव, कट या किसी तरह की स्किन की परेशानी होने पर इस तरीके को आजमाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर है। सिरका चोट या क्रैक स्किन पर जलन बढ़ा सकता है। पैरों में तेज खुजली, रेडनेस, घाव या गंभीर फंगल इंफेक्शन जैसी प्रॉब्लम पहले से मौजूद हो, तो घरेलू उपाय पर डिपेंड रहने के बजाय सही मेडिकल ट्रीटमेंट लेना जरूरी है।

पैरों की सफाई के बाद रखें ये ख्याल

फुट सोक के बाद पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं। खासतौर पर उंगलियों के बीच नमी नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि गीली स्किन पर फंगस बढ़ने का खतरा हो सकता है। पैरों को सुखाने के तुरंत बाद लंबे समय तक बंद और गर्म जूते पहनने से भी बचें।

घर में मिलने वाली कुछ आम चीजों से ही पैरों की देखभाल आसान हो सकती है और इसके लिए ज्यादा खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ती। इस तरह के घरेलू तरीके को सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है, ताकि पैरों को साफ और आरामदायक रखने में मदद मिल सके।

जिसे आप सिंक में बहा देते हैं, वो चावल का पानी बचा सकता है आपके हजारों रुपये! जानिए कैसे

अक्सर लोग चावल पकने के बाद बचने वाले पानी को बेकार समझकर इसे फेंक देते है। लेकिन इसे सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यही मांड घर के कई कामों में आसानी से इस्तेमाल हो सकता है। रोज की जरूरतों में छोटी-छोटी चीजों के लिए इसे दोबारा इस्तेमाल करना न सिर्फ आसान है, बल्कि इससे बेवजह चीजें फेंकने की आदत भी कम हो सकती है। इसलिए चावल का पानी बच जाए, तो उसे तुरंत सिंक में डालने के बजाय एक बार इन आसान इस्तेमालों के बारे में जरूर जान लें।

1. पौधों की देखभाल में काम आए

चावल पकाने के बाद बचा हुआ मांड पौधों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे पहले अच्छी तरह ठंडा कर लें और फिर पौधों की मिट्टी में थोड़ी मात्रा डालें। इससे पानी फेंकने की बजाय उसका दोबारा इस्तेमाल हो जाता है।

2. आटा गूंथने में करें इस्तेमाल

आटा गूंथते समय साधारण पानी की जगह थोड़ा चावल का मांड मिलाकर देख सकते हैं। इससे आटा नरम हो सकता है और रोटियां या पराठे भी मुलायम बन सकते हैं। इसके लिए अलग से कुछ खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती।

3. बालों में दे सकते हैं एक्स्ट्रा केयर

कई लोग बालों की देखभाल के लिए चावल के पानी का इस्तेमाल करते हैं। इसे बालों और स्कैल्प पर लगाने से बाल थोड़े मुलायम और संभालने में आसान महसूस हो सकते हैं।

4. खाना बनाने में बढ़ाएं स्वाद

चावल के पानी को सिर्फ पीने या फेंकने तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है। इसे सूप, ग्रेवी या स्टिर-फ्राई जैसी डिश में थोड़ी मात्रा में डाला जा सकता है। इसका स्टार्च खाने को हल्का सा गाढ़ापन देता है और टेस्ट को भी अच्छी तरह मिलाने में मदद कर सकता है।

5. बेकिंग में भी आ सकता है काम

ब्रेड, बन या दूसरे बेकिंग आइटम बनाते समय भी चावल के मांड का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे आटे में नमी बनी रह सकती है और तैयार चीज का टेक्सचर थोड़ा नरम आ सकता है।

6. घर पर बनाएं हल्का फेस पैक

चावल के पानी को स्किन की देखभाल में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसे कॉटन की मदद से चेहरे पर हल्के से लगाया जा सकता है या ओट्स जैसे सिंपल इंग्रीडिएंट्स के साथ मिलाकर स्किन पैक बनाया जा सकता है।

मांड का इस्तेमाल करते समय बरतें ये सावधानियां

  • चावल के मांड को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
  • इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह ठंडा कर लें और लंबे समय तक रूम टेम्परेचर पर रखकर इस्तेमाल न करें।
  • पौधों में डालने के लिए सिर्फ सादा मांड लें, उसमें नमक, मसाला या तेल मिला हुआ नहीं होना चाहिए।
  • स्किन या बालों पर लगाने से पहले थोड़ी मात्रा में पैच टेस्ट कर लें, यदि आपकी स्किन सेंसेटिव है।
  • मांड का इस्तेमाल हमेशा ताजा और साफ तरीके से करें और यदि उसमें बदबू आने लगे या वह खराब दिखाई दे, तो उसे इस्तेमाल करने से बचें।
इन तरीकों का उपयोग करके आप चावल बनाने के बाद बचे हुए माड़ को घर में कई तरह से काम में ला सकते है और इसे खाना बनाने, पौधों की देखभाल या कुछ रोज के कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है। सही तरीके से दोबारा इस्तेमाल करने पर यह बचा हुआ पानी काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

किचन का वो ‘कचरा’ जो आपकी त्वचा और पौधों के लिए है असली सोना!

आलू की सब्जी या कोई दूसरी डिश बनाने के बाद हम उसके छिलके निकालकर सीधे डस्टबिन में डाल देते हैं। लेकिन जिन्हें हम बेकार समझते हैं, वे घर के कई छोटे-बड़े कामों में इस्तेमाल हो सकते हैं, इन छिलकों को सही तरीके से इस्तेमाल करके बर्तन साफ करने, पौधों की देखभाल करने और यहां तक कि खाने के लिए कुछ नया बनाने में भी काम लिया जा सकता है।

यदि आप भी घर में चीजों को दोबारा इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, तो आलू के छिलकों को फेंकने से पहले एक बार जरूर सोचें। इन्हें थोड़ी मेहनत के साथ उपयोगी चीज में बदला जा सकता है और इससे किचन का कचरा भी कम होगा। आलू के छिलकों के कुछ आसान और काम के इस्तेमाल करके आप घर पर आसानी से आजमा सकते हैं।

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1. चेहरे की सफाई और निखार में मदद

आलू के छिलकों में कुछ एंटीऑक्सिडेंट और पोषक तत्व पाए जाते हैं, इसलिए कई लोग इन्हें स्किन की देखभाल के लिए इस्तेमाल करते हैं। छिलकों को गुलाब जल से हल्का गीला करके चेहरे पर बहुत हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। आप चाहें तो छिलकों को पीसकर उसमें थोड़ा दूध मिलाकर पेस्ट भी बना सकते हैं। इसे करीब 10 मिनट चेहरे पर लगाकर साफ पानी से धो लें। इससे स्किन साफ और मुलायम महसूस हो सकती है।

2. बालों के लिए इस्तेमाल

आलू के छिलकों से तैयार पानी को बालों की देखभाल के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए छिलकों को करीब 1 लीटर पानी में 10-15 मिनट तक उबालें। पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर ठंडा कर लें। शैम्पू करने के बाद इस पानी को बालों और स्कैल्प पर लगाएं और कुछ देर बाद नॉर्मल पानी से धो लें।

3. डार्क सर्कल और टैनिंग के लिए

आलू के छिलकों को डार्क सर्कल, झाइयों और टैनिंग के लिए घरेलू उपाय के समान इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए छिलके के अंदर वाले हिस्से को एफेक्टेड जगह पर करीब 5 मिनट तक बहुत हल्के हाथों से लगाएं। आंखों के आसपास इस्तेमाल करते समय सावधानी रखें और आंखों में जाने से बचाएं। आपकी स्किन सेंसेटिव है, तो पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें।

4. वेट लॉस में फायदेमंद

आलू के छिलकों में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पेट को कुछ समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। इसी कारण छिलके सहित आलू को डाइट में शामिल किया जा सकता है। यदि आपको कुरकुरा खाना पसंद है, तो साफ किए हुए आलू के छिलकों को हल्के मसालों के साथ बेक या रोस्ट करके स्नैक की तरह भी खा सकते हैं।

5. पौधों के लिए न्यूट्रिशन

आलू के छिलकों को कूड़े में फेंकने के बजाय पौधों की देखभाल में इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें अच्छी तरह साफ करके कुछ दिनों तक सुखाएं या पानी में भिगोकर इसका पानी तैयार करें। छाने हुए पानी को पौधों की मिट्टी में सीमित मात्रा में डाला जा सकता है। छिलकों को सीधे बहुत ज्यादा मात्रा में मिट्टी में डालने से बचें, ताकि कीड़े न लगे।

6. होम क्लीनिंग में मददगार

आलू के छिलकों से तैयार पानी का इस्तेमाल कुछ घरेलू सफाई के कामों में किया जा सकता है। छिलकों को पानी में उबालकर उस पानी को ठंडा कर लें और फिर इसे सफाई के लिए इस्तेमाल करें। छोटे-मोटे दाग या गंदगी साफ करने में इसे आजमाया जा सकता है।

आलू के छिलके सिर्फ किचन वेस्ट नहीं हैं, बल्कि इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करके स्किन, बालों, पौधों और घर की सफाई जैसे कई कामों में मदद ली जा सकती है। इसलिए अगली बार इन्हें फेंकने से पहले इनके इन आसान इस्तेमालों को जरूर आजमाएं।

पैसे टिकते नहीं तो हो रही है ये गलती, आपकी रसोई बना देगी अमीर! बस ये काम कभी न करें

रोटी हर भारतीय रसोई का सबसे जरूरी हिस्सा है। कई लोग आटा बर्बाद न हो, इसलिए पहले से तय करके गिनती के हिसाब से रोटियां बनाते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रोटी या अन्न का इस तरह हिसाब लगाना शुभ नहीं माना जाता। माना जाता है कि रसोई में अपनाई गई छोटी-छोटी आदतें भी घर की सुख-समृद्धि, बरकत और सकारात्मक ऊर्जा पर असर डाल सकती हैं। रोटियां गिनकर बनाने से जुड़ी मान्यताएं और रसोई के कुछ महत्वपूर्ण वास्तु नियम।

 

रोटियां गिनकर बनाना

सनातन परंपरा में अन्न को भगवान का स्वरूप और मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद माना गया है। इसलिए भोजन को सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि जीवन का आधार माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रोटियां गिनकर बनाना या परोसना अन्न का हिसाब लगाने जैसा माना जाता है। कहा जाता है कि इससे मां अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होतीं, इसलिए भोजन का हमेशा सम्मान करना चाहिए।

 

बरकत पर असर

वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई घर की ऊर्जा पूरे घर को प्रभावित करती है। मान्यता है कि हर चीज का जरूरत से ज्यादा हिसाब रखा जाए, भोजन का, तो घर की बरकत धीरे-धीरे कम होने लगती है। इससे आर्थिक परेशानियां, धन की कमी और खर्च बढ़ने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। इसलिए रोटियां बनाते समय थोड़ा ज्यादा भोजन रखना शुभ माना जाता है।

 

सूर्य ग्रह का संबंध

ज्योतिष शास्त्र में गेहूं का संबंध सूर्य ग्रह से माना गया है। ऐसी मान्यता है कि भोजन को गिनकर बनाने की आदत सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा को कमजोर कर सकती है। इसके कारण घर में तनाव, मनमुटाव और पारिवारिक मतभेद बढ़ने की संभावना बताई जाती है। हालांकि यह धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता है।

 

पहली और आखिरी रोटी

वास्तु और धार्मिक परंपरा के अनुसार रोटी बनाते समय पहली रोटी गाय के लिए निकालनी चाहिए। लेकिन आखिर में बनने वाली रोटी कुत्ते, पक्षियों या अन्य जीवों के लिए अलग रखने की परंपरा भी है। ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा व सुख-शांति बनी रहने की मान्यता है।

 

रोटी बनाने का तरीका

रोटी बनाने से पहले गर्म तवे पर पानी या दूध की कुछ बूंदें छिड़कना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही रोटियां बनाते समय साफ-सफाई, शांत मन और सकारात्मक सोच रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ऐसे वातावरण में बना भोजन परिवार के लिए शुभ फल देता है और घर का माहौल भी अच्छा बना रहता है।

 

आटा स्टोर करना

अगर घर के लिए आटा गूंधना हो, तो रोटियों की गिनती तय करने के बजाय परिवार के सदस्यों की जरूरत का अंदाजा लगाकर आटा निकालना बेहतर माना जाता है। साथ ही 2–3 रोटियां ज्यादा बनाना भी शुभ माना जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी मेहमान, जरूरतमंद या पशु-पक्षी के लिए भोजन मिल सके।

 

बचे हुए आटे का नियम

वास्तु शास्त्र में गूंथे हुए आटे को लंबे समय तक फ्रिज में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि बासी आटा नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है। इसलिए जितनी जरूरत हो उतना ही आटा गूंधें और ताजा भोजन बनाने की कोशिश करें। यह धार्मिक मान्यता होने के साथ-साथ ताजा भोजन खाने की अच्छी आदत भी मानी जाती है।

बचा हुआ खाना भी रहेगा फ्रेश बस इन 5 बातों के रखें ध्यान, नहीं तो फ्रिज में रखा हुआ खाना भी कर सकता है बीमार!

घर में खाना बच जाना बहुत आम बात है। कई लोग इसे दोबारा गर्म करके खा लेते हैं या कई दिनों तक फ्रिज में रख देते हैं। इससे खाना बर्बाद तो नहीं होता, लेकिन अगर इसे सही तरीके से स्टोर और इस्तेमाल न किया जाए तो यही बचा हुआ खाना फूड पॉइजनिंग, पेट की समस्या और बैक्टीरिया बढ़ने का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं बचा हुआ खाना इस्तेमाल करते समय होने वाली 5 बड़ी गलतियों के बारे में:

1. खाने को लंबे समय तक बाहर रखना

K Bhagat Tarachand, Borivali West, Mumbai | zomato

सबसे बड़ी गलती यह होती है कि लोग बचे हुए खाने को घंटों तक कमरे के तापमान पर ही छोड़ देते हैं। गर्म मौसम में बैक्टीरिया बहुत तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे खाना खराब हो सकता है। कई बार खाना देखने और सूंघने में ठीक लगता है, लेकिन उसमें हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। खाने को पकने के बाद ज्यादा देर तक बाहर रखने से बचना चाहिए। अगर खाना बच गया है तो उसे जल्दी ठंडा करके साफ डिब्बे में रखकर फ्रिज में रखना बेहतर होता है।

2. फ्रिज में रखे खाने को कई दिनों तक इस्तेमाल करना

क्या आप भी फ्रिज में रखते हैं कटे फल? ये गलती सेहत पर पड़ सकती है भारी, एक्सपर्ट ने बताया कब बन जाते हैं जहरीले - News18 हिंदी

कई लोग सोचते हैं कि फ्रिज में रखा खाना लंबे समय तक सेफ रहेगा, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। फ्रिज केवल बैक्टीरिया की बढ़ने की गति को धीमा करता है, उन्हें पूरी तरह खत्म नहीं करता। बचा हुआ खाना कितने समय तक सेफ रहेगा, यह खाने के प्रकार और स्टोरेज पर निर्भर करता है। चावल, दाल, सब्जी, मांस या डेयरी से बनी चीजों को ज्यादा दिनों तक रखने से उनमें खराबी आने का खतरा बढ़ सकता है।

3. खाने को बार-बार गर्म करना

क्या फ्रिज में रखा हुआ खाना बार-बार गर्म करना सही है? जानिए सेहत पर इसका क्या असर पड़ता है और स्टोरेज का सही तरीका - News18 हिंदी

कई घरों में बचा हुआ खाना बार-बार गर्म करके खाया जाता है। यह आदत सही नहीं मानी जाती क्योंकि बार-बार गर्म करने से खाने का स्वाद और पोषण कम हो सकता है। साथ ही अगर खाना लंबे समय तक बाहर रहा हो, तो गर्म करने के बाद भी कुछ हार्मफुल एलिमेंट रह सकते हैं। बेहतर है कि जितना खाना खाना हो, उतनी ही मात्रा गर्म करें और पूरे बचे हुए खाने को बार-बार गर्म करने से बचें।

4. खाने को गलत तरीके से स्टोर करना

Kitchen Tips: फ्रिज में रखा खाना बार-बार गर्म करके खाते हैं? पहले जान लें इससे होने वाले नुकसान| Kitchen Tips

बचे हुए खाने को खुले बर्तन में रखना या बिना ढके फ्रिज में रख देना भी एक बड़ी गलती है। इससे खाने में दूसरी चीजों की गंध आ सकती है और बैक्टीरिया पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। खाने को हमेशा साफ और एयरटाइट डिब्बे में रखना चाहिए। फ्रिज में रखने से पहले खाने को नॉर्मल टेम्परेचर तक आने देना और सही तरीके से ढकना जरूरी है।

5. खराब होने के संकेतों को नजरअंदाज करना

क्या फ्रिज में रखा हुआ खाना बार-बार गर्म करना सही है? जानिए सेहत पर इसका क्या असर पड़ता है और स्टोरेज का सही तरीका - News18 हिंदी

कई बार लोग सिर्फ इसलिए खाना खा लेते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इसे फेंकना नहीं चाहिए। लेकिन अगर खाने से अजीब गंध आ रही हो, रंग बदल गया हो, स्वाद खराब लग रहा हो या उसमें फफूंद दिखाई दे रही हो तो उसे खाना हार्मफुल हो सकता है। खाने की खराबी के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि छोटी सी लापरवाही हेल्थ पर बड़ा असर डाल सकती है।

बचा हुआ खाना सुरक्षित रखने के आसान तरीके:

फ्रिज में रखा खाना बार-बार गर्म करना पड़ सकता है भारी! जानिए कौन-सी गलती बढ़ा सकती है फूड पॉइजनिंग का खतरा - News18 हिंदी

खाना बचने के बाद उसे जल्दी से फ्रिज में रखें।

हमेशा साफ और ढक्कन वाले कंटेनर का इस्तेमाल करें।

फ्रिज का टेम्परेचर सही बनाए रखें।

खाने को खाने से पहले अच्छी तरह गर्म करें।

बहुत पुराना या हाइजीन खाना खाने से बचें।

एक बार निकाले गए खाने को बार-बार फ्रिज में रखने से बचें।

 

बचा हुआ खाना सही तरीके से रखा जाए तो उसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही से यही खाना बीमारी का कारण बन सकता है। खाने की सही स्टोरेज, समय पर इस्तेमाल और साफ-सफाई का ध्यान रखकर आप स्वाद के साथ अपनी हेल्थ का भी ख्याल रख सकते हैं।