सोने से पहले 10 मिनट अपनाएं यह आसान और सस्ते घरेलू तरीके, दिनभर के थके पैरों के लिए काम की ट्रिक!

खूबसूरत और हेल्दी पैरों के लिए अब आपको पार्लर जाकर महंगे पेडीक्योर पर पैसा खर्च करने की जरुरत नहीं है। आजकल नेचुरल और हाउसहोल्ड इंग्रीडिएंट से तैयार एक सिंपल फुट केयर हैक लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो रहा है। एक्सपर्ट के अनुसार, घर की लिचें में मिलने वाले इंग्रीडिएंट से बना यह मिक्सचर पैरों की स्किन को गहराई से साफ करता है और उन्हें पोषण देता है। इस असरदार मिक्सचर को तैयार करने और पैरों पर अप्लाई करने की प्रोसेस बेहद सरल है, जो आपके फुट केयर रूटीन को बजट-फ्रेंडली और आसान बनाती है।

नमक और सिरके के पानी के फायदे

नमक और सिरके को पानी में मिलाकर पैरों को भिगोने से सफाई में मदद मिल सकती है और पैरों की बदबू कुछ कम महसूस हो सकती है। सिरके में एसिडिक गुण होते हैं, जबकि नमक अतिरिक्त नमी को सोखने में मदद करता है। गुनगुने पानी में पैर रखने से थकान और भारीपन से भी थोड़ी राहत मिल सकती है।

ऐसे तैयार करें फुट सोक

एक बड़े बर्तन में करीब 1 लीटर गुनगुना पानी लें और उसमें आधा कप सिरका और 2 बड़े चम्मच मोटा नमक डालें। नमक को थोड़ा घुलने दें और फिर पैरों को करीब 15 से 20 मिनट तक पानी में रखें। पानी बहुत गर्म नहीं होना चाहिए, वरना स्किन में जलन हो सकती है।

फुट सोक से पहले रखें सावधानी

सेंसेटिव स्किन वाले लोगों, खुले घाव, कट या किसी तरह की स्किन की परेशानी होने पर इस तरीके को आजमाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर है। सिरका चोट या क्रैक स्किन पर जलन बढ़ा सकता है। पैरों में तेज खुजली, रेडनेस, घाव या गंभीर फंगल इंफेक्शन जैसी प्रॉब्लम पहले से मौजूद हो, तो घरेलू उपाय पर डिपेंड रहने के बजाय सही मेडिकल ट्रीटमेंट लेना जरूरी है।

पैरों की सफाई के बाद रखें ये ख्याल

फुट सोक के बाद पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं। खासतौर पर उंगलियों के बीच नमी नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि गीली स्किन पर फंगस बढ़ने का खतरा हो सकता है। पैरों को सुखाने के तुरंत बाद लंबे समय तक बंद और गर्म जूते पहनने से भी बचें।

घर में मिलने वाली कुछ आम चीजों से ही पैरों की देखभाल आसान हो सकती है और इसके लिए ज्यादा खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ती। इस तरह के घरेलू तरीके को सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है, ताकि पैरों को साफ और आरामदायक रखने में मदद मिल सके।

इन चीजों को बनाये अपने डाइट का हिस्सा, यूरिक एसिड कंट्रोल करने का है ये आसान तरीका!

सर्दियों में ठंड बढ़ने के साथ कुछ लोगों में यूरिक एसिड से जुड़ी परेशानी भी बढ़ जाती है। इसका असर जॉइंट पर ज्यादा दिखाई देता है, जिससे दर्द, सूजन और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। शरीर में यूरिक एसिड तब बढ़ता है जब प्यूरीन टूटने के बाद बनने वाला यह सब्सटेंस किडनी के जरिए ठीक से बाहर नहीं निकल पाता। धीरे-धीरे यह जोड़ों के आसपास जमा होकर परेशानी पैदा कर सकता है।

ऐसे में दवाओं के साथ खान-पान पर ध्यान देना भी जरूरी माना जाता है। रोजाना खाई जाने वाली कुछ सब्जियों को लेकर भी यूरिक एसिड के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इसलिए सर्दियों में डाइट में इन सब्जियों को शामिल करने से पहले सावधानी रखना बेहतर है।

यूरिक एसिड के पेशेंट इस सब्जियों और फलों का करें सेवन

यूरिक एसिड की समस्या में खान-पान का ध्यान रखना जरूरी होता है। डाइट में गाजर, खीरा, नींबू जैसी कम प्यूरीन वाली चीजों को शामिल किया जा सकता है। फलों में सेब और चेरी भी अच्छे ऑप्शन माने जाते हैं। इसके साथ दिनभर पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि पानी शरीर से यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करता है। रोज करीब 8-10 गिलास पानी पीने की कोशिश करें।

इस सब्जियों से बनाए रखें दूरी, नहीं तो बढ़ जाएगा यूरिक एसिड

1. बैंगन

बैंगन खाने से बचने के लिए यूरिक एसिड के पेशेंट को सावधानी बरतना चाहिए। इसमें प्यूरीन पाया जाता है, इसलिए इसका ज्यादा सेवन कुछ लोगों में यूरिक एसिड और गाउट से जुड़ी परेशानी बढ़ा सकता है। इससे जॉइंट में दर्द और सूजन की प्रॉब्लम परेशान कर सकती है। वहीं, कुछ लोगों को बैंगन खाने के बाद खुजली या स्किन पर रैशेज जैसी एलर्जी भी हो सकती है।

2. मशरूम

यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या से परेशान लोगों को मशरूम खाते समय सावधानी रखनी चाहिए। मशरूम में प्यूरीन होता है, जो शरीर में यूरिक एसिड बनने की प्रोसेस से जुड़ा है। ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने पर कुछ लोगों में जोड़ों का दर्द और सूजन बढ़ सकती है। इसलिए हाई यूरिक एसिड या गाउट की प्रॉब्लम होने पर इसे डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से कंसल्ट करना चाहिए।

3. फूलगोभी

सर्दियों में फूलगोभी खाना हर किसी को पसंद आता है, लेकिन यूरिक एसिड की प्रॉब्लम वाले लोगों को इसे ज्यादा खाने से बचना चाहिए। फूलगोभी में प्यूरीन पाया जाता है और इसका ज्यादा सेवन कुछ लोगों में गाउट के लक्षणों को बढ़ा सकता है। यदि पहले से आपको जोड़ों में दर्द या सूजन रहती है, तो अपनी डाइट में फूलगोभी की मात्रा को लेकर सावधानी बरतना बेहतर है।

4. पालक

पालक को हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसमें भी प्यूरीन मौजूद होता है। इसलिए यूरिक एसिड या गाउट की प्रॉब्लम वाले लोगों को इसे कम मात्रा में करने की सलाह दी जाती है। यदि खाने के बाद जोड़ों का दर्द या सूजन बढ़ती महसूस हो, तो पालक को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले एक्सपर्ट से कंसल्ट करना सही रहेगा।

5. ब्रोकोली

ब्रोकोली को एक बहुत ही हेल्दी सब्जी माना जाता है, लेकिन यूरिक एसिड की प्रॉब्लम में इसे लेकर भी सावधानी जरूरी है। इसमें प्यूरीन पाया जाता है, लेकिन इसकी मात्रा कई अन्य प्यूरीन वाली चीजों की तुलना में कम हो सकती है। इसलिए इसे पूरी तरह बंद करने के बजाय अपनी कंडीशन के हिसाब से इसका सेवन करना चाहिए।

किचन का वो ‘कचरा’ जो आपकी त्वचा और पौधों के लिए है असली सोना!

आलू की सब्जी या कोई दूसरी डिश बनाने के बाद हम उसके छिलके निकालकर सीधे डस्टबिन में डाल देते हैं। लेकिन जिन्हें हम बेकार समझते हैं, वे घर के कई छोटे-बड़े कामों में इस्तेमाल हो सकते हैं, इन छिलकों को सही तरीके से इस्तेमाल करके बर्तन साफ करने, पौधों की देखभाल करने और यहां तक कि खाने के लिए कुछ नया बनाने में भी काम लिया जा सकता है।

यदि आप भी घर में चीजों को दोबारा इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, तो आलू के छिलकों को फेंकने से पहले एक बार जरूर सोचें। इन्हें थोड़ी मेहनत के साथ उपयोगी चीज में बदला जा सकता है और इससे किचन का कचरा भी कम होगा। आलू के छिलकों के कुछ आसान और काम के इस्तेमाल करके आप घर पर आसानी से आजमा सकते हैं।

potato pos

1. चेहरे की सफाई और निखार में मदद

आलू के छिलकों में कुछ एंटीऑक्सिडेंट और पोषक तत्व पाए जाते हैं, इसलिए कई लोग इन्हें स्किन की देखभाल के लिए इस्तेमाल करते हैं। छिलकों को गुलाब जल से हल्का गीला करके चेहरे पर बहुत हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। आप चाहें तो छिलकों को पीसकर उसमें थोड़ा दूध मिलाकर पेस्ट भी बना सकते हैं। इसे करीब 10 मिनट चेहरे पर लगाकर साफ पानी से धो लें। इससे स्किन साफ और मुलायम महसूस हो सकती है।

2. बालों के लिए इस्तेमाल

आलू के छिलकों से तैयार पानी को बालों की देखभाल के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए छिलकों को करीब 1 लीटर पानी में 10-15 मिनट तक उबालें। पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर ठंडा कर लें। शैम्पू करने के बाद इस पानी को बालों और स्कैल्प पर लगाएं और कुछ देर बाद नॉर्मल पानी से धो लें।

3. डार्क सर्कल और टैनिंग के लिए

आलू के छिलकों को डार्क सर्कल, झाइयों और टैनिंग के लिए घरेलू उपाय के समान इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए छिलके के अंदर वाले हिस्से को एफेक्टेड जगह पर करीब 5 मिनट तक बहुत हल्के हाथों से लगाएं। आंखों के आसपास इस्तेमाल करते समय सावधानी रखें और आंखों में जाने से बचाएं। आपकी स्किन सेंसेटिव है, तो पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें।

4. वेट लॉस में फायदेमंद

आलू के छिलकों में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पेट को कुछ समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। इसी कारण छिलके सहित आलू को डाइट में शामिल किया जा सकता है। यदि आपको कुरकुरा खाना पसंद है, तो साफ किए हुए आलू के छिलकों को हल्के मसालों के साथ बेक या रोस्ट करके स्नैक की तरह भी खा सकते हैं।

5. पौधों के लिए न्यूट्रिशन

आलू के छिलकों को कूड़े में फेंकने के बजाय पौधों की देखभाल में इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें अच्छी तरह साफ करके कुछ दिनों तक सुखाएं या पानी में भिगोकर इसका पानी तैयार करें। छाने हुए पानी को पौधों की मिट्टी में सीमित मात्रा में डाला जा सकता है। छिलकों को सीधे बहुत ज्यादा मात्रा में मिट्टी में डालने से बचें, ताकि कीड़े न लगे।

6. होम क्लीनिंग में मददगार

आलू के छिलकों से तैयार पानी का इस्तेमाल कुछ घरेलू सफाई के कामों में किया जा सकता है। छिलकों को पानी में उबालकर उस पानी को ठंडा कर लें और फिर इसे सफाई के लिए इस्तेमाल करें। छोटे-मोटे दाग या गंदगी साफ करने में इसे आजमाया जा सकता है।

आलू के छिलके सिर्फ किचन वेस्ट नहीं हैं, बल्कि इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करके स्किन, बालों, पौधों और घर की सफाई जैसे कई कामों में मदद ली जा सकती है। इसलिए अगली बार इन्हें फेंकने से पहले इनके इन आसान इस्तेमालों को जरूर आजमाएं।

स्लिम नहीं, फिट दिखना है जरूरी! जानिए सौम्या टंडन का फिटनेस मंत्र

हमेशा फिट रहने के लिए हमेशा सख्त डाइट या घंटों एक्सरसाइज करना जरूरी नहीं होता। रोज की कुछ अच्छी आदतों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करके भी खुद को हेल्दी और एक्टिव रखा जा सकता है। महिलाओं के लिए नींद, खान-पान, पानी पीने और रोज की एक्टिविटी जैसी छोटी-छोटी चीजें काफी असर करती हैं।

एक्ट्रेस सौम्या टंडन भी अपनी फिटनेस और हेल्थ को बनाए रखने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानती हैं। उनकी फिटनेस रूटीन से जुड़ी ये आदतें उन महिलाओं के लिए भी काम की हो सकती हैं, जो बिना बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट डाइट के खुद को फिट रखना चाहती हैं। लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत और शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी हेल्थ रूटीन को अपनाने से पहले अपनी जरूरत के हिसाब से सलाह लेना बेहतर है।

दिन की शुरुआत

सौम्या टंडन अपने दिन की शुरुआत एक बड़े गिलास गुनगुने पानी से करती हैं। इसमें वह थोड़ा-सा कद्दूकस किया हुआ अदरक मिलाती हैं। सुबह पानी पीने से शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद मिलती है। अदरक को डाइजेस्ट के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन हर व्यक्ति के शरीर पर इसका असर अलग हो सकता है।

डाइट में जरूरी चीजें

सौम्या अपनी डाइट में प्रोटीन को भी खास जगह देती हैं। वह प्रोटीन ड्रिंक लेती हैं और मानती हैं कि रोज के खाने में पर्याप्त प्रोटीन होना जरूरी है। प्रोटीन शरीर की मिस्क्ल्स को मजबूत रखने में मदद करता है। इसके लिए दाल, पनीर, दूध, दही, अंडे या अपनी पसंद के दूसरे प्रोटीन वाले फूड शामिल किए जा सकते हैं।

इन चीजों से परहेज

सौम्या टंडन चीनी और ज्यादा मीठी चीजों से दूरी रखती हैं। वह मीठे से बचने को अपनी हेल्दी आदतों में शामिल करती हैं। रोज ज्यादा चीनी खाने से वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए मीठा कम मात्रा में खाना बेहतर माना जाता है। घर पर मिठाई बनाते समय भी चीनी की मात्रा कम रखी जा सकती है।

खाली पेट ड्रिंक

सौम्या ने बताया है कि वह सुबह खाली पेट एक चम्मच हल्का गुनगुना घी लेती हैं और उसमें थोड़ी हल्दी व काली मिर्च मिलाती हैं। उनके अनुसार यह उनकी रोज की आदत का हिस्सा है। घी में फैट होता है और बैलेंस अमाउंट में इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है। लेकिन किसी भी चीज को खाली पेट लेने से पहले अपनी सेहत और डाइट का ध्यान रखना जरूरी है।

फिट रहने का सीक्रेट

सौम्या का कहना है कि वह खुद को फिट रखने के लिए क्रैश डाइटिंग नहीं करतीं। उनका फोकस बैलेंस्ड डाइट पर रहता है। डाइट में कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, फल और सब्जियां शामिल करना जरूरी है। इस तरह खाना खाने से शरीर को अलग-अलग जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और लंबे समय तक हेल्दी रूटीन बनाए रखना आसान हो सकता है।

व्रत और मानसून का डबल असर! सावन में फिट रहने के लिए अपनाएं ये 7 आदतें

सावन (Sawan) हिंदू धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, जिसमें भगवान शिव की पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है। यह महीना मानसून (monsoon) के बीच आता है, जब मौसम सुहावना तो होता है, लेकिन इंफेक्शन, वायरल फीवर और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। कई लोग इस दौरान व्रत रखते हैं और डाइट में बदलाव करते हैं, इसलिए शरीर की सही देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर कुछ आसान आदतों को अपनाया जाए, तो आप पूरे सावन भर खुद को फिट और एनर्जेटिक रख सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे जरूरी हेल्थ टिप्स:

Drink clean and boiled water (साफ और उबला हुआ पानी ही पिएं)

This may contain: several jars filled with different types of fruit and vegetables

सावन (Saawan)और बारिश के मौसम (monsoon season) में दूषित पानी से टाइफाइड (typhoid), डायरिया (diarrhea) और पेट के इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा फिल्टर या उबला (boiled water) हुआ पानी ही पिएं। घर से बाहर निकलते समय अपनी पानी की बोतल साथ रखें और रोड साइड मिलने वाले खुले हुए खाने से बचें।

Eat fresh, light, and balanced meals (ताजा, हल्का और संतुलित भोजन)

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बारिश के मौसम में डाइजेस्टिव सिस्टम (digestive system) थोड़ा कमजोर हो सकता है। ऐसे में बासी, तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन खाने से बचें। घर का ताजा खाना, मौसमी फल, दाल, हरी सब्जियां और हल्का भोजन शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ इम्यूनिटी (immunity) भी मजबूत रखने में मदद करता है।

Prevent nutritional deficiencies (व्रत में शरीर में पोषण की कमी न होने दें)

सावन (Saawan) में कई लोग सोमवार का व्रत (fast) रखते हैं। ऐसे में सिर्फ भूखे रहने के बजाय फल, दूध, दही, मखाना, मेवे, नारियल पानी और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ (adequate fluid) लें। इससे शरीर में एनर्जी बनी रहती है और कमजोरी, चक्कर या डिहाइड्रेशन जैसी प्रॉब्लम से बचाव होता है।

Yoga, Pranayama or light exercise (रोज योग, प्राणायाम या हल्की एक्सरसाइज)

बारिश के कारण बाहर टहलना संभव न हो, तब भी घर पर 20–30 मिनट योग, स्ट्रेचिंग (stretching) या प्राणायाम जरूर करें। इससे शरीर एक्टिव रहता है, ब्लड सर्कुलेशन (blood circulation) बेहतर होता है और इम्यूनिटी (immunity) मजबूत होती है। रेगुलर एक्सरसाइज मेंटल स्ट्रेस कम करने में भी मदद करता है।

Adequate Sleep and Rest (पर्याप्त नींद और शरीर का आराम)

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हेल्दी रहने के लिए अच्छी नींद उतनी ही जरूरी है जितना अच्छा खानपान (nutritious diet)। रोज 7–8 घंटे की नींद लेने से शरीर खुद को रिपेयर करता है और इम्यून सिस्टम मजबूत होती है। अगर आप व्रत रख रहे हैं या एक्टिविटीज में बिजी हैं, तो बीच-बीच में आराम करना भी जरूरी है, ताकि शरीर पर अधिक थकान न पड़े।

cleanliness and personal hygiene (साफ-सफाई और पर्सनल हाइजीन का ध्यान)

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बारिश के मौसम में बैक्टीरिया (Bacteria) और वायरस (viruses) तेजी से फैलते हैं। इसलिए खाना खाने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं। गीले कपड़े ज्यादा देर तक न पहनें और पैरों को साफ व सूखा रखें, ताकि फंगल इंफेक्शन का खतरा कम हो।

Protect mosquitoes and infections (मच्छरों और इंफेक्शन से बचे)

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मानसून (monsoon) में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा रहता है। घर के आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और जरूरत पड़ने पर मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

घर में कपूर-तेजपत्ता जलाने से होंगे अनोखे फायदे और बदल जाएगी किस्मत! or घर में एक साथ जलाएं कपूर और तेजपत्ता, फिर देखें कैसे पलट जाएगी आपकी किस्मत!

भारतीय घरों में कपूर और तेजपत्ते का इस्तेमाल सिर्फ पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि घर के वातावरण को सुगंधित और सकारात्मक बनाए रखने के लिए भी किया जाता है। माना जाता है कि इन दोनों को एक साथ जलाने से कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कपूर के साथ तेजपत्ता जलाने से क्या होता है और इससे जुड़े फायदे:

घर की दुर्गंध कम करना

Miraculous Benefits of Burning Camphor Daily in Your Home, Religious Beliefs and Scientific Facts - शाम को घर में कपूर जलाने से मिलते हैं चमत्कारी लाभ, जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक फायदे ...

कपूर और तेजपत्ता साथ में जलाने से उनकी सुगंध पूरे कमरे में फैल जाती है, जिससे बंद कमरे की बासी या हल्की दुर्गंध कम महसूस हो सकती है। अगर घर में खाना बनने या नमी की वजह से गंध आ रही हो, तो यह वातावरण को ज्यादा ताजा और खुशबूदार बना सकता है।

मन को शांत और रिलैक्स महसूस कराने में मदद 

साधारण चावल का स्वाद बढ़ाने के लिए बस कुछ तेज पत्ते ही काफी हैं।

कपूर और तेजपत्ते की महक कई लोगों को मानसिक शांति और सुकून का एहसास कराती है। दिनभर की थकान या तनाव के बाद इसे जलाने से वातावरण शांत महसूस हो सकता है, जिससे मन को आराम मिलने और मूड बेहतर होने में मदद मिल सकती है।

मच्छरों और छोटे कीड़ों को दूर रखने में मदद

मच्छरों को दूर रखने के 7 तरीके

घरेलू मान्यताओं के अनुसार कपूर का धुआं और तेजपत्ते की खुशबू कुछ हद तक मच्छरों व छोटे उड़ने वाले कीड़ों को दूर रखने में सहायक हो सकती है। हालांकि, इसे मच्छरों से बचाव का पूरी तरह प्रभावी नहीं माना जाता।

घर में ताजगी का एहसास बना रहता है

खाली कोनों को स्टाइलिश जगहों में बदलने के 10 रचनात्मक तरीके

अगर कमरे में लंबे समय तक खिड़कियां बंद रहती हैं, तो कपूर और तेजपत्ता जलाने से हल्की प्राकृतिक सुगंध फैल सकती है, जिससे घर का माहौल ज्यादा फ्रेश और सुखद महसूस होता है। यह अर्टिफिशियल रूम फ्रेशनर का एक ट्रेडिशनल ऑप्शन भी माना जाता है।

ध्यान और योग के लिए शांत वातावरण तैयार करता है

प्रकृति और स्वास्थ्य का संगम करने वाले योग मंच

कई लोग मेडिटेशन, योग या प्रार्थना से पहले कपूर और तेजपत्ता जलाते हैं। इसकी हल्की सुगंध मन को एकाग्र करने और शांत माहौल बनाने में मददगार महसूस हो सकती है, जिससे ध्यान लगाने में आसानी हो सकती है।

कपूर और तेजपत्ता कैसे जलाएं?

मंगलवार को कपूर के साथ जलाएं ये चीज, धन से भर जाएगी तिजोरी! – TV9 Bharatvarsh

कपूर और तेजपत्ता जलाने के लिए एक छोटी धातु की कटोरी या कपूरदानी में 1–2 कपूर की टिकियां और 1–2 सूखे तेजपत्ते रखें। सुरक्षित स्थान पर कपूर में आग लगाकर इसे कुछ मिनट तक जलने दें, ताकि इसकी सुगंध पूरे कमरे में फैल सके। इस दौरान कमरे में वेंटिलेशन रखें और जलते हुए कपूर को कभी भी बिना निगरानी के न छोड़ें।

आइसक्रीम खाने के लिए न मारें मन, डायबिटीज में ऐसे लें इसका मजा बस अपनाएं सही तरीका!

डायबिटीज होने का मतलब यह नहीं है कि आपको अपनी पसंदीदा आइसक्रीम पूरी तरह छोड़नी पड़ेगी। सही मात्रा, सही समय और बेहतर ऑप्शन चुनकर डाइबिटीज के मरीज भी कभी-कभार आइसक्रीम का आनंद ले सकते हैं। आइए जानते हैं ब्लड शुगर को कंट्रोल रखते हुए आइसक्रीम खाने के आसान और हेल्दी तरीके:

डायबिटीज के मरीज और आइसक्रीम खाना

Managing Diabetes in Older Adults

जी हां, डायबिटीज के मरीज भी सीमित मात्रा में और सही तरीके से आइसक्रीम खा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए ब्लड शुगर को ध्यान में रखते हुए बैलेंस डाइट का पालन करना जरूरी है। आइसक्रीम का सेवन कभी-कभार और कम मात्रा में ही करना बेहतर माना जाता है।

कम चीनी और कम वसा वाली आइसक्रीम चुनें

बाजार वाली राजभोग आइसक्रीम सिर्फ दूध और 4 चीजों से अब घर पर बनाएं, बिना क्रीम-कंडेंस्ड मिल्क मिलेगा शाही स्वाद - News18 हिंदी

आइसक्रीम खरीदते समय ऐसी वैरायटी चुनें जिसमें चीनी और सैचुरेटेड फैट कम हो। आजकल बाजार में डायबिटीज-फ्रेंडली या शुगर-फ्री आइसक्रीम भी अवेलेबल हैं, जिनमें चीनी की मात्रा कम होती है। खरीदने से पहले न्यूट्रिशन लेबल जरूर पढ़ें और कार्बोहाइड्रेट व शुगर की मात्रा पर ध्यान दें।

मात्रा पर रखें पूरा कंट्रोल

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आइसक्रीम को प्रोटीन और फाइबर के साथ खाएं

आइसक्रीम को अकेले खाने की बजाय इसे प्रोटीन और फाइबर वाले फूड्स के साथ लेना बेहतर माना जाता है। उदाहरण के लिए, बिना नमक वाले मेवे, पिस्ता, बादाम या थोड़ी मात्रा में ताजे फल के साथ आइसक्रीम खाई जा सकती है। इससे खाने में पोषण बढ़ता है और ब्लड शुगर में अचानक तेजी का रिस्क कम हो सकता है।

 

आइसक्रीम को प्रोटीन और फाइबर के साथ खाएं

Обои на рабочий стол Кекс и вишенка, обои для рабочего стола ...

आइसक्रीम को अकेले खाने की बजाय इसे प्रोटीन और फाइबर वाले फूड्स के साथ लेना बेहतर माना जाता है। उदाहरण के लिए, बिना नमक वाले मेवे, पिस्ता, बादाम या थोड़ी मात्रा में ताजे फल के साथ आइसक्रीम खाई जा सकती है। इससे खाने में पोषण बढ़ता है और ब्लड शुगर में अचानक तेजी का रिस्क कम हो सकता है।

सही समय पर खाएं और कार्बोहाइड्रेट का ध्यान रखें

Kako napraviti domaći sladoled od dinje | Story

आइसक्रीम को खाली पेट खाने से बचें। इसे भोजन के बाद कम मात्रा में खाना बहुत बेहतर माना जाता है। यदि आप आइसक्रीम खाने वाले हैं, तो उसी दिन दसफरे मीठे या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले फूड्स का सेवन कम करें, ताकि कुल कार्बोहाइड्रेट बैलेंस रहे।

 

 

सेफ और अच्छी क्वालिटी वाली आइसक्रीम चुनें

Juice and ice cream Photos - Download Free High-Quality ...

हमेशा रेप्युटेबल ब्रांड की, सही तरीके से स्टोर की गई और एक्सपायरी डेट वाली आइसक्रीम ही खरीदें। खराब तरीके से रखी गई आइसक्रीम में बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए खुले में आइसक्रीम खरीदने से बचें।

 

 

रोजाना न खाएं और डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें

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डायबिटीज के मरीजों को रोजाना या लगातार कई दिनों तक आइसक्रीम खाने से बचना चाहिए। साथ ही पर्याप्त पानी पिएं, हरी सब्जियां, फल और बैलेंस डाइट लें ताकि शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते रहें। यदि आपका ब्लड शुगर अक्सर बढ़ा रहता है या आप इंसुलिन/दवाएं ले रहे हैं, तो आइसक्रीम को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।