मानसून में बालों का झड़ना और चेहरे की चिपचिपाहट होगी गायब, बस डेली रूटीन में शामिल करें ये 5 लाइफस्टाइल टिप्स

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Health Tips: देशभर में 6 अगस्त को झमाझम बारिश के साथ मौसम का मिजाज बदल चुका है। लेकिन इस सुहावने मौसम के साथ उमस, स्किन इंफेक्शन, हेयर फॉल और प्लेटलेट्स गिरने का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। यदि आप इन समस्याओं से बचना चाहते हैं तो अपनाएं ये 5 आसान और असरदार टिप्स।

 

  • बारिश के मौसम में नमी की वजह से स्किन और बालों का नेचुरल ऑयल बैलेंस बिगड़ जाता है।
  • इम्यून सिस्टम मजबूत रखने के लिए रोजाना डाइट में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और ताजे फलों को शामिल करें।
  • डेंगू और मानसून इंफेक्शन से बचने के लिए शरीर को ढंककर रखें और बासी खाने से परहेज करें।

1. मानसून का बदलता ट्रेंड और सेहत की चुनौतियां:

  • 6 अगस्त को आईएमडी (IMD) ने देश के कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश गर्मी से राहत जरूर दिलाती है, लेकिन इसके साथ ही हवा में नमी (Humidity) का स्तर 90% तक पहुंच जाता है।
  • इस मौसम में फंगल इंफेक्शन, चेहरे पर मुंहासे (Acne), तेजी से बाल झड़ना और डेंगू जैसे मच्छरों के काटने का जोखिम सबसे ज्यादा होता है। अगर आप इस मौसम में अपने डेली केयर रूटीन पर ध्यान नहीं देंगे, तो इंफेक्शन आपको आसानी से अपना शिकार बना सकता है।

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2. मानसून में स्किन और सेहत को फिट रखने के 5 आसान टिप्स:

सेलिसिलिक एसिड बेस्ड फेसवॉश का इस्तेमाल करें: हफ्ते में 3 से 4 बार यह वॉश चेहरे के एक्स्ट्रा ऑयल (Sebum) को हटाता है और पसीने से होने वाले मुंहासों को रोकता है।

एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल: बारिश में भीगे कपड़ों या जूतों की वजह से फंगल इंफेक्शन का खतरा रहता है। नहाने के बाद टॉवल से शरीर पूरी तरह सुखाकर पाउडर लगाएं।

हल्का और गर्म खाना खाएं: बारिश के दिनों में पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। स्ट्रीट फूड और बासी खाने से बचें; सूप, हर्बल टी और घर का ताजा खाना ही लें।

बालों को गीला न छोड़ें: बारिश के पानी में एसिडिक तत्व होते हैं। अगर बाल भीग जाएं तो तुरंत माइल्ड शैम्पू से धोकर ड्राई कर लें।

हाइड्रेशन का रखें ध्यान: ठंडक महसूस होने पर भी दिन में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी जरूर पीएं ताकि बॉडी डिटॉक्स होती रहे।

एक्सपर्ट की राय:-

“मानसून के दिनों में हवा में नमी की वजह से बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। अपने स्कैल्प को सूखा रखना, गीले कपड़े न पहनना और प्लेटलेट्स का ध्यान रखने के लिए विटामिन-C रिच डाइट लेना इस मौसम में सबसे जरूरी है।”- डॉक्टर राजेंद्र बिस्वारी (स्किन केयर विशेषज्ञ)

 

3. मानसून में भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां:

गीले बाल बांधना: गीले बालों को बांधने से स्कैल्प में फंगस और डैंड्रफ की समस्या दोगुनी तेजी से फैलती है।

भारी मॉइस्चराइजर लगाना: मानसून में जेल-बेस्ड (Gel-based) या ऑयल-फ्री मॉइस्चराइजर का ही इस्तेमाल करें; हैवी क्रीम्स पोर्स को ब्लॉक कर देती हैं।

ठहरा हुआ पानी नजरअंदाज करना: घर के आसपास 24 घंटे से ज्यादा पानी जमा न होने दें, यह डेंगू के मच्छरों का मुख्य ब्रीडिंग ग्राउंड बनता है।

सनस्क्रीन स्किप करना: बादलों के पीछे भी यूवी (UV) किरणें मौजूद रहती हैं, इसलिए बिना सनस्क्रीन लगाए बाहर न निकलें।

 

बारिश का मौसम का आनंद लेने के साथ-साथ अपनी सेहत और स्किन की सही देखभाल करना बेहद आसान है। बस अपने डेली रूटीन में ये छोटे-छोटे बदलाव करें और इस मानसून को पूरी तरह सुरक्षित और झंझट-फ्री बनाएं!क्या आपने इस मानसून में अपना नया स्किनकेयर या फिटनेस रूटीन शुरू किया है? हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं!

व्रत और मानसून का डबल असर! सावन में फिट रहने के लिए अपनाएं ये 7 आदतें

सावन (Sawan) हिंदू धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, जिसमें भगवान शिव की पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है। यह महीना मानसून (monsoon) के बीच आता है, जब मौसम सुहावना तो होता है, लेकिन इंफेक्शन, वायरल फीवर और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। कई लोग इस दौरान व्रत रखते हैं और डाइट में बदलाव करते हैं, इसलिए शरीर की सही देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर कुछ आसान आदतों को अपनाया जाए, तो आप पूरे सावन भर खुद को फिट और एनर्जेटिक रख सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे जरूरी हेल्थ टिप्स:

Drink clean and boiled water (साफ और उबला हुआ पानी ही पिएं)

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सावन (Saawan)और बारिश के मौसम (monsoon season) में दूषित पानी से टाइफाइड (typhoid), डायरिया (diarrhea) और पेट के इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा फिल्टर या उबला (boiled water) हुआ पानी ही पिएं। घर से बाहर निकलते समय अपनी पानी की बोतल साथ रखें और रोड साइड मिलने वाले खुले हुए खाने से बचें।

Eat fresh, light, and balanced meals (ताजा, हल्का और संतुलित भोजन)

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बारिश के मौसम में डाइजेस्टिव सिस्टम (digestive system) थोड़ा कमजोर हो सकता है। ऐसे में बासी, तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन खाने से बचें। घर का ताजा खाना, मौसमी फल, दाल, हरी सब्जियां और हल्का भोजन शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ इम्यूनिटी (immunity) भी मजबूत रखने में मदद करता है।

Prevent nutritional deficiencies (व्रत में शरीर में पोषण की कमी न होने दें)

सावन (Saawan) में कई लोग सोमवार का व्रत (fast) रखते हैं। ऐसे में सिर्फ भूखे रहने के बजाय फल, दूध, दही, मखाना, मेवे, नारियल पानी और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ (adequate fluid) लें। इससे शरीर में एनर्जी बनी रहती है और कमजोरी, चक्कर या डिहाइड्रेशन जैसी प्रॉब्लम से बचाव होता है।

Yoga, Pranayama or light exercise (रोज योग, प्राणायाम या हल्की एक्सरसाइज)

बारिश के कारण बाहर टहलना संभव न हो, तब भी घर पर 20–30 मिनट योग, स्ट्रेचिंग (stretching) या प्राणायाम जरूर करें। इससे शरीर एक्टिव रहता है, ब्लड सर्कुलेशन (blood circulation) बेहतर होता है और इम्यूनिटी (immunity) मजबूत होती है। रेगुलर एक्सरसाइज मेंटल स्ट्रेस कम करने में भी मदद करता है।

Adequate Sleep and Rest (पर्याप्त नींद और शरीर का आराम)

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हेल्दी रहने के लिए अच्छी नींद उतनी ही जरूरी है जितना अच्छा खानपान (nutritious diet)। रोज 7–8 घंटे की नींद लेने से शरीर खुद को रिपेयर करता है और इम्यून सिस्टम मजबूत होती है। अगर आप व्रत रख रहे हैं या एक्टिविटीज में बिजी हैं, तो बीच-बीच में आराम करना भी जरूरी है, ताकि शरीर पर अधिक थकान न पड़े।

cleanliness and personal hygiene (साफ-सफाई और पर्सनल हाइजीन का ध्यान)

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बारिश के मौसम में बैक्टीरिया (Bacteria) और वायरस (viruses) तेजी से फैलते हैं। इसलिए खाना खाने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं। गीले कपड़े ज्यादा देर तक न पहनें और पैरों को साफ व सूखा रखें, ताकि फंगल इंफेक्शन का खतरा कम हो।

Protect mosquitoes and infections (मच्छरों और इंफेक्शन से बचे)

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मानसून (monsoon) में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा रहता है। घर के आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और जरूरत पड़ने पर मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

मानसून में ये 5 सब्जियां बन सकती हैं परेशानी की वजह, जानें बचने के तरीके

बारिश का मौसम आते ही बाजार में ताजी सब्जियों की भरमार दिखाई देने लगती है, लेकिन इस मौसम में बढ़ी हुई नमी कई सब्जियों की गुणवत्ता पर असर डाल सकती है। गीले वातावरण के कारण कुछ सब्जियों में बैक्टीरिया, फंगस और छोटे कीड़ों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार सब्जियां बाहर से बिल्कुल ताजी और अच्छी दिखती हैं, लेकिन उनके अंदर गंदगी या कीड़े छिपे हो सकते हैं। खासकर पत्तेदार और ज्यादा नमी वाली सब्जियों को खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।

सही तरीके से सफाई और जांच के बिना इन्हें खाने से पेट से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए मानसून के दौरान सब्जियां खरीदते समय उनकी ताजगी, सफाई और गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए, ताकि स्वाद के साथ सेहत भी सुरक्षित रहे।

1. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, धनिया, मेथी, लेट्यूस जैसी पत्तेदार सब्जियां बारिश में जल्दी खराब हो सकती हैं। इनके पत्तों में मिट्टी, कीड़े और नमी छिप सकती है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस पनपने का खतरा बढ़ जाता है। इन्हें इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी है।

2. पत्तागोभी

पत्तागोभी की कई परतों के बीच बारिश के मौसम में छोटे कीड़े, गंदगी और नमी जमा हो सकती है। ज्यादा नमी के कारण इसमें फंगस लगने की संभावना भी बढ़ जाती है। खरीदने से पहले इसकी ताजगी जरूर जांच लें।

3. फूलगोभी

फूलगोभी के छोटे-छोटे फूलों के अंदर कीड़े आसानी से छिप सकते हैं। मानसून में बढ़ी हुई नमी की वजह से इसमें कीड़ों का खतरा ज्यादा रहता है। इसे पकाने से पहले साफ पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है।

4. मशरूम

मशरूम में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए यह जल्दी खराब हो सकता है। बारिश के मौसम में नमी बढ़ने से इसमें बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं। इसे हमेशा भरोसेमंद जगह से खरीदें और तुरंत इस्तेमाल करें।

5. बैंगन

बैंगन में मानसून के दौरान कीड़ों का खतरा बढ़ जाता है। कई बार बाहर से ताजा दिखने वाला बैंगन अंदर से खराब या कीड़ों से प्रभावित हो सकता है। इसलिए इसे काटकर अच्छी तरह जांचने के बाद ही पकाएं।

मानसून में सब्जियां सुरक्षित रखने के आसान तरीके

  • हमेशा ताजी और साफ सब्जियां ही खरीदें।
  • सब्जियों को बहते पानी में अच्छी तरह धोएं।
  • इस्तेमाल से पहले नमक वाले पानी या सिरके के घोल में 15-20 मिनट भिगो सकते हैं।
  • बारिश के मौसम में कच्ची सब्जियां खाने से बचें और अच्छी तरह पकाकर खाएं।
  • लौकी, तोरई, कद्दू और पेठा जैसी मौसमी सब्जियां बेहतर विकल्प हो सकती हैं।

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