Greater Noida Family Deaths: नूडल्स नहीं, बल्कि प्रॉपर्टी विवाद के चलते 5 लोगों की गई जान! ग्रेटर नोएडा मामले में मृतक की बहनें-जीजा गिरफ्तार

Greater Noida Family Deaths Case: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के एक गांव में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की कथित जान देने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले में जांच के दौरान शुरुआती तौर पर चाय और नूडल्स खाने के बाद फूड पॉइजनिंग से जोड़कर देखा जा रहा था। लेकिन पोस्टमार्टम में जहर के संकेत मिलने के बाद पुलिस अब संपत्ति विवाद और मौत को गले लगाने के लिए उकसाने के एंगल से जांच कर रही है। इस मामले में मृतक की दो बहनों और उनके जीजा को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस जांच में पता चला है कि मृतक महेश जिस मकान में पत्नी और बच्चों सहित रहता था, उसे उसकी ही सगी बहन सुनीता ने मां से अपने नाम करवा लिया था। इसे लेकर महेश हमेशा टेंशन में रहता था। उसके मोबाइल से एक ऑडियो मिली है। इसमें मौत का जिम्मेदार बहन सुनीता, बहनोई शेखर, छोटी बहन सपना को बताया है। शिकायत के आधार पर ग्रेटर नोएडा पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि परिवार लंबे समय से संपत्ति विवाद से जूझ रहा था। इसी विवाद को पांचों की मौत की परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

मौत से पहले महेश ने वॉयस नोट में खोला राज!

पुलिस के मुताबिक, मृतक महेश ने अपनी मौत से पहले मोबाइल फोन में एक वॉयस नोट रिकॉर्ड किया था। इसमें उसने परिवार की स्थिति के लिए अपनी दोनों बहनों और जीजा को जिम्मेदार ठहराया है। इस रिकॉर्डिंग को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, आरोपियों की भूमिका और मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। रबूपुरा के थाना प्रभारी (SHO) सुजीत उपाध्याय ने पीटीआई को बताया कि मृतक व्यक्ति की दो बहनों और एक जीजा को एक रिश्तेदार की ओर से मिली शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 37 वर्षीय महेश ने अपनी मौत से पहले मोबाइल फोन पर एक ‘वॉयस नोट’ रिकॉर्ड किया था, जिसमें कथित तौर पर तीनों आरोपियों को मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि संपत्ति के विवाद के कारण यह घटना हुई होगी। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम में जहर दिए जाने के संकेत मिले हैं, जिसके बाद विसरा के सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत का सटीक कारण पता चल सकेगा। महेश, उनकी पत्नी ललिता (35), बेटी मिष्टी (7) और बेटे लड्डू (11) व साक्षात (3) के शव शनिवार सुबह रबूपुरा के पास नगला श्री पदम गांव स्थित उनके घर से बरामद हुए थे। शुरुआत में मौत का कारण खाद्य विषाक्तता माना जा रहा था क्योंकि खबरों से पता चला था कि परिवार के सदस्यों ने मौत से पहले ‘नूडल्स’ खाए थे। फिलहाल, मामले में अन्य एंगल से भी जांच चल रही है।

शिकायत के आधार पर तीन रिश्तेदार गिरफ्तार

पुलिस ने महेश की दो बहनों सुनीता और सपना तथा उनके जीजा शेखर को गिरफ्तार किया है। मृतकों में से एक के भाई की शिकायत के आधार पर तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीनों रिश्तेदार महेश और उसके परिवार को परेशान कर रहे थे। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। फिलहाल, यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित उत्पीड़न और संपत्ति विवाद का पांचों की मौत से क्या संबंध था।

विसरा रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

पोस्टमार्टम में जहर के संकेत मिलने के बाद डॉक्टरों ने पांचों मृतकों के विसरा सैंपल सुरक्षित रखे थे। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस आत्महत्या की आशंका, जहर दिए जाने की संभावना, संपत्ति विवाद और वॉयस नोट में लगाए गए आरोपों सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। ऐसे में विसरा रिपोर्ट इस मामले में अहम साबित हो सकती है।

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Greater Noida Family Death: ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत से सनसनी, सभी ने रात में खाए थे नूडल्स

Greater Noida Family Death: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। रबूपुरा इलाके के नगला श्री पदम गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान 37 वर्षीय महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता और तीन बच्चों लड्डू (11), मिस्टी (7) और साक्षत (3) के रूप में हुई है। बच्चों की उम्र महज 3 से 11 साल के बीच थी।

पुलिस को आशंका है कि परिवार की मौत फूड पॉइजनिंग यानी दूषित खाना खाने की वजह से हुई हो सकती है। हालांकि, अभी तक मौत की असली वजह साफ नहीं हो पाई है।

पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह रबूपुरा थाने को इस घटना की जानकारी मिली। इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी, एंबुलेंस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम और पुलिस की फील्ड यूनिट ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए मौके से जरूरी वैज्ञानिक सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं।

रात में खाए नूडल्स, सुबह घर में मिले पांचों के शव

शुरुआती पूछताछ में पड़ोसियों और महेश की मां ने पुलिस को बताया कि परिवार के सभी सदस्यों ने रात में नूडल्स खाए थे। इसके बाद अगली सुबह पांचों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतकों के मुंह से झाग भी निकल रहा था। हालांकि, अधिकारियों ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि इसका मौत की वजह से कोई संबंध है या नहीं।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग यानी दूषित खाना खाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी।

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VIDEO: ओडिशा के अस्पताल में फ्री इलाज कराकर गदगद हुआ अमेरिकी पर्यटक फिर बताया कि US में कितने होते खर्च

भारत में सस्ता और आसानी से मिलने वाला इलाज एक विदेशी नागरिक को काफी पसंद आया। ओडिशा के एक गांव में बीमार पड़ने पर एक विदेशी को सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज मिला। इस अनुभव से वह काफी प्रभावित हुआ। उसने बताया कि अमेरिका में इसी इलाज के लिए उसे हजारों डॉलर खर्च करने पड़ सकते थे, जबकि भारत में उसका इलाज बिना किसी फीस के हो गया। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में माइक ने भारत यात्रा के दौरान अपने अनुभव के बारे में बताया। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

उन्होंने कहा कि, ओडिशा से गुजरते समय ट्रिप के पांचवें दिन उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। वीडियो में उन्होंने बताया कि ज्यादा खाना खाने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें गांव के एक अस्पताल में इलाज के लिए जाना पड़ा। वीडियो पर लिखा था, “ग्रामीण भारत में अमेरिकन हॉस्पिटलाइज्ड।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

वीडियो की शुरुआत में माइक ने उस गांव के सरकारी अस्पताल के अंदर के दृश्य दिखाए, जहां उन्हें भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा, “हां, मैं एक गांव के सरकारी अस्पताल में भर्ती था, जहां मुझे सुइयां लगाई जा रही थीं और दीवारों पर लिखी भाषा भी मैं समझ नहीं पा रहा था।” उन्होंने आगे कहा, “अब आप सोच रहे होंगे कि मैं आखिर यहां कैसे पहुंच गया?” इसके बाद माइक ने बताया कि अस्पताल ले जाने से पहले करीब 12 घंटे तक उन्हें हर 15 मिनट में उल्टी हो रही थी।

क्यों खराब हुई तबीयत

माइक ने स्थानीय खाने के कुछ वीडियो भी दिखाए और स्पष्ट किया कि उनकी तबीयत फूड पॉइजनिंग की वजह से खराब नहीं हुई थी, बल्कि उन्होंने जरूरत से ज्यादा खाना खा लिया था। उन्होंने कहा, “रुको, रुको, रुको, मैं समझ सकता हूं कि आप क्या सोच रहे हैं। नहीं, यह फूड पॉइजनिंग नहीं थी। खाना इतना स्वादिष्ट था कि मैंने जरूरत से ज्यादा खा लिया और फिर मुझे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।”

अस्पताल ने नहीं लिया कोई पैसा

माइक ने मजाकिया अंदाज में बताया कि इलाज के दौरान उन्हें एक नहीं, बल्कि दो इंजेक्शन तक लगवाने पड़े। उन्होंने कहा कि अब उनकी तबीयत पहले से बेहतर है, लेकिन इलाज के बाद आने वाले मेडिकल बिल को लेकर उन्हें चिंता होने लगी थी। माइक ने कहा, “हालात जितने भी खराब थे, लेकिन मेडिकल बिल के बारे में सोचकर ही मैं डर गया था।” लेकिन उनको हैरानी तब हुई जब अस्पताल ने इलाज के लिए उनसे कोई पैसा नहीं लिया।

अमेरिका हेल्थकेयर से की तुलना

भारत और अमेरिका की स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना करते हुए माइक ने मजाकिया अंदाज में कहा, “अमेरिका में एक IV बैग, उल्टी रोकने की दवा और दो इंजेक्शन का खर्च आसानी से हजारों डॉलर तक पहुंच सकता है। लेकिन यहां मुझे इलाज के लिए एक भी पैसा नहीं देना पड़ा। यह देखकर मैं हैरान रह गया।” माइक के गांव के सरकारी अस्पताल में हुए इलाज के अनुभव की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हुई।

सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंट

एक यूजर ने कहा, “यहां इलाज मुफ्त है। हां, दवाइयों के लिए थोड़ा खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन यह रकम ज्यादा से ज्यादा 2 से 3 डॉलर के आसपास होगी।”एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा, “यह गर्व की बात है कि कोई विदेशी ओडिशा के सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा की तारीफ कर रहा है। अमेरिका में इसी तरह के इलाज के लिए हजारों डॉलर खर्च करने पड़ सकते हैं और कई बार अपॉइंटमेंट के लिए भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।” एक अन्य यूजर ने कहा, “पहले अपने शरीर को यहां के मसालों और खाने का आदी बनाइए, उसके बाद ही ज्यादा खाना खाइए। उम्मीद है कि आप जल्द ही पूरी तरह ठीक महसूस करेंगे।”

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

मानसून में ये 5 सब्जियां बन सकती हैं परेशानी की वजह, जानें बचने के तरीके

बारिश का मौसम आते ही बाजार में ताजी सब्जियों की भरमार दिखाई देने लगती है, लेकिन इस मौसम में बढ़ी हुई नमी कई सब्जियों की गुणवत्ता पर असर डाल सकती है। गीले वातावरण के कारण कुछ सब्जियों में बैक्टीरिया, फंगस और छोटे कीड़ों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार सब्जियां बाहर से बिल्कुल ताजी और अच्छी दिखती हैं, लेकिन उनके अंदर गंदगी या कीड़े छिपे हो सकते हैं। खासकर पत्तेदार और ज्यादा नमी वाली सब्जियों को खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।

सही तरीके से सफाई और जांच के बिना इन्हें खाने से पेट से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए मानसून के दौरान सब्जियां खरीदते समय उनकी ताजगी, सफाई और गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए, ताकि स्वाद के साथ सेहत भी सुरक्षित रहे।

1. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, धनिया, मेथी, लेट्यूस जैसी पत्तेदार सब्जियां बारिश में जल्दी खराब हो सकती हैं। इनके पत्तों में मिट्टी, कीड़े और नमी छिप सकती है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस पनपने का खतरा बढ़ जाता है। इन्हें इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी है।

2. पत्तागोभी

पत्तागोभी की कई परतों के बीच बारिश के मौसम में छोटे कीड़े, गंदगी और नमी जमा हो सकती है। ज्यादा नमी के कारण इसमें फंगस लगने की संभावना भी बढ़ जाती है। खरीदने से पहले इसकी ताजगी जरूर जांच लें।

3. फूलगोभी

फूलगोभी के छोटे-छोटे फूलों के अंदर कीड़े आसानी से छिप सकते हैं। मानसून में बढ़ी हुई नमी की वजह से इसमें कीड़ों का खतरा ज्यादा रहता है। इसे पकाने से पहले साफ पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है।

4. मशरूम

मशरूम में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए यह जल्दी खराब हो सकता है। बारिश के मौसम में नमी बढ़ने से इसमें बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं। इसे हमेशा भरोसेमंद जगह से खरीदें और तुरंत इस्तेमाल करें।

5. बैंगन

बैंगन में मानसून के दौरान कीड़ों का खतरा बढ़ जाता है। कई बार बाहर से ताजा दिखने वाला बैंगन अंदर से खराब या कीड़ों से प्रभावित हो सकता है। इसलिए इसे काटकर अच्छी तरह जांचने के बाद ही पकाएं।

मानसून में सब्जियां सुरक्षित रखने के आसान तरीके

  • हमेशा ताजी और साफ सब्जियां ही खरीदें।
  • सब्जियों को बहते पानी में अच्छी तरह धोएं।
  • इस्तेमाल से पहले नमक वाले पानी या सिरके के घोल में 15-20 मिनट भिगो सकते हैं।
  • बारिश के मौसम में कच्ची सब्जियां खाने से बचें और अच्छी तरह पकाकर खाएं।
  • लौकी, तोरई, कद्दू और पेठा जैसी मौसमी सब्जियां बेहतर विकल्प हो सकती हैं।

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