Stocks to Watch: 25 सितंबर को Nykaa, PB Fintech, ESDS Software Solution समेत इन शेयरों में बड़े उतार-चढ़ाव के आसार

शुक्रवार, 25 सितंबर को कई शेयरों पर फोकस रहेगा। लिस्ट में नाइका, पीबी फिनटेक, व्हील्स इंडिया, आइनॉक्स ग्रीन एनर्जी, पर्पल स्टाइल लैब्स जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में बड़ी उठापटक दिख सकती है। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा शुक्रवार को SME सेगमेंट में एक कंपनी की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही 4 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड और 2 कंपनियों के शेयर एक्स-स्प्लिट ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

इन शेयरों पर रहेगी नजर

ESDS Software Solution: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14% बढ़कर 29.3 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 7.3% बढ़कर 133.7 करोड़ रुपये हो गया।

Purple Style Labs: Q1 में कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर कम होकर 88.1 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 13% बढ़कर 119.4 करोड़ रुपये हो गया।

PB Fintech: Policybazaar प्लेटफॉर्म की पेरेंट कंपनी का शेयर 24 सितंबर को 36 प्रतिशत टूटा था। बंपर बिकवाली की वजह रही इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI का डिस्ट्रीब्यूशन सुधारों पर नया ड्राफ्ट और उसके बाद बर्नस्टीन का व्यू। बर्नस्टीन का मानना है कि कमीशन को लेकर ड्राफ्ट पेपर में प्रस्तावित कटौती से PB Fintech को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, क्योंकि इन टेक-रेट पर कॉल सेंटर की लागत नहीं निकल पाएगी। इस शेयर पर शुक्रवार को भी नजर रहेगी।

Wheels India: कंपनी का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) 24 सितंबर को खुल गया। फ्लोर प्राइस ₹2,197.10 प्रति शेयर है।

Inox Green Energy Services: कंपनी ने 24 सितंबर को अपना QIP लॉन्च किया। फ्लोर प्राइस ₹174.36 प्रति शेयर तय किया गया है।

FSN E-Commerce Ventures (Nykaa): नाइका और L’Oréal के कॉर्पोरेट वेंचर कैपिटल फंड, BOLD (बिजनेस अपॉर्चुनिटीज फॉर L’Oréal डेवलपमेंट) ने तेजी से बढ़ रहे भारतीय ब्यूटी और पर्सनल केयर ब्रांड्स की अगली पीढ़ी में मिलकर निवेश करने के लिए एक सहयोग की घोषणा की है।

Waaree Energies: कंपनी की सब्सिडियरी, Waaree Clean Energy Solutions ने भारत के स्पेशिएलिटी गैस बिजनेस में उतरने की घोषणा की है। इसका मकसद देश की सेमीकंडक्टर और सोलर सेल बनाने वाली कंपनियों के लिए वन-स्टॉप सप्लायर बनना है।

LCC Projects: कंपनी राजस्थान के गंगधार में छोटी कालीसिंध और चाहुरनी नदियों पर सोलर पावर वाले स्प्रिंकलर सिस्टम पर बेस्ड ‘छोटी कालीसिंध मीडियम इरिगेशन प्रोजेक्ट’ के लिए L-1 बिडर (सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी) के तौर पर उभरी है। इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित कीमत 653.34 करोड़ रुपये है।

Dr Lal PathLabs: कंपनी के बोर्ड ने SN Genelab में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूदा शेयरधारकों से खरीदने को मंजूरी दे दी है। डील ₹168 करोड़ तक की होगी। इस अधिग्रहण के बाद SN Genelab, डॉ. लाल पैथलैब्स की सब्सिडियरी बन जाएगी। ट्रांजेक्शन के 30 नवंबर, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

JSW Cement: कंपनी को बेलागावी ऑडिट कमिश्नरेट के एडिशनल कमिश्नर (सेंट्रल टैक्स) से एक ‘कारण बताओ नोटिस’ मिला है। यह नोटिस गलत क्लासिफिकेशन के कारण GST के कथित तौर पर कम भुगतान से संबंधित है। इसके चलते, डिपार्टमेंट ने अप्रैल 2022 से मार्च 2024 की अवधि के लिए 229.85 करोड़ रुपये के GST की मांग की है, जिसमें लागू ब्याज और 10 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है।

इस बीच, JSW स्टील और JSW सीमेंट द्वारा प्रमोटेड JSW वन प्लेटफॉर्म्स ने IPO के जरिए 3,054 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए SEBI, BSE और एनएसई के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है।

L&T Technology Services: कंपनी ने इंडस्ट्रियल AI में ग्लोबल लीडर, कॉग्नाइट (Cognite) के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की है। इसका मकसद एसेट-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज के लिए जॉइंट इंडस्ट्रियल AI और डेटा सॉल्यूशन विकसित करना और उन्हें उपलब्ध कराना है।

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बल्क और ब्लॉक डील्स

PB Fintech: HDFC म्यूचुअल फंड ने लगभग 320.6 करोड़ रुपये के 25 लाख शेयर खरीदे।

Brainbees Solutions (FirstCry): प्री-IPO निवेशक न्यूक्वेस्ट एशिया इनवेस्टमेंट्स ने लगभग 202 करोड़ रुपये के 1.15 करोड़ शेयर बेचे। वहीं गोल्डमैन सैक्स ने लगभग 119 करोड़ रुपये के 68 लाख शेयर खरीदे।

Sedemac Mechatronics: एक ही ब्लॉक डील में लगभग 1,469 करोड़ रुपये के 48.8 लाख शेयरों का लेन-देन हुआ। A91 एमर्जिंग फंड II और एक्सपोन्शिया कैपिटल से जुड़े फंड्स सहित प्राइवेट इक्विटी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचा। खरीदारों में सिंगापुर सरकार (GIC) और मॉनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर जैसे सॉवरेन फंड्स के साथ-साथ T रो प्राइस, अमांसा होल्डिंग्स और SBI, ICICI प्रूडेंशियल, एक्सिस, आदित्य बिड़ला सन लाइफ और इनवेस्टको सहित कई घरेलू म्यूचुअल फंड्स शामिल थे।

BlueStone Jewellery and Lifestyle: ब्लूस्टोन ज्वेलरी के लगभग 61.98 लाख शेयरों का लेन-देन 513.01 करोड़ रुपये में हुआ। बजाज लाइफ इंश्योरेंस, कुवैत इनवेस्टमेंट अथॉरिटी FD F238, सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, मिरे एसेट म्यूचुअल फंड, बंधन म्यूचुअल फंड और SBI लाइफ इंश्योरेंस ने Accel और 360 ONE WAM से BlueStone के शेयर खरीदे।

SME लिस्टिंग

Axiom Gas Engineering

ये स्टॉक करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी

LGT ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी

A D S डायग्नोस्टिक्स

नोबल पॉलिमर्स

ये शेयर करेंगे एक्स-स्प्लिट ट्रेड

नेच्युराइट एग्रो प्रोडक्ट्स

मिडवेस्ट एनर्जी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टूथपेस्ट से लेकर नहाने के साबुन तक, हर सामान पर लगाना होगा वेज और नॉन वेज का निशान

साबुन, शैंपू और टूथपेस्ट को की पैकिंग को देखने पर पहली नजर में यह बताना मुश्किल होता है कि ये उत्पाद पूरी तरह वेज हैं या नॉन वेज। इस समस्या से अक्सर खीझने वाले उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। सरकार ने इस उत्पादों पर खास लेबलिंग अनिवार्य कर दी है। इससे कस्टमर अब एक नजर देखकर जा सकेंगे कि पर्सनल केयर के ये उत्पाल वेजिटेरियन हैं या नॉन वेजिटेरियन हैं।

रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाले टॉयलेटरीज की पैकिंग पर नॉन वेज और वेज की पहचान बताने वाले संकेत जरूरी होगा। इसके लिए सरकार ने लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज़) रूल्स, 2011 में बदलाव किया है। यह बदलाव सोमवार से लागू हो गया। नए नियमों के तहत, शाकाहारी उत्पादों की पैकेजिंग पर हरा डॉट होना चाहिए। वहीं मांसाहारी उत्पादों पर पर लाल या भूरा डॉट दिखना चाहिए।

यह संकेत पैकेज के मेन डिस्प्ले पैनल के सबसे ऊपर लगाना होगा। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम का मकसद उपभोक्ताओं के लिए शॉपिंग करते समय किसी उत्पाद की पहचान करना आसान बनाना है। यह नोटिफिकेशन खास तौर पर साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट और दूसरे कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरीज पर लागू होता है। यह जरूरी मार्किंग आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले कई पर्सनल-केयर प्रोडक्ट्स पर लागू होगी। इससे कस्टमर्स खरीदने से पहले सीधे पैकेजिंग से प्रोडक्ट का शाकाहारी या मांसाहारी स्टेटस देख सकेंगे।

इस बदलाव के बाद ये उत्पाद लीगल मेट्रोलॉजी फ्रेमवर्क के तहत एक खास पैकेजिंग डिस्क्लोजर की जरूरत के तहत आ जाएंगे। कलर-कोडेड सिंबल का मकसद ग्राहकों को उत्पाद की सामग्री की पूरी जानकारी देखे बिना एक साफ दिखाई देने वाला संकेत देना है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अब लागू हुए बदलावों के साथ, इसके तहत आने वाले उत्पादों के विनिर्माताओं और विक्रेताओं को अपनी पैकेजिंग पर बताई गई लेबलिंग जरूरतों को फॉलो करना होगा।

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Godavari Biorefineries के शेयर बाजार खुलते ही बने रॉकेट, चीन से पेटेंट मिलने का असर

गोदावरी रिफाइनरीज के शेयर 16 सितंबर को बाजार खुलते ही रॉकेट बन गए। एक समय शेयर का प्राइस 13 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया था। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। 11:40 बजे शेयर 7.44 फीसदी के उछाल के साथ 243.50 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में तेजी की वजह चीन के पेटेंट ऑफिस से कंपनी को मिला एक पेटेंट है।

Godavari Biorefineries ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को जानकारी दी है। कंपनी ने कहा है कि उसने ‘यूज ऑफ कंपाउंड्स फॉर ट्रीटिंग वायरल इंफेक्शंस’ नाम से चीन के पेटेंट ऑफिस के पास एक अप्लिकेशन फाइल किया था। उसे अब पेटेंट मिल गया है। इस पेटेंट के तहत उन कंपाउंड्स के इस्तेमाल को कवर मिला है, जो शेल (cells) में V-ATPase एक्टिविटी को रोकते हैं। इन कंपाउंड्स का इस्तेमाल वायरल इंफेक्शंस के इलाज की दवाएं बनाने में होता है।

चाइनीज पेटेंट सर्टिफिकेट के मुताबिक, कंपनी को यह पेंटेंट 15 सितंबर, 2026 को ग्रांट हुआ। कंपनी ने चाइनजी पेटेंट ऑफिस के पास 10 मई, 2021 को अप्लिकेशन फाइल किया था। चायनजी पेंटेंट ऑफिस से पेंटेंट मिलने से पहले कंपनी को जापान पेंटेंट ऑफिस से पेटेंट मिला था। इसका संबंध कैंसर के इलाज से जुड़े आविष्कार से है। कंपनी ने जापान पेंटेंट ऑफिस के पास अक्तूबर 2021 में अप्लिकेशन फाइल किया था।

गोदावरी रिफाइनरीज महाराष्ट्र की कंपनी है, जो बायो-बेस्ड केमिकल्स, इथेनॉल, चीनी और बिजली बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कई इंडस्ट्रीज में होता है, जिनमें फूड एवं बेवरेजेज, फार्मास्युटिकल्स, फ्लेवर्स एंड फ्रैगरेंसेज, फ्यूल, पर्सनल केयर और कॉस्मेटिक्स शामिल हैं।

यह कंपनी शेयर बाजारों में अक्तूबर 2024 में शामिल हुई थी। कंपनी के आईपीओ को इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। कंपनी ने 352 रुपये के प्राइस पर इनवेस्टर्स को शेयर एलॉट किए थे। लेकिन, लिस्टिंग के बाद से यह शेयर 30 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इधर, 16 सितंबर को कई दिनों में शेयर बाजारों में रिकवरी दिखी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में चल रहे थे।

सोने से पहले 10 मिनट अपनाएं यह आसान और सस्ते घरेलू तरीके, दिनभर के थके पैरों के लिए काम की ट्रिक!

खूबसूरत और हेल्दी पैरों के लिए अब आपको पार्लर जाकर महंगे पेडीक्योर पर पैसा खर्च करने की जरुरत नहीं है। आजकल नेचुरल और हाउसहोल्ड इंग्रीडिएंट से तैयार एक सिंपल फुट केयर हैक लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो रहा है। एक्सपर्ट के अनुसार, घर की लिचें में मिलने वाले इंग्रीडिएंट से बना यह मिक्सचर पैरों की स्किन को गहराई से साफ करता है और उन्हें पोषण देता है। इस असरदार मिक्सचर को तैयार करने और पैरों पर अप्लाई करने की प्रोसेस बेहद सरल है, जो आपके फुट केयर रूटीन को बजट-फ्रेंडली और आसान बनाती है।

नमक और सिरके के पानी के फायदे

नमक और सिरके को पानी में मिलाकर पैरों को भिगोने से सफाई में मदद मिल सकती है और पैरों की बदबू कुछ कम महसूस हो सकती है। सिरके में एसिडिक गुण होते हैं, जबकि नमक अतिरिक्त नमी को सोखने में मदद करता है। गुनगुने पानी में पैर रखने से थकान और भारीपन से भी थोड़ी राहत मिल सकती है।

ऐसे तैयार करें फुट सोक

एक बड़े बर्तन में करीब 1 लीटर गुनगुना पानी लें और उसमें आधा कप सिरका और 2 बड़े चम्मच मोटा नमक डालें। नमक को थोड़ा घुलने दें और फिर पैरों को करीब 15 से 20 मिनट तक पानी में रखें। पानी बहुत गर्म नहीं होना चाहिए, वरना स्किन में जलन हो सकती है।

फुट सोक से पहले रखें सावधानी

सेंसेटिव स्किन वाले लोगों, खुले घाव, कट या किसी तरह की स्किन की परेशानी होने पर इस तरीके को आजमाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर है। सिरका चोट या क्रैक स्किन पर जलन बढ़ा सकता है। पैरों में तेज खुजली, रेडनेस, घाव या गंभीर फंगल इंफेक्शन जैसी प्रॉब्लम पहले से मौजूद हो, तो घरेलू उपाय पर डिपेंड रहने के बजाय सही मेडिकल ट्रीटमेंट लेना जरूरी है।

पैरों की सफाई के बाद रखें ये ख्याल

फुट सोक के बाद पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं। खासतौर पर उंगलियों के बीच नमी नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि गीली स्किन पर फंगस बढ़ने का खतरा हो सकता है। पैरों को सुखाने के तुरंत बाद लंबे समय तक बंद और गर्म जूते पहनने से भी बचें।

घर में मिलने वाली कुछ आम चीजों से ही पैरों की देखभाल आसान हो सकती है और इसके लिए ज्यादा खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ती। इस तरह के घरेलू तरीके को सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है, ताकि पैरों को साफ और आरामदायक रखने में मदद मिल सके।